मुंबई ने 24, 25 वें और 31 दिसंबर को बार्स को 5 बजे तक खुले रहने की इजाजत दी है। क्या अन्य शहरों में भी ऐसा ही होना चाहिए?...


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Chandraprakash Joshi

Ex-AGM RBI & CEO@ixamBee.com

1:05

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिये जो मुंबई शहर में हो रहा है, बाकी शहर में आप वैसा कर सकते हैं, वह सही नहीं है | देश भले से ही एक हो लेकिन हर शहर का एक कल्चर है, एक व्यवस्था है,एक लोगों की आदतें हैं, अगर आप मुंबई में जाएं और आप वहां रात में १२ बजे १ बजे भी लोकल ट्रेन में सफर कर रहे हैं, या आप मरीन बीच में वर्क कर रहे हैं आपको एक बार भी इन सिक्योरिटी की फीलिंग नहीं होगी| लड़कियां आराम से अकेले चलती रहती हैं और कोई उनकी ओर गुरके भी नहीं देखता है| लेकिन वही चीज अगर आप दूसरे छोटे शहरों में खासकर नार्थ इंडिया के शहरों में बल्कि दिल्ली में भी मैं बोलूं जबकि दिल्ली सबसे बड़ा महानगर है, वोह डिफरेंस है , वोह डिफरेंस है कल्चर का और पुलिस भी क्या करेगी, कहां-कहां, पुलिक किस-किस कॉर्नर में अपनी गाड़ी लेकर बैठी रहेगी की रात रात को देखते रहे ,कौन कौन कहां क्या कर रहा है| तोह हर शहर के कल्चर, लॉ एंड ऑर्डर एडमिनिस्ट्रेशन को देखते हुए वहां के हिसाब से निर्णय लिए जाने चाहिए क्योंकि मुंबई में ऐसा हो रहा है, इसलिए बाकी शहरों में भी ऐसा होना चाहिए यह बात ठीक नहीं है |

dekhiye jo mumbai shehar mein ho raha hai baki shehar mein aap waisa kar sakte hain vaah sahi nahi hai desh bhale se hi ek ho lekin har shehar ka ek culture hai ek vyavastha hai ek logo ki aadatein hain agar aap mumbai mein jaye aur aap wahan raat mein 12 baje 1 baje bhi local train mein safar kar rahe hain ya aap Marine beech mein work kar rahe hain aapko ek baar bhi in Security ki feeling nahi hogi ladkiyan aaram se akele chalti rehti hain aur koi unki aur gurke bhi nahi dekhta hai lekin wahi cheez agar aap dusre chote shaharon mein khaskar north india ke shaharon mein balki delhi mein bhi main bolu jabki delhi sabse bada mahanagar hai woh difference hai woh difference hai culture ka aur police bhi kya karegi kahaan kahaan pulik kis kis corner mein apni gaadi lekar baithi rahegi ki raat raat ko dekhte rahe kaun kaun kahaan kya kar raha hai toh har shehar ke culture law and order administration ko dekhte hue wahan ke hisab se nirnay liye jaane chahiye kyonki mumbai mein aisa ho raha hai isliye baki shaharon mein bhi aisa hona chahiye yah baat theek nahi hai

देखिये जो मुंबई शहर में हो रहा है, बाकी शहर में आप वैसा कर सकते हैं, वह सही नहीं है | देश

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Raj Shah

Aspiring engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुंबई मेट्रोपोलिटन सिटी है देश में विकास की ओर आगे बढ़ने वाला बहुत पहला नंबर का हम करें तो गलत नहीं होगा मुंबई और दिल्ली दूसरा से विकास की ओर बढ़ रहे हैं उस जगह वेस्टर्न कल्चर आ रहा है कस्टमर रिलेशन को आगे बढ़ाने के लिए नए-नए भूल जाते जाते हैं जो गिर मुंबई की तुलना किसी और गांव या किसी अन्य राज्य से करें तो वह उचित नहीं होगा मुंबई में जो दिया गया है वह कंडीशन के अनुसार दिया गया है

mumbai metropolitan city hai desh mein vikas ki aur aage badhne vala bahut pehla number ka hum kare toh galat nahi hoga mumbai aur delhi doosra se vikas ki aur badh rahe hain us jagah western culture aa raha hai customer relation ko aage badhane ke liye naye naye bhool jaate jaate hain jo gir mumbai ki tulna kisi aur gaon ya kisi anya rajya se kare toh vaah uchit nahi hoga mumbai mein jo diya gaya hai vaah condition ke anusaar diya gaya hai

मुंबई मेट्रोपोलिटन सिटी है देश में विकास की ओर आगे बढ़ने वाला बहुत पहला नंबर का हम करें तो

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Vatsal

Engineering Student

0:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए इस सवाल पर सबकी अपनी अपनी राय हो सकती हैं लेकिन मेरी राय यही है कि जो मुंबई में 24 बच्चे 77.225 बजे तक खुले रहने की इजाजत दी है यह बिल्कुल गलत है ठीक है दिवाली फेस्टिवल है अपना सब को एक अलग नजरिया होता है एंजॉय करने का तरीका अलग होता है बड़ी है जो बाहर वाली चीज है जो यह अलाउड नहीं होना चाहिए और दूसरे शहरों में तो बिल्कुल भी नहीं होना चाहिए तो पर्सनली मेरा ओपन ही नहीं है कि चाहे मुंबई हो जाए दूसरे शहरों तो इस तरीके की परमिशन नहीं मिलनी चाहिए

dekhiye is sawaal par sabki apni apni rai ho sakti hain lekin meri rai yahi hai ki jo mumbai mein 24 bacche 77 225 baje tak khule rehne ki ijajat di hai yah bilkul galat hai theek hai diwali festival hai apna sab ko ek alag najariya hota hai enjoy karne ka tarika alag hota hai badi hai jo bahar wali cheez hai jo yah allowed nahi hona chahiye aur dusre shaharon mein toh bilkul bhi nahi hona chahiye toh personally mera open hi nahi hai ki chahen mumbai ho jaaye dusre shaharon toh is tarike ki permission nahi milani chahiye

देखिए इस सवाल पर सबकी अपनी अपनी राय हो सकती हैं लेकिन मेरी राय यही है कि जो मुंबई में 24 ब

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्यों नहीं बाकी प्रदेशों में भारतीय स्टेट में भी ऐसा हो सकता है और होना भी चाहिए क्योंकि यह जो भी स्टडी 7 दिसंबर क्रिसमस या फिर न्यू इयर्स ईव डे सेलिब्रेट करने के मौके हैं और अगर लोगों को लगता है कि वह बाहर जाकर अल्कोहल वगेरा लेकर इंसान को सेलिब्रेट कर सकते हैं तो बात ही से उसको वैसा करना चाहिए और दूसरी तरफ से यह भी बोलूंगी कि मुंबई तो शहर है वहां पर सेफ्टी के प्रवचन बहुत ज्यादा है वहां पर लोगों की सुरक्षा सबसे पहले आती है और सबसे कम के SP रेप 11 किया कि ना पिंकी मुंबई में सुनने को मिलते हैं दूसरी तरफ किस देश में इतना अच्छा से नारियल नहीं है तो सिर्फ सरकार और पुलिस को सुनिश्चित करना चाहिए अगर वह बाल खुले रख रहे हैं आज लेट तक तो वहां कैसे लोग हैं उनकी सेफ्टी का ध्यान रखा जाए क्योंकि सेफ्टी सबसे पहले ही आती है और दूसरा यह भी है कि लोगों को अपने तरीके से जिंदगी जीने का आप सब को होता है और कैसे सेलिब्रेशन में तो जरूर उन्हें थोड़ा एक्स्ट्रा कुछ मिलना ही चाहिए तो अगर बाहर खुले रहेंगे तो लोग ज्यादा शादी एंजॉय कर पाएंगे जो लोग जाते हैं यहां पर तो उनके लिए अच्छा ही होगा पठान सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है स्कूल की जिम्मेदारी और जो इंसान जा रहा है उसकी खुद की भी एक जिम्मेदारी है कि वह देखें कि वह किसी गलत चीज में ना फर्स्ट आए तो अगर बाहर खुले रख रहे हैं बारिश HP रखना चाहिए अगर मुंबई रख रहा है तो वह रख सकते हैं बाकी है अपने हर एक स्टेट का अलग-अलग प्रभु जनरिक सेट की अलग-अलग जो थॉट प्रोसेस सर्वर की कि मुंबई मेट्रोपोलिटन सिटी है वह बहुत ही प्रकृति स्टील सिटी है और दूसरी जगह पर अगर हम किसी से चैट की बात करें जो उतना एडवांस नहीं है तो वहां पर यह ठीक ना भी हो तो यह सेट पर डिपेंड करेगा कि वह रखे या ना रखे

kyon nahi baki pradeshon mein bharatiya state mein bhi aisa ho sakta hai aur hona bhi chahiye kyonki yah jo bhi study 7 december Christmas ya phir new years iv day celebrate karne ke mauke hain aur agar logo ko lagta hai ki vaah bahar jaakar alcohol vagera lekar insaan ko celebrate kar sakte hain toh baat hi se usko waisa karna chahiye aur dusri taraf se yah bhi bolungi ki mumbai toh shehar hai wahan par safety ke pravachan bahut zyada hai wahan par logo ki suraksha sabse pehle aati hai aur sabse kam ke SP rape 11 kiya ki na pinki mumbai mein sunne ko milte hain dusri taraf kis desh mein itna accha se nariyal nahi hai toh sirf sarkar aur police ko sunishchit karna chahiye agar vaah baal khule rakh rahe hain aaj late tak toh wahan kaise log hain unki safety ka dhyan rakha jaaye kyonki safety sabse pehle hi aati hai aur doosra yah bhi hai ki logo ko apne tarike se zindagi jeene ka aap sab ko hota hai aur kaise celebration mein toh zaroor unhe thoda extra kuch milna hi chahiye toh agar bahar khule rahenge toh log zyada shadi enjoy kar payenge jo log jaate hain yahan par toh unke liye accha hi hoga pathan suraksha sunishchit karna sarkar ki jimmedari hai school ki jimmedari aur jo insaan ja raha hai uski khud ki bhi ek jimmedari hai ki vaah dekhen ki vaah kisi galat cheez mein na first aaye toh agar bahar khule rakh rahe hain barish HP rakhna chahiye agar mumbai rakh raha hai toh vaah rakh sakte hain baki hai apne har ek state ka alag alag prabhu janrik set ki alag alag jo thought process server ki ki mumbai metropolitan city hai vaah bahut hi prakriti steel city hai aur dusri jagah par agar hum kisi se chat ki baat kare jo utana advance nahi hai toh wahan par yah theek na bhi ho toh yah set par depend karega ki vaah rakhe ya na rakhe

क्यों नहीं बाकी प्रदेशों में भारतीय स्टेट में भी ऐसा हो सकता है और होना भी चाहिए क्योंकि य

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भाई ने 24 25 और 21 दिसंबर को बाहर 12:30 को 5:00 बजे तक चालू रहने की इजाजत दी गई है मेरे हिसाब से बिल्कुल सही है क्योंकि देखा जाए तो यह अभी हॉलिडे सीजन आ रहा है और सब को अपने दोस्तों के साथ एक अच्छा मोमेंट बताना सबको पार्टी करना है तो मेरे साथ सही सही है अगर देखा जाए तो मुंबई भारत के ऐसे शहरों में से आता है वह 24 घंटे चालू रहता है वह वह शेर कभी धीमा नहीं होता या को कभी लोगों की कमी नहीं मिलती तो इसके लिए वहां पर सारे बात को 5:00 बजे खुले रहने की इजाजत दी है मेरे हिसाब से अन्य शहरों में ऐसा नहीं होना अच्छे अन्य शहरों के हिसाब से करें करेंगे तो बाकी सारे मेट्रोपोलिटन सिटी है जैसे पुणे है दिल्ली है चेन्नई है यह शहरों में आप कर सकते हो 5:00 बजे तक बाहर खुले रख सकते हो लेकिन अन्य जैसे जैसे कि जयपुर है जैसे कि नागपुर है मुझे नहीं लगता यह सब शहरों में 5:00 बजे तक बाहर खुले रहेंगे 121 औरतों की औरतों का कोई ना कोई हादसा हो सकता है तो अगर आपको बात 5:00 बजे तक खुले रखने हैं तो आपको जगह जगह पर चेक पोस्ट पर रखने पड़ेंगे जगह-जगह पर पुलिस की नाकाबंदी रखनी पड़ेगी पुलिस पेट्रोलिंग रखनी पड़ेगी मुंबई में होता है जो मुंबई में हर साल होता है और यह साल भी होगा अगर पेट्रोलिंग पुलिस पेट्रोलिंग और पुलिस अगर सड़कों पर है तो मेरे हिसाब से कोई प्रॉब्लम नहीं है क्या करें 5:00 बजे तक सारे बाहर खुले रखे अगर पेट्रोलिंग नहीं है तो यह एक प्रॉब्लम हो सकता है

bhai ne 24 25 aur 21 december ko bahar 12 30 ko 5 00 baje tak chaalu rehne ki ijajat di gayi hai mere hisab se bilkul sahi hai kyonki dekha jaaye toh yah abhi holiday season aa raha hai aur sab ko apne doston ke saath ek accha moment bataana sabko party karna hai toh mere saath sahi sahi hai agar dekha jaaye toh mumbai bharat ke aise shaharon mein se aata hai vaah 24 ghante chaalu rehta hai vaah vaah sher kabhi dheema nahi hota ya ko kabhi logo ki kami nahi milti toh iske liye wahan par saare baat ko 5 00 baje khule rehne ki ijajat di hai mere hisab se anya shaharon mein aisa nahi hona acche anya shaharon ke hisab se kare karenge toh baki saare metropolitan city hai jaise pune hai delhi hai Chennai hai yah shaharon mein aap kar sakte ho 5 00 baje tak bahar khule rakh sakte ho lekin anya jaise jaise ki jaipur hai jaise ki nagpur hai mujhe nahi lagta yah sab shaharon mein 5 00 baje tak bahar khule rahenge 121 auraton ki auraton ka koi na koi hadsa ho sakta hai toh agar aapko baat 5 00 baje tak khule rakhne hain toh aapko jagah jagah par check post par rakhne padenge jagah jagah par police ki nakabandi rakhni padegi police patrolling rakhni padegi mumbai mein hota hai jo mumbai mein har saal hota hai aur yah saal bhi hoga agar patrolling police patrolling aur police agar sadkon par hai toh mere hisab se koi problem nahi hai kya kare 5 00 baje tak saare bahar khule rakhe agar patrolling nahi hai toh yah ek problem ho sakta hai

भाई ने 24 25 और 21 दिसंबर को बाहर 12:30 को 5:00 बजे तक चालू रहने की इजाजत दी गई है मेरे हि

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amitkul

CA student,pursuing bcom too

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुंबई में जो 12425 24 दिसंबर 25 सितंबर 31 दिसंबर को जिस दिन बहुत बड़ी-बड़ी पार्टियां होती है इस दिन जो है बाहर स्कोर 5:00 बजे तक खुले रहने की अनुमति दी गई है आज मेरे हिसाब से तो अब जो भी है भारतीय देश भारत भारत जो है एक पूरी तरह से जुड़े वेस्टर्न कल्चर की तरफ बढ़े जा रहा है तो वह ऐसा जो हमारा जो यूज़ है जवान जवानी जवान लोग जो है इस देश में वह काफी इस पार्टियों में मान्यता रख रहे हैं और वह चाहते कि वह पार्टी मना सकते पर हर शहर में यह रोल शायद संभव नहीं है तो मैं तो यही कहना चाहूंगा कि हर शहर में भी ऐसा रूल प्रपोज किया जाए कि भले 5:00 बजे तक ना हो पाए लेकिन पार्टी देर रात तक करने की परमिशन एक दिन तो जिए जा सकती है इससे कोई अपने कल्चर को हर्ट नहीं कर रहा है कि एक 1 दिन अच्छे से पार्टी मना पा रहे हैं पूरी तरह से मौज-मस्ती कर पाएंगे पर इन पार्टियों में जरूर ड्रग्स की कंचन सिंह की पूरी ध्यान रखनी चाहिए पुलिस को और बाबा सारे होटल के मैनेजमेंट को भी ध्यान रखनी चाहिए और अरे सखी सेफ्टी वूमेन सेफ्टी खास करके उसका भी ध्यान रखना चाहिए होटल मैनेजमेंट को

mumbai mein jo 12425 24 december 25 september 31 december ko jis din bahut badi badi partyian hoti hai is din jo hai bahar score 5 00 baje tak khule rehne ki anumati di gayi hai aaj mere hisab se toh ab jo bhi hai bharatiya desh bharat bharat jo hai ek puri tarah se jude western culture ki taraf badhe ja raha hai toh vaah aisa jo hamara jo use hai jawaan jawaani jawaan log jo hai is desh mein vaah kaafi is partiyon mein manyata rakh rahe hain aur vaah chahte ki vaah party mana sakte par har shehar mein yah roll shayad sambhav nahi hai toh main toh yahi kehna chahunga ki har shehar mein bhi aisa rule propose kiya jaaye ki bhale 5 00 baje tak na ho paye lekin party der raat tak karne ki permission ek din toh jiye ja sakti hai isse koi apne culture ko heart nahi kar raha hai ki ek 1 din acche se party mana paa rahe hain puri tarah se mauj masti kar payenge par in partiyon mein zaroor drugs ki kanchan Singh ki puri dhyan rakhni chahiye police ko aur baba saare hotel ke management ko bhi dhyan rakhni chahiye aur are sakhi safety women safety khaas karke uska bhi dhyan rakhna chahiye hotel management ko

मुंबई में जो 12425 24 दिसंबर 25 सितंबर 31 दिसंबर को जिस दिन बहुत बड़ी-बड़ी पार्टियां होती

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Ekta

Researcher and Writer

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.

Hhhgnbhh

0:52
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह हर शहर की सिक्योरिटी सिस्टम पर डिपेंड करता है, उस शहर के अंदर उन्होंने किस समय तक के लिए कितनी सिक्योरिटी रखी हुई है| अगर दिल्ली जैसे शहर के अंदर उन्होंने बहुत ज्यादा सिक्योरिटी रखी हुई है और रात के टाइम पर उन्होंने और भी ज्यादा पुलिस फोर्स वगैरह को रखा हुआ है, तो वह उस टाइम को उस समय को बड़ा भी सकते हैं और अगर उनके पास उस दिन के लिए सिक्योरिटी इतनी नहीं है, तो वह कम भी कर सकते हैं, क्योंकि हमने देखा कि बार के अंदर काफी बार अलग अलग तरह की घटनाएं हो जाती हैं, जो हम नहीं चाहते कि क्रिसमस से या किसी भी दिन हो वैसी घटनाएं तो| तो इसीलिए उन घटनाओं को कम करने के लिए एक खुशी वाला ही त्यौहार, एक खुशी वाले दिन की तरह ही मनाने के लिए, हम इस टाइम को चेंज कर सकते हैं|तो बाकी शहरों में उनके सिक्योरिटी सिस्टम के हिसाब से टाइम का बदलाव करा जा सकता है|

yah har shehar ki Security system par depend karta hai us shehar ke andar unhone kis samay tak ke liye kitni Security rakhi hui hai agar delhi jaise shehar ke andar unhone bahut zyada Security rakhi hui hai aur raat ke time par unhone aur bhi zyada police force vagera ko rakha hua hai toh vaah us time ko us samay ko bada bhi sakte hai aur agar unke paas us din ke liye Security itni nahi hai toh vaah kam bhi kar sakte hai kyonki humne dekha ki baar ke andar kaafi baar alag alag tarah ki ghatnaye ho jaati hai jo hum nahi chahte ki Christmas se ya kisi bhi din ho vaisi ghatnaye toh toh isliye un ghatnaon ko kam karne ke liye ek khushi vala hi tyohar ek khushi waale din ki tarah hi manne ke liye hum is time ko change kar sakte hai toh baki shaharon mein unke Security system ke hisab se time ka badlav kara ja sakta hai

यह हर शहर की सिक्योरिटी सिस्टम पर डिपेंड करता है, उस शहर के अंदर उन्होंने किस समय तक के लि

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Ridhima

Mass Communications Student

1:11
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इसलिए जो मुंबई में लोग यह देश में जो बारिश को 5:00 बजे 5:00 बजे तक खुले रखने का इजाजत दिया है फर्स्ट पुलिस का एक भी होगा क्योंकि बहुत सी जगह है अभी तक देखो तो न्यूज़ में उतना न्यूज़ आता नहीं है कि जहां बहुत सारे हैरान मिनट होते हैं या लेडीस लोग के जीवन मंगल ओके तो इंदौर ट्रेन से लोग किसी पेट्रोलिंग भी होती है पुलिस पेट्रोलिंग देते तो प्रिकॉशन है सेफ्टी प्रिकॉशन है यह सोचकर लोग ने किया है सारे जगत में वह Facebook नहीं है कि पुलिस हर रात हर इतना बजे तक पेट्रोलिंग करें और हर जगह तक यह करें क्या सावधानी रखें समथिंग सारे जग सारे अन्य शहरों में भी रहना चाहिए हर शहर का सेफ्टी प्रिकॉशन सेफ्टी प्रोटोकॉल्स अलग रहता है और 50का भी है कि ज्यादा अगर यह दूसरे शहर में है रहेंगे तू सब को भी पता रहेगा और जो जो बाहर में जाएंगे अगर ज्यादा ड्रिंक कर ले तो वह कुछ ना कुछ वह हो भी सकता है वह प्रॉब्लम सीक्रेट होंगे हिंदी एंड

isliye jo mumbai mein log yah desh mein jo barish ko 5 00 baje 5 00 baje tak khule rakhne ka ijajat diya hai first police ka ek bhi hoga kyonki bahut si jagah hai abhi tak dekho toh news mein utana news aata nahi hai ki jaha bahut saare hairan minute hote hain ya ladies log ke jeevan mangal ok toh indore train se log kisi patrolling bhi hoti hai police patrolling dete toh precaution hai safety precaution hai yah sochkar log ne kiya hai saare jagat mein vaah Facebook nahi hai ki police har raat har itna baje tak patrolling kare aur har jagah tak yah kare kya savdhani rakhen something saare jag saare anya shaharon mein bhi rehna chahiye har shehar ka safety precaution safety protocols alag rehta hai aur ka bhi hai ki zyada agar yah dusre shehar mein hai rahenge tu sab ko bhi pata rahega aur jo jo bahar mein jaenge agar zyada drink kar le toh vaah kuch na kuch vaah ho bhi sakta hai vaah problem secret honge hindi and

इसलिए जो मुंबई में लोग यह देश में जो बारिश को 5:00 बजे 5:00 बजे तक खुले रखने का इजाजत दिया

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Sefali

Media-Ad Sales

1:06
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिये यह तो सिटी टू सिटी सिक्योरिटी सिस्टम पर डिपेंड करता है, अगर और कोई दूसरा शहर मुंबई छोड़कर वैसे ही सिक्योरिटी दे सकती है जैसा मुंबई दे रहा है,वहां के लोगों को तो क्यों नहीं ५ बजे तक वोह भी खुला रख सकते हैं, वोह भी अपने बार और पब खुला करके रख सकते हैं| अगर दूसरी कोई भी जगह मुंबई जैसे सिक्यूरिटी नहीं दे सकती, तो अवश्य येह किस तरह से पॉसिबल नहीं लगता है,किसी तरह से उचित थॉट नहीं लगता कि,इतनी देर तक कोई भी जगह खुली रहेगी| अगर सिक्यूरिटी सिस्टम टाइट नहीं है| इतना ज्यादा रश हो जाता है ,इतनी ज्यादा भीड़ बढ़ जाती है| इन सब दिनों में लोगो को हैंडल करना बड़ा मुश्किल हो जाता है| उस समय में सिक्यूरिटी टाइट नहीं होगी , स्ट्रिक्ट नहीं होगी तो बहुत ज्यादा नुकसान या फिर कुछ घटना घटने के चांसेस हो सकते हैं| तो सिक्योरिटी सिस्टम बहुत अच्छी है,टाइट है तो कोई भी से ५ बजे तक खुला रखने का यह थॉट प्रोसेस कर सकते हैं फिर आगे जा सकती हैं |

dekhiye yah toh city to city Security system par depend karta hai agar aur koi doosra shehar mumbai chhodkar waise hi Security de sakti hai jaisa mumbai de raha hai wahan ke logo ko toh kyon nahi 5 baje tak woh bhi khula rakh sakte hain woh bhi apne baar aur pub khula karke rakh sakte hain agar dusri koi bhi jagah mumbai jaise security nahi de sakti toh avashya yeh kis tarah se possible nahi lagta hai kisi tarah se uchit thought nahi lagta ki itni der tak koi bhi jagah khuli rahegi agar security system tight nahi hai itna zyada rush ho jata hai itni zyada bheed badh jaati hai in sab dino mein logo ko handle karna bada mushkil ho jata hai us samay mein security tight nahi hogi strict nahi hogi toh bahut zyada nuksan ya phir kuch ghatna ghatane ke chances ho sakte hain toh Security system bahut achi hai tight hai toh koi bhi se 5 baje tak khula rakhne ka yah thought process kar sakte hain phir aage ja sakti hain

देखिये यह तो सिटी टू सिटी सिक्योरिटी सिस्टम पर डिपेंड करता है, अगर और कोई दूसरा शहर मुंबई

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Anukrati

Journalism Graduate

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे नहीं लगता है कि मुंबई की तरह अन्य शहरों में भी ऐसा होना चाहिए लिखिए हर शहर का वातावरण परिस्थितियां वहां के रहने वाले लोगों का अचार विचार भिन्न होता है दिसंबर में मुंबई में सर्दी कम रहती है लेकिन उसके मुकाबले कहीं और जगह अच्छी सर्दी रहती है और रात जल्दी हो जाती है बड़े शहरों में सुरक्षा के तहत रात को गश्त ज्यादा रहती है मुंबई तो देर रात तक चलने वाला शहर है इसलिए वहां यह किया जा सकता है अन्य जगहों पर सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए प्रशासन स्वयं या निर्णय ले सकता है कि उसे कितने बजे तक भारत खुले रखने की अनुमति देनी चाहिए

mujhe nahi lagta hai ki mumbai ki tarah anya shaharon mein bhi aisa hona chahiye likhiye har shehar ka vatavaran paristhiyaann wahan ke rehne waale logo ka achaar vichar bhinn hota hai december mein mumbai mein sardi kam rehti hai lekin uske muqable kahin aur jagah achi sardi rehti hai aur raat jaldi ho jaati hai bade shaharon mein suraksha ke tahat raat ko gasht zyada rehti hai mumbai toh der raat tak chalne vala shehar hai isliye wahan yah kiya ja sakta hai anya jagaho par suraksha ko maddenajar rakhte hue prashasan swayam ya nirnay le sakta hai ki use kitne baje tak bharat khule rakhne ki anumati deni chahiye

मुझे नहीं लगता है कि मुंबई की तरह अन्य शहरों में भी ऐसा होना चाहिए लिखिए हर शहर का वातावरण

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जैसा की हम लोग जानते हैं कि 25 दिसंबर क्रिसमस डे है और 31 दिसंबर जो इस ईयर की लास्ट नाइट होगी और न्यू ईयर का फर्स्ट डे आने वाला होगा तो उसकी सेलिब्रेशन के लिए मुझे लगता है कि 5:00 बजे तक भास्कर को ओपन करने की इजाजत दी गई मुंबई के अंदर दूसरी बात यह है कि भारत को ओपन करना या न करना इस द मैटर ऑफ स्टेट सब्जेक्ट तुझे सर्व राज्य सरकार को डिसाइड करना है वहां की राज्य सरकार डिसाइड करें दूसरे दूसरे प्रदेश के अंदर वहां की राई सरकार को डिसाइड करना है कि 5:00 बजे के बाद खुलेगा रात के 12:00 बजे तक खुले ठीक है तू मेट्रो रूट सब्जेक्ट है तुम मुझे मेरी जो पर्सनल ओपिनियन क्वेश्चन की रिकॉर्डिंग की है मुझे नहीं लगता कि 5:00 बजे तक भारत को खोलने की इजाजत होनी चाहिए 12:00 बजे और 1:00 बजे तक सर्विस सेंटर मोर देन सप्लीमेंट दिल्ली के अंदर भी एक क्या 1:30 बजे तक बाहर से उत्पन्न होते हैं तो 5:00 बजे तक मुझे नहीं लगता 5:00 बजे तक भी सेलिब्रेशन करेगा एक 2:00 बजे तक रात होता है तू इतने बजे तक तो होना चाहिए लेकिन 5:00 बजे का तो मुझे भी कुछ समझ नहीं आया स्टेट गवर्नमेंट ने ऐसा क्यों किया है 5:00 बजे तक बार खोलने का

jaisa ki hum log jante hain ki 25 december Christmas day hai aur 31 december jo is year ki last night hogi aur new year ka first day aane vala hoga toh uski celebration ke liye mujhe lagta hai ki 5 00 baje tak bhaskar ko open karne ki ijajat di gayi mumbai ke andar dusri baat yah hai ki bharat ko open karna ya na karna is the matter of state subject tujhe surv rajya sarkar ko decide karna hai wahan ki rajya sarkar decide kare dusre dusre pradesh ke andar wahan ki rai sarkar ko decide karna hai ki 5 00 baje ke baad khulega raat ke 12 00 baje tak khule theek hai tu metro root subject hai tum mujhe meri jo personal opinion question ki recording ki hai mujhe nahi lagta ki 5 00 baje tak bharat ko kholne ki ijajat honi chahiye 12 00 baje aur 1 00 baje tak service center mor then supplement delhi ke andar bhi ek kya 1 30 baje tak bahar se utpann hote hain toh 5 00 baje tak mujhe nahi lagta 5 00 baje tak bhi celebration karega ek 2 00 baje tak raat hota hai tu itne baje tak toh hona chahiye lekin 5 00 baje ka toh mujhe bhi kuch samajh nahi aaya state government ne aisa kyon kiya hai 5 00 baje tak baar kholne ka

जैसा की हम लोग जानते हैं कि 25 दिसंबर क्रिसमस डे है और 31 दिसंबर जो इस ईयर की लास्ट नाइट ह

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