आप यह कैसे सुनिश्चित कर सकते हैं कि जो लोग मानसिक बीमारियों का दावा करते हैं, वे इसे नहीं रोक सकते?...


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Karishma

Psychologist

2:20

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसा तो कोई होता नहीं है जिस वजह से जो लोग आपको यह बोल रहे हैं ना कि आपको मैं तो लिया क्या उसके पहले नॉलेज चेक करो कि उसको पूरी नॉलेज है कि नहीं पता रहता है कि मैडम को कहते हैं बाद में अगर मजाक में कह रहा है या फिर नाटक आपको भूख नहीं लगती है आप देखेंगे चलते रहते हो आप को नींद नहीं आती है प्रॉपर्ली जैसे टेंशन हो जाती है 1 दिन के लिए 1 महीने में 15 दिन या 1 महीने तक आपको नींद नहीं आती थी तो भूख नहीं लगती अब मैं चैन से डरते हो क्यों आता है कोई चीज को सोचकर आपके होश उड़ जाती है अब घंटे तक एक ही चीज को बार बारिश होती है और दुखी होते रहते हो ऑफिस में काम को करने में प्रॉब्लम हो रहा है या फिर आपकी मर्जी नहीं पा रहे हो एक ही चीज में रह जा रहे हो फिर आपके बॉडी में फैट और चक्कर आना ज्यादा दिन नींद नहीं आना भूख नहीं लगना प्यार नहीं लगता फिर ज्यादा नींद करो वह भी एक कॉमेडी देखनी चाहिए कितने दिनों तक आप यह चीजें कटिंग करते हो तुम और मैं समझ में आएगी नॉर्मल कुछ नहीं कर रहे हो सब कुछ किया तो पर हो रहा है कैसे होती है जो आपको प्रॉब्लम क्रिएट कर रही है और उसमें ज्यादा दुखी होना ज्यादा खुश होना या तो फिर वही होते हैं कभी-कभी आप बहुत खुश रहते हो कभी कभी उसके दिल को कोई भी चले फिर आप अपने आप में कुछ और होती हो 12 कुछ और दिखाने की तय करते हो किसी एक ही चीज को बार-बार करते रहना बार बार पूछते रहना ही सारी मंडली ने तो अपने बाप को दिखे जब आपको सोच लेना चाहिए कि आपकी दिमाग में कुछ गड़बड़ी

aisa toh koi hota nahi hai jis wajah se jo log aapko yeh bol rahe hain na ki aapko main toh liya kya uske pehle knowledge check karo ki usko puri knowledge hai ki nahi pata rehta hai ki madam ko kehte hain baad mein agar mazak mein keh raha hai ya phir natak aapko bhukh nahi lagti hai aap dekhenge chalte rehte ho aap ko neend nahi aati hai properly jaise tension ho jati hai 1 din ke liye 1 mahine mein 15 din ya 1 mahine tak aapko neend nahi aati thi toh bhukh nahi lagti ab main chain se darte ho kyon aata hai koi cheez ko sochkar aapke hosh ud jati hai ab ghante tak ek hi cheez ko baar barish hoti hai aur dukhi hote rehte ho office mein kaam ko karne mein problem ho raha hai ya phir aapki marji nahi pa rahe ho ek hi cheez mein reh ja rahe ho phir aapke body mein fat aur chakkar aana zyada din neend nahi aana bhukh nahi lagna pyar nahi lagta phir zyada neend karo wah bhi ek comedy dekhani chahiye kitne dinon tak aap yeh cheezen cutting karte ho tum aur main samajh mein aayegi normal kuch nahi kar rahe ho sab kuch kiya toh par ho raha hai kaise hoti hai jo aapko problem create kar rahi hai aur usme zyada dukhi hona zyada khush hona ya toh phir wahi hote hain kabhi kabhi aap bahut khush rehte ho kabhi kabhi uske dil ko koi bhi chale phir aap apne aap mein kuch aur hoti ho 12 kuch aur dikhane ki tay karte ho kisi ek hi cheez ko baar baar karte rehna baar baar poochhte rehna hi saree mandali ne toh apne baap ko dikhe jab aapko soch lena chahiye ki aapki dimag mein kuch gadbadi

ऐसा तो कोई होता नहीं है जिस वजह से जो लोग आपको यह बोल रहे हैं ना कि आपको मैं तो लिया क्या

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Luckypandey

Yoga Trainer

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मानसिक बीमारी यानी आप किसी बात को अपने दिमाग पर रख लेना उसी बात को बार-बार अपने ध्यान को केंद्रित खन्ना इससे बात मैं आपको एक टेंशन जैसी समस्या हो जाती है आपको चिंता सताने लगती है और दूसरी बात पर आप ज्यादा देर तक उसे गलत प्रक्रिया देने लगते हैं तो इसका तात्पर्य यह होगा कि हम जब किसी बात को अपने मस्तिष्क में भाव में चित्र में वह स्वरूप को धारण कर लेते हैं और उसी का बार-बार हम चिंतन करने लगते हैं तो वह हमारे संस्कार विद्वान हो जाता तो हमारी बुद्धि जो ऋतंभरा प्रज्ञा जैसी होनी चाहिए दर्शन योग दर्शन में जो बताया गया है कि जो ऋतंभरा प्रज्ञा होती है जो शुद्ध होती है उसमें ना आपको मन बुद्धि अहंकार यह जो हमारे अंदर विद्यमान है वह सब सच हो जाते हैं तो अपनी चित्र को निर्मल करिए चित्र जब हमारा निर्मल हो जाता है तो हमारी यह जो जो विभिन्न प्रकार की बीमारियां हमारे मानसिक अवसाद जैसी बन जाती है उसे दूर पाने के लिए आपको निरंतर भूलना होगा आपने पूरा जो आपने किया गलत किया कुछ आपको जो यूटिलाइज नहीं है उसको आप दिमाग से निकाल डिलीट कर दीजिए अगर आप सब संचय कर के रखे जाएंगे तो आपका ब्रेन हैंग हैंग होने लग जैसे एक मेमोरी कार्ड होता है जो बहुत ज्यादा उसमें लोड लोड हो जाता है उससे तादाद से ज्यादा तो हैंग हो जाता है और बहुत प्रोसेसिंग उसकी कम हो जाती है तो वैसे ही अपने आप को आप रखिए आपको जरूर आपको मानसिक बीमारी से आपको छुटकारा मिलेगा इसे बिल्कुल आप रोक सकते हैं जो हम बताएं वह आप जरूर कर

mansik bimari yani aap kisi baat ko apne dimag par rakh lena usi baat ko baar baar apne dhyan ko kendrit khanna isse baat main aapko ek tension jaisi samasya ho jati hai aapko chinta satane lagti hai aur dusri baat par aap zyada der tak use galat prakriya dene lagte hain toh iska tatparya yeh hoga ki hum jab kisi baat ko apne mastishk mein bhav mein chitra mein wah swaroop ko dharan kar lete hain aur usi ka baar baar hum chintan karne lagte hain toh wah hamare sanskar vidwan ho jata toh hamari buddhi jo ritambhara pragya jaisi honi chahiye darshan yog darshan mein jo bataya gaya hai ki jo ritambhara pragya hoti hai jo shudh hoti hai usme na aapko man buddhi ahankar yeh jo hamare andar vidyaman hai wah sab sach ho jaate hain toh apni chitra ko nirmal kariye chitra jab hamara nirmal ho jata hai toh hamari yeh jo jo vibhinn prakar ki bimariyan hamare mansik avasad jaisi ban jati hai use dur pane ke liye aapko nirantar bhoolna hoga aapne pura jo aapne kiya galat kiya kuch aapko jo utilize nahi hai usko aap dimag se nikaal delete kar dijiye agar aap sab sanchaya kar ke rakhe jaenge toh aapka brain hang hang hone lag jaise ek memory card hota hai jo bahut zyada usme load load ho jata hai usse tadad se zyada toh hang ho jata hai aur bahut processing uski kam ho jati hai toh waise hi apne aap ko aap rakhiye aapko zaroor aapko mansik bimari se aapko chhutkara milega ise bilkul aap rok sakte hain jo hum bataye wah aap zaroor kar

मानसिक बीमारी यानी आप किसी बात को अपने दिमाग पर रख लेना उसी बात को बार-बार अपने ध्यान को क

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