किसी रोग के लिए विशेषज्ञ के पास जाना चाहिए या नहीं यह कैसे तय किया जाए?...


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Dr. KRISHNA CHANDRA

Rehabilitation Psychologist

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ऐसे और सवाल
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Dr. Priya Shatanjib Jha

Psychologist|Counselor|Dentist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्ते दोस्तों मेरी रानी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सबको दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं देखिए अगर आपको कोई डिसीज है यानी कोई आपका कोई रोग हो गया है बीमार हो गए हो मानो आपको पेट में गड़बड़ है तो आपने अगर सजेशन को दिखाया है जो एमबीबीएस है और उन्होंने आपको कुछ दवाइयां लिखकर दिए हैं 5 दिन की तो उसके बाद भी आपको अगर राहत नहीं मिल रहा है तो आप स्पेशलिस्ट को दिखा सकते हो यानी विशेषज्ञ को आप दिखा सकते हैं और ऐसे ही मतलब आपको खुद से मालूम होना चाहिए कि आपको बेहतर लग रहा है यह जो 5 दिन का जो दवाई आपको फिजिशियन ने दिया था उससे आपको बेहतर लग रहा है कि नहीं लग रहा है अगर आपको ऐसा लग रहा है कि आपका जो जो रोग है वह बड़े ही जा रहा है कुछ कैसे इसमें ऐसा होता है कि एक-दो दिन बढ़ता है लेकिन फिर बाद में नीचे आ जाता है लेकिन अगर आपको ऐसा लग रहा है कि नहीं आपको तकलीफ और हो रहा है मतलब आप जेल नहीं सकते हो बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हो तो आपको स्पेशलिस्ट को जरूर दिखाना चाहिए डिले नहीं करना चाहिए इस प्रश्न के उत्तर आ के अलावा मैं आपको यह भी कहना चाहूंगी कि कभी भी सिर्फ डिस्क्रिप्शन मत कीजिए यानी कि खुद से दवाइयां मत लीजिए अगर आपको ऐसा लग रहा है कि आपको दुख रहा है जैसे मैं दांत के डॉक्टर भी हूं मैं साइकॉलजिस्ट भी हूं और मैं एक डेंटिस्ट भी हूं मैं दोनों में दोनों का पाठ किया है तो मैं मेरी केस में बोल देती हूं अगर मेरे बहुत सारे पेशेंट होते हैं जो कॉल करते हैं और यह कहते हैं कि डॉक्टर मुझे दांत में पेन हो रहा था हम आ रहे हैं आपके पास दिखाने के लिए लेकिन मैंने 2 दिन पहले यह दवाई ले लिया था तो मैं यह सोचती हूं कि आपको यह लेने के लिए किसने कहा था तब मैंने तो नहीं कहा आपको या आप को घर में किसी ने कह दिया है और बेसिकली जिस को यह बात मालूम नहीं है कि कोई दवाई किस कारण वर्ष लेना है तो बिना कोई जानकारी खुद से दवाई नहीं लेनी चाहिए क्योंकि उसके साइड इफेक्ट हो सकते हैं तो यह सारी चीजें आपको दिमाग में रखकर चलनी चाहिए थैंक यू

namaste doston meri rani doctor priya jha ke taraf se aap sabko din ki bahut saree subhkamnaayain dekhiye agar aapko koi disease hai yani koi aapka koi rog ho gaya hai bimar ho gaye ho maano aapko pet mein gadbad hai toh aapne agar suggestion ko dikhaya hai jo MBBS hai aur unhone aapko kuch davaiyan likhkar diye hai 5 din ki toh uske baad bhi aapko agar rahat nahi mil raha hai toh aap specialist ko dikha sakte ho yani visheshagya ko aap dikha sakte hai aur aise hi matlab aapko khud se maloom hona chahiye ki aapko behtar lag raha hai yah jo 5 din ka jo dawai aapko physican ne diya tha usse aapko behtar lag raha hai ki nahi lag raha hai agar aapko aisa lag raha hai ki aapka jo jo rog hai vaah bade hi ja raha hai kuch kaise isme aisa hota hai ki ek do din badhta hai lekin phir baad mein niche aa jata hai lekin agar aapko aisa lag raha hai ki nahi aapko takleef aur ho raha hai matlab aap jail nahi sakte ho bardaasht nahi kar paa rahe ho toh aapko specialist ko zaroor dikhana chahiye delay nahi karna chahiye is prashna ke uttar aa ke alava main aapko yah bhi kehna chahungi ki kabhi bhi sirf description mat kijiye yani ki khud se davaiyan mat lijiye agar aapko aisa lag raha hai ki aapko dukh raha hai jaise main dant ke doctor bhi hoon main psychologist bhi hoon aur main ek dentist bhi hoon main dono mein dono ka path kiya hai toh main meri case mein bol deti hoon agar mere bahut saare patient hote hai jo call karte hai aur yah kehte hai ki doctor mujhe dant mein pen ho raha tha hum aa rahe hai aapke paas dikhane ke liye lekin maine 2 din pehle yah dawai le liya tha toh main yah sochti hoon ki aapko yah lene ke liye kisne kaha tha tab maine toh nahi kaha aapko ya aap ko ghar mein kisi ne keh diya hai aur basically jis ko yah baat maloom nahi hai ki koi dawai kis karan varsh lena hai toh bina koi jaankari khud se dawai nahi leni chahiye kyonki uske side effect ho sakte hai toh yah saree cheezen aapko dimag mein rakhakar chalni chahiye thank you

नमस्ते दोस्तों मेरी रानी डॉक्टर प्रिया झा के तरफ से आप सबको दिन की बहुत सारी शुभकामनाएं दे

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ganesh pazi

Motivator

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे पहले तो आप स्वयं यह देखिए हीरो है क्या किस प्रकार का है किसी खास समय में उभरता अक्सर रहता है पहले खुद डायग्नोसिस करिए आपको समस्या कर समझ में आती है तो खान पहुंची उसका उपचार करने की चेष्टा करिए उसके बावजूद अगर आपको समझ में नहीं आता है तो विशेषज्ञ के पास जाइए विशेषज्ञ के पास जाने से पहले आपको अच्छे से समझ में आता है कोई कितने दिनों रहती है किस मौसम में होती है की जगह पर होती है उससे क्या-क्या एक्सपेक्ट होता है कि आपको समझ में आ जाएगा अपना ध्यान खुद करिए जब अच्छे से ध्यान हो जाए तो उसके हिसाब से फिर किसी विशेषज्ञ के पास जाना चाहिए और जरूर जाना चाहिए

sabse pehle toh aap swayam yah dekhiye hero hai kya kis prakar ka hai kisi khaas samay mein ubharata aksar rehta hai pehle khud diagnosis kariye aapko samasya kar samajh mein aati hai toh khan pahuchi uska upchaar karne ki cheshta kariye uske bawajud agar aapko samajh mein nahi aata hai toh visheshagya ke paas jaiye visheshagya ke paas jaane se pehle aapko acche se samajh mein aata hai koi kitne dino rehti hai kis mausam mein hoti hai ki jagah par hoti hai usse kya kya expect hota hai ki aapko samajh mein aa jaega apna dhyan khud kariye jab acche se dhyan ho jaaye toh uske hisab se phir kisi visheshagya ke paas jana chahiye aur zaroor jana chahiye

सबसे पहले तो आप स्वयं यह देखिए हीरो है क्या किस प्रकार का है किसी खास समय में उभरता अक

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Chaina Karmakar

Spiritual Healer & Life Coach

1:58
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसी रोग के लिए विशेषज्ञ के पास जाने में कोई बुराई नहीं है प्रॉब्लम तब आती है जब आप फियर से ऑपरेट होते हैं और इसलिए जो है धीरे-धीरे बनने लगता है तो छोटी-छोटी चीज के लिए आप डॉक्टर के पास जाने लगते हैं छोटी सी प्रॉब्लम जुकाम भी सीख भी देते हैं आपको लगता है अरे डॉक्टर के पास चले जाएं इस नॉट गुड आप को बुखार हुआ कीजिए जुकाम हुआ नाक से पानी बह रहा है कि जो रिलीज होने दीजिए खाना मसाला वाला खा लिया तो मीटिंग हो गया लूज मोशन हो गया तब तुरंत क्या करते हैं दवाई खा लेते हैं मत कीजिए जो टॉक्सिक अंदर दब जाएगा एनएसएस ज्वाइन अंदर दब जाते हैं उसको बाहर निकलने दीजिए बॉडी इज वेरी इंटेलिजेंट और इसको पता है कि पक्षी को बाहर कैसे सीखना है तू लूज मोशन के थ्रू कभी मीटिंग के बाहर शुरू कर देता है दवाई खाकर उसको बंद मत कीजिए कि उस वक्त जो है ज्यादा से ज्यादा पानी पीजिए छोटी छोटी चीजों के लिए डॉक्टर के पास जाना आपके अंदर के डर को बताता है हां डायग्नोसिस अगर बहुत दिन तक कुछ बीमारी रुक जाती एग्जांपल बुखार तीन-चार दिन से ज्यादा नहीं उतर रहे पशु डॉक्टर के पास जाए और करवाया की एक साथ इतने सारे एंटीबायोटिक्स की गोली खा ले बेटर है ऑप्शन में प्रिकॉशन

kisi rog ke liye visheshagya ke paas jaane mein koi burayi nahi hai problem tab aati hai jab aap fear se operate hote hain aur isliye jo hai dhire dhire banne lagta hai toh choti choti cheez ke liye aap doctor ke paas jaane lagte hain choti si problem zukam bhi seekh bhi dete hain aapko lagta hai are doctor ke paas chale jayen is not good aap ko bukhar hua kijiye zukam hua nak se paani wah raha hai ki jo release hone dijiye khana masala vala kha liya toh meeting ho gaya loose motion ho gaya tab turant kya karte hain dawai kha lete hain mat kijiye jo toxic andar dab jaega NSS join andar dab jaate hain usko bahar nikalne dijiye body is very Intelligent aur isko pata hai ki pakshi ko bahar kaise sikhna hai tu loose motion ke through kabhi meeting ke bahar shuru kar deta hai dawai khakar usko band mat kijiye ki us waqt jo hai zyada se zyada paani PGA choti choti chijon ke liye doctor ke paas jana aapke andar ke dar ko batata hai haan diagnosis agar bahut din tak kuch bimari ruk jaati example bukhar teen char din se zyada nahi utar rahe pashu doctor ke paas jaaye aur karvaya ki ek saath itne saare entibayotiks ki goli kha le better hai option mein precaution

किसी रोग के लिए विशेषज्ञ के पास जाने में कोई बुराई नहीं है प्रॉब्लम तब आती है जब आप फियर स

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Dr. Jitubhai Shah

Friend, Philosopher and Guide

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

किसी रोग के लिए विशेषण के पास जाना चाहिए या नहीं इस पर डिपेंड करते हैं कि किस प्रकार का डिसीजन लोगों किसी को बात करते करते स्ट्रोक आ गया पैरालिसिस कैसे दिखती है अगर किसी को इमीडीएटली चेस्ट पेन हो गया बहुत लंबे समय से एक-दो दिन से तो उसने नहीं पास किया ऐसी कोई बीमारी है तो हमको फैमिली फिजिशियन के लिए समय नहीं बर्बाद करना चाहिए म्यूजिक लिओन के एक्सपर्ट के पास चले जाना चाहिए क्योंकि शुरू के 24 टू 70 अवर्स बहुत इंपॉर्टेंट होते हैं जितनी जल्दी वहां पर पहुंच जाएंगे इतनी जल्दी ही उनको सरवर मिलेगी और उनका अच्छा होना क चांसेस बहुत बढ़ जाएगा तो मेरे ख्याल से विशेषज्ञ के पास जाने में जरा भी देरी नहीं करनी चाहिए आपके मन में पहले से तय भी होना चाहिए कि अगर घर में इस प्रकार की बीमारी आएगी तो कौन से डॉक्टर के पास जाना है वह माइंड में जितनी क्लेरिटी होगी और जितनी जल्दी आप पहुंच जाएंगे इतनी जल्दी जरूर आना बाय थैंक यू

kisi rog ke liye visheshan ke paas jana chahiye ya nahi is par depend karte hain ki kis prakar ka decision logo kisi ko baat karte karte stroke aa gaya paralysis kaise dikhti hai agar kisi ko imidietali chest pen ho gaya bahut lambe samay se ek do din se toh usne nahi paas kiya aisi koi bimari hai toh hamko family physican ke liye samay nahi barbad karna chahiye music leon ke expert ke paas chale jana chahiye kyonki shuru ke 24 to 70 hours bahut important hote hain jitni jaldi wahan par pohch jaenge itni jaldi hi unko server milegi aur unka accha hona k chances bahut badh jaega toh mere khayal se visheshagya ke paas jaane mein zara bhi deri nahi karni chahiye aapke man mein pehle se tay bhi hona chahiye ki agar ghar mein is prakar ki bimari aayegi toh kaunsi doctor ke paas jana hai vaah mind mein jitni kleriti hogi aur jitni jaldi aap pohch jaenge itni jaldi zaroor aana bye thank you

किसी रोग के लिए विशेषण के पास जाना चाहिए या नहीं इस पर डिपेंड करते हैं कि किस प्रकार का डि

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