भारत गरीब क्यों है?...


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Race academy maneesh

Competitive Exam Expert (Youtube- Race Academy Maneesh)https://www.youtube.com/channel/UCEwGqvTOdzZnbc70zgFiJYQ

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मिशन आपका भारत गरीब क्यों है भाई गरीब क्यों हैं यह तो कह सकता है गरीब है अमीर भी है गरीब भी है लेकिन मैक्सिमम जनता जो है यहां पर कृषि प्रधान है और इतनी ज्यादा जनसंख्या है कि उतना ज्यादा जमीन नहीं मिल पाती है लोगों को बस मेनकार्ट गई है कि जनसंख्या जाति जनसंख्या का ज्यादा होना और क्षेत्रफल का कम होना बस भारत का भारत इसीलिए गरीब है बाकी इसका कोई कारण नहीं है दूसरा गाड़ी हो सकता है इसमें जो है भारत में संख्या ज्यादा है तो लोग शिक्षित कम हो पा रहे हैं और और तीसरा गाढ़े की इससे पहले देखो इसे पहले अंग्रेजों ने भारत को लूटा से पहले मुगलों ने लूटा से पहले आयरन लूटा लूटा लूटा चला गया है तो यह जो है विकास की अभी है नहीं हो पाया है अपना भारत धीरे-धीरे होगा

mission aapka bharat garib kyon hai bhai garib kyon hain yah toh keh sakta hai garib hai amir bhi hai garib bhi hai lekin maximum janta jo hai yahan par krishi pradhan hai aur itni zyada jansankhya hai ki utana zyada jameen nahi mil pati hai logo ko bus menakart gayi hai ki jansankhya jati jansankhya ka zyada hona aur kshetrafal ka kam hona bus bharat ka bharat isliye garib hai baki iska koi karan nahi hai doosra gaadi ho sakta hai isme jo hai bharat me sankhya zyada hai toh log shikshit kam ho paa rahe hain aur aur teesra gaadhe ki isse pehle dekho ise pehle angrejo ne bharat ko loota se pehle mugalon ne loota se pehle iron loota loota loota chala gaya hai toh yah jo hai vikas ki abhi hai nahi ho paya hai apna bharat dhire dhire hoga

मिशन आपका भारत गरीब क्यों है भाई गरीब क्यों हैं यह तो कह सकता है गरीब है अमीर भी है गरीब

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प्रश्न है भारत गरीब क्यों है सबसे पहले स्कूल समझो भारत गरीब नहीं है भारत की जनता गरीब भारत के गरीब हर मामले में वह संपन्न है यहां पर विभिन्न प्रकार के खनिज पदार्थ से खेती में भूख आती है यहां के 60% से ज्यादा जनसंख्या खेती पर ही निर्भर है व्यवसाय खेती है यहां फसल अच्छी होती है यहां जंगल बहुत अच्छे हैं और जंगल भी आएगा बहुत अच्छा साधन होते हैं प्राकृतिक रूप से भी औद्योगिक रूप से भी और यहां के लोग उद्यमी भी हैं आश्रम भी करना जानती हैं तो भारत गरीब नहीं है भारत की जनता गरीब है का कारण है कुछ ऐच्छिक बेरोजगार है काम करना ही नहीं होती इच्छा ही नहीं होती कुछ ऐसे हैं 1 दिन कर लिया कुछ कमाई हो गई और बस फिर आराम से बैठ कर खाना है जब वो खत्म हो जाएगी उसके बाद फिर कमाई करने चले जाएंगे तो अपने आप को डेवलप करना ही नहीं चाहते आलसी पर्वती जिसे कहते हैं और आप देखेंगे तो पाएंगे पंजाब गरीब नहीं है हरियाणा गरीब नहीं है कुछ विशेष इससे ही जहां पर गरीबी है केरल में गरीबी नहीं है वहां की संपन्नता है तमिलनाडु आंध्र प्रदेश इन संपर्क भौगोलिक क्षेत्र पर दृष्टिपात करें तो यह जिन शहरों के प्रदेशों के नाम मैंने बताई है पंजाब कृषि के मामले में नंबर वन है हरियाणा में भी खेती बहुत अच्छी होती है तो वहां संपन्नता है दक्षिण भारत की जो नाम है केरल तमिलनाडु बगिया जिस समुद्र के किनारे के क्षेत्र हैं विदेशों से आवागमन सामान का नतीजा ना यहां पर होता है जो एक मछली पालन होता है यहां पर भूत होता है और यहां की जलवायु ऐसी होती है जो अलग नहीं होने देती उड़ीसा का शुक्र देखा जाए राजस्थान देखा जाए यह कुलिक रूप से देखेगा तो ऐसी जगह है जहां पर प्राकृतिक रूप से मतलब आलसी पर छाया रहता है कुछ करना नहीं चाहता इच्छा नहीं होती तो हर जगह संपन्नता है हर तरह का व्यवसाय यहां के लोग जानते हैं लेकिन करना नहीं चाहते अगर वह एक जो मैटिक तरीके से चलाएं शिक्षा में आगे बढ़े एक अशिक्षा भी यहां पर गरीबी का कारण बनी हुई है हमारे यहां अगर वह शिक्षित होने का प्रयास करें उसको एक सही दिशा में ले जाएं नौकरी प्राप्त करना ही शिक्षा का उद्देश्य नहीं अच्छा व्यवसाय भी हो सकता है आप ऐसे ही बन सकते हैं जो कई और लोगों को रोजगार दे लेकिन इन सब चीजों की कमी है हमारे मनुष्यों में यहां की जनता में सोचने विचारने की शक्ति है या इसको कह सकते हैं मानसिकता है कुछ जगह संकुचित अवस्था में है दीदी स्वयं को ही आगे नहीं बढ़ने देती है इसलिए वह पिछले रह जाती है और हमारा देश विकासशील ही बना है नहीं हो पा रहा है अगर सब मिलकर इस और प्रयास करें तो भारत गरीब नहीं हो सकता और दूसरा कारण बढ़ती हुई जनसंख्या बिहार का जनसंख्या इसको भी कंट्रोल करना बहुत जरूरी है आप खुद सोचिए एक घर में जहां एक या दो ही बच्चे होते हैं और एक घर में जहां 5 बच्चे होते हैं उनके जीवन स्तर पर उनके खान-पान व की शिक्षा में काफी फर्क होता है तो जनसंख्या पर नियंत्रण करना आवश्यक है हमारा देश गरीब नहीं रहेगा इस कारण देश की जनसंख्या करीब है ना कि हमारा देश गरीब रथ बहुत संपन्न है सोने की चिड़िया कहलाने वाला देश है यह चित्र दिए गए हैं फिर से उड़ान मोटापा की आंखों में फिर से चलाना बाकी है फिर हमारा देश गरीब नहीं रहे धन्यवाद

prashna hai bharat garib kyon hai sabse pehle school samjho bharat garib nahi hai bharat ki janta garib bharat ke garib har mamle me vaah sampann hai yahan par vibhinn prakar ke khanij padarth se kheti me bhukh aati hai yahan ke 60 se zyada jansankhya kheti par hi nirbhar hai vyavasaya kheti hai yahan fasal achi hoti hai yahan jungle bahut acche hain aur jungle bhi aayega bahut accha sadhan hote hain prakirtik roop se bhi audyogik roop se bhi aur yahan ke log udyami bhi hain ashram bhi karna jaanti hain toh bharat garib nahi hai bharat ki janta garib hai ka karan hai kuch aichhik berozgaar hai kaam karna hi nahi hoti iccha hi nahi hoti kuch aise hain 1 din kar liya kuch kamai ho gayi aur bus phir aaram se baith kar khana hai jab vo khatam ho jayegi uske baad phir kamai karne chale jaenge toh apne aap ko develop karna hi nahi chahte aalsi parvati jise kehte hain aur aap dekhenge toh payenge punjab garib nahi hai haryana garib nahi hai kuch vishesh isse hi jaha par garibi hai kerala me garibi nahi hai wahan ki sampannata hai tamil nadu andhra pradesh in sampark bhaugolik kshetra par drishtipat kare toh yah jin shaharon ke pradeshon ke naam maine batai hai punjab krishi ke mamle me number van hai haryana me bhi kheti bahut achi hoti hai toh wahan sampannata hai dakshin bharat ki jo naam hai kerala tamil nadu BAGIYA jis samudra ke kinare ke kshetra hain videshon se aavagaman saamaan ka natija na yahan par hota hai jo ek machli palan hota hai yahan par bhoot hota hai aur yahan ki jalvayu aisi hoti hai jo alag nahi hone deti odisha ka shukra dekha jaaye rajasthan dekha jaaye yah kulik roop se dekhega toh aisi jagah hai jaha par prakirtik roop se matlab aalsi par chhaya rehta hai kuch karna nahi chahta iccha nahi hoti toh har jagah sampannata hai har tarah ka vyavasaya yahan ke log jante hain lekin karna nahi chahte agar vaah ek jo matic tarike se chalaye shiksha me aage badhe ek asiksha bhi yahan par garibi ka karan bani hui hai hamare yahan agar vaah shikshit hone ka prayas kare usko ek sahi disha me le jayen naukri prapt karna hi shiksha ka uddeshya nahi accha vyavasaya bhi ho sakta hai aap aise hi ban sakte hain jo kai aur logo ko rojgar de lekin in sab chijon ki kami hai hamare manushyo me yahan ki janta me sochne vicharane ki shakti hai ya isko keh sakte hain mansikta hai kuch jagah sankuchit avastha me hai didi swayam ko hi aage nahi badhne deti hai isliye vaah pichle reh jaati hai aur hamara desh vikasshil hi bana hai nahi ho paa raha hai agar sab milkar is aur prayas kare toh bharat garib nahi ho sakta aur doosra karan badhti hui jansankhya bihar ka jansankhya isko bhi control karna bahut zaroori hai aap khud sochiye ek ghar me jaha ek ya do hi bacche hote hain aur ek ghar me jaha 5 bacche hote hain unke jeevan sthar par unke khan pan va ki shiksha me kaafi fark hota hai toh jansankhya par niyantran karna aavashyak hai hamara desh garib nahi rahega is karan desh ki jansankhya kareeb hai na ki hamara desh garib rath bahut sampann hai sone ki chidiya kahlane vala desh hai yah chitra diye gaye hain phir se udaan motapa ki aakhon me phir se chalana baki hai phir hamara desh garib nahi rahe dhanyavad

प्रश्न है भारत गरीब क्यों है सबसे पहले स्कूल समझो भारत गरीब नहीं है भारत की जनता गरीब भारत

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों दोस्तों भारत गरीब क्यों हुआ इसके बारे में मैं आपको बताऊंगा आज भारत गरीब होने का सबसे बड़ा कारण था इनकम टैक्स एक्ट जो जब भारत अंग्रेजों का गुलाम था सन अट्ठारह सौ सात में ब्रिटिश पार्लियामेंट में इंडियन इनकम टैक्स एक्ट का पारित हुआ एक्ट एक्ट लाने का भी कोई रीज़न था उसके इसको जाने से पहले आपकी तरह के कुछ समय और भी चले जाता हूं जब भारत में प्रधानमंत्री के रूप में नेतृत्व करते आचार्य चाणक्य आचार्य चाणक्य ने कहा कि मेरे राज्य में मेरे देश में जितने भी लोग हैं वह जितने भी इनकम कमाते हैं उनसे मैं किसी प्रकार की कर नहीं लूंगा कभी कर नहीं लूंगा वह पूरी तरह से संपन्न रहेंगे जब भी यहां से अगर मैंने कर लगाया और यह कर का पैसा यह टैक्स का पैसा राजा के पास गया हो सकता है राजा वाले समय में इसका गलत इस्तेमाल कर दे तो देश बर्बाद हो सकता है तो उन्होंने कर नहीं लगाया तो धीरे से सभी लोग संपन्न हुए अमीर होते चले गए जिनके पास जितना पैसा था वह तो नहीं वह बढ़ता गया बर्तन या गवर्नमेंट लो किसी प्रकार की टेंशन नहीं लेनी पड़ती थी तो अमीर हो गए संपन्न होते गए और मैं बता दूं कि जब तक चाणक्य के नीति में जितने भी राजा चले चंद्रगुप्ता मौर्य चले उनके बाद और भी मौर्य काल के जितने भी बंसल जागो चलें तो उन्होंने भी प्रजा पर कभी टैक्स नहीं लगाया तब तक भारत दुनिया की सबसे अमीर देश हुआ करते थे मित्रों सन 18 सो 57 में जब कांतिपुर की गई उस आजादी की लड़ाई में करीब 470 करोड रुपए लगे थे पे पैसा आया कहां से अंग्रेजों ने इसकी खुद की क्योंकि उस समय जब अट्ठारह सौ सत्तावन की क्रांति आई थी तो करीब तीन लाख अंग्रेज को मार दिया गया था भारत से भगाने के लिए तो अंग्रेजों ने सोचा लोहा कितना सारा हथियार बनाने के लिए इंडियन के पास इतना सारा पैसा कहां से आए तो पता चला कि उस समय का जुगाड़ पारी थे जो उद्योगपति थे उनके पास बहुत कष्ट हुआ करता था उन्होंने इसके लिए पैसा दान दिया और करीब 480 करोड रूपए डोनेट के आजादी के लिए अगर आप 400 साल का ₹800000000 का वैल्यू जानना चाहेंगे आज के समय में उसको आपको 300 से गुणा करना पड़ेगा तब जाकर पता चलेगा तो हमने सोचा अब इनके पास पैसा है इनके पास इतना पैसा आया कहां से तो मैं बता दूं भारत में लेबा पारियों का देश हुआ करता था जब है परियों के देश हुआ भारत तो यहां पर कपड़े की बुनाई होती थी मलमल की जरूरत में ढाका मियां की भी बनता था तो भारतवासी इस कपड़े को बनाते थे ले जाते थे विदेश निर्यातक देश था तो एक तराजू के एक पलड़े में कपड़ा और दूसरे पढ़ने में कपड़े के वजन के बराबर सोना रखा जाता था तो हम कपड़े के बदले में सोना वीडियो चलाते थे मसाला बीच के सोना लादे थे इसी प्रकार से सभी कंट्री से हमारे पास जब सोना आने लगा तो धीरे-धीरे भारत अमीर देश का नाम में लगी और सोना की चिड़िया कहलाने लगा तो अंग्रेजों ने दिमाग लगाया कि इंडिया में जितने भी उद्योगपति हैं उनके कमाई पर उनके इनकम पर टैक्स लगाया जाए प्रति ₹100 की कमाई में ₹97 का टैक्स लगा जल्दी सो रुपए कोई व्यक्ति काम आता है तो संतान में रुपए ब्रिटिश गवर्नमेंट क्योंकि ₹3 उसके पास होगी अलग-अलग तरह के ट्रक से कोई प्रोडक्ट उत्पादन करेगा उसमें टैक्स कोई बेचेगा उसमें टैक्स रोड टैक्स ट्रांसपोर्टिंग टेक्स्ट इतने सारे प्रकार के टैक्स लगा दिया कुल 23 प्रकार के टैक्स लगाया था हमारे भारत के व्यापारियों के ऊपर अंग्रेज हर साल टेक्स्ट इतना पैसे कमा देते हैं कि हर साल वह लोग सत्तर हजार करोड़ रुपए लंदन ले जाया करते थे और धीरे-धीरे धीरे-धीरे करके भारत सोने की चिड़िया से भी जारी होगा कल आने लग गया मित्रों भारत गरीब हुआ अंग्रेजों ने जब इंडियन इनकम टैक्स एक्ट पारित किया और इंडिया से बहुत सारे पैसे वह लोग यहां से टैक्स के रूप में वसूल करके ले जा कर दो फिर लंडन और धीरे-धीरे भारत गरीब होता चला गया तो दोस्तों कारण यही है कि अगर अंग्रेज टैक्स नहीं लगाते तो भारत शायद ही गरीब होता इसका आपको जी अभी हम वर्तमान समय में एक जीता जागता उदाहरण बताऊंगा दुबई दुबई कैसा शहर है एक एहसास है जो अपने नागरिकों के इनकम पर टैक्स लगा था और आज आप जानते हो कि दुबई कैसा शहर का हर किसी का ड्रीम हो गया कि मुझे दुबई घूमने वहां पर दुबई में जाकर पार करना है वहां पर काला मनी वाइट है ब्लैक मनी वाइट है वाइट मनी ब्लैक है जैसा भी बोलो 10 मीटर मित्रों इसका जीता जागता उदाहरण नहीं है कि दुबई में आप कितने पैसे कमाते सरकार किसी कार के निगम टैक्स नहीं लगाती इसलिए भी भाई को आया सी र हिस्ट्री का शहर भी कहा जाता है धन्यवाद

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नमस्कार दोस्तों दोस्तों भारत गरीब क्यों हुआ इसके बारे में मैं आपको बताऊंगा आज भारत गरीब हो

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Gunjan

Junior Volunteer

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निकल कर बात करेंगे भारत में जो है वह इतनी गरीबी क्यों है तो क्योंकि जब से ब्रिटिश जो है वह भारत की कुल संपत्ति लेकर गए तब से भारत से ऊपर नहीं पाया है यहां पर जो है संसाधनों के भाव ज्यादा कमी हो गई है उसके अलावा जो है प्रॉपर एजुकेशन सिस्टम भी भारत में नहीं है पर धीरे-धीरे जो है वह यह सब चीज इंप्रूव हो रही है

nikal kar baat karenge bharat mein jo hai vaah itni garibi kyon hai toh kyonki jab se british jo hai vaah bharat ki kul sampatti lekar gaye tab se bharat se upar nahi paya hai yahan par jo hai sansadhano ke bhav zyada kami ho gayi hai uske alava jo hai proper education system bhi bharat mein nahi hai par dhire dhire jo hai vaah yah sab cheez improve ho rahi hai

निकल कर बात करेंगे भारत में जो है वह इतनी गरीबी क्यों है तो क्योंकि जब से ब्रिटिश जो है वह

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