क्या भारत को नए साल पर वेस्टार्ण कल्चर के जैसा मानना चाहिए?...


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Chandraprakash Joshi

Ex-AGM RBI & CEO@ixamBee.com

1:45
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब हम आपके देश में आज के टाइम में देखते हैं कि अमेरिका में दीपावली सेलिब्रेट हो रही है बहुत बड़े तरीके से वह न्यूज़ फ्लैश हो रही थी तो हर आदमी प्राउड फील कर रहा था कि देखिए अमेरिकी राष्ट्रपति भी दीपावली की शुभकामनाएं दे रहा है तो एक बार तो हम आधुनिकरण को अच्छा मानते हैं और दूसरे लोग आज भारत की इतनी तारीफ कर रहे हैं उसको हम अच्छा मानते हैं लेकिन दूसरी ओर हम यह अपनी पुरानी सोच को कीजिए वेस्टर्न है कि 1 जनवरी उनका नया साल है हमारा भी नया साल एक दिन हो रही है अब हम सैकड़ों साल से 1 जनवरी को ही अपना नया साल मनाते आ रहे हैं आप किसी से भी पूछ लीजिए कि हिंदू कैलेंडर के हिसाब से कौन से दिन आने वाला है नया साल आई डोंट थिंक यू 99% लोगों को याद भी रहता है क्योंकि वह तकदीर बदल जाती है और अलग अलग तरीके के रूप में मनाया जाता है वह अपने अपने स्टेट में और उसमें भी कई सारे अलग-अलग देर से आती हैं तो उनको कोई दिक्कत नहीं है हम लोग आज भी सेलिब्रेट करें हम और भी सेलिब्रेट करें हम गणेश चतुर्थी सेलिब्रेट करें लेकिन हम क्रिसमस और न्यू ईयर सेलिब्रेट करें कुछ लोग अपनी पॉलिटिकल बेनिफिट के लिए इस तरीके की भावनाओं को फैला रहे हैं और भड़का रहे हैं कि वेस्टर्न है यह नहीं है लेकिन हमारा कल्चर हमारा समाज तो रोज-रोज इस तरीके से डेवलप हुआ है कि हम विश्व को अपने में समेटे तो हमें डेफिनेटली यह पूरा अधिकार है और जिस को मनाना है मनाने दीजिए जिसको नहीं बनाना है वह घर में अपना सर्दी में रजाई खींच के सोए और अगले दिन अपना ड्यूटी पर जाएं हैप्पी न्यू ईयर

jab hum aapke desh mein aaj ke time mein dekhte hain ki america mein deepawali celebrate ho rahi hai bahut bade tarike se vaah news flash ho rahi thi toh har aadmi proud feel kar raha tha ki dekhiye american rashtrapati bhi deepawali ki subhkamnaayain de raha hai toh ek baar toh hum aadhunikaran ko accha maante hain aur dusre log aaj bharat ki itni tareef kar rahe hain usko hum accha maante hain lekin dusri aur hum yah apni purani soch ko kijiye western hai ki 1 january unka naya saal hai hamara bhi naya saal ek din ho rahi hai ab hum saikadon saal se 1 january ko hi apna naya saal manate aa rahe hain aap kisi se bhi puch lijiye ki hindu calendar ke hisab se kaunsi din aane vala hai naya saal I dont think you 99 logo ko yaad bhi rehta hai kyonki vaah takdir badal jaati hai aur alag alag tarike ke roop mein manaya jata hai vaah apne apne state mein aur usme bhi kai saare alag alag der se aati hain toh unko koi dikkat nahi hai hum log aaj bhi celebrate kare hum aur bhi celebrate kare hum ganesh chaturthi celebrate kare lekin hum Christmas aur new year celebrate kare kuch log apni political benefit ke liye is tarike ki bhavnao ko faila rahe hain aur bhadaka rahe hain ki western hai yah nahi hai lekin hamara culture hamara samaj toh roj roj is tarike se develop hua hai ki hum vishwa ko apne mein samete toh hamein definetli yah pura adhikaar hai aur jis ko manana hai manane dijiye jisko nahi banana hai vaah ghar mein apna sardi mein rajaai khinch ke soye aur agle din apna duty par jayen happy new year

जब हम आपके देश में आज के टाइम में देखते हैं कि अमेरिका में दीपावली सेलिब्रेट हो रही है बहु

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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

0:44

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे पहले तुम्हें यह बताना चाहूंगा कि यह स्वयं के ऊपर डिपेंड करता है कि आप और नए वर्ष को कैसे बनाना चाहते हैं और भारत का नया साल जब आता है वह जो हिंदी कैलेंडर के हिसाब से अगर बात की है तो वह 21 मार्च 22 मार्च को पड़ता है और जो अंग्रेजी कैलेंडर के साथ से बात करें तो 1 जनवरी को पड़ता है तो जब आप एक जनवरी की बात करेंगे तो आप अंकल से मना सकते हैं और अपने तरीके से बना सकते हैं टीका करके बड़ों से आशीर्वाद लेकर वाहनों की पूजा करके इसके अलावा यह आप पर डिपेंड करता है कि आप किस तरह से पार्टी करना चाहते हैं किस तरह से आप दोस्तों से मिलना चाहते हैं हमारे पास हमारे देश में काफी सारी त्योहार हैं तो अगर आप उस तरीके से माना जाए तो उसे कैसे बना सकते हैं आपके ऊपर डिपेंड करता है और को धन्यवाद

sabse pehle tumhe yah bataana chahunga ki yah swayam ke upar depend karta hai ki aap aur naye varsh ko kaise banana chahte hain aur bharat ka naya saal jab aata hai vaah jo hindi calendar ke hisab se agar baat ki hai toh vaah 21 march 22 march ko padta hai aur jo angrezi calendar ke saath se baat kare toh 1 january ko padta hai toh jab aap ek january ki baat karenge toh aap uncle se mana sakte hain aur apne tarike se bana sakte hain tika karke badon se ashirvaad lekar vahanon ki puja karke iske alava yah aap par depend karta hai ki aap kis tarah se party karna chahte hain kis tarah se aap doston se milna chahte hain hamare paas hamare desh mein kaafi saree tyohar hain toh agar aap us tarike se mana jaaye toh use kaise bana sakte hain aapke upar depend karta hai aur ko dhanyavad

सबसे पहले तुम्हें यह बताना चाहूंगा कि यह स्वयं के ऊपर डिपेंड करता है कि आप और नए वर्ष को क

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Sa Sha

Journalist since 1986

1:50
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इस सवाल की जवाब है मैं एक सवाल करना चाहूंगी जब दुनिया सिमट रही है तो अलगाव का बीज बोने की कोशिश क्यों की जाए वैसे भारतीय परंपरा की बात करें तो हम अलग-अलग धर्म समुदाय के हिसाब से पूरे साल में कितने 9 वर्ष मनाते हैं आइए देखते हैं हिंदू नव वर्ष चैत्र महिना के शुक्ल प्रतिपदा से शुरू माना जाता है या 3 अप्रैल के किसी दिन पड़ता है कहते हैं इसी दिन ब्रह्मा ने सृष्टि रचयिता इसे नया संवत करें इसी दिन से विक्रम संवत स्वरूपा इसे महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा कहते आंध्र कर्नाटक में उगादि के नाम से जाना जाता है बांग्ला नववर्ष पोइला बैशाख और पंजाबियों की बैठक 14 अप्रैल को मनाई जाती है पर नानकशाही कैलेंडर में होली के दूसरे दिन से नया साल मनाने की बात कही गई है वही पारसी नववर्ष नवरोज आमतौर पर 19 अगस्त के आसपास मनाया जाता है अब इस्लामी नववर्ष की बात करें तो मोहर्रम की पहली तारीख को नया साल हिजरी शुरू होता है सिंधी चैत्र शुक्ल द्वितीया को झूलेलाल के जन्मदिन के दिन नव वर्ष के टीचर के नाम से नया साल मनाते हैं गुजराती और राजस्थानी दीपावली को नए साल की शुरुआत मानते हैं 1 जनवरी का नया साल हमारे यहां इसाई भी बनाते हैं अब क्योंकि दुनिया कारोबारी सभ्यता का बोलबाला रह गया है तो इसलिए हाथ से पूरी दुनिया में 1 जनवरी को नया साल के रूप में एक साथ मिलकर मनाते हैं बस में बैठने के बाद छोड़िए पूरी दुनिया के सात नए साल में नई उम्मीद के साथ खुश रहिए और खुशियां बांटिए

is sawaal ki jawab hai ek sawaal karna chahungi jab duniya simat rahi hai toh alagav ka beej bone ki koshish kyon ki jaaye waise bharatiya parampara ki baat kare toh hum alag alag dharm samuday ke hisab se poore saal mein kitne 9 varsh manate hain aaiye dekhte hain hindu nav varsh chaitra mahina ke shukla pratipada se shuru mana jata hai ya 3 april ke kisi din padta hai kehte hain isi din brahma ne shrishti rachiyata ise naya sanvat kare isi din se vikram sanvat swarupa ise maharashtra mein gudi padwa kehte andhra karnataka mein ugadi ke naam se jana jata hai bangla navavarsh poila baishakh aur panjabiyon ki baithak 14 april ko manai jaati hai par nanakshahi calendar mein holi ke dusre din se naya saal manane ki baat kahi gayi hai wahi parasi navavarsh navroj aamtaur par 19 august ke aaspass manaya jata hai ab islami navavarsh ki baat kare toh moharram ki pehli tarikh ko naya saal hijri shuru hota hai sindhi chaitra shukla dwitiya ko JHULELAL ke janamdin ke din nav varsh ke teacher ke naam se naya saal manate hain gujarati aur rajasthani deepawali ko naye saal ki shuruat maante hain 1 january ka naya saal hamare yahan isai bhi banate hain ab kyonki duniya kaarobari sabhyata ka bolbala reh gaya hai toh isliye hath se puri duniya mein 1 january ko naya saal ke roop mein ek saath milkar manate hain bus mein baithne ke baad chodiye puri duniya ke saat naye saal mein nayi ummid ke saath khush rahiye aur khushiya bantiye

इस सवाल की जवाब है मैं एक सवाल करना चाहूंगी जब दुनिया सिमट रही है तो अलगाव का बीज बोने की

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Vishakha

Student

0:25
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए वेस्टर्न कल्चर के चलते हैं मुझे नहीं लगता कि बनाना चाहिए जैसे नोटबली बनाते हैं या फिर जैसे जिसको पसंद है वैसे बना सकता है फिर चाहे वह कोई भी हो बस अपने आप को थोड़ा अच्छा लगना चाहिए बाकी बाकी सब ठीक ही है

dekhiye western culture ke chalte hain mujhe nahi lagta ki banana chahiye jaise notbali banate hain ya phir jaise jisko pasand hai waise bana sakta hai phir chahen vaah koi bhi ho bus apne aap ko thoda accha lagna chahiye baki baki sab theek hi hai

देखिए वेस्टर्न कल्चर के चलते हैं मुझे नहीं लगता कि बनाना चाहिए जैसे नोटबली बनाते हैं या फि

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे हिसाब से तो बस हर एक आदमी की सोच और विचार है कि उन्हें नया साल उड़ने कैसे बनाने वह सोच और विचार को हम वेस्टर्न कल्चर के जैसा माना जाना यह संभव नहीं है या खेल सकते सही नहीं होगा कि कि देखा जाए तो दुनिया भर में एक ही तरीके से न्यू ईयर बनाते हैं जो कि है कि हम सब दोस्त मिलते हैं या तो हम जिसे प्यार करते हैं उनके साथ बनाते हैं यहां रिश्तेदारों के साथ बनाते है तुम कहीं दूसरी जगह पर नहीं नहीं जगह पर जाते तो मेरे हिसाब से यह सब वेस्टर्न कल्चर में आना यह सही बात नहीं है और भारत जैसे देश में तो जहां पर अलग अलग तरीके के राज्य अलग अलग तरीके भाषाएं है वहां पर यह कहना सही नहीं है क्योंकि देखा जाए तो हर एक राज्य में अपने-अपने न्यू ईयर होते हैं तो वह भी लोग बनाते हैं और अगर हम कैलेंडर भाई देखे तो 1 जनवरी की न्यू ईयर है गरम कई सारे भारतीयों को पूछे तो उन्हें सबसे ज्यादा तो यही बताएंगे कि 1 जनवरी को ही नहीं है तो मेरे हिसाब से यह कहना कि न्यू ईयर पर वेस्टर्न कल्चर के जैसा जाना ना जाना यह सही नहीं होगा यह तो बस अलग-अलग लोगों के सोचा बेचारे खेलेंगे कैसा बनाना है

mere hisab se toh bus har ek aadmi ki soch aur vichar hai ki unhe naya saal udane kaise banane vaah soch aur vichar ko hum western culture ke jaisa mana jana yah sambhav nahi hai ya khel sakte sahi nahi hoga ki ki dekha jaaye toh duniya bhar mein ek hi tarike se new year banate hain jo ki hai ki hum sab dost milte hain ya toh hum jise pyar karte hain unke saath banate hain yahan rishtedaron ke saath banate hai tum kahin dusri jagah par nahi nahi jagah par jaate toh mere hisab se yah sab western culture mein aana yah sahi baat nahi hai aur bharat jaise desh mein toh jaha par alag alag tarike ke rajya alag alag tarike bhashayen hai wahan par yah kehna sahi nahi hai kyonki dekha jaaye toh har ek rajya mein apne apne new year hote hain toh vaah bhi log banate hain aur agar hum calendar bhai dekhe toh 1 january ki new year hai garam kai saare bharatiyon ko pooche toh unhe sabse zyada toh yahi batayenge ki 1 january ko hi nahi hai toh mere hisab se yah kehna ki new year par western culture ke jaisa jana na jana yah sahi nahi hoga yah toh bus alag alag logo ke socha bechaare khelenge kaisa banana hai

मेरे हिसाब से तो बस हर एक आदमी की सोच और विचार है कि उन्हें नया साल उड़ने कैसे बनाने वह सो

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amitkul

CA student,pursuing bcom too

0:53
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत जो नए साल का जो त्योहार मनाता है थर्टी फर्स्ट नाईट पार्टी का वह भी एक तरह से एक कल्चर को अपनाने के लिए भारत में पार्टी मनाई जाती है जैसे इस दुनिया में जो है हॉलीवुड जो है वह ट्रेन सेटेलाइट है वह सारे जो है अलग-अलग ट्रेन सेट करता है हॉलीवुड और उसे जो है पूरी दुनिया मानती है और उसका सम्मान भी करती है तो इसी तरह से अगर भारत में अगर थर्टी फर्स्ट की पार्टी वेस्टर्न कल्चर की तरह मनाई जाती है तो इसमें कुछ गलत नहीं है क्योंकि इससे हम लोग अपने परंपरा को ठेस तो नहीं पहुंचा रहे तो इसमें कुछ गलत नहीं है कि भारत एक भारतवासी अगर वेस्टर्न कल्चर से 35 की पार्टी मना है तो

bharat jo naye saal ka jo tyohar manata hai 30 first night party ka vaah bhi ek tarah se ek culture ko apnane ke liye bharat mein party manai jaati hai jaise is duniya mein jo hai hollywood jo hai vaah train satellite hai vaah saare jo hai alag alag train set karta hai hollywood aur use jo hai puri duniya maanati hai aur uska sammaan bhi karti hai toh isi tarah se agar bharat mein agar 30 first ki party western culture ki tarah manai jaati hai toh isme kuch galat nahi hai kyonki isse hum log apne parampara ko thes toh nahi pohcha rahe toh isme kuch galat nahi hai ki bharat ek bharatvasi agar western culture se 35 ki party mana hai toh

भारत जो नए साल का जो त्योहार मनाता है थर्टी फर्स्ट नाईट पार्टी का वह भी एक तरह से एक कल्चर

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दिखा कोई सा भी फेस्टिवल है अगर आप अब बात है यहां पर नहीं ऐसा करते हैं तो आप चाहे वेस्टर्न कल्चर में बनाए अपना देसी कल्चर में बनाएं इंडियन कल्चर में आपको जो है वह खुशी सेलिब्रेट है करनी है और लोकेशन को सेलिब्रेट करना है तो आप पर चाहे किसी भी कल्चर में बनाई है समाचार पोर्टल बाकी है कि आप पोस्टर मोमेंट को जो है इंजॉय करें लोकेशन को इंजॉय करें और दूसरों के साथ

dikha koi sa bhi festival hai agar aap ab baat hai yahan par nahi aisa karte hain toh aap chahen western culture mein banaye apna desi culture mein banaye indian culture mein aapko jo hai vaah khushi celebrate hai karni hai aur location ko celebrate karna hai toh aap par chahen kisi bhi culture mein banai hai samachar portal baki hai ki aap poster moment ko jo hai enjoy kare location ko enjoy kare aur dusro ke saath

दिखा कोई सा भी फेस्टिवल है अगर आप अब बात है यहां पर नहीं ऐसा करते हैं तो आप चाहे वेस्टर्न

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखो मेरा पर्सनल ओपन इस क्वेश्चन पर यह के वेस्टर्न कल्चर रोज आपका इंडियन कल्चर को आदमी एकदम स्वतंत्र जिस कल्चर को फॉलो करना चाहता है उसको फॉलो कर सकता है उसको लगता है वेस्टर्न कल्चर से निवेश बनाना चाहिए डेफिनिट वह कर सकता है अगर उसको लता इंडियन कल्चर से बनाना चाहिए तो वह कर सकता है ठीक है हर व्यक्ति स्वतंत्र इस देश के अंदर डेमोक्रेटिक कंट्री में हम लोग रहते हैं तो इतना तो चलता है

dekho mera personal open is question par yah ke western culture roj aapka indian culture ko aadmi ekdam swatantra jis culture ko follow karna chahta hai usko follow kar sakta hai usko lagta hai western culture se nivesh banana chahiye definit vaah kar sakta hai agar usko lata indian culture se banana chahiye toh vaah kar sakta hai theek hai har vyakti swatantra is desh ke andar democratic country mein hum log rehte hain toh itna toh chalta hai

देखो मेरा पर्सनल ओपन इस क्वेश्चन पर यह के वेस्टर्न कल्चर रोज आपका इंडियन कल्चर को आदमी एकद

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Ridhima

Mass Communications Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह आप पूछ रहे हैं कि भारत के नए साल पर वेस्टर्न कल्चर के जैसा मारना चाहिए या नहीं पर यह देखिए कि यहां क्लिक हर इंडिविजुअल का एक अलग अलग सोच रहेगा और अभी की जो पी ली है जो यूथ है अभी के उस ज्यादा तक आप देखो तो वेस्टर्न लाइफ से वेस्टर्न कल्चर से बहुत ज्यादा इन्फ्लुएंस थे तो मतलब मेरे को तो लगने के थोड़ा तो इन्फ्लुएंस है बट भारत में भी अपनी संस्कृति अभी भी बरकरार है तो आप को देखे कि वह दोनों का मिक्सचर है एक ही कर चुका वो नहीं है वह सारा गणित मिक्स हो गया है तो दोनों का ऐसे मिला एक साथी है

yah aap puch rahe hain ki bharat ke naye saal par western culture ke jaisa marna chahiye ya nahi par yah dekhiye ki yahan click har individual ka ek alag alag soch rahega aur abhi ki jo p li hai jo youth hai abhi ke us zyada tak aap dekho toh western life se western culture se bahut zyada influens the toh matlab mere ko toh lagne ke thoda toh influens hai but bharat mein bhi apni sanskriti abhi bhi barkaraar hai toh aap ko dekhe ki vaah dono ka mixture hai ek hi kar chuka vo nahi hai vaah saara ganit mix ho gaya hai toh dono ka aise mila ek sathi hai

यह आप पूछ रहे हैं कि भारत के नए साल पर वेस्टर्न कल्चर के जैसा मारना चाहिए या नहीं पर यह दे

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Anukrati

Journalism Graduate

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत जैसे देश में जहां कई तरह तरह के लोग हैं लैंग्वेज है कल्चरल फेस्टिवल हैं कुछ लोगों को यह अजीब लगता है कि हम और फेस्टिवल जवाब करना चाहते हैं स्पेशली वह जो हमारे कल्चर से भी नहीं है फंडामेंटलिस्ट तो यह तक्ता क्यों करते हैं कि वेस्टर्न फेस्टिवल सेलिब्रेट करने से हम अपने फेस्टिवल्स ऑन हेरिटेज भूल जाएंगे मुझे यह बात सही नहीं लगती क्योंकि भारत अपनी एक्सेप्टेंस के लिए पूरी दुनिया में जाना गया है ईद दिवाली क्रिसमस के सारे फेस्टिवल स्कूल से लेकर प्रीत में तक बड़ी धूमधाम से मनाया जाते हैं तो फिर चाहे वेस्टर्न कल्चर की पॉपुलैरिटी की वजह से ही सही एक ऐसा सेलिब्रेशन जिसमें कोई धन का मुद्दा तक नहीं क्यों नहीं मनाया जाना चाहिए

bharat jaise desh mein jaha kai tarah tarah ke log hain language hai cultural festival hain kuch logo ko yah ajib lagta hai ki hum aur festival jawab karna chahte hain speshli vaah jo hamare culture se bhi nahi hai fundamentalist toh yah takta kyon karte hain ki western festival celebrate karne se hum apne festivals on heritage bhool jaenge mujhe yah baat sahi nahi lagti kyonki bharat apni acceptance ke liye puri duniya mein jana gaya hai eid diwali Christmas ke saare festival school se lekar prateet mein tak badi dhumadham se manaya jaate hain toh phir chahen western culture ki popularity ki wajah se hi sahi ek aisa celebration jisme koi dhan ka mudda tak nahi kyon nahi manaya jana chahiye

भारत जैसे देश में जहां कई तरह तरह के लोग हैं लैंग्वेज है कल्चरल फेस्टिवल हैं कुछ लोगों को

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Bari khan

Practicing journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेरे ख्याल से भारत को वेस्टर्न डांसर बिल्कुल मानना चाहिए और क्योंकि देखिए उसमें क्यों होता है जैसे हमारा देश से दूसरे अकाउंट में जो भी लोग जाता है पढ़ने के लिए जो करने के लिए तो वह चीज लोग वहां पर जाकर सूट नहीं होता है तो मुझे लगता है वह चीज दिया पर अगर 30 वर्ष 40 वर्ष लेकर आएंगे तो बिल्कुल आप बेनिफिट होगा लोगों के लिए थैंक यू सो मच

mere khayal se bharat ko western dancer bilkul manana chahiye aur kyonki dekhiye usme kyon hota hai jaise hamara desh se dusre account mein jo bhi log jata hai padhne ke liye jo karne ke liye toh vaah cheez log wahan par jaakar suit nahi hota hai toh mujhe lagta hai vaah cheez diya par agar 30 varsh 40 varsh lekar aayenge toh bilkul aap benefit hoga logo ke liye thank you so match

मेरे ख्याल से भारत को वेस्टर्न डांसर बिल्कुल मानना चाहिए और क्योंकि देखिए उसमें क्यों होता

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Sefali

Media-Ad Sales

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिये येह अपने इंडिविजुअल चॉइस की बात होती है कि आप भारत में वेस्टर्न तरीके से बनाना चाहते हैं या किसी और तरीके से बनाना चाहते हैं| सबका सेलिब्रेशन का तरीका अपना अलग, अलग होता है| तो हा हम इंडिपेंडेंट कंट्री में रहते हैं,फ्रीडम है, राईट टू चुस है तो क्यों नहीं जो आपको अच्छा लगे वह कीजिए |

dekhiye yeh apne individual choice ki baat hoti hai ki aap bharat mein western tarike se banana chahte hain ya kisi aur tarike se banana chahte hain sabka celebration ka tarika apna alag alag hota hai toh ha hum independent country mein rehte hain freedom hai right to chus hai toh kyon nahi jo aapko accha lage vaah kijiye

देखिये येह अपने इंडिविजुअल चॉइस की बात होती है कि आप भारत में वेस्टर्न तरीके से बनाना चाह

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