गरीब गरीब ही क्यों रहता है और अमीर अमीर होता है?...


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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

2:00

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गरीब गरीब क्यों रहता है अमीर अमीर क्यों हो रहा है उसके कुछ कारण नंबर एक तो गरीब लोगों ने आजकल गरीबी मानसिकता के कारण हमारे आलस के कारण है हमारी मूर्खता के कारण हैं नंबर 1 हम लोग बर्थडे पसंद नहीं करते हड्डी रक्षाबंधन सत्य भारतीय लोगों की अभी नई विशेषता फ्री है कि हार्डली वर्क के नाम से हरा दिया जी घबराता काम नहीं करना चाहता है फ्री कि खाना चाहता है कोई नौकरी मिल गया पहले तो यह प्रार्थना करते हैं कि भगवान ने मुझे नौकरी मिल जाए मेरी अभी के भेज से मैं कभी बेईमानी नहीं करूंगा मैं रिश्वतखोरी नहीं करूंगा लेकिन नौकरी प्राप्त करते हैं वह नंबर एक का राम को हो जाता है कोई सोता के वेतन तो मेरे पिता का है यह तारीख को लेना है मुझे लेकिन ऊपर का कोई देश के ऊपर कोई कमी नहीं सरकारी काम करना अपना समझते हैं और वह आराम से बैठे बात कर सकते हैं लेकिन थी कि हमारे देश के विकास में बाधक है यह हमारी और गरीबी का कारण है मनरेगा में सरकार ने सहायता करने का सोचा कि प्रत्येक व्यक्ति को रोजगार मिलेगा लेकिन इन लोगों ने राम कोरी के कारण जन लगाया जाता था 100 बच्चियों को और उसमें भी मेट घोटाला कर जाता पंजाबी को लगाया तो सरकार की मदद के अनुसार कार्य नहीं होता कारण बनती है कर जाती है आज बृज बनता है कब गिर जाता है क्या कारण था कि अंग्रेज और राजाओं के समय बने हुए ब्रिज और जो बिल्डिंग है वह हमारी सौ सौ साला डेढ़ साल की पुरानी अभी यहां पर भी हैं लेकिन अमीर आदमी पैसा लगाता लेकिन हार्डली वर्क पर अमीर बनता है कि जितने भी टाटा बिरला सफल आदमी है उन लोगों को देखो ही बटन से उठे हार्डली वर्क करके उठे मेहनत करके उठे और जबकि हम मेहनत से जी

garib garib kyon rehta hai amir amir kyon ho raha hai uske kuch kaaran number ek toh garib logo ne aajkal garibi mansikta ke kaaran hamare aalas ke kaaran hai hamari murkhta ke kaaran hain number 1 hum log birthday pasand nahi karte haddi rakshabandhan satya bharatiya logo ki abhi nayi visheshata free hai ki hard work ke naam se hara diya ji ghabrata kaam nahi karna chahta hai free ki khana chahta hai koi naukri mil gaya pehle toh yeh prarthna karte hain ki bhagwan ne mujhe naukri mil jaye meri abhi ke bhej se main kabhi baimani nahi karunga main rishvatkhori nahi karunga lekin naukri prapt karte hain wah number ek ka ram ko ho jata hai koi sota ke vetan toh mere pita ka hai yeh tarikh ko lena hai mujhe lekin upar ka koi desh ke upar koi kami nahi sarkari kaam karna apna samajhte hain aur wah aaram se baithe baat kar sakte hain lekin thi ki hamare desh ke vikas mein badhak hai yeh hamari aur garibi ka kaaran hai mgnrega mein sarkar ne sahayta karne ka socha ki pratyek vyakti ko rojgar milega lekin in logo ne ram kori ke kaaran jan lagaya jata tha 100 bacchiyo ko aur usme bhi mate ghotala kar jata punjabi ko lagaya toh sarkar ki madad ke anusaar karya nahi hota kaaran banti hai kar jati hai aaj bridge baata hai kab gir jata hai kya kaaran tha ki angrej aur rajao ke samay bane hue bridge aur jo building hai wah hamari sau sau sala dedh saal ki purani abhi yahan par bhi hain lekin amir aadmi paisa lagata lekin hard work par amir baata hai ki jitne bhi tata birala safal aadmi hai un logo ko dekho hi button se uthe hard work karke uthe mehnat karke uthe aur jabki hum mehnat se ji

गरीब गरीब क्यों रहता है अमीर अमीर क्यों हो रहा है उसके कुछ कारण नंबर एक तो गरीब लोगों ने आ

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ऐसा नहीं है कि गरीब गरीब ही रहता है और अमीर अमीर होता चला जाता है गरीब अपने मन से गरीब होता है कभी भी एक इंसान जो अपने पूर्ण जीवन में अच्छे कार्यों के सहित आगे बढ़ता है आलस्य को छोड़कर अपने काम को करता है वह गरीब नहीं रहता गरीब का मतलब यह नहीं होता कि सब धन धान्य से होने से अमीर होता है इंसान गरीब वह भी होता है जो आलस का मारा होता उसे गरीबी का गाना

aisa nahi hai ki garib garib hi rehta hai aur amir amir hota chala jata hai garib apne man se garib hota hai kabhi bhi ek insaan jo apne purn jeevan mein acche karyo ke sahit aage badhta hai aalasya ko chhodkar apne kaam ko karta hai vaah garib nahi rehta garib ka matlab yah nahi hota ki sab dhan dhanya se hone se amir hota hai insaan garib vaah bhi hota hai jo aalas ka mara hota use garibi ka gaana

ऐसा नहीं है कि गरीब गरीब ही रहता है और अमीर अमीर होता चला जाता है गरीब अपने मन से गरीब होत

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Gopal Srivastava

Acupressure Acupuncture Sujok Therapist

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गरीब आदमी के दिमाग में सब एक ही बात रहती है मैं गरीब हूं तो गरीबी क्यों हो गरीब ही रहो उसको यह नहीं सोचता कि ज्यादा उठना है मुझे आज के टाइम में बहुत से बच्चे ऐसे हैं जो अपने आप को उठाने की कोशिश कर रहे हैं जिनके मां बाप ठेला चलाते हैं रिक्शा चलाते हैं सब्जी बेचते हैं मजदूरी करते हैं वह बच्चे अपना बाप का नंबर नाम रोशन कर रही है तू चीज आपके साथ है ना काम करो लगन से काम करो देखो अभी अभी बन जाओगे वही दुकानदार जो है छोटा सा काम करता है उसका दुकान में समान बनाता रहता है बड़ा सा रहता है वह फिर उस दुकान में इतना समान हो जाता है उसके की हड्डी जान का समान हो जाता है इसी तरह आप भी थोड़ा काम करना शुरु करो धीरे-धीरे करके अपना काम बढ़ आओगे फिर से और बड़ा हो गया फिर सवाल पर आओगे आप ही अच्छे अमीर बन जाओगे

garib aadmi ke dimag mein sab ek hi baat rehti hai garib hoon toh garibi kyon ho garib hi raho usko yah nahi sochta ki zyada uthna hai mujhe aaj ke time mein bahut se bacche aise hai jo apne aap ko uthane ki koshish kar rahe hai jinke maa baap thela chalte hai riksha chalte hai sabzi bechte hai mazdoori karte hai vaah bacche apna baap ka number naam roshan kar rahi hai tu cheez aapke saath hai na kaam karo lagan se kaam karo dekho abhi abhi ban jaoge wahi dukaandar jo hai chota sa kaam karta hai uska dukaan mein saman banata rehta hai bada sa rehta hai vaah phir us dukaan mein itna saman ho jata hai uske ki haddi jaan ka saman ho jata hai isi tarah aap bhi thoda kaam karna shuru karo dhire dhire karke apna kaam badh aaoge phir se aur bada ho gaya phir sawaal par aaoge aap hi acche amir ban jaoge

गरीब आदमी के दिमाग में सब एक ही बात रहती है मैं गरीब हूं तो गरीबी क्यों हो गरीब ही रहो उसक

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Ajay Sinh Pawar

Founder & M.D. Of Radiant Group Of Industries

3:59
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गरीब मेहनत करते क्यों होंगे नहीं बन सकता और अमीर मेहनत ना करें तब भी वही रखता है लिखिए बात बिल्कुल गलत है गलत इंटरसेंसरी यह है हमेशा इंसान जिस घर में पैदा होता है वह अमीरगढ़ भी हो सकता है और गरीब गर्दी तक हो सकता है अमीर घर में पैदा होना या गरीब घर में पैदा होना वह कोई अपराध नहीं हमारे कंट्रोल में नहीं होता हम किस घर में पैदा होते हैं लेकिन जब हम अच्छे से शिक्षा पाकर और अगर हम गरीब घर में पैदा हुए तो हमें अच्छी शिक्षा प्राप्त करते खुद ही मेहनत करते और बुद्धि पूर्वक मेहनत करते हम अमीर बन सकते हैं उसके लिए हमें फिर से जी अपनानी चाहिए हम जब कमाने की शुरुआत करें बाल्यकाल से ही हो सके तो पार्ट टाइम जॉब करना चाहिए और घर के खर्चों में सहयोग करना चाहिए पढ़ाई मेहनत करनी चाहिए पढ़ाई में और अच्छी शिक्षा प्राप्त करनी चाहिए उसके बाद जब हम कमाई के चक्कर में जाए तब हमें दुखद है उन्हें कंट्रोल करने चाहिए और बचत करनी चाहिए और बचत को भी इन्वेस्ट करना चाहिए उसी तरह से कैपिटल बनती है उसी तरह से अमीर बना जाता है गरीब हमेशा गरीब नहीं रहता है और अमीर हमेशा अमीर नहीं रहता है अगर अमीर इंसान है वह मेहनत नहीं करता है लेकिन उसके में अगर कोई भी खराब आदतें हैं यानी कि कोई भी व्यसन है या महिला के साथ कोई गैरकानूनी संबंध जुआ खेलने की आदत है स्वामी हमेशा अमित नहीं रहता है वह गए जी की तरफ आगे बढ़ता है इसलिए हमेशा अमीर हो या गरीब हो इंसान को जागृत रहना चाहिए अपनी बुद्धि का सदुपयोग करना चाहिए और गरीब है उसे अमीर बनना ही चाहिए और अमीर है उसे काम कुछ न कुछ करते रहना चाहिए यह प्रवृत्ति सील रहना चाहिए और अपनी आर्थिक स्थिति का ध्यान रखना चाहिए उसे मेंटेन करना और कोई भी व्यसन या भारी जोशुआ बाजी और इस समय खराब आदतें नहीं अपनानी चाहिए तो ही वह अमीरी अपनी कायम रख सकते हैं हालांकि इंसान कोई भी हो अपनी सोच और अपने संस्कार से अमीर या गरीब होता है लेकिन आजकल लोग आर्थिक स्तर तो पैमाना बना चुके हैं इसलिए और जाने की तरह सभी को कम आना चाहिए नीति से और लिपि द्वारा कमाए गए धन लंबे समय तक काम आता है और सद्बुद्धि देता है इतना बुद्धि धन कमाने में लगता है उतनी बुद्धि धन को खर्च करने में लगानी चाहिए ताकि आप की स्थिति हमेशा बनी रहे और आध्यात्मिक सर जी अपना सही रखना चाहिए लोगों की जहां तक हो सके भलाई भी करनी चाहिए सब लोगों से ही मिलकर रहना चाहिए बहुत-बहुत शुभकामनाएं धन्यवाद

garib mehnat karte kyon honge nahi ban sakta aur amir mehnat na kare tab bhi wahi rakhta hai likhiye baat bilkul galat hai galat intarasensari yah hai hamesha insaan jis ghar mein paida hota hai vaah amiragadh bhi ho sakta hai aur garib gardi tak ho sakta hai amir ghar mein paida hona ya garib ghar mein paida hona vaah koi apradh nahi hamare control mein nahi hota hum kis ghar mein paida hote hain lekin jab hum acche se shiksha pakar aur agar hum garib ghar mein paida hue toh hamein achi shiksha prapt karte khud hi mehnat karte aur buddhi purvak mehnat karte hum amir ban sakte hain uske liye hamein phir se ji apanani chahiye hum jab kamane ki shuruat kare balyakal se hi ho sake toh part time job karna chahiye aur ghar ke kharchon mein sahyog karna chahiye padhai mehnat karni chahiye padhai mein aur achi shiksha prapt karni chahiye uske baad jab hum kamai ke chakkar mein jaaye tab hamein dukhad hai unhe control karne chahiye aur bachat karni chahiye aur bachat ko bhi invest karna chahiye usi tarah se capital banti hai usi tarah se amir bana jata hai garib hamesha garib nahi rehta hai aur amir hamesha amir nahi rehta hai agar amir insaan hai vaah mehnat nahi karta hai lekin uske mein agar koi bhi kharab aadatein hain yani ki koi bhi vyasan hai ya mahila ke saath koi gairkanuni sambandh jua khelne ki aadat hai swami hamesha amit nahi rehta hai vaah gaye ji ki taraf aage badhta hai isliye hamesha amir ho ya garib ho insaan ko jagrit rehna chahiye apni buddhi ka sadupyog karna chahiye aur garib hai use amir banna hi chahiye aur amir hai use kaam kuch na kuch karte rehna chahiye yah pravritti seal rehna chahiye aur apni aarthik sthiti ka dhyan rakhna chahiye use maintain karna aur koi bhi vyasan ya bhari joshua baazi aur is samay kharab aadatein nahi apanani chahiye toh hi vaah amiri apni kayam rakh sakte hain halaki insaan koi bhi ho apni soch aur apne sanskar se amir ya garib hota hai lekin aajkal log aarthik sthar toh paimaana bana chuke hain isliye aur jaane ki tarah sabhi ko kam aana chahiye niti se aur lipi dwara kamaye gaye dhan lambe samay tak kaam aata hai aur sadbuddhi deta hai itna buddhi dhan kamane mein lagta hai utani buddhi dhan ko kharch karne mein lagani chahiye taki aap ki sthiti hamesha bani rahe aur aadhyatmik sir ji apna sahi rakhna chahiye logo ki jaha tak ho sake bhalai bhi karni chahiye sab logo se hi milkar rehna chahiye bahut bahut subhkamnaayain dhanyavad

गरीब मेहनत करते क्यों होंगे नहीं बन सकता और अमीर मेहनत ना करें तब भी वही रखता है लिखिए बात

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देखो जी अमीर आदमी अमीर होता जा रहा है गरीब आदमी गई होता जा रहा है इसका कारण यह है कि अमीर आदमी कभी नॉर्मल लाइफ से ऊपर आया ही नहीं है उसकी जिंदगी का रोज का यही काम है कि ₹200 कमाना और परिवार में उड़ा देना इसे क्या होता है कि पैसा बचा पाता है ज्यादा और ना ही वह आगे की सोच पाता है कि नहीं सोचेगा तो अमीर कैसे बनेगा इसीलिए गरीब गरीब होता जा रहा है और अमीर अमीर होता जा रहा है बल्कि गरीब अगर किसी भी चीज़ में एक बार पैसा लगा दे और उसमें लॉस होता है जो दुबारा नहीं लगाएगा लेकिन अमीर आदमी अगर लगाता है तो वह लॉस होने के बाद फिर कोशिश करता है कि कहते हैं ना कि ऊपर वाले घर देर है अंधेर नहीं क्योंकि एक ना एक बार तो कामयाबी हाथ में आती है इसीलिए अमीर गरीब गरीब

dekho ji amir aadmi amir hota ja raha hai garib aadmi gayi hota ja raha hai iska karan yah hai ki amir aadmi kabhi normal life se upar aaya hi nahi hai uski zindagi ka roj ka yahi kaam hai ki Rs kamana aur parivar mein uda dena ise kya hota hai ki paisa bacha pata hai zyada aur na hi vaah aage ki soch pata hai ki nahi sochega toh amir kaise banega isliye garib garib hota ja raha hai aur amir amir hota ja raha hai balki garib agar kisi bhi cheez mein ek baar paisa laga de aur usme loss hota hai jo dubara nahi lagaega lekin amir aadmi agar lagaata hai toh vaah loss hone ke baad phir koshish karta hai ki kehte hain na ki upar waale ghar der hai andher nahi kyonki ek na ek baar toh kamyabi hath mein aati hai isliye amir garib garib

देखो जी अमीर आदमी अमीर होता जा रहा है गरीब आदमी गई होता जा रहा है इसका कारण यह है कि अमीर

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Ishita Seth

Obstinate Programmer

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लेकिन गरीब गरीब ही रहता है और अमीर और अमीर होता जा रहा है यह बहुत ही कड़वा सच है भारत का और इसका रीजन से रखी गई है कि जो गरीब लोग हैं उनको आखरी में पता नहीं है कि मैं क्या करें और अमीर बनने के लिए पैसे कमाने के लिए उनके पास इतने ज्यादा नॉलेज नहीं है उनके पास ऐसा कोई इंसान नहीं है जो उसको सही तरह से गाइड करें अगर अपने भाई से भी और नॉलेज लेने की आग कई गार्डन लेने की कोशिश करते हैं तो उन्हें ऐसे लोग मिलते हैं उनका अपना फायदा देखते हैं कि गरीब है उसको कुछ इतना हक नहीं है उसको पूछती नॉलेज नहीं है चलो फायदा उठाया जाए तो ऐसा क्या होता है जो अमीर लोग होते हैं वह गरीबों को और ज्यादा फायदा उठाते हैं और और अमीर हो जाते हैं और गरीब गरीब और ज्यादा गरीब हो जाते हैं और उनके साथी बहुत ही ज्यादा गलत चीज होती है और ऐसा सिर्फ इसलिए क्योंकि उनके पास ऐसा कुछ इतनी ज्यादा नॉलेज उनके पास कोई जरूरत नहीं है जिससे उनके पास ऐसी कोई चीज नहीं है जिससे उनके उनको पता चलेगा जैसे इंटरनेट लैपटॉप कंप्यूटर उनके बारे में Justdial आजकल इंटरनेट वगैरा के ऊपर हरे किसके इंफॉर्मेशन अवेलेबल है और वह चाहे तो वैसे ही सुनाने के लिए सकते हैं लेकिन मैं इतना गरीब है कि उनके पास इतने पैसे नहीं है कि मैं एयरपोर्ट पर 2 मिनट हो जाते हैं गरीब अमीरों से और उनको ऐसा लगता है कि अभी उनकी हेल्प कर रहे हैं पर एक खास होता क्या है कि अमीरों अपना फायदा देखते हैं मैं अगले का सोचते नहीं है तो इसलिए करीब करीब रहता है और अमीर और अमीर हो जाता है

lekin garib garib hi rehta hai aur amir aur amir hota ja raha hai yah bahut hi kadwa sach hai bharat ka aur iska reason se rakhi gayi hai ki jo garib log hain unko aakhri mein pata nahi hai ki main kya kare aur amir banne ke liye paise kamane ke liye unke paas itne zyada knowledge nahi hai unke paas aisa koi insaan nahi hai jo usko sahi tarah se guide kare agar apne bhai se bhi aur knowledge lene ki aag kai garden lene ki koshish karte hain toh unhe aise log milte hain unka apna fayda dekhte hain ki garib hai usko kuch itna haq nahi hai usko puchti knowledge nahi hai chalo fayda uthaya jaaye toh aisa kya hota hai jo amir log hote hain vaah garibon ko aur zyada fayda uthate hain aur aur amir ho jaate hain aur garib garib aur zyada garib ho jaate hain aur unke sathi bahut hi zyada galat cheez hoti hai aur aisa sirf isliye kyonki unke paas aisa kuch itni zyada knowledge unke paas koi zarurat nahi hai jisse unke paas aisi koi cheez nahi hai jisse unke unko pata chalega jaise internet laptop computer unke bare mein Justdial aajkal internet vagera ke upar hare kiske information available hai aur vaah chahen toh waise hi sunaane ke liye sakte hain lekin main itna garib hai ki unke paas itne paise nahi hai ki main airport par 2 minute ho jaate hain garib amiron se aur unko aisa lagta hai ki abhi unki help kar rahe hain par ek khaas hota kya hai ki amiron apna fayda dekhte hain main agle ka sochte nahi hai toh isliye kareeb kareeb rehta hai aur amir aur amir ho jata hai

लेकिन गरीब गरीब ही रहता है और अमीर और अमीर होता जा रहा है यह बहुत ही कड़वा सच है भारत का औ

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