मैं मनोचिकित्सा में अधिक कम्फ़्टर्बल और ओपन कैसे बन सकता हूँ?...


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Dr.Nisha Joshi

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मनोज कंफर्टेबल कैसे बन सकते तो मेडिटेशन कर भेजो

manoj Comfortable kaise ban sakte toh meditation kar bhejo

मनोज कंफर्टेबल कैसे बन सकते तो मेडिटेशन कर भेजो

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Raj Alampur

Psychologist and Career counsellor(मनोविज्ञानी और परामर्शदाता)

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Taanya Nagi

Founder & Facilitator, Holistic Healing Centre, New Delhi

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Ayushi Madaan

Clinical Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह और दो इतने दोनों का ही इक्वल कॉन्स्टिट्यूशन बोलूंगी कि एक तो साइकॉलजिस्ट का बहुत बड़ा हाथ है कि अगर पेशेंट है और वह खुलकर बात करना चाहता है तो कैसा है बंटी को मनोवैज्ञानिक चिकित्सक डे ताली अपने पेशेंट को उसको और रातों बिल्डिंग कितनी अच्छी करता है उसके साथ कितना फैमिली रहता है ताकि वह खुलकर अपने मन की बात कर सके हमारी ताई को किसने बोला जाता है कि आपको नॉन जजमेंटल होना चाहिए हमेशा अपने पेशेंट को लेकर कोई आपकी किसी और एटीट्यूड ही ओपिनिंग की वजह से आपको कोई इंप्रेशन नहीं बनाना चाहिए जो भी बता रहा है पेशंट आपको सुनना चाहिए रिकॉर्डिंग भी भेज देना चाहिए और अनकंडीशनल पॉजिटिव जुगाड़ जिसे हम कहते हैं कि पेशन कुछ भी कहे आपको गलत नहीं बोलना है आपको उल्टा नहीं बोलना है और जो बोल रहे हो क्या कर व्हाट्सएप करना है तो अगर और एक और साइकॉलजिस्ट रक्षा और वचन वार्निंग दे रहा है तो 50 क्वेश्चन तो रोटी कौन सी हेल्प कर देता है ताकि वह खुलकर बात कर सके दूसरा अगर हम टेंशन की बात करें तो पेशेंट को अगर खुलकर बात करनी है यह समझना बहुत जरूरी है कि वह पहले विश्वास करना पीके अपने घर पर पर क्योंकि कॉन्फिडेंस शालिनी मेंटेन अगर होगी अगर टाइप हो इसलिए बोल देगा कि नहीं जो बात आपसे कह रहे हैं वह चारदीवारी से बाहर नहीं जाएगी तो इन गारमेंट अगर ऐसे अच्छा मिलेगा तो अपने आप और जो पेशेंट है वह ट्रस्ट से अलग करता है और वह खुलकर बात करता था

yah aur do itne dono ka hi equal Constitution bolungi ki ek toh psychologist ka bahut bada hath hai ki agar patient hai aur vaah khulkar baat karna chahta hai toh kaisa hai bunty ko manovaigyanik chikitsak day tali apne patient ko usko aur raatoon building kitni achi karta hai uske saath kitna family rehta hai taki vaah khulkar apne man ki baat kar sake hamari taii ko kisne bola jata hai ki aapko non judgmental hona chahiye hamesha apne patient ko lekar koi aapki kisi aur attitude hi opining ki wajah se aapko koi impression nahi banana chahiye jo bhi bata raha hai patient aapko sunana chahiye recording bhi bhej dena chahiye aur unconditional positive jugaad jise hum kehte hain ki peshan kuch bhi kahe aapko galat nahi bolna hai aapko ulta nahi bolna hai aur jo bol rahe ho kya kar whatsapp karna hai toh agar aur ek aur psychologist raksha aur vachan warning de raha hai toh 50 question toh roti kaun si help kar deta hai taki vaah khulkar baat kar sake doosra agar hum tension ki baat kare toh patient ko agar khulkar baat karni hai yah samajhna bahut zaroori hai ki vaah pehle vishwas karna pk apne ghar par par kyonki confidence shalini maintain agar hogi agar type ho isliye bol dega ki nahi jo baat aapse keh rahe hain vaah chardivari se bahar nahi jayegi toh in garment agar aise accha milega toh apne aap aur jo patient hai vaah trust se alag karta hai aur vaah khulkar baat karta tha

यह और दो इतने दोनों का ही इक्वल कॉन्स्टिट्यूशन बोलूंगी कि एक तो साइकॉलजिस्ट का बहुत बड़ा ह

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Archana Chaudhary

Rehabilitation Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब किसी भी गलत है डीपी में साइकोथेरेपी में अगर जो जो भी व्यक्ति साइकोथेरेपी के लिए जा रहा है अगर उसका जो रेपो है यह समझकर से पेंशन अगर वह चिकित्सक के साथ अच्छे से लेकर जाते हो गई है और एक विश्वास उत्पन्न हो गया है तो मूर्ति काफी हद तक हेल्प कर पाती है

jab kisi bhi galat hai dipi mein psychotherapy mein agar jo jo bhi vyakti psychotherapy ke liye ja raha hai agar uska jo repo hai yah samajhkar se pension agar vaah chikitsak ke saath acche se lekar jaate ho gayi hai aur ek vishwas utpann ho gaya hai toh murti kaafi had tak help kar pati hai

जब किसी भी गलत है डीपी में साइकोथेरेपी में अगर जो जो भी व्यक्ति साइकोथेरेपी के लिए जा रहा

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Samridhi

Psychologist

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Dr. Vibha Singh

Clinical Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो भी व्यक्ति किसी मनोचिकित्सक के पास सलाह मशवरा करने या काउंसलिंग के लिए जा रहा है उसको यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि मनोचिकित्सक से अपनी सारी परेशानियां सारी बातें या सारी भावनाएं व्यक्त करनी चाहिए जैसे हम डॉक्टर के पास जाते हैं तो और डॉक्टर हमें हमारी पूछते हैं बीमारी के रूप में से जो जो सिम्टम्स महान कंफर्म करते हैं उसी का इलाज करते हैं इसी तरह मनोचिकित्सक के पास जाकर अपनी सारी परेशानियां अपने विचार व्यक्त करेंगे तभी वह आपकी अच्छी तरह से काउंसलिंग कर सकते हैं और अधिक कंफर्टेबल ओपन होने का एक यही तरीका है कि आप यह समझें कि आपके डॉक्टर आपको अपनी बीमारी का इलाज कराना है तो जब तक आप इमानदारी से उनको सब कुछ बता नहीं पाएंगे ऊपर नहीं हो पाएंगे तब तक वह भी गहराई में उतरकर आप का इलाज आपकी कौन सी नहीं कर पाएंगे तो यह जो उनके साथ कंफर्टेबल और ओपन होना यह तो आगे से भी इलाज किया किसी भी काउंसलिंग की शर्त है कि आप ईमानदारी से अपनी समस्याएं उनके साथ शेयर करें

jo bhi vyakti kisi manochikitsak ke paas salah mashwara karne ya kaunsaling ke liye ja raha hai usko yah baat dhyan mein rakhni chahiye ki manochikitsak se apni saree pareshaniya saree batein ya saree bhaavnaye vyakt karni chahiye jaise hum doctor ke paas jaate hai toh aur doctor hamein hamari poochhte hai bimari ke roop mein se jo jo Symptoms mahaan confirm karte hai usi ka ilaj karte hai isi tarah manochikitsak ke paas jaakar apni saree pareshaniya apne vichar vyakt karenge tabhi vaah aapki achi tarah se kaunsaling kar sakte hai aur adhik Comfortable open hone ka ek yahi tarika hai ki aap yah samajhe ki aapke doctor aapko apni bimari ka ilaj krana hai toh jab tak aap imaandari se unko sab kuch bata nahi payenge upar nahi ho payenge tab tak vaah bhi gehrai mein utarakar aap ka ilaj aapki kaun si nahi kar payenge toh yah jo unke saath Comfortable aur open hona yah toh aage se bhi ilaj kiya kisi bhi kaunsaling ki sart hai ki aap imaandaari se apni samasyaen unke saath share karen

जो भी व्यक्ति किसी मनोचिकित्सक के पास सलाह मशवरा करने या काउंसलिंग के लिए जा रहा है उसको य

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