क्या बॉलीवुड को पैड मेन्स जैसी अधिक प्रेरणात्मक फिल्में बनाने की ज़रूरत है? क्यों?...


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Ravi Sharma

Advocate

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बॉलीवुड में जहां एक और बहुत ही घिसी पिटी और पुराने ढंग की फिल्में बनाई जाती हैं| वही मसाला फिल्म भी बनाई जाती हैं, जिनका कोई औचित्य आज के समय में नजर नहीं आता है| जिस प्रकार की फिल्में यूरोप के देशों में बनती है, व अमेरिका में बनती है, उस प्रकार की फिल्में शायद भारत में नहीं बनती है| तो इस प्रकार का जो एक नया दौर शुरु हुआ है, जिसमें बहुत ही प्रेरणात्मक और समाज सुधार से संबंधित फिल्में बनाई जा रही है| मैं उसका पूर्णत समर्थन करता हूं| विशेषकर जो ऐसा वर्ग है, जो पिछड़ा हुआ है, जिनको उतनी सुविधाएं नहीं मिल पा रही है, या एक प्रकार से महिलाओं के लिए प्रतिदिन की समस्याओं को उजागर करने वाली व उनका निदान प्रदान करने वाली से प्रेरणा लेने वाली जो फिल्में बन रही है, वह बनना बहुत ही आवश्यक है| समाज में फैली हुई विषमताओं व समस्याओं को उजागर करके, उनका निदान करके, उनका एक परमानेंट सलूशन जो भी होता है, वह प्रोवाइड करने वाली जो फिल्में है, उनका बनना आज के समय में बहुत आवश्यक हो चुका है| तो इस विषय में बहुत से फिल्मकार आगे बढ़ कर आ रहे हैं सरकार को चाहिए कि वह उनकी मदद करे उनकी फिल्में बनाने में क्योंकि करदाता के पैसे से अगर आप बड़े बड़े उद्योगपतियों के ऋण माफ कर सकते हैं| तो क्या आप करदाताओं के मनोरंजन का भी इंतजाम नहीं किया जाना चाहिए करदाताओं के पैसों से| यह ज्यादा अच्छा रहेगा, कि हमारे लिए फिल्में बनाने के लिए सरकार सहयोग करें, अगर वह सरकार ऋण दाताओं के ऋण जो लेकर बैठे हुए हैं, बड़े बड़े उद्योगपतियों का रण माफ कर सकती है|

bollywood mein jaha ek aur bahut hi ghisi PT aur purane dhang ki filme banai jaati hain wahi masala film bhi banai jaati hain jinka koi auchitya aaj ke samay mein nazar nahi aata hai jis prakar ki filme europe ke deshon mein banti hai va america mein banti hai us prakar ki filme shayad bharat mein nahi banti hai toh is prakar ka jo ek naya daur shuru hua hai jisme bahut hi prernatmak aur samaj sudhaar se sambandhit filme banai ja rahi hai main uska purnat samarthan karta hoon visheshkar jo aisa varg hai jo pichda hua hai jinako utani suvidhaen nahi mil paa rahi hai ya ek prakar se mahilaon ke liye pratidin ki samasyaon ko ujagar karne wali va unka nidan pradan karne wali se prerna lene wali jo filme ban rahi hai vaah banna bahut hi aavashyak hai samaj mein faili hui vishamataon va samasyaon ko ujagar karke unka nidan karke unka ek permanent salution jo bhi hota hai vaah provide karne wali jo filme hai unka banna aaj ke samay mein bahut aavashyak ho chuka hai toh is vishay mein bahut se filmakar aage badh kar aa rahe hain sarkar ko chahiye ki vaah unki madad kare unki filme banane mein kyonki kardata ke paise se agar aap bade bade udyogpatiyon ke rin maaf kar sakte hain toh kya aap kardataon ke manoranjan ka bhi intajam nahi kiya jana chahiye kardataon ke paison se yah zyada accha rahega ki hamare liye filme banane ke liye sarkar sahyog kare agar vaah sarkar rin dataon ke rin jo lekar baithe hue hain bade bade udyogpatiyon ka ran maaf kar sakti hai

बॉलीवुड में जहां एक और बहुत ही घिसी पिटी और पुराने ढंग की फिल्में बनाई जाती हैं| वही मसाला

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Suresh Jeswani

Life Coach

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी बिल्कुल बॉलीवुड को ब्रैडमैन जैसी इंस्पिरेशनल प्रेरणात्मक इनमें बनाने की जरूरत है कि जिसको मतलब बॉलीवुड की पहले तो रिच बहुत दूर तक है बहुत सारे लोगों तक ही पहुंचे तो इस प्रकार की फिल्में जब बनना शुरू होंगे तो जो यूथ है जो 9 युवकों को पता चलेगा कि कितनी सारी चीजें ऐसी है कि जो हम लोग कर सकते हैं बस हमारे अंदर वह चाहत होनी चाहिए कि हमको करके ही दिखाना है तो इसके लिए जरूरत है ऐसी चीजें बनने की

ji bilkul bollywood ko braidamain jaisi inspirational prernatmak inme banane ki zarurat hai ki jisko matlab bollywood ki pehle toh rich bahut dur tak hai bahut saare logo tak hi pahuche toh is prakar ki filme jab bana shuru honge toh jo youth hai jo 9 yuvakon ko pata chalega ki kitni saree cheezen aisi hai ki jo hum log kar sakte hain bus hamare andar vaah chahat honi chahiye ki hamko karke hi dikhana hai toh iske liye zarurat hai aisi cheezen banne ki

जी बिल्कुल बॉलीवुड को ब्रैडमैन जैसी इंस्पिरेशनल प्रेरणात्मक इनमें बनाने की जरूरत है कि जिस

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@satyam.20

Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गुड मॉर्निंग फ्रेंड्स आप का क्वेश्चन है क्या बॉलीवुड को पैडमैन से सीने बढ़ाने की जरूरत है और क्यों हां बॉलीवुड को पैडमैन जैसी फिल्में बनाने की जरूरत है इस फिल्म से हमारे समाज को बहुत ही प्रभावित करते हैं और ऐसे हमारे समाज का बहुत अच्छा फरक पड़ता है और सभी के अभी के अच्छे अच्छे विचार बन जाते हैं इसीलिए बॉलीवुड कॉम पैड मींस देसी अधिक प्रेरणात्मक में बढ़ाने की जरूरत है

good morning friends aap ka question hai kya bollywood ko padman se seene badhane ki zarurat hai aur kyon haan bollywood ko padman jaisi filme banane ki zarurat hai is film se hamare samaj ko bahut hi prabhavit karte hain aur aise hamare samaj ka bahut accha farak padta hai aur sabhi ke abhi ke acche acche vichar ban jaate hain isliye bollywood com pad means desi adhik prernatmak me badhane ki zarurat hai

गुड मॉर्निंग फ्रेंड्स आप का क्वेश्चन है क्या बॉलीवुड को पैडमैन से सीने बढ़ाने की जरूरत है

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Anjali D mahour

Student Of Final Year BA

1:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जाट आपका प्रश्न है क्या बॉलीवुड को पैडमैन जैसी अधिकरण आत्मक जुड़े बनाने की जरूरत है अगर है तो क्यों बनाना चाहूंगी पहले तो बनाने की अब जरूरत नहीं है और अगर बनाते भी है तो फिर मैं कंटेंट और ज्यादा बैटर लीजिए जिससे हमारे समाज को एक नया तरीका मिल सके सोचने का अदर वाइज बनाने की जरूरत नहीं है क्योंकि मैक्सिमम जी जो लोग हैं वह जो मूवी है से प्रेरित हैं तो आगे जाकर मुझे नहीं लगता जरूरत पड़ेगी क्योंकि हंड्रेड में से 99.9% लोग इस बात को समझ चुके हैं जो कि इस मूवी के द्वारा समझाने के लेखक जो भी है राइटर कोशिश करता हूं समझ चुके हैं अगर बनाते हैं तो बना ही क्योंकि कुछ लोग ऐसे हैं जिनको चीजें देखने के बाद भी नहीं समझ आती है मैसेज का मजाक उड़ाते हैं तो उसकी अकॉर्डिंग बनाने के बाद अगर कुछ समझदार लोगों का अगर हम नजरिया लेंगे तो हमें जरूरत नहीं है

jaat aapka prashna hai kya bollywood ko padman jaisi adhikaran aatmkatha jude banane ki zarurat hai agar hai toh kyon banana chahungi pehle toh banane ki ab zarurat nahi hai aur agar banate bhi hai toh phir main content aur zyada better lijiye jisse hamare samaj ko ek naya tarika mil sake sochne ka other wise banane ki zarurat nahi hai kyonki maximum ji jo log hain vaah jo movie hai se prerit hain toh aage jaakar mujhe nahi lagta zarurat padegi kyonki hundred me se 99 9 log is baat ko samajh chuke hain jo ki is movie ke dwara samjhane ke lekhak jo bhi hai writer koshish karta hoon samajh chuke hain agar banate hain toh bana hi kyonki kuch log aise hain jinako cheezen dekhne ke baad bhi nahi samajh aati hai massage ka mazak udate hain toh uski according banane ke baad agar kuch samajhdar logo ka agar hum najariya lenge toh hamein zarurat nahi hai

जाट आपका प्रश्न है क्या बॉलीवुड को पैडमैन जैसी अधिकरण आत्मक जुड़े बनाने की जरूरत है अगर है

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सही है

ड्राइवर करते हैं

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पहले वाले फिल्म में भारतीय में जो फिल्म बनता था पुराना सुनाइए और अभी के टाइम में फिल्म में बहुत अंतर है पहले स्क्विजर कपड़ा पहन के निकलती थी दिखने में तो अच्छी लगती थी अभी के तेल में जो है यह पूरा समाज को गंदा कर रहा आज की ट्रेन का फिल्म इसमें सुधार लाएं

pehle waale film mein bharatiya mein jo film banta tha purana sunaiye aur abhi ke time mein film mein bahut antar hai pehle skwijar kapda pahan ke nikalti thi dikhne mein toh achi lagti thi abhi ke tel mein jo hai yah pura samaj ko ganda kar raha aaj ki train ka film isme sudhaar layen

पहले वाले फिल्म में भारतीय में जो फिल्म बनता था पुराना सुनाइए और अभी के टाइम में फिल्म में

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए आज के समय में ही फिल्मी ही है जो भारत में एक बहुत बड़ा जरिया है कम्युनिकेशन का एक बहुत बड़ा मींस ऑफ कम्युनिकेशन है और बहुत सारे लोग फिल्में देखते हैं और उनसे इंस्पायर भी होते हैं तुझे पैडमैन जैसी मूवीस हमारे सिनेमा में बनाई जा रही है तो यह बहुत अच्छा मोटे है कि जो ग्राउंड रियालिटी सर जो सच्चाई हमारे देश की वह लोगों के सामने ताकी हमारे देश के प्रथम एंड के लिए काम किया जा सके लेकिन मैं किसी मूवीस के अगेंस्ट नहीं हो लेकिन मुझे लगता है कि जो कुछ ऐसी मूवीस होता है जिसमें सबकुछ अच्छा अच्छा ही दिखाया जाता है हीरो हीरोइन के पीछे भागता है रास्ता उसे मैं शादी और मूवी खत्म हो जाती कुछ गानों के साथ किस ससस एंटरटेनमेंट हो सकते को किसी कुछ टाइम के लिए आपके दिमाग पर यह कोई साथ नहीं छोड़ती और आप उससे कुछ बेहतर करने का सोचते भी नहीं तुझे अपार्टमेंट जैसी मूवी या फिर टॉयलेट एक प्रेम कथा ऐसी मूवी साथिया कांसेप्ट चाहते हैं तुम लोगों का दिमाग थोड़ी देर के लिए जरूर एक बार हिल जाता है और कुछ लोग ऐसे होते हैं जो उस उस समय में कुछ ना कुछ करने की ठान लेते हैं तुम्हें सर्वोच्च आऊंगी की ऐसी मूवीस भविष्य में आए और लोगों से देखें और सच में हमारे देश में बदलाव हो जैसे कि मूवीस में कहते हैं कि हम जब तक अच्छा एंड नो तब तक मूवी खत्म नहीं हुई तो जरुर जाओगे किस देश कि वह एक अच्छे एंडिंग के साथ ही कोई भी प्रॉब्लम का सलूशन निकले

dekhiye aaj ke samay mein hi filmy hi hai jo bharat mein ek bahut bada zariya hai communication ka ek bahut bada means of communication hai aur bahut saare log filme dekhte hain aur unse Inspire bhi hote hain tujhe padman jaisi Movies hamare cinema mein banai ja rahi hai toh yah bahut accha mote hai ki jo ground reality sir jo sacchai hamare desh ki vaah logo ke saamne taaki hamare desh ke pratham and ke liye kaam kiya ja sake lekin main kisi Movies ke against nahi ho lekin mujhe lagta hai ki jo kuch aisi Movies hota hai jisme sabkuch accha accha hi dikhaya jata hai hero heroine ke peeche bhagta hai rasta use main shadi aur movie khatam ho jaati kuch gaano ke saath kis sasas Entertainment ho sakte ko kisi kuch time ke liye aapke dimag par yah koi saath nahi chhodatee aur aap usse kuch behtar karne ka sochte bhi nahi tujhe apartment jaisi movie ya phir toilet ek prem katha aisi movie sathiya concept chahte hain tum logo ka dimag thodi der ke liye zaroor ek baar hil jata hai aur kuch log aise hote hain jo us us samay mein kuch na kuch karne ki than lete hain tumhe sarvoch aaungi ki aisi Movies bhavishya mein aaye aur logo se dekhen aur sach mein hamare desh mein badlav ho jaise ki Movies mein kehte hain ki hum jab tak accha and no tab tak movie khatam nahi hui toh zaroor jaoge kis desh ki vaah ek acche ending ke saath hi koi bhi problem ka salution nikle

देखिए आज के समय में ही फिल्मी ही है जो भारत में एक बहुत बड़ा जरिया है कम्युनिकेशन का एक बह

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Ridhima

Mass Communications Student

0:59
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बॉलीवुड के लिए 5 घंटे से अधिक प्रेरणा ते फिल्म बनाना बहुत जरूरी हो गई है स्पेशली आजकल की सेंचुरी पर आप देखो तो इंसान जो सिटीजन सीनियर सिटीजन से वह टमाटर सॉस को रोल मॉडल सपना समझते हैं और उनके और देखा देखी बहुत जन करते हैं कि ताकि वह उनके जैसा बन सके और जब एक्टर ऐसी फिल्में बनाते हैं जो प्रेरणा तक है तो सिटीजन से इंस्पायर होकर वैसा ही कदम लेते हैं जो भारत की जो देश की डेवलपमेंट में काम आता है और यह भी बात की फिल्में पहले तो सिर्फ इंटरटेनमेंट के लिए बनती थी और आज कल फिल्म एजुकेट करती है अगर करती है और इन्फॉर्म करती है सेटिंग्स को अजब सिटीजंस ऐसे फिल्में देखते हैं तो वह और यह सब जो भी प्रॉब्लम से सोशल इश्यूज है उसके बारे में इंफॉर्मेशन और वह भी ट्राई करते हैं कि हम इसका सलूशन कैसे निकाले

bollywood ke liye 5 ghante se adhik prerna te film banana bahut zaroori ho gayi hai speshli aajkal ki century par aap dekho toh insaan jo citizen senior citizen se vaah tamatar sauce ko roll model sapna samajhte hain aur unke aur dekha dekhi bahut jan karte hain ki taki vaah unke jaisa ban sake aur jab actor aisi filme banate hain jo prerna tak hai toh citizen se Inspire hokar waisa hi kadam lete hain jo bharat ki jo desh ki development mein kaam aata hai aur yah bhi baat ki filme pehle toh sirf entertainment ke liye banti thi aur aaj kal film educate karti hai agar karti hai aur inform karti hai settings ko ajab sitijans aise filme dekhte hain toh vaah aur yah sab jo bhi problem se social issues hai uske bare mein information aur vaah bhi try karte hain ki hum iska salution kaise nikale

बॉलीवुड के लिए 5 घंटे से अधिक प्रेरणा ते फिल्म बनाना बहुत जरूरी हो गई है स्पेशली आजकल की स

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भेजो पैडमैन का मूवी है वह बहुत ही अच्छी मूवी है हमारा देश के महिलाओं के लिए तुझे ऐसा मूवी बनाना चाहिए और क्योंकि लोगों को पता चले जो एक से होता क्या है तो मुझे लगता है कहीं ना कहीं यह बहुत विजिटेशन मूवी है इसमें शर्माने का कोई जरूरत नहीं है अक्षय कुमार ने बहुत अच्छा मूवी बनाएं

bhejo padman ka movie hai vaah bahut hi achi movie hai hamara desh ke mahilaon ke liye tujhe aisa movie banana chahiye aur kyonki logo ko pata chale jo ek se hota kya hai toh mujhe lagta hai kahin na kahin yah bahut vegetation movie hai isme sharmane ka koi zarurat nahi hai akshay kumar ne bahut accha movie banaye

भेजो पैडमैन का मूवी है वह बहुत ही अच्छी मूवी है हमारा देश के महिलाओं के लिए तुझे ऐसा मूवी

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी हां मेरे ख्याल से बॉलीवुड को पेगनेंट जैसी अधिक प्रेरणात्मक फिल्में बनाने की जरूरत है और बहुत ज्यादा जरूरत है क्योंकि यह जब तक हम लोग किसी भी चीज को गलत समझ कर उसके बारे में बात नहीं करेंगे उस से बचते करेंगे तब तक वह चीज सामने नहीं आएगी और हम सब उसे साक्षात्कार नहीं कर पाएंगे और जैसा कि अपार्टमेंट में लड़कियों की मेट्रो लाइन के बारे में बताया गया है और खुद अक्षय कुमार उसको करके दिखाते हैं तो इससे जोस्टिक मेंस्ट्रुअल हाइजीन के ऊपर लगा हुआ है जिसकी वजह से लड़कियां इसके बारे में बात नहीं कर सकती इसके बारे में छुपा के रखती हैं यह सब चीजें थोड़ी दूर होगी और लड़कियां खुलकर उसके बारे में बात कर पाएंगे और नेशनल है जिनकी वजह से कई साल कई सारी लड़कियों की मृत्यु भी हो जाती रिंकू आप X नहीं यूज करने को मिल पाते हैं तो मेरे हिसाब से बॉलीवुड को इन सब चीजों में जरूर उन्नति करनी चाहिए और इन सब चीजों के बारे में मूवीस बनाने ताकि लोगों के लोगों की सोच इस चीज के ऊपर बड़े

ji haan mere khayal se bollywood ko pegnent jaisi adhik prernatmak filme banane ki zarurat hai aur bahut zyada zarurat hai kyonki yah jab tak hum log kisi bhi cheez ko galat samajh kar uske bare mein baat nahi karenge us se bachte karenge tab tak vaah cheez saamne nahi aayegi aur hum sab use sakshatkar nahi kar payenge aur jaisa ki apartment mein ladkiyon ki metro line ke bare mein bataya gaya hai aur khud akshay kumar usko karke dikhate hain toh isse jostik menstrual hygiene ke upar laga hua hai jiski wajah se ladkiyan iske bare mein baat nahi kar sakti iske bare mein chupa ke rakhti hain yah sab cheezen thodi dur hogi aur ladkiyan khulkar uske bare mein baat kar payenge aur national hai jinki wajah se kai saal kai saree ladkiyon ki mrityu bhi ho jaati rinku aap X nahi use karne ko mil paate hain toh mere hisab se bollywood ko in sab chijon mein zaroor unnati karni chahiye aur in sab chijon ke bare mein Movies banane taki logo ke logo ki soch is cheez ke upar bade

जी हां मेरे ख्याल से बॉलीवुड को पेगनेंट जैसी अधिक प्रेरणात्मक फिल्में बनाने की जरूरत है और

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भैया जी हां मैं बिल्कुल समझ पाओगी बॉलीवुड को जो है वह पैडमैन जैसी अधिक प्रेरणात्मक फिल्में बनाने की जरूरत है क्योंकि लोग जो है वह फिल्मों को बहुत देखते हैं उनके बारे में जो मोटिवेशन फिल्म हूं पहली बार बनेगी ऐसा बॉलीवुड में बनते आ रहा है जैसे 3 Idiots हुआ भाग मिका भाग हुआ पान सिंह तोमर हुआ मैरी कॉम हुआ तो ऐसी फ़िल्में जो है वह बनती आ रहे हैं और ऐसी बनती रहेंगे डिपार्टमेंट भी एक बहुत ही अच्छी मूवी है जिसमें जो इनोवेशन के बारे में हमको पता चले जो सेनेटरी पैड्स लेडीस के बनाए जाते कैसे एक आदमी ने जो है उसको एनोवेट किया जो बहुत ही गरीब घर से था मुझसे सच्चे सेनेटरी पैड जो है वह लेडीस गले बनाना शुरु किया तो मैं समझ चुकी एक्सेस को बहुत मोटिवेट करेगा और उन लोगों को भी जो है अपना दिमाग खोलने का और अच्छे सोचने का मौका

bhaiya ji haan main bilkul samajh paogi bollywood ko jo hai vaah padman jaisi adhik prernatmak filme banane ki zarurat hai kyonki log jo hai vaah filmo ko bahut dekhte hain unke bare mein jo motivation film hoon pehli baar banegi aisa bollywood mein bante aa raha hai jaise 3 Idiots hua bhag mika bhag hua pan Singh tomar hua marry com hua toh aisi filme jo hai vaah banti aa rahe hain aur aisi banti rahenge department bhi ek bahut hi achi movie hai jisme jo innovation ke bare mein hamko pata chale jo sanitary pads ladies ke banaye jaate kaise ek aadmi ne jo hai usko enovet kiya jo bahut hi garib ghar se tha mujhse sacche sanitary pad jo hai vaah ladies gale banana shuru kiya toh main samajh chuki access ko bahut motivate karega aur un logo ko bhi jo hai apna dimag kholne ka aur acche sochne ka mauka

भैया जी हां मैं बिल्कुल समझ पाओगी बॉलीवुड को जो है वह पैडमैन जैसी अधिक प्रेरणात्मक फिल्में

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Sameer Tripathy

Political Critic

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Hhhgnbhh

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जैसे की हम जानते हैं कि मूवीस होगी जैसे चक दे इंडिया या ऐसी जो मूवीस होती है यह बहुत ज्यादा हमे प्रभावित करती है l मूवीस बच्चों तक को इंस्पिरेशन करती है l मुझे याद आते मैंने चक दे इंडिया देखी थी मैं फिफ्थ या सिक्स्थ क्लास में हूं मैं और मेरे को काफी ज्यादा इंस्पिरेशनल लगी जो मैंने अगले आनेवाले एग्जाम में बहुत मेहनत करी थी क्योंकि मेरे को भी कुछ करके दिखाना था l तो ऐसी मूवी नहीं केवल बड़ों को पर छोटे-छोटे बच्चों को भी बहुत उत्साह दिलवा दी है l अब अगर हमें चाहिए कि हमारा भारत का फ्यूचर अच्छा हो तो ऐसी मूवीस बनती रहनी चाहिए ताकि १-१ पॉइंट पर बच्चों को इस वैल्यूज समझ में आए lबड़ों को पता चले इंस्पिरेशन मूवीस बहुत जरूरी हैl आजकल देखा जाए तो जो मूवीस बन रही है उसे इंटरटेनमेंट पर्पस के लिए ही रह गई है l जहां पर सिर्फ इंटरटेनमेंट के लिए बिना कोई ढंग की स्टोरियां बिना कोई ढंग के प्लॉट के आजकल मूवीस बन रही है l उनकी वजह अगर ऐसी कोई मूवी आती है तो जो हमारे बड़े भी हैं और दो छोटे भी हैं उन दोनों को ही देखने में काफी मजा आएगा और ऐसी मूवीस नहीं केवल सिर्फ हमारा इंटरटेनमेंट पर्पस के लिए अच्छी होती है बल्कि यह जो मूवीस होती है हमारे जीवन पर भी प्रभाव डालती हैं और यह अपनी छाप काफी सालों तक छोड़ जाती है l जैसे कि अगर हम चक दे इंडिया की बात कर ले तो आज इतने साल हो गए हैं पर अगर अभी भी मेरे दिमाग में इंस्पिरेशनल सुनते ही प्रेरणात्मक सुनते ही पहला नाम चक दे इंडिया का है क्यूंकि उसने मेरे को बहुत ज्यादा और मेरी लाइफ में प्रभाव डाला l तो ऐसी ही ऐसी मूवीस होती है अगर हम पेद्मैन वगैरा की बात करें तो यह मूवीस बनते रहना चाहिए ताकि यह हमारी तरह लोगों के जीवन पर प्रभाव डाल कर उनका फायदा करा कुछ फायदा हो सके l

jaise ki hum jante hain ki Movies hogi jaise chak de india ya aisi jo Movies hoti hai yah bahut zyada hume prabhavit karti hai l Movies baccho tak ko Inspiration karti hai l mujhe yaad aate maine chak de india dekhi thi main fifth ya sixth class mein hoon main aur mere ko kaafi zyada inspirational lagi jo maine agle anewale exam mein bahut mehnat kari thi kyonki mere ko bhi kuch karke dikhana tha l toh aisi movie nahi keval badon ko par chote chhote baccho ko bhi bahut utsaah dilwa di hai l ab agar hamein chahiye ki hamara bharat ka future accha ho toh aisi Movies banti rehni chahiye taki 1 1 point par baccho ko is values samajh mein aaye badon ko pata chale Inspiration Movies bahut zaroori hai aajkal dekha jaaye toh jo Movies ban rahi hai use entertainment purpose ke liye hi reh gayi hai l jaha par sirf entertainment ke liye bina koi dhang ki storiyan bina koi dhang ke plot ke aajkal Movies ban rahi hai l unki wajah agar aisi koi movie aati hai toh jo hamare bade bhi hain aur do chote bhi hain un dono ko hi dekhne mein kaafi maza aayega aur aisi Movies nahi keval sirf hamara entertainment purpose ke liye achi hoti hai balki yah jo Movies hoti hai hamare jeevan par bhi prabhav daalti hain aur yah apni chhaap kaafi salon tak chod jaati hai l jaise ki agar hum chak de india ki baat kar le toh aaj itne saal ho gaye hain par agar abhi bhi mere dimag mein inspirational sunte hi prernatmak sunte hi pehla naam chak de india ka hai kyunki usne mere ko bahut zyada aur meri life mein prabhav dala l toh aisi hi aisi Movies hoti hai agar hum pedmain vagera ki baat kare toh yah Movies bante rehna chahiye taki yah hamari tarah logo ke jeevan par prabhav daal kar unka fayda kara kuch fayda ho sake l

जैसे की हम जानते हैं कि मूवीस होगी जैसे चक दे इंडिया या ऐसी जो मूवीस होती है यह बहुत ज्याद

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Bhaskar Saurabh

Politics Follower | Engineer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बॉलीवुड को ज्यादा से ज्यादा ऐसी मूवी का निर्माण करना चाहिए जिसका ऑन लोगों पर एक सकारात्मक प्रभाव पड़े उन्हें कुछ प्रेरणा मिले जैसे कि आजकल हम लोग देखते हैं कि ज्यादातर मूवीस ऐसी होती है जो कि इन लोगों को बस एंटरटेन करती है और लेकिन उसमें कोई खास कोई संदेश नहीं होता है तो अगर अक्षय कुमार की यह मूवी पैडमैन जो आ रही है आप लोगों को काफी प्रभावित करेगी और एक जो यह मूवी बनी है वह रियल लाइफ पर बनी है आज जिनका नाम है अरुणाचलम इन्होंने महिलाओं के लिए सेनेटरी पैड का निर्माण कम दामों में किया और इसके फायदे भी गरीब महिलाओं या फिर ग्रामीण महिलाओं को बताए तो बॉलीवुड को ध्यान देना चाहिए की मूवीस जो है वह लोगों तक पहुंचने का एक बहुत बढ़िया माध्यम है और इसके जरिए लोगों को तक अच्छी चीजें या फिर कुछ सकारात्मक संदेश पहुंचाया जा सकता है

bollywood ko zyada se zyada aisi movie ka nirmaan karna chahiye jiska on logo par ek sakaratmak prabhav pade unhe kuch prerna mile jaise ki aajkal hum log dekhte hain ki jyadatar Movies aisi hoti hai jo ki in logo ko bus entertain karti hai aur lekin usme koi khaas koi sandesh nahi hota hai toh agar akshay kumar ki yah movie padman jo aa rahi hai aap logo ko kaafi prabhavit karegi aur ek jo yah movie bani hai vaah real life par bani hai aaj jinka naam hai arunachalam inhone mahilaon ke liye sanitary pad ka nirmaan kam daamo mein kiya aur iske fayde bhi garib mahilaon ya phir gramin mahilaon ko bataye toh bollywood ko dhyan dena chahiye ki Movies jo hai vaah logo tak pahuchne ka ek bahut badhiya madhyam hai aur iske jariye logo ko tak achi cheezen ya phir kuch sakaratmak sandesh pahunchaya ja sakta hai

बॉलीवुड को ज्यादा से ज्यादा ऐसी मूवी का निर्माण करना चाहिए जिसका ऑन लोगों पर एक सकारात्मक

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