सुभाष चंद्र बोस का जीवन परिचय बताइए?...


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सुभाष चंद्र बोस जो नेता जी के नाम से भी जाने जाते हैं भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी तथा सबसे बड़े नेता थे द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजों के खिलाफ लड़ने के लिए उन्होंने जापानसेस और सहयोग जापान के सहयोग से आजाद हिंद फौज का गठन किया था उनके द्वारा दिया गया जय हिंद का नारा भारत का राष्ट्रीय नारा बन गया

subhash chandra bose jo neta ji ke naam se bhi jaane jaate hain bharat ke swatantrata sangram ke agranee tatha sabse bade neta the dwitiya vishwa yudh ke dauran angrejo ke khilaf ladane ke liye unhone japanses aur sahyog japan ke sahyog se azad hind fauj ka gathan kiya tha unke dwara diya gaya jai hind ka naara bharat ka rashtriya naara ban gaya

सुभाष चंद्र बोस जो नेता जी के नाम से भी जाने जाते हैं भारत के स्वतंत्रता संग्राम के अग्रणी

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सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी अट्ठारह 87 को उड़ीसा के कटक नगर में हुआ था एक समृद्ध परिवार में जन्मे थे अतः उनको शिक्षा में उच्च स्तर की एवं नवीन के अनुसार जिला गई उन्होंने 1983 में मिशन स्कूल से मैट्रिक परीक्षा पास करने में भी एक इच्छा थी कि उसके बाद इंग्लैंड जाकर आईसीएस परीक्षा उच्च अंकों में उत्तर तथा भारत आकर उच्च पद पर आसीन हो गए किंतु है ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विरुद्ध विद्रोह और आग धधक रही थी सुभाष चंद्र बोस एक महान देशभक्त थे वे राजनीति में कांग्रेस के कांग्रेस को 1929 के लाहौर अधिवेशन पंडित जवाहरलाल द्वारा प्रस्तुत पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव का समर्थन किया है वहीं अचानक विचार धारा उत्पन्न हुई और लाहौर अधिवेशन दिल बाहर निकले तो उन्होंने एक दल कांग्रेस प्रचार तंत्र का निर्माण के इसके बाद उन्होंने फॉरवर्ड ब्लॉक नामक एक अन्य दल की स्थापना की उन्होंने गांधीजी के स्वतंत्रता आंदोलन में भी भाग लिया किंतु उनके विचार एक दूसरे से बिल्कुल अलग होने के कारण गांधी से अलग फिर भी व्यक्तिगत रूप से सुभाष चंद्र गांधी जी को सम्मान करते थे इन दोनों में मुख्य अंतर साथ देकर नहीं साधनों का था गांधीजी शांतिपूर्ण तरीकों से स्वराज्य प्राप्त करना चाहते थे जबकि इस बार चंद्र बोस शांतिपूर्ण नीतियों से देश को आजाद कराना चाहते थे ब्रिटिश सरकार से सत्ता छीनने का प्रथम करना चाहिए किंतु इस समय कांग्रेस ने उनका साथ नहीं दिया और 1942 में कांग्रेस ने वही कार्य किया जिसकी योजना सुभाष चंद्र बोस ने 1930 में बनाई थी बदलकर भारत से बाहर चले गए और भूमिगत रहकर भारत को संत रतन स्वतंत्र कराने का प्रयत्न करते रहे उन्होंने एक सेना गणित की जिसका नाम उन्होंने आजाद हिंद फौज रखने का उद्देश्य भारत को परतंत्रता की बेड़ियों से मुक्त कराना था उसकी सेना के प्रधान सेनापति उनका उद्घोष तथा दिल्ली चलो सुभाष सुभाष बाबू ने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा था कि तुम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा सुभाष चंद्र बोस बोस की सेना अंग्रेजों से कई बार मोड़ चाहिए किंतु दुर्भाग्य से उन्हें विजयश्री प्राप्त ना हो सकी सरकार का गठन किया असफल रहे 1945 में दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई

subhash chandra bose ka janam 23 january attharah 87 ko odisha ke katak nagar mein hua tha ek samriddh parivar mein janme the atah unko shiksha mein ucch sthar ki evam naveen ke anusaar jila gayi unhone 1983 mein mission school se metric pariksha paas karne mein bhi ek iccha thi ki uske baad england jaakar ICS pariksha ucch ankon mein uttar tatha bharat aakar ucch pad par aaseen ho gaye kintu hai british shasan ke viruddh viruddh vidroh aur aag dhadhak rahi thi subhash chandra bose ek mahaan deshbhakt the ve raajneeti mein congress ke congress ko 1929 ke lahore adhiveshan pandit jawaharlal dwara prastut purn swaraj ka prastaav ka samarthan kiya hai wahi achanak vichar dhara utpann hui aur lahore adhiveshan dil bahar nikle toh unhone ek dal congress prachar tantra ka nirmaan ke iske baad unhone forward block namak ek anya dal ki sthapna ki unhone gandhiji ke swatantrata andolan mein bhi bhag liya kintu unke vichar ek dusre se bilkul alag hone ke karan gandhi se alag phir bhi vyaktigat roop se subhash chandra gandhi ji ko sammaan karte the in dono mein mukhya antar saath dekar nahi saadhano ka tha gandhiji shantipurna trikon se swarajya prapt karna chahte the jabki is baar chandra bose shantipurna nitiyon se desh ko azad krana chahte the british sarkar se satta chhinne ka pratham karna chahiye kintu is samay congress ne unka saath nahi diya aur 1942 mein congress ne wahi karya kiya jiski yojana subhash chandra bose ne 1930 mein banai thi badalkar bharat se bahar chale gaye aur bhumigat rahkar bharat ko sant ratan swatantra karane ka prayatn karte rahe unhone ek sena ganit ki jiska naam unhone azad hind fauj rakhne ka uddeshya bharat ko paratantrata ki bediyon se mukt krana tha uski sena ke pradhan senapati unka udghosh tatha delhi chalo subhash subhash babu ne sainikon ko sambodhit karte hue kaha tha ki tum mujhe khoon do main tumhe azadi dunga subhash chandra bose bose ki sena angrejo se kai baar mod chahiye kintu durbhagya se unhe vijayshri prapt na ho saki sarkar ka gathan kiya asafal rahe 1945 mein durghatna mein unki mrityu ho gayi

सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी अट्ठारह 87 को उड़ीसा के कटक नगर में हुआ था एक समृद्ध परिव

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Shorav

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नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 18 97 को उड़ीसा में कटक के एक संपन्न बंगाली परिवार में हुआ था बोस के पिता का नाम जानकीनाथ बोस और मां का नाम प्रभावती था जानकीनाथ बोस कटक शहर के मशहूर वकील थे सुभाष चंद्र उनकी नौवीं संतान और पांचवें बेटे थे

netaji subhash chandra bose ka janam 23 january 18 97 ko odisha me katak ke ek sampann bengali parivar me hua tha bose ke pita ka naam janakinath bose aur maa ka naam prabhavati tha janakinath bose katak shehar ke mashoor vakil the subhash chandra unki nauveen santan aur panchwe bete the

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 18 97 को उड़ीसा में कटक के एक संपन्न बंगाली परिवार

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सुभाष चंद्र बोस 23 जनवरी 1897 को 12:10 पीएम पर कटक उड़ीसा डिवीजन के अंदर पैदा हुए थे जो कि बंगाल कमेंट्स के अंदर आती थी और इनकी माता का नाम प्रभावती दत्त बोस और पिताजी का नाम जानकीनाथ बोस था और यह एक कायस्थ फैमिली से बिलॉन्ग करते थे और यह नए बच्चे थे अपने माता पिता के और 14 भाई बहन थे टोटल येलो और यह बहुत बड़े 1 फ्रीडम फाइटर थे इंडिपेंडेंस इंडियन इंडिपेंडेंस मूवमेंट में उन्होंने काफी भागीदारी दी थी

subhash chandra bose 23 january 1897 ko 12 10 pm par katak odisha division ke andar paida hue the jo ki bengal comments ke andar aati thi aur inki mata ka naam prabhavati dutt bose aur pitaji ka naam janakinath bose tha aur yah ek kaayasth family se Belong karte the aur yah naye bacche the apne mata pita ke aur 14 bhai behen the total yellow aur yah bahut bade 1 freedom fighter the Independence indian Independence movement mein unhone kaafi bhagidari di thi

सुभाष चंद्र बोस 23 जनवरी 1897 को 12:10 पीएम पर कटक उड़ीसा डिवीजन के अंदर पैदा हुए थे जो कि

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