उदारीकरण,निजीकरण और वैश्विकरण क्या है।?...


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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

1:59

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हमारा देश जब 1947 में आजाद हुआ था उस समय हमने ब्लू से कॉल मी को अपनाया कहते है ना दूध का जला छाछ को फूंक-फूंक कर पीता है बस वही बात है जब अंग्रेजों ने हम पर शासन किया तो हमने उन्हें बिजनेस करने की छूट दी और उन्होंने हमारी अर्थव्यवस्था पर पूरी तरह से कब्जा कर लिया और हमें गुलाम बना लिया यही प्रोसेस होती है किसी देश को गुलाम बनाने की के पहले उसकी अर्थव्यवस्था खत्म कर दी जाए 1990 के दशक तक भारत ने क्लोज इकोनॉमी अपनाए रखा इस क्लोज इकोनॉमी से हुआ यह कि भारत की स्वदेशी उद्योग तो तेजी से फले-फूले लेकिन भारत में डेवलपमेंट बहुत धीरे-धीरे हो गया सभी चीजें सरकार द्वारा बनाई जाती थी इसलिए सभी चीजें काफी महंगी होती थी इसके अलावा हर व्यक्ति को सुविधाएं नहीं मिल पाती थी जब 1990 में देश की स्थिति चरमरा गई थी उस समय देश के प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने मनमोहन सिंह जी जो हमारे वित्त मंत्री थे उनके साथ इस चीज के बारे में चर्चा कि हमारे देश में 1990 के बाद आपको याद होगा 1992 में पंचवटी योजना हेतु साल तक पंचवर्षीय योजना या वार्षिक योजना आई ही नहीं उस समय तक कंट्री दूसरे कंट्री से उधार मांगते रहे अमेरिका से भी काफी विवाद रहा बाद में अमेरिका ने मदद की और हमारे हमें विश्व बैंक के क्योंकि विश्व बैंक में उसका सबसे ज्यादा परसेंटेज रहता है तो विश्व बैंक से लोन दिलाने के लिए अमेरिका ने मदद की इसके एवज में उन्होंने काफी सारी चीजे हमसे मांगी जैसे इराक पर युद्ध करने के लिए अटैक करने के लिए भारतीय पक्षियों का इस्तेमाल करना आदि 1992 में यह पॉलिसी आई और हमने अपनी मार्केट को ओपन कर दिया तो पूरी दुनिया की नजर हमारे ऊपर पड़ी और उन्होंने देखा कि 80 करोड़ लोगों की जनसंख्या वाले देश में कोई विदेशी कंपनी है ही नहीं उसी समय पिज़्ज़ा हट को रीबॉक नाइक की बड़ी बड़ी कंपनी हमारी कंट्री में आना शुरू हो गई उन्होंने इतने बड़े मार्केट को देखा एफडीआई हुआ विदेशी इन्वेस्टमेंट हुआ जॉब्स बड़ी लोग बस रोजगार आया पैसा आया एकदम से डेवलपमेंट क्रांति शुरू हुआ और आज हमारे देश की स्थिति उस दिन के LPG नीति के कारण ही हुई है धन्यवाद

hamara desh jab 1947 mein azad hua tha us samay humne blue se call me ko apnaya kehte hai na doodh ka jala chhachh ko phoonk phoonk kar pita hai bus wahi BA at hai jab angrejo ne hum par shasan kiya toh humne unhe business karne ki chhut di aur unhone hamari arthavyavastha par puri tarah se kabza kar liya aur hamein gulam BA na liya yahi process hoti hai kisi desh ko gulam BA naane ki ke pehle uski arthavyavastha khatam kar di jaaye 1990 ke dashak tak bharat ne close economy apnaye rakha is close economy se hua yah ki bharat ki swadeshi udyog toh teji se fale fule lekin bharat mein development BA hut dhire dhire ho gaya sabhi cheezen sarkar dwara BA nai jaati thi isliye sabhi cheezen kaafi mehengi hoti thi iske alava har vyakti ko suvidhaen nahi mil pati thi jab 1990 mein desh ki sthiti charmara gayi thi us samay desh ke pradhanmantri pv narsimha rav ne manmohan Singh ji jo hamare vitt mantri the unke saath is cheez ke BA re mein charcha ki hamare desh mein 1990 ke BA ad aapko yaad hoga 1992 mein panchawati yojana hetu saal tak panchvarshiya yojana ya vaarshik yojana I hi nahi us samay tak country dusre country se udhaar mangate rahe america se bhi kaafi vivaad raha BA ad mein america ne madad ki aur hamare hamein vishwa BA nk ke kyonki vishwa BA nk mein uska sabse zyada percentage rehta hai toh vishwa BA nk se loan dilaane ke liye america ne madad ki iske evaj mein unhone kaafi saree chije humse maangi jaise iraq par yudh karne ke liye attack karne ke liye bharatiya pakshiyo ka istemal karna aadi 1992 mein yah policy I aur humne apni market ko open kar diya toh puri duniya ki nazar hamare upar padi aur unhone dekha ki 80 crore logo ki jansankhya waale desh mein koi videshi company hai hi nahi usi samay pizza hut ko reebok nike ki BA di BA di company hamari country mein aana shuru ho gayi unhone itne BA de market ko dekha IFDI hua videshi investment hua jobs BA di log bus rojgar aaya paisa aaya ekdam se development kranti shuru hua aur aaj hamare desh ki sthiti us din ke LPG niti ke karan hi hui hai dhanyavad

हमारा देश जब 1947 में आजाद हुआ था उस समय हमने ब्लू से कॉल मी को अपनाया कहते है ना दूध का ज

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