कबीर दास का बायोडाटा बताएं?...


user

Gyandeep Kkr

Social Activist

3:57
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कबीर साहेब का अपनी बहुत नाम सुना होगा इन के दोहे भी शायद आप जानते होंगे बचपन से ही कभी साहिब कौन थे यह आपने सुना होगा कभी ठीक थी परंतु वास्तव में इससे भी बहुत ज्यादा चीजें हैं जो कबीर साहिब के बारे में आपको नहीं पता होगी तभी साहिब वास्तव में जिनको कबीरदास के नाम जानती हैं वास्तव में सर्वशक्तिमान भगवान कबीर दास बनकर इस धरती पर रहे थे आपके मन में बहुत प्रश्न पूछ सकते हैं परंतु यह बिल्कुल सही है और प्रमाण के साथ बात है इसके लिए थोड़ा सा धैर्य रखिए जब प्रमाण आपके सामने होंगे आंखों के सामने हो गए तो अब आप जान सकते हैं हम सोचते हैं लोग कहते हैं कि कौन सा भगवान ऊपर है देखिए कुछ लोग माता को मानते हुए श्रीकृष्ण को शिव भगवान को परंतु वास्तव में यह देवता है इनकी आई बहुत ज्यादा लंबी है हमसे तो बहुत ज्यादा लंबी है इनका एक दिन पीता है इतने तो हमारा कितना कुछ हो जाता है यहां पर और इनकी स्थिति क्या है यह भी जानिए ब्रह्मा विष्णु महेश का नाम सुना होगा यह तीनों देवता केवल तीन लोकेट हनी है इससे ऊपर इनकी पावर नहीं है जिस लोक में हम रह रही हैं यहां तक इनकी पावर है वह भी यह कर्म के दंड को नहीं समाप्त कर सकते आप खुद देखिए यहां पर इतने दुख हैं यहां पर किसी का कर्म चेंज नहीं होता और ऐसी बहुत सी चीजें जो आपको नहीं पता होगी परमात्मा के बारे में आपने शायद सुना होगा ब्रह्म परब्रह्म पूर्णब्रह्म परंतु इनकी स्थिति का नहीं पता होगा और प्रमाण भी नहीं कभी ज्यादा सेट दिखेंगे यह क्या है ब्रह्म ब्रह्मा विष्णु महेश से ऊपर है परब्रह्म उनसे ऊपर पूर्ण ब्रह्म उनसे उनकी आयु के बारे में यह क्या है यह सब कुछ और गीता से प्रमाण प्राणों से भी आपको काफी चीजें देखने को मिलेंगे भ्रमण क्यों भेजी के बारे में और कुछ ऐसी उलझने वाली चीजें होते जो आप समझ नहीं सकते इसके लिए आपको एक प्रमाण से पुत्र की आवश्यकता है उसके लिए आप एक पुस्तक में आपको बताऊंगी वह आप जरूर पढ़िए और कबीरदास क्या है उसमें यह भी पता चलेगा और हे भगवान क्या है यह भी पता चले जा और पता कैसे चलेगा वह पता चलेगा प्रमाण सहित यह पुस्तक मैंने खुद देखी है और मैं अब आपको बताती हूं इस पुस्तक को देखने से पहले में भागवत पुराण पढ़ती थी उस पुराण को पढ़ने से मुझे पता चला यह पुस्तक सही है और भी इस पुस्तक में उससे भी बहुत बड़े प्रमाण है तो मैं चाहती हूं आप भी जरूर पड़ेगी आप क्रोम में जाइए सर्च में लिखिए एक वेबसाइट बताती हूं डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट एस यू पी एमी gov.org जब यह वेबसाइट को सर्च कीजिए क्रोम मीका की और जब खुल जाएगी तो राइट हैंड साइड में टॉप में तीन लिटिल आएंगे आएंगे उस पर क्लिक कीजिए काफी ऑप्शन आएंगे एक पब्लिकेशन का ऑप्शन आएगा उस पर क्लिक कीजिए और उसके ऑफिस सामने आ जाएंगी आप ज्ञान गंगा पर क्लिक कीजिए या जीने की राह पर क्लिक कीजिए जो भी आपको पुस्तक पढ़नी है उस पर क्लिक कीजिए पुस्तक डाउनलोड हो क्या आपके फोन में आ जाएगी पुस्तक फोन में पढ़ना बहुत आसान है मैं पढ़ती हूं कैसे हम मैसेज पर लेकर ऐसे ही पुस्तक पीडीएफ आ जाती है अगर आपने यह तो एकदम खुल जाएगी बाद में क्या देख सकते इसको फाइल मैनेजर में उस में ऑप्शन बने होते हैं जब आपके फोन में आपको बाद में चेक कर सकते तो इस पुस्तक को पढ़ कबीर साहिब के बारे में आपको बहुत प्रमाण सहित जानकारी मिलेगी

kabir saheb ka apni bahut naam suna hoga in ke dohe bhi shayad aap jante honge bachpan se hi kabhi sahib kaun the yah aapne suna hoga kabhi theek thi parantu vaastav me isse bhi bahut zyada cheezen hain jo kabir sahib ke bare me aapko nahi pata hogi tabhi sahib vaastav me jinako kabirdas ke naam jaanti hain vaastav me sarvshaktimaan bhagwan kabir das bankar is dharti par rahe the aapke man me bahut prashna puch sakte hain parantu yah bilkul sahi hai aur pramaan ke saath baat hai iske liye thoda sa dhairya rakhiye jab pramaan aapke saamne honge aakhon ke saamne ho gaye toh ab aap jaan sakte hain hum sochte hain log kehte hain ki kaun sa bhagwan upar hai dekhiye kuch log mata ko maante hue shrikrishna ko shiv bhagwan ko parantu vaastav me yah devta hai inki I bahut zyada lambi hai humse toh bahut zyada lambi hai inka ek din pita hai itne toh hamara kitna kuch ho jata hai yahan par aur inki sthiti kya hai yah bhi janiye brahma vishnu mahesh ka naam suna hoga yah tatvo devta keval teen locate honey hai isse upar inki power nahi hai jis lok me hum reh rahi hain yahan tak inki power hai vaah bhi yah karm ke dand ko nahi samapt kar sakte aap khud dekhiye yahan par itne dukh hain yahan par kisi ka karm change nahi hota aur aisi bahut si cheezen jo aapko nahi pata hogi paramatma ke bare me aapne shayad suna hoga Brahma parbrahm purnabrahm parantu inki sthiti ka nahi pata hoga aur pramaan bhi nahi kabhi zyada set dikhenge yah kya hai Brahma brahma vishnu mahesh se upar hai parbrahm unse upar purn Brahma unse unki aayu ke bare me yah kya hai yah sab kuch aur geeta se pramaan pranon se bhi aapko kaafi cheezen dekhne ko milenge bhraman kyon bheji ke bare me aur kuch aisi uljhane wali cheezen hote jo aap samajh nahi sakte iske liye aapko ek pramaan se putra ki avashyakta hai uske liye aap ek pustak me aapko bataungi vaah aap zaroor padhiye aur kabirdas kya hai usme yah bhi pata chalega aur hai bhagwan kya hai yah bhi pata chale ja aur pata kaise chalega vaah pata chalega pramaan sahit yah pustak maine khud dekhi hai aur main ab aapko batati hoon is pustak ko dekhne se pehle me bhagwat puran padhati thi us puran ko padhne se mujhe pata chala yah pustak sahi hai aur bhi is pustak me usse bhi bahut bade pramaan hai toh main chahti hoon aap bhi zaroor padegi aap chrome me jaiye search me likhiye ek website batati hoon w w w dot S you p amy gov org jab yah website ko search kijiye chrome mika ki aur jab khul jayegi toh right hand side me top me teen little aayenge aayenge us par click kijiye kaafi option aayenge ek publication ka option aayega us par click kijiye aur uske office saamne aa jayegi aap gyaan ganga par click kijiye ya jeene ki raah par click kijiye jo bhi aapko pustak padhani hai us par click kijiye pustak download ho kya aapke phone me aa jayegi pustak phone me padhna bahut aasaan hai main padhati hoon kaise hum massage par lekar aise hi pustak pdf aa jaati hai agar aapne yah toh ekdam khul jayegi baad me kya dekh sakte isko file manager me us me option bane hote hain jab aapke phone me aapko baad me check kar sakte toh is pustak ko padh kabir sahib ke bare me aapko bahut pramaan sahit jaankari milegi

कबीर साहेब का अपनी बहुत नाम सुना होगा इन के दोहे भी शायद आप जानते होंगे बचपन से ही कभी साह

Romanized Version
Likes  120  Dislikes    views  1019
WhatsApp_icon
4 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Manoj Kumar

Spiritual Knowdge / working as a Social Worker

5:27
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कबीर जी कौन थे इस विषय में समाज में भ्रांतियां फैली हुई है लोग कहते हैं कि कबीर जी नीरू तथा नीमा के पुत्र थे लेकिन कबीर जी को पूर्ण परमात्मा मानने वालों की भी कमी नहीं है अगर कबीर जी की वाणी ओं को ध्यान से सुने और पढ़ें तो पता चलता है कि सच्चाई वास्तव में ही कुछ और है जो आज तक हमें पढ़ाई गई उसके अलावा अब तो हम देखते हैं कि स्कूलों में भी कबीर जी को पढ़ाया जा रहा है कि वह लहरतारा तालाब पर कमल के फूल पर प्रकट हुए और मगहर से से शरीर चले गए और उनकी जवानिया पढ़ते हैं तो यह पता भी चलता है कि एक जगह मालिक कबीर जी कहते हैं कि काशीनगर जल कमल का डेरा कहां जुलाहे ने पाया यानी कि काशी के अंदर कमल के फूल पर परमात्मा कबीर जी प्रकट हुए जहां जुलाहे ने पाया तत्व कहते हैं कि अवदू अविगत से चलाया कोई मेरा भेद मरम नहीं पाया काशी नगर जल कमल पर डेरा कहां जुलाहे ने पाया माता मेरे कुछ नहीं ना मेरे घर दासी दूल्हे का सूट ऑन कहा या जगत करें मेरी हंसी हार्ड चावलों नहीं मेरा जानू क्या ना अफारा सत्य स्वरूप ही नाम साहेब का सोहे नाम हमारा कबीर जी कहते हैं कि मेरा ना कोई माता है ना पीता है मैं कमल के फूल पर प्रकट हुआ और वहां से जुलाहे का पुत्र कहलाया निसंतान दंपत्ति जो थे नीरू तथा निर्माण को उठाकर ले गए और वह जुलाहे का कार्य करते इसलिए जुलाई की संतान कहलाया हार्ड चावलों को नहीं मेरा कबीर जी कहते हैं कि मेरा शरीर हार्ड बचा हमसे नहीं बना हुआ है मेरा शरीर नूर तत्वों से उन्हीं तत्वों से बना हुआ है जिसमें यह चीज नहीं है जो आपके शरीर में हैं जानू क्या न पारा परमात्मा कहते कि मैं अपार ज्ञान जानता हूं यानी कि मोक्ष का मार्ग मैं ही बता सकता हूं आपको ना मेरा गर्दा सियानी मेरे घर पर पत्नी भी नहीं है यानी मैंने मैं विवाहित भी नहीं हूं दूल्हे का सुदान कहा या जगत करें मेरी हंसी लोग मुझे नीच की संतान कह कर मेरा मजाक उड़ाते हैं कि मैं नीचे घर में पैदा हुआ हूं जुलाहे का पुत्र हूं परमात्मा एक जगह कबीर जी अपने चारों युगों में उत्पन्न होने का भी प्रमाण देते हैं कबीर जी की एक वाणी में लिखा है कि सतयुग में सत सुकृत कटेरा त्रेता नाम मुनींद्र मेरा द्वापर में करुणा मकाहा या कलयुग नाम कबीर धराया इन सभी भाइयों से पता चलता है कि कबीर जी को हमने जो एक साधारण कवि माना वह हमारी एक बहुत बड़ी भूल थी हमने उनके द्वारा रचित शास्त्रों को मैं पढ़ कर समझ कर सिर्फ सामाजिक अफवाहों पर ही ध्यान दिया जिन्होंने हमें भ्रमित करके हमारे पिता से दूर कर दिया और जो नंबर समाज में फैला हुआ है जो लूट फसोट की भक्ति विधि समाज में फैली हुई है कुछ स्वार्थी लोगों के द्वारा चलाई गई उसी पर हम आरूढ़ हो गए और हमारे मूल ज्ञान से हमें दूर कर दिया गया अभी भी समय है हमें कबीर जी को समझना होगा ताकि हम भक्ति का उचित लाभ ले सकें नहीं तो आप जरा गंभीरता से चिंतन करें हम इतनी भक्ति करते हैं हमें बहुत से तो ऐसे लोगों को जानता हूं जिनका पूरा जीवन ही मंदिरों में के चक्रों में निकल जाता है साधना भक्ति विधि में निकल जाता है बहुत ही आदर से वह किसी देवकी रूप में मानकर किसी देव की पूजा करते हैं लेकिन फिर भी पूरा का पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है ऐसा क्यों है ऐसा इसलिए है क्योंकि वह शास्त्र विधि साथ ना कि नहीं है वह गलत साधना कर रहा है शास्त्र के विरुद्ध अगर शास्त्र विधि अनुसार भक्ति करें तो हमारे पर संकट आ ही नहीं सकता अगर आप कबीर जी के बारे में संपूर्ण ज्ञान चाहते हैं तो आपसे अनुरोध है कि आप 7:30 पीएम से 8:30 पीएम तक साधना टीवी अवश्य देखें और पुस्तक मंगाए ज्ञानगंगा व जीने की राह आप अभी भी मेरी प्रोफाइल में बायो से जीने की राह पुस्तक लोड कर सकते हैं जो आपका उचित मार्गदर्शन करेंगे कृपया आदि से पढ़ना शुरू करें धन्यवाद

kabir ji kaun the is vishay me samaj me bhrantiyan faili hui hai log kehte hain ki kabir ji neeru tatha nima ke putra the lekin kabir ji ko purn paramatma manne walon ki bhi kami nahi hai agar kabir ji ki vani on ko dhyan se sune aur padhen toh pata chalta hai ki sacchai vaastav me hi kuch aur hai jo aaj tak hamein padhai gayi uske alava ab toh hum dekhte hain ki schoolon me bhi kabir ji ko padhaya ja raha hai ki vaah lahartara taalab par kamal ke fool par prakat hue aur magahar se se sharir chale gaye aur unki javaniya padhte hain toh yah pata bhi chalta hai ki ek jagah malik kabir ji kehte hain ki kashinagara jal kamal ka dera kaha julahe ne paya yani ki kashi ke andar kamal ke fool par paramatma kabir ji prakat hue jaha julahe ne paya tatva kehte hain ki avadu avigat se chalaya koi mera bhed maram nahi paya kashi nagar jal kamal par dera kaha julahe ne paya mata mere kuch nahi na mere ghar dasi duulhe ka suit on kaha ya jagat kare meri hansi hard chavalon nahi mera janu kya na afara satya swaroop hi naam saheb ka sohe naam hamara kabir ji kehte hain ki mera na koi mata hai na pita hai main kamal ke fool par prakat hua aur wahan se julahe ka putra kehlaya nisantan dampatti jo the neeru tatha nirmaan ko uthaakar le gaye aur vaah julahe ka karya karte isliye july ki santan kehlaya hard chavalon ko nahi mera kabir ji kehte hain ki mera sharir hard bacha humse nahi bana hua hai mera sharir noor tatvon se unhi tatvon se bana hua hai jisme yah cheez nahi hai jo aapke sharir me hain janu kya na para paramatma kehte ki main apaar gyaan jaanta hoon yani ki moksha ka marg main hi bata sakta hoon aapko na mera garda siyani mere ghar par patni bhi nahi hai yani maine main vivaahit bhi nahi hoon duulhe ka sudan kaha ya jagat kare meri hansi log mujhe neech ki santan keh kar mera mazak udate hain ki main niche ghar me paida hua hoon julahe ka putra hoon paramatma ek jagah kabir ji apne charo yugon me utpann hone ka bhi pramaan dete hain kabir ji ki ek vani me likha hai ki satayug me sat sukrit katera treta naam munindra mera dwapar me corona makaha ya kalyug naam kabir dharaya in sabhi bhaiyo se pata chalta hai ki kabir ji ko humne jo ek sadhaaran kavi mana vaah hamari ek bahut badi bhool thi humne unke dwara rachit shastron ko main padh kar samajh kar sirf samajik afavahon par hi dhyan diya jinhone hamein bharmit karke hamare pita se dur kar diya aur jo number samaj me faila hua hai jo loot fasot ki bhakti vidhi samaj me faili hui hai kuch swaarthi logo ke dwara chalai gayi usi par hum aarudh ho gaye aur hamare mul gyaan se hamein dur kar diya gaya abhi bhi samay hai hamein kabir ji ko samajhna hoga taki hum bhakti ka uchit labh le sake nahi toh aap zara gambhirta se chintan kare hum itni bhakti karte hain hamein bahut se toh aise logo ko jaanta hoon jinka pura jeevan hi mandiro me ke chakron me nikal jata hai sadhna bhakti vidhi me nikal jata hai bahut hi aadar se vaah kisi devki roop me maankar kisi dev ki puja karte hain lekin phir bhi pura ka pura parivar barbad ho jata hai aisa kyon hai aisa isliye hai kyonki vaah shastra vidhi saath na ki nahi hai vaah galat sadhna kar raha hai shastra ke viruddh agar shastra vidhi anusaar bhakti kare toh hamare par sankat aa hi nahi sakta agar aap kabir ji ke bare me sampurna gyaan chahte hain toh aapse anurodh hai ki aap 7 30 pm se 8 30 pm tak sadhna TV avashya dekhen aur pustak mangae gyanaganga va jeene ki raah aap abhi bhi meri profile me bio se jeene ki raah pustak load kar sakte hain jo aapka uchit margdarshan karenge kripya aadi se padhna shuru kare dhanyavad

कबीर जी कौन थे इस विषय में समाज में भ्रांतियां फैली हुई है लोग कहते हैं कि कबीर जी नीरू तथ

Romanized Version
Likes  9  Dislikes    views  112
WhatsApp_icon
user

Gulnaz

लेवल 1 (बिगिनर)

0:23
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कबीरदास जी 15 तो सेंचुरी के भारतीय रहस्यवादी कवि और सन थे जिनके लिखो ने हिंदू धर्म की भक्ति आंदोलन और उनकी चंदू को प्रभावित किया था और उनके WhatsApp जो है सिख धर्म गुरु ग्रंथ साहिब से साउंड किया गया था

kabirdas ji 15 toh century ke bharatiya rahasyavadi kavi aur san the jinke likho ne hindu dharm ki bhakti andolan aur unki chandu ko prabhavit kiya tha aur unke WhatsApp jo hai sikh dharm guru granth sahib se sound kiya gaya tha

कबीरदास जी 15 तो सेंचुरी के भारतीय रहस्यवादी कवि और सन थे जिनके लिखो ने हिंदू धर्म की भक्त

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  146
WhatsApp_icon
play
user

shekhar11

Volunteer

0:41

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज के कबीर दास की बात की जाए तो कबीरदास भारत के महान कवि और समाज सुधारक थे में हिंदी साहित्य के विद्वान के तौर पर जाने जाते थे कबीरदास के नाम का अर्थ महानता से भारत के महानतम कवियों में से एक थे उनकी पूरी नाम संत कबीर दास की बनारस में हुई थी और उनकी मृत्यु मगहर उत्तर प्रदेश में हुई थी उनकी माता का नाम नीमा था और उनके पिता का नाम निरोध कबीर दास के बहुत अच्छे-अच्छे दोहे लिखे हैं देखा जाए तो और काफी महान कवि के तौर पर जाने जाते हैं

aaj ke kabir das ki baat ki jaaye toh kabirdas bharat ke mahaan kavi aur samaj sudharak the mein hindi sahitya ke vidhwaan ke taur par jaane jaate the kabirdas ke naam ka arth mahanata se bharat ke mahantam kaviyon mein se ek the unki puri naam sant kabir das ki banaras mein hui thi aur unki mrityu magahar uttar pradesh mein hui thi unki mata ka naam nima tha aur unke pita ka naam nirodh kabir das ke bahut acche acche dohe likhe hain dekha jaaye toh aur kaafi mahaan kavi ke taur par jaane jaate hain

आज के कबीर दास की बात की जाए तो कबीरदास भारत के महान कवि और समाज सुधारक थे में हिंदी साहित

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  2
WhatsApp_icon
qIcon
ask

Related Searches:
kabeerdas ;

This Question Also Answers:

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!