क्या सभी सरकारी अफ़सरों इसी प्रकार वापिस प्रहार करना चाहिए अगर कोई राजनेता उनपे शारीरिक रूप से हमला करता है जैसा की कांग्रेस एमएलए आशा कुमारी के मामले में हुआ?...


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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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देखिए हम गलियों में भुने गए उस भारत में रहते हैं जहां अहिंसा चाहते थे लेकिन मैं यह भी कहूंगी कि आज का समय ऐसा नहीं जैसे गांधी जी ने कहा था कि अगर आपको एक थप्पड़ अब दूसरा गाल आगे कर दे क्योंकि वह सब काम ठीक से नहीं हुआ है तू अगर जो आशा कुमारी जी जो कांग्रेस की जो कार्य करता है अधिकारी को थप्पड़ मारा वह करते ही कलर वह बिल्कुल गलत था ऐसा करना शोभा नहीं देता मुझे लगता है कि वह अपने वादे के जो दम पर वह महिला अधिकारी को थप्पड़ मार उसके बदले में महिला अधिकारियों ने एकदम सही काम किया ताकि अनिता कुमारी को याद रहे कि वह किसी भी पुरुष या किसी भी महिला पर रोक नहीं जा सकती और सबसे पहले मानवता और इंसानियत आनी चाहिए वॉलपेपर है और कितना पॉलिटिकल है बड़ा में यह भी कहूंगी कि थप्पड़ आशा कुमारी काव्य महिला कॉन्स्टेबल का अभी और ऐसा भी नहीं है कि वह जो महिला कॉन्स्टेबल है वह खा कर दे सकती क्योंकि आज के समय में इतना पेशेंट तो किसी में होता नहीं है तो पर अगर फिर भी मैं बिल्कुल नहीं कहूंगी कि उस महिला कौन से बहुत थप्पड़ खा लेना चाहिए था बट अगर फिर भी मैं रुक जाती तो वह बड़ी ही बनती वह लोग और सम्मान करते लेकिन उन्होंने कुछ गलत भी नहीं किया उन्हें वापस थप्पड़ क्योंकि उनको जरूरत है याद दिलाना कि वह किसी पर भी अपने पॉलिटिकल वादे के दम पर रोक नहीं जा सकती

dekhiye hum galiyon mein bhune gaye us bharat mein rehte hain jaha ahinsa chahte the lekin main yah bhi kahungi ki aaj ka samay aisa nahi jaise gandhi ji ne kaha tha ki agar aapko ek thappad ab doosra gaal aage kar de kyonki vaah sab kaam theek se nahi hua hai tu agar jo asha kumari ji jo congress ki jo karya karta hai adhikari ko thappad mara vaah karte hi color vaah bilkul galat tha aisa karna shobha nahi deta mujhe lagta hai ki vaah apne waade ke jo dum par vaah mahila adhikari ko thappad maar uske badle mein mahila adhikaariyo ne ekdam sahi kaam kiya taki anita kumari ko yaad rahe ki vaah kisi bhi purush ya kisi bhi mahila par rok nahi ja sakti aur sabse pehle manavta aur insaniyat aani chahiye wallpaper hai aur kitna political hai bada mein yah bhi kahungi ki thappad asha kumari kavya mahila constable ka abhi aur aisa bhi nahi hai ki vaah jo mahila constable hai vaah kha kar de sakti kyonki aaj ke samay mein itna patient toh kisi mein hota nahi hai toh par agar phir bhi main bilkul nahi kahungi ki us mahila kaunsi bahut thappad kha lena chahiye tha but agar phir bhi main ruk jaati toh vaah badi hi banti vaah log aur sammaan karte lekin unhone kuch galat bhi nahi kiya unhe wapas thappad kyonki unko zarurat hai yaad dilana ki vaah kisi par bhi apne political waade ke dum par rok nahi ja sakti

देखिए हम गलियों में भुने गए उस भारत में रहते हैं जहां अहिंसा चाहते थे लेकिन मैं यह भी कहूं

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