ट्रिपल तलाक के उतार-चढ़ाव क्या है?...


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Neha S

UPSC कोच

0:59

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ट्रिपल तलाक का जो मामला है वह उत्तराखंड के काशीपुर की रहने वाले सायरा बानो ने जो पिछले साल सुप्रीम कोर्ट में अर्जी डार्कर के ट्रिपल तलाक और निकाह हलाला किचन की संवैधानिकता को चुनौती दी अब से यह मामला शुरू हो गया है उसके बाद इस मामले में बहुत ही टूट वाले बहुत सारे लोग उसके दिल में उतर कर रहा है उसके पैर में उतरने के साथ बहुत सारी आरतियां bf के पक्ष में लोगों ने उसके अगेंस्ट में लोगों ने बोला बहुत सारे ऐसे मुस्लिम लॉ फसल बोते मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की आर्टिकल 25 में धार्मिक परंपरा की बात है लेकिन पर्सनल लॉ में कोर्ट को धोखा देना नहीं चाहिए साथ में उन्होंने यह भी बोला कि पत्नी और जब निकाह होता है तो उसमें बोलते कि लड़का तीन तलाक नहीं जा सकता फिर 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने बच्चों को खारिज किया विंटर सेशन में ट्रिपल तलाक को पास किया गया है लोकसभा में अब राज्यसभा में इसकी शिक्षण की सुनवाई अब अब शुरू हुई है तो यह मामला बहुत ही दूर करते-करते आप यहां पर

triple talak ka jo maamla hai vaah uttarakhand ke kashipur ki rehne waale sayra bano ne jo pichle saal supreme court mein arji darker ke triple talak aur nikah Halala kitchen ki sanvaidhanikta ko chunauti di ab se yah maamla shuru ho gaya hai uske baad is mamle mein bahut hi toot waale bahut saare log uske dil mein utar kar raha hai uske pair mein utarane ke saath bahut saree aratiyan bf ke paksh mein logo ne uske against mein logo ne bola bahut saare aise muslim law fasal bote muslim personal law board ki article 25 mein dharmik parampara ki baat hai lekin personal law mein court ko dhokha dena nahi chahiye saath mein unhone yah bhi bola ki patni aur jab nikah hota hai toh usme bolte ki ladka teen talak nahi ja sakta phir 2017 mein supreme court ne baccho ko khareej kiya winter session mein triple talak ko paas kiya gaya hai lok sabha mein ab rajya sabha mein iski shikshan ki sunvai ab ab shuru hui hai toh yah maamla bahut hi dur karte karte aap yahan par

ट्रिपल तलाक का जो मामला है वह उत्तराखंड के काशीपुर की रहने वाले सायरा बानो ने जो पिछले साल

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

1:38
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी मैं आपके प्रश्न के बारे में बस इतना सा कहूंगा कि ट्रिपल तलाक के ऑप्शन डाउंस को तो नहीं बता सकता लेकिन मैं हारी जरूरत आ सकता हूं तो कल पल तलाक को खत्म होने से जिसको सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक घोषित कर दिया उसके बाद कानून लोकसभा में पास हो चुका है शायद आज हमें पास होगा तो बस मैं इतना जरूर कहूंगा कि हम जो महिलाओं पर स्पेशल मुस्लिम महिलाओं के तलाक तलाक के नाम पे जो अत्याचार किया जाता था कहीं ना कहीं उस पर पाबंदी लगेगी मैं यह तो नहीं कहता कि हंड्रेड परसेंट एकदम हो जाएगा लेकिन हां टू द सैटेनिक सुन मैं यह कह सकता हूं कि जिस तरह से एट्रोसिटी की जाती थी उसमें बहुत ज्यादा कमी है कि जिस तरह से एक बड़ी पनिशमेंट किसमें बात कही गई है तो मुझे लगता है वह जरूरी था इसका आना और जिस तरह से मुस्लिम मोहल्ला उन्होंने इस को एक रिलीजन का विषय बताए उन्होंने कहा कि ट्रिपल तलाक हमारी कुरान में हैं तो मुझे लगता है कि संविधान में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमारा देश है विधान की रिकॉर्डिंग चलकर किसी बड़े को रिलीज बुक के रिकॉर्डिंग नहीं चलेगा तो मुझे लगता है कि बहुत ही अच्छी चीज है और इसके बेनिफिट भी है मुझे नहीं लगता कि इसका कोई डिमेरिट होगी सारी मेरिट मेरिट ही है आशिकी तू बहुत अच्छा हुआ होना भी चाहिए था क्योंकि ट्रिपल तलाक खत्म होने से मुस्लिम महिलाओं को आजादी मिलेगी इसके अलावा अवेयरनेस लोगों में बहुत ज्यादा पढ़ी है जिस तरह से महिला के सामने निकल कर आई मुस्लिम महिलाएं सामने निकल कर आई उन्होंने इसका टेली विरोध किया मुस्लिम मौलाना उनके आगे जाकर इसका विरोध किया तो वह दिखाता है कि के लोगों में अविनाश बहुत बड़ी है

vicky main aapke prashna ke bare mein bus itna sa kahunga ki triple talak ke option dauns ko toh nahi bata sakta lekin main haari zarurat aa sakta hoon toh kal pal talak ko khatam hone se jisko supreme court ne asanvaidhanik ghoshit kar diya uske baad kanoon lok sabha mein paas ho chuka hai shayad aaj hamein paas hoga toh bus main itna zaroor kahunga ki hum jo mahilaon par special muslim mahilaon ke talak talak ke naam pe jo atyachar kiya jata tha kahin na kahin us par pabandi lagegi main yah toh nahi kahata ki hundred percent ekdam ho jaega lekin haan to the saitenik sun main yah keh sakta hoon ki jis tarah se etrositi ki jaati thi usme bahut zyada kami hai ki jis tarah se ek badi punishment kisme baat kahi gayi hai toh mujhe lagta hai vaah zaroori tha iska aana aur jis tarah se muslim mohalla unhone is ko ek religion ka vishay bataye unhone kaha ki triple talak hamari quraan mein hain toh mujhe lagta hai ki samvidhan mein supreme court ne kaha ki hamara desh hai vidhan ki recording chalkar kisi bade ko release book ke recording nahi chalega toh mujhe lagta hai ki bahut hi achi cheez hai aur iske benefit bhi hai mujhe nahi lagta ki iska koi demerit hogi saree merit merit hi hai aashiqui tu bahut accha hua hona bhi chahiye tha kyonki triple talak khatam hone se muslim mahilaon ko azadi milegi iske alava awareness logo mein bahut zyada padhi hai jis tarah se mahila ke saamne nikal kar I muslim mahilaye saamne nikal kar I unhone iska telly virodh kiya muslim maulana unke aage jaakar iska virodh kiya toh vaah dikhaata hai ki ke logo mein avinash bahut badi hai

विकी मैं आपके प्रश्न के बारे में बस इतना सा कहूंगा कि ट्रिपल तलाक के ऑप्शन डाउंस को तो नही

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:40
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अंकित चप्पल तालाब जो मुस्लिम महिलाओं के हित में एक फैसला है यह सायरा बानो नाम की एक महिला है काशीपुर से वह डॉक्टर है उनके पति ने उसे तलाक बोलकर उसे छोड़ दिया और उन्होंने कोर्ट के अंदर अर्जी दायर की और उसके बाद से इस मामले के ऊपर सरकार ने सोचना शुरु किया तो अब यह फैसला दिसंबर में यह बिल पास किया गया है और लोकसभा में तो इसे पास भी किया जा चुका है लेकिन ट्रिपल तलाक में क्या है राखी क्या है यह बिल क्या है कि जो मुस्लिम जो समाज है वहां ऐसा रूल है कि अगर कोई पति अपनी पत्नी को तीन बार तलाक बोल देगा चाहे वह लिखकर दे देगा चाहे वह कोई मैसेज भेज देगा तो वह तलाब मान लिया जाएगा जो हकीकत है गलत है लेकिन अब इस दिल के पास होने के बाद जो लोकसभा में पास किया गया है इसके बाद अगर कोई भी पति ऐसा करता मैं तो उस पर 3 साल की सजा और उसे अपनी पत्नी और बच्चों के लिए मुहावरा भी देना पड़ेगा क्योंकि बहुत अच्छी चीज है लेकिन उतार-चढ़ाव की बात करें तो मैं यह कहूंगा कि बहुत सारे पढ़े लिखे नेता इसके खिलाफ भी है और बहुत सारे अनपढ़ लोग इसको इसका स्वागत कर रहे हैं लेकिन ओवैसी साहब जो हमारे बारे में मेंबर है वह कह रहे हैं कि असंवैधानिक है और उसका मोटे है सिर्फ मुस्लिम मर्दों को जेल में भरना वही जो मुस्लिम पर्सनल बोर्ड है जो लोग बोर्ड है उसने भी इस का स्वागत किया और महिलाओं ने भी उसका काफी स्वागत किया और मुझे लगता है कि मोदी सरकार का बहुत ही बोलता भी है

ankit chappal taalab jo muslim mahilaon ke hit mein ek faisla hai yah sayra bano naam ki ek mahila hai kashipur se vaah doctor hai unke pati ne use talak bolkar use chod diya aur unhone court ke andar arji dayar ki aur uske baad se is mamle ke upar sarkar ne sochna shuru kiya toh ab yah faisla december mein yah bill paas kiya gaya hai aur lok sabha mein toh ise paas bhi kiya ja chuka hai lekin triple talak mein kya hai rakhi kya hai yah bill kya hai ki jo muslim jo samaj hai wahan aisa rule hai ki agar koi pati apni patni ko teen baar talak bol dega chahen vaah likhkar de dega chahen vaah koi massage bhej dega toh vaah talab maan liya jaega jo haqiqat hai galat hai lekin ab is dil ke paas hone ke baad jo lok sabha mein paas kiya gaya hai iske baad agar koi bhi pati aisa karta main toh us par 3 saal ki saza aur use apni patni aur baccho ke liye muhavara bhi dena padega kyonki bahut achi cheez hai lekin utar chadhav ki baat kare toh main yah kahunga ki bahut saare padhe likhe neta iske khilaf bhi hai aur bahut saare anpad log isko iska swaagat kar rahe hain lekin owaisi saheb jo hamare bare mein member hai vaah keh rahe hain ki asanvaidhanik hai aur uska mote hai sirf muslim mardon ko jail mein bharna wahi jo muslim personal board hai jo log board hai usne bhi is ka swaagat kiya aur mahilaon ne bhi uska kaafi swaagat kiya aur mujhe lagta hai ki modi sarkar ka bahut hi bolta bhi hai

अंकित चप्पल तालाब जो मुस्लिम महिलाओं के हित में एक फैसला है यह सायरा बानो नाम की एक महिला

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Anukrati

Journalism Graduate

1:16
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ट्रिपल तलाक पर मुस्लिम महिलाओं के लिए बनाया गया है विश्व भर में कई मुस्लिम कॉलेज ने तीन तलाक को गैर इस्लामिक घोषित किया है इन के अनुसार कुरान में इस तरह के तलाक का जिक्र नहीं है इससे स्त्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है केंद्र सरकार ने हाल ही में देश के सर्वोच्च न्यायालय में कहा है कि तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं की गरिमा और सामाजिक स्तर को ठेस पहुंचाता है साथ ही उन्हें वह मौलिक अधिकार भी नहीं मिल पाते हैं जिससे हमारे संविधान हमारे लिए लागू करता है विश्वभर कई इस्लामी विद्वानों द्वारा इस की खिलाफत हो रही है और कई देशों में इस तरह के तलाक पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है हमारे देश में इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा तीन तलाक को असंवैधानिक करार दिया गया है आज राज्यसभा में यह बिल पेश किया जाएगा मुझे लगता है कि इस बिल को पास होना चाहिए इससे मुस्लिम महिलाओं को बहुत फायदा होगा लाख के बाद आदमी अपनी बेटी की जिम्मेदारी नहीं लेता है महिलाएं पूरी जिंदगी इस घर में गुजार देती है कि कहीं उनका पति तीन तलाक लिंगभेद सभी महिलाओं को मुक्ति मिलेगी

triple talak par muslim mahilaon ke liye banaya gaya hai vishwa bhar mein kai muslim college ne teen talak ko gair islamic ghoshit kiya hai in ke anusaar quraan mein is tarah ke talak ka jikarr nahi hai isse sthreeyon ko kai tarah ki pareshaniyo ka samana karna padta hai kendra sarkar ne haal hi mein desh ke sarvoch nyayalaya mein kaha hai ki teen talak muslim mahilaon ki garima aur samajik sthar ko thes pohchta hai saath hi unhe vaah maulik adhikaar bhi nahi mil paate hai jisse hamare samvidhan hamare liye laagu karta hai vishwabhar kai islami vidvaano dwara is ki khilafat ho rahi hai aur kai deshon mein is tarah ke talak par puri tarah se pabandi laga di gayi hai hamare desh mein allahabad high court dwara teen talak ko asanvaidhanik karar diya gaya hai aaj rajya sabha mein yah bill pesh kiya jaega mujhe lagta hai ki is bill ko paas hona chahiye isse muslim mahilaon ko bahut fayda hoga lakh ke baad aadmi apni beti ki jimmedari nahi leta hai mahilaye puri zindagi is ghar mein gujar deti hai ki kahin unka pati teen talak lingabhed sabhi mahilaon ko mukti milegi

ट्रिपल तलाक पर मुस्लिम महिलाओं के लिए बनाया गया है विश्व भर में कई मुस्लिम कॉलेज ने तीन तल

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Bari khan

Practicing journalist

1:55
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ठीक है जब पहली बार जो अगस्त में फैसला आया था सुप्रीम कोर्ट का उस में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस ने कहा था कि जो तीन बार तलाक कहने का प्रावधान है इसे हम संविधान में बिल्कुल बात नहीं मानते अगर ऐसा कुछ होता है तो यह मानने नहीं है बिल्कुल अमान्य है जब सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है कि हम इसको मानने रखते ही नहीं है यह बात ही नहीं है तो फिर आप किस बात का कानून बना रहे हो मुझे यह समझ में नहीं आ रहा दूसरी बात अगर आप कानून बना भी रहे हो तो एंपावरमेंट के लिए आपस में मुआवजे का प्रावधान रखो आप कह रहे हो कि जो भी ट्रिपल तलाक देगा उसको 3 साल की सजा दी चाहिए मैं तो कहता हूं अगर आप पहली बात तो यह देखो अगर कोई मुस्लिम महिला है उसको हिंदुस्तान के कानून में उतने ही अधिकार है जो किसी और धर्म की महिलाओं को है अगर कोई ट्रिपल तलाक देता है तो उसको जो है सुप्रीम कोर्ट ने मांगने ही नहीं रखा है अब जो चीज मांगी नहीं है आप उसके ऊपर लेकर कानून बना रहे हो पहली बात हो गई दूसरी बात यह है कि अगर मुस्लिम महिलाओं की बात हो रही है तो सबसे पहले आप को यह भी देखना चाहिए कि हिंदुस्तान में और भी जितने धर्म की महिलाएं हैं जिनकी शादी हो गई है उनको तलाक नहीं दी गई है तकरीबन 22 23 लाख ऐसे लोग हैं जिसमें से दो लाख सिर्फ मुस्लिम महिलाएं हैं तो मुझे लगता है उन सब की भी फिकर करनी चाहिए गवर्नमेंट को और अगर आप देखेंगे यह किसी एक तरह से डोमिनेटिंग कानून बनाया गया है क्योंकि अगर आप किसी और कानून में देखोगे किसी और मजहब का अगर इंसान तलाक देता है तो उस को 1 साल की सजा मिलती है और अगर आप किसी मुसलमान की बात करते हो तो उसको आप सीधा 3 साल की सजा की बात करते हो तो जब आप कह रहे हो कि यह कानून है ही नहीं है यह मानना ही नहीं है तो फिर सजा आप किस बात की दे रहे हो तो बिल्कुल यह समझने वाली बात है थोड़ा सा और अध्ययन करने की जरूरत है आपको भी अगर आप थोड़ा सेटिंग में जाकर कोशिश करेंगे तो शायद आपको भी समझ में आएगा कि यह बिल्कुल गलत कानून बनाया गया

theek hai jab pehli baar jo august mein faisla aaya tha supreme court ka us mein supreme court ke justice ne kaha tha ki jo teen baar talak kehne ka pravadhan hai ise hum samvidhan mein bilkul baat nahi maante agar aisa kuch hota hai toh yah manne nahi hai bilkul amanya hai jab supreme court ne mana kar diya hai ki hum isko manne rakhte hi nahi hai yah baat hi nahi hai toh phir aap kis baat ka kanoon bana rahe ho mujhe yah samajh mein nahi aa raha dusri baat agar aap kanoon bana bhi rahe ho toh empowerment ke liye aapas mein muawaje ka pravadhan rakho aap keh rahe ho ki jo bhi triple talak dega usko 3 saal ki saza di chahiye main toh kahata hoon agar aap pehli baat toh yah dekho agar koi muslim mahila hai usko Hindustan ke kanoon mein utne hi adhikaar hai jo kisi aur dharm ki mahilaon ko hai agar koi triple talak deta hai toh usko jo hai supreme court ne mangne hi nahi rakha hai ab jo cheez maangi nahi hai aap uske upar lekar kanoon bana rahe ho pehli baat ho gayi dusri baat yah hai ki agar muslim mahilaon ki baat ho rahi hai toh sabse pehle aap ko yah bhi dekhna chahiye ki Hindustan mein aur bhi jitne dharm ki mahilaye hain jinki shadi ho gayi hai unko talak nahi di gayi hai takareeban 22 23 lakh aise log hain jisme se do lakh sirf muslim mahilaye hain toh mujhe lagta hai un sab ki bhi fikar karni chahiye government ko aur agar aap dekhenge yah kisi ek tarah se domineting kanoon banaya gaya hai kyonki agar aap kisi aur kanoon mein dekhoge kisi aur majhab ka agar insaan talak deta hai toh us ko 1 saal ki saza milti hai aur agar aap kisi muslim ki baat karte ho toh usko aap seedha 3 saal ki saza ki baat karte ho toh jab aap keh rahe ho ki yah kanoon hai hi nahi hai yah manana hi nahi hai toh phir saza aap kis baat ki de rahe ho toh bilkul yah samjhne wali baat hai thoda sa aur adhyayan karne ki zarurat hai aapko bhi agar aap thoda setting mein jaakar koshish karenge toh shayad aapko bhi samajh mein aayega ki yah bilkul galat kanoon banaya gaya

ठीक है जब पहली बार जो अगस्त में फैसला आया था सुप्रीम कोर्ट का उस में सुप्रीम कोर्ट के जस्ट

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