क्या जीवनसाथी का चुनाव करते समय उसके शारीरिक सुंदरता को ज़्यादा ध्यान देना चाहिए उसके मानसिक सुंदरता को?...


user

Yogender Dhillon

Law Educator , Advocate Motivational Coach

0:49
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखो मानसी के सुंदरता बहुत जरूरी है शारीरिक सुंदरता के कोई मायने नहीं है अपने कहावत सुनी होगी एक रूप रोवर कर्म खाटू जी जब भी आप के सिम से मिलते हो या लाइफ पार्टनर के रूप में देखा जाता है तो सबसे पहले उसके दिल की उसके मन में दूसरों के प्रति सम्मान की उसमें सेल्फ रिस्पेक्ट कि उसने काम की भावना की उन सारे परिवार के प्रति समाज के प्रति पुत्र की सारी चीजें देखो ठीक है सुंदरता का कोई मोल नहीं है सुंदरता तो ढाई दिन की है अरे 2 साल में 4 साल में सब एक जैसे दिखते हैं लेकिन कंपैरेटिव अपने जैसा दिखता हो ठीक है उसके बाद उसने उसके कर्म कहते हैं उसका नेचर कैसा है इस चीज को सबसे पहले देखो उसके मन की सुंदरता को देखो आप

dekho mansi ke sundarta bahut zaroori hai sharirik sundarta ke koi maayne nahi hai apne kahaavat suni hogi ek roop rover karm khatoo ji jab bhi aap ke sim se milte ho ya life partner ke roop me dekha jata hai toh sabse pehle uske dil ki uske man me dusro ke prati sammaan ki usme self respect ki usne kaam ki bhavna ki un saare parivar ke prati samaj ke prati putra ki saari cheezen dekho theek hai sundarta ka koi mole nahi hai sundarta toh dhai din ki hai are 2 saal me 4 saal me sab ek jaise dikhte hain lekin comparative apne jaisa dikhta ho theek hai uske baad usne uske karm kehte hain uska nature kaisa hai is cheez ko sabse pehle dekho uske man ki sundarta ko dekho aap

देखो मानसी के सुंदरता बहुत जरूरी है शारीरिक सुंदरता के कोई मायने नहीं है अपने कहावत सुनी ह

Romanized Version
Likes  24  Dislikes    views  384
WhatsApp_icon
13 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

vivek sharma

BANK PO| Astrologer | Mutual Fund Advisor। Career Counselor

1:00
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार क्या जीवन साथी का चुनाव करते समय उसकी शारीरिक सुंदरता को ज्यादा ध्यान देना चाहिए उसके मानसिक सुंदरता कूदना चाहिए तो मैं आपको बताना चाहूंगा यह प्रश्न करने के समय ही आपको यह समझ में आ चुका होगा कि ऊपर से पैकेट कैसा भी हो महत्वता है अंदर के सामान कैसा है अगर व्यक्ति अच्छा है तो आप की पीढ़ियां उतर जाएंगे अच्छा व्यक्ति कहां से मन से कर्म से वचन से ऊपर से देखने में सुंदर हो तब भी ठीक है ना हो तब भी ठीक है लेकिन अंदर अच्छा होना चाहिए अंदर होगा तो आपकी अगली पीढ़ी भी उतनी ही संस्कारवान अच्छी आगे प्रगति करने वाली होगी तो आप ध्यान रखें कि ऊपर से पैकेट का कोई मोल नहीं अंदर की चीज का ही मूल है

namaskar kya jeevan sathi ka chunav karte samay uski sharirik sundarta ko zyada dhyan dena chahiye uske mansik sundarta kudana chahiye toh main aapko batana chahunga yah prashna karne ke samay hi aapko yah samajh me aa chuka hoga ki upar se packet kaisa bhi ho mahatvata hai andar ke saamaan kaisa hai agar vyakti accha hai toh aap ki peedhiyaan utar jaenge accha vyakti kaha se man se karm se vachan se upar se dekhne me sundar ho tab bhi theek hai na ho tab bhi theek hai lekin andar accha hona chahiye andar hoga toh aapki agli peedhi bhi utani hi sanskarvan achi aage pragati karne wali hogi toh aap dhyan rakhen ki upar se packet ka koi mole nahi andar ki cheez ka hi mul hai

नमस्कार क्या जीवन साथी का चुनाव करते समय उसकी शारीरिक सुंदरता को ज्यादा ध्यान देना चाहिए उ

Romanized Version
Likes  16  Dislikes    views  256
WhatsApp_icon
play
user

Dr. Chinmaya Behera

Eco.,Fin., Pol.,life.,&career

1:12

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब आप जीवन साथी एक लड़की ढूंढ रहे हैं तो आपको एक चीज का ख्याल रखना पड़ेगा जिस लड़की के पास कोर्स आर्स हो जैसे अपने सर सेलफिशनेस कम हो उस लड़के को आप यूज़ करना चाहिए गोरी हो या काली कोई फर्क में सिमिलरली आपका जीवनसाथी लड़का हो तो आपको यह देखना चाहिए कि वह लड़का अपने घर वालों के साथ अपने परिवार के साथ बिताना तक ऐसे कैसे बताओ करता है दूसरे के साथ कैसे बताऊं कर अपने नीचे के लोग जैसे वेटर वगैरह हो गया जैसे लैबोरर हो गया उनको किस तरह के बर्ताव करता है जो लड़का अच्छा बर्ताव का अपने से नीचे लेवल के लोगों को तो आप उस तरह की जीवनसाथी चुनिए गोरा हो या काला हो कोई फर्क नहीं पड़ता

jab aap jeevan sathi ek ladki dhundh rahe hai toh aapko ek cheez ka khayal rakhna padega jis ladki ke paas course ars ho jaise apne sir selfishnes kam ho us ladke ko aap use karna chahiye gori ho ya kali koi fark mein similarali aapka jeevansathi ladka ho toh aapko yah dekhna chahiye ki vaah ladka apne ghar walon ke saath apne parivar ke saath bitana tak aise kaise batao karta hai dusre ke saath kaise bataun kar apne niche ke log jaise waiter vagera ho gaya jaise laiborar ho gaya unko kis tarah ke bartaav karta hai jo ladka accha bartaav ka apne se niche level ke logo ko toh aap us tarah ki jeevansathi chuniye gora ho ya kaala ho koi fark nahi padta

जब आप जीवन साथी एक लड़की ढूंढ रहे हैं तो आपको एक चीज का ख्याल रखना पड़ेगा जिस लड़की के पास

Romanized Version
Likes  84  Dislikes    views  1420
WhatsApp_icon
user

Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:43
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है क्या जीवनसाथी का चुनाव करते समय उसके शारीरिक सुंदरता को ध्यान देना चाहिए या उसके मानसिक सुंदरता को जी आपको जीवन साथी का चुनाव करते वक्त उसकी मानसिक सुंदरता को ध्यान देना चाहिए शारीरिक सुंदरता तो आज है कल नहीं है तो हमेशा मानसिक सुंदरता को ध्यान दीजिए अगर उसकी मानसिक सुंदरता खराब है तो सर एक्सएक्स डरता को क्या करेंगे और उसकी मासिक सुंदरता खराब है तो वह आपको भी दिन-प्रतिदिन परेशान कर सकता है तो हमेशा मार्केट सुंदरता कुछ नहीं और अपना जीवनसाथी चुनने आपका दिन शुभ हो धन्यवाद ग्रुप फोर लाइफ टेक केयर हैव एंजॉय

aapka prashna hai kya jeevansathi ka chunav karte samay uske sharirik sundarta ko dhyan dena chahiye ya uske mansik sundarta ko ji aapko jeevan sathi ka chunav karte waqt uski mansik sundarta ko dhyan dena chahiye sharirik sundarta toh aaj hai kal nahi hai toh hamesha mansik sundarta ko dhyan dijiye agar uski mansik sundarta kharab hai toh sir XX darta ko kya karenge aur uski maasik sundarta kharab hai toh vaah aapko bhi din pratidin pareshan kar sakta hai toh hamesha market sundarta kuch nahi aur apna jeevansathi chunane aapka din shubha ho dhanyavad group four life take care have enjoy

आपका प्रश्न है क्या जीवनसाथी का चुनाव करते समय उसके शारीरिक सुंदरता को ध्यान देना चाहिए या

Romanized Version
Likes  259  Dislikes    views  5776
WhatsApp_icon
user

Shubham Saini

Software Engineer

0:33
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जीवन साथी चुनते समय उसके शारीरिक सुंदरता को नहीं उसके हृदय को उसके मन को इस को चुनना चाहिए मां कैसी है कैसी सोचती है क्या करती है उसकी फीलिंग दूसरों के लिए क्या है अच्छा है या बुरा है वह दूसरे के बारे में क्या सोचती है सब पहले इसको जाना चाहिए उसके बाद शारीरिक कोमलता रही तो ऐसा हो जो आपके लायक हूं जो खुद को भी अच्छा लगे ऐसा होना चाहिए

jeevan sathi chunte samay uske sharirik sundarta ko nahi uske hriday ko uske man ko is ko chunana chahiye maa kaisi hai kaisi sochti hai kya karti hai uski feeling dusro ke liye kya hai accha hai ya bura hai vaah dusre ke bare mein kya sochti hai sab pehle isko jana chahiye uske baad sharirik komalta rahi toh aisa ho jo aapke layak hoon jo khud ko bhi accha lage aisa hona chahiye

जीवन साथी चुनते समय उसके शारीरिक सुंदरता को नहीं उसके हृदय को उसके मन को इस को चुनना चाहिए

Romanized Version
Likes  20  Dislikes    views  501
WhatsApp_icon
user

Vikas Singh

Political Analyst

1:12
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज आपने बहुत ही अच्छा सवाल पूछा है जीवन साथी का चुनाव करते समय उसके शारीरिक सुंदरता को ज्यादा ध्यान देना चाहिए या उसके मानसिक सुंदरता को मैं आपको बताना चाहता हूं इंसान के अंदर दो टाइप की क्वालिटी होती है एक एक्सटर्नल क्वालिटी होती है एक इंटरनल क्वालिटी होती है जो एक्सटर्नल क्वालिटी क्वालिटी होती है जो शारीरिक सुंदरता होती है उस समय के साथ नष्ट हो जाती है लेकिन जो इंटरनल क्वालिटी होती है जो उसका ज्ञान होता है जो उसका आइक्यू लेवल होता है जीवन भर उसके साथ रहता है तो इंसान को हमेशा इंटरनल क्वालिटी देखकर जो का चुनाव करना चाहिए देखिए हमारे देश के बहुत ही बड़े आईएसपीसीएस हैं जिनकी हाइट बहुत कम है जो सुंदर नहीं है जो काले हैं तो सांवले हैं लड़के भी हैं लड़कियां भी हैं लेकिन उनकी इंटरनल पार्ट इतनी सुंदर है कि आज वह डीएम है यस पी है हमारे देश के बड़े-बड़े पॉलिटिक्स लीटर है तो हमेशा चुनाव करते समय मानसिक सुंदरता को ध्यान में रखकर चुनाव जीवन साथी का करना चाहिए धन्यवाद

aaj aapne bahut hi accha sawaal poocha hai jeevan sathi ka chunav karte samay uske sharirik sundarta ko zyada dhyan dena chahiye ya uske mansik sundarta ko main aapko bataana chahta hoon insaan ke andar do type ki quality hoti hai ek external quality hoti hai ek internal quality hoti hai jo external quality quality hoti hai jo sharirik sundarta hoti hai us samay ke saath nasht ho jaati hai lekin jo internal quality hoti hai jo uska gyaan hota hai jo uska IQ level hota hai jeevan bhar uske saath rehta hai toh insaan ko hamesha internal quality dekhkar jo ka chunav karna chahiye dekhiye hamare desh ke bahut hi bade ISPCS hain jinki height bahut kam hai jo sundar nahi hai jo kaale hain toh saanvle hain ladke bhi hain ladkiyan bhi hain lekin unki internal part itni sundar hai ki aaj vaah dm hai Yes p hai hamare desh ke bade bade politics litre hai toh hamesha chunav karte samay mansik sundarta ko dhyan mein rakhakar chunav jeevan sathi ka karna chahiye dhanyavad

आज आपने बहुत ही अच्छा सवाल पूछा है जीवन साथी का चुनाव करते समय उसके शारीरिक सुंदरता को ज्य

Romanized Version
Likes  16  Dislikes    views  395
WhatsApp_icon
user

Amzad

Coach of Human Power Psychologist, Motivator,Joyotish,Speaker,Life, Relationship,Partner,And you YE SAB ME NEHI HOO LEKIN SAB SE ACCHA HOO \6003876488

5:34
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या जीवन साथी के चुनाव करते समय उसके शारीरिक सुंदरता को ज्यादा ध्यान देना चाहिए उसकी मानसिक सुंदरता तो सबसे पहले यह जो जीवनसाथी का चुनाव है यह हमारी जीवन में काफी महत्वपूर्ण चीज है इसके बारे में अगर हम कुछ जल्दबाजी कर के कुछ भी जवाब दे दे तो इसका पूरा खा लिया ना शायद आपको पूरी जिंदगी भर भुगतना पड़ेगा तो इस चीज को जो हम विस्तार से बात करना चाहेंगे कि जीवन साथी के चुनाव में शारीरिक और मानसिक सुंदरता की जो बातों पर अपने ध्यान दिया या फिर उसी को लेकर जो आपके मन में सवाल उठे तो सबसे पहले कहना चाहता हूं यह शारीरिक सुंदरता और मानसिक सुंदरता दोनों की में क्या अंतर है तो यह जो शारीरिक सुंदरता है उसको आजकल हम आर्टिफिशल यूटीवी कह सकते हैं क्योंकि आजकल सुंदरता हम अपने हिसाब से बना सकते हैं हमें जिस तरह से सुंदर दिखने की जरूरत होती है उस तरह से अपने आप में बदलाव ला सकते हैं आप देखते होंगे काफी लड़के या लड़की जिम करके पार्लर में जाकर या फिर कहीं पर भी जाकर अपनी सुंदरता निकाल सकते यहां तक कि आपने हमको भी इंसान आज के दिन में बदल सकते हैं तो जो शारीरिक सुंदरता है वह हम कुछ दिनों की मेहनत से या फिर कुछ परीक्षणों के बाद हम से प्राप्त कर सकते हैं लेकिन यह जो मानसिक सुंदरता हूं यह होती है आपके आत्माओं से जुड़ा हुआ एक चीज आपकी मानसिक या फिर जगह है आपकी मनोभाव या फिर आप की सही पहचान की मानसिक सुंदरता को निकालता है और आपकी जो शिक्षा होती है समझ होती है या फिर आपकी दूसरों के प्रति जो दयामई प्रेमभाव या फिर ना इन सारी चीजों से मानसिक सुंदरता बनती है तो हमने कहा तक कहा कि यह साल की सुंदरता आर्टिफिशल ले और हम नीचे कुछ परिश्रम के बाद मुझे प्राप्त कर सकते हैं लेकिन मानसिक सुंदरता है कि नहीं होती है वह आपकी जीने के लिए आपके बंसल द्वारा प्राप्त करते हैं और इसके लिए काफी और जो यह शारीरिक सुंदरता यह कुछ समय के लिए ठहरता है हमारे जीवन में मान लीजिए 16 साल से 35 साल तक या फिर 40 साल तक और हमारी जिंदगी है वह सब तहसील और बहुत सारे वर्क है हमारे पास जिओ 4g सुंदरता हमारे साथ नहीं देती है तो अगर हम मानसिक सुंदरता का ध्यान दें अगर कोई रिश्ता जोड़ो भजन जीवन साथी ढूंढ तो मुझे लगता है कि हमें बेहतर परिणाम मिलेंगे क्योंकि बहुत सारी वक्त के जो शारीरिक सुंदरता है साथ नहीं देती है लेकिन आपके जीवनसाथी के पास अगर मानसिक सुंदरता हो तो वह को संवार सकती है संभाल सकती है और न जाने कितने बड़े बड़े मुश्किल है उससे आपको वह उभर सकती है तो मानसिक सुंदरता बहुत बेहतरीन चुनाव के लिए है और मेरी तो यही राय है मैं भी जिंदगी में वांछित सुंदरता को ही प्रधान देता हूं और ना की सारी की सारी सुंदरता के बारे में हम बात करी चुके हैं और शारीरिक सुंदरता की जो बात है मान लीजिए एक रास्ता में चलता हुआ पागल है वह दिखता कैसा भी हो लेकिन आप उसे आकर पार्लर लेकर कहीं पर उसकी जो पूरी देखभाल के बाल बना अच्छे कपड़े पहनाए तब भी क्या वह आपके लिए सही होंगे तो देखिए शारीरिक सुंदरता कुछ पैसे खर्च करके किसी भी राह पर सबसे पागल को भी बना सकते लेकिन वह आपके लिए सही जीवनसाथी नहीं बन सकता है तो मैं भी तो यही राय है और सलाह आप लोग उसे या आप लोग शारीरिक सुंदरता पर ध्यान ना देकर मानचित्र सुंदरता की ओर बढ़ी है तब देखी आपकी जिंदगी में या फिर आपकी जीवन साथी में आपको कोई कमी नहीं दिखाई देती और कोई भी आपका जीवन साथियों मान लिया जाए वह दिखने में शारीरिक सुंदरता थोड़ी कम है लेकिन मानसिक तरह से पूरी सुंदर है तो आप उसे बना सकते हैं अपने ढंग से याद कल हमने काफी नॉलेज से सुंदरता का बने हमारे समाज काफी जागरूक हैं अपना बॉडी मेंटेन कर सकता है उसकी मेंटेन कर सकता हम हर चीज बना सकता है मानसिक सुंदरता बनाने की मशीन है ना कोई आज तक ऐसी पार्लर बनी है जहां पर आप मानसिक सुंदरता को निखार सकते और ना तो कोई क्रीम या सी आती है जो मानसिक सुंदरता निकालती है ना तो कोई ऐसी थेरेपी आती है जिससे मानसिक सुंदरता नहीं खाती है लेकिन शारीरिक सुंदरता आप किसी भी तरह किसी भी तरह की सुंदरता को प्राप्त कर सकते हैं खुशी परिश्रम और कुछ पैसों के दम पर तो मेरी जो कहने का मतलब है तो आप सभी अपने जीवनसाथी चुनाव करते समय शारीरिक सुंदरता को उतना महत्व ना देकर मानसिक सुंदरता को दीजिए क्योंकि शारीरिक सुंदरता अपने मुताबिक आप बाद में इसे रिजेक्ट कर पाएंगे लेकिन मानसिक सुंदरता के साथ कोई भी एडजस्ट नहीं होता भाई तो यही हमारी मुख्य कानून होती है हमारी जो जीवन साथी के साथ मत बनता या फिर उसके साथ बहुत तारीख की बहुत तरीके की परेशानियों से हम जुलते हैं या मानसिक सुंदरता की कमी के कारण तो मेरा जवाब स्पष्ट है और सच है आपको अच्छा लगे और आप सही तरह से अपना जीवन साथी के लिए कैसे करें मेरी शुभकामनाएं और हम आपके साथ नमस्कार जी

kya jeevan sathi ke chunav karte samay uske sharirik sundarta ko zyada dhyan dena chahiye uski mansik sundarta toh sabse pehle yah jo jeevansathi ka chunav hai yah hamari jeevan mein kaafi mahatvapurna cheez hai iske bare mein agar hum kuch jaldabaji kar ke kuch bhi jawab de de toh iska pura kha liya na shayad aapko puri zindagi bhar bhugatna padega toh is cheez ko jo hum vistaar se baat karna chahenge ki jeevan sathi ke chunav mein sharirik aur mansik sundarta ki jo baaton par apne dhyan diya ya phir usi ko lekar jo aapke man mein sawaal uthe toh sabse pehle kehna chahta hoon yah sharirik sundarta aur mansik sundarta dono ki mein kya antar hai toh yah jo sharirik sundarta hai usko aajkal hum artificial UTV keh sakte hai kyonki aajkal sundarta hum apne hisab se bana sakte hai hamein jis tarah se sundar dikhne ki zarurat hoti hai us tarah se apne aap mein badlav la sakte hai aap dekhte honge kaafi ladke ya ladki gym karke parlour mein jaakar ya phir kahin par bhi jaakar apni sundarta nikaal sakte yahan tak ki aapne hamko bhi insaan aaj ke din mein badal sakte hai toh jo sharirik sundarta hai vaah hum kuch dino ki mehnat se ya phir kuch parikshano ke baad hum se prapt kar sakte hai lekin yah jo mansik sundarta hoon yah hoti hai aapke atmaon se jinko hua ek cheez aapki mansik ya phir jagah hai aapki manobhaav ya phir aap ki sahi pehchaan ki mansik sundarta ko nikalata hai aur aapki jo shiksha hoti hai samajh hoti hai ya phir aapki dusro ke prati jo dayamai premabhav ya phir na in saree chijon se mansik sundarta banti hai toh humne kaha tak kaha ki yah saal ki sundarta artificial le aur hum niche kuch parishram ke baad mujhe prapt kar sakte hai lekin mansik sundarta hai ki nahi hoti hai vaah aapki jeene ke liye aapke bansal dwara prapt karte hai aur iske liye kaafi aur jo yah sharirik sundarta yah kuch samay ke liye thahrata hai hamare jeevan mein maan lijiye 16 saal se 35 saal tak ya phir 40 saal tak aur hamari zindagi hai vaah sab tehsil aur bahut saare work hai hamare paas jio 4g sundarta hamare saath nahi deti hai toh agar hum mansik sundarta ka dhyan de agar koi rishta jodon bhajan jeevan sathi dhundh toh mujhe lagta hai ki hamein behtar parinam milenge kyonki bahut saree waqt ke jo sharirik sundarta hai saath nahi deti hai lekin aapke jeevansathi ke paas agar mansik sundarta ho toh vaah ko sanvar sakti hai sambhaal sakti hai aur na jaane kitne bade bade mushkil hai usse aapko vaah ubhar sakti hai toh mansik sundarta bahut behtareen chunav ke liye hai aur meri toh yahi rai hai bhi zindagi mein vanchit sundarta ko hi pradhan deta hoon aur na ki saree ki saree sundarta ke bare mein hum baat kari chuke hai aur sharirik sundarta ki jo baat hai maan lijiye ek rasta mein chalta hua Pagal hai vaah dikhta kaisa bhi ho lekin aap use aakar parlour lekar kahin par uski jo puri dekhbhal ke baal bana acche kapde pahnaye tab bhi kya vaah aapke liye sahi honge toh dekhiye sharirik sundarta kuch paise kharch karke kisi bhi raah par sabse Pagal ko bhi bana sakte lekin vaah aapke liye sahi jeevansathi nahi ban sakta hai toh main bhi toh yahi rai hai aur salah aap log use ya aap log sharirik sundarta par dhyan na dekar manchitra sundarta ki aur badhi hai tab dekhi aapki zindagi mein ya phir aapki jeevan sathi mein aapko koi kami nahi dikhai deti aur koi bhi aapka jeevan sathiyo maan liya jaaye vaah dikhne mein sharirik sundarta thodi kam hai lekin mansik tarah se puri sundar hai toh aap use bana sakte hai apne dhang se yaad kal humne kaafi knowledge se sundarta ka bane hamare samaj kaafi jagruk hai apna body maintain kar sakta hai uski maintain kar sakta hum har cheez bana sakta hai mansik sundarta banane ki machine hai na koi aaj tak aisi parlour bani hai jaha par aap mansik sundarta ko nikhaar sakte aur na toh koi cream ya si aati hai jo mansik sundarta nikalati hai na toh koi aisi therapy aati hai jisse mansik sundarta nahi khati hai lekin sharirik sundarta aap kisi bhi tarah kisi bhi tarah ki sundarta ko prapt kar sakte hai khushi parishram aur kuch paison ke dum par toh meri jo kehne ka matlab hai toh aap sabhi apne jeevansathi chunav karte samay sharirik sundarta ko utana mahatva na dekar mansik sundarta ko dijiye kyonki sharirik sundarta apne mutabik aap baad mein ise reject kar payenge lekin mansik sundarta ke saath koi bhi adjust nahi hota bhai toh yahi hamari mukhya kanoon hoti hai hamari jo jeevan sathi ke saath mat baata ya phir uske saath bahut tarikh ki bahut tarike ki pareshaniyo se hum julte hai ya mansik sundarta ki kami ke karan toh mera jawab spasht hai aur sach hai aapko accha lage aur aap sahi tarah se apna jeevan sathi ke liye kaise kare meri subhkamnaayain aur hum aapke saath namaskar ji

क्या जीवन साथी के चुनाव करते समय उसके शारीरिक सुंदरता को ज्यादा ध्यान देना चाहिए उसकी मानस

Romanized Version
Likes  31  Dislikes    views  384
WhatsApp_icon
user

Vinod Kumar Pandey

Life Coach | Career Counsellor ::Relationship Counsellor :: Parenting Counsellor

2:03
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अपने प्रश्न किया है कि क्या जीवनसाथी का चुनाव करते समय उसके सारे सुंदरता को ज्यादा ध्यान देना चाहिए या उसके मानसिक सुंदरता को इसके लिए मैं यही कहना चाहूंगा कि जब भी आप जो साथी का चुनाव करें तो हमेशा प्राथमिकता आप मानसिक सुंदरता को दें क्योंकि अगर जिस व्यक्ति का मासिक सुंदरता अच्छा होता है व्यक्तित्व अच्छा होता उसका व्यवहार अच्छा होता उसके अंदर शालीनता होती है तो कहीं ना कहीं उसके साथ हमारे रिश्ते बहुत अच्छे होते हैं चाहे अगर थोड़ा उसकी सुंदरता में थोड़ी कमी भी होती है तो भी वह रिश्ता कहीं ना कहीं हमारा बहुत अच्छा चलता है और हम अपने जीवन में बहुत संतुष्ट रहते हैं लेकिन जब हमारा रिश्ता को सुंदरता पर आधारित होता है अगर उस व्यक्ति का कहीं मां की सुंदरता उतनी अच्छी नहीं होती है तो कहीं ना कहीं कुछ दिनों में हमारे संबंधों में बड़ी दिक्कत आने लगती है बहुत परेशानी आने लगती है और हमारे जीवन में बहुत सारा अशांति आना शुरू हो जाता है इसीलिए हर व्यक्ति के पहले जिम्मेदारी बनती है कृपया वह अपने जीवन साथी का तलाश करें तो हमेशा प्राथमिकता केवल उसके मानसिक सुंदरता को दे सारी सुंदरता अगर मिल जाए तो अच्छी बात है अगर उसमें थोड़ी कमी है या कम है तो भी उसे ध्यान नहीं देना चाहिए क्योंकि जो व्यक्ति अपने मन से सुधार है वह अपने आप उसकी सुंदरता अपने आप उसके अंदर आ ही जाती है लेकिन जो व्यक्ति केवल शारीरिक सुंदरता है जिसके पास लेकिन उसके अंदर मन सुंदर नहीं है तो उसके अंदर मन की सुंदरता पानी पड़े मुश्किल हो जाती है इसलिए अपने जीवन साथी के चुनाव में हमेशा प्राथमिकता मन की सुंदरता दें क्योंकि वही आपको जीवन के अंत तक साथ जाएगा शारीरिक सुंदरता समय के हिसाब से धीरे-धीरे फीकी पड़ती चली जाती है लेकिन मन की सुंदरता जीवन में हमेशा साथ रहती है और रिश्तो के मजबूत बनाने में बहुत महत्वपूर्ण योगदान देती है मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं धन्यवाद

apne prashna kiya hai ki kya jeevansathi ka chunav karte samay uske saare sundarta ko zyada dhyan dena chahiye ya uske mansik sundarta ko iske liye main yahi kehna chahunga ki jab bhi aap jo sathi ka chunav kare toh hamesha prathamikta aap mansik sundarta ko de kyonki agar jis vyakti ka maasik sundarta accha hota hai vyaktitva accha hota uska vyavhar accha hota uske andar shalinata hoti hai toh kahin na kahin uske saath hamare rishte bahut acche hote hain chahen agar thoda uski sundarta mein thodi kami bhi hoti hai toh bhi vaah rishta kahin na kahin hamara bahut accha chalta hai aur hum apne jeevan mein bahut santusht rehte hain lekin jab hamara rishta ko sundarta par aadharit hota hai agar us vyakti ka kahin maa ki sundarta utani achi nahi hoti hai toh kahin na kahin kuch dino mein hamare sambandhon mein badi dikkat aane lagti hai bahut pareshani aane lagti hai aur hamare jeevan mein bahut saara ashanti aana shuru ho jata hai isliye har vyakti ke pehle jimmedari banti hai kripya vaah apne jeevan sathi ka talash kare toh hamesha prathamikta keval uske mansik sundarta ko de saree sundarta agar mil jaaye toh achi baat hai agar usme thodi kami hai ya kam hai toh bhi use dhyan nahi dena chahiye kyonki jo vyakti apne man se sudhaar hai vaah apne aap uski sundarta apne aap uske andar aa hi jaati hai lekin jo vyakti keval sharirik sundarta hai jiske paas lekin uske andar man sundar nahi hai toh uske andar man ki sundarta paani pade mushkil ho jaati hai isliye apne jeevan sathi ke chunav mein hamesha prathamikta man ki sundarta de kyonki wahi aapko jeevan ke ant tak saath jaega sharirik sundarta samay ke hisab se dhire dhire feeki padti chali jaati hai lekin man ki sundarta jeevan mein hamesha saath rehti hai aur rishto ke majboot banane mein bahut mahatvapurna yogdan deti hai meri subhkamnaayain aapke saath hain dhanyavad

अपने प्रश्न किया है कि क्या जीवनसाथी का चुनाव करते समय उसके सारे सुंदरता को ज्यादा ध्यान द

Romanized Version
Likes  57  Dislikes    views  715
WhatsApp_icon
user

Mr. Mukesh Kumar

Youtuber, https://youtu.be/lxwi7CXLHSQ

1:01
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न है कि क्या जीवनसाथी का चुनाव करते समय उसकी शादी शुदा तक उपहार में देना चाहिए या फिर मानसिक शुद्धता को बताना चाहूंगा कि शारीरिक सुंदरता से ज्यादा को सुंदरता मानसिक सुंदर होता है क्योंकि सारिक सुंदरता यदि किसी के पास हो और वसई सपना बोले उसके कैरेक्टर सही ना हो किसी से भी हमेशा जलन की भावना रखता हूं तू सुंदरता की कोई भी अहमियत है और यदि वह थोड़ा सा वली हो और चेहरे की पर थोड़ी सी खुशियां भी हो और उसके अंदर की दो बेचारे काफी अच्छे हो सुंदर और लोगों के बारे में भला सोचे अपने लाइफ पार्टनर के बारे में सही सोचे अपने घर परिवार के बारे में सही सोचे विचार रखे खुद अपने त्याग खुशी की तैयार करके दूसरों की खुशी देख तो ऐसे लाइक बटन बहुत ही जीवन को सुखमय बना देते हैं यूं कहे कि घर को स्वर्ग बना देते हैं आपका दिन शुभ मंगल

namaskar aapka prashna hai ki kya jeevansathi ka chunav karte samay uski shadi shuda tak upahar mein dena chahiye ya phir mansik shuddhta ko bataana chahunga ki sharirik sundarta se zyada ko sundarta mansik sundar hota hai kyonki sarik sundarta yadi kisi ke paas ho aur vasai sapna bole uske character sahi na ho kisi se bhi hamesha jalan ki bhavna rakhta hoon tu sundarta ki koi bhi ahamiyat hai aur yadi vaah thoda sa vali ho aur chehre ki par thodi si khushiya bhi ho aur uske andar ki do bechaare kaafi acche ho sundar aur logo ke bare mein bhala soche apne life partner ke bare mein sahi soche apne ghar parivar ke bare mein sahi soche vichar rakhe khud apne tyag khushi ki taiyar karke dusro ki khushi dekh toh aise like button bahut hi jeevan ko sukhmay bana dete hain yun kahe ki ghar ko swarg bana dete hain aapka din shubha mangal

नमस्कार आपका प्रश्न है कि क्या जीवनसाथी का चुनाव करते समय उसकी शादी शुदा तक उपहार में देना

Romanized Version
Likes  43  Dislikes    views  420
WhatsApp_icon
user
0:51
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह का चुनाव जो है इस बात पर डिपेंड करता है कि आपको स्पेक्ट्रम की सुंदरता चाहिए या long-term की सुंदरता चाहिए अगर आपको शार्ट ट्रम के लिए चाहिए तब तो सुंदरता आपको शारीरिक सुंदरता को देखिए और शार्ट ट्रम के लिए सही है लेकिन अगर आप लेट लॉन्ग टर्म के पीए देखते लंबे टाइम के लिए सोचते हैं तो फिर आपको मानसिक सुंदरता को ही इंपोर्टेंस देना चाहिए इसके अलावा एक दूसरी ओर है कि अगर आप सिर्फ अपनी आंखों की शांति के लिए आंखों की जो है उसके लिए देखते हो तो आपको शादी में शादी करना चाहिए अगर आप यह चाहते हो कि मेरे मन में हमेशा के लिए वह मन में खुशी देने वाला है ऐसा होना चाहिए तो फिर आपको उसकी मानसिक संताप क्योंकि आप उसे मानसिक रूप से या मन से हमेशा के लिए खुश रहोगे

yah ka chunav jo hai is baat par depend karta hai ki aapko spectrum ki sundarta chahiye ya long term ki sundarta chahiye agar aapko shaart tram ke liye chahiye tab toh sundarta aapko sharirik sundarta ko dekhiye aur shaart tram ke liye sahi hai lekin agar aap late long term ke PA dekhte lambe time ke liye sochte hain toh phir aapko mansik sundarta ko hi importance dena chahiye iske alava ek dusri aur hai ki agar aap sirf apni aankho ki shanti ke liye aankho ki jo hai uske liye dekhte ho toh aapko shadi mein shadi karna chahiye agar aap yah chahte ho ki mere man mein hamesha ke liye vaah man mein khushi dene vala hai aisa hona chahiye toh phir aapko uski mansik santap kyonki aap use mansik roop se ya man se hamesha ke liye khush rahoge

यह का चुनाव जो है इस बात पर डिपेंड करता है कि आपको स्पेक्ट्रम की सुंदरता चाहिए या long-ter

Romanized Version
Likes  51  Dislikes    views  384
WhatsApp_icon
user
0:52
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

के जीवन साथी के चुनाव करते समय कुछ अधिक सुंदरता को ज्यादा ध्यान देना चाहिए इसकी मानसिकता तो भाई शारीरिक सुंदरता की अपेक्षा मासिक सुंदरता अति आवश्यक है बिना मानसिक मंदता के आपका जीवन अधूरा सा हो जाएगा नहीं तो शादी के बाद आपको बड़ा विकृति हो जाएगी आप में आपस में सामंजस्य का आपस में लड़ते बैठेंगे और फल सिर्फ आपको जीवन नर्क में हो जाएगा शारीरिक सुंदरता तो कुछ समय तक के रहती है वह लंबे समय तक नहीं धीरे धीरे धीरे जवाब शारीरिक सुंदरता को देखते रहेंगे तो कुछ समय पश्चात आप खुद ही आ जाएंगे अतः शारीरिक सुंदरता की अपेक्षा मानसिक मंदता ऐतिहासिक और उसी को ध्यान में रखकर अब जीवन साथी का चयन करें भगवान आपकी हर कामना पूर्ण करें आपको अच्छे जीवन साथी मिले और आपका जीवन सफल में जीवन जी इसी कामना के साथ और इस उम्मीद के साथ धन्यवाद

ke jeevan sathi ke chunav karte samay kuch adhik sundarta ko zyada dhyan dena chahiye iski mansikta toh bhai sharirik sundarta ki apeksha maasik sundarta ati aavashyak hai bina mansik mandata ke aapka jeevan adhura sa ho jaega nahi toh shadi ke baad aapko bada vikriti ho jayegi aap mein aapas mein samanjasya ka aapas mein ladte baitheange aur fal sirf aapko jeevan nark mein ho jaega sharirik sundarta toh kuch samay tak ke rehti hai vaah lambe samay tak nahi dhire dhire dhire jawab sharirik sundarta ko dekhte rahenge toh kuch samay pashchat aap khud hi aa jaenge atah sharirik sundarta ki apeksha mansik mandata etihasik aur usi ko dhyan mein rakhakar ab jeevan sathi ka chayan kare bhagwan aapki har kamna purn kare aapko acche jeevan sathi mile aur aapka jeevan safal mein jeevan ji isi kamna ke saath aur is ummid ke saath dhanyavad

के जीवन साथी के चुनाव करते समय कुछ अधिक सुंदरता को ज्यादा ध्यान देना चाहिए इसकी मानसिकता त

Romanized Version
Likes  10  Dislikes    views  221
WhatsApp_icon
user

Imran Ansari

Electrician at Treasure Xpart

0:59
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसी सबसे पहली बात तो यह है कि खूबसूरती का नाम प्यार नहीं है अगर खूबसूरती का नाम प्यार होता तो पूरी दुनिया कैटरीना की दीवानी हो जाती अगर आप अपने जीवन साथी का चुनाव करना चाहते हैं तो आप सबसे पहले अगर आप जिसे पसंद करते हैं उसके बारे में यह जाने कि वह नारियों की कितनी इज्जत करता कितना रिस्पेक्ट करता है अगर आप उसके साथ जिंदगी बसर करना चाहते हैं जिनकी अपने जीवन जीना चाहते हैं शादी करना चाहते हैं तो वह इंसान औरतों की इज्जत करने वाला होना चाहिए और तो फिर जुर्म करने वाला नहीं अपनी ताकत से उसकी प्रॉब्लम आने वाला नहीं होना चाहिए और तुझसे मोहब्बत करने वाला होना चाहिए परिवार से मोहब्बत करने वाला होना चाहिए उसका ख्याल रखने वाला होना चाहिए तो मेरी नजर में तो यही तरीका है और आप शायद और बेहतर तरीके से चुनाव कर सकते हैं याद आपको जवाब पसंद आएगा

kisi sabse pehli baat toh yah hai ki khoobsoorti ka naam pyar nahi hai agar khoobsoorti ka naam pyar hota toh puri duniya katrina ki deewani ho jaati agar aap apne jeevan sathi ka chunav karna chahte hain toh aap sabse pehle agar aap jise pasand karte hain uske bare mein yah jaane ki vaah nariyon ki kitni izzat karta kitna respect karta hai agar aap uske saath zindagi basar karna chahte hain jinki apne jeevan jeena chahte hain shadi karna chahte hain toh vaah insaan auraton ki izzat karne vala hona chahiye aur toh phir jurm karne vala nahi apni takat se uski problem aane vala nahi hona chahiye aur tujhse mohabbat karne vala hona chahiye parivar se mohabbat karne vala hona chahiye uska khayal rakhne vala hona chahiye toh meri nazar mein toh yahi tarika hai aur aap shayad aur behtar tarike se chunav kar sakte hain yaad aapko jawab pasand aayega

किसी सबसे पहली बात तो यह है कि खूबसूरती का नाम प्यार नहीं है अगर खूबसूरती का नाम प्यार होत

Romanized Version
Likes  15  Dislikes    views  385
WhatsApp_icon
user

Anu Shukla

Student uppcs Aspiriant

0:45
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए वर्तमान समय में लोग मानसिक सुंदरता को ना देखते हुए सिर्फ सारी सुंदरता ही देख रहे हैं जबकि गलत है शारीरिक सुंदरता से हमारी सोच का परिणाम है जो हमने बना लिया है हमें भले ही कोई खराब चीज पसंद हो लेकिन हम दूसरों के खातिर लोग क्या कहेंगे दूसरों को अच्छा लगे इसलिए सुंदरता देखते हैं अगर हर इंसान से पूछा जाए तो उसकी हर इंसान की अलग अलग पसंद होती है इसलिए जो आपको अच्छा लगे उसे पसंद चाहिए इंसान की सारी सुंदरता से कोई मतलब नहीं होता अगर उसका नेचर अच्छा है तो वही सबसे बड़ी सुंदरता है

dekhiye vartaman samay mein log mansik sundarta ko na dekhte hue sirf saree sundarta hi dekh rahe hain jabki galat hai sharirik sundarta se hamari soch ka parinam hai jo humne bana liya hai hamein bhale hi koi kharab cheez pasand ho lekin hum dusro ke khatir log kya kahenge dusro ko accha lage isliye sundarta dekhte hain agar har insaan se poocha jaaye toh uski har insaan ki alag alag pasand hoti hai isliye jo aapko accha lage use pasand chahiye insaan ki saree sundarta se koi matlab nahi hota agar uska nature accha hai toh wahi sabse badi sundarta hai

देखिए वर्तमान समय में लोग मानसिक सुंदरता को ना देखते हुए सिर्फ सारी सुंदरता ही देख रहे हैं

Romanized Version
Likes  3  Dislikes    views  70
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!