मानसिक स्वास्थ्य पेशेवर अपने मरीजों की कहानियों और स्वास्थ्य स्थितियों से कैसे प्रभावित नहीं होते हैं?...


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Dr Ravi Prakash

Psychiatrist

1:60

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नेशनल सिटी हम लोग इंसान ही है मौसम तो है हम लोगों से गुजरते हैं शुरुआती दौर में हम लोग जाते हैं तो कई बार ऐसा होता है कि पेशेंट का पर्सनल बात देश ने पेशेंट का उसके लाइफ की जो चिरालिटी जो है वह हमको भी अफेक्ट थे जब हम लोग सुनते हैं लेकिन धीरे-धीरे को चुनौती दे दी आप गिटार बजाना सीखे आता है जब आप किसी भी प्रॉब्लम को ऑब्जेक्टिव नहीं देखना चाहते आपका वहीं आ जाता है कि आप किसी भी प्रॉब्लम चाहे वह मेंटल हेल्थ क्या किसी भी चीज का शुभ हो आप उसको और 50 मीटर चार्ज करते व्यक्ति के पास सारी डिटेल ज्यादा कर पाते हैं और स्टेज से मतलब ऐसे नहीं आ सकता वह धीरे-धीरे करके प्रेक्टिस से आता है उसमें कोई विशेष बात नहीं है हम लोग भी इंसान हैं आप डाउनलोड करते हो जाते लेकिन हम लोग को यह बताया जाता है बाकायदा ट्रेन किया जाता है कि आप अपने आप को कैसे दूर रखें उस एहसास से जो आपके खींचने में इंटरफेयर करें वैसे ही जैसे सज्जन को 3:00 के हिसाब से दूर रहना बहुत जरूरी है जग्गू अपना सर्जरी करना है उसी तरीके से एक मैसेज प्रोफेशनल को पेशेंट के मेंटल हेल्थ ट्रेन से थोड़ी है अगर पॉजिटिव ट्रीटमेंट से करना चाहते हैं

national city hum log insaan hi hai mausam toh hai hum logo se gujarate hai shuruati daur mein hum log jaate hai toh kai baar aisa hota hai ki patient ka personal baat desh ne patient ka uske life ki jo chiraliti jo hai wah hamko bhi Affect the jab hum log sunte hai lekin dhire dhire ko chunauti de di aap guitar bajana sikhe aata hai jab aap kisi bhi problem ko objective nahi dekhna chahte aapka wahi aa jata hai ki aap kisi bhi problem chahe wah mental health kya kisi bhi cheez ka shubha ho aap usko aur 50 meter charge karte vyakti ke paas saree detail zyada kar paate hai aur stage se matlab aise nahi aa sakta wah dhire dhire karke practice se aata hai usme koi vishesh baat nahi hai hum log bhi insaan hai aap download karte ho jaate lekin hum log ko yeh bataya jata hai bakayada train kiya jata hai ki aap apne aap ko kaise dur rakhen us ehsaas se jo aapke kheenchne mein intarafeyar karein waise hi jaise sajjan ko 3:00 ke hisab se dur rehna bahut zaroori hai jaggoo apna surgery karna hai usi tarike se ek massage professional ko patient ke mental health train se thodi hai agar positive treatment se karna chahte hain

नेशनल सिटी हम लोग इंसान ही है मौसम तो है हम लोगों से गुजरते हैं शुरुआती दौर में हम लोग जात

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