आंतरिक ऑडिट के दौरान सीए के लेख के रूप में किन चीजों को सीखना चाहिए?...


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CA Vijay Agrawal

Chartered Accountant

2:42

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इंटरनल ऑडिट करते समय हमें क्या-क्या चीजें ध्यान में रखनी चाहिए तो उसके बारे में सबसे पहला मेरा यह राय है कि हमें सबसे पहले यह समझना चाहिए इंटरनल ऑडिट हम किसके लिए कर रहे हैं इंटरनल ऑडिट का हमारा जो परपज एवं मैनेजमेंट के लिए कर रहे हैं तो उसका परपज हमारा एक बिजनेस में जो कमियां हैं खामियां हैं वह हम उसके बारे में मैनेजमेंट को अवगत कराएं तो यह जो वैधानिक अंकेक्षण होता है उससे और इंटरनेट में यह दफनाने के बाद आने के ऑडिट जो होता है वह गवर्नमेंट की जो कंप्लेन सजाए गवर्नमेंट के लिए रूल्स रेगुलेशन अपोलो हो रानी और उनको देखते हुए कहा जाता हमारा मैन पुअर मैन पुअर क्या मैनेजमेंट जो चाह रहा था उसके साथ बिजनेस चल रहा है या क्या ऐसी कोई चीज है जिससे मैनेजमेंट को हम और बैटर कर सकते हैं तो इन सब चीजों को ध्यान में रखते हो मैं मैंने इंटरनल ऑडिट करना है तो सबसे पहले जो इंटरनेट में हमें उस बिजनेस के बारे में परखो नहीं पहुंच जरूरी है उस बिजनेस के बारे मैं अगर आपकी डीप नॉलेज नहीं होगी तो बहुत सारी चीजों को प्रोसेस को आप प्रॉपर्ली हैंडल नहीं कर पाओगे उसके बाद हमें उसके बिजनेस के हर स्टेप की नॉलेज होनी चाहिए जैसे उसका प्रोडक्शन माना इंटरनेट करना है फाइनेंस काउंटर लोड करना है इस पर चेक इंटरनेट करना है सर्विस सेक्टर का इंटरनेट करना तो इस तरीके अलग-अलग सेगमेंट है उन सब के बारे में और एक ऑडिट प्रोग्राम बनाना चाहिए ऑडिट प्रोग्राम बनाने का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि हम कोई चीज मिस नहीं करते अगर हम बिना आर्डर प्रोग्राम बनाए ऑडिट करते हैं तो हमसे कहीं ना कहीं कुछ स्टेप और कुछ प्रोसेस टूटने के चांस रहते हैं इसलिए हमें एक प्रोग्राम डिटेल ऑडिट प्रोग्राम बनाते हुए उसके बाद हमें ऑडिट करना चाहिए और ऑडिट करने के साथ-साथ हमारी ऑडिट वर्किंग फाइल जो वर्किंग पेपर की फाइल है वह बहुत सॉलिड होनी चाहिए क्योंकि आपकी जो भी फाइंडिंग से ऑडिट कि वह उनके लिए सपोर्टिंग होना बहुत जरूरी है तो सपोर्ट है अगर आप साथ में रख दूं तो आप की रिपोर्ट बहुत सॉलिड हो जाएगी इसके साथ-साथ हमें जो रिपोर्टिंग पार्टी हमारी ऑडिट का वह हमारा सॉलिड हमारी रिपोर्टिंग का पाठ इतना सॉलिड और अट्रैक्टिव होना चाहिए जिससे मैनेजमेंट को उसने कुछ इंटरेस्ट क्रिएटो मैंने लगे बाकी मैं अपने काम किया है और इसके लिए मारा प्रजेंटेशन हो आप प्रॉपर होना बहुत जरूरी प्रेजेंटेशन के साथ-साथ हमें यह भी बताना चाहिए कि अगर कोई गलती है कोई गलती निकली है तो उसका कैसे सुधार किया जा सकता है वह गलती क्यों हुई है उससे आगे फ्यूचर में कैसे बजाता जा सकता है तो हमें इस तरह की इंटरनेट की रिपोर्ट में सलामी देना चाहिए जिससे कि मैनेजमेंट उस इन आपके पॉइंट पर पूरा पर बर्पिंग कर सके जो

internal audit karte samay hamein kya kya cheezen dhyan mein rakhni chahiye toh uske bare mein sabse pehla mera yah rai hai ki hamein sabse pehle yah samajhna chahiye internal audit hum kiske liye kar rahe hain internal audit ka hamara jo purpose evam management ke liye kar rahe hain toh uska purpose hamara ek business mein jo kamiyan hain khamiyan hain vaah hum uske bare mein management ko avgat karaye toh yah jo vaidhyanik ankekshan hota hai usse aur internet mein yah dafnane ke baad aane ke audit jo hota hai vaah government ki jo complain sajaye government ke liye rules regulation appolo ho rani aur unko dekhte hue kaha jata hamara man poor man poor kya management jo chah raha tha uske saath business chal raha hai ya kya aisi koi cheez hai jisse management ko hum aur better kar sakte hain toh in sab chijon ko dhyan mein rakhte ho main maine internal audit karna hai toh sabse pehle jo internet mein hamein us business ke bare mein parkho nahi pohch zaroori hai us business ke bare main agar aapki deep knowledge nahi hogi toh bahut saree chijon ko process ko aap properly handle nahi kar paoge uske baad hamein uske business ke har step ki knowledge honi chahiye jaise uska production mana internet karna hai finance counter load karna hai is par check internet karna hai service sector ka internet karna toh is tarike alag alag Segment hai un sab ke bare mein aur ek audit program banana chahiye audit program banane ka sabse bada fayda yah hota hai ki hum koi cheez miss nahi karte agar hum bina order program banaye audit karte hain toh humse kahin na kahin kuch step aur kuch process tutne ke chance rehte hain isliye hamein ek program detail audit program banate hue uske baad hamein audit karna chahiye aur audit karne ke saath saath hamari audit working file jo working paper ki file hai vaah bahut solid honi chahiye kyonki aapki jo bhi Finding se audit ki vaah unke liye supporting hona bahut zaroori hai toh support hai agar aap saath mein rakh doon toh aap ki report bahut solid ho jayegi iske saath saath hamein jo reporting party hamari audit ka vaah hamara solid hamari reporting ka path itna solid aur attractive hona chahiye jisse management ko usne kuch interest krieto maine lage baki main apne kaam kiya hai aur iske liye mara prajenteshan ho aap proper hona bahut zaroori presentation ke saath saath hamein yah bhi bataana chahiye ki agar koi galti hai koi galti nikli hai toh uska kaise sudhaar kiya ja sakta hai vaah galti kyon hui hai usse aage future mein kaise bajata ja sakta hai toh hamein is tarah ki internet ki report mein salaami dena chahiye jisse ki management us in aapke point par pura par barping kar sake jo

इंटरनल ऑडिट करते समय हमें क्या-क्या चीजें ध्यान में रखनी चाहिए तो उसके बारे में सबसे पहला

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