अवसाद और उन्माद में क्या अंतर है?...


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Dr. Swatantra Jain

Psychotherapist, Family & Career Counsellor and Parenting & Life Coach

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आपने पूछा है के साथ और उन्माद में क्या अंतर है देखो वैसे एग्जाम डिप्रेशन को कहते हैं और उन्माद बहुत थी एक्साइटेड ठीक ओके करते बहुत ज्यादा बहुत ज्यादा पूजा कोई शो करता है बहुत ज्यादा सक्रिय बहुत ज्यादा आत्मविश्वास और उसे लगता है मैं दुनिया को जीत लूंगा ऐसी भावना भी दोनों की अवसाद और अंडा दोनों ही मनोवैज्ञानिक तथ्य यानी डिप्रेशन में इंसान बहुत लोग महसूस करते हैं उसका किसी चीज में इंटरेस्ट नहीं रहता किन लोगों में इंटरेस्ट नहीं करता किसी काम में इंटरेस्ट नहीं रहता किसी स्थिति में इंटरेस्ट नहीं रहता हमेशा दुखी उदास रहता है और उन्माद में बहुत एक्साइटेड फील करता हूं मां की स्थिति में एक्स्ट्रा उर्जा उर्जा से भरपूर आत्मविश्वास से भरपूर लगता है क्या गलत ही लगता है कि मैं सारे संसार को जीत सकता हूं मैं कुछ भी कर सकता लेकिन यह जगन्नाथ की स्थिति है जिन लोगों में हमेशा नहीं रहती उन्माद के बाद डिप्रेशन आ जाता है उस दिन बहुत अच्छी बहुत सकती है बहुत ऊर्जावान बहुत अच्छा से पैसे लगते हैं उसे कुछ चंद दिनों बाद ही स्थिति जब निकल जाती है तो 1 साल से भर जाते हैं लोग कहते हैं जिनमें दोनों स्थिति होती है जिनके जीवन में कभी 1 मार्च की छुट्टी कभी अवसाद की स्थिति बाइपोलर डिसऑर्डर के देख लो साइड में साइड में डिप्रेशन है आपसे आरती दर्शन और आई साइड में अनुराधा अर्थात एक्साइटमेंट ज्यादा उचित रहता है तू ऐसे व्यक्ति की पर्सनालिटी और ऐसे लोगों का इलाज बहुत आसानी से नहीं होता बहुत टाइम लगता है जिसमें बाइपोलर डिसऑर्डर होता है क्योंकि लाइट एरिया

aapne poocha hai ke saath aur unmaad me kya antar hai dekho waise exam depression ko kehte hain aur unmaad bahut thi excited theek ok karte bahut zyada bahut zyada puja koi show karta hai bahut zyada sakriy bahut zyada aatmvishvaas aur use lagta hai main duniya ko jeet lunga aisi bhavna bhi dono ki avsad aur anda dono hi manovaigyanik tathya yani depression me insaan bahut log mehsus karte hain uska kisi cheez me interest nahi rehta kin logo me interest nahi karta kisi kaam me interest nahi rehta kisi sthiti me interest nahi rehta hamesha dukhi udaas rehta hai aur unmaad me bahut excited feel karta hoon maa ki sthiti me extra urja urja se bharpur aatmvishvaas se bharpur lagta hai kya galat hi lagta hai ki main saare sansar ko jeet sakta hoon main kuch bhi kar sakta lekin yah jagannath ki sthiti hai jin logo me hamesha nahi rehti unmaad ke baad depression aa jata hai us din bahut achi bahut sakti hai bahut urjavan bahut accha se paise lagte hain use kuch chand dino baad hi sthiti jab nikal jaati hai toh 1 saal se bhar jaate hain log kehte hain jinmein dono sthiti hoti hai jinke jeevan me kabhi 1 march ki chhutti kabhi avsad ki sthiti bipolar disorder ke dekh lo side me side me depression hai aapse aarti darshan aur I side me anuradha arthat exitement zyada uchit rehta hai tu aise vyakti ki personality aur aise logo ka ilaj bahut aasani se nahi hota bahut time lagta hai jisme bipolar disorder hota hai kyonki light area

आपने पूछा है के साथ और उन्माद में क्या अंतर है देखो वैसे एग्जाम डिप्रेशन को कहते हैं और उन

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