आज भी लोग प्राइवेट स्कूल/हॉस्पिटल पर भरोसा क्यों करते है?...


play
user

Sa Sha

Journalist since 1986

1:27

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भ्रष्टाचार इसकी बड़ी वजह जानकार बताते हैं कि आजादी के बाद नहीं रुके समाजवादी भारत में पांचवी और छठी दशक में सरकारी व्यवस्था में पतन होने लगा इसके बाद समाजवादी भारत मनमोहन सिंह के पूंजीवादी भारत में तब्दील होने लगा और अब तो कारोबारियों की सरकारें स्थिति और भी भैया बहुत ही जा रही है ज्यादातर सरकारी अस्पतालों की आड़ में निजी व्यवसाय पनप रही है डॉक्टर धीरे से अपने मरीजों को निजी क्लीनिक में बुला लेते हैं अस्पतालों की दवाई बाहर केमिस्ट की दुकान में पहुंच जाती है लापरवाही चरम पर है अस्पतालों में चूहे बिल्ली और कुत्तों का जमावड़ा है ऐसी खबरें भी आई है कि नवजात को पीलिया कुत्ते ने अपना निवाला बना लिया 100 तक चूहे कुतर जाती राज्य में सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भर्ती के लिए एक अलग दलाल तंत्र हैं जिनके पास पैसे नहीं है वही सरकारी अस्पतालों में जाने को मजबूर है अब रही बात सरकारी स्कूलों की तो यहां शिक्षक ही नहीं होती है बगैर शिक्षक के बहुत सारे स्कूल गांव-देहातों में चल रहे हैं सरकारी स्कूलों में शौचालय नहीं है गुजरात के एक स्कूल में टीचर की पहरेदारी में लड़कियां खुले में शौच करती दिखाई गई है पेयजल की सुविधा नहीं है बच्चे बालू लीज पर पानी पीते हैं सरकारी स्कूलों में मिड डे मील के लालच में बच्चे भेजी जाती है

bhrashtachar iski BA di wajah janakar BA tatey hai ki azadi ke BA ad nahi ruke samajwadi bharat mein paanchvi aur chathi dashak mein sarkari vyavastha mein patan hone laga iske BA ad samajwadi bharat manmohan Singh ke punjiwadi bharat mein tabdil hone laga aur ab toh karobariyon ki sarkaren sthiti aur bhi bhaiya BA hut hi ja rahi hai jyadatar sarkari aspataalon ki aad mein niji vyavasaya panap rahi hai doctor dhire se apne marizon ko niji clinic mein bula lete hai aspataalon ki dawai BA har chemist ki dukaan mein pohch jaati hai laparwahi charam par hai aspataalon mein chuhe billi aur kutto ka jamavada hai aisi khabren bhi I hai ki navjat ko peeliya kutte ne apna nivala BA na liya 100 tak chuhe kutar jaati rajya mein sarkari aspataalon mein marizon ki bharti ke liye ek alag dalaal tantra hai jinke paas paise nahi hai wahi sarkari aspataalon mein jaane ko majboor hai ab rahi BA at sarkari schoolon ki toh yahan shikshak hi nahi hoti hai BA gair shikshak ke BA hut saare school gaon dehaton mein chal rahe hai sarkari schoolon mein shauchalay nahi hai gujarat ke ek school mein teacher ki paharedari mein ladkiyan khule mein sauch karti dikhai gayi hai paijaal ki suvidha nahi hai BA cche BA alu lease par paani peete hai sarkari schoolon mein mid day meal ke lalach mein BA cche bheji jaati hai

भ्रष्टाचार इसकी बड़ी वजह जानकार बताते हैं कि आजादी के बाद नहीं रुके समाजवादी भारत में पांच

Romanized Version
Likes  2  Dislikes    views  58
WhatsApp_icon
6 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Sefali

Media-Ad Sales

1:23
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज लोग प्राइवेट स्कूल यह अस्पताल अस्पताल पर ज्यादा भरोसा क्यों करते हैं ऐसा नहीं है कि सब यह माना सबका है सबकी अपनी-अपनी राय पब्लिक और गवर्मेंट स्कूल नियर हॉस्पिटल को लेकर हम बात करें भरोसा है या फिर जॉब क्वालिटी 26 है वह कहीं ना कहीं प्राइवेट सेक्टर में ज्यादा मिलती है चाहे वह हॉस्पिटल में हो तो बैटरी फैसिलिटी चाहे कोई भी पेशेंट है उसको अटेंड अटेंड करना डॉक्टर का आकर समझना क्या हो रहा कैसे इमीडियेट एक्शन लेना अगर कोई भी प्रॉब्लम हो रही है बहुत ज्यादा इज्जत नहीं होती है यह फॉर्मेलिटी यू फॉर्मेलिटी तो प्रोसेस काफी फास्ट अगर हम प्राइवेट हॉस्पिटल की बात कीजिए और स्कूल में भी क्वालिटी ऑफ एजुकेशन अटेंडेंस टू द मैंने जो बच्चों को ध्यान देना वह क्या क्या कर रहे हैं कैसे कर रहे हैं पर बैठे-बैठे टीचर बैटरी फैसिलिटी तो क्वालिटी की वजह से लोगों को आजकल ज्यादा भरोसा है पब्लिक स्कूल हॉस्पिटल में अगर कम पर करें हम गवर्मेंट स्कूल या हॉस्पिटल में

aaj log private school yah aspatal aspatal par zyada bharosa kyon karte hai aisa nahi hai ki sab yah mana sabka hai sabki apni apni rai public aur government school near hospital ko lekar hum BA at kare bharosa hai ya phir job quality 26 hai vaah kahin na kahin private sector mein zyada milti hai chahen vaah hospital mein ho toh BA ttery facility chahen koi bhi patient hai usko attend attend karna doctor ka aakar samajhna kya ho raha kaise immediate action lena agar koi bhi problem ho rahi hai BA hut zyada izzat nahi hoti hai yah formality you formality toh process kaafi fast agar hum private hospital ki BA at kijiye aur school mein bhi quality of education attendance to the maine jo BA cchon ko dhyan dena vaah kya kya kar rahe hai kaise kar rahe hai par BA ithe BA ithe teacher BA ttery facility toh quality ki wajah se logo ko aajkal zyada bharosa hai public school hospital mein agar kam par kare hum government school ya hospital mein

आज लोग प्राइवेट स्कूल यह अस्पताल अस्पताल पर ज्यादा भरोसा क्यों करते हैं ऐसा नहीं है कि सब

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  20
WhatsApp_icon
user

Shubham

Software Engineer in IBM

2:00
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज भी लोग प्राइवेट स्कूल्स इन हॉस्पिटल से ज्यादा भरोसा करते हैं क्योंकि अगर हम स्कूलों की बात करें तो अगर हम स्कूल की फैसिलिटीज की बात करें तो वह इतनी अच्छी नहीं है जोगी प्राइवेट स्कूल्स में दी जाती है और आजकल जो लोगों लोगों के जो मैंने पहले ही ऑलरेडी सेट होता है जिसे जो बहुत ज्यादा आई पीपल होते हैं तो वह सोचते हैं कि हमारा बच्चा करे तो उसे पड़ेगा तो गवर्नमेंट स्कूल में बहुत काफी तरह के लोग प्लास्टिक पल भी आते हैं गरीब लोग जाते हम साथ पड़ेगा तो उनके जैसे हो जाएगा तो यह वाली यह वाली जो पी ली है ना यह भी उनके दिमाग में स्पाई करती है तो कुछ लोग इसलिए इसकी वजह से स्कूल नहीं भेजते कुछ लोग इसलिए नहीं भेजते कि जो गवर्नमेंट स्कूल से हमें अच्छी फैसिलिटीज नहीं होती अच्छे फेकल्टी नहीं होते अच्छे पढ़ाने वाले नहीं होते और अच्छा माहौल नहीं होता और मैं आपको बता दूं कि इसमें हमारे जो गवर्नमेंट्स है और जो पॉलिटिशियन से उनकी पिक जो जूए गवर्नमेंट ऑन कर रहे हैं जितने जैसे आप एजुकेशन मिनिस्टर ले लो और जो भी गवर्नमेंट को रंग करते हैं उनके दो बच्चे भी हैं वह भी प्राइवेट स्कूल में पढ़ते अब आप एक बात बताइए जो इस जो इस सिस्टम को रंग कर रहा है अगर उनके बच्चे खुद अगर गवर्नमेंट में ना पढ़कर प्राइवेट स्कूल में पढ़ेंगे तो फिर और उसे उम्मीद के अब आप सोचिए जो गवर्नमेंट सिस्टम को रंग कर रहे थे जो एजुकेशन मिनिस्टर है अगर उनका बच्चा ही गवर्नमेंट स्कूल में नहीं पड़ेगा और प्राइवेट स्कूल पड़ेगा उसका कोई रिजल्ट होगा क्योंकि गवर्नमेंट में इतनी फैसिलिटी नहीं दी गई है और हमारी गवर्नमेंट इतनी करप्ट हो चुकी है क्या उसको जितना करना चाहिए एजुकेशन सिस्टम है और गवर्नमेंट स्कूल और कॉलेज में इतना इतना भी नहीं करती है तो बस यही एक दो रीजन है जिस को ध्यान देना चाहिए और लोग इसलिए प्राइवेट स्कूल को ज्यादा प्यार करते हैं

aaj bhi log private schools in hospital se zyada bharosa karte hai kyonki agar hum schoolon ki BA at kare toh agar hum school ki facilities ki BA at kare toh vaah itni achi nahi hai jogi private schools mein di jaati hai aur aajkal jo logo logo ke jo maine pehle hi already set hota hai jise jo BA hut zyada I pipal hote hai toh vaah sochte hai ki hamara BA ccha kare toh use padega toh government school mein BA hut kaafi tarah ke log plastic pal bhi aate hai garib log jaate hum saath padega toh unke jaise ho jaega toh yah wali yah wali jo p li hai na yah bhi unke dimag mein spy karti hai toh kuch log isliye iski wajah se school nahi bhejate kuch log isliye nahi bhejate ki jo government school se hamein achi facilities nahi hoti acche faculty nahi hote acche padhane waale nahi hote aur accha maahaul nahi hota aur main aapko BA ta doon ki isme hamare jo gavarnaments hai aur jo politician se unki pic jo juye government on kar rahe hai jitne jaise aap education minister le lo aur jo bhi government ko rang karte hai unke do BA cche bhi hai vaah bhi private school mein padhte ab aap ek BA at BA taiye jo is jo is system ko rang kar raha hai agar unke BA cche khud agar government mein na padhakar private school mein padhenge toh phir aur use ummid ke ab aap sochiye jo government system ko rang kar rahe the jo education minister hai agar unka BA ccha hi government school mein nahi padega aur private school padega uska koi result hoga kyonki government mein itni facility nahi di gayi hai aur hamari government itni corrupt ho chuki hai kya usko jitna karna chahiye education system hai aur government school aur college mein itna itna bhi nahi karti hai toh bus yahi ek do reason hai jis ko dhyan dena chahiye aur log isliye private school ko zyada pyar karte hain

आज भी लोग प्राइवेट स्कूल्स इन हॉस्पिटल से ज्यादा भरोसा करते हैं क्योंकि अगर हम स्कूलों की

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  17
WhatsApp_icon
user

Vatsal

Engineering Student

2:00
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए यदि मैं आपके सवाल का उत्तर दूं तो मैं इसके बिल्कुल विपरीत सोच रखता हूं आज के लोग प्राइवेट स्कूल और प्राइवेट अस्पताल पर ज्यादा भरोसा रखते हैं बजाएं की सरकारी स्कूलों सरकारी हॉस्पिटल की बात करते हैं सरकारी स्कूल में यह सब लोग जानते हैं कि जो पढ़ाई की सुख सुविधाएं हैं वह बिल्कुल नहीं है जो पढ़ाई का स्टैंडर्ड है वह बिल्कुल नहीं प्राइवेट फॉर्म सरकारी स्कूल से कंपेयर करें तो हर मां बाप यही चाहता है कि उसका बच्चा अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और प्राइवेट स्कूल में ज्यादा होती है और बहुत ही ज्यादा ऑफिस में भ्रष्टाचार है मैनेजमेंट की लापरवाही होती है वहां पर जो सरकारी स्कूल में फीस बहुत ही कम होती है तो जो लोग सपोर्ट नहीं कर पाते हैं तो वह सरकारी स्कूल पर भरोसा करते हो और अपना फोटो करने वाली चीज ही नहीं है यह बिल्कुल सही बात है प्राइवेट की स्पीड बहुत ज्यादा है मनमाने ढंग से बढ़ा देते हैं वह तो उसे कम करनी चाहिए बाकी शिक्षा का स्तर सरकारी स्कूल में पढ़ाना चाहिए इससे लोगों का भरोसा वहां पर भी है दूसरी चीज सरकारी अस्पताल प्राइवेट अस्पताल में दफ़न सेट करें प्राइवेट अस्पताल बहुत अच्छी सुविधाएं देते हैं वही बात है कि वह रुपए को छूने और चौकने करने का हिसाब रखते हैं इंसान की डेट भी हो जाए तब भी उसे वेंटीलेटर पर बिठाए रखना पैसा बनाने के लिए सरकारी अस्पताल में कितनी नहीं इतना पैसा देना होता है तू सरकारी अस्पताल में इलाज बहुत अच्छा होता है बजाएं की प्राइवेट अस्पताल में जोगी प्राइवेट अस्पताल तो खुले जा रहे हैं कॉलेज आ रहे हैं हर गली मोहल्ले में एक भी खुल जाएंगे ऐसी नौबत आएगी हजारों प्राइवेट अस्पताल हर शहर में खुल गए एक धंधा बना दिया है तो इसलिए हां सशक्त हॉस्पिटल के मामले में सरकारी अस्पताल अभी भी अच्छे हैं पैसे में भी और सुमित

dekhiye yadi main aapke sawaal ka uttar doon toh main iske bilkul viprit soch rakhta hoon aaj ke log private school aur private aspatal par zyada bharosa rakhte hai BA jaen ki sarkari schoolon sarkari hospital ki BA at karte hai sarkari school mein yah sab log jante hai ki jo padhai ki sukh suvidhaen hai vaah bilkul nahi hai jo padhai ka standard hai vaah bilkul nahi private form sarkari school se compare kare toh har maa BA ap yahi chahta hai ki uska BA ccha achi shiksha prapt kare aur private school mein zyada hoti hai aur BA hut hi zyada office mein bhrashtachar hai management ki laparwahi hoti hai wahan par jo sarkari school mein fees BA hut hi kam hoti hai toh jo log support nahi kar paate hai toh vaah sarkari school par bharosa karte ho aur apna photo karne wali cheez hi nahi hai yah bilkul sahi BA at hai private ki speed BA hut zyada hai manmane dhang se BA dha dete hai vaah toh use kam karni chahiye BA ki shiksha ka sthar sarkari school mein padhana chahiye isse logo ka bharosa wahan par bhi hai dusri cheez sarkari aspatal private aspatal mein dafan set kare private aspatal BA hut achi suvidhaen dete hai wahi BA at hai ki vaah rupaye ko chune aur chaukne karne ka hisab rakhte hai insaan ki date bhi ho jaaye tab bhi use ventilator par bithaye rakhna paisa BA naane ke liye sarkari aspatal mein kitni nahi itna paisa dena hota hai tu sarkari aspatal mein ilaj BA hut accha hota hai BA jaen ki private aspatal mein jogi private aspatal toh khule ja rahe hai college aa rahe hai har gali mohalle mein ek bhi khul jaenge aisi naubat aayegi hazaro private aspatal har shehar mein khul gaye ek dhandha BA na diya hai toh isliye haan sashakt hospital ke mamle mein sarkari aspatal abhi bhi acche hai paise mein bhi aur sumit

देखिए यदि मैं आपके सवाल का उत्तर दूं तो मैं इसके बिल्कुल विपरीत सोच रखता हूं आज के लोग प्र

Romanized Version
Likes  1  Dislikes    views  20
WhatsApp_icon
user

Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

1:10
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां यह तो बड़े दुख की बात है कि आज भी लोग प्राइवेट स्कूल और हॉस्पिटल पर भरोसा करते हैं क्योंकि हम देखते आ रहे हैं आजादी के बाद से ही कि सरकारी स्कूल या सरकारी हॉस्पिटल इतनी अच्छी ट्रीटमेंट नहीं देती है या फिर इतना अच्छा सर्वेश नहीं देती है कितनी उम्मीदें लोग रखते हैं वह चाहे अमीर हो या गरीब और सभी अपने बच्चों को या फिर और सभी खुद प्राइवेट स्कूल में जाना चाहते हैं प्राइवेट हॉस्पिटल में अपना इलाज करा कर के लिए प्राइवेट हॉस्पिटल प्राइवेट हॉस्पिटल जो वो सारी फैसिलिटी देता है जो कि गवर्नमेंट स्कूल फैसिलिटीज़ नहीं देती है सरकार आप इतने सारे फैसिलिटीज नहीं देती है कि कि वो जितना भी पैसा होने मिलता है मंत्रियों को सब मंत्री अपनी जेब में रख देते हैं उससे थोड़ी बहुत पैसे ही वह सरकारी स्कूल या फिर सरकारी हॉस्पिटल के डेवलपमेंट के पीछे लगा देते हैं तो मेरे हिसाब से बिल्कुल सही नहीं है और दुख की बात है कि आज भी लोग भरोसा करते हैं परंतु आने वाले समय में हम बस याद रखेंगे कि सरकारी स्कूल में सरकारी हॉस्पिटल से ज्यादा अच्छी हो और ज्यादा लोग आने वाले समय में सरकारी स्कूल और हॉस्पिटल में जाए

haan yah toh BA de dukh ki BA at hai ki aaj bhi log private school aur hospital par bharosa karte hai kyonki hum dekhte aa rahe hai azadi ke BA ad se hi ki sarkari school ya sarkari hospital itni achi treatment nahi deti hai ya phir itna accha sarvesh nahi deti hai kitni ummeeden log rakhte hai vaah chahen amir ho ya garib aur sabhi apne BA cchon ko ya phir aur sabhi khud private school mein jana chahte hai private hospital mein apna ilaj kara kar ke liye private hospital private hospital jo vo saree facility deta hai jo ki government school facilities nahi deti hai sarkar aap itne saare facilities nahi deti hai ki ki vo jitna bhi paisa hone milta hai mantriyo ko sab mantri apni jeb mein rakh dete hai usse thodi BA hut paise hi vaah sarkari school ya phir sarkari hospital ke development ke peeche laga dete hai toh mere hisab se bilkul sahi nahi hai aur dukh ki BA at hai ki aaj bhi log bharosa karte hai parantu aane waale samay mein hum bus yaad rakhenge ki sarkari school mein sarkari hospital se zyada achi ho aur zyada log aane waale samay mein sarkari school aur hospital mein jaaye

हां यह तो बड़े दुख की बात है कि आज भी लोग प्राइवेट स्कूल और हॉस्पिटल पर भरोसा करते हैं क्य

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  180
WhatsApp_icon
user

Pragati

Aspiring Lawyer

0:57
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज भी लोग प्राइवेट स्कूल और हॉस्पिटल ऑफ़ इसलिए भरोसा करते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि प्राइवेट हॉस्पिटल और स्कूल में वह पैसे दे रहे हैं तो उनको जो भी चीज वह चाहते हैं उनको जरूर मिलेगी जैसा कि हम स्कूल की बात करें तो उनको पता है कि उनके बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलेगी प्राइवेट स्कूल्स में तो वह उसी हिसाब से उनको वहां डालते हैं पढ़ने के लिए और हॉस्पिटल की बात करें तो हमको पता होता है कि प्राइवेट हॉस्पिटल ज्यादा होते हैं लेकिन वहां पर उनको अच्छा ट्रीटमेंट मिलेगा इसलिए वहीं जाना पसंद करते हैं और वह गवर्नमेंट में इसलिए नहीं जाते हैं क्योंकि आजकल के भ्रष्टाचार की वजह से गवर्नमेंट स्कूल्स ऑफ गवर्मेंट हॉस्पिटल दोनों की हालत बहुत ज्यादा खराब है हमारे देश में आप कहीं भी चले जाइए आपको गवर्नमेंट स्कूलों गवर्नमेंट हॉस्पिटल बहुत ही गंदी हालत में मिलेगा वहां पर कोई इंसान पढ़ाई तो दूर या ट्रीटमेंट दूर खड़ा भी होना पसंद नहीं करता है तो इसीलिए लोग प्राइवेट स्कूल हॉस्पिटल ज्यादा पसंद करते हैं कॉमेंट्री कंपैरिजन में

aaj bhi log private school aur hospital of isliye bharosa karte hai kyonki unhe pata hai ki private hospital aur school mein vaah paise de rahe hai toh unko jo bhi cheez vaah chahte hai unko zaroor milegi jaisa ki hum school ki BA at kare toh unko pata hai ki unke BA cchon ko achi shiksha milegi private schools mein toh vaah usi hisab se unko wahan daalte hai padhne ke liye aur hospital ki BA at kare toh hamko pata hota hai ki private hospital zyada hote hai lekin wahan par unko accha treatment milega isliye wahi jana pasand karte hai aur vaah government mein isliye nahi jaate hai kyonki aajkal ke bhrashtachar ki wajah se government schools of government hospital dono ki halat BA hut zyada kharab hai hamare desh mein aap kahin bhi chale jaiye aapko government schoolon government hospital BA hut hi gandi halat mein milega wahan par koi insaan padhai toh dur ya treatment dur khada bhi hona pasand nahi karta hai toh isliye log private school hospital zyada pasand karte hai commentary kampairijan mein

आज भी लोग प्राइवेट स्कूल और हॉस्पिटल ऑफ़ इसलिए भरोसा करते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि प्र

Romanized Version
Likes    Dislikes    views  134
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!