अरुणाचल प्रदेश को चीन दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा क्यों बताता है?...


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Ravi Sharma

Advocate

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अरुणाचल प्रदेश कोचीन दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताता है क्योंकि इसके पीछे कुछ ऐतिहासिक कारण है ना चल प्रदेश के जो मूल जनजातियां हैं वह अरुणाचल प्रदेश की नहीं होते अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के पिता बर्मा होते हुए चीन होते हुए अन्य राज्य से है परंतु एक बहुत ही पुरानी बात है तिब्बत के गठन के बाद तिब्बत का क्षेत्र निर्धारित किया गया था अंतर्राष्ट्रीय मानकों के आधार पर उस हिसाब से देखा जाए तो अरुणाचल प्रदेश में है तिब्बत का हिस्सा नहीं माना जा सकता अगर है तो सिरसा से लेह लद्दाख किस प्रकार से तिब्बत का हिस्सा है जो कि मुझे नहीं लगता इस प्रकार कि जिस प्रकार के अंतर्राष्ट्रीय मानचित्र निर्धारित होते हैं तथा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के आधार पर तिब्बत का हिस्सा ना लेह लद्दाख है ना ही अलग देशों से भारत का अभिन्न अंग है पता किस प्रकार के जो भी दावे चीन करता है मैं उसको सिरे से खारिज करता हूं देखिए इसके साथ-साथ मुझे ऐसा भी लगता है कि केवल फूल चाल की भाषा होने से अथवा समान जो की भौगोलिक आपके नियमितता है उसके आधार पर आप किसी देश को या किसी प्रांत को अपने देश का हिस्सा नहीं बता सकते ऐतिहासिक रूप से भी लिखा जाए तो इस प्रकार से अफगानिस्तान भारत में अनुवाद और बहुत बड़ा है तिब्बत का चित्र बताओ भारत के अंदर ही आता था परंतु उस समय की परिस्थितियां कुछ और थी परंतु आज की परिस्थितियां कुछ और है तो मुझे ऐसा लगता है कि इस प्रकार के दावे बिल्कुल गलत है तथा इसका में भरपूर खंडन करता हूं धन्यवाद

arunachal pradesh cochin dakshini tibbet ka hissa batata hai kyonki iske peeche kuch aitihasik karan hai na chal pradesh ke jo mul janajatiyan hain vaah arunachal pradesh ki nahi hote anya purvottar rajyon ke pita burma hote hue china hote hue anya rajya se hai parantu ek bahut hi purani baat hai tibbet ke gathan ke baad tibbet ka kshetra nirdharit kiya gaya tha antarrashtriya maankon ke aadhaar par us hisab se dekha jaaye toh arunachal pradesh mein hai tibbet ka hissa nahi mana ja sakta agar hai toh sirsa se leh laddakh kis prakar se tibbet ka hissa hai jo ki mujhe nahi lagta is prakar ki jis prakar ke antarrashtriya manchitra nirdharit hote hain tatha antararashtriya paristhitiyon ke aadhaar par tibbet ka hissa na leh laddakh hai na hi alag deshon se bharat ka abhinn ang hai pata kis prakar ke jo bhi daave china karta hai main usko sire se khareej karta hoon dekhiye iske saath saath mujhe aisa bhi lagta hai ki keval fool chaal ki bhasha hone se athva saman jo ki bhaugolik aapke niyamitta hai uske aadhaar par aap kisi desh ko ya kisi prant ko apne desh ka hissa nahi bata sakte aitihasik roop se bhi likha jaaye toh is prakar se afghanistan bharat mein anuvad aur bahut bada hai tibbet ka chitra batao bharat ke andar hi aata tha parantu us samay ki paristhiyaann kuch aur thi parantu aaj ki paristhiyaann kuch aur hai toh mujhe aisa lagta hai ki is prakar ke daave bilkul galat hai tatha iska mein bharpur khandan karta hoon dhanyavad

अरुणाचल प्रदेश कोचीन दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा बताता है क्योंकि इसके पीछे कुछ ऐतिहासिक कारण

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Girish Soni

Indian Politician

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चीन चीन इसलिए क्योंकि मैं जहां तक समझता हूं कि काफी चीन से आना जाना उनका पहले से रहा है वहां पर बाकी ऐसा नहीं है जानू ना चल कोई हमारे देश के हमारे देश का हिस्सा है लेकिन हां काफी बॉर्डर पर कुछ ना कुछ ऐसी आजादी उनको पहले मिली होगी कभी ना कभी पहले जब देश के अंदर सीमा सुरक्षा बल जाइए सशक्त नहीं होंगे

china china isliye kyonki main jahan tak samajhata hoon ki kafi china se aana jana unka pehle se raha hai wahan par baki aisa nahi hai janu na chal koi hamare desh ke hamare desh ka hissa hai lekin haan kafi border par kuch na kuch aisi azadi unko pehle mili hogi kabhi na kabhi pehle jab desh ke andar seema suraksha bal jaiye sashakt nahi honge

चीन चीन इसलिए क्योंकि मैं जहां तक समझता हूं कि काफी चीन से आना जाना उनका पहले से रहा है वह

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Farhan Yahiya

Chief Reporter

0:44

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह उनकी गलतफहमी है और अगर कोई इंसान किसी गलतफहमी में जीता है तो उसका अपना भरा होता है अब उनका अपना भ्रम है कि चीन का हिस्सा है तो यह कभी जीते जी तो मुझे लगता है कि इस भारत के इतिहास में आज तक कभी को ले सके ना आगे कभी ले पाएंगे और अगर चीन अपने आपको सुपर पागल समझता है तो हिंदुस्तान भी किसी से कम नहीं है मुंह तोड़ जवाब देने के लिए सक्षम है पूरी तरह से विकसित है ऐसा कुछ नहीं है कि कोई किसी का कल पाकिस्तान किया जाएगा कि भारत पाकिस्तान का हिस्सा पाकिस्तान को दे दिया जाएगा यह भरा में चीन का इनाम चाहिए बता दे

yeh unki galatfahamee hai aur agar koi insaan kisi galatfahamee mein jita hai toh uska apna bhara hota hai ab unka apna bharam hai ki china ka hissa hai toh yeh kabhi jeete ji toh mujhe lagta hai ki is bharat ke itihas mein aaj tak kabhi ko le sake na aage kabhi le payenge aur agar china apne aapko super Pagal samajhata hai toh Hindustan bhi kisi se kam nahi hai mooh tod jawab dene ke liye saksham hai puri tarah se viksit hai aisa kuch nahi hai ki koi kisi ka kal pakistan kiya jayega ki bharat pakistan ka hissa pakistan ko de diya jayega yeh bhara mein china ka inam chahiye bata de

यह उनकी गलतफहमी है और अगर कोई इंसान किसी गलतफहमी में जीता है तो उसका अपना भरा होता है अब उ

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Abhay Pratap

Advocate | Social Welfare Activist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कुछ मूर्ख लोग अरुणाचल प्रदेश को चीन की दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा सपनों में समझते हैं वरुण विस्ता सत्य है अरुणाचल प्रदेश भारत का ताज और मुकुट है और वह भारत का अभिन्न अंग है वह किसी भी अन्य देश के अफीम या राज्य से संतुलन नहीं है वह भारत का है और भारत के साथ पास है

kuch murkh log arunachal pradesh ko china ki dakshini tibbet ka hissa sapnon mein samajhte hain varun vista satya hai arunachal pradesh bharat ka taj aur mukut hai aur vaah bharat ka abhinn ang hai vaah kisi bhi anya desh ke afeem ya rajya se santulan nahi hai vaah bharat ka hai aur bharat ke saath paas hai

कुछ मूर्ख लोग अरुणाचल प्रदेश को चीन की दक्षिणी तिब्बत का हिस्सा सपनों में समझते हैं वरुण

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Jyoti Mehta

Ex-History Teacher

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चीन अरुणाचल प्रदेश को साउथ तिब्बत का हिस्सा बताकर अपना दावा पेश करता है क्योंकि इससे चीन को कई फायदे हैं चीन अरुणाचल के पास नया हाईवे खुला है चिंटूआ न्यूज़ एजेंसी के अनुसार हाइवे बनने से पर्यटन के लिहाज से अरुणाचल के दो प्रमुख शहरों की दूरी घटकर 8 घंटे से 5 घंटे हो गई तिब्बत में ज्यादातर एक्सप्रेस वे सैन्य उपकरणों के लिए सुलभ है इनकी मदद से चीन अपनी सेना और हथियारों को आसानी से मुंह कर सकता है भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल 341 1 किलोमीटर का एक लंबा सीमा विवाद है चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करने के बाद भारत भी 1952 के युद्ध में चीन के द्वारा किए गए अक्साई चीन को अपना शेत्र बताता है

china arunachal pradesh ko south tibbet ka hissa batakar apna daawa pesh karta hai kyonki isse china ko kai fayde hain china arunachal ke paas naya highway khula hai chintuaa news agency ke anusaar highway banne se paryatan ke lihaj se arunachal ke do pramukh shaharon ki doori ghatakar 8 ghante se 5 ghante ho gayi tibbet mein jyadatar express ve sainya upkarnon ke liye sulabh hai inki madad se china apni sena aur hathiyaron ko aasani se mooh kar sakta hai bharat aur china ke beech line of actual control 341 1 kilometre ka ek lamba seema vivaad hai china arunachal pradesh par apna daawa karne ke baad bharat bhi 1952 ke yudh mein china ke dwara kiye gaye aksai china ko apna kshetra batata hai

चीन अरुणाचल प्रदेश को साउथ तिब्बत का हिस्सा बताकर अपना दावा पेश करता है क्योंकि इससे चीन क

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