क्या महिला पुरुष से ज़्यादा अच्छी बॉस होती हैं?...


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Dr.Santosh Adil

Motivational Speaker & Career Counselor

1:18

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह बिल्कुल सब्जेक्टिव बेटा है कि आप कोई महिला बहुत अच्छी बॉस हो सकती है या पुरुष बहुत अच्छे बहुत हो सकते हैं क्योंकि यह एब्सलूट दम नहीं है यह रिलेटिव टाइम है और रिलेटिव किस से कोंटेक्ट में हम जब अच्छे की बात करते हैं तो हम बात करते हैं उसके कांटेक्ट में जो थोड़ा बुरे हैं क्योंकि अगर कोई बुरे होंगे नहीं हर इंसान एकदम परफेक्ट और एकदम एक जैसे में तो हम ही आईडेंटिफाई कर ही नहीं पाएंगे कि दिस वन इज बैड ऑडिशन इस गुड सोचना पड़ेगा कि इसमें अच्छा या बुरा कुछ भी नहीं है डिप्रेशन को हैंडल कर रहे हैं कैसे हैं आपके अंदर की क्वालिटी क्या है अब सोसाइटी में जब देखेंगे तो कई सारे ऐसे दिखेंगे कई सारे मेल को देखेंगे तो अच्छे बहुत कभी नहीं रहे हैं बड़े-बड़े पोस्ट में भी और अपनी ऑर्गनाइजेशन का नाम खराब किए हैं लेकिन कई वहां वैसे भी देखे हैं देखेंगे जो पूरे ऑर्गनाइजेशन का नाम रोशन के बहुत शानदार काम किए हैं यही कौन से अप्लाई होता है फीमेल में फीमेल देखेंगे कि पूरे दुनिया में अपने डंका बजाय हुई है लेकिन खराब की है ऐसा ही डिपेंड करता है कि किस अधिवेशन में कितनी कैपेबिलिटी के साथ में उस चीज को हैंडल कर रही है

yah bilkul subjective beta hai ki aap koi mahila bahut achi boss ho sakti hai ya purush bahut acche bahut ho sakte hain kyonki yah absolute dum nahi hai yah relative time hai aur relative kis se contact mein hum jab acche ki baat karte hain toh hum baat karte hain uske Contact mein jo thoda bure hain kyonki agar koi bure honge nahi har insaan ekdam perfect aur ekdam ek jaise mein toh hum hi aidentifai kar hi nahi payenge ki this van is bad audition is good sochna padega ki isme accha ya bura kuch bhi nahi hai depression ko handle kar rahe hain kaise hain aapke andar ki quality kya hai ab society mein jab dekhenge toh kai saare aise dikhenge kai saare male ko dekhenge toh acche bahut kabhi nahi rahe hain bade bade post mein bhi aur apni organisation ka naam kharab kiye hain lekin kai wahan waise bhi dekhe hain dekhenge jo poore organisation ka naam roshan ke bahut shandar kaam kiye hain yahi kaunsi apply hota hai female mein female dekhenge ki poore duniya mein apne danka bajay hui hai lekin kharab ki hai aisa hi depend karta hai ki kis adhiveshan mein kitni capability ke saath mein us cheez ko handle kar rahi hai

यह बिल्कुल सब्जेक्टिव बेटा है कि आप कोई महिला बहुत अच्छी बॉस हो सकती है या पुरुष बहुत अच्छ

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Rahul kumar

Junior Volunteer

0:42
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्या महिलाएं पुरुष ज्यादा अच्छी पोस्ट हो सकती हो कि हो सकती इसमें कोई दो राय नहीं है कि महिलाएं ज्यादा अच्छी बॉस हो सकती है महिलाओं ने हर साल में अपनी काबिलियत जो है सबकी है चाहे वह चौक की फिल्में हो या घरेलू काम में हो हमेशा से अच्छी रही है और जातक बॉस की बात हो तो मैं एडमिन भी काफी अच्छी तरीके से वह कर सकती हो करती है तू यह हर एक मनुष्य के लिए नहीं होता है कुछ महिलाएं अच्छी है कुछ मेरा अच्छी तेजी से मैं उम्मीद कर पाती हैं अच्छी बॉस्को सकती है उसे से पूछ भी अच्छे वर्षों से तो इसे हम कम पे करना ठीक नहीं होगा स्किल सेट क्यों सर से जो है महिलाएं कोई भी मैंने अच्छी है या उतनी अच्छी नहीं है

kya mahilaye purush zyada achi post ho sakti ho ki ho sakti isme koi do rai nahi hai ki mahilaye zyada achi boss ho sakti hai mahilaon ne har saal mein apni kabiliyat jo hai sabki hai chahen vaah chauk ki filme ho ya gharelu kaam mein ho hamesha se achi rahi hai aur jatak boss ki baat ho toh main admin bhi kaafi achi tarike se vaah kar sakti ho karti hai tu yah har ek manushya ke liye nahi hota hai kuch mahilaye achi hai kuch mera achi teji se main ummid kar pati hain achi basko sakti hai use se puch bhi acche varshon se toh ise hum kam pe karna theek nahi hoga skill set kyon sir se jo hai mahilaye koi bhi maine achi hai ya utani achi nahi hai

क्या महिलाएं पुरुष ज्यादा अच्छी पोस्ट हो सकती हो कि हो सकती इसमें कोई दो राय नहीं है कि मह

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vedprakash singh

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अब बस वाले के महिला पुरुष से ज्यादा अच्छी बात होती है बात सही है महिलाएं पुरुष से अच्छा बॉस होती क्योंकि महिलाओं को एक तो उन्हें सेक्स से आजादी हो जाती है उन चीजों को गलत नहीं मानते हैं और दूसरा और जोक कॉमेडी इन चीजों को सुन लेता है सेक्स करवाते भी सुन लेता है और जितने भी माला के बगैर होते हैं उनको वह देवर की नजर से देखते हैं और जैसे बड़े होते हैं उनको एक अलग रिस्पेक्ट देते हैं किसी को भाई का किसी शो प्रेम भी करती रहती है वही पति के जैसे तो या फिर और जी यह तो एक सादिक मामला इनमें भी कोई गलत कहने की बात नहीं है क्योंकि ऐसा होता है नेचुरल थी नहीं तो या फिर मेला है त्याग भी कर सकते हैं जिससे कि फैंस के गुण थी उसमें इनके लिए एक महिला जो है वह लीडरशिप बनने के लिए बहुत है क्योंकि लव का सर्च मेनका जी होता है वह सोचते कि हर्ष बावलीटर्ड बने 1 लीटर वाली हॉलीडे बनने के लिए उसे यदि कोई पंचायत करें तो वह उसकी तरफ जाते हो तो इसमें महिला बॉस बॉस बॉस की तुलना में चौथे और वह सब की बातें प्रेम से सुनती है क्योंकि महिला सरकार तथा महिला ने जो कोई नहीं ला पाए उसे और 30 कमेंट से सोचती है और जाता तो यह देखा गया कि मेला बॉस को जाते लोग सोचते हैं क्योंकि एक मिला बहुत अलग-अलग स्टोर से जाना जाता है लेकिन एक पुरुष बस इतना नहीं जितना मेलावास

ab bus waale ke mahila purush se zyada achi baat hoti hai baat sahi hai mahilaye purush se accha boss hoti kyonki mahilaon ko ek toh unhe sex se azadi ho jaati hai un chijon ko galat nahi maante hain aur doosra aur joke comedy in chijon ko sun leta hai sex karwaate bhi sun leta hai aur jitne bhi mala ke bagair hote hain unko vaah devar ki nazar se dekhte hain aur jaise bade hote hain unko ek alag respect dete hain kisi ko bhai ka kisi show prem bhi karti rehti hai wahi pati ke jaise toh ya phir aur ji yah toh ek sadik maamla inme bhi koi galat kehne ki baat nahi hai kyonki aisa hota hai natural thi nahi toh ya phir mela hai tyag bhi kar sakte hain jisse ki fans ke gun thi usme inke liye ek mahila jo hai vaah leadership banne ke liye bahut hai kyonki love ka search menaka ji hota hai vaah sochte ki harsh bavalitard bane 1 litre wali halide banne ke liye use yadi koi panchayat kare toh vaah uski taraf jaate ho toh isme mahila boss boss boss ki tulna mein chauthe aur vaah sab ki batein prem se sunti hai kyonki mahila sarkar tatha mahila ne jo koi nahi la paye use aur 30 comment se sochti hai aur jata toh yah dekha gaya ki mela boss ko jaate log sochte hain kyonki ek mila bahut alag alag store se jana jata hai lekin ek purush bus itna nahi jitna melavas

अब बस वाले के महिला पुरुष से ज्यादा अच्छी बात होती है बात सही है महिलाएं पुरुष से अच्छा बॉ

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