क्या हमारे बचपन के दोस्त जीवन भर हमारे साथ रहेंगे?...


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Mahjabeen Ali

RJ | Cook | TV Anchor | VO Artist

0:43

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिंदगी में इतने बदलाव आते हैं तो उतार चढ़ाव आते हैं वक्त बदल जाता है इंसान बदल जाते हैं आप जिस सिटी में रह रहे हैं वह बदल जाती है तो जरूरी नहीं है कि बचपन के दोस्त हमेशा आपके साथ रहे यह सारी चीजों के अलावा यह भी चीज हो सकती है कि वह बड़े होते होते तक हम अपने आप को इतना इग्नोर कर लेते हैं कि हमें यह समझ में भी आने लग जाता है कि शायद हमारा जो बचपन का दोस्त है वह हमें इतनी अच्छी तरीके से समझ नहीं पा रहा यह हर किसी के साथ नहीं होता है वही स्पेशल बात है परंतु प्रश्न पर डिपेंड करता है और यह भी हो सकता है कि दो-तीन साल पुराना आपका कोई दोस्त है वह जिंदगी भर का साथ निभाने जितना आपका अच्छा दोस्त हो गया बचपन का दोस्त है आपका आपका जिंदगी भर साथ शायद ना निभा पाए

zindagi mein itne badlav aate hain toh utar chadhav aate hain waqt badal jata hai insaan badal jaate hain aap jis city mein reh rahe hain vaah badal jaati hai toh zaroori nahi hai ki bachpan ke dost hamesha aapke saath rahe yah saree chijon ke alava yah bhi cheez ho sakti hai ki vaah bade hote hote tak hum apne aap ko itna ignore kar lete hain ki hamein yah samajh mein bhi aane lag jata hai ki shayad hamara jo bachpan ka dost hai vaah hamein itni achi tarike se samajh nahi paa raha yah har kisi ke saath nahi hota hai wahi special baat hai parantu prashna par depend karta hai aur yah bhi ho sakta hai ki do teen saal purana aapka koi dost hai vaah zindagi bhar ka saath nibhane jitna aapka accha dost ho gaya bachpan ka dost hai aapka aapka zindagi bhar saath shayad na nibha paye

जिंदगी में इतने बदलाव आते हैं तो उतार चढ़ाव आते हैं वक्त बदल जाता है इंसान बदल जाते हैं आप

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Ishita Seth

Obstinate Programmer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखे ही कहना तो बहुत ही मुश्किल है क्या अगर अखियां के बचपन के दोस्त जीवन भर आपका साथ रहेंगे या नहीं क्योंकि बहुत ज्यादा असर कम सांसद पर डिपेंड करता है यह डिपेंड करता है कि आपकी किस तरह के दोस्त है क्या वह बिल्कुल अच्छी तरीके के दोस्त हैं क्या मैं सच में आपको अपना दोस्त मानते हैं और असली ज्यादा से कम चांस डिपेंड करता है क्यों किया होता क्या है कि हम अपनी जिंदगी में बहुत सारे नए लोगों से मिलते हैं जैसे कि हम बचपन में पैदा हुए हमारे दोस्त बने हैं उसके बाद 10थ के बाद जो है क्लासेज लेट हो जाते हैं कुछ लोग अलग-अलग स्ट्रीम देते हैं उसमें हमें नए दोस्त मिलते हैं उसको जब कॉलेज जाते हुए क्लासेस लेट हो जाते हैं काफी सारे लोग तुम्हारे फ्रेंड से कॉलेज में होते हैं उस पर जॉब टाइम में तो यह बहुत ज्यादा है ट्रेन टूटने का टूटी सरगम शांति पर डिपेंड करता है पर हां यह है कि अगर आपका अपने बचपन के दोस्तों के साथ बहुत ज्यादा अच्छा कौन है आगरा करो कांटेक्ट में है और अब हर एक दुख एक दूसरे के सुख-दुख में साथ है तो यह बहुत है क्या आपका आपके जो बचपन के दोस्त आपके जीवन भर साथ रहे

dekhe hi kehna toh bahut hi mushkil hai kya agar akhiyan ke bachpan ke dost jeevan bhar aapka saath rahenge ya nahi kyonki bahut zyada asar kam saansad par depend karta hai yah depend karta hai ki aapki kis tarah ke dost hai kya vaah bilkul achi tarike ke dost kya main sach mein aapko apna dost maante hain aur asli zyada se kam chance depend karta hai kyon kiya hota kya hai ki hum apni zindagi mein bahut saare naye logo se milte hain jaise ki hum bachpan mein paida hue hamare dost bane hain uske baad th ke baad jo hai classes late ho jaate hain kuch log alag alag stream dete hain usme hamein naye dost milte hain usko jab college jaate hue classes late ho jaate hain kaafi saare log tumhare friend se college mein hote hain us par job time mein toh yah bahut zyada hai train tutne ka tuti sargam shanti par depend karta hai par haan yah hai ki agar aapka apne bachpan ke doston ke saath bahut zyada accha kaun hai agra karo Contact mein hai aur ab har ek dukh ek dusre ke sukh dukh mein saath hai toh yah bahut hai kya aapka aapke jo bachpan ke dost aapke jeevan bhar saath rahe

देखे ही कहना तो बहुत ही मुश्किल है क्या अगर अखियां के बचपन के दोस्त जीवन भर आपका साथ रहेंग

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हां मुझे लगता है कि हमारे बचपन के दोस्त जीवन भर साथ रहेंगे क्योंकि बचपन के दोस्तों की यह खासियत है कि वह हमें उस सब जानते हैं जब हम धीरे-धीरे डेवलप हो रहे होते हैं हमारी हमारी पर्सनालिटी डेवलप हो रही होती है और वह हमारे साथ उस वक्त होते जो शायद हमारे साथ बहुत लोग नहीं होते तो यह हो जाता है ना कि दोस्तों में हम उनके साथ बढ़ते हैं हम उनके साथ बहुत चीजें सीखते हैं वह पढ़ाई हो यार लाइट की जनरल बातें हो हम हम गिरना सीखते हैं उतना सीखते हैं और चोट लगती है तो वही साथ होते हमारे अच्छे बुरे पल हमारे साथ होते हैं तो यह बता कि कभी कबार ऐसा होता कि ब्लू कांटेक्ट में दम पर फिर भी अगर हम बहुत दिन तक कांटेक्ट में भी नहीं रहते पर जब भी आप मिलते हैं मुंबई से शुरू करते जहां पर हमने पिछली बात छोड़ा था कॉलेज के दोस्तों के साथ इतना ज्यादा नहीं होता पर बचपन के दोस्त होते जो हमारे घर के बाजू में रहते हैं या हमारे नर्सरी में होते हैं हमारे पहले दोस्त होते हैं वह हमारे बेस्ट फ्रेंड हो जाते तो उनका साथ होना क्योंकि वह में समझते हमारे उस टाइम से हमें जानते हैं इस टाइम से हम शायद खुद को पहचाने लगते तो बचपन के दोस्त जीवन भर साथ मुझे लगता है हमेशा रहते हो और और हमें रखना चाहिए हमारे साथ इंपॉर्टेंट पार्ट ऑफ लाइफ टाइम हमारे बहुत अच्छे से पहचानते तो हम साथ-साथ रहते हमारे

haan mujhe lagta hai ki hamare bachpan ke dost jeevan bhar saath rahenge kyonki bachpan ke doston ki yah khasiyat hai ki vaah hamein us sab jante hain jab hum dhire dhire develop ho rahe hote hain hamari hamari personality develop ho rahi hoti hai aur vaah hamare saath us waqt hote jo shayad hamare saath bahut log nahi hote toh yah ho jata hai na ki doston mein hum unke saath badhte hain hum unke saath bahut cheezen sikhate hain vaah padhai ho yaar light ki general batein ho hum hum girna sikhate hain utana sikhate hain aur chot lagti hai toh wahi saath hote hamare acche bure pal hamare saath hote hain toh yah bata ki kabhi kabar aisa hota ki blue Contact mein dum par phir bhi agar hum bahut din tak Contact mein bhi nahi rehte par jab bhi aap milte hain mumbai se shuru karte jaha par humne pichali baat choda tha college ke doston ke saath itna zyada nahi hota par bachpan ke dost hote jo hamare ghar ke baju mein rehte hain ya hamare nursery mein hote hain hamare pehle dost hote hain vaah hamare best friend ho jaate toh unka saath hona kyonki vaah mein samajhte hamare us time se hamein jante hain is time se hum shayad khud ko pehchane lagte toh bachpan ke dost jeevan bhar saath mujhe lagta hai hamesha rehte ho aur aur hamein rakhna chahiye hamare saath important part of life time hamare bahut acche se pehchante toh hum saath saath rehte hamare

हां मुझे लगता है कि हमारे बचपन के दोस्त जीवन भर साथ रहेंगे क्योंकि बचपन के दोस्तों की यह ख

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Hhhgnbhh

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए यहां जो आपके बचपन के दोस्तों में जीवन भर आपके साथ रहेंगे पर ऐसा नहीं होता कि आपका हर बचपन का दोस्त आपके साथ जीवन भर साथ रहता है गिने-चुने जो एक दो दोस्त होते हैं जो आपके बहुत ज्यादा करीबी 255 आप अपनी चड्डी बडी याद बहुत सकते हैं मैं आपके साथ हमेशा रहेंगे पर उसके अलावा जो आपके बाकी तो सोचा आप को धीरे-धीरे दिखेगा क्या आप का एक के बाद एक ग्रुप से कोंटेक्ट उतर जाएगा क्योंकि लोगों के साथ क्या होता है कि जिनके साथ आप लोग रहते हैं आप उन्हें अपनी प्रॉपर्टी सुनाना शुरू कर देते हैं तो आप लोगों के पास इतना समय नहीं होता क्या अपने स्कूल के दोस्तों को समय दे पाए ज्यादा तो इसलिए तो बचपन के दोस्त होते हैं वह धीरे-धीरे करके अलग हो जाते हैं फिर भी मुझे ऐसा लगता है कि जब बचपन के दो सारे कट्ठे मिलते हैं तो वहीं दोस्ती वापस आ जाती है वही पल याद आ जाते हैं पर अगर पुलिस क्लोज फ्रेंड तो क्लोज फ्रेंड आपके एक तू ही रहेंगे तो बचपन में आपके बहुत ज्यादा अच्छे फ्रेंड रहे हैं

dekhiye yahan jo aapke bachpan ke doston mein jeevan bhar aapke saath rahenge par aisa nahi hota ki aapka har bachpan ka dost aapke saath jeevan bhar saath rehta hai gine chune jo ek do dost hote hai jo aapke bahut zyada karibi 255 aap apni chaddee baadi yaad bahut sakte hai aapke saath hamesha rahenge par uske alava jo aapke baki toh socha aap ko dhire dhire dikhega kya aap ka ek ke baad ek group se contact utar jaega kyonki logo ke saath kya hota hai ki jinke saath aap log rehte hai aap unhe apni property sunana shuru kar dete hai toh aap logo ke paas itna samay nahi hota kya apne school ke doston ko samay de paye zyada toh isliye toh bachpan ke dost hote hai vaah dhire dhire karke alag ho jaate hai phir bhi mujhe aisa lagta hai ki jab bachpan ke do saare katthe milte hai toh wahi dosti wapas aa jaati hai wahi pal yaad aa jaate hai par agar police close friend toh close friend aapke ek tu hi rahenge toh bachpan mein aapke bahut zyada acche friend rahe hain

देखिए यहां जो आपके बचपन के दोस्तों में जीवन भर आपके साथ रहेंगे पर ऐसा नहीं होता कि आपका हर

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अरविंद जी आधी कि मुझे ऐसा लगता है कि हमारे बचपन के दोस्त होते हैं वह हमारे साथ शायद पूरी उम्र तक नहीं रह पाते और ऐसे में हमारे दोस्त की हमारी गलती नहीं होती आज चली यह सिचुएशन और शक्ल चांद जैसे हो जाते हैं कि यह प्रेक्टिकली पॉसिबल नहीं हो पाता और हर कोई एक जैसा नहीं होता है और जैसे मैं आपको मेरा एग्जाम पर देती हूं मेरी बचपन की फ्रेंड हुआ करती पर हम करीबन सेवंथ क्लास तक साथ में पड़े सेवंथ क्लास के बाद और मैं दूसरे शहर में आ गई क्योंकि पापा की ट्रांसफर हो गई उसके बाद में मेरे को डाक में नहीं रे बीच में फिर से कोंटेक्ट हुआ फिर अब वह चली गई चली गई मैं इधर रह गई तो वह डिस्टेंस बढ़ता गया और वह मुझसे कांटेक्ट में नहीं है हां वह मेरे WhatsApp लिस्ट में है Facebook फ्रेंड है इंतजाम पर है फोटोस पर कभी कभी लाइक कमेंट हो जाता है पर बस इतना ही से ज्यादा नहीं थोड़ा बचपन में 7:30 बता दे तो तभी तो समझ नहीं होती नारी जो पसंद नापसंद है वह हमें पता ही नहीं होती क्या है थोड़ा बड़े होते हैं अगर कॉलेज जाते हैं तो ड्रीम्स अलग अलग हो जाती है इस शहर बदल जाते हैं नए दोस्त मिल जाते हैं अपनी पसंद नापसंद समझ में आ जाती है और कई बार हमारे दोस्त से बात नहीं करती तो फिर वह 10 दिन बढ़ता जाता है और दूसरे कम होती जाती है लेकिन मैं कोशिश करूंगा कि मैं सेवंथ क्लास में यहां आई और जो दोस्त मुझे तब मिले और अब करीबन हमें 10 साल हो चुके हैं अब 89 साल हो चुके आंख खुली और वह अब तक मेरे दोस्त है और मैं रोज से बात करती हूं तो जरूरी नहीं है कि बचपन के दोस्त ही आपके सच्चे दोस्त हो सकते हैं आपको जो बाद में दोस्त मिलेंगे वह भी आपके बहुत से दोस्त हो सकते हैं

arvind ji aadhi ki mujhe aisa lagta hai ki hamare bachpan ke dost hote hain vaah hamare saath shayad puri umr tak nahi reh paate aur aise mein hamare dost ki hamari galti nahi hoti aaj chali yah situation aur shakl chand jaise ho jaate hain ki yah prektikali possible nahi ho pata aur har koi ek jaisa nahi hota hai aur jaise main aapko mera exam par deti hoon meri bachpan ki friend hua karti par hum kariban sevanth class tak saath mein pade sevanth class ke baad aur main dusre shehar mein aa gayi kyonki papa ki transfer ho gayi uske baad mein mere ko dak mein nahi ray beech mein phir se contact hua phir ab vaah chali gayi chali gayi main idhar reh gayi toh vaah distance badhta gaya aur vaah mujhse Contact mein nahi hai haan vaah mere WhatsApp list mein hai Facebook friend hai intajam par hai photoss par kabhi kabhi like comment ho jata hai par bus itna hi se zyada nahi thoda bachpan mein 7 30 bata de toh tabhi toh samajh nahi hoti nari jo pasand napasand hai vaah hamein pata hi nahi hoti kya hai thoda bade hote hain agar college jaate hain toh dreams alag alag ho jaati hai is shehar badal jaate hain naye dost mil jaate hain apni pasand napasand samajh mein aa jaati hai aur kai baar hamare dost se baat nahi karti toh phir vaah 10 din badhta jata hai aur dusre kam hoti jaati hai lekin main koshish karunga ki main sevanth class mein yahan I aur jo dost mujhe tab mile aur ab kariban hamein 10 saal ho chuke hain ab 89 saal ho chuke aankh khuli aur vaah ab tak mere dost hai aur main roj se baat karti hoon toh zaroori nahi hai ki bachpan ke dost hi aapke sacche dost ho sakte hain aapko jo baad mein dost milenge vaah bhi aapke bahut se dost ho sakte hain

अरविंद जी आधी कि मुझे ऐसा लगता है कि हमारे बचपन के दोस्त होते हैं वह हमारे साथ शायद पूरी उ

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Ridhima

Mass Communications Student

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अभी से यह कहना एकदम सॉलिड इसे तो बोल नहीं सकते की बचपन की दोस्त जीवन भर रहेंगे या नहीं क्योंकि यह दोनों जो आप और आपके बचपन के दोस्त दोनों को निभाने का निभाने की पावर पर रहता है अगर आप दोनों जिंदगी भर निभाएंगे तो ऑफिस लिए आपका फ्रेंड से फॉर स्ट्रांग बनेगा और अगर कुछ कठिनाइयां आए और अगर उसको आप उसके उसको भी आप अगर सॉल्व कर दिया और फिर भी रहे फ्रेंड फ्रेंड रहे तो ऑफिस से आपको फ्रेंडशिप सांग्स बन जाएगा पर बहुत बड़ा होता है कि बहुत यशस्वी टाइम की वजह से टाइम बिजी होने से या ब्लॉक की वजह से उसने कांटेक्ट में नहीं रहने से वह फ्रेंडशिप टूट जाता है टाइपिंग किए हर इंसान पर डिपेंड होता है अलग-अलग इंसान का व्यक्ति का व्यवहार अलग रहता है उसे हिंदी एंड उस पर डिपेंड होगा

abhi se yah kehna ekdam solid ise toh bol nahi sakte ki bachpan ki dost jeevan bhar rahenge ya nahi kyonki yah dono jo aap aur aapke bachpan ke dost dono ko nibhane ka nibhane ki power par rehta hai agar aap dono zindagi bhar nibhaenge toh office liye aapka friend se for strong banega aur agar kuch kathinaiyaan aaye aur agar usko aap uske usko bhi aap agar solve kar diya aur phir bhi rahe friend friend rahe toh office se aapko friendship songs ban jaega par bahut bada hota hai ki bahut yashashvi time ki wajah se time busy hone se ya block ki wajah se usne Contact mein nahi rehne se vaah friendship toot jata hai typing kiye har insaan par depend hota hai alag alag insaan ka vyakti ka vyavhar alag rehta hai use hindi and us par depend hoga

अभी से यह कहना एकदम सॉलिड इसे तो बोल नहीं सकते की बचपन की दोस्त जीवन भर रहेंगे या नहीं क्य

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