ऐसा क्यों होता है की ज़्यादातर शिक्षित भारतीय राजनीति में भाग नहीं लेते हैं?...


user

Awdhesh Singh

Former IRS, Top Quora Writer, IAS Educator

1:06
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह गाना तो उचित नहीं है कि भारत में जो शिक्षित लोग हैं वह राजनीति में पार्टिसिपेट नहीं करते हैं भाग नहीं लेते हैं कि कि आजकल जो पार्लियामेंट के अंदर आप देखें तो इसमें काफी पढ़े लिखे लोग हैं और करीब 90% से ज्यादा लोग ऐसे हैं जो किया तो ग्रेजुएट है या फिर उससे भी ज्यादा क्वालिफाइड है क्योंकि आजकल की जो राजनीति था उसके अंदर बहुत ही ज्यादा गैरकानूनी पैसे की जरूरत होती है गैर कानूनी काम करना पड़ता है क्योंकि आप सीधे रास्ते से जो है वह राजनीति में सफलता नहीं पाते पाते हैं जैसे कि मान लिया कि किसी कंपटीशन में या किसी एग्जाम में अगर आप ऐसी कल्पना करें कि जहां पर चैटिंग पूरी तरीके से अलाउड हो तो उस कंपटीशन में कोई भी आदमी जो है जो अपनी मेहनत से आंसर लिखेगा वह तो फ्री होगा यह तो पक्का ही होते हैं वह इस तरीके का माहौल बना चुके हैं कि जिसमें किसी शरीफ आदमी ईमानदार आने का जो है ईमानदार आदमी का राजनीति में आना करीब करीब हो गया है और जब तक कि माहौल नहीं सुधरता तो तो मैं नहीं समझता कि जो पढ़े लिखे और समझदार और ईमानदार लोग हम राजनीति में आ पाएंगे

yeh gaana to uchit nahi hai ki bharat mein jo shikshit log hain wah rajneeti mein participate nahi karte hain bhag nahi lete hain ki ki aajkal jo parliament ke andar aap dekhen to isme kaafi padhe likhe log hain aur karib 90% se zyada log aise hain jo kiya chahiye to graduate hai ya phir usse bhi zyada qualified hai kyonki aajkal ki jo rajneeti tha uske andar bahut hi zyada gairkanuni paise ki zarurat hoti hai gair kanooni kaam karna padata hai kyonki aap sidhe raste se jo hai wah rajneeti mein safalta nahi paate paate hain jaise ki maan liya ki kisi competition mein ya kisi exam mein agar aap aisi kalpana kare chahiye ki jaha par chatting puri tarike se allowed ho to us chahiye competition mein koi bhi aadmi jo hai jo apni mehnat se answer likhega wah to free hoga yeh to pakka hi hote hain wah is tarike ka chahiye maahaul bana chuke hain ki jisme kisi sharif aadmi imandar aane ka chahiye jo hai imandar aadmi ka chahiye rajneeti mein aana karib karib ho gaya hai aur jab tak ki maahaul nahi sudharata to to main nahi samajhata ki jo padhe likhe aur samajhdar aur imandar log hum rajneeti mein aa payenge

यह गाना तो उचित नहीं है कि भारत में जो शिक्षित लोग हैं वह राजनीति में पार्टिसिपेट नहीं करत

Romanized Version
Likes  26  Dislikes    views  382
KooApp_icon
WhatsApp_icon
30 जवाब
no img
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!