ध्यान (मेडिटेशन) करना क्यों आवश्यक है?...


user

DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:07
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्यों आवश्यक है ध्यान करके इंसान अपनी मानसिक संतुलन को स्थाई कर जाएं क्योंकि सुबह से शाम तक जिंदगी में निकट नहीं करती हैं हर घटना इंसान की मानसिक और शारीरिक शिक्षा को प्रभावित करती है जिससे इंसान हासिल हो जाता है और कई बार चेतना को बैठता है कई बार बेचैन हो जाता है कई बार आश्चर्य जाता है कई बार जीवन में अपने देश की स्थिति आ जाती लेकिन ऐसी स्थिति से बाहर निकलने के लिए जमीन जान जान के छोड़ जाता है अपनी मस्जिद को एकाग्र चित्त करता है तुझ को छोड़ा मानसिक राहत मिलती है और उसे उपाय भी मिलता है कि कौन सी समस्या को कैसे हल किया जा सकता है आज चिट्टा इंसान को बता देती है और फिर विचार इंसान को मार कर दिखा देते

kyon aavashyak hai dhyan karke insaan apni mansik santulan ko sthai kar jayen kyonki subah se shaam tak zindagi me nikat nahi karti hain har ghatna insaan ki mansik aur sharirik shiksha ko prabhavit karti hai jisse insaan hasil ho jata hai aur kai baar chetna ko baithta hai kai baar bechain ho jata hai kai baar aashcharya jata hai kai baar jeevan me apne desh ki sthiti aa jaati lekin aisi sthiti se bahar nikalne ke liye jameen jaan jaan ke chhod jata hai apni masjid ko ekagra chitt karta hai tujhe ko choda mansik rahat milti hai aur use upay bhi milta hai ki kaun si samasya ko kaise hal kiya ja sakta hai aaj chitta insaan ko bata deti hai aur phir vichar insaan ko maar kar dikha dete

क्यों आवश्यक है ध्यान करके इंसान अपनी मानसिक संतुलन को स्थाई कर जाएं क्योंकि सुबह से शाम त

Romanized Version
Likes  363  Dislikes    views  3683
WhatsApp_icon
25 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न है कि ध्यान करना क्यों आवश्यक है जी हां बिल्कुल ध्यान करने से पहले यह बात तो सबकी समझ में आनी ही चाहिए कि ध्यान करना हमारे जीवन में क्यों जरूरी अगर कोई व्यक्ति यह चाहता है कि उसके जीवन का सर्वागीण विकास हो तो उसके लिए ध्यान आवश्यक है यदि आप यह चाहते हैं कि मेरा शरीर ही स्वस्थ ना हो बल्कि मैं कुछ जीवन में अद्भुत कर सकूं जो मेरी क्षमता है वह मुझ में ही अपने अंदर दबी ना रह जाए बल्कि मैं उन्हें संसार में प्रकट कर सकूं मैं दूसरों के लिए सिर्फ दुख का कारण नहीं बल्कि खुद आनंदित होते हुए दूसरों के जीवन में भी आनंद के बीज बो सकूं तो ध्यान आवश्यक है यदि आप चाहते हैं कि आप अपने कार्य क्षमता को कई गुना बढ़ा दे चले जाएं तो आपके लिए अभिषेक अगर आप चाहते हैं कि आपके अपने प्रिय जनों के साथ आपका व्यवहार हमेशा बैलेंस में रहे संतुलन में रहे और मधुर हो तो आपके लिए ध्यान आवश्यक है यदि आप चाहते हैं कि आप अपने जीवन की खुशबू से दूसरों के जीवन में भी खुशबू दिखे सके तो आपके लिए ध्यान आवश्यक है यदि आप चाहते हैं कि आप में जो क्षमता नहीं है लेकिन आप उन संस्थाओं को विकसित करना चाहते हैं तू भी आपके लिए ध्यान आवश्यक है ध्यान के द्वारा व्यक्ति अनंत अनंत ऊर्जा को प्राप्त करता है अनंत अनंत संभावनाओं के द्वार को खुलता है और ऊंचाइयों को छूता जाता है यह उचाई शरीर के स्वास्थ्य से ही संबंधित नहीं होती बल्कि उसके मनोबल को उसकी मानसिक क्षमता को बढ़ाने में और साथ-साथ उसके अध्यात्म पक्ष को मजबूत करने में मदद करती है इस जीवन में कहो ना उसकी सार्थकता यह जानने के लिए ध्यान अवश्य जीवन क्यों हमें मिला क्या यह एक खाने-पीने भोग मात्र का अवसर है या यह इससे कहीं अधिक है यह जानना अगर आप चाहते हैं तो ध्यान आपके लिए आवश्यक है अपने जीवन को खुद उसी प्रकार से रवाना जैसा आपकी इच्छा है तो आपके लिए ध्यान आवश्यक है यदि आप चाहते हैं कि दूसरे के बुरे कर्मों का प्रभाव आप पर ना हो आपके लिए ध्यान आवश्यक है यदि आप चाहते हैं कि आपका और आप हमेशा दूसरों को प्रभावित करता रहे तो आप इसलिए ध्यान आवश्यक है अगर आप यह चाहते हैं कि ध्यान के द्वारा कुछ विशिष्ट विषमताओं को मैं विकसित कर सकूं तो आपके लिए ध्यान आवश्यक है और अंत में बस इतना कहूंगी कि अगर आप अपने जीवन को कमल के समान खिलाना चाहते हैं आनंद सीखना चाहते हैं तो ध्यान आपके लिए अति आवश्यक है धन्यवाद

prashna hai ki dhyan karna kyon aavashyak hai ji haan bilkul dhyan karne se pehle yah baat toh sabki samajh me aani hi chahiye ki dhyan karna hamare jeevan me kyon zaroori agar koi vyakti yah chahta hai ki uske jeevan ka sarvagin vikas ho toh uske liye dhyan aavashyak hai yadi aap yah chahte hain ki mera sharir hi swasth na ho balki main kuch jeevan me adbhut kar sakun jo meri kshamta hai vaah mujhse me hi apne andar dabi na reh jaaye balki main unhe sansar me prakat kar sakun main dusro ke liye sirf dukh ka karan nahi balki khud anandit hote hue dusro ke jeevan me bhi anand ke beej bo sakun toh dhyan aavashyak hai yadi aap chahte hain ki aap apne karya kshamta ko kai guna badha de chale jayen toh aapke liye abhishek agar aap chahte hain ki aapke apne priya jano ke saath aapka vyavhar hamesha balance me rahe santulan me rahe aur madhur ho toh aapke liye dhyan aavashyak hai yadi aap chahte hain ki aap apne jeevan ki khushboo se dusro ke jeevan me bhi khushboo dikhe sake toh aapke liye dhyan aavashyak hai yadi aap chahte hain ki aap me jo kshamta nahi hai lekin aap un sasthaon ko viksit karna chahte hain tu bhi aapke liye dhyan aavashyak hai dhyan ke dwara vyakti anant anant urja ko prapt karta hai anant anant sambhavanaon ke dwar ko khulta hai aur unchaiyon ko chhuta jata hai yah uchai sharir ke swasthya se hi sambandhit nahi hoti balki uske manobal ko uski mansik kshamta ko badhane me aur saath saath uske adhyaatm paksh ko majboot karne me madad karti hai is jeevan me kaho na uski sarthakta yah jaanne ke liye dhyan avashya jeevan kyon hamein mila kya yah ek khane peene bhog matra ka avsar hai ya yah isse kahin adhik hai yah janana agar aap chahte hain toh dhyan aapke liye aavashyak hai apne jeevan ko khud usi prakar se rawana jaisa aapki iccha hai toh aapke liye dhyan aavashyak hai yadi aap chahte hain ki dusre ke bure karmon ka prabhav aap par na ho aapke liye dhyan aavashyak hai yadi aap chahte hain ki aapka aur aap hamesha dusro ko prabhavit karta rahe toh aap isliye dhyan aavashyak hai agar aap yah chahte hain ki dhyan ke dwara kuch vishisht vishamataon ko main viksit kar sakun toh aapke liye dhyan aavashyak hai aur ant me bus itna kahungi ki agar aap apne jeevan ko kamal ke saman khilana chahte hain anand sikhna chahte hain toh dhyan aapke liye ati aavashyak hai dhanyavad

प्रश्न है कि ध्यान करना क्यों आवश्यक है जी हां बिल्कुल ध्यान करने से पहले यह बात तो सबकी स

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  67
WhatsApp_icon
user

mohit

8307747204 Founder Abhyasa Yogshala

1:18
Play

Likes  31  Dislikes    views  431
WhatsApp_icon
user

Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

0:29
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ध्यान करना क्यों आवश्यक है ध्यान करना अपनी एकाग्रता अपनी लगन और लक्ष्य को हासिल करने के लिए ध्यान करना आवश्यक है जितना एकाद एक निशान होगा उतनी आपकी उत्पादकता कार्यक्षमता आपकी श्रेष्ठ रहेगी सफलता की संभावना उतनी ही बढ़ जाएगी

dhyan karna kyon aavashyak hai dhyan karna apni ekagrata apni lagan aur lakshya ko hasil karne ke liye dhyan karna aavashyak hai jitna ekad ek nishaan hoga utani aapki utpadakta karyakshamata aapki shreshtha rahegi safalta ki sambhavna utani hi badh jayegi

ध्यान करना क्यों आवश्यक है ध्यान करना अपनी एकाग्रता अपनी लगन और लक्ष्य को हासिल करने के लि

Romanized Version
Likes  328  Dislikes    views  2833
WhatsApp_icon
user

Dinesh Mishra

Theosophists | Accountant

2:31
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ध्यान मेडिटेशन करना क्यों आवश्यक है ध्यान जो है वह व्यक्ति को आनंदित किया करता है यो भारी शोरगुल है और शोरगुल से मुझे दुनिया उत्पन्न हो रही है यद्यपि वह शरीर पर और कानों में सुनाई दिया करती हैं वह जो दुनिया है जो दुनिया हैं वह शोरगुल शोरगुल भरी हुआ करती हैं जो ना तो कानों को पिया हुआ करती हैं और शरीर को हुई वह अच्छी नहीं लगा करती है जान में व्यक्ति डूब जाया करता है मन की जो अवस्थाएं हैं वह सुंदर हो जाया करती हैं ध्यान में व्यक्ति किसी एक चीज का चिंतन किया करता है और प्राय आया देखा गया है नेत्र भी जान में 1 बंद हो जाया करते हैं ऐसी अवस्था में मंकी जो बची है वह शांत होने लगती है और जो विचारों का जलजला मनु में जो चला करता है वह प्रायः यह देखा गया है वह भी ठंडा पड़ जाया करता है मन भी शिथिल हो जाया करता है और यह ध्यान करने के बाद में व्यक्ति ध्यान से जब ज्यादा करता है तो वह अपने आप को इस ग्रुप में आया करता है कहने का आशय यहां पर यह है कि मन पवित्र भी हुआ करता है ध्यान के द्वारा और उसकी जो थकान है मानसिक जो थकान है वह हैवी दूर हुआ करती है और मस्तिष्क को शांति भी मिला करती है

dhyan meditation karna kyon aavashyak hai dhyan jo hai vaah vyakti ko anandit kiya karta hai yo bhari shoragul hai aur shoragul se mujhe duniya utpann ho rahi hai yadyapi vaah sharir par aur kanon me sunayi diya karti hain vaah jo duniya hai jo duniya hain vaah shoragul shoragul bhari hua karti hain jo na toh kanon ko piya hua karti hain aur sharir ko hui vaah achi nahi laga karti hai jaan me vyakti doob jaya karta hai man ki jo avasthae hain vaah sundar ho jaya karti hain dhyan me vyakti kisi ek cheez ka chintan kiya karta hai aur paraya aaya dekha gaya hai netra bhi jaan me 1 band ho jaya karte hain aisi avastha me monkey jo bachi hai vaah shaant hone lagti hai aur jo vicharon ka jaljala manu me jo chala karta hai vaah prayah yah dekha gaya hai vaah bhi thanda pad jaya karta hai man bhi shithil ho jaya karta hai aur yah dhyan karne ke baad me vyakti dhyan se jab zyada karta hai toh vaah apne aap ko is group me aaya karta hai kehne ka aashay yahan par yah hai ki man pavitra bhi hua karta hai dhyan ke dwara aur uski jo thakan hai mansik jo thakan hai vaah heavy dur hua karti hai aur mastishk ko shanti bhi mila karti hai

ध्यान मेडिटेशन करना क्यों आवश्यक है ध्यान जो है वह व्यक्ति को आनंदित किया करता है यो भारी

Romanized Version
Likes  207  Dislikes    views  1323
WhatsApp_icon
user

Harish Sharma

Yog Acharya

2:04
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रसन्न है ध्यान करना क्यों आवश्यक है ध्यान करना आवश्यक है परंतु कानूनी बाध्यता नहीं है इसके लिए कोई प्रकार की ध्यान करोगे तो स्वयं आपके लिए अच्छा है जिससे आपका शारीरिक मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य उसके साथ-साथ आध्यात्मिक ताकि और आप बढ़ेंगे ध्यान करने से आपका मन मस्तिष्क क्लीन होगा साफ होगा अंदर से बॉडी क्लीन और साफ होगी आपके जो इमोशनल पॉइंट हैं एक्टिव होंगे और जो आपके दिमाग मन मस्तिष्क में कचरा मरा है वह साफ हो जाएगा और तुम बात तो यह दूसरा शारीरिक रूप से सुधरेगा में आप की कार्य क्षमता का विकास होगा और भावनात्मक रूप से इमोशनली आप एक बहुत अच्छे व्यक्तित्व का निर्माण कर पाएंगे अगर आप ध्यान करेंगे जान करना आवश्यक है अत्यंत आवश्यक है लेकिन यह आपकी मर्जी पर आपकी इच्छा पर डिपेंड करता है और सबसे बड़ी बात कि है कि ध्यान करते करते आप और आगे बढ़ेंगे आप समाधि की अवस्था तक पहुंचेंगे पाप ईश्वर प्राप्ति के योग के होंगे ईश्वर के साथ आपका योग होगा आप इस वक्त को जानने लगेंगे आप ईश्वर को पहचानने लगे और आप एक अच्छे व्यक्तित्व का निर्माण कर पाएंगे इसलिए ध्यान आवश्यक है दबाव नहीं यह इच्छा है ओम

aapka prasann hai dhyan karna kyon aavashyak hai dhyan karna aavashyak hai parantu kanooni baadhyata nahi hai iske liye koi prakar ki dhyan karoge toh swayam aapke liye accha hai jisse aapka sharirik mansik aur bhavnatmak swasthya uske saath saath aadhyatmik taki aur aap badhenge dhyan karne se aapka man mastishk clean hoga saaf hoga andar se body clean aur saaf hogi aapke jo emotional point hain active honge aur jo aapke dimag man mastishk me kachra mara hai vaah saaf ho jaega aur tum baat toh yah doosra sharirik roop se sudhrega me aap ki karya kshamta ka vikas hoga aur bhavnatmak roop se emotionally aap ek bahut acche vyaktitva ka nirmaan kar payenge agar aap dhyan karenge jaan karna aavashyak hai atyant aavashyak hai lekin yah aapki marji par aapki iccha par depend karta hai aur sabse badi baat ki hai ki dhyan karte karte aap aur aage badhenge aap samadhi ki avastha tak pahunchenge paap ishwar prapti ke yog ke honge ishwar ke saath aapka yog hoga aap is waqt ko jaanne lagenge aap ishwar ko pahachanne lage aur aap ek acche vyaktitva ka nirmaan kar payenge isliye dhyan aavashyak hai dabaav nahi yah iccha hai om

आपका प्रसन्न है ध्यान करना क्यों आवश्यक है ध्यान करना आवश्यक है परंतु कानूनी बाध्यता नह

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  130
WhatsApp_icon
user

Gaurav Yogi

Yoga Trainer

0:44
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ध्यान करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि ध्यान से इंसान को सही ज्ञान की प्राप्ति होती जो अविद्या अस्मिता राग द्वेष अभिनिवेश से इन चीजों से इंसान दूर है ध्यान से ग्राम के द्वारा वह सही मार्ग पर उसे सही मार्गदर्शन मिलता है उसे अपने जीवन का स्पष्ट समझ में आता है जीवन क्यों उसे जीना है यह समझ में आता उसके जीवन का लक्ष्य से पता चलता है इसीलिए में ध्यान करना चाहिए ध्यान से हमें बहुत सारी नई बातों का पता चलता है बहुत सारे मिसकनसेप्शन दूर होते हैं माइंड से और इससे हमारा मन मन की चंचलता खत्म होती है और विद्या कंट्रोल में आती है धन्यवाद

dhyan karna isliye aavashyak hai kyonki dhyan se insaan ko sahi gyaan ki prapti hoti jo avidya asmita raag dvesh abhinivesh se in chijon se insaan dur hai dhyan se gram ke dwara vaah sahi marg par use sahi margdarshan milta hai use apne jeevan ka spasht samajh me aata hai jeevan kyon use jeena hai yah samajh me aata uske jeevan ka lakshya se pata chalta hai isliye me dhyan karna chahiye dhyan se hamein bahut saari nayi baaton ka pata chalta hai bahut saare misakanasepshan dur hote hain mind se aur isse hamara man man ki chanchalata khatam hoti hai aur vidya control me aati hai dhanyavad

ध्यान करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि ध्यान से इंसान को सही ज्ञान की प्राप्ति होती जो अविद्या

Romanized Version
Likes  16  Dislikes    views  130
WhatsApp_icon
Likes  217  Dislikes    views  1844
WhatsApp_icon
user
4:49
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मित्रों नमस्कार ध्यान एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से हमारा शारीरिक मानसिक और आत्मिक तीनों शरीरों में जो है शांति कानपुर करते हैं जब हम किसी बिंदु पर या ज्योति पर ध्यान लगाते हैं तो हमारी इंद्रियां कर्म इंद्रियां ज्ञानेंद्रियां उन्हीं पर यह है बिंदु पर चाहे एकाग्र हो जाती उस समय हमारे शरीर में रक्त संचार फिक्स होने लगता है शरीर का तनाव दूर होता है रक्तचाप सामान्य होने लगता है और शरीर के अंदर प्राण ऊर्जा का संचार होने लगता है और हम अपने को स्वस्थ महसूस करते हैं और शांति काम को करते हैं ध्यान करने के लिए अपने को बहुत ही एकाग्र करना पड़ता है क्योंकि मन हमारा बार-बार इधर-उधर भागता है बंदर की तरह उछल कूद करता है लेकिन जब हम ध्यान को समेट कर सारी दुनिया भी बातों को खड़ा करके एक बिंदु पर ध्यान लगाते हैं जिसको भी इसने मानते हैं उस पर ध्यान लगाते हैं उनके गुणों का ध्यान करते हैं और साथ साथ में यह भी ध्यान करते हैं कि वह ईश्वर वह गुरु हमारे अंदर की बुहारी कर रहा है मंदिर जो कल मौत का साया है पाप ताप संताप है सब को मिटा रहा है और हमारे में प्राण ऊर्जा पर निर्माण और विध्वंस दोनों प्रक्रिया एक साथ ध्यान में जवाब करते हैं हमारा शरीर पूर्णतया स्वस्थ हो जाता है इसलिए ध्यान करना अति आवश्यक है या जा आदमी को मनुष्य को अगर हिसार तक पहुंचना है या अपने को निरोगी बनाना है अपने को अंदर शांति देता लाना है हाथी शांति प्राप्त करना है ध्यान कमाते आवश्यक है 24 घंटे में पांच फन का ध्यान साधना अगर आदमी कल देता है निश्चित रूप से अस्वस्थ हो जाता है कहते हैं 5 मिनट की ध्यान साधना 4 घंटे नींद के बराबर शरीर को आराम देती सभी से निवेदन है कि एक आवश्यक अंग बना ले और 24 घंटे में आज तक जब तक मन लगे तब तक दिया करें रूप से इसका अपवाद मिलेगा ब्रह्म मुहूर्त में संध्या मेला में ध्यान प्रक्रिया ज्यादा लगती है 4:00 से शाम को भी 6:00 के आस-पास प्रधान प्रधान प्रक्रिया करते हैं जो निश्चित रूप से हिमालय सखियां अपना सच बात करते हैं तो हमारा अपना देवत्व स्थापना करते हैं आरोपियों का नाम करते हैं इसलिए ध्यान जीवन में अति आवश्यक है अस्थमा चाहिए धन्यवाद

mitron namaskar dhyan ek aisi prakriya hai jiske madhyam se hamara sharirik mansik aur atmik tatvo shariron me jo hai shanti kanpur karte hain jab hum kisi bindu par ya jyoti par dhyan lagate hain toh hamari indriya karm indriya gyanendriyan unhi par yah hai bindu par chahen ekagra ho jaati us samay hamare sharir me rakt sanchar fix hone lagta hai sharir ka tanaav dur hota hai raktchap samanya hone lagta hai aur sharir ke andar praan urja ka sanchar hone lagta hai aur hum apne ko swasth mehsus karte hain aur shanti kaam ko karte hain dhyan karne ke liye apne ko bahut hi ekagra karna padta hai kyonki man hamara baar baar idhar udhar bhagta hai bandar ki tarah uchhal kud karta hai lekin jab hum dhyan ko samet kar saari duniya bhi baaton ko khada karke ek bindu par dhyan lagate hain jisko bhi isne maante hain us par dhyan lagate hain unke gunon ka dhyan karte hain aur saath saath me yah bhi dhyan karte hain ki vaah ishwar vaah guru hamare andar ki buhari kar raha hai mandir jo kal maut ka saya hai paap taap santap hai sab ko mita raha hai aur hamare me praan urja par nirmaan aur vidhawanse dono prakriya ek saath dhyan me jawab karte hain hamara sharir purnataya swasth ho jata hai isliye dhyan karna ati aavashyak hai ya ja aadmi ko manushya ko agar hisar tak pahunchana hai ya apne ko nirogee banana hai apne ko andar shanti deta lana hai haathi shanti prapt karna hai dhyan kamate aavashyak hai 24 ghante me paanch phan ka dhyan sadhna agar aadmi kal deta hai nishchit roop se aswasth ho jata hai kehte hain 5 minute ki dhyan sadhna 4 ghante neend ke barabar sharir ko aaram deti sabhi se nivedan hai ki ek aavashyak ang bana le aur 24 ghante me aaj tak jab tak man lage tab tak diya kare roop se iska apavad milega Brahma muhurt me sandhya mela me dhyan prakriya zyada lagti hai 4 00 se shaam ko bhi 6 00 ke aas paas pradhan pradhan prakriya karte hain jo nishchit roop se himalaya sakhiyan apna sach baat karte hain toh hamara apna devatwa sthapna karte hain aaropiyon ka naam karte hain isliye dhyan jeevan me ati aavashyak hai asthama chahiye dhanyavad

मित्रों नमस्कार ध्यान एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से हमारा शारीरिक मानसिक और आत्मिक त

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  123
WhatsApp_icon
user

BK Kalyani

Teacher On Rajyoga Spiritual Knowledge

1:20
Play

Likes  10  Dislikes    views  163
WhatsApp_icon
user

Dr. Mahesh Mohan Jha

Asst. Professor,Astrologer,Author

1:45
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आप कोई भी था जब मन से करते हैं तो निश्चित रूप से आप उसमें सफल लेकिन अब कोई भी काम करते हैं और उसमें अगर मन नहीं लगता तो वह आपका काम सफल नहीं होगा उस काम के लक्ष्य तक आप नहीं पूछ सकते हैं और सबसे बड़ी बात है आपका मन में जो है वचन का अधिकार उसके साथ ऐसा होता है कोई भी कम कर रहे हो मन कहीं और खाना खा रहे हैं मन कहीं और है पढ़ाई कर रहे हैं मन कहीं और है जिसका परिणाम क्या होता है आप सही से अध्यापन कार्य नहीं कर पाते हैं और आप खाना केस में भी अगर आपका मन हो जन पर नहीं है दुआ भोजन आपके शरीर में नहीं लगेगा आपको स्वास्थ्य के लिए जो भोजन की पौष्टिकता है वह शरीर ग्रहण नहीं कर पाएगी इसलिए कोई भी काम मनुष्य करने से वह उत्तम फल देता है इसीलिए मन को एकजुट करने के लिए केंद्रित करने के लिए वेजिटेशन किया जाता है ध्यान किया जाता है जिससे कि मंजू चंचल है उस चंचल मन को हम एक जगह बाद का केंद्रित करें धन्यवाद

namaskar aap koi bhi tha jab man se karte hain toh nishchit roop se aap usme safal lekin ab koi bhi kaam karte hain aur usme agar man nahi lagta toh vaah aapka kaam safal nahi hoga us kaam ke lakshya tak aap nahi puch sakte hain aur sabse badi baat hai aapka man me jo hai vachan ka adhikaar uske saath aisa hota hai koi bhi kam kar rahe ho man kahin aur khana kha rahe hain man kahin aur hai padhai kar rahe hain man kahin aur hai jiska parinam kya hota hai aap sahi se adhyapan karya nahi kar paate hain aur aap khana case me bhi agar aapka man ho jan par nahi hai dua bhojan aapke sharir me nahi lagega aapko swasthya ke liye jo bhojan ki paushtikata hai vaah sharir grahan nahi kar payegi isliye koi bhi kaam manushya karne se vaah uttam fal deta hai isliye man ko ekjut karne ke liye kendrit karne ke liye vegetation kiya jata hai dhyan kiya jata hai jisse ki manju chanchal hai us chanchal man ko hum ek jagah baad ka kendrit kare dhanyavad

नमस्कार आप कोई भी था जब मन से करते हैं तो निश्चित रूप से आप उसमें सफल लेकिन अब कोई भी काम

Romanized Version
Likes  13  Dislikes    views  209
WhatsApp_icon
user

YogaChary Ajay Makwana

Founder & Director - Om Divine Yoga Foundation

1:31
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्यार करना क्यों आवश्यक है पहले तो यह समझ ले कर ध्यान कभी किया नहीं जाता ध्यान कभी करना नहीं होता आसन करना होता है प्राणायाम करना होता है ज्ञान में तो कुछ नहीं करना ही ध्यान है क्योंकि हम दिन के दरमियान कुछ ना कुछ काम करते ही रहते हैं अगर कुछ काम नहीं करते तो हमारा विचार भी ऐसे चालू ही रहता है दिन के सोते हैं जागते हैं खाते हैं पीते हैं अपना काम करते हैं अपने विचार भी 24 घंटे से ही चालू रहते हैं इसलिए ध्यान करने से वह जो हमने काम किया है उसमें से आराम मिलता है शरीर में नई ऊर्जा आती है और विचारों भी शांत हो जाता है जब विचारों शांत हो जाता है शरीर शांत हो जाता है तब जब शरीर में एक नई ऊर्जा आ जाती है तो आप देखेंगे कि आधे से 1 घंटे में आपका शरीर पूरी तरह से रिचार्ज हो जाता है एक नई ऊर्जावान हो जाते हैं एक शक्तिमान हो जाते हैं इसलिए ज्यादा शक्ति प्राप्त करने के लिए ध्यान हमेशा करना चाहिए ओम नमः शिवाय

pyar karna kyon aavashyak hai pehle toh yah samajh le kar dhyan kabhi kiya nahi jata dhyan kabhi karna nahi hota aasan karna hota hai pranayaam karna hota hai gyaan mein toh kuch nahi karna hi dhyan hai kyonki hum din ke darmiyaan kuch na kuch kaam karte hi rehte hain agar kuch kaam nahi karte toh hamara vichar bhi aise chaalu hi rehta hai din ke sote hain jagte hain khate hain peete hain apna kaam karte hain apne vichar bhi 24 ghante se hi chaalu rehte hain isliye dhyan karne se vaah jo humne kaam kiya hai usme se aaram milta hai sharir mein nayi urja aati hai aur vicharon bhi shaant ho jata hai jab vicharon shaant ho jata hai sharir shaant ho jata hai tab jab sharir mein ek nayi urja aa jaati hai toh aap dekhenge ki aadhe se 1 ghante mein aapka sharir puri tarah se recharge ho jata hai ek nayi urjavan ho jaate hain ek shaktiman ho jaate hain isliye zyada shakti prapt karne ke liye dhyan hamesha karna chahiye om namah shivay

प्यार करना क्यों आवश्यक है पहले तो यह समझ ले कर ध्यान कभी किया नहीं जाता ध्यान कभी करना न

Romanized Version
Likes  13  Dislikes    views  440
WhatsApp_icon
user
0:33
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार ध्यान करना क्यों आवश्यक है बिल्कुल आवश्यक नहीं है किसने आपको कहा कि ध्यान करना आवश्यक है यह तो एक तरीका है योग में तरीका है अपने आप को पहचानने का अपना अपने आप को एकाग्र करने का एकाग्र करके विचार करने का यह आपकी खुद की ग्रोथ है आपको पहचानने की तो ऐसा यह कहीं भी नहीं कहा गया है कि वह आवश्यक है तो अगर आप बस धन्यवाद

namaskar dhyan karna kyon aavashyak hai bilkul aavashyak nahi hai kisne aapko kaha ki dhyan karna aavashyak hai yah toh ek tarika hai yog me tarika hai apne aap ko pahachanne ka apna apne aap ko ekagra karne ka ekagra karke vichar karne ka yah aapki khud ki growth hai aapko pahachanne ki toh aisa yah kahin bhi nahi kaha gaya hai ki vaah aavashyak hai toh agar aap bus dhanyavad

नमस्कार ध्यान करना क्यों आवश्यक है बिल्कुल आवश्यक नहीं है किसने आपको कहा कि ध्यान करना आवश

Romanized Version
Likes  89  Dislikes    views  502
WhatsApp_icon
user

Bk soni

Rajyoga Teacher

2:11
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत अच्छा प्रश्न है कि ध्यान अर्थात मेडिटेशन करना क्यों आवश्यक है पहले यह जानना जरूरी है कि हमारे जीवन में हमारे शरीर के लिए जितना खाना है उतना ही हमारे जीवन में मेडिटेशन भी आवश्यक है जैसे कि आप रूटीन के अनुसार आपके शरीर में जो प्रॉब्लम है तो कमी है जो भी चाहिए उसके अनुसार खाना खाते हैं ना उस शरीर को शक्ति करने के लिए शक्ति देने के लिए इसी तरफ से हमारे मन में हमारे मन को चार्ज करने के लिए हमारी आत्मा को चार्ज करने के लिए ध्यान आवश्यक है राज योगा मेडिटेशन आवश्यकता है और जब हम इरिटेशन करते हैं तो हमें सुख शांति प्रेम और पवित्रता आनंद गुल शक्ति मिलती है जैसे शरीर को शक्ति चाहिए ऐसे ही हमारे मन को शक्ति चाहिए मन की शक्ति के लिए मेडिटेशन राजयोग मेडिटेशन चाहिए और तन की शक्ति के लिए भोजन चाहिए उतना ही आवश्यकता हमारे जीवन में है इसीलिए आप मेडिटेशन राजयोग मेडिटेशन करने के लिए और इस राज योगा मेडिटेशन के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप brahmakumaris.com पर जाकर गूगल पर ब्रम्हाकुमारी डॉट कॉम टाइप करेंगे और फिर आप अपने घर के नजदीकी आप अपना घर का एड्रेस टाइप करेंगे तो आपके घर के नजदीक ई सेवा केंद्र का पता मिल जाएगा जिससे आपका निशुल्क और लेकर आप इस ज्ञान के बारे में अधिक जानकारी ले सकते हैं और मेडिटेशन के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप यूट्यूब पर brahmakumaris.com विधायक टाइप कर सकते हैं नहीं तो बीके मेडिटेशन टाइप करेंगे तो आपको इसके बारे में और भी अधिक जानकारी आशा है आप हमारे और भी ऑडियो सुनेंगे तो आपको इसके बारे में और भी अधिक जानकारी मिले

bahut accha prashna hai ki dhyan arthat meditation karna kyon aavashyak hai pehle yah janana zaroori hai ki hamare jeevan mein hamare sharir ke liye jitna khana hai utana hi hamare jeevan mein meditation bhi aavashyak hai jaise ki aap routine ke anusaar aapke sharir mein jo problem hai toh kami hai jo bhi chahiye uske anusaar khana khate hain na us sharir ko shakti karne ke liye shakti dene ke liye isi taraf se hamare man mein hamare man ko charge karne ke liye hamari aatma ko charge karne ke liye dhyan aavashyak hai raj yoga meditation avashyakta hai aur jab hum irritation karte hain toh hamein sukh shanti prem aur pavitrata anand gul shakti milti hai jaise sharir ko shakti chahiye aise hi hamare man ko shakti chahiye man ki shakti ke liye meditation rajyog meditation chahiye aur tan ki shakti ke liye bhojan chahiye utana hi avashyakta hamare jeevan mein hai isliye aap meditation rajyog meditation karne ke liye aur is raj yoga meditation ke bare mein adhik jaankari ke liye aap brahmakumaris com par jaakar google par bramhakumari dot com type karenge aur phir aap apne ghar ke najdiki aap apna ghar ka address type karenge toh aapke ghar ke nazdeek ee seva kendra ka pata mil jaega jisse aapka nishulk aur lekar aap is gyaan ke bare mein adhik jaankari le sakte hain aur meditation ke bare mein adhik jaankari ke liye aap youtube par brahmakumaris com vidhayak type kar sakte hain nahi toh BK meditation type karenge toh aapko iske bare mein aur bhi adhik jaankari asha hai aap hamare aur bhi audio sunenge toh aapko iske bare mein aur bhi adhik jaankari mile

बहुत अच्छा प्रश्न है कि ध्यान अर्थात मेडिटेशन करना क्यों आवश्यक है पहले यह जानना जरूरी है

Romanized Version
Likes  28  Dislikes    views  574
WhatsApp_icon
user

Pawan

Financial Planer

0:20
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने आपको जानने के लिए अपने आपको अच्छा बेहतर बनाने की मेडिसिन फॉर ज्यादा जरूरी है जितनी आप की जितनी भी सेंड करना बहुत ज्यादा जरूरी है अपने आप को पहचान सकता है और अपने अपने आने वाले आने वाले समय को बेहतर कर सकता मैसेज दिखाओ

apne aapko jaanne ke liye apne aapko accha behtar banane ki medicine for zyada zaroori hai jitni aap ki jitni bhi send karna bahut zyada zaroori hai apne aap ko pehchaan sakta hai aur apne apne aane waale aane waale samay ko behtar kar sakta massage dikhaao

अपने आपको जानने के लिए अपने आपको अच्छा बेहतर बनाने की मेडिसिन फॉर ज्यादा जरूरी है जितनी आप

Romanized Version
Likes  5  Dislikes    views  93
WhatsApp_icon
user

Aparesh

Yoga Instructor

0:43
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ध्यान करने की काफी बेनिफिट है ध्यान करने से आपका स्ट्रेस कम होता है आपके एंग्जायटी कंट्रोल होती है सेल्फ अवेयरनेस बढ़ता है मेमोरी इंप्रूव होती है ब्लड प्रेशर कम होता है अगर आपको नींद की समस्या है तो ध्यान करने से आपको नींद अच्छी आना शुरू होती है आपकी शुगर नियंत्रण में होती है और ध्यान करने से आपके अलग-अलग प्रकार के आपको फायदे हो सकते हैं यह डिपेंड करता है आपके स्वभाव से आप किस प्रकार का ध्यान करते हैं और आपकी स्वभाव के हो इस पर डिपेंड करता है

dhyan karne ki kaafi benefit hai dhyan karne se aapka stress kam hota hai aapke anxiety control hoti hai self awareness badhta hai memory improve hoti hai blood pressure kam hota hai agar aapko neend ki samasya hai toh dhyan karne se aapko neend achi aana shuru hoti hai aapki sugar niyantran mein hoti hai aur dhyan karne se aapke alag alag prakar ke aapko fayde ho sakte hain yah depend karta hai aapke swabhav se aap kis prakar ka dhyan karte hain aur aapki swabhav ke ho is par depend karta hai

ध्यान करने की काफी बेनिफिट है ध्यान करने से आपका स्ट्रेस कम होता है आपके एंग्जायटी कंट्रोल

Romanized Version
Likes  42  Dislikes    views  556
WhatsApp_icon
user

अशोक गुप्ता

Founder of Vision Commercial Services.

2:36
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारा पूरा जीवन हमारे भीतर वह नर्वस सिस्टम है उसे संचालित होता है क्योंकि वही सारे सिस्टम को कंट्रोल करता है तुझे हम जीवन जीते हैं तो हमारे भीतर अपने विचार दूसरों के विचार दूसरों की जीवनशैली से उत्पन्न होने वाले रेडिएशन शुद्धीकरण उस हमारे नर्वस सिस्टम को बहुत ज्यादा प्रभावित करते हैं जिसके कारण उसने तलाव का निर्माण होता है जो हमें बेचैन भी करता है जो हमारे भीतर क्रोध और तमाम तरह की विकृतियां पैदा करता है जब हम ध्यान में बैठते हैं तो हमारा नर्वस सिस्टम रिलैक्स होता है क्योंकि हम उस समय ज्यादा क्रियाकलाप में नहीं होती तो उसे अरेस्ट मिलता है ताकि वह अपनी नॉर्मल स्थिति को रिगेन कर सके तरोताजा हो सके ताकि उसका फिर हम सही ढंग से उपयोग करें ध्यान आंतरिक स्थिति को संतुलित करने का एक सुंदरता मध्य में इसमें कोई धन नहीं खर्च होता सिर्फ आपको शांत मौन या तो बैठ जाना है या आप संगीत के साथ एक होकर या नृत्य में उतर कर यह समूह में कीर्तन गाकर आप योग के तमाम सुझाए गए उपायों को अपनाकर ध्यान की स्थिति में अपने को बैठ सकते हमारे यहां बचपन से कहा था कि ध्यान से काम करो अर्थात ध्यान में हो कर कोई भी कर्म करोगे तो होकर भी अच्छा होगा और आपको उसका तनाव भी नहीं मिलेगा इसलिए ध्यान में बैठना शुरु करेंगे उससे मैं आपको इसका उत्तर मिलेगा कि ध्यान में बैठने से हमें क्या-क्या फायदा हो रहा है कृपया इस संदर्भ में थोड़ा सा अध्ययन भी कर लीजिए तमाम साहित्य उपलब्ध है इसमें ध्यान के बारे में ओशो ने भी बहुत कुछ बोला हुआ है ध्यान को लेकर हमारे यहां तो भगवान शंकर ध्यान के आदि अवतार हैं जिन्होंने ध्यान को ही जीवन की संतुलित करने का आधार बताया है इसलिए मित्र ध्यान में बैठना शुरू करें और ना बैठ सके तो जो भी कार्य करें उसको पूरे पूरे मनोयोग से करें यह सबसे सहज सरल ढंग है ध्यान में उतरने का आपको ईश्वर ऐसे सद्बुद्धि दे मेरा स्नेह स्वीकार करें और खुश रहें थैंक यू

hamara pura jeevan hamare bheetar vaah nervous system hai use sanchalit hota hai kyonki wahi saare system ko control karta hai tujhe hum jeevan jeete hain toh hamare bheetar apne vichar dusro ke vichar dusro ki jeevan shaili se utpann hone waale radiation shudhikaran us hamare nervous system ko bahut zyada prabhavit karte hain jiske karan usne talav ka nirmaan hota hai jo hamein bechain bhi karta hai jo hamare bheetar krodh aur tamaam tarah ki vikritiyan paida karta hai jab hum dhyan me baithate hain toh hamara nervous system relax hota hai kyonki hum us samay zyada kriyakalap me nahi hoti toh use arrest milta hai taki vaah apni normal sthiti ko regain kar sake tarotaja ho sake taki uska phir hum sahi dhang se upyog kare dhyan aantarik sthiti ko santulit karne ka ek sundarta madhya me isme koi dhan nahi kharch hota sirf aapko shaant maun ya toh baith jana hai ya aap sangeet ke saath ek hokar ya nritya me utar kar yah samuh me kirtan gaakar aap yog ke tamaam sujhaye gaye upayo ko apnakar dhyan ki sthiti me apne ko baith sakte hamare yahan bachpan se kaha tha ki dhyan se kaam karo arthat dhyan me ho kar koi bhi karm karoge toh hokar bhi accha hoga aur aapko uska tanaav bhi nahi milega isliye dhyan me baithana shuru karenge usse main aapko iska uttar milega ki dhyan me baithne se hamein kya kya fayda ho raha hai kripya is sandarbh me thoda sa adhyayan bhi kar lijiye tamaam sahitya uplabdh hai isme dhyan ke bare me osho ne bhi bahut kuch bola hua hai dhyan ko lekar hamare yahan toh bhagwan shankar dhyan ke aadi avatar hain jinhone dhyan ko hi jeevan ki santulit karne ka aadhar bataya hai isliye mitra dhyan me baithana shuru kare aur na baith sake toh jo bhi karya kare usko poore poore manoyog se kare yah sabse sehaz saral dhang hai dhyan me utarane ka aapko ishwar aise sadbuddhi de mera sneh sweekar kare aur khush rahein thank you

हमारा पूरा जीवन हमारे भीतर वह नर्वस सिस्टम है उसे संचालित होता है क्योंकि वही सारे सिस्टम

Romanized Version
Likes  9  Dislikes    views  84
WhatsApp_icon
user

Dr Asha B Jain

Dip in Naturopathy, Yoga therapist Pranic healer, Counselor

0:47
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए आज कल की जो स्थिति है बहुत फास्ट लाइफ है गलत फूड हैबिट से गलत वायु है तो उस हिसाब से मेडिटेशन इन सब चीजों में बहुत लाभदायक होता है मेडिटेशन हमर सबसे पहले तो मेडिटेशन करने का मैं लाभ भी मिलता है और मन शांत होता है हमारे विचारों की जो हजारों तरह की श्रंखला अंदर चलती रहती है विचार कंट्री में जो चलते रहते हैं नेगेटिव पॉजिटिव जैसे विचारों विचारों की कमी आती है मन शांत होता है इन सब चीजों को टेंशन एंजायटी डिप्रैशन इन सब से हमें शांति मिलती है इसलिए हमें मेडिटेशन करना ही चाहिए दिल्ली चाय 10 मिनट का भी टाइम हो उतना भी करिए तो भी बहुत है पर जरूर करें

dekhiye aaj kal ki jo sthiti hai bahut fast life hai galat food habit se galat vayu hai toh us hisab se meditation in sab chijon mein bahut labhdayak hota hai meditation hombre sabse pehle toh meditation karne ka main labh bhi milta hai aur man shaant hota hai hamare vicharon ki jo hazaro tarah ki shrinkhala andar chalti rehti hai vichar country mein jo chalte rehte hain Negative positive jaise vicharon vicharon ki kami aati hai man shaant hota hai in sab chijon ko tension enjayati dipraishan in sab se hamein shanti milti hai isliye hamein meditation karna hi chahiye delhi chai 10 minute ka bhi time ho utana bhi kariye toh bhi bahut hai par zaroor karen

देखिए आज कल की जो स्थिति है बहुत फास्ट लाइफ है गलत फूड हैबिट से गलत वायु है तो उस हिसाब से

Romanized Version
Likes  138  Dislikes    views  2000
WhatsApp_icon
user

Meenu Sharma

Eye Technician and Counselor

0:25
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इंसान के मन से चंचल कुछ भी नहीं है मन को शांत करने के लिए ही ध्यान मेडिटेशन किया जाता है मन को एकाग्र करने के लिए ध्यान किया जाता है ताकि जिस चीज पर फोकस करें वह काम अच्छे से हो और उसमें कोई रुकावट ना आए मेडिटेशन का एक यह भी लाभ है कि अगर हम किसी चीज पर अच्छे से एकाग्र रहते हैं तो वह काम सौ पर्सेंट सही होता है

insaan ke man se chanchal kuch bhi nahi hai man ko shaant karne ke liye hi dhyan meditation kiya jata hai man ko ekagra karne ke liye dhyan kiya jata hai taki jis cheez par focus kare vaah kaam acche se ho aur usme koi rukavat na aaye meditation ka ek yah bhi labh hai ki agar hum kisi cheez par acche se ekagra rehte hain toh vaah kaam sau percent sahi hota hai

इंसान के मन से चंचल कुछ भी नहीं है मन को शांत करने के लिए ही ध्यान मेडिटेशन किया जाता है म

Romanized Version
Likes  8  Dislikes    views  150
WhatsApp_icon
user

xyz

nothing

0:41
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ध्यान करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि हमारा मन जो है बिखरा रहता है बहुत सारी अनावश्यक बातों में कभी कहीं और लगा होगा कभी इधर लगा होगा किधर लगा होगा तो क्या होता है कि हम किसी भी क्षेत्र में अपनी तरक्की नहीं कर सकते और हम बीमार भी रहते हैं और जब हम फोकस होंगे तो हम बहुत अच्छी अपने जो भी जॉब करते हैं या जो भी हम बिजनेस करते हैं उस काम को हम ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं यह ध्यान करने ध्यान करने स्त्री आवश्यक है धन्यवाद

dhyan karna isliye aavashyak hai kyonki hamara man jo hai bikhra rehta hai bahut saree anavashyak baaton mein kabhi kahin aur laga hoga kabhi idhar laga hoga kidhar laga hoga toh kya hota hai ki hum kisi bhi kshetra mein apni tarakki nahi kar sakte aur hum bimar bhi rehte hain aur jab hum focus honge toh hum bahut achi apne jo bhi job karte hain ya jo bhi hum business karte hain us kaam ko hum unchaiyon tak le ja sakte hain yah dhyan karne dhyan karne stree aavashyak hai dhanyavad

ध्यान करना इसलिए आवश्यक है क्योंकि हमारा मन जो है बिखरा रहता है बहुत सारी अनावश्यक बातों म

Romanized Version
Likes  28  Dislikes    views  362
WhatsApp_icon
play
user

Dr. Kartik Kumar

Yoga Instructor

0:47

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जान इसलिए करना जरूरी है क्योंकि आज के इस तनाव भरे जीवन में टैक्सी अवसाद ग्रस्त हो गया है व्यक्ति के अंदर उच्च रक्तचाप तनाव बढ़ गए हैं व्यक्ति के अंदर अन्य कई तरह के हाइपरटेंशन हाइपरएसिडिटी और अन्य रोग घर कर रहे हैं अतः आप भी हंगामे की ध्यान पद्धति से जुड़े आपका जीवन सहज सरल शांति और सुख में बनेगा आप ध्यान की विशेष पद्धति को जानने के लिए संपर्क कर सकते हैं 70043 18121 योग की अन्य जानकारी के लिए फिर आप से हम मिलते हैं तब तक के लिए कुमार कार्तिक को को कल स्टूडियो से भी दादी के नमस्कार

jaan isliye karna zaroori hai kyonki aaj ke is tanaav bhare jeevan mein taxi avsad grast ho gaya hai vyakti ke andar ucch raktchap tanaav badh gaye hain vyakti ke andar anya kai tarah ke hypertension haiparaesiditi aur anya rog ghar kar rahe hain atah aap bhi hangame ki dhyan paddhatee se jude aapka jeevan sehaz saral shanti aur sukh mein banega aap dhyan ki vishesh paddhatee ko jaanne ke liye sampark kar sakte hain 70043 18121 yog ki anya jaankari ke liye phir aap se hum milte hain tab tak ke liye kumar kartik ko ko kal studio se bhi dadi ke namaskar

जान इसलिए करना जरूरी है क्योंकि आज के इस तनाव भरे जीवन में टैक्सी अवसाद ग्रस्त हो गया है व

Romanized Version
Likes  133  Dislikes    views  1923
WhatsApp_icon
user

Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

1:16
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मेडिटेशन क्यों जरूरी है उसका जो आंसर है मैं बहुत पर्सपेक्टिव से दे सकती हूं अगर आप साइकॉलजी की नजर से देखें तो उसका उत्तर अलग होगा अध्यात्मिक नजर से देखे तो उसका उत्तर अलग होगा अगर हम साईं कॉलेज की नजर से देखे तो मेडिटेशन जो है आपके माइंड को रिलैक्स करता है आपके फेस जो है वह दूर होता है अब बोल ओरिएंटेड होते हैं आप अपने इंपॉर्टेंट काम को प्राइरोटाइज कर सकते हैं अगर आपको जो है अगर कोई इंपॉर्टेंट काम करने जाना है और उससे पहले सुबह से बागरा मेडिटेशन कर गिर जाते हैं तो वह काम आपका अच्छे से होगा यह अगर मुझे स्पिरिचुअलिटी के हिसाब से अध्यात्म के हिसाब से उत्तर देना हो तो अध्यात्म में धान का मतलब है खुद से मिलना अगर आप अपने आप को समझना चाहते हैं अगर आप अपने आप के और करीब जाना चाहते हैं तू ध्यान कीजिए और ध्यान का मतलब यह भी होता है भगवान से मिलना कहते हैं कि अगर आपको भगवान से कुछ कहना है तो प्रिय कीजिए अगर भगवान को सुनना है तो ध्यान कीजिए

dekhiye meditation kyon zaroori hai uska jo answer hai bahut parsapektiv se de sakti hoon agar aap psychology ki nazar se dekhen toh uska uttar alag hoga adhyatmik nazar se dekhe toh uska uttar alag hoga agar hum sai college ki nazar se dekhe toh meditation jo hai aapke mind ko relax karta hai aapke face jo hai vaah dur hota hai ab bol oriented hote hain aap apne important kaam ko prairotaij kar sakte hain agar aapko jo hai agar koi important kaam karne jana hai aur usse pehle subah se bagra meditation kar gir jaate hain toh vaah kaam aapka acche se hoga yah agar mujhe spirituality ke hisab se adhyaatm ke hisab se uttar dena ho toh adhyaatm mein dhaan ka matlab hai khud se milna agar aap apne aap ko samajhna chahte hain agar aap apne aap ke aur kareeb jana chahte hain tu dhyan kijiye aur dhyan ka matlab yah bhi hota hai bhagwan se milna kehte hain ki agar aapko bhagwan se kuch kehna hai toh priya kijiye agar bhagwan ko sunana hai toh dhyan kijiye

देखिए मेडिटेशन क्यों जरूरी है उसका जो आंसर है मैं बहुत पर्सपेक्टिव से दे सकती हूं अगर आप स

Romanized Version
Likes  167  Dislikes    views  10057
WhatsApp_icon
user

Luckypandey

Yoga Trainer

2:52
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रत्यय प्रत्यय लता ध्यानं महर्षि पतंजलि के द्वारा जो सूत्र वर्णित किया गया है यह तो ध्यान की अवस्था पर आपको जाने के लिए आपको अष्टांग योग का पालन करना पड़ेगा तब आप ध्यान के उस स्थिति तक आप पहुंच सकते हैं तो अगर ध्यान अगर आपको करना है तो हमने पूरे दिन में क्या किया है उस पर ध्यान करें कितने प्रेषित हमने काम किया उस पर ध्यान करें अपने मन को शांत रखें विचारों का आदान-प्रदान हो रहा है नकारात्मक विचारों का उससे दूध थोड़ा साधने का प्रयास करें शांति स्थान पर जाएं और अपने मन को किसी केंद्र बंधु पर टिकाने का प्रयास किया पनिश्ड पर भगवान का जब हम प्रयास करते हैं विचारों के सुन्नता हो जाती है विचारों का आदान प्रदान नहीं होता है तब उस अवस्था तक आप जब पहुंच जाते हैं तब वह ध्यान कहलाता है ध्यान आप किसी का भी कर सकते हैं जिससे आपका प्रिय हो उसमें आप ध्यान कर सकते हैं भगवान का ध्यान कर सकते हैं माता-पिता का ध्यान कर सकते हैं कोई आपके गुरु है उनका ध्यान कर सकते हैं ध्यान मतलब स्वयं के अंदर उसका चित्रण करना मन के अंदर चित्रण करना ही ध्यान है तो ध्यान से आप अगर करेंगे तो आपके वाणी में संयम हो जाएगा मन में इंद्रियों में का नियंत्रण हो जाएगा अगर आप बहुत अच्छा प्रयास करते हैं तो जरूर आपके जीवन में ध्यान की बड़ी महिमा हो जाएगी आप हमेशा के लिए निर्भर हो जाएंगे और ध्यान के द्वारा जो आप प्राप्त कर सकते हैं वह स्वयं ही आप प्राप्त कर सकते हैं जो आनंद की अनुभूति के लिए व्यक्ति भटकता है वह आपको मिल सकता है वह आनंद गुरु गुदगुदी हमारे अंदर भरी है उसको आप प्राप्त कर सकते हैं केवल ध्यान के माध्यम से आंखों को बंद करके बिजोटिक वस्तु को त्याग कर आंतरिक वस्तु को हम स्वयं ग्रहण करना शुरू कर देते हैं तो हमारे अंदर का विचार सुन हो जाता है और हम उस आनंद की अनुभूति पर देने लगते हैं और उसे आनंद में ही हम अपने जीवन को समर्पित कर देते हैं वही तो ध्यान है वही तो अपने आप को जानने का एक माध्यम है तो ध्यान बहुत ही आप को ऊंचा बनाने के लिए दिव्य बनाने के लिए मानव से महामानव पुरुष से महापुरुष व्यक्ति से अभिव्यक्ति बनाने के लिए क्षमता रखता है तो ध्यान के द्वारा आप बहुत कुछ दूसरों से आप बहुत कुछ प्राप्त कर सकते हैं दूसरों के अंदर में आप देख सकते हैं यह केवल ध्यान के द्वारा योग के द्वारा सिद्धियां आपको प्राप्त हो सकते हैं

pratyay pratyay lata dhyanan maharshi patanjali ke dwara jo sutra varnit kiya gaya hai yah toh dhyan ki avastha par aapko jaane ke liye aapko ashtanga yog ka palan karna padega tab aap dhyan ke us sthiti tak aap pohch sakte hain toh agar dhyan agar aapko karna hai toh humne poore din mein kya kiya hai us par dhyan kare kitne preshit humne kaam kiya us par dhyan kare apne man ko shaant rakhen vicharon ka aadaan pradan ho raha hai nakaratmak vicharon ka usse doodh thoda sadhane ka prayas kare shanti sthan par jayen aur apne man ko kisi kendra bandhu par tikane ka prayas kiya punished par bhagwan ka jab hum prayas karte hain vicharon ke sunnata ho jaati hai vicharon ka aadaan pradan nahi hota hai tab us avastha tak aap jab pohch jaate hain tab vaah dhyan kehlata hai dhyan aap kisi ka bhi kar sakte hain jisse aapka priya ho usme aap dhyan kar sakte hain bhagwan ka dhyan kar sakte hain mata pita ka dhyan kar sakte hain koi aapke guru hai unka dhyan kar sakte hain dhyan matlab swayam ke andar uska chitran karna man ke andar chitran karna hi dhyan hai toh dhyan se aap agar karenge toh aapke vani mein sanyam ho jaega man mein indriyon mein ka niyantran ho jaega agar aap bahut accha prayas karte hain toh zaroor aapke jeevan mein dhyan ki badi mahima ho jayegi aap hamesha ke liye nirbhar ho jaenge aur dhyan ke dwara jo aap prapt kar sakte hain vaah swayam hi aap prapt kar sakte hain jo anand ki anubhuti ke liye vyakti bhatakta hai vaah aapko mil sakta hai vaah anand guru gudgudi hamare andar bhari hai usko aap prapt kar sakte hain keval dhyan ke madhyam se aankho ko band karke bijotik vastu ko tyag kar aantarik vastu ko hum swayam grahan karna shuru kar dete hain toh hamare andar ka vichar sun ho jata hai aur hum us anand ki anubhuti par dene lagte hain aur use anand mein hi hum apne jeevan ko samarpit kar dete hain wahi toh dhyan hai wahi toh apne aap ko jaanne ka ek madhyam hai toh dhyan bahut hi aap ko uncha banne liye divya banne liye manav se mahamanav purush se mahapurush vyakti se abhivyakti banne liye kshamta rakhta hai toh dhyan ke dwara aap bahut kuch dusro se aap bahut kuch prapt kar sakte hain dusro ke andar mein aap dekh sakte hain yah keval dhyan ke dwara yog ke dwara siddhiyan aapko prapt ho sakte hain

प्रत्यय प्रत्यय लता ध्यानं महर्षि पतंजलि के द्वारा जो सूत्र वर्णित किया गया है यह तो ध्यान

Romanized Version
Likes  125  Dislikes    views  1535
WhatsApp_icon
user

Vikas Singh

Political Analyst

1:14
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारे जीवन में मेडिटेशन का एक अलग ही महत्व है ध्यान का एक अलग ही महत्व है ध्यान करने वाले का कंसंट्रेशन सही रहता है जो स्टूडेंट मेडिटेशन करते हैं जो ध्यान करते हैं सपोर्ट करिए ओम को अपने माथे पर लेकर ध्यान करते हैं उनका कंसंट्रेशन बहुत सही रहता है वह जब पढ़ाई करते हैं उनका फोकस सिर्फ पढ़ाई पर रहता है वह जब राजनीति करते हैं तो उनका फोकस सिर्फ राजनीति पर रहता है वह जब क्रिकेट मैच खेलते रहते हैं बैटिंग करते रहते हैं तो उनका पूरा कंसंट्रेशन बॉल पर होता है कैसे बांधना है क्या करना है तुम मेडिटेशन का एक अलग ही महत्व है जो लोग मेडिटेशन नहीं करते हैं उनके अंदर थोड़ा कम कार्य शक्ति होती है किसी कार्य को करने के लिए अगर आप मेडिटेशन दिल्ली करते हैं आपका दिमाग आपका कंसंट्रेशन एक अलग ही आपको रिजल्ट देगा अगर आपको बढ़िया रिजल्ट पाना है तो आपको दिल्ली सुबह उठना होगा योगा करना होगा एक्सरसाइज करना होगा और मेडिटेशन करना होगा जब आप मेडिटेशन करेंगे तो आपका कंसंट्रेशन सही रहेगा जो कंसंट्रेशन सही रहेगा तो आप काम अच्छे से करेंगे मन से करेंगे जब मन से करेंगे काम तो आपको रिजल्ट भी अच्छा मिलेगा धन्यवाद

hamare jeevan mein meditation ka ek alag hi mahatva hai dhyan ka ek alag hi mahatva hai dhyan karne waale ka kansantreshan sahi rehta hai jo student meditation karte hai jo dhyan karte hai support kariye om ko apne mathe par lekar dhyan karte hai unka kansantreshan bahut sahi rehta hai vaah jab padhai karte hai unka focus sirf padhai par rehta hai vaah jab raajneeti karte hai toh unka focus sirf raajneeti par rehta hai vaah jab cricket match khelte rehte hai batting karte rehte hai toh unka pura kansantreshan ball par hota hai kaise bandhana hai kya karna hai tum meditation ka ek alag hi mahatva hai jo log meditation nahi karte hai unke andar thoda kam karya shakti hoti hai kisi karya ko karne ke liye agar aap meditation delhi karte hai aapka dimag aapka kansantreshan ek alag hi aapko result dega agar aapko badhiya result paana hai toh aapko delhi subah uthna hoga yoga karna hoga exercise karna hoga aur meditation karna hoga jab aap meditation karenge toh aapka kansantreshan sahi rahega jo kansantreshan sahi rahega toh aap kaam acche se karenge man se karenge jab man se karenge kaam toh aapko result bhi accha milega dhanyavad

हमारे जीवन में मेडिटेशन का एक अलग ही महत्व है ध्यान का एक अलग ही महत्व है ध्यान करने वाले

Romanized Version
Likes  19  Dislikes    views  448
WhatsApp_icon
user
3:32
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है ध्यान या मेडिटेशन करना क्यों आवश्यक है सबसे पहले तो यह जानने के ध्यान या मेडिटेशन करने से मन शांत होता है और मन को शांति मिलती है तो हमारे जीवन में जो तनाव होता है तनाव कम होता है आज की आपाधापी में हर व्यक्ति तनाव महसूस करता है शारीरिक तनाव मानसिक तनाव और भावना तनाव इन से वह परेशान रहता है जिसके कारण वह अपनी क्षमता के अनुसार कार्य नहीं कर पाता तनाव दूर होगा तो आप अच्छे से कार्य कर सकेंगे और तनाव ही सारी बीमारियों की जड़ है आजकल की जो बीमारियां हैं ज्यादातर लाइफ़स्टाइल डिसीसिस तनाव के कारण होती हैं अगर तनाव कम होगा तो आपको बहुत सारे लोग नहीं होंगे और अगर हो गए हैं तो धीरे-धीरे आपके काबू में आएंगे तो मन की शांति तनाव में कमी कि जब दोनों चीजें हो जाएंगे तो उसके बाद आप आनंद का अनुभव करेंगे इससे यह होगा कि जो आपके चंपा आए हैं जो आपके कौशल हैं जो आप किस किरण से उनका भरपूर प्रयोग कर पाएंगे उनका भरपूर उपयोग कर पाएंगे और आपके व्यक्तित्व को एक संपूर्णता मिलेगी और जो कुछ भी अभी आप करते हैं जीवन में उसको बहुत भली भांति ढंग से संचालित कर पाएंगे अगर आप पढ़ रहे हैं अगर आप काम कर रहे हैं अगर आप कोई व्यवसाय कर रहे हैं तो उसमें आप बहुत एकाग्रता से और एक निश प्रभाव से जुड़कर बहुत अच्छा योगदान दे पाएंगे जब आपका मन शांत होगा शरीर शांत होगा और आपके अंतर्मन में कोई जोधावास नहीं होगा तो आप अपने सारे कर्मों को कुशलता पूर्वक कर पाएंगे और इससे आपकी एफिशिएंसी बढ़ेगी और आप जीवन में अधिक सफल होंगे अधिक सुखी होंगे तथागत आपका कल्याण करें खूब मंगल हो आपका खूब चलाओ

aapka prashna hai dhyan ya meditation karna kyon aavashyak hai sabse pehle toh yah jaanne ke dhyan ya meditation karne se man shaant hota hai aur man ko shanti milti hai toh hamare jeevan mein jo tanaav hota hai tanaav kam hota hai aaj ki apadhapi mein har vyakti tanaav mehsus karta hai sharirik tanaav mansik tanaav aur bhavna tanaav in se vaah pareshan rehta hai jiske karan vaah apni kshamta ke anusaar karya nahi kar pata tanaav dur hoga toh aap acche se karya kar sakenge aur tanaav hi saree bimariyon ki jad hai aajkal ki jo bimariyan hain jyadatar lifestyle disisis tanaav ke karan hoti hain agar tanaav kam hoga toh aapko bahut saare log nahi honge aur agar ho gaye hain toh dhire dhire aapke kabu mein aayenge toh man ki shanti tanaav mein kami ki jab dono cheezen ho jaenge toh uske baad aap anand ka anubhav karenge isse yah hoga ki jo aapke champa aaye hain jo aapke kaushal hain jo aap kis kiran se unka bharpur prayog kar payenge unka bharpur upyog kar payenge aur aapke vyaktitva ko ek sanpoornataa milegi aur jo kuch bhi abhi aap karte hain jeevan mein usko bahut bhali bhanti dhang se sanchalit kar payenge agar aap padh rahe hain agar aap kaam kar rahe hain agar aap koi vyavasaya kar rahe hain toh usme aap bahut ekagrata se aur ek nis prabhav se judakar bahut accha yogdan de payenge jab aapka man shaant hoga sharir shaant hoga aur aapke antarman mein koi jodhavas nahi hoga toh aap apne saare karmon ko kushalata purvak kar payenge aur isse aapki efishiensi badhegi aur aap jeevan mein adhik safal honge adhik sukhi honge tathagat aapka kalyan kare khoob mangal ho aapka khoob chalao

आपका प्रश्न है ध्यान या मेडिटेशन करना क्यों आवश्यक है सबसे पहले तो यह जानने के ध्यान या मे

Romanized Version
Likes  19  Dislikes    views  271
WhatsApp_icon
qIcon
ask

Related Searches:
आपका ध्यान ;

This Question Also Answers:

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!