मैं बहुत गरीब हूँ और मैं पढ़ना चाहता हूँ ऐसा क्या करूँ कि मेंरे पास पैसा भी रहे और पढ़ाई भी नहीं छोडनी पड़े?...


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आप गरीब हैं और पढ़ना चाहते हैं तो आपको अपने समाज अपने आसपास के लोगों से चर्चा करना चाहिए उन से ऋण लेकर उनके अलावा कुछ छोटे-बड़े काम करके ट्यूशन पढ़ा कर धन अर्जित करते हुए आपको अपनी पढ़ाई जारी रहना चाहिए अनेकानेक ऐसे महान लोग हुए हैं जिन्होंने बहुत गरीबी का सामना किया है 12 इतिहास में मैंने लोगों को पढ़ा है जो दिन में अकबर बेचा करते थे और पढ़ाई की मैंने खुद अपने जीवन में एक व्यक्ति को देखा था जिसने एक चपरासी की रूप में देखा सही शब्दों को तो दैनिक वेतन भोगी के रूप में उसने सेवा शुरू की और वह 8 घंटे मेहनत करता था गिरती चलाता चलाता था और जो आवश्यकता होती थी वह काम करता था उसके बावजूद उसने धीरे धीरे धीरे करके अपना काम करने के बाद बहुत बड़ा आदमी बना तो यह कुछ ज्यादा कठिन बात नहीं केवल आपको दृढ़ता के साथ काम करना होगा ऐसा बहुत बड़ी चीज नहीं आपको बहुत सारी ऐसे सामाजिक संस्थाएं मिल जाएंगे जाके मदद करें और कोशिश करें कि आप स्वालंबन की ओर ध्यान दें छोटे-मोटे काम कर सकते हैं फिर मैं आप कम पैसे में अपना दूजा ना करें पढ़ाई का ध्यान दें तो निश्चित रूप से आने वाले समय में आप एक महान व्यक्ति बनेंगे आपके अंदर के चित्र व्यक्तित्व को प्रणाम करते हुए अपनी वाणी को विराम देता हूं

aap garib hain aur padhna chahte hain toh aapko apne samaj apne aaspass ke logo se charcha karna chahiye un se rin lekar unke alava kuch chote bade kaam karke tuition padha kar dhan arjit karte hue aapko apni padhai jaari rehna chahiye anekanek aise mahaan log hue hain jinhone bahut garibi ka samana kiya hai 12 itihas me maine logo ko padha hai jo din me akbar becha karte the aur padhai ki maine khud apne jeevan me ek vyakti ko dekha tha jisne ek chaprasi ki roop me dekha sahi shabdon ko toh dainik vetan bhogi ke roop me usne seva shuru ki aur vaah 8 ghante mehnat karta tha girti chalata chalata tha aur jo avashyakta hoti thi vaah kaam karta tha uske bawajud usne dhire dhire dhire karke apna kaam karne ke baad bahut bada aadmi bana toh yah kuch zyada kathin baat nahi keval aapko dridhta ke saath kaam karna hoga aisa bahut badi cheez nahi aapko bahut saari aise samajik sansthayen mil jaenge jake madad kare aur koshish kare ki aap swalamban ki aur dhyan de chote mote kaam kar sakte hain phir main aap kam paise me apna dooja na kare padhai ka dhyan de toh nishchit roop se aane waale samay me aap ek mahaan vyakti banenge aapke andar ke chitra vyaktitva ko pranam karte hue apni vani ko viraam deta hoon

आप गरीब हैं और पढ़ना चाहते हैं तो आपको अपने समाज अपने आसपास के लोगों से चर्चा करना चाहिए उ

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