जब आपकी कुंडलिनी जागृत होती है तो क्या होता है?...


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Chitranjan kumar Singh

Yog Guru (God Gift Yoga &Nature Cure Centre)

0:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कुंडली जागरण लॉन्ग प्रोसेस करने की आवश्यकता होती है उसको नहीं करना चाहिए उसमें फायदे भी बहुत होते हैं तो रिस्क फ्री होता है नुकसान भी हो सकता है अगर आप एक अनुभवी शिक्षक के परीक्षा में नहीं करेंगे तो बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है इसीलिए उसने उसके बारे में गुरु के तारीख को तुरंत आना चाहिए

kundali jagran long process karne ki avashyakta hoti hai usko nahi karna chahiye usme fayde bhi bahut hote hain toh risk free hota hai nuksan bhi ho sakta hai agar aap ek anubhavi shikshak ke pariksha mein nahi karenge toh bahut zyada nuksan ho sakta hai isliye usne uske bare mein guru ke tarikh ko turant aana chahiye

कुंडली जागरण लॉन्ग प्रोसेस करने की आवश्यकता होती है उसको नहीं करना चाहिए उसमें फायदे भी बह

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Ankit Dubey

Yoga Trainer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कुंडली नहीं जो जागृत होता है कॉलिंग जागृत क्या है अपनी एकाग्रता को जो हमारे ध्यान का लेबल हमारे को बोलते इंग्लिश में हमारा जैसे हाई हो गया वह हमारा वेडनेसडे पर अच्छे लोग बहुत पढ़ाई कर रहा है जागृत होना कुंडली जागृत होना मतलब आपका आपका हमेशा कुंडलिनी जागृत क्या मतलब है इसको अगर आप सब लोगों ने अपने-अपने कोडिंग डिस्क्राइब किया है लेकिन सबका अलग अलग है मेरे को मेंटली फिजिकली करेक्ट है आपका बॉडी हर चीज अच्छा काम कर रहा आप कोई भी काम कर रहे हैं पूरा ध्यान से कर रहे हैं आप उसको कर पा रहे हैं किसी भी प्रॉब्लम एग्जांपल के लिए जो भी दिन का कोई नहीं जागृत हो जाता है ना उनके लाइफ में प्रॉब्लम नहीं होता किसी भी चीज का प्रॉब्लम है ना उनके प्रशिक्षण नहीं होगा एक ऑफिस नहीं होते हैं वह कभी नहीं करते लेकिन अपने काम के प्रति बहुत प्यार है उनको 10 लोग हैं उसमें से मतलब कुंडली जागृत करने के लिए अपने काम के प्रति प्यार होना अगर हम बैठकर ध्यान कर दिया अभी टाइम नहीं है क्या हमारे पास नहीं है और इतना नहीं कर सकते 10 मिनट नहीं भेज सकते हैं तो करने के लिए पहले अगर आप जो भी अपना पहचान है जो भी आपका काम है उसमें मंच लगाकर करना जो भी आप करना चाहते हैं अच्छे से करना टाइमपास के लिए नहीं करना तो उससे आपका ऑटोमेटिक होता है और बहुत अच्छा ब्लॉक कर दो कौड़ी के ब्लॉक कर दो

kundali nahi jo jagrit hota hai Calling jagrit kya hai apni ekagrata ko jo hamare dhyan ka lebal hamare ko bolte english mein hamara jaise high ho gaya vaah hamara vednesde par acche log bahut padhai kar raha hai jagrit hona kundali jagrit hona matlab aapka aapka hamesha kundalini jagrit kya matlab hai isko agar aap sab logo ne apne apne coding describe kiya hai lekin sabka alag alag hai mere ko mentally physically correct hai aapka body har cheez accha kaam kar raha aap koi bhi kaam kar rahe hain pura dhyan se kar rahe hain aap usko kar paa rahe hain kisi bhi problem example ke liye jo bhi din ka koi nahi jagrit ho jata hai na unke life mein problem nahi hota kisi bhi cheez ka problem hai na unke prashikshan nahi hoga ek office nahi hote hain vaah kabhi nahi karte lekin apne kaam ke prati bahut pyar hai unko 10 log hain usme se matlab kundali jagrit karne ke liye apne kaam ke prati pyar hona agar hum baithkar dhyan kar diya abhi time nahi hai kya hamare paas nahi hai aur itna nahi kar sakte 10 minute nahi bhej sakte hain toh karne ke liye pehle agar aap jo bhi apna pehchaan hai jo bhi aapka kaam hai usme manch lagakar karna jo bhi aap karna chahte hain acche se karna timepass ke liye nahi karna toh usse aapka Automatic hota hai aur bahut accha block kar do kaudi ke block kar do

कुंडली नहीं जो जागृत होता है कॉलिंग जागृत क्या है अपनी एकाग्रता को जो हमारे ध्यान का लेबल

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कुंडलिनी जागरण का जो धारणा है वह आजकल जो लोग धारणा समझते हैं उससे जो हमारा तंत्र विद्यालय कुंडली जागरण के बारे में बहुत ही अच्छे ढंग से बताया हुआ है वह बिल्कुल अलग है आज जो समझते हो अलग है तंत्र विद्या के अनुसार जो कुंडली जागरण की धारणा है तो तभी संभव है जब हमारा मन में जो विचार और जो भावनाएं आते हैं उस से मन प्रभावित ना हो जब हमारा मन तो हमारा मूलाधार चक्र है वहां से जो हमारी सोच बना लिया जिसमें की प्राण बसते हैं वो जब वहां से निकलती हैं तो हमारे पूरे जो ऊर्जा के स्रोत है टोटल 6 मैंस रूट है हमारे शरीर में उनसे मैन सोच को खराब करते हैं नहीं जाते हैं लेकिन इसका जो कुंडली जागरण प्रक्रिया है इसके बारे में कभी भी हमारे ऋषि यों ने यह नहीं सोचा था कि यह केवल ऐसा क्यों बन जाएगी क्यों प्रवचन के लिए बन जाएगा स्कूल अनुभव कर सकते हैं क्योंकि हमारे शास्त्रों ने बोला है व्यापक मात्री शास्त्र मोहित चोरों ने अनुभव किया है और इसे मन की बात बता रहा हूं जिसमें हम अपने जिसको अंग्रेजी में नर्वस सिस्टम बोलते हैं और जो नारी हमारी होती है उसकी जो रोटी घुमाने की क्षमता मारे आती है तभी हम कुंडली जागरण को अनुभव कर सकते हैं नहीं तो केवल एक कुंडली जागरण के मात्र सिद्धांत की बहुत ही फैक्ट्री चल और स्वाभाविक भी चीज है और यह उन्हीं को अनुभव होगा जो की धारणा की सही शब्द को समझते हुए उसके नाम ना उस लेबल पर पहुंचेंगे जहां से किस भावना और विचार उनके मन को नहीं करेंगे

kundalini jagran ka jo dharana hai vaah aajkal jo log dharana samajhte hain usse jo hamara tantra vidyalaya kundali jagran ke bare mein bahut hi acche dhang se bataya hua hai vaah bilkul alag hai aaj jo samajhte ho alag hai tantra vidya ke anusaar jo kundali jagran ki dharana hai toh tabhi sambhav hai jab hamara man mein jo vichar aur jo bhaavnaye aate hain us se man prabhavit na ho jab hamara man toh hamara muladhar chakra hai wahan se jo hamari soch bana liya jisme ki praan baste hain vo jab wahan se nikalti hain toh hamare poore jo urja ke srot hai total 6 mains root hai hamare sharir mein unse man soch ko kharab karte hain nahi jaate hain lekin iska jo kundali jagran prakriya hai iske bare mein kabhi bhi hamare rishi yo ne yah nahi socha tha ki yah keval aisa kyon ban jayegi kyon pravachan ke liye ban jaega school anubhav kar sakte hain kyonki hamare shastron ne bola hai vyapak matri shastra mohit choron ne anubhav kiya hai aur ise man ki baat bata raha hoon jisme hum apne jisko angrezi mein nervous system bolte hain aur jo nari hamari hoti hai uski jo roti ghumaane ki kshamta maare aati hai tabhi hum kundali jagran ko anubhav kar sakte hain nahi toh keval ek kundali jagran ke matra siddhant ki bahut hi factory chal aur swabhavik bhi cheez hai aur yah unhi ko anubhav hoga jo ki dharana ki sahi shabd ko samajhte hue uske naam na us lebal par pahunchenge jaha se kis bhavna aur vichar unke man ko nahi karenge

कुंडलिनी जागरण का जो धारणा है वह आजकल जो लोग धारणा समझते हैं उससे जो हमारा तंत्र विद्यालय

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Luckypandey

Yoga Trainer

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आखरी दो एक योगी की सबसे उच्चतम अवस्था होती जब हमारे अंदर के शिक्षकों द्वारा गया और संसार चकित का ज्ञाता के तरीके बताएं जरा धीरे धीरे बहुत बड़ा काम आता है उसके अंदर कोई भी बीमारी या अन्य कोई उचित नहीं है लगातार अभ्यास करता है तो उसके मस्तिष्क पर और शरीर और बड़ी चोपर अपने आपको अलग हो जाता है उसके अंदर जो भी हुई मोह माया के बंधनों से मुक्त हो जाता है वह अपने आप को और उच्च कोटि के लिए जीवन जीने लगता है और मोक्ष के लिए काम करने लगता है

aakhri do ek yogi ki sabse ucchatam avastha hoti jab hamare andar ke shikshakon dwara gaya aur sansar chakit ka gyaata ke tarike bataye jara dhire dhire bahut bada kaam aata hai uske andar koi bhi bimari ya anya koi uchit nahi hai lagatar abhyas karta hai toh uske mastishk par aur sharir aur badi chopper apne aapko alag ho jata hai uske andar jo bhi hui moh maya ke bandhane se mukt ho jata hai wah apne aap ko aur ucch koti ke liye jeevan jeene lagta hai aur moksha ke liye kaam karne lagta hai

आखरी दो एक योगी की सबसे उच्चतम अवस्था होती जब हमारे अंदर के शिक्षकों द्वारा गया और संसार च

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International Yogi

spiritual Guru (Life Coach)

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अगर सामान्य रूप में आपको बताया जाए तो आप आमतौर पर जब भी फील करोगे रोया तो आपकी लेफ्ट नाक है वह चल रही होती है या फिर राइट चल रही होती है लेकिन जब आपकी कुंडली जागृत होती है तो दोनों समान रूप से चलने लगती है

agar samanya roop mein aapko bataya jaaye toh aap aamtaur par jab bhi feel karoge roya toh aapki left nak hai vaah chal rahi hoti hai ya phir right chal rahi hoti hai lekin jab aapki kundali jagrit hoti hai toh dono saman roop se chalne lagti hai

अगर सामान्य रूप में आपको बताया जाए तो आप आमतौर पर जब भी फील करोगे रोया तो आपकी लेफ्ट नाक ह

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Rajkumar Koree

Founder & Director - Fitstop Fitness Studio

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जब आपकी कुंडली जागृत होती हैं तो सारी शरीर के जो ऑर्गन है काफी बेहतर फील करते हैं उस शरीर को हेल्दी बनाने में आप को एक्टिव करने में आपके दिमाग को एक्टिव करने में मदद करते हैं शादी सर कहते हैं कि आज ज्ञान को प्राप्त करने में काफी मदद करते हैं

jab aapki kundali jagrit hoti hain toh saree sharir ke jo organ hai kaafi behtar feel karte hain us sharir ko healthy banane mein aap ko active karne mein aapke dimag ko active karne mein madad karte hain shadi sir kehte hain ki aaj gyaan ko prapt karne mein kaafi madad karte hain

जब आपकी कुंडली जागृत होती हैं तो सारी शरीर के जो ऑर्गन है काफी बेहतर फील करते हैं उस शरीर

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बहुत ही अच्छा सवाल पूछा है कि जब आपकी कुंडलिनी जागृत होती है तो क्या होता है देखो कुंडली नहीं है पार्ट बहुत ही हार्ड और मुश्किल सिर्फ का होता है इसके अंदर हमें निरंतर प्रणाम करना पड़ता है अष्टांग योग साधना जो आज से तकरीबन साढे 5000 साल पहले कृष्ण भगवान ने मानव समाज के लिए एक ऐसी शक्ति और अद्भुत शक्ति बताई है कृष्ण भगवान कहते हैं यम नियम आसन प्राणायाम प्रत्याहार धारणा ध्यान और समाधि इस आठ अंगों का कोई इंसान अगर रोजाना अभ्यास करता है सवेरे दोपहर और शाम पर निरंतर सोहम साधना में रहता है तो कुछ दिन के बाद में उसकी कुंडलिनी चक्र जागृत होता है हमारे शरीर के भीतर नाभि स्थान के बीचोंबीच एक कुंडलिनी चक्र है और वह जागृत होता है कुंडलिनी चक्र जागृत होने के बाद हमारे शरीर के अंदर विलक्षण ऐसे चमत्कार दिखाई देते कुंडली हमारे शरीर के अंदर एक लुफ्त सोया वाली प्रक्रिया है और वह जागने के बाद हमारे शरीर के अंदर अनेकों प्रकार की सिद्धियां अपने को विलक्षण चमत्कार आने के शरीर में मोनिका करता उसके बाद में सिद्धि प्राप्त होती है और हमको स्वयं ज्योतिर्मयी ईश्वर का आने के ब्रह्म साक्षात्कार होता है ब्रह्म दर्शन होता है और हमारा शरीर जो होता है उसके बाद में शरीर शरीर नहीं रहता है कि शरीर हमारा है कि ईश्वर का रूप धारण करता है तो कुंडलिनी को हमारे शरीर के अंदर एक ईश्वर का वरदान दिया है प्राण जोत अगर कुंडलिनी जागृत होती है तो हम तीनों सिरदर्द में कार्य कर सकते हमारे शरीर वायु रोग होता है अग्नि माई होता है जल में होता है और मृत्यु हमसे को शो दूर जाता है ऐसे अन्य हजारों लाखों सिम्टम्स जो प्राप्त होते हैं वह कुंडलिनी जागृत के दौरान होते हैं हर एक का अनुभव कभी-कभी आगे पीछे चलता है पर अनुभव इसमें सबको आता है महाराष्ट्र के बड़े संत तुकाराम महाराज ने कहा है तू का बने थे नशा करता थोड़ी प्रातकाल घड़ी आलिया मिला इसलिए हमको निरंतर अभ्यास करना चाहिए उस अभ्यास के दौरान हमारी कुंडलिनी चक्र से हमको बहुत सारे अनुभव मिलते हैं

bahut hi accha sawaal poocha hai ki jab aapki kundalini jagrit hoti hai toh kya hota hai dekho kundali nahi hai part bahut hi hard aur mushkil sirf ka hota hai iske andar hamein nirantar pranam karna padta hai ashtanga yog sadhna jo aaj se takareeban sadhe 5000 saal pehle krishna bhagwan ne manav samaj ke liye ek aisi shakti aur adbhut shakti batai hai krishna bhagwan kehte hain yum niyam aasan pranayaam pratyahar dharana dhyan aur samadhi is aath angon ka koi insaan agar rojana abhyas karta hai savere dopahar aur shaam par nirantar soham sadhna mein rehta hai toh kuch din ke baad mein uski kundalini chakra jagrit hota hai hamare sharir ke bheetar nabhi sthan ke bichombich ek kundalini chakra hai aur vaah jagrit hota hai kundalini chakra jagrit hone ke baad hamare sharir ke andar vilakshan aise chamatkar dikhai dete kundali hamare sharir ke andar ek luft soya wali prakriya hai aur vaah jagne ke baad hamare sharir ke andar anekon prakar ki siddhiyan apne ko vilakshan chamatkar aane ke sharir mein monika karta uske baad mein siddhi prapt hoti hai aur hamko swayam jyotirmayi ishwar ka aane ke Brahma sakshatkar hota hai Brahma darshan hota hai aur hamara sharir jo hota hai uske baad mein sharir sharir nahi rehta hai ki sharir hamara hai ki ishwar ka roop dharan karta hai toh kundalini ko hamare sharir ke andar ek ishwar ka vardaan diya hai praan jot agar kundalini jagrit hoti hai toh hum tatvo sirdard mein karya kar sakte hamare sharir vayu rog hota hai agni my hota hai jal mein hota hai aur mrityu humse ko show dur jata hai aise anya hazaro laakhon Symptoms jo prapt hote hain vaah kundalini jagrit ke dauran hote hain har ek ka anubhav kabhi kabhi aage peeche chalta hai par anubhav isme sabko aata hai maharashtra ke bade sant tukaram maharaj ne kaha hai tu ka bane the nasha karta thodi pratakal ghadi aliya mila isliye hamko nirantar abhyas karna chahiye us abhyas ke dauran hamari kundalini chakra se hamko bahut saare anubhav milte hain

बहुत ही अच्छा सवाल पूछा है कि जब आपकी कुंडलिनी जागृत होती है तो क्या होता है देखो कुंडली न

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Rajshree Kshirsagar

Yoga Instructor

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नई जागृति हमें हमारी शक्ति प्राप्त होती है मुझे कोई ऐसी शक्ति मिलती है कि हर किसी को अलग-अलग शक्ति मिलती है कि हमारे ऊपर जो हमारा ना हमारी कुंडली के अंदर पावर आती है

nayi jagriti humein hamari shakti prapt hoti hai mujhe koi aisi shakti milti hai ki har kisi ko alag alag shakti milti hai ki hamare upar jo hamara na hamari kundali ke andar power aati hai

नई जागृति हमें हमारी शक्ति प्राप्त होती है मुझे कोई ऐसी शक्ति मिलती है कि हर किसी को अलग-अ

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जय श्री कृष्णा आपने पूछा कि आपकी कुंडली जागृत होती तो क्या होता है देखो मैं तो मेरी बात बताता हूं जब मेरी अपनी शक्ति जागृत होने लगी अब हो रही है तो आप ध्यान करेंगे श्री में झटके लेंगे और आप सोए हैं तो कई बार झटके लेंगे उससे आपका बहने इससे बहुत लाभ होता है जब तुम्हें शक्ति जाग्रत होने लगती है तो हम जो कुछ भी कहते सकते हो जाते हैं जो कुछ इच्छा करते हो पूरी हो जाती तेरे लिए ध्यान दें किसी को बुरा नहीं बोले क्योंकि बुरा भी हो जाएगा अच्छा बोलेगा अच्छी हो जाएगी तभी तो बीमार आदमी यम नियम का पालन करने के लिए पहली बता दिया तो कई सन्यासी साधु दोहराते हैं कि गुरु के सानिध्य में करने की कोई आ शनि गुरु की सजा अवश्य करने के लिए मैंने कोई ग्रुप बना ही नहीं मैंने इसमें कोई गुरु माना है और मेरे वॉइस में ग्रुप बन गए इसमें कोई आकस्मिक एक ही बात है उसे शास्त्र में आया कि जब * सत्याग्रह उम्र लग जाती शरीर में झटके लगते हैं मेरे जीवन में जब भी मुझे अनुभव हुआ तो मैं आपको हंड्रेड परसेंट आ सकता हूं इससे कोई नुकसान नहीं होता है अगर आप मानसिक सारी ब्रांच की पालना करेंगे तो उन्हें शक्ति जागृत नहीं होगी हरे कृष्ण हरे कृष्ण हरे कृष्ण तो आपने बहुत बहुत अच्छा क्वेश्चन पूछा है उसके लिए मैं आपको धन्यवाद दूंगा और जितना यह जो ज्ञान है आप पूरे विश्व में समय तो क्या था 750 को लोगों में ये ज्ञान जाना चाहिए ताकि लोग घरों से बाहर निकले हरे कृष्णा हरे कृष्णा जी कृष्णा जी को से मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं कुछ भी प्रसन्न होता पूछे स्त्री के पास में उसे बताऊंगा आप जीवन में आगे बढ़ी हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण

jai shri krishna aapne poocha ki aapki kundali jagrit hoti toh kya hota hai dekho main toh meri baat batata hoon jab meri apni shakti jagrit hone lagi ab ho rahi hai toh aap dhyan karenge shri me jhatake lenge aur aap soye hain toh kai baar jhatake lenge usse aapka behne isse bahut labh hota hai jab tumhe shakti jagrat hone lagti hai toh hum jo kuch bhi kehte sakte ho jaate hain jo kuch iccha karte ho puri ho jaati tere liye dhyan de kisi ko bura nahi bole kyonki bura bhi ho jaega accha bolega achi ho jayegi tabhi toh bimar aadmi yum niyam ka palan karne ke liye pehli bata diya toh kai sanyaasi sadhu dohrate hain ki guru ke sanidhya me karne ki koi aa shani guru ki saza avashya karne ke liye maine koi group bana hi nahi maine isme koi guru mana hai aur mere voice me group ban gaye isme koi aakasmik ek hi baat hai use shastra me aaya ki jab satyagrah umar lag jaati sharir me jhatake lagte hain mere jeevan me jab bhi mujhe anubhav hua toh main aapko hundred percent aa sakta hoon isse koi nuksan nahi hota hai agar aap mansik saari branch ki paalna karenge toh unhe shakti jagrit nahi hogi hare krishna hare krishna hare krishna toh aapne bahut bahut accha question poocha hai uske liye main aapko dhanyavad dunga aur jitna yah jo gyaan hai aap poore vishwa me samay toh kya tha 750 ko logo me ye gyaan jana chahiye taki log gharon se bahar nikle hare krishna hare krishna ji krishna ji ko se meri subhkamnaayain aapke saath hain kuch bhi prasann hota pooche stree ke paas me use bataunga aap jeevan me aage badhi hare krishna hare krishna krishna krishna

जय श्री कृष्णा आपने पूछा कि आपकी कुंडली जागृत होती तो क्या होता है देखो मैं तो मेरी बात बत

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