जलीय अनुकूलन पर निबन्ध लिखिए?...


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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जलीय अनुकूलन पर निबंध लिखिए लिखित जलीय अनुकूलन यह कैसा अनुकूलन है जो जल में विभिन्न प्रकार के जो पौधे हैं उन में पाया जाता है

jallian anukulan par nibandh likhiye likhit jallian anukulan yah kaisa anukulan hai jo jal me vibhinn prakar ke jo paudhe hain un me paya jata hai

जलीय अनुकूलन पर निबंध लिखिए लिखित जलीय अनुकूलन यह कैसा अनुकूलन है जो जल में विभिन्न प्रकार

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जलीय अनुकूलन किसे कहते हैं पहले तो यह समझिए जल में रहने के लिए जीवो में उनके शरीर में जो विशेषताएं होती हैं उसे जलीय अनुकूलन कहते हैं अब जल में रहने के लिए व्यक्ति जीव में क्या विशेषताएं होनी चाहिए वह देखिए सबसे पहले तो उनमें गील्स होने चाहिए या निकल पड़े होने दें जिसकी सहायता से वह जल में घुली हुई ऑक्सीजन से सांस ले सकें दूसरी उनका शरीर जो है नोखा कार होना चाहिए ताकि वह पानी को काट कर आराम से आगे तेरे सके इस बीच उनके शरीर पर तिल का होना चाहिए जिससे कि वह पानी की चट्टानों में ऊपर से नीचे गिरते टाइम खटपट न जाएं उनके चोट न लग जाए उससे बचने के लिए फल खाने चाहिए उसके बाद उनका शरीर जो है वह धारा प्रवाह ही होना चाहिए लचकदार होना चाहिए और उनके शरीर में पूछ होनी चाहिए जिस कि वह अपनी दिशा बदल सके आसानी से और उनकी गर्दन नहीं होनी चाहिए क्योंकि जल में रहने वाले जीव किसी भी तरह से जीवाणु से चट्टानों से टकराते हैं तो अगर गर्दन होगी तो गर्दन टूट जाएगी और जो तुरंत मर जाएगा तो उन जीवो में गर्दन नहीं होनी चाहिए तो यह जलीय अनुकूलन है

jallian anukulan kise kehte hain pehle toh yah samjhiye jal me rehne ke liye jeevo me unke sharir me jo visheshtayen hoti hain use jallian anukulan kehte hain ab jal me rehne ke liye vyakti jeev me kya visheshtayen honi chahiye vaah dekhiye sabse pehle toh unmen gils hone chahiye ya nikal pade hone de jiski sahayta se vaah jal me ghuli hui oxygen se saans le sake dusri unka sharir jo hai nokha car hona chahiye taki vaah paani ko kaat kar aaram se aage tere sake is beech unke sharir par til ka hona chahiye jisse ki vaah paani ki chattanon me upar se niche girte time khatapat na jayen unke chot na lag jaaye usse bachne ke liye fal khane chahiye uske baad unka sharir jo hai vaah dhara pravah hi hona chahiye lachakadar hona chahiye aur unke sharir me puch honi chahiye jis ki vaah apni disha badal sake aasani se aur unki gardan nahi honi chahiye kyonki jal me rehne waale jeev kisi bhi tarah se jivanu se chattanon se takaraate hain toh agar gardan hogi toh gardan toot jayegi aur jo turant mar jaega toh un jeevo me gardan nahi honi chahiye toh yah jallian anukulan hai

जलीय अनुकूलन किसे कहते हैं पहले तो यह समझिए जल में रहने के लिए जीवो में उनके शरीर में जो व

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