योग के अभ्यास में ध्यान कितना महत्वपूर्ण है?...


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Pawan Kumar

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ध्यान की अवस्था है जहां बहुत ज्यादा है लेकिन जहान की स्थिति जो है तभी आप आएगी प्रत्याहार धारणा की ट्रेक्शन है एकदम ध्यान की अवस्था में तो बहुत सारी समस्याओं का समाधान हो जाता है बीपी की समस्याएं को सबसे ज्यादा

dhyan ki avastha hai jaha bahut zyada hai lekin jahaan ki sthiti jo hai tabhi aap aayegi pratyahar dharana ki attraction hai ekdam dhyan ki avastha me toh bahut saari samasyaon ka samadhan ho jata hai BP ki samasyaen ko sabse zyada

ध्यान की अवस्था है जहां बहुत ज्यादा है लेकिन जहान की स्थिति जो है तभी आप आएगी प्रत्याहार ध

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Vishnu Shankar

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जो संपूर्ण योग है उसका एक बाय प्रोडक्ट है मेडिटेशन ध्यान जो जिसको पहले हम ध्यान वास्तव में जग्गू जैसे जैसे हमारा आसरा छूट जाएंगे प्राणायाम अच्छा होता जाएगा फिर हम जो संसद पर प्रत्याहार और यह कंसंट्रेशन की प्रैक्टिस करते जाएंगे पूरी तरह से अभी हमें पता नहीं होता कि ध्यान कोई स्टेज नहीं है चोली ध्यान इन सब बातों का एक बाइक रोड अक्टूबर जो आजकल के परिपेक्ष में चल रहा है कि ध्यान कितना आवश्यक है तू देखने के लिए एक अलग एक्सरसाइज ग्रुप में ध्यान तो सकते इंपोर्टेंट है जो आपको मेंटली फिजिकली हर तरह के तनाव से दूर करता है तू नींदों शुरुआती अभ्यासी हैं वह ज्यादातर ध्यान अपने आसन प्राणायाम और जो हमारी इंद्रिय शक्तियां हैं उनको प्रत्याहार के अभ्यास से रोलेक्स करें उनको कंट्रोल करें तो अपने आप ध्यान में जो उनको बहुत सहायता मिलेगी और तो बहुत अच्छी

jo sampurna yog hai uska ek bye product hai meditation dhyan jo jisko pehle hum dhyan vaastav me jaggu jaise jaise hamara aasra chhut jaenge pranayaam accha hota jaega phir hum jo sansad par pratyahar aur yah kansantreshan ki practice karte jaenge puri tarah se abhi hamein pata nahi hota ki dhyan koi stage nahi hai choli dhyan in sab baaton ka ek bike road october jo aajkal ke paripeksh me chal raha hai ki dhyan kitna aavashyak hai tu dekhne ke liye ek alag exercise group me dhyan toh sakte important hai jo aapko mentally physically har tarah ke tanaav se dur karta hai tu nindon shuruati abhyasi hain vaah jyadatar dhyan apne aasan pranayaam aur jo hamari indriya shaktiyan hain unko pratyahar ke abhyas se rolex kare unko control kare toh apne aap dhyan me jo unko bahut sahayta milegi aur toh bahut achi

जो संपूर्ण योग है उसका एक बाय प्रोडक्ट है मेडिटेशन ध्यान जो जिसको पहले हम ध्यान वास्तव में

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Shweta Thakur

Yoga Trainer

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योगाभ्यास शादी कर लो और कोई होगा तो क्या होगा में अगर अष्टांग योगा देखो तो अष्टांग योगा k888 कैसे तीसरा और चौथा पाटिया सना प्राणायाम और फिर ध्यान ऐसी धारणाएं ऑफिस समाधि है तो अब निर्देशन में किया जाए आसमां से शुरुआत करें और फिर धीरे-धीरे उनकी तरफ करें तो आपको मैंने आपको समझ में आया कि मेडिटेशन इन नॉट मोर देन सेटिंग डाउन विद आइज क्लोज्ड प्राइमरी आप क्या हो वह आपको धीरे-धीरे की आरती आने लग जाती है क्या आपको क्या चाहिए लाइफ में तो मेडिटेशन करना चाहिए सबको लेकर मेडिटेशन से पहले थोड़ा अगर आप कर सकते तो उसके बाद आपका बॉडी रेडी होता है तो आप शांति से बैठकर 15:20 मिनट जितना हो सके आप अपनी प्रेस की तरफ ध्यान देकर एडिटेड कर सकते हैं

yogabhayas shaadi kar lo aur koi hoga toh kya hoga me agar ashtanga yoga dekho toh ashtanga yoga k888 kaise teesra aur chautha patiya sana pranayaam aur phir dhyan aisi dharnae office samadhi hai toh ab nirdeshan me kiya jaaye asaman se shuruat kare aur phir dhire dhire unki taraf kare toh aapko maine aapko samajh me aaya ki meditation in not mor then setting down with eyez closed primary aap kya ho vaah aapko dhire dhire ki aarti aane lag jaati hai kya aapko kya chahiye life me toh meditation karna chahiye sabko lekar meditation se pehle thoda agar aap kar sakte toh uske baad aapka body ready hota hai toh aap shanti se baithkar 15 20 minute jitna ho sake aap apni press ki taraf dhyan dekar edited kar sakte hain

योगाभ्यास शादी कर लो और कोई होगा तो क्या होगा में अगर अष्टांग योगा देखो तो अष्टांग योगा k8

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Aboligokhale

Founder & Director - Kiva yoga classes

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मेडिटेशन इस द यूज़ पार्ट इन योगा मतलब मेडिटेशन ज्यादा करना चाहिए 7 परसेंट मेडिटेशन रोल करता है नाइस थॉट क्लीयरेंस में और जैसे कि हमारा मेंटल रिलीज हो जाता है मेंटल टेंशन स्ट्रेस अपने आप बॉडी के ऊपर किस हार्मोन बैलेंस होता है और अपने आप वेट लॉस या पूछ लिया कर और प्रॉब्लम से तो वह अपने आप की और करना शुरू होता है तो मेडिटेशन और मेडिटेशन टेक मोर वेटेज

meditation is the use part in yoga matlab meditation zyada karna chahiye 7 percent meditation roll karta hai nice thought clearance mein aur jaise ki hamara mental release ho jata hai mental tension stress apne aap body ke upar kis hormone balance hota hai aur apne aap wait loss ya puch liya kar aur problem se toh vaah apne aap ki aur karna shuru hota hai toh meditation aur meditation take mor weightage

मेडिटेशन इस द यूज़ पार्ट इन योगा मतलब मेडिटेशन ज्यादा करना चाहिए 7 परसेंट मेडिटेशन रोल करत

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Dr.Birjesh Jain

Yoga Instructor

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जान का न तो बहुत ही ज्यादा है मगर ध्यान का महत्व नहीं होगा तो सांस का सिंपल नहीं होगा तो अपनी वॉइस टैक्स पहले ध्यान और साथ दोनों मिलकर और पोस्ट पोस्टर यानी मुद्रा आसन की मुद्रा का कॉन्बिनेशन इन दोनों का तीनों का संगम है योग बनाता है तो ध्यान का महत्व बहुत अधिक है ज्ञान के लिए किया गया फाइनल पोस्ट पर है कोई आदमी कर रहे हैं तो ध्यान लगाने के लिए उसमें दो फायदे हैं एक फायदा है कि आपको कितना स्टार्ट करने में कितना बैंक आ गया तो वहां आपका ध्यान है आप के खिलाफ प्रदर्शन तो ज्यादा दर्द ना हो ज्यादा पीड़ा ना हो ज्यादा सेट ना हो जाए जैक लग जाता है कई बार मसूद की जाती है तोतले करते तो फिर बाद में पड़ता है तो आपका ध्यान होगा तो आप ऑन द स्पॉट उसी क्षण उसे ब्लॉक करने से अपने आप को रोक पाएंगे या नहीं होगा तो स्पीड में आप ने कर लिया जैसे कार चल रही है उसे अपने तेज स्पीड पर कर दिया गया तो अब देख लेंगे तो उतार कर जाएगा तब जाकर बाद में गाड़ी रुकेगी तब तक जो है ना वह गाड़ी उतर जाएगी नुकसान हो जाएगा तो चलेंगे पर ध्यान रखेंगे तो अच्छा रहेगा तो पानी पहुंच पर आपको ध्यान की आवश्यकता पड़ेगी और दूसरा ध्यान कर सकता है कि ध्यान लगा दे तो ध्यान लगाने पर क्रिया होती है कृपया होती है तो लाभ मिलता है

jaan ka na toh bahut hi zyada hai magar dhyan ka mahatva nahi hoga toh saans ka simple nahi hoga toh apni voice tax pehle dhyan aur saath dono milkar aur post poster yani mudra aasan ki mudra ka kanbineshan in dono ka tatvo ka sangam hai yog banata hai toh dhyan ka mahatva bahut adhik hai gyaan ke liye kiya gaya final post par hai koi aadmi kar rahe hain toh dhyan lagane ke liye usme do fayde hain ek fayda hai ki aapko kitna start karne me kitna bank aa gaya toh wahan aapka dhyan hai aap ke khilaf pradarshan toh zyada dard na ho zyada peeda na ho zyada set na ho jaaye jack lag jata hai kai baar masood ki jaati hai totle karte toh phir baad me padta hai toh aapka dhyan hoga toh aap on the spot usi kshan use block karne se apne aap ko rok payenge ya nahi hoga toh speed me aap ne kar liya jaise car chal rahi hai use apne tez speed par kar diya gaya toh ab dekh lenge toh utar kar jaega tab jaakar baad me gaadi rukegi tab tak jo hai na vaah gaadi utar jayegi nuksan ho jaega toh chalenge par dhyan rakhenge toh accha rahega toh paani pohch par aapko dhyan ki avashyakta padegi aur doosra dhyan kar sakta hai ki dhyan laga de toh dhyan lagane par kriya hoti hai kripya hoti hai toh labh milta hai

जान का न तो बहुत ही ज्यादा है मगर ध्यान का महत्व नहीं होगा तो सांस का सिंपल नहीं होगा तो अ

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Dr. K P Pokhriyal

Yoga Instructor and Naturopath Doctor

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यूके ब्राइटनेस ध्यान में तो पूरे ध्यान रखने योग्य स्थान में योगा है योगा का क्षेत्र में जो पाते हैं वह 8:00 है और उसमें जो ध्यान है वह आपका सेवक है उससे पहले आपको आसन प्राणायाम अपने यम और नियम इन चीजों का ध्यान रखना पड़ेगा 71 आपका ध्यान आता है ध्यान आपका तभी लगेगा जब आपकी बॉडी मिली होगी फ्लैक्सिबिलिटी होगी आपका अपने बिल्डिंग पर पूर्ण रूप से फोकस होगा कंट्रोल होगा आपकी जो पेंसिल से उस पर आपको पूरा कंट्रोल होगा तब जाकर आपका ध्यान लगेगा तो ध्यान बात की स्पेशल स्टार्टिंग हमेशा आपकी आंखों से होती है आंखों से आपकी बॉडी की टैबलेट फ्लैक्सिबिलिटी और दीदी जो है वह आपका एक आपकी बॉडी को एक हल्का पन महसूस कराता है उसके बाद आपकी बॉडी में एकाग्रता आती है और एकाग्रता आती अपनी-अपनी कंट्रोल करते हैं तब आपका ध्यान करते

UK brightness dhyan me toh poore dhyan rakhne yogya sthan me yoga hai yoga ka kshetra me jo paate hain vaah 8 00 hai aur usme jo dhyan hai vaah aapka sevak hai usse pehle aapko aasan pranayaam apne yum aur niyam in chijon ka dhyan rakhna padega 71 aapka dhyan aata hai dhyan aapka tabhi lagega jab aapki body mili hogi flaiksibiliti hogi aapka apne building par purn roop se focus hoga control hoga aapki jo pencil se us par aapko pura control hoga tab jaakar aapka dhyan lagega toh dhyan baat ki special starting hamesha aapki aakhon se hoti hai aakhon se aapki body ki tablet flaiksibiliti aur didi jo hai vaah aapka ek aapki body ko ek halka pan mehsus karata hai uske baad aapki body me ekagrata aati hai aur ekagrata aati apni apni control karte hain tab aapka dhyan karte

यूके ब्राइटनेस ध्यान में तो पूरे ध्यान रखने योग्य स्थान में योगा है योगा का क्षेत्र में जो

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Yogesh Kumar Mishra

Yoga Instructor सामाजिक कार्यकर्ता

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योगा करने से उनके माता-पिता को खुश करना चाहते हैं तो आप जानते ही हम कुछ कर सकते हैं अपने प्रिय जनों को और अपनी समस्या अपनी समस्या के बारे में आप जान लगाकर अपनी समस्याओं को दूर कर सकते हैं अपने आप

yoga karne se unke mata pita ko khush karna chahte hain toh aap jante hi hum kuch kar sakte hain apne priya jano ko aur apni samasya apni samasya ke bare mein aap jaan lagakar apni samasyaon ko dur kar sakte hain apne aap

योगा करने से उनके माता-पिता को खुश करना चाहते हैं तो आप जानते ही हम कुछ कर सकते हैं अपने प

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Dr Nisha Joshi

Yoga Trainer

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डिग्गी ध्यान में जो है उसका महत्व 8 शब्दों में नहीं बताया जा सकता है लेकिन अनुभव करता है या हमारे आसपास की सराउंडिंग करते समय रहते हैं साथ में हमारी परेशान करता है आती है तो कैसा बनता है आध्यात्मिकता की ओर बढ़ता है शरीर से आत्मा की यात्रा

diggi dhyan mein jo hai uska mahatva 8 shabdon mein nahi bataya ja sakta hai lekin anubhav karta hai ya hamare aaspass ki surrounding karte samay rehte hain saath mein hamari pareshan karta hai aati hai toh kaisa banta hai aadhyatmikta ki aur badhta hai sharir se aatma ki yatra

डिग्गी ध्यान में जो है उसका महत्व 8 शब्दों में नहीं बताया जा सकता है लेकिन अनुभव करता है य

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Ananta Jeevan

Yoga Guru l Relationship Coach l Meditation Teacher

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ध्यान क्या है कैसी हो सकता है जब ना आप तो भविष्य में होते हैं ना भूतकाल ना होते हैं आप इस मूवमेंट में जनरल या आप अगर चेक करेंगे अपने आपको अपना अपने ऊपर ध्यान नहीं दें तो आपको लगेगा कि बहुत विचार चल रहे हैं तो आप लगे हमें ध्यान में बैठ नहीं सकता पर उन विचारों को देखना उनसे उनको कनेक्ट नहीं करना उनसे नहीं जोड़ना जुड़वा लग रहे उसको देख पाए तो सभी साथी ध्यान दें ध्यान से यह सब हमें मिलता है शाम को जानना कैसे हम कैसे हम सुने ध्यान ध्यान हम कोई भी चीज आप जॉब करते हैं आपने देखा होगा छोटे-छोटे बच्चे देखते हैं कि बड़े बूढ़े क्या कर रहे हैं यह देखना भी इस तरह का ध्यान हमने बाहर की तरफ लगाया लोगों को लगा लेते तो आपको अपने जो अपने भीतर चल रहा है वह दिखाई देने लगता है जब वह दिखता है तो उस अवस्था में अगर आप करते हो तो अवश्य ध्यान लाइट जैसी है उसको वैसे देखना अभी जर्नली हम विचार करेंगे हमारे भाव होते हैं तुम उसमें बहके हम चीजों को देखते हैं जो कुछ समझते जो जो ध्यान वाला बंदा होगा जो भी ध्यान ही होंगे तो वैसे नहीं समझेंगे चीजों को समझेंगे देखेंगे जानेंगे और तब फोन करेंगे अब ध्यान मैंने बताया आपको

dhyan kya hai kaisi ho sakta hai jab na aap toh bhavishya mein hote hain na bhootkaal na hote hain aap is movement mein general ya aap agar check karenge apne aapko apna apne upar dhyan nahi de toh aapko lagega ki bahut vichar chal rahe hain toh aap lage hamein dhyan mein baith nahi sakta par un vicharon ko dekhna unse unko connect nahi karna unse nahi jodna judwa lag rahe usko dekh paye toh sabhi sathi dhyan de dhyan se yah sab hamein milta hai shaam ko janana kaise hum kaise hum sune dhyan dhyan hum koi bhi cheez aap job karte hain aapne dekha hoga chhote chhote bacche dekhte hain ki bade budhe kya kar rahe hain yah dekhna bhi is tarah ka dhyan humne bahar ki taraf lagaya logo ko laga lete toh aapko apne jo apne bheetar chal raha hai vaah dikhai dene lagta hai jab vaah dikhta hai toh us avastha mein agar aap karte ho toh avashya dhyan light jaisi hai usko waise dekhna abhi jarnali hum vichar karenge hamare bhav hote hain tum usme behke hum chijon ko dekhte hain jo kuch samajhte jo jo dhyan vala banda hoga jo bhi dhyan hi honge toh waise nahi samjhenge chijon ko samjhenge dekhenge jaanege aur tab phone karenge ab dhyan maine bataya aapko

ध्यान क्या है कैसी हो सकता है जब ना आप तो भविष्य में होते हैं ना भूतकाल ना होते हैं आप इस

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Vishal Srivastava

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेडिटेशन की सबसे अंतिम लक्ष्य थे लास्ट में सबसे अंत में जो हम पहुंचने की कोशिश करते हैं वह है हमारा मेडिटेशन क्योंकि जो हम अपने शरीर की शुद्धि करते हैं योग की क्रियाओं के माध्यम से आता है पावर योगा से करें आप बहुत योगा करें आपको एरोबिक्स करें या योगा तक लगाकर अपने शरीर की शुद्धि करें इसमें पंचकर्म भी आप लोग यूज़ करते हैं सभी लोग यूज़ करते हैं जो हम अपनी दुआओं के बल्लभगढ़ अपने शरीर को इस लायक बना लेते हैं कि हमारा मन सुनने की तरफ आगे बढ़ सके हम उस सूर्य को ईश्वर तो प्राप्त करने के लिए सबसे पहले अपने मस्जिद को शुद्ध करते हैं उसके बाद ही हम मेडिटेशन की ओर बढ़ पाते हैं मेडिटेशन 1 मिनट का अगर कोई व्यक्ति सही ढंग से कर लेता है तो मुझे लगता है कि उससे शरीर में कोई भी व्याधि अब बस पीली नहीं रहती ही नहीं है और मेडिटेशन के बहुत सारे आयाम होते हैं बहुत सारे तरीके होते हैं जब हम शक्ति करना चाहते हैं तो मेडिटेशन अलग होते हैं जो हम शांति पाना चाहते तो मेडिटेशन अलग होते हैं और मेडिटेशन एक ऐसी चीज है जब तक आप किसी अच्छे गुरु के सानिध्य में नहीं जाते तब तक उसे प्राप्त नहीं किया जा सकता धन्यवाद

meditation ki sabse antim lakshya the last mein sabse ant mein jo hum pahuchne ki koshish karte hain vaah hai hamara meditation kyonki jo hum apne sharir ki shudhi karte hain yog ki kriyaon ke madhyam se aata hai power yoga se kare aap bahut yoga kare aapko Aerobics kare ya yoga tak lagakar apne sharir ki shudhi kare isme panchkarm bhi aap log use karte hain sabhi log use karte hain jo hum apni duaaon ke ballabgarh apne sharir ko is layak bana lete hain ki hamara man sunne ki taraf aage badh sake hum us surya ko ishwar toh prapt karne ke liye sabse pehle apne masjid ko shudh karte hain uske baad hi hum meditation ki aur badh paate hain meditation 1 minute ka agar koi vyakti sahi dhang se kar leta hai toh mujhe lagta hai ki usse sharir mein koi bhi vyadhi ab bus pili nahi rehti hi nahi hai aur meditation ke bahut saare aayam hote hain bahut saare tarike hote hain jab hum shakti karna chahte hain toh meditation alag hote hain jo hum shanti paana chahte toh meditation alag hote hain aur meditation ek aisi cheez hai jab tak aap kisi acche guru ke sanidhya mein nahi jaate tab tak use prapt nahi kiya ja sakta dhanyavad

मेडिटेशन की सबसे अंतिम लक्ष्य थे लास्ट में सबसे अंत में जो हम पहुंचने की कोशिश करते हैं वह

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Arvind Kumar

Founder & Director - Arogyam Yoga Swasthya Anusandhan Kendra

1:20
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मेडिटेशन है वह हमारे मन की शक्ति को बढ़ाने के लिए मन को स्टंट करने के लिए उसका रोल है मन को स्टैंड मन का स्वाद को बढ़ाने के लिए मन का क्या मतलब है मन का मतलब है हमारे विचारों ने हमें डिसीजन लेने में हमें भावनात्मक शक्तिशाली बनाने में इन सभी कार्यों को हमें सकारात्मक बनाने के लिए और हमें जीवन को किस तरह डालना है तो वह जो विचार है उन सभी को हमें शक्तिशाली बनाने के लिए मेडिटेशन है वह सहायक हमारी साधना को ओल्ड सॉन्ग बनाने के लिए मेडिटेशन आवश्यक है हमें मेडिटेशन कर रखना चाहिए जिसमें हम अपने आप को एनालाइज कर सकते हैं हम अपने आप को देख सकते हैं मेरी क्या प्रोग्रेस है और मैं भी सो जा कहां तक पहुंचा हूं और हमारे पूरे दिन भर के लिए एक रिमाइंडर टेबलेट ही के लिए हम नंदिनी चैन खो जाते हैं पूरे डे के लिए प्रिपेयर हो जाते मेडिटेशन पार्टी सुशील पाठक व योगेश सिंह धन्यवाद

meditation hai vaah hamare man ki shakti ko badhane ke liye man ko stunt karne ke liye uska roll hai man ko stand man ka swaad ko badhane ke liye man ka kya matlab hai man ka matlab hai hamare vicharon ne hamein decision lene mein hamein bhavnatmak shaktishali banane mein in sabhi karyo ko hamein sakaratmak banane ke liye aur hamein jeevan ko kis tarah dalna hai toh vaah jo vichar hai un sabhi ko hamein shaktishali banane ke liye meditation hai vaah sahayak hamari sadhna ko old song banane ke liye meditation aavashyak hai hamein meditation kar rakhna chahiye jisme hum apne aap ko analyse kar sakte hain hum apne aap ko dekh sakte hain meri kya progress hai aur main bhi so ja kahaan tak pohcha hoon aur hamare poore din bhar ke liye ek reminder tablet hi ke liye hum nandini chain kho jaate hain poore day ke liye prepare ho jaate meditation party sushil pathak va Yogesh Singh dhanyavad

मेडिटेशन है वह हमारे मन की शक्ति को बढ़ाने के लिए मन को स्टंट करने के लिए उसका रोल है मन क

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अब तो प्रश्न है कि योग में ध्यान का कितना महत्व है तो मुझे लगता है जो यह योग है या चली ध्यानी है यह जो हम आसन कर रहे हैं यह एक बार जरा अगर मैं हंड्रेड परसेंट में अकाउंट करूं तो मुझे लगता है बस 1% या 2% आसन है उसके बाद हम धीरे धीरे धीरे धीरे बढ़ते हैं ध्यान की तरह आजकल कचरा गया होगा इधर कूद रहे लोग नाच रहे यह करने के लिए कितना जरूरी है योग में ध्यान उतना ही जरूरी है जितना कि शरीर में स्वस्थ जरूरी है जितना सांस लेना जरूरी है तो आजकल जो योग कराते हैं वह ध्यान नहीं कर पाते और पतंजलि ने जो नियम अष्टांग योगा अगर आप उसका स्तर दिखे तो वह समाधि समाधि समाधि में हमें पहुंचना कहां से आसमान सबसे जरूरी है राजस्थान को इंपॉर्टेंट के बारे में बताओ तो बहुत लंबा हो जाएगा लेकिन योग में ध्यान कितना जरूरी है जितना एक मछली के लिए पानी जरूरी है टीवी कराने के लिए उपयोग को सीमित रखना है सिंपल भाषा में बोला जाए या शब्दों में बताएं

ab toh prashna hai ki yog mein dhyan ka kitna mahatva hai toh mujhe lagta hai jo yah yog hai ya chali dhyani hai yah jo hum aasan kar rahe hain yah ek baar zara agar main hundred percent mein account karu toh mujhe lagta hai bus 1 ya 2 aasan hai uske baad hum dhire dhire dhire dhire badhte hain dhyan ki tarah aajkal kachra gaya hoga idhar kud rahe log nach rahe yah karne ke liye kitna zaroori hai yog mein dhyan utana hi zaroori hai jitna ki sharir mein swasthya zaroori hai jitna saans lena zaroori hai toh aajkal jo yog karate hain vaah dhyan nahi kar paate aur patanjali ne jo niyam ashtanga yoga agar aap uska sthar dikhe toh vaah samadhi samadhi samadhi mein hamein pahunchana kahaan se aasman sabse zaroori hai rajasthan ko important ke bare mein batao toh bahut lamba ho jaega lekin yog mein dhyan kitna zaroori hai jitna ek machli ke liye paani zaroori hai TV karane ke liye upyog ko simit rakhna hai simple bhasha mein bola jaaye ya shabdon mein batayen

अब तो प्रश्न है कि योग में ध्यान का कितना महत्व है तो मुझे लगता है जो यह योग है या चली ध्य

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Dr. Ajay Kumar Tuli

PSYCHOLOGIST, Founder & Director - Psycho Yogic Centre

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हिंदू धर्म में अष्टांग योग आता है जिसमें मेडिटेशन एक पाठ संदेश को कॉल करने का एक माध्यम है वैसे ही सबसे ज्यादा है अगर डेल्टा नहीं बिन चला गया तू बिल्कुल होगा और सब्जी अपने आप ही अच्छा होगा और बीटा भेजो साथ साइकिल पर सेकंड के आसपास होता है अगर उससे घटकर 12:00 पर सिग्नल क्रिएटिव होता है अगर बिंदा गंज स्टेशन है मंत्र जाप है शुभम मंत्र हो या फिर उसमें यह काम आया था मैं स्टेशन पर हमेशा फायदेमंद

hindu dharm mein ashtanga yog aata hai jisme meditation ek path sandesh ko call karne ka ek madhyam hai waise hi sabse zyada hai agar delta nahi bin chala gaya tu bilkul hoga aur sabzi apne aap hi accha hoga aur beta bhejo saath cycle par second ke aaspass hota hai agar usse ghatakar 12 00 par signal creative hota hai agar binda ganj station hai mantra jaap hai subham mantra ho ya phir usme yah kaam aaya tha main station par hamesha faydemand

हिंदू धर्म में अष्टांग योग आता है जिसमें मेडिटेशन एक पाठ संदेश को कॉल करने का एक माध्यम है

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Yogi Atul Kumar Mishra

Senior Yoga Teacher at Yogis of East Yoga Studio & Therapeutic Clinic Patna

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अब सुनिए करते हैं ताकि वर्तमान में आजा यू का तिथि फायदा है कि वह वर्तमान में ध्यान करते हैं स्वास्थ्य ध्यान लगाते हैं अपने शरीर पर ध्यान लगाते हैं उनका उच्चारण करते हैं ताकि अप्रैल में आ जाते हैं प्रणाम करते हैं लोकेशन करते हैं और फिर लास्ट में ध्यान करते हैं बहुत ही महत्वपूर्ण है युग का एक बहुत ही इंपॉर्टेंट पार्ट है जो कि शुरू में करना चाहिए और लास्ट में भी करना चाहिए ताकि आप वर्तमान में रहे और बेनिफिट ज्यादा से ज्यादा आशंका भी ज्यादा बेनिफिट होगा जब आप वर्तमान में रहेंगे तभी आपको आशंका भी बेनिफिट होगा परिणाम काफी बेनिफिट होगा तो ध्यान हमें वर्तमान में रहना सिखाता है वर्तमान में हम शुरुआत में आते हैं बाहरी दुनिया को छोड़कर जब योग स्टार्ट करना होता है तो 2 मिनट 5 मिनट का ध्यान लगाते हैं ताकि बाहरी दुनिया से जो अब इनकी किए हैं योग में आए हैं तो बाहरी टेंशन है वह कुछ देर के लिए भूल जाए 1 घंटे हैं तो आप टेंशन को भूल जाए सबसे पहला ध्यान ही आपको टेंशन को इस देश को दूर करने के लिए सबसे शुरुआत में ही कराया जाता है

ab suniye karte hain taki vartaman mein aajad you ka tithi fayda hai ki vaah vartaman mein dhyan karte hain swasthya dhyan lagate hain apne sharir par dhyan lagate hain unka ucharan karte hain taki april mein aa jaate hain pranam karte hain location karte hain aur phir last mein dhyan karte hain bahut hi mahatvapurna hai yug ka ek bahut hi important part hai jo ki shuru mein karna chahiye aur last mein bhi karna chahiye taki aap vartaman mein rahe aur benefit zyada se zyada ashanka bhi zyada benefit hoga jab aap vartaman mein rahenge tabhi aapko ashanka bhi benefit hoga parinam kaafi benefit hoga toh dhyan hamein vartaman mein rehna sikhata hai vartaman mein hum shuruat mein aate hain bahri duniya ko chhodkar jab yog start karna hota hai toh 2 minute 5 minute ka dhyan lagate hain taki bahri duniya se jo ab inki kiye hain yog mein aaye hain toh bahri tension hai vaah kuch der ke liye bhool jaaye 1 ghante hain toh aap tension ko bhool jaaye sabse pehla dhyan hi aapko tension ko is desh ko dur karne ke liye sabse shuruat mein hi karaya jata hai

अब सुनिए करते हैं ताकि वर्तमान में आजा यू का तिथि फायदा है कि वह वर्तमान में ध्यान करते है

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Ranjit Kumar

Founder & Director - Body & Mind Yoga Centre

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पहले तो योग्य में यह बताया जाता है कि ध्यान लोग आजकल के लोग कहते कि हम ध्यान करेंगे हम ध्यान करना चाहते हैं हम आप ध्यान पर आकर आती है क्या तो लोग तो पता हो गया है कि नहीं ध्यान भी कोई चीज है कोई ध्यान नहीं जो बांसुरी चाहिए वह प्रत्याहार हम लोग पहले प्रत्याहार गाते मन को एकाग्र मन की चंचलता है मन में जो अस्थिरता है स्थिर नहीं है मन मन हमारा हमेशा खुशी ढूंढता है एक किस पाने के बाद दूसरी चीज को मन बहुत चंचल स्थिर नहीं है मेरे पास है आजकल वह है फ्री में पूछने के लिए आदमी का मन होता है उस वस्तु को पाने के बाद लेकिन फिर भी मन चंचल होता है तो लोग कहते हमें ध्यान करें हमारा बहुत बहुत स्ट्रेस रहता बहुत तनाव रहता है हमारे लाइफ में हमारे साथ हमारे घर पर * समाज सभी क्षेत्र में जब व्यक्ति कौन था यस देश में जाता है तो कटे निशान की आवश्यकता है सबसे पहले प्रत्याहार उनका मन उनके मन को जो बाहर बाहर जो मन भटक रहा है उसे अपने अंदर लाने को जो प्रिया कल आती है उसे प्रत्याहार किया करते हैं यम नियम आसन प्रत्याहार क्रिया होती है तो प्रतिहार जो हमारा मन बाहर भटक रहा है मन बाहरी वस्तुओं से भटक रहा है लेकिन फिर भी मन खुश खुश नहीं है उसको प्रतिहार कृपया आप अपने अंदर झांक हमारी खुशी है हमारे अंदर है हमारे मन में हमारे भीतर हिंदू ढूंढ ही हमारी अंतरात्मा में उसके बाद जब परिहार की क्रिया जाती है मन हमारा जरिए का दौर शुरू हो जाता है तब आती है धरना दिया धरना में हम किसी भी वस्तु को किसी भी भगवान को किसी भी देवी देवता सूर्य को किसी चीज को जिसको हम मानते हैं उसका अवधारणा करके उनके स्वरूप बनना चाहते हैं धरना बनना चाह रहे हैं अभी बंद नहीं गए यार नानी बनने की कोशिश करना हम किसी भी भगवान का यह किसी का धरना क्यों करते हैं क्योंकि हम उनके जैसा उनके गुणों को लेना चाहते हैं उनके अंदर के जो गुण हैं कुछ गुण हमारे अंदर भी चले आए यही धारणा की चिड़िया होती और जब यह धारणा की क्रिया और उनकी से अवगुण व्यक्ति को क्यों न किसी राक्षस का या किसी और चीज का किसी ऐसे आदमी का क्यों ने जो जिसने उसके पास बुराइयां है उसका हम धारणा नहीं करती अगर हम उसका धरना करेंगे तो हमेशा ही बन जाएंगे एक आदमी बोला की सबसे प्रिय चीज क्या है तो वह बताएं कि हमारा प्रिय चीज हमारा जानवर है वह अपने जानवर का धरना करने लगे एक कमरे में कमरे में वह महीनों दो महीनों के बाद कमरे से नहीं निकल पाया क्योंकि उसके मन में धारणा बन गई कि हम जानवर बन गए हैं हमें सिंह हो गया है मैं 4:00 पर हो गया है यही धारणा होती है उसी प्रकार से अगर हम किसी भी सूरज का ध्यान करते हैं हमारा शरीर सूर्य के समान चमकेगा हम चंद्रमा के ध्यान करते हमारा मन शीतल होगा शांत होगा अगर किसी बात का किसी प्रभु का ध्यान करके उनके गुणों को हमारे हमारे अंदर आना शुरू हो जाएगा यह धार ना उसके बाद जब ध्यान बिक्री आती है जब यह दोनों क्रियाएं हो जाती है तब हम ध्यान करते हैं ध्यान में भी आता और ध्यान दोनों एक हो जाता है जहां पर हम और जिसका ध्यान करें दोनों एकाकार हो जाता है जहां हम अपने आप को भी भूल जाते हैं हम अपने आपसे पूछो उस अवस्था में पहुंच जाते हैं वह ध्यान किसी की आती है वहां पर हम हमारा स्ट्रेस तनाव दुख-दर्द सुख-दुख जो अनुभूति होती है वह सब होती है योगा जो शुक्रिया जो होती है वह संभव हो जाती है ना माशूक है ना दुख कष्ट है ना तेरे से नजर ना आए आए ना किसी से यहां अभियान की स्थिति में वहां हम जो पाना चाहते हैं वह सब पहली ताकि सी चीज से लोग सब चीज आदमी उस ध्यान की छुट्टी में समाप्त हो जाता है और मन हमारा स्थिर रहता है और हम जो ध्यान की वास्तविक स्थिति होती है उसको हम प्राप्त करते हैं यही ध्यान ठीकरिया कला की

pehle toh yogya mein yah bataya jata hai ki dhyan log aajkal ke log kehte ki hum dhyan karenge hum dhyan karna chahte hain hum aap dhyan par aakar aati hai kya toh log toh pata ho gaya hai ki nahi dhyan bhi koi cheez hai koi dhyan nahi jo bansuri chahiye vaah pratyahar hum log pehle pratyahar gaate man ko ekagra man ki chanchalata hai man mein jo asthirata hai sthir nahi hai man man hamara hamesha khushi dhundhta hai ek kis paane ke baad dusri cheez ko man bahut chanchal sthir nahi hai mere paas hai aajkal vaah hai free mein poochne ke liye aadmi ka man hota hai us vastu ko paane ke baad lekin phir bhi man chanchal hota hai toh log kehte hamein dhyan kare hamara bahut bahut stress rehta bahut tanaav rehta hai hamare life mein hamare saath hamare ghar par samaj sabhi kshetra mein jab vyakti kaun tha Yes desh mein jata hai toh kate nishaan ki avashyakta hai sabse pehle pratyahar unka man unke man ko jo bahar bahar jo man bhatak raha hai use apne andar lane ko jo priya kal aati hai use pratyahar kiya karte hain yum niyam aasan pratyahar kriya hoti hai toh pratihar jo hamara man bahar bhatak raha hai man bahri vastuon se bhatak raha hai lekin phir bhi man khush khush nahi hai usko pratihar kripya aap apne andar jhank hamari khushi hai hamare andar hai hamare man mein hamare bheetar hindu dhundh hi hamari antaraatma mein uske baad jab parihar ki kriya jaati hai man hamara jariye ka daur shuru ho jata hai tab aati hai dharna diya dharna mein hum kisi bhi vastu ko kisi bhi bhagwan ko kisi bhi devi devta surya ko kisi cheez ko jisko hum maante hain uska avdharna karke unke swaroop bana chahte hain dharna bana chah rahe hain abhi band nahi gaye yaar naani banne ki koshish karna hum kisi bhi bhagwan ka yah kisi ka dharna kyon karte hain kyonki hum unke jaisa unke gunon ko lena chahte hain unke andar ke jo gun hain kuch gun hamare andar bhi chale aaye yahi dharana ki chidiya hoti aur jab yah dharana ki kriya aur unki se avgun vyakti ko kyon na kisi rakshas ka ya kisi aur cheez ka kisi aise aadmi ka kyon ne jo jisne uske paas buraiyan hai uska hum dharana nahi karti agar hum uska dharna karenge toh hamesha hi ban jaenge ek aadmi bola ki sabse priya cheez kya hai toh vaah bataye ki hamara priya cheez hamara janwar hai vaah apne janwar ka dharna karne lage ek kamre mein kamre mein vaah mahinon do mahinon ke baad kamre se nahi nikal paya kyonki uske man mein dharana ban gayi ki hum janwar ban gaye hain hamein Singh ho gaya hai 4 00 par ho gaya hai yahi dharana hoti hai usi prakar se agar hum kisi bhi suraj ka dhyan karte hain hamara sharir surya ke saman chamkega hum chandrama ke dhyan karte hamara man shital hoga shaant hoga agar kisi baat ka kisi prabhu ka dhyan karke unke gunon ko hamare hamare andar aana shuru ho jaega yah dhar na uske baad jab dhyan bikri aati hai jab yah dono kriyaen ho jaati hai tab hum dhyan karte hain dhyan mein bhi aata aur dhyan dono ek ho jata hai jaha par hum aur jiska dhyan kare dono ekakar ho jata hai jaha hum apne aap ko bhi bhool jaate hain hum apne aapse pucho us avastha mein pohch jaate hain vaah dhyan kisi ki aati hai wahan par hum hamara stress tanaav dukh dard sukh dukh jo anubhuti hoti hai vaah sab hoti hai yoga jo shukriya jo hoti hai vaah sambhav ho jaati hai na mashuka hai na dukh kasht hai na tere se nazar na aaye aaye na kisi se yahan abhiyan ki sthiti mein wahan hum jo paana chahte hain vaah sab pehli taki si cheez se log sab cheez aadmi us dhyan ki chhutti mein samapt ho jata hai aur man hamara sthir rehta hai aur hum jo dhyan ki vastavik sthiti hoti hai usko hum prapt karte hain yahi dhyan thikriya kala ki

पहले तो योग्य में यह बताया जाता है कि ध्यान लोग आजकल के लोग कहते कि हम ध्यान करेंगे हम ध्य

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Dr. Akash Mishra

Founder Of Healthcare Hub (Naturopath, Yoga Therapist, Pharmacist)

1:39
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लेकिन मेडिकेशन का मतलब यह होता है कि आप मेडिटेशन पर डायरेक्टली नहीं पहुंच सकते हैं अगर मेडिटेशन में तो सबसे पहले ही होगा को समझना होगा इसके लिए सबसे पहले अष्टांग योग होता है जिसमें 8 लोग आते हैं यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान समाधि प्रत्याहार वाला पार्ट है इसके अंदर पहुंचते सबसे पहले आपको ऊपर को जो पार्ट्स नियम आसन प्राणायाम इनको फॉलो करना होगा तब जाकर आप उसको रिसीव कर पाएंगे रियलिटी मेडिटेशन के नाम पर तो आजकल लोग लूट 3 दिन पहले रहना मेडिकेशन करवा रहे बदले जाते ओम का मंत्र चालू कर देते आंख बंद करके ध्यान मुद्रा लगा कर बैठा देते हैं तो यह मैसेज नहीं हुआ हुआ पूरा माइंड आपकी कंट्रोल में हो जाएगा इसका जो फायदा होता है बेनिफिट जाओ बता सकते हैं कि इससे दुनिया से मतलब आप ऊपर जो लो एक नॉरमल पर्सन की बिल्कुल चेंज हो जाएगी आपको आपका सोचने समझने की क्षमता बहुत बढ़ जाएगी और फिर एक दूसरी चीजें जो मैंने जितना भी दिमाग ही प्रॉब्लम होती है इन में सब में सबसे ज्यादा मेडिटेशन फायदा करता है डिप्रेशन आजकल डिप्रेशन का कितना चल रहा है जिसको देखो उसको डिप्रेशन ज्यादा पैसा होगा तो डिप्रेशन कम पैसा होगा तो भी डिप्रेशन इन सब चीजों को कॉल करने के लिए मेडिटेशन के साथ में मतलब मेडिटेशन को जरूरी है ही साथ में की योगा भी करना चाहिए यह प्राणायाम आता है अनुलोम-विलोम प्राणायाम और यह बालासन हो गया सुन हो गया यह सब

lekin medication ka matlab yah hota hai ki aap meditation par directly nahi pohch sakte hain agar meditation mein toh sabse pehle hi hoga ko samajhna hoga iske liye sabse pehle ashtanga yog hota hai jisme 8 log aate hain yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan samadhi pratyahar vala part hai iske andar pahunchate sabse pehle aapko upar ko jo parts niyam aasan pranayaam inko follow karna hoga tab jaakar aap usko receive kar payenge reality meditation ke naam par toh aajkal log loot 3 din pehle rehna medication karva rahe badle jaate om ka mantra chaalu kar dete aankh band karke dhyan mudra laga kar baitha dete hain toh yah massage nahi hua hua pura mind aapki control mein ho jaega iska jo fayda hota hai benefit jao bata sakte hain ki isse duniya se matlab aap upar jo lo ek normal person ki bilkul change ho jayegi aapko aapka sochne samjhne ki kshamta bahut badh jayegi aur phir ek dusri cheezen jo maine jitna bhi dimag hi problem hoti hai in mein sab mein sabse zyada meditation fayda karta hai depression aajkal depression ka kitna chal raha hai jisko dekho usko depression zyada paisa hoga toh depression kam paisa hoga toh bhi depression in sab chijon ko call karne ke liye meditation ke saath mein matlab meditation ko zaroori hai hi saath mein ki yoga bhi karna chahiye yah pranayaam aata hai anulom vilom pranayaam aur yah balasan ho gaya sun ho gaya yah sab

लेकिन मेडिकेशन का मतलब यह होता है कि आप मेडिटेशन पर डायरेक्टली नहीं पहुंच सकते हैं अगर मेड

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Shekhar Boro

Yoga Guru

1:16
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अपनी लाइफ में आप हम लोग डेली लाइफ में हम लोग का अध्यापक भी काम करते तो मन के साथ शरीर को जोड़ता है ध्यान करने से आप किसी भी फिल्में हो अब जो काम करते हैं तो वह काम अच्छी तरह से कर पाएंगे अगर आप रेगुलर ध्यान करेंगे तो यह ध्यान का मतलब

apni life mein aap hum log daily life mein hum log ka adhyapak bhi kaam karte toh man ke saath sharir ko Jodta hai dhyan karne se aap kisi bhi filme ho ab jo kaam karte hain toh vaah kaam achi tarah se kar payenge agar aap regular dhyan karenge toh yah dhyan ka matlab

अपनी लाइफ में आप हम लोग डेली लाइफ में हम लोग का अध्यापक भी काम करते तो मन के साथ शरीर को ज

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Archana Sharma

Yoga Instructor - Art Of Living Gwalior

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योग के अभ्यास में ध्यान का बहुत बड़ा रोल होता है जो जैसा मैंने पहले बताया कि योग का जैसा लोग समझते हैं कि हम खुले आसमान के नीचे हमने थोड़ा हाथ पैरों को हिला लिया थोड़ा सा जंपिंग कर लिया थोड़ा सा और मत कर दिया यह नहीं चलाता है यानी कि वही अगेन में रिपीट करूंगी कि शरीर स्वस्थ मन को एक साथ एक लाइन में करना तो यह ध्यान से और बैटर हो पाता है जब मन शांत होता है इसकी रोता है हमको भी बहुत अच्छे से कर पाते हैं हमारा पूरा दिन बहुत अच्छा होता है अब डिसीजन ले पाते हैं बहुत अच्छे से बैटर काम जो भी हम कर रहे हो मार्केट में बैठा रिजल्ट मिलने लगता है ध्यान का एक बहुत बड़ा रोल है योगा के साथ

yog ke abhyas mein dhyan ka bahut bada roll hota hai jo jaisa maine pehle bataya ki yog ka jaisa log samajhte hain ki hum khule aasman ke niche humne thoda hath pairon ko hila liya thoda sa jumping kar liya thoda sa aur mat kar diya yah nahi chalata hai yani ki wahi again mein repeat karungi ki sharir swasth man ko ek saath ek line mein karna toh yah dhyan se aur better ho pata hai jab man shaant hota hai iski rota hai hamko bhi bahut acche se kar paate hain hamara pura din bahut accha hota hai ab decision le paate hain bahut acche se better kaam jo bhi hum kar rahe ho market mein baitha result milne lagta hai dhyan ka ek bahut bada roll hai yoga ke saath

योग के अभ्यास में ध्यान का बहुत बड़ा रोल होता है जो जैसा मैंने पहले बताया कि योग का जैसा ल

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Tushar Kant

Yoga Instructor

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योगा मेडिटेशन का बहुत बड़ा महत्व है ठीक है अगर आप मेरी जगह नहीं सेव करते हैं तो इससे ही आप सारी बीमारियों से लड़ सकते हैं अपने आप को इंप्रूव कर सकते हैं और अपनी लाइफ को बेटे के बेटे बना सकते हैं ठीक है इसलिए आपको गुस्सा नहीं आता है चिंताओं पर काबू करते हैं ठीक है हर छोटी छोटी चीजों में आप अपना मन लगाने लगते हैं यह मेरी कैसे का सबसे अच्छा तरीका होता है ठीक है मेरी जान अच्छे होते जाएंगे अपनी लाइफ और उसके बाद आप खुद को बिल्कुल बदला हुआ पाएंगे और लोगों से अलग पाएंगे और आपकी जो भी बातें होंगी वह लोगों से बिल्कुल अलग और सबसे कोमल और धन्यवाद

yoga meditation ka bahut bada mahatva hai theek hai agar aap meri jagah nahi save karte hain toh isse hi aap saree bimariyon se lad sakte hain apne aap ko improve kar sakte hain aur apni life ko bete ke bete bana sakte hain theek hai isliye aapko gussa nahi aata hai chintaon par kabu karte hain theek hai har choti choti chijon mein aap apna man lagane lagte hain yah meri kaise ka sabse accha tarika hota hai theek hai meri jaan acche hote jaenge apni life aur uske baad aap khud ko bilkul badla hua payenge aur logo se alag payenge aur aapki jo bhi batein hongi vaah logo se bilkul alag aur sabse komal aur dhanyavad

योगा मेडिटेशन का बहुत बड़ा महत्व है ठीक है अगर आप मेरी जगह नहीं सेव करते हैं तो इससे ही आप

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Jitendra Kumar

Disciple of Swami Niranjananand Sarswati

1:09

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योग योग में आप क्यों देख लीजिए कि ध्यान का जो है आपका योग यदि प्रेक्टिस करने लगेंगे तो ध्यान ध्यान जुड़े महत्वपूर्ण बन जाता है क्योंकि आप आप जब देसी ध्यान में बैठेंगे मन एकाग्र चित्त होगा इस प्रकार हमारे शरीर के सभी अंगों पर मूवी करने लगता है बीमारियां सुधारने लगता है तो आप आप क्यों मान लीजिए कि ध्यान का जो है इतना महत्वपूर्ण है कि आसन भी कर रहे हैं अभी जैसे तब ध्यान का पूरा टेस्ट में जाइएगा तो एचडी धारणा का व्यास है ध्यान में तो कुछ पता नहीं चलता है लेकिन सब लोग बोलते हैं और सजगता के साथ अभ्यास कर रहे हैं तो वह आपको योग ध्यान जो है बहुत ही महान है

yog yog mein aap kyon dekh lijiye ki dhyan ka jo hai aapka yog yadi practice karne lagenge toh dhyan dhyan jude mahatvapurna ban jata hai kyonki aap aap jab desi dhyan mein baitheange man ekagra chitt hoga is prakar hamare sharir ke sabhi angon par movie karne lagta hai bimariyan sudhaarne lagta hai toh aap aap kyon maan lijiye ki dhyan ka jo hai itna mahatvapurna hai ki aasan bhi kar rahe hain abhi jaise tab dhyan ka pura test mein jaiega toh hd dharana ka vyas hai dhyan mein toh kuch pata nahi chalta hai lekin sab log bolte hain aur sajgata ke saath abhyas kar rahe hain toh vaah aapko yog dhyan jo hai bahut hi mahaan hai

योग योग में आप क्यों देख लीजिए कि ध्यान का जो है आपका योग यदि प्रेक्टिस करने लगेंगे तो ध्य

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Jyoti Chelani

Yoga Instructor

1:19
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मेन चीज बड़ी है योग से ध्यान में ज्यादा थिंग इज ऑल अबाउट मेडिटेशन करते हैं लोगों ने आतंकवाद के टाइम पर सर्जिकल एक्सपेक्टेशन एक्सरसाइज नहीं है योगा योगा करते हुए आप योगा करते करते प्रेजेंट मोमेंट में आते हैं व्हाट इस कॉल्ड कमिंग मतलब इसको प्रेजेंट मोमेंट को हम क्या बोलेंगे वर्तमान में आना वर्तमान स्थिति में आना है पास में घूम रहा है प्रेजेंट में जीते हैं वर्तमान में तो हमारा ऑफिस कैपेबिलिटी अच्छा होने लगता है लाइफ का प्रिंट के बारे में सोच रहे हैं वह यूट्यूब में जाते हैं योगा करते हुए एक्सरसाइज करने के लिए रिप्लाई करना बहुत ज्यादा जरूरी है तो इस युवा अगर आप योगा कर रहे हैं तो मेडिटेशन इस मास्टर बाईजूस योगा का कोई भी नहीं है कोई भी मतलब नहीं है आपने जो इतना सारा एनर्जी ग्रहण किया या पढ़ाया उतारा बेस्ट हो जाएगा

main cheez badi hai yog se dhyan mein zyada thing is all about meditation karte hain logo ne aatankwad ke time par surgical expectation exercise nahi hai yoga yoga karte hue aap yoga karte karte present moment mein aate hain what is called coming matlab isko present moment ko hum kya bolenge vartaman mein aana vartaman sthiti mein aana hai paas mein ghum raha hai present mein jeete hain vartaman mein toh hamara office capability accha hone lagta hai life ka print ke bare mein soch rahe hain vaah youtube mein jaate hain yoga karte hue exercise karne ke liye reply karna bahut zyada zaroori hai toh is yuva agar aap yoga kar rahe hain toh meditation is master baijus yoga ka koi bhi nahi hai koi bhi matlab nahi hai aapne jo itna saara energy grahan kiya ya padhaya utara best ho jaega

मेन चीज बड़ी है योग से ध्यान में ज्यादा थिंग इज ऑल अबाउट मेडिटेशन करते हैं लोगों ने आतंकवा

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Manisha Solomen

Yoga Expert

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योग में बहुत महत्वपूर्ण पर योगासन करते समय पूरा हम योगा कोई भी आसन करते हैं तो हमारा पूरा ध्यान दो कि हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है तो बहुत जरूरी है डम योग करते हैं जस्टिस कमरिया मारी मेंटल से स्टार्ट होती है अब दुआ है हमारी जान करते हैं तो मेरा फोन तो हैंग हो जाता है तो ध्यान करना

yog mein bahut mahatvapurna par yogasan karte samay pura hum yoga koi bhi aasan karte hain toh hamara pura dhyan do ki hamare liye bahut mahatvapurna hai toh bahut zaroori hai dam yog karte hain justice kamriya mari mental se start hoti hai ab dua hai hamari jaan karte hain toh mera phone toh hang ho jata hai toh dhyan karna

योग में बहुत महत्वपूर्ण पर योगासन करते समय पूरा हम योगा कोई भी आसन करते हैं तो हमारा पूरा

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Sangeetha Sharma

Founder & Director - Power Yoga Meditation & Naturopathy

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योग और ध्यान में कोई सारे खाते नहीं अभी जो भी हमारा खानकाही पाठ जैसे हम ध्यान लगाते हैं वह जोक्स ग्रुप है याचिकाकर्ता को बढ़ाता है अगर हमारी भी तरह तो ध्यान ऑटोमेटिक लगेगा अपनी अंतरात्मा अपने स्वरूप को जानने को योग और ध्यान कहा गया है योग और समय योग्य तो ध्यान दें ध्यान हेतु जो कुछ भी भिन्न नहीं है

yog aur dhyan mein koi saare khate nahi abhi jo bhi hamara khankahi path jaise hum dhyan lagate hain vaah jokes group hai yachikakarta ko badhata hai agar hamari bhi tarah toh dhyan Automatic lagega apni antaraatma apne swaroop ko jaanne ko yog aur dhyan kaha gaya hai yog aur samay yogya toh dhyan de dhyan hetu jo kuch bhi bhinn nahi hai

योग और ध्यान में कोई सारे खाते नहीं अभी जो भी हमारा खानकाही पाठ जैसे हम ध्यान लगाते हैं वह

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जान तो इतनी बड़ी चीज है कि संसार के व्यक्ति की समाज के और सृष्टि के पूरे यूनिवर्स की समस्याएं समाप्त हो जाते हैं इतनी बड़ी चीज है जान कोई ऑफिस का मूल्य

jaan toh itni badi cheez hai ki sansar ke vyakti ki samaj ke aur shrishti ke poore Universe ki samasyaen samapt ho jaate hain itni badi cheez hai jaan koi office ka mulya

जान तो इतनी बड़ी चीज है कि संसार के व्यक्ति की समाज के और सृष्टि के पूरे यूनिवर्स की समस्य

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Dr Kajal Patani

Yoga - Indian Icon(2019)

0:33
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ध्यान एक्चुअली मेडिटेशन मेडिटेशन पूरी बॉडी में लाना है तो डिपाजिट

dhyan actually meditation meditation puri body mein lana hai toh deposit

ध्यान एक्चुअली मेडिटेशन मेडिटेशन पूरी बॉडी में लाना है तो डिपाजिट

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Ashish Sahrawat

Yoga Instructor

2:05
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जैसा कि हम देखते हैं कि हमारे समाज में एक मानसिकता को लेकर जैसे मानसिक कृतियां होती है मानसिक बीमारियां होती हैं जैसे बाइपोलर डिसऑर्डर है जो किया है और मानसिक रूप में मनोरोग हैं तो हमें उसका कारण यही होता है कि जो हमारे थॉट्स होते हैं जो हमारे मन की क्रियाएं हैं वह बहुत तेज हो जाती हैं और हम अपने मानसिक स्तर पर अपने मन को अपने अपने अनुसार अपनी इच्छाओं के अनुसार उसे कार्यरत नहीं करा पा सकते तो हमें मेडिटेशन के द्वारा हम योग करते हैं योग मेडिटेशन ध्यान एक हिस्सा है जिसके संयोग में हम चाहते हैं यम नियम आसन प्राणायाम ध्यान ध्यान ध्यान धारणा समाधि सो मेडिटेशन कंपलसरी आई थिंग बेटा मैं यह कहना चाहूंगा कि जो मेडिटेशन है वह बहुत जरूरी है क्योंकि हम देखते हैं कि हमारा मानसिक अवसाद अवकाश पर ऐसी हमारी पश्चिमी सभ्यता में देखा गया है कि दिन-ब-दिन मानसिक अवसाद ओं की संख्या बढ़ती जा रही है मानसिक अवसाद ओके मरी है वह बढ़ते जा रहे बेटा धीरे-धीरे हमारे देश में भी आ रही है तो हमने ध्यान नहीं देना है कि हम कैसे अवसादो से छुटकारा पाएं तो इसके लिए सबसे चाटने की गई होगी कि हम मेडिटेशन करें हम मेडिटेशन को भी उसका हिस्सा दें ध्यान को उसका हिसाब है यह हमारे कार्य को भी बेहतर करेगा और हमारी जिंदगी में हमारे जैसा कि मैंने कहा है योगा एक जिंदगी जीने का तरीका है जीवन जीने की कला जीवन जीने की कला में धान का बहुत महत्व है अष्टांग योग में इसको मुख्यतः शाम को एक स्थान दिया गया धन्यवाद

jaisa ki hum dekhte hain ki hamare samaj mein ek mansikta ko lekar jaise mansik kritiyaan hoti hai mansik bimariyan hoti hain jaise bipolar disorder hai jo kiya hai aur mansik roop mein manorog hain toh hamein uska karan yahi hota hai ki jo hamare thoughts hote hain jo hamare man ki kriyaen hain vaah bahut tez ho jaati hain aur hum apne mansik sthar par apne man ko apne apne anusaar apni ikchao ke anusaar use karyarat nahi kara paa sakte toh hamein meditation ke dwara hum yog karte hain yog meditation dhyan ek hissa hai jiske sanyog mein hum chahte hain yum niyam aasan pranayaam dhyan dhyan dhyan dharana samadhi so meditation compulsory I thing beta main yah kehna chahunga ki jo meditation hai vaah bahut zaroori hai kyonki hum dekhte hain ki hamara mansik avsad avkash par aisi hamari pashchimi sabhyata mein dekha gaya hai ki din bsp din mansik avsad on ki sankhya badhti ja rahi hai mansik avsad ok mari hai vaah badhte ja rahe beta dhire dhire hamare desh mein bhi aa rahi hai toh humne dhyan nahi dena hai ki hum kaise avasado se chhutkara paen toh iske liye sabse chatne ki gayi hogi ki hum meditation kare hum meditation ko bhi uska hissa de dhyan ko uska hisab hai yah hamare karya ko bhi behtar karega aur hamari zindagi mein hamare jaisa ki maine kaha hai yoga ek zindagi jeene ka tarika hai jeevan jeene ki kala jeevan jeene ki kala mein dhaan ka bahut mahatva hai ashtanga yog mein isko mukhyata shaam ko ek sthan diya gaya dhanyavad

जैसा कि हम देखते हैं कि हमारे समाज में एक मानसिकता को लेकर जैसे मानसिक कृतियां होती है मान

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Honey Khanchandani

Yoga Expert

1:53
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ध्यान ध्यान से उचित ध्यान हम अपने शरीर के बाहर कुछ भी नहीं है अगर आप दुख है तो भी अंदर है और खुशी है तू भी अंदर से है हम बाहर से हमें कुछ नहीं मिलता है तब हमारे अंदर से मिलता है रानी पत्ती शक्ति में जाति प्रथा पर मिल जाता है कि जो भी चीज आएगी उसे फिर करेंगे हंसते-हंसते कि हमें पटाखे तो सीरियल जो होना है वह फोन आया था आपकी मन और मन और दिमाग को शांत रखता है कि जो कनेक्टिविटी है उसे हम अपने देते ही नहीं है कोई बात नहीं कर सकता हूं अच्छा होगा - मई को क्या मिलता है फिर मिलता है हम उसे कोई भी खराब चीजें जो नाइट में थे उनको भी नहीं करते हो हमको छुपा सकते नहीं होने के बाद हम उसे जाकर खेसारी और अब और अच्छा होगा जो भी होगा माइंड लाइक और ऑपरेशन बैठते हैं आपके लिए बहुत अच्छा है कि मुझे कोई शिकायत होती ही नहीं है मुझे जो भी सब चीज खुश हूं इस्माइल फिर से मेरा और मैं सब चीज के लिए सक्षम है यह सब समझ में आती है उसको बाहर निकालने के बहुत अच्छा है कि हम अपने ध्यान में बैठे लोग बैठे चाहे वह कुछ टाइम के लिए बैठे बैठे हैं जितना आप देख सकते हो आपके विचार है विचार आ रहे जा रहे हैं उन्हें डिलीट करते हैं कि ठीक है जो भी आपको सुनने में ले जाओ उन्हें मत सोचो मत होने दो मन को शांत करती थी उसे कर पाते कि वह क्या कर रहे हैं

dhyan dhyan se uchit dhyan hum apne sharir ke bahar kuch bhi nahi hai agar aap dukh hai toh bhi andar hai aur khushi hai tu bhi andar se hai hum bahar se hamein kuch nahi milta hai tab hamare andar se milta hai rani patti shakti mein jati pratha par mil jata hai ki jo bhi cheez aayegi use phir karenge hansate hansate ki hamein patakhe toh serial jo hona hai vaah phone aaya tha aapki man aur man aur dimag ko shaant rakhta hai ki jo connectivity hai use hum apne dete hi nahi hai koi baat nahi kar sakta hoon accha hoga may ko kya milta hai phir milta hai hum use koi bhi kharab cheezen jo night mein the unko bhi nahi karte ho hamko chupa sakte nahi hone ke baad hum use jaakar khesari aur ab aur accha hoga jo bhi hoga mind like aur operation baithate hain aapke liye bahut accha hai ki mujhe koi shikayat hoti hi nahi hai mujhe jo bhi sab cheez khush hoon ismail phir se mera aur main sab cheez ke liye saksham hai yah sab samajh mein aati hai usko bahar nikalne ke bahut accha hai ki hum apne dhyan mein baithe log baithe chahen vaah kuch time ke liye baithe baithe hain jitna aap dekh sakte ho aapke vichar hai vichar aa rahe ja rahe hain unhe delete karte hain ki theek hai jo bhi aapko sunne mein le jao unhe mat socho mat hone do man ko shaant karti thi use kar paate ki vaah kya kar rahe hain

ध्यान ध्यान से उचित ध्यान हम अपने शरीर के बाहर कुछ भी नहीं है अगर आप दुख है तो भी अंदर है

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Dr. Rekha Soni

Nutrition and Yoga Expert

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

एक तो होता है कि आप किसी क्रिया को कर रहे हैं तो आप ऊपरी तौर पर कर रहे हैं क्योंकि आपको आपकी आपके शरीर को हिलाया जा रहा है तो हमारा दिमाग कहीं और होता है जो कि जिंदगी लोग जितने भी करते हैं जिनमें उन्होंने 3 लोग एक्सरसाइज करते हैं उनका मोमेंट मोमेंट मोमेंट और काशी क्रंचीज वगैरह रहते हैं उसके अंदर सबसे ज्यादा जो तकलीफ क्या होती है इसलिए तो अपना काम कर रहा होता है पर आपका मन शांत नहीं होता है मन को शांत होना इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे जो हमारे अंदर जो शारीरिक और मानसिक तनाव है योगा का मुख्य लक्ष्य तनाव को दूर करना है तो तनाव दूर एक सर्जिकल एक्टिविटी से कभी भी नहीं हो सकता क्योंकि फिजिकल एक्टिविटी करते समय अगर हम अंदर से शांत नहीं है तो कहीं केमिकल रिलीज होते हैं अंदर से जो उसको और उत्तेजित करते हैं और जिसकी वजह से बाद में लेकर आऊं कभी साक्षर भी हो जाएंगे कभी खराब भी हो जाएंगे कभी एब्डोमिनल प्लान चेक करते हुए आपको इंटरेस्ट नहीं प्रॉब्लम सी हो जाती है उसका रीजन है क्योंकि मन आपका कहीं और है और बॉडी अंदर से कोई और अलग है stimu-let करता है कोई सीमा में काफी नुकसान होता है योगा का लक्ष्य है कि अगर हम को अंदर से तनाव से दूर रखना है और हमें अपनी मांसपेशियों के खिंचाव के दौरान जितना गर्म उसको मेरी टिप्पणी करते हैं तो इसके कई फायदे होते हैं कोशिश करके योगाभ्यास हमेशा सांसो की तरफ ध्यान रखते हुए और अपने शरीर और मन से जुड़कर करेंगे तो उसके विशेष फायदा जो कि हमें जिम में नहीं मिलते हैं

ek toh hota hai ki aap kisi kriya ko kar rahe hai toh aap upari taur par kar rahe hai kyonki aapko aapki aapke sharir ko hilaya ja raha hai toh hamara dimag kahin aur hota hai jo ki zindagi log jitne bhi karte hai jinmein unhone 3 log exercise karte hai unka moment moment moment aur kashi kranchij vagera rehte hai uske andar sabse zyada jo takleef kya hoti hai isliye toh apna kaam kar raha hota hai par aapka man shaant nahi hota hai man ko shaant hona isliye zaroori hai kyonki isse jo hamare andar jo sharirik aur mansik tanaav hai yoga ka mukhya lakshya tanaav ko dur karna hai toh tanaav dur ek surgical activity se kabhi bhi nahi ho sakta kyonki physical activity karte samay agar hum andar se shaant nahi hai toh kahin chemical release hote hai andar se jo usko aur uttejit karte hai aur jiski wajah se baad mein lekar aaun kabhi sakshar bhi ho jaenge kabhi kharab bhi ho jaenge kabhi ebdominal plan check karte hue aapko interest nahi problem si ho jaati hai uska reason hai kyonki man aapka kahin aur hai aur body andar se koi aur alag hai stimu late karta hai koi seema mein kaafi nuksan hota hai yoga ka lakshya hai ki agar hum ko andar se tanaav se dur rakhna hai aur hamein apni mansapeshiyon ke khinchav ke dauran jitna garam usko meri tippani karte hai toh iske kai fayde hote hai koshish karke yogabhayas hamesha saanso ki taraf dhyan rakhte hue aur apne sharir aur man se judakar karenge toh uske vishesh fayda jo ki hamein gym mein nahi milte hain

एक तो होता है कि आप किसी क्रिया को कर रहे हैं तो आप ऊपरी तौर पर कर रहे हैं क्योंकि आपको आप

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Yogi Gulshan Kumar

Director at Arogya Yoga & Meditation Centre

3:43
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वास्तव में प्रश्न आपने किया है जो और जान कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि योग और ध्यान एक ही है कुछ हद तक यह बात सही है योग जो ध्यान है वह योग का ही एक अंग है जो चूहे आठ अंगों में विभाजित किया गया है यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान यानी मेडिटेशन और समाधि समाधि का मतलब सिर्फ रिलाइजेशन हम आगे बढ़ते हैं आसन किया फिर प्राणायाम पर आए फिर प्रत्याहार की अवधारणा में गए उसके बाद शान होता है का जो सातवाहन है जो योगी सातवीं सीढ़ी है वह ध्यान और मेडिटेशन है जो लोग इतना ही समझ पाए हैं कि आज शंकर लिए प्राणायाम के लिए यह जोक हो गया ध्यान में जाने का एक आरंभिक अवस्था है बिना मेडिटेशन बिना हासिल किए बिना प्राणायाम किए आफ मेडिटेशन की उस अवस्था तक नहीं पहुंच सकते तो मेडिटेशन करने से पहले आपको यह नियम जो कुछ जीवन के लिए नियम निर्धारित किए गए हैं कि अहिंसा का पालन करना है किसी को दुख नहीं देना किसी को मारना नहीं है किसी की जीव हत्या नहीं करनी है यह अहिंसा होती है अहिंसा में आवश्यक अहिंसा किसी को शब्दों से भी बुरा नहीं कहना है वचनों से अगर आपने किसी को गलत बोल दिया तो यह वाचिक हिंसा हो जाएगी इस तरह सत्य मार्ग पर चलना है ज्यादा वस्तुओं का संग्रह नहीं करना है अपनी बॉडी का क्यों नहीं फिकेशन करना है और स्वाध्याय करना है कुछ रिलीजियस बुक्स भी पढ़ती रहना चाहिए सेल्फ स्टडी भी करना अपना ध्यान भी करें आप बाहर से कैसे हैं अंदर से आप कैसे हैं नियमों को यम नियम कहते हैं फिर उसके बाद थोड़ा आसन किए जाते हैं आसन से शरीर के अंगों में दृढ़ता आती है मजबूत होता है जब मजबूत हो जाएगा शरीर सिर्फ के बाद मन को हल्का करने के लिए प्राणायाम किया जाता है मन को हल्का करने के लिए प्राणायाम का अभ्यास किया जाता है उसके बाद प्रत्याहार की बात आ जाती है तो प्रत्याहार शरीर और मन को जोड़ने का एक साधन है इसमें इंद्रियों का निग्रह किया जाता है इंद्रियों का निग्रह करने के बाद धार ना फिर ध्यान पुस्तक मेडिटेशन की अवस्था में हम पूछते हैं तो इसलिए यह कहा नहीं जा सकता कि ध्यान योग से अलग है योग और ध्यान एक ही है बिजली व्यवस्था जो कही जा सकती है और योग की आरंभिक अवस्था से हम धीरे-धीरे आगे बढ़ते बढ़ते मेडिटेशन के लेवल पर पहुंचते हैं

vaastav mein prashna aapne kiya hai jo aur jaan kuch log aisa maante hain ki yog aur dhyan ek hi hai kuch had tak yah baat sahi hai yog jo dhyan hai vaah yog ka hi ek ang hai jo chuhe aath angon mein vibhajit kiya gaya hai yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan yani meditation aur samadhi samadhi ka matlab sirf realisation hum aage badhte hain aasan kiya phir pranayaam par aaye phir pratyahar ki avdharna mein gaye uske baad shan hota hai ka jo satvahan hai jo yogi satvi sidhi hai vaah dhyan aur meditation hai jo log itna hi samajh paye hain ki aaj shankar liye pranayaam ke liye yah joke ho gaya dhyan mein jaane ka ek aarambhik avastha hai bina meditation bina hasil kiye bina pranayaam kiye of meditation ki us avastha tak nahi pohch sakte toh meditation karne se pehle aapko yah niyam jo kuch jeevan ke liye niyam nirdharit kiye gaye hain ki ahinsa ka palan karna hai kisi ko dukh nahi dena kisi ko marna nahi hai kisi ki jeev hatya nahi karni hai yah ahinsa hoti hai ahinsa mein aavashyak ahinsa kisi ko shabdon se bhi bura nahi kehna hai vachano se agar aapne kisi ko galat bol diya toh yah vachik hinsa ho jayegi is tarah satya marg par chalna hai zyada vastuon ka sangrah nahi karna hai apni body ka kyon nahi fikeshan karna hai aur swaadhyaay karna hai kuch rilijiyas books bhi padhati rehna chahiye self study bhi karna apna dhyan bhi kare aap bahar se kaise hain andar se aap kaise hain niyamon ko yum niyam kehte hain phir uske baad thoda aasan kiye jaate hain aasan se sharir ke angon mein dridhta aati hai majboot hota hai jab majboot ho jaega sharir sirf ke baad man ko halka karne ke liye pranayaam kiya jata hai man ko halka karne ke liye pranayaam ka abhyas kiya jata hai uske baad pratyahar ki baat aa jaati hai toh pratyahar sharir aur man ko jodne ka ek sadhan hai isme indriyon ka nigrah kiya jata hai indriyon ka nigrah karne ke baad dhar na phir dhyan pustak meditation ki avastha mein hum poochhte hain toh isliye yah kaha nahi ja sakta ki dhyan yog se alag hai yog aur dhyan ek hi hai bijli vyavastha jo kahi ja sakti hai aur yog ki aarambhik avastha se hum dhire dhire aage badhte badhte meditation ke level par pahunchate hain

वास्तव में प्रश्न आपने किया है जो और जान कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि योग और ध्यान एक ही है कु

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