कांग्रेस ने जीएसटी समान टैक्स की बनाई थी फिर इसमें अलग-अलग केटेगरी कहाँ से आ गई?...


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Salman Chamadiya

Consaltant (Tax, Account, Business, Trade)

3:42
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नमस्कार आपका प्रश्न में जीएसटी समान टैक्स जीएसटी समान टैक्स का मतलब क्या है मैं आपको बताता हूं कि जीएसटी आज भी सामान टैक्सी है क्योंकि आपको एक ही टैक्स पे करना है 1:00 सिस्टम तो हो ही गया आपका प्रश्न रेट के रिगार्डिंग है कि जीएसटी में अलग-अलग रेट क्यों है जीएसटी में देखिए एग्जाम प्रोडक्ट है जो टैक्स पर भी बोल सकते हैं फिर से 5 परसेंटेज परसेंटेज परसेंटेज परसेंटेज वह सब क्यों है तो मैं आपको बता रहा हूं कि 5% या 0% में जो प्रोडक्ट है वह क्या है वह है नेसेसरी प्रोडक्ट जो बिल्कुल जीवन जरूरी प्रोडक्ट है जैसे कि अनाज है आपको खाने के लिए दो चीज चाहिए जो आपको दिल्ली चाहिए वह है 20% मैक्सिमम क्या है मतलब मेडिसिंस है और कुछ कॉस्मेटिक भी है आयुर्वेदिक भी वह इसलिए 12% में कि वह आपको नेसेसरी के बाद चाहिए मत लीजिए नहीं तो तेरे से थोड़ा कम है 15% में क्या आएगा जो लग्जरी से थोड़ा कम है लेकिन अगर वह सीधा परचेस नहीं करोगे तो भी आप का लाइफस्टाइल सेम रहेगा और प्रसन्नता है लग्जरी गुड्स जिसको यूज ना करने से भी लाइफ में कोई फर्क नहीं पड़ता है और 28% में ज्यादातर वह चीजें हैं जिनका बजट बड़ा होता है वह लोग पढ़ते पढ़ते हैं जैसे बड़ी कार से एक्सयूवी कार से वह सब प्रसन्ना आज भी आती है टायर से हो सकता है कि वह जिसका बजट होगा वही है फोन कर पाएगा उसके बाद आएगा क्यों लगाया गया शिविर लगाया जो बिल्कुल ही अननेसेसरी है जैसे कि टोबैको है अल्कोहल है वह सारी प्रोडक्ट पर गवर्नमेंट मैसेज भी लगा दिया जिससे उसका कंज्यूम भी कम हो और वह लग्जरी प्रोडक्ट है तो उसका एक्सटेंडेड बना रहे और नर्सरी प्रोडक्ट जो हर देशवासी को चाहिए मजदूर से लेकर हर किसी को चाहिए वह है जिसे ऑयल है शुगर है तो उस पर गवर्नमेंट 5% करके मतलब हर प्रोडक्ट की कैटेगरी के हिसाब से टैक्स होता है गवर्नमेंट की पॉलिसी के हिसाब से टैक्स नहीं चलता है गवर्नमेंट भी यह चीज देती है कि कौन से प्रोडक्ट चाहिए कौन सी लग्जरी है उस हिसाब से टैक्स रेट क्या जाता है ऐसा कभी पॉसिबल नहीं हो सकता कि 1 टैक्स लगा दिया जाए क्योंकि आप सुधर पर 12% टैक्स लोगे तो मजदूर आदमी है जो गरीब आदमी है वह कहां पर जाएगा बताइए और अगर मान लीजिए कि आप कॉल पर 12% टैक्स होगा तो हाल कौन-कौन कंज्यूम करता है वैसे भी तो जिसके पास बजट बोलो गाल कॉल बंद कर रहे हैं वह लोग अच्छे सिगरेट कंज्यूम कर रहे हैं तुम लोगों को कोई टैक्स कम होगा तो उससे उनका कोई बेनिफिट नहीं है लेकिन मजदूरों को टेक्स्ट कम को उस हिसाब से कंपलसरी नेसेसरी प्रोडक्ट को 5% या 0% पर मेंटेन करना पड़ता है और जीएसटी का जो रेवन्यू है जो इनकम का रेशियो है वह भी उसका भी बैलेंस बना रहे इसलिए अलग अलग रखा गया कि नेसेसरी चीज का जो कुछ भी सेल्स होगा उस पर 20% आएगा अननेसेसरी का एम सॉरी और नेसेसरी प्रोडक्ट 5% फिक्स देगा नॉट कॉम्प्लिकेटेड है अभी भी अभी भी बहुत सारे व्यापारी उसमें परेशान हो रहे हैं बहुत सारे मुश्किल है जैसे कि आईटीसी की प्रॉब्लम है अब देखे पेनल्टी की प्रॉब्लम भी है आज की प्रॉब्लम है बहुत प्रॉब्लम में लोगों को नॉलेज नहीं है लेकिन उस चीज को एक-एक करके गवर्नमेंट जॉब कर रही है क्योंकि 135 करोड़ लोगों का यह देश है लोकशाही है यहां पर यहां पर कोई राजाशाही नहीं है कि ऑर्डर कर दिया और काम हो गया इसलिए गवर्नमेंट एक-एक करके हर मैटर को सॉल्व कर रही है नोट 4 टैक्स रेट है वह भी प्रॉब्लम कर रहे हैं उसको भी वह लोग कम करने की कोशिश कर रहे कैसे भी करके दो टेक्स्ट पर आ जाए या फिर कम से कम 3 टेक्स्ट बुक सलूशन होगा लेकिन उसमें अभी भी थोड़ा वक्त निकलेगा इसके अलावा कर आपको डिटेल से किसी भी तरह की जानकारी चाहिए तो मेरे प्रोफाइल पेज पर मेरे मोबाइल नंबर दिए गए जीएसटी के बारे में आपको किसी भी तरह की एडवाइजरी चाहिए तो आप मुझे कभी भी वर्किंग और उन्हें कॉल करके डिटेल ले सकते हैं धन्यवाद

namaskar aapka prashna me gst saman tax gst saman tax ka matlab kya hai main aapko batata hoon ki gst aaj bhi saamaan taxi hai kyonki aapko ek hi tax pe karna hai 1 00 system toh ho hi gaya aapka prashna rate ke regarding hai ki gst me alag alag rate kyon hai gst me dekhiye exam product hai jo tax par bhi bol sakte hain phir se 5 percentage percentage percentage percentage vaah sab kyon hai toh main aapko bata raha hoon ki 5 ya 0 me jo product hai vaah kya hai vaah hai necessary product jo bilkul jeevan zaroori product hai jaise ki anaaj hai aapko khane ke liye do cheez chahiye jo aapko delhi chahiye vaah hai 20 maximum kya hai matlab medisins hai aur kuch cosmetic bhi hai ayurvedic bhi vaah isliye 12 me ki vaah aapko necessary ke baad chahiye mat lijiye nahi toh tere se thoda kam hai 15 me kya aayega jo luxury se thoda kam hai lekin agar vaah seedha purchase nahi karoge toh bhi aap ka lifestyle same rahega aur prasannata hai luxury goods jisko use na karne se bhi life me koi fark nahi padta hai aur 28 me jyadatar vaah cheezen hain jinka budget bada hota hai vaah log padhte padhte hain jaise badi car se XUV car se vaah sab prasanna aaj bhi aati hai tyre se ho sakta hai ki vaah jiska budget hoga wahi hai phone kar payega uske baad aayega kyon lagaya gaya shivir lagaya jo bilkul hi unnecessary hai jaise ki tobaiko hai alcohol hai vaah saari product par government massage bhi laga diya jisse uska consume bhi kam ho aur vaah luxury product hai toh uska extended bana rahe aur nursery product jo har deshvasi ko chahiye majdur se lekar har kisi ko chahiye vaah hai jise oil hai sugar hai toh us par government 5 karke matlab har product ki category ke hisab se tax hota hai government ki policy ke hisab se tax nahi chalta hai government bhi yah cheez deti hai ki kaun se product chahiye kaun si luxury hai us hisab se tax rate kya jata hai aisa kabhi possible nahi ho sakta ki 1 tax laga diya jaaye kyonki aap sudhar par 12 tax loge toh majdur aadmi hai jo garib aadmi hai vaah kaha par jaega bataiye aur agar maan lijiye ki aap call par 12 tax hoga toh haal kaun kaun consume karta hai waise bhi toh jiske paas budget bolo gaal call band kar rahe hain vaah log acche cigarette consume kar rahe hain tum logo ko koi tax kam hoga toh usse unka koi benefit nahi hai lekin majduro ko text kam ko us hisab se compulsory necessary product ko 5 ya 0 par maintain karna padta hai aur gst ka jo revenue hai jo income ka ratio hai vaah bhi uska bhi balance bana rahe isliye alag alag rakha gaya ki necessary cheez ka jo kuch bhi sales hoga us par 20 aayega unnecessary ka M sorry aur necessary product 5 fix dega not complicated hai abhi bhi abhi bhi bahut saare vyapaari usme pareshan ho rahe hain bahut saare mushkil hai jaise ki ITC ki problem hai ab dekhe penalty ki problem bhi hai aaj ki problem hai bahut problem me logo ko knowledge nahi hai lekin us cheez ko ek ek karke government job kar rahi hai kyonki 135 crore logo ka yah desh hai lokshahi hai yahan par yahan par koi rajashahi nahi hai ki order kar diya aur kaam ho gaya isliye government ek ek karke har matter ko solve kar rahi hai note 4 tax rate hai vaah bhi problem kar rahe hain usko bhi vaah log kam karne ki koshish kar rahe kaise bhi karke do text par aa jaaye ya phir kam se kam 3 text book salution hoga lekin usme abhi bhi thoda waqt niklega iske alava kar aapko detail se kisi bhi tarah ki jaankari chahiye toh mere profile page par mere mobile number diye gaye gst ke bare me aapko kisi bhi tarah ki advisory chahiye toh aap mujhe kabhi bhi working aur unhe call karke detail le sakte hain dhanyavad

नमस्कार आपका प्रश्न में जीएसटी समान टैक्स जीएसटी समान टैक्स का मतलब क्या है मैं आपको बताता

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Shubham

Software Engineer in IBM

1:01

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राकेश जी जो आपने क्वेश्चन डाला है यह काफी अच्छा क्वेश्चन है और अगर मैं अपना उपन्यास में तो जो बीजेपी ने जीएसटी अभी लागू किया उस में टेक्स्ट बनाने के पीछे रीजन है उन्होंने प्रैक्टिस को चार या पांच लाइन में बांटा है उसके पीछे एक बड़ा रीजन है मान लो अगर टैक्स इसको एक ही रखा जाता मना एक कमेंट X रखा जाता तो अगर टेक्स्ट एकजुट X रखा जाता अगर वह बहुत कम रखते हैं तो प्राइसेस के दाम कम हो जाते हो वैसी बात लेकिन कुछ ऐसे प्राइसेस के दाम भी कम हो जाते हैं जो कि कम होना हमारे देश की इकॉनमी के लिए अच्छा नहीं है जैसे अल्कोहल हो गया ठीक है पेट्रोल-डीजल हो गया मालूम अल्कोहल की प्राइस कम हो गए तो लोग ज्यादा कंज्यूम करेंगे तो यह अच्छी बात नहीं है दूसरी पेट्रोल डीजल अगर इन चीजों के टैक्सी कम कर दिए गए तो लोग ज्यादा यूज करेंगे भारत वैसे भी पोलूशन बहुत ज्यादा है और फिर अगर तहसील कम हो गई तो पोलूशन ज्यादा ही होगा कम नहीं होगा बल्कि इसलिए उन्होंने कुछ चीजों को टैक्स टैक्स स्लैब में बांटा यह मेहंदी जाने मेरा ऐसा मानना है

rakesh ji jo aapne question dala hai yah kaafi accha question hai aur agar main apna upanyas mein toh jo bjp ne gst abhi laagu kiya us mein text banane ke peeche reason hai unhone practice ko char ya paanch line mein baata hai uske peeche ek bada reason hai maan lo agar tax isko ek hi rakha jata mana ek comment X rakha jata toh agar text ekjut X rakha jata agar vaah bahut kam rakhte hain toh praises ke daam kam ho jaate ho vaisi baat lekin kuch aise praises ke daam bhi kam ho jaate hain jo ki kam hona hamare desh ki economy ke liye accha nahi hai jaise alcohol ho gaya theek hai petrol diesel ho gaya maloom alcohol ki price kam ho gaye toh log zyada consume karenge toh yah achi baat nahi hai dusri petrol diesel agar in chijon ke taxi kam kar diye gaye toh log zyada use karenge bharat waise bhi pollution bahut zyada hai aur phir agar tehsil kam ho gayi toh pollution zyada hi hoga kam nahi hoga balki isliye unhone kuch chijon ko tax tax slab mein baata yah mehendi jaane mera aisa manana hai

राकेश जी जो आपने क्वेश्चन डाला है यह काफी अच्छा क्वेश्चन है और अगर मैं अपना उपन्यास में तो

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