4 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी को नॉमिनेट किया जाएगा, इसके बारे में आप क्या कह सकते हैं?...


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Awdhesh Singh

Former IRS, Top Quora Writer, IAS Educator

1:43

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राहुल गांधी का कांग्रेस का अध्यक्ष बनना करीब-करीब ताहि है और इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि जो कांग्रेस पार्टी है वह आजादी के बाद से करीब करीब हमेशा ही गांधी-नेहरु परिवार के संरक्षण में ही काम कर रही है किसी पार्टी ने नेहरू और इंदिरा गांधी और राजीव गांधी जैसे प्रधानमंत्री दी है आज गांधी नेहरू फैमिली और कांग्रेस को अलग अलग करना बहुत ही मुश्किल काम है और मैं नहीं समझता कि राहुल गांधी के खिलाफ कोई भी कांग्रेस का कैंडिडेट खड़ा हो रहा है और अगर वह खड़ा भी होगा तो उसकी जमानत जप्त करीब का रिश्ता है इसलिए राहुल गांधी का इलाज होना बिल्कुल जरूरी है और करीब करीब है अब कई लोग इसको कहते हैं कि वंशवाद है और विश्वास की वजह से जो है कांग्रेस उसको एक्सेप्ट कर रही है लेकिन मैं यह जानना चाहता हूं कि वंशवाद किस जगह पर नहीं है क्या मुकेश अंबानी किसी दूसरे व्यक्ति को अपनी कंपनी की कहां पर है क्या

rahul gandhi ka congress ka adhyaksh banana karib karib tahi hai aur iska sabse bada kaaran yeh hai ki jo congress party hai wah azadi ke baad se karib karib hamesha hi gandhi nehru parivar ke sanrakshan mein hi kaam kar rahi hai kisi party ne nehru aur indira gandhi aur rajeev gandhi jaise pradhanmantri di hai aaj gandhi nehru family aur congress ko alag alag karna bahut hi mushkil kaam hai aur main nahi samajhata ki rahul gandhi ke khilaf koi bhi congress ka candidate khada ho raha hai aur agar wah khada bhi hoga to uski jamanat japt karib ka rishta hai isliye rahul gandhi ka ilaj hona bilkul zaroori hai aur karib karib hai ab kai log isko kehte hain ki vanshavad hai aur vishwas ki wajah se jo hai congress usko except kar rahi hai lekin main yeh janana chahta hoon ki vanshavad kis jagah par nahi hai kya mukesh ambani kisi dusre chahiye vyakti ko apni company ki Kahan chahiye par hai kya

राहुल गांधी का कांग्रेस का अध्यक्ष बनना करीब-करीब ताहि है और इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि

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Dr. Guddy Kumari

UPSC Coach / Ph.d

1:25
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न यह है कि 4 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी को नॉमिनेट किया जाए इसके बारे में क्या कहता है मैं यही कह सकती हूं कि राहुल गांधी जी को अध्यक्ष पद के लिए नॉमिनेट किया जाएगा तो यह अपने कांग्रेस की सोच है कांग्रेस ने ऐसा डिसाइड किया लेकिन कांग्रेस को अपनी पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए उसे ऐसा करना चाहिए कि वंशवाद परंपरा को अलग हटते हुए अलग हटते हुए कुछ पार्टी के कुछ ऐसे सदस्यों को निकाल कर बाहर लाना चाहिए और उपाध्यक्ष पद अपना चाहिए ताकि उनके पार्टी का विकास हो सके कौन सा टीम भी उतनी बुरी नहीं है लेकिन उसको सबसे बड़ी बात उसे सबसे बड़ी समस्या यही है उसे सबसे बड़ी कमजोरी यही है कि वह अध्यक्ष पद को अपना वंशानुगत जैसे किसी राजा महाराजा का वंशानुगत पर जो होता है वैसे बना के रखे हुए हैं जिसके कारण से आम जनता का ध्यान आकृष्ट नहीं कर पा रहा है और किसी को भी हमें भी हूं से बड़ी दुख रहता है कि वह लोग देश के बारे में सोचा खाते में अपना पार्टी हूं लेकिन कभी भी अपनी सोच को अपने इस उसको बदल नहीं सके कि हम अध्यक्ष बना सके पार्टनर पार्टी क्या लगती हो लेकिन हमारे परिवार से अलग रहती हो इस तरह से वह अगर बनाएंगे तो वह मुझे विश्वास है कि वह मोदी से भी आगे जा सकते हैं

prashna yah hai ki 4 december ko congress adhyaksh pad ke liye rahul gandhi ko nominate kiya jaaye iske bare mein kya kahata hai yahi keh sakti hoon ki rahul gandhi ji ko adhyaksh pad ke liye nominate kiya jaega toh yah apne congress ki soch hai congress ne aisa decide kiya lekin congress ko apni party ke hit ko dhyan mein rakhte hue use aisa karna chahiye ki vanshavad parampara ko alag hatate hue alag hatate hue kuch party ke kuch aise sadasyon ko nikaal kar bahar lana chahiye aur upadhyaksh pad apna chahiye taki unke party ka vikas ho sake kaun sa team bhi utani buri nahi hai lekin usko sabse badi baat use sabse badi samasya yahi hai use sabse badi kamzori yahi hai ki vaah adhyaksh pad ko apna vanshanugat jaise kisi raja maharaja ka vanshanugat par jo hota hai waise bana ke rakhe hue hain jiske karan se aam janta ka dhyan akrisht nahi kar paa raha hai aur kisi ko bhi hamein bhi hoon se badi dukh rehta hai ki vaah log desh ke bare mein socha khate mein apna party hoon lekin kabhi bhi apni soch ko apne is usko badal nahi sake ki hum adhyaksh bana sake partner party kya lagti ho lekin hamare parivar se alag rehti ho is tarah se vaah agar banayenge toh vaah mujhe vishwas hai ki vaah modi se bhi aage ja sakte hain

प्रश्न यह है कि 4 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी को नॉमिनेट किया जाए इसक

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मुझे नहीं लगता कि एक बार कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा करने के बाद राहुल गांधी अब दोबारा फिर से कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनना चाहेंगे और जा रहा है यह एक काल्पनिक प्रश्न है और इसके बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता भी कांग्रेस पूरी तरह से ख्वाबों की स्थिति में एवं मध्य प्रदेश में तो कांग्रेस अध्यक्ष बनाने को फैसला ले नहीं सकती है तो केंद्र में अभी अचानक वापिस जब सोनिया गांधी अंतिम प्रधानमंत्री तो फिर राहुल गांधी के सोनिया गांधी जब भी राष्ट्रीय अध्यक्ष है तो राहुल गांधी फिर से कैसे राष्ट्रीय अध्यक्ष कांग्रेस के बन सकते हैं एक तरह से मंजन सवाल और अपराध

mujhe nahi lagta ki ek baar congress adhyaksh pad se istifa karne ke baad rahul gandhi ab dobara phir se congress ka rashtriya adhyaksh banna chahenge aur ja raha hai yah ek kalpnik prashna hai aur iske bare mein kuch kaha nahi ja sakta bhi congress puri tarah se khwabon ki sthiti mein evam madhya pradesh mein toh congress adhyaksh banane ko faisla le nahi sakti hai toh kendra mein abhi achanak vaapas jab sonia gandhi antim pradhanmantri toh phir rahul gandhi ke sonia gandhi jab bhi rashtriya adhyaksh hai toh rahul gandhi phir se kaise rashtriya adhyaksh congress ke ban sakte hain ek tarah se manzan sawaal aur apradh

मुझे नहीं लगता कि एक बार कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा करने के बाद राहुल गांधी अब दोबारा

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

6:23
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4 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी जी को 9:00 मिनट के बारे में मैं यह कहना चाहूंगा कि पिछले 2019 के चुनाव के बाद राहुल गांधी ने अपना पल्ला झाड़ लिया और वह अध्यक्ष पद से अपना त्यागपत्र दे चुके हैं और वह इस पद को वापस पाने के या स्वीकारने के हक में नहीं हैं उनकी बहुत ही मौलाना मौलवी बहुत ही लोगों में समझाया बहुत ही जगह उन्होंने मुलाकात की लेकिन तब भी उन्होंने यह सब का शिकार नहीं किया कार्यकारी प्रमुख सोनिया गांधी जी का चयन कांग्रेस पार्टी के लोगों ने किया अब देखने वाली बात यह होगी कि 4 दिसंबर को कांग्रेस का अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी जी को अगर फिर से 9 मिनट किया जाता है और उसका शिकार करते हैं तो हमारे देश की जो कांग्रेस पार्टी जो कि मैं कल पार्टी है और हमेशा से उनके ऊपर एक बात बोली जाती थी कांग्रेस पार्टी मतलब गांधी परिवार की पार्टी से और वह परिवार का भाग से ऊपर नहीं जा पा रही है और कोई भी दूसरे नेता जिनका टाइटल गांधी ना हो वह प्रमुख पद का शिकार नहीं करते हैं इन लोगों का ही परिवार की आश्रम की वजह से कहिए या इज्जत की वजह से कहिए या जो भी हम परिभाषा करें राहुल गांधी जी 4 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नॉमिनेट किए जाते हैं तो इस बात को पूरा प्रबल समर्थन मिल जाए अब देखने वाली बात यह होगी कि राहुल गांधी जी अभी तक कोई जिसको बोला गया कि माइंड ब्लोइंग काम जो करना चाहिए था उनको अपनी पार्टी को सत्ता के ऊपर ले आने तक तो अगर काम कर देते तो उनकी एक बड़ी सिद्धि कही जाती राजस्थान के चुनाव में और मध्य प्रदेश की चुनाव में और कर्नाटक के चुनाव में पहले जो काम किया और जो उनको क्रेडिट दिया गया है कि वह सब्जियों को वर्णन करके और राहुल गांधी जी को फिर से यह पद के लिए करने के लिए अध्यक्ष पद के लिए नॉमिनेट किया जाए लेकिन एक स्वतंत्र भारत के इतिहास में अगर कोई नेशनल पार्टी है तो उसमें हर वर्ष 2 चुनाव होते हैं व्यक्ति के लिए उसमें अलग-अलग क्षेत्रों से अलग-अलग परिवारों से अपनी योग्यता वाले देश के नेता लोग अपना अध्यक्ष पद के लिए चुने जाते हैं और ऐसा होना ज्यादा अच्छा माना जाता है तो बीजेपी के लोग उनके सिर्फ एक बार हमला करने का मौका मिल जाएगा कांग्रेस का कोई स्वतंत्र विचारधारा क्या है जिसको कहा करें कि चुनाव लड़ने की जो बांसवाड़ा जो है वह सिर्फ गांधी परिवार से ही होती है इसलिए इसलिए मैं सोचता हूं कि एक 4 दिसंबर को कांग्रेस के लिए राहुल गांधी को 9:00 मिनट पर नहीं किया जाएगा लेकिन आप प्रियंका गांधी जी को आगे करने की कोशिश जरूर की जाएगी गांधी परिवार उनका फर्स्ट पेपर होगा उसके बाद ही किसी दूसरे कांग्रेस नेताओं को प्राइवेट दी जाएगी ऐसा मेरा मानना है सोनिया गांधी जी आप शायद वह पक्ष वह जो पद है वह फिर से ले सकता क्योंकि अगर कोई ऑप्शन नहीं बचेगा तो गांधी परिवार से सिर्फ सोनिया गांधी की है कि वह इस पद को संभाल सकेगी और पार्टी को जीवित रक्त बहुत-बहुत धन्यवाद जो होगा देखा जाएगा हमारे भारत की जो चलता है वह सब कुछ देखती है समझती है सुनती है और अपना नहीं है हमेशा वह मन में रखती हैं और जब चुनाव आम चुनाव जगदीश को बराबर का जवाब देती है जय हिंद जय भारत

4 december ko congress adhyaksh pad ke liye rahul gandhi ji ko 9 00 minute ke bare mein main yah kehna chahunga ki pichle 2019 ke chunav ke baad rahul gandhi ne apna palla jhad liya aur vaah adhyaksh pad se apna tyagpatra de chuke hain aur vaah is pad ko wapas paane ke ya swikarane ke haq mein nahi hain unki bahut hi maulana maulavi bahut hi logo mein samjhaya bahut hi jagah unhone mulakat ki lekin tab bhi unhone yah sab ka shikaar nahi kiya kaaryakari pramukh sonia gandhi ji ka chayan congress party ke logo ne kiya ab dekhne wali baat yah hogi ki 4 december ko congress ka adhyaksh pad ke liye rahul gandhi ji ko agar phir se 9 minute kiya jata hai aur uska shikaar karte hain toh hamare desh ki jo congress party jo ki main kal party hai aur hamesha se unke upar ek baat boli jaati thi congress party matlab gandhi parivar ki party se aur vaah parivar ka bhag se upar nahi ja paa rahi hai aur koi bhi dusre neta jinka title gandhi na ho vaah pramukh pad ka shikaar nahi karte hain in logo ka hi parivar ki ashram ki wajah se kahiye ya izzat ki wajah se kahiye ya jo bhi hum paribhasha kare rahul gandhi ji 4 december ko congress adhyaksh pad ke liye nominate kiye jaate hain toh is baat ko pura prabal samarthan mil jaaye ab dekhne wali baat yah hogi ki rahul gandhi ji abhi tak koi jisko bola gaya ki mind blowing kaam jo karna chahiye tha unko apni party ko satta ke upar le aane tak toh agar kaam kar dete toh unki ek badi siddhi kahi jaati rajasthan ke chunav mein aur madhya pradesh ki chunav mein aur karnataka ke chunav mein pehle jo kaam kiya aur jo unko credit diya gaya hai ki vaah sabjiyon ko varnan karke aur rahul gandhi ji ko phir se yah pad ke liye karne ke liye adhyaksh pad ke liye nominate kiya jaaye lekin ek swatantra bharat ke itihas mein agar koi national party hai toh usme har varsh 2 chunav hote hain vyakti ke liye usme alag alag kshetro se alag alag parivaron se apni yogyata waale desh ke neta log apna adhyaksh pad ke liye chune jaate hain aur aisa hona zyada accha mana jata hai toh bjp ke log unke sirf ek baar hamla karne ka mauka mil jaega congress ka koi swatantra vichardhara kya hai jisko kaha kare ki chunav ladane ki jo banswada jo hai vaah sirf gandhi parivar se hi hoti hai isliye isliye main sochta hoon ki ek 4 december ko congress ke liye rahul gandhi ko 9 00 minute par nahi kiya jaega lekin aap priyanka gandhi ji ko aage karne ki koshish zaroor ki jayegi gandhi parivar unka first paper hoga uske baad hi kisi dusre congress netaon ko private di jayegi aisa mera manana hai sonia gandhi ji aap shayad vaah paksh vaah jo pad hai vaah phir se le sakta kyonki agar koi option nahi bachega toh gandhi parivar se sirf sonia gandhi ki hai ki vaah is pad ko sambhaal sakegi aur party ko jeevit rakt bahut bahut dhanyavad jo hoga dekha jaega hamare bharat ki jo chalta hai vaah sab kuch dekhti hai samajhti hai sunti hai aur apna nahi hai hamesha vaah man mein rakhti hain aur jab chunav aam chunav jagdish ko barabar ka jawab deti hai jai hind jai bharat

4 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी जी को 9:00 मिनट के बारे में मैं यह कहना

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Ajay Pratap Singh

Agriculturist

0:39
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4 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राहुल को नॉमिनेट किया जाए किया जाएगा शब्द महत्वपूर्ण है आपके अनुसार निश्चित इन 4 दिसंबर का इंतजार कर लेता है पहले ही बात अध्यक्ष बनने की तो कांग्रेस पार्टी में यह पद शिवाय परिवार के और कहीं पर जाना है नहीं

4 december ko congress adhyaksh pad ke liye rahul ko nominate kiya jaaye kiya jaega shabd mahatvapurna hai aapke anusaar nishchit in 4 december ka intejar kar leta hai pehle hi baat adhyaksh banne ki toh congress party mein yah pad shivay parivar ke aur kahin par jana hai nahi

4 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राहुल को नॉमिनेट किया जाए किया जाएगा शब्द महत्वपूर्

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कांग्रेस की स्थिति और बेहतर करने के लिए कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा निर्णय लेना होगा जिसके तहत कांग्रेस को गांधी परिवार का मोह त्यागना होगा तब जाकर के भारत देश की जनता शायद कांग्रेश को फिर से चुन सके क्योंकि कांग्रेस की जातिगत राजनीति से देश की जनता ऊब चुकी है इसलिए गांधी परिवार को किनारे हटकर किसी और बड़े व दिग्गज नेता को कांग्रेस की कमान सौंपने चाहिए

congress ki sthiti aur behtar karne ke liye congress party ko ek bada nirnay lena hoga jiske tahat congress ko gandhi parivar ka moh tyagna hoga tab jaakar ke bharat desh ki janta shayad congress ko phir se chun sake kyonki congress ki jaatigat raajneeti se desh ki janta ub chuki hai isliye gandhi parivar ko kinare hatakar kisi aur bade va diggaj neta ko congress ki kamaan saumpane chahiye

कांग्रेस की स्थिति और बेहतर करने के लिए कांग्रेस पार्टी को एक बड़ा निर्णय लेना होगा जिसके

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Sachin Sinha

Journalist

1:08
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मक्खन में शहर दी है कि राहुल गांधी को दोबारा पुनः फिर से बनाया जाए मेरे ख्याल में कोई नया चेहरा को लोग बनाएंगे राहुल गांधी के अभी तक बनने की कोई जानकारी प्राप्त नहीं है तो मेरे को लगता है शायद कभी मंथन का दौर जारी है अभी से यह कहा नहीं जा सकता कि राहुल गांधी को ही एक चेहरा बनाकर प्रस्तुत किया जाएगा अभी हमको टक्कर उनकी बहन ही देंगी प्रियंका गांधी वाड्रा मेरे ख्याल में एक चेहरा जो भी हो सकता है जिसके कारण मैं भी थोड़ा इश्क मंथन में टाइम लगेगा और भावेश को भी घर में छोड़ दीजिए कि हमें क्या है

makhan mein shehar di hai ki rahul gandhi ko dobara punh phir se banaya jaaye mere khayal mein koi naya chehra ko log banayenge rahul gandhi ke abhi tak banne ki koi jaankari prapt nahi hai toh mere ko lagta hai shayad kabhi manthan ka daur jaari hai abhi se yah kaha nahi ja sakta ki rahul gandhi ko hi ek chehra banakar prastut kiya jaega abhi hamko takkar unki behen hi dengi priyanka gandhi vadra mere khayal mein ek chehra jo bhi ho sakta hai jiske karan main bhi thoda ishq manthan mein time lagega aur Bhavesh ko bhi ghar mein chod dijiye ki hamein kya hai

मक्खन में शहर दी है कि राहुल गांधी को दोबारा पुनः फिर से बनाया जाए मेरे ख्याल में कोई नया

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4 दिसंबर को अध्यक्ष पद के लिए राहुल ने किया जाएगा लोगों को अध्यक्ष पद से हटे तो राहुल गांधी का ही नाम नॉमिनेट किया जाएगा क्योंकि सालों से 50 सालों से कांग्रेस गांधी परिवार का उसी का कोई परिवार का है उनके परिवार का कोई सदस्य अध्यक्ष होता है उनकी पार्टी में वंशवाद इस कारण राहुल गांधी अध्यक्ष को पहले से ही पता था

4 december ko adhyaksh pad ke liye rahul ne kiya jaega logo ko adhyaksh pad se hate toh rahul gandhi ka hi naam nominate kiya jaega kyonki salon se 50 salon se congress gandhi parivar ka usi ka koi parivar ka hai unke parivar ka koi sadasya adhyaksh hota hai unki party mein vanshavad is karan rahul gandhi adhyaksh ko pehle se hi pata tha

4 दिसंबर को अध्यक्ष पद के लिए राहुल ने किया जाएगा लोगों को अध्यक्ष पद से हटे तो राहुल गांध

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Himanshu Sharma

Journalist

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गांधी परिवार के पास राहुल गांधी के नॉमिनेशन के अलावा और कोई विकल्प नहीं है इसलिए अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी का नॉमिनेशन जरूर किया जाएगा लेकिन लगातार राहुल गांधी की हो रहे विरोध के चलते कांग्रेसी प्रियंका गांधी का कार्ड भी खेल सकती है क्योंकि गांधी परिवार कांग्रेस का अध्यक्ष हमेशा रहता है लेकिन बीते कुछ समय से लगातार कांग्रेसमें अन्य को अध्यक्ष बनाने व कई अन्य तरह की चर्चाएं भी चल रही है इसलिए कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेता इस दौड़ में आगे आ सकते हैं

gandhi parivar ke paas rahul gandhi ke nomination ke alava aur koi vikalp nahi hai isliye adhyaksh pad ke liye rahul gandhi ka nomination zaroor kiya jaega lekin lagatar rahul gandhi ki ho rahe virodh ke chalte congressi priyanka gandhi ka card bhi khel sakti hai kyonki gandhi parivar congress ka adhyaksh hamesha rehta hai lekin bite kuch samay se lagatar kangresamen anya ko adhyaksh banane va kai anya tarah ki charchaen bhi chal rahi hai isliye congress ke kuch varishtha neta is daudh me aage aa sakte hain

गांधी परिवार के पास राहुल गांधी के नॉमिनेशन के अलावा और कोई विकल्प नहीं है इसलिए अध्यक्ष प

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Akshay Kumar

Journalist

1:21
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दे रिचार्ज को कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी को दोबारा अध्यक्ष नॉमिनेट किया जा रहा है यह तो स्वाभाविक है कि उसी उनको कोई लड़ेगा नहीं इलेक्शन में चुनाव तो वही बनेंगे अध्यक्ष लेकिन पार्टी को अगर बचाना है पार्टी की बचानी है कांग्रेस को क्योंकि पार्टी कि अभी यह दशा हो गई है कि उसको कोई पूछने वाला नहीं है अगर राजनीति में अगर कांग्रेस पार्टी की साख बचानी है तो एक अच्छे से उम्मीदवार के हाथ में कांग्रेस पार्टी की कमान सौंपी जाए क्योंकि कितने सारे लोकसभा विधानसभा चुनाव भी हो चुके हैं जब राहुल गांधी के अध्यक्षता में चुनाव लड़ा गया था लेकिन कोई बेनिफिट नहीं मिला उसको बल्कि पार्टी और हाशिए पर चली गई इसलिए एक अच्छा स्वामी द्वार को देखें और उसे टिकट कैंडिडेट घोषित करें और फिर कुछ हो सकता है कि वह वैसे तो कांग्रेस को कुछ भला हो नहीं सकता क्योंकि हर तरह से पब्लिक से बहुत दूर हो चुकी है पार्टी लेकिन फिर भी एक अच्छे से योग्य उम्मीदवार को अध्यक्ष बनाएं कुछ हो सकता है बाकी तो ठीक ही है

de recharge ko congress party rahul gandhi ko dobara adhyaksh nominate kiya ja raha hai yah toh swabhavik hai ki usi unko koi ladega nahi election me chunav toh wahi banenge adhyaksh lekin party ko agar bachaana hai party ki bachani hai congress ko kyonki party ki abhi yah dasha ho gayi hai ki usko koi poochne vala nahi hai agar raajneeti me agar congress party ki saakh bachani hai toh ek acche se ummidvar ke hath me congress party ki kamaan saumpi jaaye kyonki kitne saare lok sabha vidhan sabha chunav bhi ho chuke hain jab rahul gandhi ke adhyakshata me chunav lada gaya tha lekin koi benefit nahi mila usko balki party aur hashiye par chali gayi isliye ek accha swami dwar ko dekhen aur use ticket candidate ghoshit kare aur phir kuch ho sakta hai ki vaah waise toh congress ko kuch bhala ho nahi sakta kyonki har tarah se public se bahut dur ho chuki hai party lekin phir bhi ek acche se yogya ummidvar ko adhyaksh banaye kuch ho sakta hai baki toh theek hi hai

दे रिचार्ज को कांग्रेस पार्टी राहुल गांधी को दोबारा अध्यक्ष नॉमिनेट किया जा रहा है यह तो स

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Bari khan

Practicing journalist

1:13
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मेरा सीधा सीधा सा जवाब यह है कि यह बिल्कुल एकदम है हालांकि कांग्रेस के पास जो है एक बेहतरीन मौका था कि वह अपने ही किसी कैंडिडेट के साथ चुनाव कर आती लेकिन सिर्फ दिखावा किया गया है चुनाव के नाम पर राहुल गांधी जी अकेले निर्विरोध अध्यक्ष बन जाएंगे किसी और ने पर्चा ही नहीं भरावन के अगेंस्ट अध्यक्ष पद का तो मेरे ख्याल से अभी यह बहुत बड़ा मौका था कि अगर कांग्रेस पार्टी चाहती तो उसको बहुत बना सकती थी बहुत बड़ा इवेंट हो सकता था इसके ऊपर किसी अपने ही जो पुराने नेता है जो पुराने वक्त के साथ रात बहुत पुराने वक्त ने कांग्रेस से जुड़े हुए इंदिरा गांधी जी के दौर से बड़े-बड़े कद्दावर नेता जयंत कांग्रेस के अंदर है अगर उनमें से किसी एक को यह पर्चा भरने की इजाजत दे देते तो यह बहुत ज्यादा मीडिया में आ सकता था कि राहुल गांधी की आज किसी ने पर्चा भरा लेकिन उन्होंने यह मौका गवा दिया है सीधा-सीधा और राहुल गांधी जी मेरे ख्याल से डिक्लेयर कर दिया जाएगा वहीं रहेंगे अध्यक्ष कांग्रेस पार्टी की और यह जो परिवारवाद है बिल्कुल गलत है कांग्रेस के अंदर

mera sidhaa sidhaa sa jawab yeh hai ki yeh bilkul ekdam hai halaki congress ke paas jo hai ek behtareen mauka tha ki wah apne hi kisi candidate ke saath chunav kar aati lekin sirf dikhawa kiya gaya hai chunav ke naam par rahul gandhi ji akele nirvirodh adhyaksh ban jaenge kisi aur ne parcha hi nahi bharawan ke against adhyaksh pad ka to mere khayal se abhi yeh bahut bada mauka tha ki agar congress party chahti to usko bahut bana sakti thi bahut bada event ho sakta tha iske upar kisi apne hi jo purane neta hai jo purane waqt ke saath raat bahut purane waqt ne congress se jude hue indira gandhi ji ke daur se bade bade kaddavar neta jayant congress ke andar hai agar unmen chahiye se kisi ek ko yeh parcha bharne ki ijajat de dete to yeh bahut jyada media mein aa sakta tha ki rahul gandhi ki aaj kisi ne parcha bhara lekin unhone yeh mauka gawa diya hai sidhaa sidhaa aur rahul gandhi ji mere khayal se declare kar diya jayega wahi rahenge adhyaksh congress party ki aur yeh jo parivaarvaad hai bilkul galat hai congress ke andar

मेरा सीधा सीधा सा जवाब यह है कि यह बिल्कुल एकदम है हालांकि कांग्रेस के पास जो है एक बेहतरी

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:01
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

4 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी का जो नाम है वह नॉमिनेट किया गया है तो इसका अंदाजा तो सभी को पहले से था कि अगर सोनिया गांधी अध्यक्ष पर छोड़ती है तो वह पद राहुल गांधी को ही जाएगा क्योंकि गांधी परिवार जो है वह बहुत से सालासर कांग्रेस को संभालते आया है कांग्रेस पार्टी में सबसे सीनियर जो है वह गांधी परिवार ही रहा है तो उन्हीं को ज्यादा इंपोर्टेंस दी गई है तो मैं यह नहीं बोला कि कांग्रेस में और कोई लेडीस नहीं है जो अध्यक्ष पद के योग्य नहीं है अगर कांग्रेस सही में चाहती तो वह वोटिंग रख सकती थी वह जितने भी कैंडिडेट जो है वह इंटरेस्टेड है अध्यक्ष पद के लिए फोन में तो काम के हिसाब से उनमें वोटिंग होता है वहां अध्यक्ष पद बन सकते थे भैया का मन नहीं करूंगा कि यह सही है या गलत है मैं बस से जो भी कहूंगा कि जो भी अध्यक्ष बने वह कांग्रेस पार्टी के पॉजिटिव ववे में काम करना चाहिए

4 december ko congress adhyaksh pad ke liye rahul gandhi ka jo naam hai wah nominate kiya gaya hai to iska andaja to sabhi ko pehle se tha ki agar sonia gandhi adhyaksh par chodti hai to wah pad rahul gandhi ko hi jayega kyonki gandhi parivar jo hai wah bahut se salasar congress ko sambhalate aaya hai congress party mein sabse senior jo hai wah gandhi parivar hi raha hai to unhi ko jyada importance di gayi hai to main yeh nahi bola ki congress mein aur koi ladies nahi hai jo adhyaksh pad ke yogya nahi hai agar congress sahi mein chahti to wah voting rakh sakti thi wah jitne bhi candidate jo hai wah interested hai adhyaksh pad ke liye phone mein to kaam ke hisab se unmen chahiye voting hota hai wahan adhyaksh pad ban sakte the bhaiya ka man nahi karunga ki yeh sahi hai ya galat hai bus se jo bhi kahunga ki jo bhi adhyaksh bane wah congress party ke positive vave mein kaam karna chahiye

4 दिसंबर को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी का जो नाम है वह नॉमिनेट किया गया है तो

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