सत्याग्रह क्या है और गाँधीजी ने इसका इस्तेमाल क्यों किया?...


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Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

2:32
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Chandraprakash Joshi

Ex-AGM RBI & CEO@ixamBee.com

1:36
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सत्याग्रह जैसा कि इसका नाम ही बताता है, सत्य का आग्रह है| तो महात्मा गांधी ने अहिंसा और सत्य से अंग्रेजों से लड़ने की ठानी, और उन्होंने सोचा कि हम अंग्रेजो को वैसे हरा नहीं पाएंगे, हम उन को देश से बाहर नहीं निकल पाएंगे| तो उन्होंने सत्याग्रह का आंदोलन शुरु किया और सबसे पहला ऐसा आंदोलन था 1917 में चंपावन में| चंपावन बिहार से उन्होंने सत्याग्रह का आंदोलन अंग्रेजो के खिलाफ शुरू किया, और बाद में उन्होंने बहुत सारे इस तरीके के प्रयोग किए, कि किस तरीके से नॉन कॉर्पोरेशन यानी कि अंग्रेजों के साथ सहयोग ना करके, जिसका हिंदी में असहयोग आंदोलन बोलते हैं, और उन्होंने फास्टिंग करके, जनता को जागरुक कर के, सत्याग्रह आंदोलन को आगे बढ़ाया| गांधी जी की फिलॉसफी यह थी, कि हम अंग्रेजों से लड़ नहीं सकते, तो हम को उनको ऐसा आग्रह करना है| हमको उनको ऐसा प्रयास करना है, बिना लड़े, बिना झगड़ा के, बिना हिंसा किए, कि वह देश छोड़ने पर मजबूर हो जाए| और बाद में जब एक समय बाद गांधी जी को यह लगा, कि अंग्रेजों को देश से निकालना ही सब कुछ नहीं है| तो गांधी जी ने सत्याग्रह का प्रयोग सामाजिक सुधार के लिए भी किया| क्योंकि उन्हें ये एहसास होने लग गया था, कि पॉलिटिकल इंडिपेंडेंट सब कुछ नहीं है, हमारे देश को सामाजिक सुधारों की बहुत ज्यादा जरूरत है| तो वहां पर उन्होंने सत्याग्रह मतलब जनता से आग्रह किया, कि कैसे हम अपने समाज में पहले सुधार लाएं और हमें बहुत ज्यादा प्रोग्रेस की जरूरत है देश की तरक्की के लिए|

satyagrah jaisa ki iska naam hi batata hai satya ka agrah hai toh mahatma gandhi ne ahinsa aur satya se angrejo se ladane ki thani aur unhone socha ki hum angrejo ko waise hara nahi payenge hum un ko desh se bahar nahi nikal payenge toh unhone satyagrah ka andolan shuru kiya aur sabse pehla aisa andolan tha 1917 mein champavan mein champavan bihar se unhone satyagrah ka andolan angrejo ke khilaf shuru kiya aur baad mein unhone bahut saare is tarike ke prayog kiye ki kis tarike se non corporation yani ki angrejo ke saath sahyog na karke jiska hindi mein asahayog andolan bolte hai aur unhone fasting karke janta ko jagruk kar ke satyagrah andolan ko aage badhaya gandhi ji ki philosophy yah thi ki hum angrejo se lad nahi sakte toh hum ko unko aisa agrah karna hai hamko unko aisa prayas karna hai bina ladhe bina jhadna ke bina hinsa kiye ki vaah desh chodne par majboor ho jaaye aur baad mein jab ek samay baad gandhi ji ko yah laga ki angrejo ko desh se nikalna hi sab kuch nahi hai toh gandhi ji ne satyagrah ka prayog samajik sudhaar ke liye bhi kiya kyonki unhe ye ehsaas hone lag gaya tha ki political independent sab kuch nahi hai hamare desh ko samajik sudharo ki bahut zyada zarurat hai toh wahan par unhone satyagrah matlab janta se agrah kiya ki kaise hum apne samaj mein pehle sudhaar laye aur hamein bahut zyada progress ki zarurat hai desh ki tarakki ke liye

सत्याग्रह जैसा कि इसका नाम ही बताता है, सत्य का आग्रह है| तो महात्मा गांधी ने अहिंसा और सत

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Rajesh Rishi

Indian Politician

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन सत्य करें एक ऐसा हथियार है जिसके माध्यम से आजादी मिली गांधी जी ने इस्तेमाल किया इस्तेमाल किया कि हम किसी को हानि पहुंचाना चाहते थे कि आजादी के आंदोलन में देश में सरकार बदल गई उसके बाद उसका मॉडल जिसमें इंसान अपने हकों के लिए इनका दिमाग चलता हुआ

lekin satya karein ek aisa hathiyar hai jiske maadhyam se azadi mili gandhi ji ne istemal kiya istemal kiya ki hum kisi ko hani pahunchana chahte the ki azadi ke andolan mein desh mein sarkar badal gayi uske baad uska model jisme insaan apne hakon ke liye inka dimag chalta hua

लेकिन सत्य करें एक ऐसा हथियार है जिसके माध्यम से आजादी मिली गांधी जी ने इस्तेमाल किया इस्त

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हेलो अब अब ऐसे सत्याग्रह क्या है और गांधीजी ने इसका इस्तेमाल क्यों किया तो देखिए सत्याग्रह एक आनंद था जिसका शाब्दिक अर्थ है सत्य का आग्रह करना या सत्य पर अटल है ना 15 सितंबर उन्नीस सौ छह में जब गांधी जी भारत लौटे तो अंग्रेजों की गुलामी से भारत को आजाद कराने के लिए यह आंदोलन शुरू किया जो रंगभेद के खिलाफ था थैंक यू धन्यवाद

hello ab ab aise satyagrah kya hai aur gandhiji ne iska istemal kyon kiya toh dekhiye satyagrah ek anand tha jiska shabdik arth hai satya ka agrah karna ya satya par atal hai na 15 september unnis sau cheh me jab gandhi ji bharat laute toh angrejo ki gulaami se bharat ko azad karane ke liye yah andolan shuru kiya jo rangbhed ke khilaf tha thank you dhanyavad

हेलो अब अब ऐसे सत्याग्रह क्या है और गांधीजी ने इसका इस्तेमाल क्यों किया तो देखिए सत्याग्रह

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गांधीजी के अनुसार सत्याग्रह का मतलब है सत्य की शक्ति पर आग्रह करना अर्थात जो व्यक्ति किसी कार्य को करता है उसका कार्य सत्य सत्य और अहिंसा पर है तो वह अपने पद पर विजय प्राप्त कर सकता है बिना किसी शारीरिक बल के अथवा बिना किसी हिंसात्मक लड़ाई यही कारण है जिसके कारण महात्मा गांधी ने सत्याग्रह का पालन किया या सत्याग्रह का इस्तेमाल किया

gandhiji ke anusaar satyagrah ka matlab hai satya ki shakti par agrah karna arthat jo vyakti kisi karya ko karta hai uska karya satya satya aur ahinsa par hai toh vaah apne pad par vijay prapt kar sakta hai bina kisi sharirik bal ke athva bina kisi hinsatmak ladai yahi karan hai jiske karan mahatma gandhi ne satyagrah ka palan kiya ya satyagrah ka istemal kiya

गांधीजी के अनुसार सत्याग्रह का मतलब है सत्य की शक्ति पर आग्रह करना अर्थात जो व्यक्ति किसी

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ठीक है क्या वह गांधी जी ने इसका समर्थन किया उसका तरह मैं आपको अपनी लड़कियों के MP3 गने का इस्तेमाल गांधीजी इसलिए किया क्योंकि वह जानते थे कि हम जो लड़ाई लड़ रहे हैं बस सब ठीक हैं और आप जब तक हमारे साथ सकता है तो हमें दुनिया की कोई ताकत हरा नहीं सकती थी इसलिए मैं शक्ति पर आधारित एक है को महत्व दे गए थे मैं सत्य की शक्ति के नाम पर बहुत कुछ कर सकता है चलते रहना ना कोई ना कोई नहीं सकती थी ना कोई लूट गाना कुछ शांतिपूर्वक रह अंग्रेजों के सम्मुख किया जाता था जिसके कारण डिस्को डिस्को याद करना गांधीजी के सफलतापूर्वक इंग्लिश में गांधी जी ने चाबी का नहीं किया था जब रंगीली के शिकार होते जा रहे हैं रोटी तो गांधीजी ने शहर के बाद सिटी एसपी यूनिवर्सिटी वाराणसी इस आंदोलन को शक्ति के नाटक करते थे धन्यवाद

theek hai kya vaah gandhi ji ne iska samarthan kiya uska tarah main aapko apni ladkiyon ke MP3 gane ka istemal gandhiji isliye kiya kyonki vaah jante the ki hum jo ladai lad rahe hain bus sab theek hain aur aap jab tak hamare saath sakta hai toh hamein duniya ki koi takat hara nahi sakti thi isliye main shakti par aadharit ek hai ko mahatva de gaye the main satya ki shakti ke naam par bahut kuch kar sakta hai chalte rehna na koi na koi nahi sakti thi na koi loot gaana kuch shantipurvak reh angrejo ke sammukh kiya jata tha jiske karan disco disco yaad karna gandhiji ke safaltaapurvak english me gandhi ji ne chabi ka nahi kiya tha jab rangili ke shikaar hote ja rahe hain roti toh gandhiji ne shehar ke baad city SP university varanasi is andolan ko shakti ke natak karte the dhanyavad

ठीक है क्या वह गांधी जी ने इसका समर्थन किया उसका तरह मैं आपको अपनी लड़कियों के MP3 गने का

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सत्याग्रह क्या है गांधी जी ने इसका इस्तेमाल क्यों किया तो बताना चाहूंगा कि सत्याग्रह का शादी का सत्य के लिए किसी को आगरा करना है सत्याग्रह 19वीं शताब्दी के अंतिम दशक में गांधीजी के दक्षिण अफ्रीका के भारतीयों के अधिकारों की रक्षा के लिए कानून भंग शुरू करने तक संसार निरस्त प्रतिकार अथवा निष्क्रिय प्रतिरोध नीति से थी इसका उपयोग उन्होंने भारत में अंग्रेजो के खिलाफ भी किया

satyagrah kya hai gandhi ji ne iska istemal kyon kiya toh batana chahunga ki satyagrah ka shaadi ka satya ke liye kisi ko agra karna hai satyagrah vi shatabdi ke antim dashak me gandhiji ke dakshin africa ke bharatiyon ke adhikaaro ki raksha ke liye kanoon bhang shuru karne tak sansar nirast pratikar athva nishkriya pratirodh niti se thi iska upyog unhone bharat me angrejo ke khilaf bhi kiya

सत्याग्रह क्या है गांधी जी ने इसका इस्तेमाल क्यों किया तो बताना चाहूंगा कि सत्याग्रह का शा

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सत्याग्रह सत्याग्रह क्या है तो गांधीजी थे उसने सत्याग्रह आंदोलन चलाया था जिसका अर्थ होता है सत्याग्रह शक्ति के लिए आगे करना उसके अंग्रेज टाइम अंग्रेज अमारे भारत में थे तब उसके सभी वस्तु वह माल उसका बहिष्कार करना

satyagrah satyagrah kya hai toh gandhiji the usne satyagrah andolan chalaya tha jiska arth hota hai satyagrah shakti ke liye aage karna uske angrej time angrej amare bharat mein the tab uske sabhi vastu vaah maal uska bahishkar karna

सत्याग्रह सत्याग्रह क्या है तो गांधीजी थे उसने सत्याग्रह आंदोलन चलाया था जिसका अर्थ होता ह

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anu dube

Student

1:05
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है कि सत्याग्रह क्या है और गांधीजी ने इसका इस्तेमाल किया गया तो देखिए सत्याग्रह सत्याग्रह का अर्थ होता है सदका आगरा करना यानी शब्द का पालन करना गांधी जी ने सत्याग्रह का इस्तेमाल इसलिए किया और सत्याग्रह एक ऐसा हथियार था जो अंग्रेजों को निकालने में मददगार हुआ तो गांधीजी ने भविष्य को जानते हुए सत्याग्रह का प्रयोग किया और सत्याग्रह का सबसे पहले प्रयोग हमारे बिहार के चंपारण जिले से शुरू किया था क्योंकि जब उन्होंने चंपारण जिले में आए तो देखे कि यहां नील की खेती की जा रही है और टैक्स है जो अधिक वसूला जा रहा है तो टैक्स के अधिक वसूले जाने के कारण गांधीजी ने सन 1917 एचडी में सबसे पहला सत्याग्रह आंदोलन बिहार के चंपारण से शुरू किए थे थैंक यू उबला कंटेक के रनिंग

aapka sawaal hai ki satyagrah kya hai aur gandhiji ne iska istemal kiya gaya toh dekhiye satyagrah satyagrah ka arth hota hai sadaka agra karna yani shabd ka palan karna gandhi ji ne satyagrah ka istemal isliye kiya aur satyagrah ek aisa hathiyar tha jo angrejo ko nikalne mein madadgaar hua toh gandhiji ne bhavishya ko jante hue satyagrah ka prayog kiya aur satyagrah ka sabse pehle prayog hamare bihar ke champaran jile se shuru kiya tha kyonki jab unhone champaran jile mein aaye toh dekhe ki yahan neel ki kheti ki ja rahi hai aur tax hai jo adhik vasula ja raha hai toh tax ke adhik vasule jaane ke karan gandhiji ne san 1917 hd mein sabse pehla satyagrah andolan bihar ke champaran se shuru kiye the thank you ubalaa kantek ke running

आपका सवाल है कि सत्याग्रह क्या है और गांधीजी ने इसका इस्तेमाल किया गया तो देखिए सत्याग्रह

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Gulnaz

लेवल 1 (बिगिनर)

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गांधीजी के लिए सफेद रहा केवल निष्क्रिय प्रतिरोध से आप एक जुआ हंसिका विधियों का अभ्यास करने के बल बने गए असम में जो है सत्य का अर्थ है कि प्रेम और ग्राहक आ उत्पन्न करने वाली और इसलिए शक्ति के लिए एक कार्य के रूप में कार्य करता है लेकिन तब आंदोलन निष्क्रिय प्रतिरोध के रूप में जाना जाता था इसलिए इसलिए सत्याग्रह का इस्तेमाल किया गया था

gandhiji ke liye safed raha keval nishkriya pratirodh se aap ek jua hansika vidhiyon ka abhyas karne ke bal bane gaye assam mein jo hai satya ka arth hai ki prem aur grahak aa utpann karne wali aur isliye shakti ke liye ek karya ke roop mein karya karta hai lekin tab andolan nishkriya pratirodh ke roop mein jana jata tha isliye isliye satyagrah ka istemal kiya gaya tha

गांधीजी के लिए सफेद रहा केवल निष्क्रिय प्रतिरोध से आप एक जुआ हंसिका विधियों का अभ्यास करने

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Ridhima

Mass Communications Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सत्याग्रह का मूल अर्थ है सत्य के प्रति आग्रह सत्य को पकड़कर पकड़े रहना अन्याय का सवर्था विरोध करते हुए अन्याय के प्रति भेद भावना रखना सत्याग्रह का मूल लक्षण है हमें सत्य का पालन करते हुए निर्भयता पूर्वक नृत्य का वर्णन वर्णन करना चाहिए और मरते मरते भी जिसके विरुद्ध सत्याग्रह कर रहे हैं उसके प्रति भेदभाव या क्रोध नहीं करना चाहिए सत्याग्रह में अपने विरोधी के प्रति हिंसा के लिए कोई स्थान नहीं है धैर्य एवं सहानुभूति से विरोधी को उसकी गलती से मुक्त करना चाहिए क्योंकि जो एक को सत्य प्रतीत होता है वहीं दूसरे को गलत दिखाई दे सकता है मेरे हिसाब से गांधी जी ने इसलिए सत्याग्रह को चूस किया क्योंकि वे मानते थे कि हिंसा हिंसा हिंसा से बड़ा है और नॉन वायलेंस वायलेंस से ज्यादा बढ़ा फोर्स है और उनका यह भी माना था जो इन में जो भी थे जो लड़ नहीं पाते थे फिजिकली तो वह सत्याग्रह से इसलिए अपने पैसे से लड़ सकते हैं अपने जो भी है दुश्मन है जो ब्रिटिश है उस टाइम उन से लड़ सकते थे बस बैठे बैठे और बिना अहिंसा बिना हिंसा करें और यह भी उनका मानना था कि जो प्रेशर थे जो लेटेस्ट है वह कितना भी दम लगा ले कितना भी पोस्ट कर ले आए थे टाइम इन वह थक जाएंगे अपना बैलेंस दिखा दे दिखाते पर जो अहिंसक थे जो सत्याग्रह फॉलो कर रहे थे वह कभी नहीं फेकेंगे क्योंकि वह अहिंसा का पाठ में चल रहे थे

satyagrah ka mul arth hai satya ke prati agrah satya ko pakadakar pakde rehna anyay ka savartha virodh karte hue anyay ke prati bhed bhavna rakhna satyagrah ka mul lakshan hai hamein satya ka palan karte hue nirbhayata purvak nritya ka varnan varnan karna chahiye aur marte marte bhi jiske viruddh satyagrah kar rahe hai uske prati bhedbhav ya krodh nahi karna chahiye satyagrah mein apne virodhi ke prati hinsa ke liye koi sthan nahi hai dhairya evam sahanubhuti se virodhi ko uski galti se mukt karna chahiye kyonki jo ek ko satya pratit hota hai wahi dusre ko galat dikhai de sakta hai mere hisab se gandhi ji ne isliye satyagrah ko chus kiya kyonki ve maante the ki hinsa hinsa hinsa se bada hai aur non violence violence se zyada badha force hai aur unka yah bhi mana tha jo in mein jo bhi the jo lad nahi paate the physically toh vaah satyagrah se isliye apne paise se lad sakte hai apne jo bhi hai dushman hai jo british hai us time un se lad sakte the bus baithe baithe aur bina ahinsa bina hinsa kare aur yah bhi unka manana tha ki jo pressure the jo latest hai vaah kitna bhi dum laga le kitna bhi post kar le aaye the time in vaah thak jaenge apna balance dikha de dikhate par jo ahinsak the jo satyagrah follow kar rahe the vaah kabhi nahi fekenge kyonki vaah ahinsa ka path mein chal rahe the

सत्याग्रह का मूल अर्थ है सत्य के प्रति आग्रह सत्य को पकड़कर पकड़े रहना अन्याय का सवर्था वि

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