लोग फिल्मों में प्यार स्टोरी को स्वीकार करते है पर असल ज़िंदगी में क्यों नहीं?...


चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बैटरी लाइट लिखी हुई कहानी और रियल लाइफ में आपको कॉल बैक करना पड़ता है रियल लाइफ में हीरो को जाए जैसा स्वभाव उसने जो लेखक ने लिखा उसको उस हिसाब से कार्रवाई करना और उसमें डायरेक्टर बैठता हूं डायरेक्ट करते रहते हैं लेकिन जिससे आप प्यार करते हैं जिसको जीवन साथी बनाते हैं जीवन में वास्तव में उसको लाने के लिए वह कहानियां पढ़ने वास्तविकता पर आधारित होता है उसको स्वीकार करना बहुत कठिन होता है बहुत ही कम लोग होते हैं जो कि जो नेगेटिव बातें होती हो तो लोग धारण कर लेते हैं लेकिन जो उसके पास में शिक्षा और की शिक्षा को आदमी छोड़ देता है इसलिए उसकी जीवन की शिक्षाओं को लीजिए और शिक्षाओं को ग्रहण करके आगे बढ़ने कोशिश कीजिए आत्ममंथन कीजिए तब आपको सफलता मिले तब उनको जीवन में उतारने असल जिंदगी और रियल रियल लाइफ और रियल लाइफ तो लाइफ में रिप्लाई नहीं की जा सकती इसके लिए बहुत मेहनत करनी पड़ेगी

battery light likhi hui kahani aur real life me aapko call back karna padta hai real life me hero ko jaaye jaisa swabhav usne jo lekhak ne likha usko us hisab se karyawahi karna aur usme director baithta hoon direct karte rehte hain lekin jisse aap pyar karte hain jisko jeevan sathi banate hain jeevan me vaastav me usko lane ke liye vaah kahaniya padhne vastavikta par aadharit hota hai usko sweekar karna bahut kathin hota hai bahut hi kam log hote hain jo ki jo Negative batein hoti ho toh log dharan kar lete hain lekin jo uske paas me shiksha aur ki shiksha ko aadmi chhod deta hai isliye uski jeevan ki shikshaon ko lijiye aur shikshaon ko grahan karke aage badhne koshish kijiye atmamanthan kijiye tab aapko safalta mile tab unko jeevan me utarane asal zindagi aur real real life aur real life toh life me reply nahi ki ja sakti iske liye bahut mehnat karni padegi

बैटरी लाइट लिखी हुई कहानी और रियल लाइफ में आपको कॉल बैक करना पड़ता है रियल लाइफ में हीरो क

Romanized Version
Likes  218  Dislikes    views  1084
WhatsApp_icon
30 जवाब
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
user

Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

0:26
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपके प्यार स्टोरी में शिकार करते हैं प्यार मूवी देखने जाते जो प्यार की कहानी को समाज में सुधार नहीं करते जो घर में रहते हैं रक्षक फिल्म देखने जाते नहीं

aapke pyar story me shikaar karte hain pyar movie dekhne jaate jo pyar ki kahani ko samaj me sudhaar nahi karte jo ghar me rehte hain rakshak film dekhne jaate nahi

आपके प्यार स्टोरी में शिकार करते हैं प्यार मूवी देखने जाते जो प्यार की कहानी को समाज में

Romanized Version
Likes  239  Dislikes    views  1325
WhatsApp_icon
user

Somit Yoga Varanasi

Yoga Trainer and Astrologer

0:58
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देसी एक कहावत है रियल लाइफ और रियल लाइफ में काफी अंतर होता है रियल लाइफ में जो होता है वह पहले से उसकी भूमिका बना ली जाती है पर रियल लाइफ में जो होता है वह किसी को पता नहीं होता है और रियल लाइफ में जो हम लोग जीते हैं उसको हम लोग कभी-कभी रीलाइफ मतलब किसी मूवी के ऑल किसिंग रोमांटिक मूवी के फिल्मी के अनुरूप है उसको डालने का कोशिश करते हैं उसी के अनुरूप सोचते हैं पर जिंदगी कब करवट बदलती है और बीच मझधार में हम अलग हो जाते हैं तो यही कारण है कि फिल्मों में ही प्यार स्टोरी को स्वीकार किया जाता है आसान जिंदगी में बहुत ही कम प्रतिशत में बिहार स्टोरी सफल होता है

desi ek kahaavat hai real life aur real life me kaafi antar hota hai real life me jo hota hai vaah pehle se uski bhumika bana li jaati hai par real life me jo hota hai vaah kisi ko pata nahi hota hai aur real life me jo hum log jeete hain usko hum log kabhi kabhi rilaif matlab kisi movie ke all kissing romantic movie ke filmy ke anurup hai usko dalne ka koshish karte hain usi ke anurup sochte hain par zindagi kab karavat badalti hai aur beech majhdhar me hum alag ho jaate hain toh yahi karan hai ki filmo me hi pyar story ko sweekar kiya jata hai aasaan zindagi me bahut hi kam pratishat me bihar story safal hota hai

देसी एक कहावत है रियल लाइफ और रियल लाइफ में काफी अंतर होता है रियल लाइफ में जो होता है वह

Romanized Version
Likes  11  Dislikes    views  105
WhatsApp_icon
user

DR OM PRAKASH SHARMA

Principal, Education Counselor, Best Experience in Professional and Vocational Education cum Training Skills and 25 years experience of Competitive Exams. 9212159179. dsopsharma@gmail.com

1:23
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोक फिल्मों में प्यार स्टोरी कुछ उखाड़ सकते हैं पर्सनल जिंदगी में क्यों नहीं वास्तव में फिल्मों में जो दिखाया जाता है और प्यार का बस नहीं होता है फिल्म में नायक नायिका हैं उनको जो डायरेक्टर नहीं करने को कहा है वह आप छुपाते हैं आप देखते हैं अपनी ना रोक सकते ना करने का दे सकते सिर्फ एक मूर्ति मत आप उनको देखते हैं और लोग उन्हें देखकर उन फिल्मों को पसंद करते हैं उनसे प्रभावित होकर अच्छा या बुरा लेकिन वही चीज जब रियल लाइफ में जिंदगी में पढ़ती है जो लोग विरोध करते हैं क्योंकि एक फिल्म नहीं है असलियत और फिल्मों में यही फर्क है असली जिंदगी आशिक होती है जो भावात्मक कम विचारात्मक को चाहिए और हां अगर असली जिंदगी में अच्छे लोग मिलते हैं तो वह सकारात्मक होते हैं लेकिन जो परंपरा और सिद्धांतों मर्यादा के खिलाफ होते हैं वह जिंदगी में नकारात्मक होते हैं उन्हें चुकानी चैनल फिल्म जिंदगी दोनों डिफरेंट है

lok filmo me pyar story kuch ukhad sakte hain personal zindagi me kyon nahi vaastav me filmo me jo dikhaya jata hai aur pyar ka bus nahi hota hai film me nayak nayika hain unko jo director nahi karne ko kaha hai vaah aap chhupaate hain aap dekhte hain apni na rok sakte na karne ka de sakte sirf ek murti mat aap unko dekhte hain aur log unhe dekhkar un filmo ko pasand karte hain unse prabhavit hokar accha ya bura lekin wahi cheez jab real life me zindagi me padhati hai jo log virodh karte hain kyonki ek film nahi hai asliyat aur filmo me yahi fark hai asli zindagi aashik hoti hai jo bhavatmak kam vicharatmak ko chahiye aur haan agar asli zindagi me acche log milte hain toh vaah sakaratmak hote hain lekin jo parampara aur siddhanto maryada ke khilaf hote hain vaah zindagi me nakaratmak hote hain unhe chukani channel film zindagi dono different hai

लोक फिल्मों में प्यार स्टोरी कुछ उखाड़ सकते हैं पर्सनल जिंदगी में क्यों नहीं वास्तव में फि

Romanized Version
Likes  353  Dislikes    views  4295
WhatsApp_icon
user

S Bajpay

Yoga Expert | Beautician & Gharelu Nuskhe Expert

1:07
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

फिल्में फिल्में फिल्में सब सही होता है अच्छा होता है उसमें लिखा जाता है परेशानी होती है पहले से बहुत ज्यादा लव स्टोरी हो रही है कि शादी कर रहे हैं स्टोरी होती है

filme filme filme sab sahi hota hai accha hota hai usme likha jata hai pareshani hoti hai pehle se bahut zyada love story ho rahi hai ki shaadi kar rahe hain story hoti hai

फिल्में फिल्में फिल्में सब सही होता है अच्छा होता है उसमें लिखा जाता है परेशानी होती है पह

Romanized Version
Likes  565  Dislikes    views  5428
WhatsApp_icon
user

Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

1:10
Play

Likes  179  Dislikes    views  5953
WhatsApp_icon
user

Ashok Bajpai

Rtd. Additional Collector P.C.S. Adhikari

0:40
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

फिल्मों में प्यार स्टोरी को स्वीकार करते हैं पर असल जिंदगी में तुमने क्या हम फिर में देखते हैं अपनी जीवन की दिन पर दिन की परेशानियां दूर करने के लिए थोड़ा हंसने हंसाने के लिए थोड़ा मंजन करने के लिए तो ऐसा नहीं है लेकिन फिल्मों में जो कुछ दिखाया जाता है वह भी यकीन नहीं होगा हमेशा ही होगा इसलिए हम लोग फिल्मों को स्वीकार करते हैं पर असल जिंदगी में यह संभव नहीं होता

filmo me pyar story ko sweekar karte hain par asal zindagi me tumne kya hum phir me dekhte hain apni jeevan ki din par din ki pareshaniya dur karne ke liye thoda hasne hansaane ke liye thoda manzan karne ke liye toh aisa nahi hai lekin filmo me jo kuch dikhaya jata hai vaah bhi yakin nahi hoga hamesha hi hoga isliye hum log filmo ko sweekar karte hain par asal zindagi me yah sambhav nahi hota

फिल्मों में प्यार स्टोरी को स्वीकार करते हैं पर असल जिंदगी में तुमने क्या हम फिर में देखते

Romanized Version
Likes  130  Dislikes    views  2325
WhatsApp_icon
user
0:41
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्योंकि दोस्त फिल्म और रियल जिंदगी में बहुत ही ज्यादा करें फिल्में हमें क्या दिखाते हैं एक लड़का एक लड़की है उन दोनों को प्यार बहुत झटके हो जाता है लड़का कोई नौकरी करना करो सा फर्क नहीं पड़ता लड़का हमेशा एक अच्छे घर से दिखाता है लड़की या फिर एक बहुत अच्छे करते दिखाते हैं और उन दोनों का मेल हो जाता है और उन दोनों की प्यार करने की स्टोरी दिखाते हैं उसके बाद का जीवन नहीं दिखाते हैं दोनों कैसे सपोर्ट कर रहे हैं केयर करने को कुछ नहीं दिखाते उन कदमा बाप से लड़ने दिखाते हैं तो इसलिए रियल लाइफ में बहुत सारी प्रॉब्लम इसका मत समझना चाहिए और फिल्म सिगरेट नहीं करना चाहिए कभी अपनी जिंदगी थैंक यू

kyonki dost film aur real zindagi me bahut hi zyada kare filme hamein kya dikhate hain ek ladka ek ladki hai un dono ko pyar bahut jhatake ho jata hai ladka koi naukri karna karo sa fark nahi padta ladka hamesha ek acche ghar se dikhaata hai ladki ya phir ek bahut acche karte dikhate hain aur un dono ka male ho jata hai aur un dono ki pyar karne ki story dikhate hain uske baad ka jeevan nahi dikhate hain dono kaise support kar rahe hain care karne ko kuch nahi dikhate un kadma baap se ladane dikhate hain toh isliye real life me bahut saari problem iska mat samajhna chahiye aur film cigarette nahi karna chahiye kabhi apni zindagi thank you

क्योंकि दोस्त फिल्म और रियल जिंदगी में बहुत ही ज्यादा करें फिल्में हमें क्या दिखाते हैं एक

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  53
WhatsApp_icon
user

Bablu kumar gupta

Business Owner

0:55
Play

Likes  7  Dislikes    views  77
WhatsApp_icon
user

Bk Arun Kaushik

Youth Counselor Motivational Speaker

4:13
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार प्रश्न में लोग से लोगों में प्याज स्टोरी को स्वीकार करती हैं असली जिंदगी में क्यों नहीं साथी एक बार में ट्रेन में सफ़र कर रहा था वर्षों पहले की बात है विंडो में बैठा सामने वाली सीट पर एक लेडी बैठे प्लेटफार्म से गाड़ी चल पड़ी स्पीड पकड़ रही थी कि अचानक एक हाथ बाहर शादी की गले की सोने की माला पलक झपकते ही खींच कर ले गया तभी अचानक उस लेडी ने चिल्लाया तो हम सब एकदम चैन खींचने के लिए भागे अचानक लेकिन हमें दुख दिया कोई बात नहीं करी सूख गई हम बड़े घरानों की इतनी महंगी कार उस पर कोई भी विशेष प्रभाव नहीं था तब उसने बताया कि वह जो नकली सोने की थी अर्थात डुप्लीकेट थी साथियों यही अंतर होता है फिल्म स्टोरी और रियल स्टोरी में फिल्म कहानी बनाई जाती है जैसी अपनी सुविधा के अनुसार मनोरंजन बनाए रखने के लिए लोगों को प्रभावित करने के लिए पैसा कमाने के लिए रियल लाइफ में असली कहानी का अगला सीन किसी को भी पता नहीं होता क्या होगा कैसे होगा वह हमारी मर्जी के अनुसार नहीं होता बस हमें उसको पूरा करना पड़ता है फिल्म पहले ही पता होता है उसकी प्रैक्टिस में कर दी जाती है इसलिए अच्छा भला कलाकार फिल्म में विलेन का रोल करता है लोग उसकी छवि से भी डरने लगते हैं जबकि वह रियल लाइफ में बहुत ही अच्छा इंसान कितने ही विलन हमारी इंडस्ट्री के हैं बड़े इंसान फिल्म में रोल में भले विलेन का रोल करती है इसलिए आज सबसे हमारा जीवन को समाज को फिल्मों के द्वारा ही नुकसान हो रहा है तू कि आज युवा पीढ़ी या अन्य लोग भी फिल्मों से इतने प्रभावित हो रही है कि अपनी रियल लाइफ भी वैसा ही प्ले करने की कोशिश कर रहे हैं जिस कारण से उनका जीवन नकारात्मक रास्ते पर चल पड़ा है फिल्म में दिखाया जा सकता है परंतु नाम मात्र ही हो सकता है हमें अपनी आंखों से यह पट्टी उतारने होगी तब फिल्म केवल मनोरंजन के लिए है अन्यथा हमारे जीवन को बहुत बड़ा नुकसान पहुंचा रही है यह हमें समझना होगा असली और नकली दो अलग-अलग पहलू है नकली कभी रियल नहीं हो सकता और रियल कभी नकली बन ही नहीं सकता फिल्म एक पर्दे का सीन होता है एक जिंदगी का सीन होता है फिल्म का रोल प्रैक्टिस के द्वारा बार-बार दोहराया जा सकता है उस फाइनल किया जाता है रियल लाइफ में एक समय में एक की घटना पर दोबारा रोल वैसा करने का मौका नहीं मिलता फिल्म लाइन हमारी बाहर की एक्टिंग और डायलॉग बोलने पर आधारित होती है रियल लाइफ हमारे दृष्टिकोण और आंतरिक सोच पर आधारित होती है यह अंतर दोनों को जब हम समझ जाएंगे तो हमें दोनों में स्पष्ट अंतर नजर आने लग जाएगा दूसरी हमारा प्रश्न खत्म हो जाएगा कि फिल्म स्टोरी को असली जिंदगी में हम क्यों स्वीकार नहीं करते यह हो ही नहीं दोनों में इतना ही अंतर है जितना कि एक सपन देखने में और व्यक्तिगत दिन में कार्य करने के अंदर धन्यवाद

namaskar prashna me log se logo me pyaaz story ko sweekar karti hain asli zindagi me kyon nahi sathi ek baar me train me safar kar raha tha varshon pehle ki baat hai window me baitha saamne wali seat par ek lady baithe platform se gaadi chal padi speed pakad rahi thi ki achanak ek hath bahar shaadi ki gale ki sone ki mala palak jhapkate hi khinch kar le gaya tabhi achanak us lady ne chillaya toh hum sab ekdam chain kheenchne ke liye bhaage achanak lekin hamein dukh diya koi baat nahi kari sukh gayi hum bade gharaanon ki itni mehengi car us par koi bhi vishesh prabhav nahi tha tab usne bataya ki vaah jo nakli sone ki thi arthat duplicate thi sathiyo yahi antar hota hai film story aur real story me film kahani banai jaati hai jaisi apni suvidha ke anusaar manoranjan banaye rakhne ke liye logo ko prabhavit karne ke liye paisa kamane ke liye real life me asli kahani ka agla seen kisi ko bhi pata nahi hota kya hoga kaise hoga vaah hamari marji ke anusaar nahi hota bus hamein usko pura karna padta hai film pehle hi pata hota hai uski practice me kar di jaati hai isliye accha bhala kalakar film me villain ka roll karta hai log uski chhavi se bhi darane lagte hain jabki vaah real life me bahut hi accha insaan kitne hi vilen hamari industry ke hain bade insaan film me roll me bhale villain ka roll karti hai isliye aaj sabse hamara jeevan ko samaj ko filmo ke dwara hi nuksan ho raha hai tu ki aaj yuva peedhi ya anya log bhi filmo se itne prabhavit ho rahi hai ki apni real life bhi waisa hi play karne ki koshish kar rahe hain jis karan se unka jeevan nakaratmak raste par chal pada hai film me dikhaya ja sakta hai parantu naam matra hi ho sakta hai hamein apni aakhon se yah patti utarane hogi tab film keval manoranjan ke liye hai anyatha hamare jeevan ko bahut bada nuksan pohcha rahi hai yah hamein samajhna hoga asli aur nakli do alag alag pahaloo hai nakli kabhi real nahi ho sakta aur real kabhi nakli ban hi nahi sakta film ek parde ka seen hota hai ek zindagi ka seen hota hai film ka roll practice ke dwara baar baar dohraya ja sakta hai us final kiya jata hai real life me ek samay me ek ki ghatna par dobara roll waisa karne ka mauka nahi milta film line hamari bahar ki acting aur dialogue bolne par aadharit hoti hai real life hamare drishtikon aur aantarik soch par aadharit hoti hai yah antar dono ko jab hum samajh jaenge toh hamein dono me spasht antar nazar aane lag jaega dusri hamara prashna khatam ho jaega ki film story ko asli zindagi me hum kyon sweekar nahi karte yah ho hi nahi dono me itna hi antar hai jitna ki ek sapan dekhne me aur vyaktigat din me karya karne ke andar dhanyavad

नमस्कार प्रश्न में लोग से लोगों में प्याज स्टोरी को स्वीकार करती हैं असली जिंदगी में क्यों

Romanized Version
Likes  7  Dislikes    views  135
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोग फिल्मों की प्यार स्टोरी को स्वीकार करते हैं पर असल जिंदगी की क्यों नहीं स्टोरी हमेशा जीवन में भी पसंद की जाएगी ऐसा भी नहीं है हम अपने जीवन में दुखों से कई बार परेशान होते हैं या अपने जीवन में उलझे होते हैं इसलिए हमें फिल्म देखते हैं अपने मनोरंजन के लिए परंतु वह मनोरंजन तक हम अपने जीवन में उतारने ऐसा भी नहीं है इसलिए हर चीज फिल्मी आपके जीवन में घटित हो ऐसा गिनी नहीं है धन्यवाद

log filmo ki pyar story ko sweekar karte hain par asal zindagi ki kyon nahi story hamesha jeevan me bhi pasand ki jayegi aisa bhi nahi hai hum apne jeevan me dukhon se kai baar pareshan hote hain ya apne jeevan me ulajhe hote hain isliye hamein film dekhte hain apne manoranjan ke liye parantu vaah manoranjan tak hum apne jeevan me utarane aisa bhi nahi hai isliye har cheez filmy aapke jeevan me ghatit ho aisa gini nahi hai dhanyavad

लोग फिल्मों की प्यार स्टोरी को स्वीकार करते हैं पर असल जिंदगी की क्यों नहीं स्टोरी हमेशा ज

Romanized Version
Likes  98  Dislikes    views  900
WhatsApp_icon
user
0:52
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपको कितने लोग फिल्मों में प्यार करो स्वीकार करते हैं पर असल जिंदगी में क्यों नहीं ऐसा नहीं है कि फिल्मों में ही ऐसा होता है रियल लाइफ में भी काफी ऐसा हो रहा है काफी लोग अब एक्सेप्ट कर रहे हैं जो कभी फैमिली जीपीएस को एक्सेप्ट करने लगी है काफी लोगों की सोच बदले काफी स्तुति लोग एजुकेटेड भी है लोगो मेकर सोच बदले अगर दोनों लड़का लड़की ना चेंज करनी होती है तो लव स्टोरी को कैसे चेक करते हैं लव मैरिज ऐसी भी होती है पहले से भी काफी चेंज हो गया है अभी रियल लाइफ में भी लव स्टोरी को एक्सेप्टेशन मिल

namaskar aapko kitne log filmo me pyar karo sweekar karte hain par asal zindagi me kyon nahi aisa nahi hai ki filmo me hi aisa hota hai real life me bhi kaafi aisa ho raha hai kaafi log ab except kar rahe hain jo kabhi family GPS ko except karne lagi hai kaafi logo ki soch badle kaafi stuti log educated bhi hai logo maker soch badle agar dono ladka ladki na change karni hoti hai toh love story ko kaise check karte hain love marriage aisi bhi hoti hai pehle se bhi kaafi change ho gaya hai abhi real life me bhi love story ko eksepteshan mil

नमस्कार आपको कितने लोग फिल्मों में प्यार करो स्वीकार करते हैं पर असल जिंदगी में क्यों नहीं

Romanized Version
Likes  86  Dislikes    views  1212
WhatsApp_icon
user
0:39
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्योंकि कल्पना कल्पना होती है और रियल रियल होता है उतना आसान जिंदगी नहीं है फिल्मों में से प्रेम को ही सफल दिखाया था जबकि समाज में धरातल पर प्रेम की जितनी भी शादियां हैं उसमें से परसेंट में दिक्कत ना हो

kyonki kalpana kalpana hoti hai aur real real hota hai utana aasaan zindagi nahi hai filmo me se prem ko hi safal dikhaya tha jabki samaj me dharatal par prem ki jitni bhi shadiyan hain usme se percent me dikkat na ho

क्योंकि कल्पना कल्पना होती है और रियल रियल होता है उतना आसान जिंदगी नहीं है फिल्मों में स

Romanized Version
Likes  185  Dislikes    views  1236
WhatsApp_icon
user

गोपाल पांडेय

Journalist, Counselor, motivational speaker

1:38
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों मैं गोपाल पांडे और आज का क्वेश्चन है कि लोग फिल्मों में प्यार स्टोरी को स्वीकार करते हैं पर असल जिंदगी में क्यों नहीं आना चाहूंगा मेरे दोस्तों फिल्म होती है वह 3 घंटा 5 मिनट की होती है इससे ज्यादा फिल्में नहीं होती होते हैं उसमें 1 घंटे का स्टोरी होती हैं जिसमें वह प्यार करते हुए दिखाया जाता है उसके बाद तो सिर्फ और सिर्फ लड़ाई झगड़े और इंटरटेनमेंट वाली चीजें होती है लेकिन आपको 24 घंटा साथ रहने का तात्पर्य समझ सकते हैं 24 घंटा आपको उनके साथ रहना है चाहे आप किसी भी कंडीशन में है कैसी भी कदम हंसते रहें रोते रहें रोते रहें उनके साथ रहना पड़ता है इस वजह से थोड़ा सा इरिटेट हो जाता है जब से अपने पार्टनर से हेल्प नहीं मिलता अगर मैं टेंशन टेंशन में हूं और मेरा पार्टनर मैं तो प्यार करना चाहेगा तो शायद मैं उस समय उसके साथ ना देखूं तो यही वजह होती है कि उस समय आदमी कैसा लगता है कि अब बदल गए कभी पहले आप ऐसे नहीं थे तो पहले अब मिलते ही एक-दो घंटे थे लेकिन अब आप 24 घंटा उनके साथ हैं तो यह मेरे दोस्तों जीवन का इसलिए फिल्मी लाइन और लाइव स्टोरी दोनों में बहुत समानता है और अगर बात की जाए यथावत रहने की हो जिंदगी की जो मूवी है यही आपकी लाइफ है और इसे ही आप को संभालना पड़ेगा धन्यवाद दोस्तों कल सुबह

namaskar doston main gopal pandey aur aaj ka question hai ki log filmo me pyar story ko sweekar karte hain par asal zindagi me kyon nahi aana chahunga mere doston film hoti hai vaah 3 ghanta 5 minute ki hoti hai isse zyada filme nahi hoti hote hain usme 1 ghante ka story hoti hain jisme vaah pyar karte hue dikhaya jata hai uske baad toh sirf aur sirf ladai jhagde aur entertainment wali cheezen hoti hai lekin aapko 24 ghanta saath rehne ka tatparya samajh sakte hain 24 ghanta aapko unke saath rehna hai chahen aap kisi bhi condition me hai kaisi bhi kadam hansate rahein rote rahein rote rahein unke saath rehna padta hai is wajah se thoda sa irritate ho jata hai jab se apne partner se help nahi milta agar main tension tension me hoon aur mera partner main toh pyar karna chahega toh shayad main us samay uske saath na dekhu toh yahi wajah hoti hai ki us samay aadmi kaisa lagta hai ki ab badal gaye kabhi pehle aap aise nahi the toh pehle ab milte hi ek do ghante the lekin ab aap 24 ghanta unke saath hain toh yah mere doston jeevan ka isliye filmy line aur live story dono me bahut samanata hai aur agar baat ki jaaye yathavat rehne ki ho zindagi ki jo movie hai yahi aapki life hai aur ise hi aap ko sambhaalna padega dhanyavad doston kal subah

नमस्कार दोस्तों मैं गोपाल पांडे और आज का क्वेश्चन है कि लोग फिल्मों में प्यार स्टोरी को स्

Romanized Version
Likes  136  Dislikes    views  910
WhatsApp_icon
user

ज्योतिषी झा मेरठ (Pt. K L Shashtri)

Astrologer Jhaमेरठ,झंझारपुर और मुम्बई

0:30
Play

Likes  68  Dislikes    views  1105
WhatsApp_icon
user

Ansh jalandra

Motivational speaker & criminal lawyer

0:25
Play

Likes  108  Dislikes    views  1839
WhatsApp_icon
user
0:46
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जरा सोचिए आप का सवाल में ही आपका जवाब है आपने ही पूछा रियल लाइफ का लव स्टोरी और मूवी का लव स्टोरी के बारे में हम लोग मूवी क्यों देखने जाते हैं इंटरटेन के लिए मजा लेने के लिए हम लोग जब भी देखते हैं तब एक कभी नहीं सोचते मूवी पर जो हो रहा है और गले में होगा क्योंकि हम लोगों का दिमाग में एक घुस जाता है कि यह मोह भी है यह रियल लाइफ में कभी नहीं होने वाला है बट जब सच में होता है तब हमारा दिमाग ए मानने के लिए तैयार नहीं रहता इसलिए ज्यादा लोग रियल लाइफ को लव स्टोरी को मरना नहीं चाहता

zara sochiye aap ka sawaal mein hi aapka jawab hai aapne hi poocha real life ka love story aur movie ka love story ke bare mein hum log movie kyon dekhne jaate hain intaraten ke liye maza lene ke liye hum log jab bhi dekhte hain tab ek kabhi nahi sochte movie par jo ho raha hai aur gale mein hoga kyonki hum logo ka dimag mein ek ghus jata hai ki yah moh bhi hai yah real life mein kabhi nahi hone vala hai but jab sach mein hota hai tab hamara dimag a manne ke liye taiyar nahi rehta isliye zyada log real life ko love story ko marna nahi chahta

जरा सोचिए आप का सवाल में ही आपका जवाब है आपने ही पूछा रियल लाइफ का लव स्टोरी और मूवी का लव

Romanized Version
Likes  21  Dislikes    views  1129
WhatsApp_icon
user

Dr.Nisha Joshi

Psychologist

0:33
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है लोग फिल्मों में प्यार स्टोरी को स्वीकार करते हैं पर असल जिंदगी में क्यों नहीं इसीलिए तो फिल्म को रिलीज तोरी बोलते हैं और असल जिंदगी को रियल स्टोरी बोलते हैं रियल स्टोरी में कुछ नहीं होता और रियल स्टोरी में सब कुछ होता है जो ना सो जाओ वही भी और रियल स्टोरी में जो होता है वही ही होता है और कुछ नहीं बस यही रहता है रियल स्टोरी मैरिज स्टोरी में आपका दिन शुभ हो धन्यवाद गुड अप्पर लाइफ टीचर एंड एंजॉय

aapka prashna hai log filmo mein pyar story ko sweekar karte hain par asal zindagi mein kyon nahi isliye toh film ko release tore bolte hain aur asal zindagi ko real story bolte hain real story mein kuch nahi hota aur real story mein sab kuch hota hai jo na so jao wahi bhi aur real story mein jo hota hai wahi hi hota hai aur kuch nahi bus yahi rehta hai real story marriage story mein aapka din shubha ho dhanyavad good apprently life teacher and enjoy

आपका प्रश्न है लोग फिल्मों में प्यार स्टोरी को स्वीकार करते हैं पर असल जिंदगी में क्यों नह

Romanized Version
Likes  253  Dislikes    views  4776
WhatsApp_icon
play
user

Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

0:56

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बहुत ही अच्छा प्रश्न है आपका कि लोग फिल्मों में तो लव स्टोरी को स्वीकार करते हैं और बहुत मन लगाकर खुश होकर देखते हैं लेकिन वही असल जिंदगी में बिल्कुल ऐसे हो जाते हैं कि आई लव मैरिज तो कुछ नहीं होती अरेंज मैरिज करनी चाहिए या फिर मां-बाप जहां कहीं वही करनी चाहिए तो मैं ही तो हूं कि कि लोगों की जो है यह कैसी है कि वह जो है दोगले हैं मन में कुछ और और मुंह पर कुछ और और इसके अलावा में यह भी कहूंगी कि आज के लोग जो हैं बदल रहे हैं आज के लोग जो हैं आज का जो न्यूज़ है या फिर बहुत सारे मां बाप है वह बच्चों के लव मैरिज को भी उतने ही प्यार से स्वीकार करते हैं जितने जैसे-जैसे मूवीस में करते हैं

bahut hi accha prashna hai aapka ki log filmo mein toh love story ko sweekar karte hain aur bahut man lagakar khush hokar dekhte hain lekin wahi asal zindagi mein bilkul aise ho jaate hain ki I love marriage toh kuch nahi hoti arrange marriage karni chahiye ya phir maa baap jaha kahin wahi karni chahiye toh main hi toh hoon ki ki logo ki jo hai yeh kaisi hai ki wah jo hai dogle hain man mein kuch aur aur mooh par kuch aur aur iske alava mein yeh bhi kahungi ki aaj ke log jo hain badal rahe hain aaj ke log jo hain aaj ka jo news hai ya phir bahut saare maa baap hai wah baccho ke love marriage ko bhi utne hi pyar se sweekar karte hain jitne jaise jaise Movies mein karte hain

बहुत ही अच्छा प्रश्न है आपका कि लोग फिल्मों में तो लव स्टोरी को स्वीकार करते हैं और बहुत म

Romanized Version
Likes  664  Dislikes    views  8217
WhatsApp_icon
user

Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

2:00
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह देखिए जो हम स्टोरी फिल्में देखते हैं ना वह क्या है वह भी तो एक स्टोरी है ना वह एक चोरी हो गई आपकी एक छोरी मेरी 1 छोरी ऐसी धारा लगा ले लो के अलग-अलग जीवन की कहानियां होता है कि जाते हैं उसको एक डायरेक्टरी बनाते हैं अपने नजरिए से बनाते हैं और पेश करते हैं और वह कैसे बनाते हैं ताकि आपको अच्छी लगी लेकिन जब हम रियल लाइफ की बाजार बात करते हैं आप की स्टोरी मेरी स्टोरी की बात कहते हैं तो हम सब अपनी अपनी स्टोरी खुद बनाते हैं यहां पर ट्रैक्टर हम खुद ही होते हैं आफ्टर एक्ट्रेसेस भी हम खुद ही होते हैं हम उस मूवी का हिस्सा खुद ही होते हैं यहां पर हमें किस तरह में देनी चाहिए हमारे स्टोरी पर हमारे रिलेशनशिप एस्पेक्ट्स उनका बिहेवियर क्या होता है लेकिन रियल लाइफ में तो सारा कुछ आता है ना एक ही टाइम पर बहुत सारी चीजें आपको दिख रही होती है आपको फर्नेंस का बॉस देख रहा होता है आपको देख रहा होता कि मैं तो वेल्थ जनवरी नहीं कर पा रहे फ्यूचर का क्या होगा ऐसा कुछ तो चोरी में नहीं दिखता था मूवी में आपको रिलेशनशिप मैनेज करना होता है आपको यह देखना होता है कि कल किसी की शादी हो रही है कल कहीं पर किसी का डेथ हो गया मुझे वहां जाना है मेरे को ऑफिस भी देखना है मेरे को अपना बिजनेस संभाल रहे मेरे को बच्चों को स्कूल से लाना है मेरे को खाना बनाने बहुत सारी चीजें होती है और इसमें आप कैसे अपना रोल निभाते हैं हम सब अपना अपना रोल कैसे निभाते हैं वह बड़ा इंपॉर्टेंट रोल प्ले करता है आप अपने लिए क्या करते हैं दूसरों के लिए क्या करते हैं उनके लिए क्या सोचते हैं बहुत इंपॉर्टेंट है भरी आपके पास पैसा हो सकते हो ना हो लेकिन आप इस रिलेशनशिप को कैसे स्टेशन करते हैं यह फोटो यहां पर प्यार की बहुत ज्यादा आवश्यकता होती है तो उसको हमें देखना चाहिए

yah dekhiye jo hum story filme dekhte hain na vaah kya hai vaah bhi toh ek story hai na vaah ek chori ho gayi aapki ek chhori meri 1 chhori aisi dhara laga le lo ke alag alag jeevan ki kahaniya hota hai ki jaate hain usko ek directory banate hain apne nazariye se banate hain aur pesh karte hain aur vaah kaise banate hain taki aapko achi lagi lekin jab hum real life ki bazaar baat karte hain aap ki story meri story ki baat kehte hain toh hum sab apni apni story khud banate hain yahan par tractor hum khud hi hote hain after ektreses bhi hum khud hi hote hain hum us movie ka hissa khud hi hote hain yahan par hamein kis tarah mein deni chahiye hamare story par hamare Relationship aspects unka behaviour kya hota hai lekin real life mein toh saara kuch aata hai na ek hi time par bahut saree cheezen aapko dikh rahi hoti hai aapko farnens ka boss dekh raha hota hai aapko dekh raha hota ki main toh wealth january nahi kar paa rahe future ka kya hoga aisa kuch toh chori mein nahi dikhta tha movie mein aapko Relationship manage karna hota hai aapko yah dekhna hota hai ki kal kisi ki shadi ho rahi hai kal kahin par kisi ka death ho gaya mujhe wahan jana hai mere ko office bhi dekhna hai mere ko apna business sambhaal rahe mere ko baccho ko school se lana hai mere ko khana banane bahut saree cheezen hoti hai aur isme aap kaise apna roll nibhate hain hum sab apna apna roll kaise nibhate hain vaah bada important roll play karta hai aap apne liye kya karte hain dusro ke liye kya karte hain unke liye kya sochte hain bahut important hai bhari aapke paas paisa ho sakte ho na ho lekin aap is Relationship ko kaise station karte hain yah photo yahan par pyar ki bahut zyada avashyakta hoti hai toh usko hamein dekhna chahiye

यह देखिए जो हम स्टोरी फिल्में देखते हैं ना वह क्या है वह भी तो एक स्टोरी है ना वह एक चोरी

Romanized Version
Likes  67  Dislikes    views  1803
WhatsApp_icon
user

Dr Asha B Jain

Dip in Naturopathy, Yoga therapist Pranic healer, Counselor

0:55
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्योंकि फिल्मों की स्टोरी में प्यार दिखाया जाता है उसके आगे की शादी और उसके आगे का जीवन का कोई वर्णन नहीं होता है वह बस एक कहानी की तरह होती है और जो हमें हम जिंदगी जीते हैं वह प्रैक्टिकल लाइफ होती हैं उसको बहुत सोच समझकर निर्णय लेना होता है जो फिल्मों में दिखाते हैं वह फिल्म स्टार्स भी सोच समझकर ही शादी करते हैं बहुत ज्यादा ही सोचते हो तब जाकर किसी से शादी करते हैं जिसके साथ वह निभा पाए उनकी भी हंसते जिंदगी को आप देखेंगे तो आपको लगेगा कि वो लोग इतने आसानी से निर्णय नहीं लेते हो कि पूरी जिंदगी का सवाल रहता है प्यार करना और एक जिंदगी को पूरी जिंदगी को उस व्यक्ति की सब्जी ना यह दो डिफरेंट चीजें हैं उसको ख्याल में रखते हुए ही शादी की जाती है धन्यवाद

kyonki filmo ki story mein pyar dikhaya jata hai uske aage ki shadi aur uske aage ka jeevan ka koi varnan nahi hota hai vaah bus ek kahani ki tarah hoti hai aur jo hamein hum zindagi jeete hain vaah practical life hoti hain usko bahut soch samajhkar nirnay lena hota hai jo filmo mein dikhate hain vaah film stars bhi soch samajhkar hi shadi karte hain bahut zyada hi sochte ho tab jaakar kisi se shadi karte hain jiske saath vaah nibha paye unki bhi hansate zindagi ko aap dekhenge toh aapko lagega ki vo log itne aasani se nirnay nahi lete ho ki puri zindagi ka sawaal rehta hai pyar karna aur ek zindagi ko puri zindagi ko us vyakti ki sabzi na yah do different cheezen hain usko khayal mein rakhte hue hi shadi ki jaati hai dhanyavad

क्योंकि फिल्मों की स्टोरी में प्यार दिखाया जाता है उसके आगे की शादी और उसके आगे का जीवन का

Romanized Version
Likes  99  Dislikes    views  1623
WhatsApp_icon
user
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका प्रश्न है लोग फिल्मों में लव स्टोरी को स्वीकार करते हैं पर असल जिंदगी में क्यों नहीं क्योंकि फिल्म और असल जिंदगी में बहुत फर्क होता है फिल्म सिर्फ 3 घंटे की होती है लेकिन असल जिंदगी में आपको पूरे जीवन भर उस अवस्था को या उससे कंडीशन को झेलना होता है या उसको सरवाइस करना होता है तो उससे संबंधित बहुत सारे पहलू ऐसे होते हैं जो हमें फेस करने होते हैं इसलिए लाइक और फिल्म को हम भी कोहली नहीं कर सकते तो लाइफ की सच्चाई देख कर आप उसको समझे और उसमें वर्तमान समय में जिए कि आप जो फिल्म है वह आपका जीवन नहीं है इसलिए फिल्म और जीवन को एक नासमझी दोनों में बहुत फर्क होता है धन्यवाद आपका दिन शुभ हो

namaskar aapka prashna hai log filmo mein love story ko sweekar karte hain par asal zindagi mein kyon nahi kyonki film aur asal zindagi mein bahut fark hota hai film sirf 3 ghante ki hoti hai lekin asal zindagi mein aapko poore jeevan bhar us avastha ko ya usse condition ko jhelna hota hai ya usko saravais karna hota hai toh usse sambandhit bahut saare pahaloo aise hote hain jo hamein face karne hote hain isliye like aur film ko hum bhi kohli nahi kar sakte toh life ki sacchai dekh kar aap usko samjhe aur usme vartaman samay mein jiye ki aap jo film hai vaah aapka jeevan nahi hai isliye film aur jeevan ko ek nasamajhi dono mein bahut fark hota hai dhanyavad aapka din shubha ho

नमस्कार आपका प्रश्न है लोग फिल्मों में लव स्टोरी को स्वीकार करते हैं पर असल जिंदगी में क्य

Romanized Version
Likes  20  Dislikes    views  878
WhatsApp_icon
user

Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

5:25
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लोग फिल्मों में प्यार चोरी को स्वीकार करते हैं पर असल हिंदी में क्यों लॉगइन में देखने जाते हैं मनोरंजन करने के लिए और इनमें जो बनाने वाले हैं वह खेलने पैसा कमाने के लिए बना उसमें हैप्पी एंड दिखाया जाता है और कहीं-कहीं दर्दनाक एंड भी दिखाते लेकिन उनका होता है कि लोगों की भावनाओं को जगह करें और पैसा कमाए जाए ताकि लोग प्रभावित हो और 200 400 500 करोड़ 600 करोड़ का बिजनेस है जो हमारी जिंदगी है और फिल्म स्टोरी वह एक तरफ से अलग हम स्वीकार करते हैं इसका मतलब यह नहीं कि हम अगर टिकट खर्चा करके वह फिल्मी स्टोरी देखने जा रहे हैं इसलिए लोग बोले कि फिल्म स्टोरी को स्वीकार कर लिया गया है बस यही पर हमारी भूल होती है क्योंकि प्रतीक्षा मिला क्योंकि लोगों की भावनाओं को आपने समझा और परदे पर बताया लेकिन ऐसा रियल लाइफ में नहीं होता बेल लाइफ में जो होता है वह फिल्मी पर्दे पर नहीं होता रियल लाइफ स्टोरी बिल्कुल अलग होती है कि लाइफ में जो दिखाया जाता है वह बहुत कुछ काल्पनिक होता है जो कि रियल लाइफ में नहीं इसलिए हम नो की बात करें तो लोगों की बात करें पैसे की बात करें आर्थिक विकास की बात करें या महिलाओं और पुरुषों की जो मानसिकता है उसकी बात करें सब कुछ अलग होती है लोग भी राष्ट्र निर्माता और कलाकार वह सबका जैसे तू है अलग है और हमारा पेटीएम लाइफ होता है जीवन जीने का नजरिया और हमारी और हमारे जीवन में आने वाली जो भी समस्या है उसे हम जूझ रहे हो शिकार भले करने क्योंकि फिल्म में मनोरंजन लेने के लिए जाते हैं हम अपना सलूशन निकालने नहीं जा सकेंगे यह खली एक विचार हो सकता है कि हम उनको जोड़ लेते हैं भावनाओं के कारण हम फिल्मों के अंजोर लेते हैं अगर फिल्मों में जिस तरह से प्रेमाला और जिस तरह से एक एंगल आता है उससे बिल्कुल आपकी समस्याओं और आज की परिस्थितियों के अनुरूप ही बनाते हैं लेकिन और सभी के प्रेम में संभव नहीं होता इसलिए वह असल होती है रियल लाइफ हाउ टू फेस ऑल प्रॉब्लम्स इन अवर रियल है इसलिए फिल्म को हम अगर खाली मनोरंजन के तौर पर देखें तो ठीक है वरना फिल्मी जिंदगी जीने का प्रयास करेंगे हम रियल लाइफ में अपनाना चाहेंगे तो हमारे जीवन में जो भी है हमारी पर्सनल है जो भी प्रेमी हैं जो भी परिवार है जो भी समाज के लोगों को बात को सच मानना चाहिए जितनी जल्दी सच मानो तो इतना हमारी बेहतर होता है और हम समझ सकते

log filmo mein pyar chori ko sweekar karte hai par asal hindi mein kyon login mein dekhne jaate hai manoranjan karne ke liye aur inmein jo banane waale hai vaah khelne paisa kamane ke liye bana usme happy and dikhaya jata hai aur kahin kahin dardanak and bhi dikhate lekin unka hota hai ki logo ki bhavnao ko jagah kare aur paisa kamaye jaaye taki log prabhavit ho aur 200 400 500 crore 600 crore ka business hai jo hamari zindagi hai aur film story vaah ek taraf se alag hum sweekar karte hai iska matlab yah nahi ki hum agar ticket kharcha karke vaah filmy story dekhne ja rahe hai isliye log bole ki film story ko sweekar kar liya gaya hai bus yahi par hamari bhool hoti hai kyonki pratiksha mila kyonki logo ki bhavnao ko aapne samjha aur parde par bataya lekin aisa real life mein nahi hota bell life mein jo hota hai vaah filmy parde par nahi hota real life story bilkul alag hoti hai ki life mein jo dikhaya jata hai vaah bahut kuch kalpnik hota hai jo ki real life mein nahi isliye hum no ki baat kare toh logo ki baat kare paise ki baat kare aarthik vikas ki baat kare ya mahilaon aur purushon ki jo mansikta hai uski baat kare sab kuch alag hoti hai log bhi rashtra nirmaata aur kalakar vaah sabka jaise tu hai alag hai aur hamara Paytm life hota hai jeevan jeene ka najariya aur hamari aur hamare jeevan mein aane wali jo bhi samasya hai use hum joojh rahe ho shikaar bhale karne kyonki film mein manoranjan lene ke liye jaate hai hum apna salution nikalne nahi ja sakenge yah khali ek vichar ho sakta hai ki hum unko jod lete hai bhavnao ke karan hum filmo ke anjor lete hai agar filmo mein jis tarah se premala aur jis tarah se ek Angle aata hai usse bilkul aapki samasyaon aur aaj ki paristhitiyon ke anurup hi banate hai lekin aur sabhi ke prem mein sambhav nahi hota isliye vaah asal hoti hai real life how to face all problems in avar real hai isliye film ko hum agar khaali manoranjan ke taur par dekhen toh theek hai varna filmy zindagi jeene ka prayas karenge hum real life mein apnana chahenge toh hamare jeevan mein jo bhi hai hamari personal hai jo bhi premi hai jo bhi parivar hai jo bhi samaj ke logo ko baat ko sach manana chahiye jitni jaldi sach maano toh itna hamari behtar hota hai aur hum samajh sakte

लोग फिल्मों में प्यार चोरी को स्वीकार करते हैं पर असल हिंदी में क्यों लॉगइन में देखने जात

Romanized Version
Likes  57  Dislikes    views  1112
WhatsApp_icon
user

Shipra Ranjan

Life Coach

0:51
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप अपने कर्मों में प्यार स्टोरी को शिकार करते हैं पर संगीता को बता दें कि ऐसा नहीं है कि मैं आपकी लव स्टोरी कोई शक नहीं किया जाएगा आपके घर परिवार वालों को सब को थोड़ा सा समय जरूर लगता है क्योंकि जगह पर जाना चाहते हैं कि आप किसी से प्यार करते हैं आपसे शादी करना चाहते हैं तो एक बार जरूर लगता है किसी को क्योंकि हर किसी ने आप से जुड़े हुए बहुत सारे अरमान सजा रखे होते हैं आप से रिलेटेड बहुत सारी चीजें उन्होंने खुद से सोच रखी होती प्लान कर रखी और जवाब कि जाकर बताएंगे कि मैंने खुद से ही सब कुछ डिसाइड कर लिया है तो किस सब को निराशा तो हो जरूर होगी थोड़ा सा सर नाराज भी होते हैं तब उसको स्वीकार भी करते हैं गलत है आप कौन से बातचीत करने क्यों को कन्वेंस करने की सब बिल्कुल आप की लव स्टोरी को एक्सेप्ट करेंगे आपका दिन शुभ रहे धन्यवाद

aap apne karmon mein pyar story ko shikaar karte hain par sangeeta ko bata de ki aisa nahi hai ki main aapki love story koi shak nahi kiya jaega aapke ghar parivar walon ko sab ko thoda sa samay zaroor lagta hai kyonki jagah par jana chahte hain ki aap kisi se pyar karte hain aapse shadi karna chahte hain toh ek baar zaroor lagta hai kisi ko kyonki har kisi ne aap se jude hue bahut saare armaan saza rakhe hote hain aap se related bahut saree cheezen unhone khud se soch rakhi hoti plan kar rakhi aur jawab ki jaakar batayenge ki maine khud se hi sab kuch decide kar liya hai toh kis sab ko nirasha toh ho zaroor hogi thoda sa sir naaraj bhi hote hain tab usko sweekar bhi karte hain galat hai aap kaunsi batchit karne kyon ko convence karne ki sab bilkul aap ki love story ko except karenge aapka din shubha rahe dhanyavad

आप अपने कर्मों में प्यार स्टोरी को शिकार करते हैं पर संगीता को बता दें कि ऐसा नहीं है कि म

Romanized Version
Likes  260  Dislikes    views  3265
WhatsApp_icon
user

Shubham Saini

Software Engineer

0:18
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

फिल्म एक काल्पनिक दुनिया होती है लोग उसे देख करके इतना ज्यादा भावनाओं में डूब जाते हैं कि वह यह लाइफ को भी नहीं समझ पाते हैं तो प्लीज एक कार पिक दुनिया से बाहर निकले और सच्ची दुनिया में सतर्कता के साथ आगे बढ़े और जी

film ek kalpnik duniya hoti hai log use dekh karke itna zyada bhavnao me doob jaate hain ki vaah yah life ko bhi nahi samajh paate hain toh please ek car pic duniya se bahar nikle aur sachi duniya me satarkata ke saath aage badhe aur ji

फिल्म एक काल्पनिक दुनिया होती है लोग उसे देख करके इतना ज्यादा भावनाओं में डूब जाते हैं कि

Romanized Version
Likes  205  Dislikes    views  2318
WhatsApp_icon
user

Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

0:33
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

फिल्मों में प्यार स्टोरी के जीवन को देखते हैं समझते हैं लेकिन असल जिंदगी में उसको नहीं कर पाते हैं इसका कारण है कि वह अपने आप पर भरोसा नहीं के बाद समय का महत्व नहीं दे पाते सच्चे मन से स्वीकार नहीं कर पाते अपने आप में आत्मविश्वास और लगन की कमी होती है इसलिए लोग जिंदगी में ऐसे चीज को स्वीकार नहीं कर पाते हैं कारण शिक्षा का अभाव होता है लोगों की सोच निम्न स्तर की होती है

filmo mein pyar story ke jeevan ko dekhte hain samajhte hain lekin asal zindagi mein usko nahi kar paate hain iska karan hai ki vaah apne aap par bharosa nahi ke baad samay ka mahatva nahi de paate sacche man se sweekar nahi kar paate apne aap mein aatmvishvaas aur lagan ki kami hoti hai isliye log zindagi mein aise cheez ko sweekar nahi kar paate hain karan shiksha ka abhaav hota hai logo ki soch nimn sthar ki hoti hai

फिल्मों में प्यार स्टोरी के जीवन को देखते हैं समझते हैं लेकिन असल जिंदगी में उसको नहीं कर

Romanized Version
Likes  235  Dislikes    views  1547
WhatsApp_icon
user

सपना शर्मा

सामाजिक कार्यकर्ता

3:26
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है लोग फिल्मों में प्यार स्कूल को स्वीकार करती हैं पर असल जिंदगी में क्यों नहीं करते क्योंकि लोगों लोगों को जानकारी होती है कि जो भी फिल्में हैं नाटक हैं यह सभी मनोरंजन के लिए होते हैं यदि यदि कोई टेंशन में है कोई परेशानी में है तो उनको देखकर इंसान अपने टेंशन को हो सकता है खुश रह सकता है और कुछ व्यक्तियों में इसका असर भी होता है व्हाट्सएप जो टीवी में होता है फिल्मों में सीरियलों में वही अपनी आम जिंदगी में करने लगती है और कुछ व्यक्ति यह समझदार हैं जिनको ज्ञान है वह जानते हैं कि जो लोग नाटक बना रहे हैं पिक्चर बना रहे हैं इनको तो कितना पैसा मिलता है कि इनको जीवन भर तक कुछ भी करने की जरूरत नहीं पड़ती है बैठ कर खा सकते हैं और उनकी जो बच्चे भी होते हैं वह भी बैठ कर खाते रहें इतना इन लोगों के पास धन इकट्ठा जाता है इस बात की जिनको जानकारी होती है तो वह अपनी जिंदगी में जो पिक्चरों में हो रहा है नाटकों में बुरा है उसे शामिल नहीं करते हैं बस इसलिए वह नाटक और पिक्चरों को देखते हैं ताकि उन्हें किसी बात से अपनी जिंदगी को लेकर टेंशन है या वह किसी कारण से दुखी है तो उस समय वह नाटक और पिक्चर को देखकर अपनी जिंदगी के किसी टेंशन को या किसी गम को घूमने के लिए नाटक और पिक्चर को देखते हैं इसलिए जो व्यक्ति जानकार होते हैं वह सिर्फ प्यार स्टोरी को ही स्वीकार करते हैं और अपने असल जिंदगी में नहीं करते हैं क्योंकि वह जानते हैं टीवी में जो कुछ हो रहा है सब पैसे कमाने के लिए हो रहा है सब कुछ धंधा है और जो जिंदगी होती है उसमें ऐसा नहीं होना चाहिए क्योंकि जिंदगी हमें अपने तरीके जीना है हमें किसी की नकल नहीं करना है यदि हम नकल करेंगे तो हमारी जिंदगी खराब हो जाएगी इसलिए जो हमारे लिए सही है जो हमारे लिए उचित है जो जो हमें धार्मिक बनाता है जो हमें कर्तव्य का पालन करना सिखाता है जो हमें अनुशासन का पालन करना सिखाता है तो हम ऐसी चीजों को ही अपने जीवन में मान्यता देते हैं ना की पिक्चर में मौजूद सीरियलों में हो रहा है उसे अपनी जिंदगी में अपनाते हैं और यह सभी वही व्यक्ति करते हैं जिनको इस बात का ज्ञान होता है की पिक्चर और सीरियलों में जो होता है वह असल जिंदगी में नहीं होना चाहिए क्योंकि यह गलत होता है लेकिन जिन व्यक्तियों को ज्ञान नहीं है वह यह जानते हैं तो जो पिक्चर में सीरियल में जो है वह सही है यही होना चाहिए तो ऐसे व्यक्ति हमेशा दुख दुखी रहते हैं और अपने जो सारे फिल्मों के अनुसार करती हैं तो वह कानूनों का भी उल्लंघन करते हैं इससे वह अपने जीवन में कष्टों को तो सहन करते हैं और सजा भी पाते हैं सपना शर्मा जय हिंद जय भारत आपका दिन शुभ हो

aapka prashna hai log filmo me pyar school ko sweekar karti hain par asal zindagi me kyon nahi karte kyonki logo logo ko jaankari hoti hai ki jo bhi filme hain natak hain yah sabhi manoranjan ke liye hote hain yadi yadi koi tension me hai koi pareshani me hai toh unko dekhkar insaan apne tension ko ho sakta hai khush reh sakta hai aur kuch vyaktiyon me iska asar bhi hota hai whatsapp jo TV me hota hai filmo me siriyalon me wahi apni aam zindagi me karne lagti hai aur kuch vyakti yah samajhdar hain jinako gyaan hai vaah jante hain ki jo log natak bana rahe hain picture bana rahe hain inko toh kitna paisa milta hai ki inko jeevan bhar tak kuch bhi karne ki zarurat nahi padti hai baith kar kha sakte hain aur unki jo bacche bhi hote hain vaah bhi baith kar khate rahein itna in logo ke paas dhan ikattha jata hai is baat ki jinako jaankari hoti hai toh vaah apni zindagi me jo pikcharon me ho raha hai natakon me bura hai use shaamil nahi karte hain bus isliye vaah natak aur pikcharon ko dekhte hain taki unhe kisi baat se apni zindagi ko lekar tension hai ya vaah kisi karan se dukhi hai toh us samay vaah natak aur picture ko dekhkar apni zindagi ke kisi tension ko ya kisi gum ko ghoomne ke liye natak aur picture ko dekhte hain isliye jo vyakti janakar hote hain vaah sirf pyar story ko hi sweekar karte hain aur apne asal zindagi me nahi karte hain kyonki vaah jante hain TV me jo kuch ho raha hai sab paise kamane ke liye ho raha hai sab kuch dhandha hai aur jo zindagi hoti hai usme aisa nahi hona chahiye kyonki zindagi hamein apne tarike jeena hai hamein kisi ki nakal nahi karna hai yadi hum nakal karenge toh hamari zindagi kharab ho jayegi isliye jo hamare liye sahi hai jo hamare liye uchit hai jo jo hamein dharmik banata hai jo hamein kartavya ka palan karna sikhata hai jo hamein anushasan ka palan karna sikhata hai toh hum aisi chijon ko hi apne jeevan me manyata dete hain na ki picture me maujud siriyalon me ho raha hai use apni zindagi me apanate hain aur yah sabhi wahi vyakti karte hain jinako is baat ka gyaan hota hai ki picture aur siriyalon me jo hota hai vaah asal zindagi me nahi hona chahiye kyonki yah galat hota hai lekin jin vyaktiyon ko gyaan nahi hai vaah yah jante hain toh jo picture me serial me jo hai vaah sahi hai yahi hona chahiye toh aise vyakti hamesha dukh dukhi rehte hain aur apne jo saare filmo ke anusaar karti hain toh vaah kanuno ka bhi ullanghan karte hain isse vaah apne jeevan me kaston ko toh sahan karte hain aur saza bhi paate hain sapna sharma jai hind jai bharat aapka din shubha ho

आपका प्रश्न है लोग फिल्मों में प्यार स्कूल को स्वीकार करती हैं पर असल जिंदगी में क्यों नही

Romanized Version
Likes  25  Dislikes    views  335
WhatsApp_icon
user

Gurvir Singh

Business Coach

1:55
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अच्छा फिल्मों में लोग स्टोरी को स्वीकार कर लेते हैं लेकिन यहां पर नहीं करते ना रियल लाइफ में क्यों नहीं करते इसका मतलब यह है कि रियल लाइफ में जनरेशन गैप आ जाता है तो क्या होता है पैरंट्स और बच्चों के बीच में आज के टाइम पर हम रह रहे हैं दोस्तों फर्स्ट सेंचुरी में ठीक है हमारे पेंट्स है वह पुरानी सदी के हैं ठीक है उनकी सोच में और हमारी सोच में फर्क है ठीक है वह भी हमारी खुशी चाहते हैं वह चाहते हैं कि आपको एक अच्छा पार्टनर मिले अगर आप उनके साथ अच्छा लेशन बनाकर रखना चाहती हो ना तो आप उनके साथ अपनी बातें शेयर करो उनके साथ टाइम स्पेंड करो तो मैं भी यह आपके लिए अच्छा रहेगा फिर जो भी कहोगे वही करेंगे बट यू मामा को कहना वह हमेशा सही होते हैं वो हमारे भले के लिए सोचते हैं एक वह हमें उन्हें भी अंडरस्टैंड करना चाहिए चलो माना कि हम कौन सी खुशी में रह रहे हैं और फिर भी हमें उनका सम्मान करना चाहिए ठीक है जो भी बात है रियल्टी में उन्हें प्यार से समझाओ जरूर समझ जाएंगे ठीक है हां बट आपका पार्टनर भी अच्छा होना चाहिए उसे भी समझ होनी चाहिए दोनों को प्रभार में साथ में बिठा कर बात करेंगे तो मैं भी अच्छा रहेगा और किसी एक्सपीरियंस की वीडियोस पर्सन को ले सकते हो आप बीच में अगर आप इस तरह के स्टेशन में कभी आ जाओ तो

accha filmo me log story ko sweekar kar lete hain lekin yahan par nahi karte na real life me kyon nahi karte iska matlab yah hai ki real life me generation gap aa jata hai toh kya hota hai Parents aur baccho ke beech me aaj ke time par hum reh rahe hain doston first century me theek hai hamare paints hai vaah purani sadi ke hain theek hai unki soch me aur hamari soch me fark hai theek hai vaah bhi hamari khushi chahte hain vaah chahte hain ki aapko ek accha partner mile agar aap unke saath accha leshan banakar rakhna chahti ho na toh aap unke saath apni batein share karo unke saath time spend karo toh main bhi yah aapke liye accha rahega phir jo bhi kahoge wahi karenge but you mama ko kehna vaah hamesha sahi hote hain vo hamare bhale ke liye sochte hain ek vaah hamein unhe bhi understand karna chahiye chalo mana ki hum kaun si khushi me reh rahe hain aur phir bhi hamein unka sammaan karna chahiye theek hai jo bhi baat hai realty me unhe pyar se samjhao zaroor samajh jaenge theek hai haan but aapka partner bhi accha hona chahiye use bhi samajh honi chahiye dono ko parbhar me saath me bitha kar baat karenge toh main bhi accha rahega aur kisi experience ki videos person ko le sakte ho aap beech me agar aap is tarah ke station me kabhi aa jao toh

अच्छा फिल्मों में लोग स्टोरी को स्वीकार कर लेते हैं लेकिन यहां पर नहीं करते ना रियल लाइफ म

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  94
WhatsApp_icon
user

satyaveer singh

Satya Traders

0:51
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ब्लू फिल्मों में स्टोरी कुछ लिए स्वीकार करते क्योंकि उसे देखना होता है असल जिंदगी में दिखाना होता है आपको एक पूरा किरदार निभाना होता वहां पिक्चर को देख रहे होते हैं और यहां आपको दिखाना हो तो करके अभिनय करके दिखाना होता है और अपने करके दिखाने के लिए पर्याप्त समय भी लगेगा पर्याप्त मेहनत भी लगेगी और आप इतनी मेहनत कर सकेंगे क्या फिर समाज के प्रति आप किस को समझा सकते हैं आप अपने अंदर जितना प्यार आप इतना समतावाद हो सकते हैं आप अपने पैसे वाले हो सकते हैं नहीं ना दूसरे को राजी कर सकते हैं ना है ना तो सारी चीजें ध्यान में रखनी पड़ी आप जागरूक बने आप सजग रहें वह रील लाइफ और यह रियल लाइफ थैंक यू

blue filmo me story kuch liye sweekar karte kyonki use dekhna hota hai asal zindagi me dikhana hota hai aapko ek pura kirdaar nibhana hota wahan picture ko dekh rahe hote hain aur yahan aapko dikhana ho toh karke abhinay karke dikhana hota hai aur apne karke dikhane ke liye paryapt samay bhi lagega paryapt mehnat bhi lagegi aur aap itni mehnat kar sakenge kya phir samaj ke prati aap kis ko samjha sakte hain aap apne andar jitna pyar aap itna samatavad ho sakte hain aap apne paise waale ho sakte hain nahi na dusre ko raji kar sakte hain na hai na toh saari cheezen dhyan me rakhni padi aap jagruk bane aap sajag rahein vaah reel life aur yah real life thank you

ब्लू फिल्मों में स्टोरी कुछ लिए स्वीकार करते क्योंकि उसे देखना होता है असल जिंदगी में दिखा

Romanized Version
Likes  9  Dislikes    views  77
WhatsApp_icon
user
1:29
Play

Likes  21  Dislikes    views  422
WhatsApp_icon
qIcon
ask
QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!