कुछ भारतीयों अमरीका से छोटी यात्रा के बाद अमेरिका की एक्सेंट से क्यों बात करते है?...


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Abhishek Sharma

Forest Range Officer, MP

1:25

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

इसका सीधा को स्पष्ट उत्तर यह है कि केवल दिखावे के लिए एक बात बताइए अगर आप 2 महीने के लिए अपने गृह प्रदेश से दूसरे प्रदेश चले जाएंगे तो क्या आप उस दर्द गले की भाषा बोलने की क्या या उस तरीके से भाषा भाषा बोलने की क्या या अगर आप बहुत टाइम से साउथ इंडिया की तरफ खाना खाते हाथों से और आपको केवल 4 दिन के लिए चम्मच पकड़ा दिया तो आप चम्मच से खाना खाया क्या नहीं खाया नहीं है बट अच्छी है लेकिन नहीं खा पाएंगे क्योंकि आपकी जो जन्मजात है बेटा उसके साथ आप 20 साल 30 साल 40 साल से कंट्रीब्यूशन में हो और आप ने जो अभी 4 दिन में सीसीटीवी वह चीज आप नहीं कर सकते अमेरिका जाकर आप लोगों को यह दिखाने की कोशिश करते हो कि मैं अमेरिका जा सकता हूं यह चीज 1991 तक अच्छी थी क्योंकि उस समय तक लिमिटेड लोग अमेरिका जाते तेरी गली से नहीं था बाहर की चीजें इंडिया में आती नहीं थी तो उस समय की चीजें अच्छी थी अब अगर कोई ऐसे बोलता है कि मैं अमेरिका जाऊंगा मैं सिंगापुर गया हूं बहुत हल्की सी बात है और मुझे लगता है लोग समाज का मजाक उड़ाता है क्योंकि अब कोई भी जाने में सक्षम है स्टूडेंट पढ़ाई करने के लिए बाहर जा रहे हैं यहां तक कि किसान लोग भी अपनी कभी कभी घूमने के लिए और फॉरेन जाते हुए पेपर में आया था कि किसानों ने पिछले साल करीबन 50000 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था विदेश यात्राओं के लिए तो मुझे लगता है कि केवल यह केवल और केवल समाज में अपने आप को ऊंचा दिखाने की कोशिश करने के लिए होता जबकि सही बात यह है कि इस से कोई मतलब नहीं है केवल दिखावा पढ़ने और कुछ नहीं धन्यवाद

iska seedha ko spasht uttar yah hai ki keval dikhaave ke liye ek baat bataye agar aap 2 mahine ke liye apne grah pradesh se dusre pradesh chale jaenge toh kya aap us dard gale ki bhasha bolne ki kya ya us tarike se bhasha bhasha bolne ki kya ya agar aap bahut time se south india ki taraf khana khate hathon se aur aapko keval 4 din ke liye chammach pakada diya toh aap chammach se khana khaya kya nahi khaya nahi hai but achi hai lekin nahi kha payenge kyonki aapki jo janmajat hai beta uske saath aap 20 saal 30 saal 40 saal se kantribyushan mein ho aur aap ne jo abhi 4 din mein cctv vaah cheez aap nahi kar sakte america jaakar aap logo ko yah dikhane ki koshish karte ho ki main america ja sakta hoon yah cheez 1991 tak achi thi kyonki us samay tak limited log america jaate teri gali se nahi tha bahar ki cheezen india mein aati nahi thi toh us samay ki cheezen achi thi ab agar koi aise bolta hai ki main america jaunga main singapore gaya hoon bahut halki si baat hai aur mujhe lagta hai log samaj ka mazak udata hai kyonki ab koi bhi jaane mein saksham hai student padhai karne ke liye bahar ja rahe hain yahan tak ki kisan log bhi apni kabhi kabhi ghoomne ke liye aur foreign jaate hue paper mein aaya tha ki kisano ne pichle saal kariban 50000 kisano ne registration karaya tha videsh yatraon ke liye toh mujhe lagta hai ki keval yah keval aur keval samaj mein apne aap ko uncha dikhane ki koshish karne ke liye hota jabki sahi baat yah hai ki is se koi matlab nahi hai keval dikhawa padhne aur kuch nahi dhanyavad

इसका सीधा को स्पष्ट उत्तर यह है कि केवल दिखावे के लिए एक बात बताइए अगर आप 2 महीने के लिए अ

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Ekta

Researcher and Writer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

Jigar देखा जाए तो भारतीयों का जो इंग्लिश बोलने का संधि और अमेरिका का बिल्कुल ही अलग है कुछ भारतीय अमेरिका जाने के बाद ऐसा बोलने लगते हैं कि भले ही बुरा लगे आपको लेकिन यह सच बात है वह दिखाना चाहते हैं ताकि वह दूसरे देश से होकर आए हैं और वह ऐसे बात कर रहे हैं पता चले कि नहीं हम कुछ है ऐसा दिखाना गलत है पर यह भी हो सकता है कि उस कुछ ही समय में अगर वह पहले से ही कुछ आसन को जानते हो और उस समय में उन्होंने पैसे को बहुत इंप्रूव कर लिया हो तो वह ऐसा बोलने सही है लेकिन अगर ऐसे ही सामान्य बात की जाएगी अधिकतर भारतीय अमेरिका जाने के बाद अपनी असीम को चेंज कर लेते तो यह उन्हें नहीं करना चाहिए ऐसा क्योंकि उनकी मरा ली थी या फिर वही दिखाता की कितनी आप ज्यादा ढोलक कर गया हुआ को जानने के बाद यह दिखाता है कि आपकी थिंकिंग कितनी अभी भी कम है जबकि आप एक फॉरेन कंट्री जो इतनी डेवलपर्स को विजिट कर चुके हो तो हमारी मातृभाषा जो है उसे कभी भी कम नहीं समझना चाहिए क्योंकि हम ऐसे हैं जो अपने मदर टंग को जाने के बाद दूसरे लैंग्वेज इसको जानते हैं उनके पास वह बिल्टी बहुत कम है जो कि हमारे पास है तो अपनी भाषा को नीचा नहीं दिखाना चाहिए जो कि गलत है

Jigar dekha jaaye toh bharatiyon ka jo english bolne ka sandhi aur america ka bilkul hi alag hai kuch bharatiya america jaane ke baad aisa bolne lagte hain ki bhale hi bura lage aapko lekin yah sach baat hai vaah dikhana chahte hain taki vaah dusre desh se hokar aaye hain aur vaah aise baat kar rahe hain pata chale ki nahi hum kuch hai aisa dikhana galat hai par yah bhi ho sakta hai ki us kuch hi samay mein agar vaah pehle se hi kuch aasan ko jante ho aur us samay mein unhone paise ko bahut improve kar liya ho toh vaah aisa bolne sahi hai lekin agar aise hi samanya baat ki jayegi adhiktar bharatiya america jaane ke baad apni asim ko change kar lete toh yah unhe nahi karna chahiye aisa kyonki unki mara li thi ya phir wahi dikhaata ki kitni aap zyada dholak kar gaya hua ko jaanne ke baad yah dikhaata hai ki aapki thinking kitni abhi bhi kam hai jabki aap ek foreign country jo itni devalapars ko visit kar chuke ho toh hamari matrubhasha jo hai use kabhi bhi kam nahi samajhna chahiye kyonki hum aise hain jo apne mother tongue ko jaane ke baad dusre language isko jante hain unke paas vaah bilti bahut kam hai jo ki hamare paas hai toh apni bhasha ko nicha nahi dikhana chahiye jo ki galat hai

Jigar देखा जाए तो भारतीयों का जो इंग्लिश बोलने का संधि और अमेरिका का बिल्कुल ही अलग है कुछ

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Sameer Tripathy

Political Critic

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए मैं मुझे भी मैं भी यह सब चीज को गांव का कविता बार देख चुका हूं मेरे दोस्त लोग भी गए थे अमेरिका हो या कहीं भी गए वह थोड़ा उनको 210 10 दिन के बाद उनको लगता है कि थोड़ा उसको साफ करने के लिए वह भी थोड़ा है अमेरिका का फंक्शन फंक्शन पर थोड़ा बात कर लेते हैं तो उनको लगेगा सब को ले गया यहां पर भाई बंद अमेरिका यह मैसेज आ गया है तो यह शब्द कि यह आप लोगों के जो नजरिया है उनको लगता है कि वह अमेरिका जाकर आ गए तो लोगों को सामने थोड़ा इंग्लिश हार्ड लेंगे तो वहां लगेगा कि हां भाई बहुत बड़ा काम कर के आया बहुत बड़ा तीर मार गया तो ऐसा कोई ऐसे लोगों को थोड़ा आप इग्नोर करिए और ऐसे लोगों को थोड़ा आप जब वह भी दोस्त थे दोस्त दोस्त होने के नाते अब अगर आप मिल रहे हैं अगर वह ऐसा बात कर रहे तो आप हंसी मजाक में उड़ा लीजिए इसमें आपको कोई सीरियस लेने का भी बात नहीं है तो यह अमेरिका Action जो आता है यह सिर्फ वह इंटरनेशनल ही करते हैं ऐसा कुछ नहीं है कि वह अमेरिका जाने के बाद उनका अगर वह हां अगर कोई अमेरिका जाकर अगर 5 साल 6 साल रहा 304 साल रहा वहां पर तो उनका तो बात करने का तरीका ही अपना अलग हो जाएगा क्योंकि वह हर दिन वह एक ही लैंग्वेज में बात करेंगे तो आ जाएगा तो वह एक्सीडेंट भी आ जाएगा मगर अगर कोई सा एक महीना और दिन 15 दिन 1 महीने के लिए जाते हैं और यह बात करके आते तो मुझे तो लगता है यह है यह सिर्फ दिखावे का बात है

dekhiye main mujhe bhi main bhi yah sab cheez ko gaon ka kavita baar dekh chuka hoon mere dost log bhi gaye the america ho ya kahin bhi gaye vaah thoda unko 210 10 din ke baad unko lagta hai ki thoda usko saaf karne ke liye vaah bhi thoda hai america ka function function par thoda baat kar lete hain toh unko lagega sab ko le gaya yahan par bhai band america yah massage aa gaya hai toh yah shabd ki yah aap logo ke jo najariya hai unko lagta hai ki vaah america jaakar aa gaye toh logo ko saamne thoda english hard lenge toh wahan lagega ki haan bhai bahut bada kaam kar ke aaya bahut bada teer maar gaya toh aisa koi aise logo ko thoda aap ignore kariye aur aise logo ko thoda aap jab vaah bhi dost the dost dost hone ke naate ab agar aap mil rahe hain agar vaah aisa baat kar rahe toh aap hansi mazak mein uda lijiye isme aapko koi serious lene ka bhi baat nahi hai toh yah america Action jo aata hai yah sirf vaah international hi karte hain aisa kuch nahi hai ki vaah america jaane ke baad unka agar vaah haan agar koi america jaakar agar 5 saal 6 saal raha 304 saal raha wahan par toh unka toh baat karne ka tarika hi apna alag ho jaega kyonki vaah har din vaah ek hi language mein baat karenge toh aa jaega toh vaah accident bhi aa jaega magar agar koi sa ek mahina aur din 15 din 1 mahine ke liye jaate hain aur yah baat karke aate toh mujhe toh lagta hai yah hai yah sirf dikhaave ka baat hai

देखिए मैं मुझे भी मैं भी यह सब चीज को गांव का कविता बार देख चुका हूं मेरे दोस्त लोग भी गए

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे बड़ी सादड़ी से बात करते हैं खाना खाकर बात करते हुए लड़की के झरोखों से वार्तालाप करने की कोशिश करने का तरीका भी बहुत दर्द होता तो क्या होता को भी होती जो सही हो जाता है और इसमें करते किसी भी प्रकार से वापस अमेरिकन से बात करते हैं उनको केक के ऊपर उनके साथ रहकर उनके साथ बात करने के बाद आना परफ्यूम के एक्सीडेंट हो पिंपल कैसे होता है

sabse badi saddi se baat karte hain khana khakar baat karte hue ladki ke jharokhon se vartalaap karne ki koshish karne ka tarika bhi bahut dard hota toh kya hota ko bhi hoti jo sahi ho jata hai aur isme karte kisi bhi prakar se wapas american se baat karte hain unko cake ke upar unke saath rahkar unke saath baat karne ke baad aana perfume ke accident ho pimple kaise hota hai

सबसे बड़ी सादड़ी से बात करते हैं खाना खाकर बात करते हुए लड़की के झरोखों से वार्तालाप करने

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Simranpreet Singh

B.Tech in CE from SRM

0:50
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए यह चीज होने का सिर्फ और सिर्फ एक ही कारण है कि जहां भी हम लोग जाकर रहते हैं वहां के हाव भाव में हम लोग कल ही जाते हैं अब अगर कुछ भारतीय हैं जो अमेरिका में जाकर रहने लगते हैं तो अमेरिका के लोगों से जवाब बोलचाल करेंगे और उन्हीं के बीच में रहेंगे तो जाहिर सी बात है कि आप उनसे कुछ आदतें सीखेंगे और कुछ उनकी अच्छी अच्छी चीजों को अपनाएंगे तो उसमें से एक यह भी है कि वहां का एक्सीडेंट क्योंकि हल्का भारतीय इंग्लिश से थोड़ा सा डिफरेंट है तो वहां पर जाकर आप वैसे ही एक्सेंट अपनाने की कोशिश करते हैं क्योंकि रोज के कम्युनिकेशन में जो वह चीज होती है तो जाहिर सी बात है कि आपके अंदर भी वह फिर वह आ ही जाता है

dekhiye yah cheez hone ka sirf aur sirf ek hi karan hai ki jaha bhi hum log jaakar rehte hain wahan ke hav bhav mein hum log kal hi jaate hain ab agar kuch bharatiya hain jo america mein jaakar rehne lagte hain toh america ke logo se jawab bolchal karenge aur unhi ke beech mein rahenge toh jaahir si baat hai ki aap unse kuch aadatein sikhenge aur kuch unki achi achi chijon ko apanaenge toh usme se ek yah bhi hai ki wahan ka accident kyonki halka bharatiya english se thoda sa different hai toh wahan par jaakar aap waise hi accent apnane ki koshish karte hain kyonki roj ke communication mein jo vaah cheez hoti hai toh jaahir si baat hai ki aapke andar bhi vaah phir vaah aa hi jata hai

देखिए यह चीज होने का सिर्फ और सिर्फ एक ही कारण है कि जहां भी हम लोग जाकर रहते हैं वहां के

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिएगा जान जो भारतीय एक्सेंट और अमेरिकन एक्सेंट है Action क्या नहीं कि बोलने की शैली किस तरह से हम उस वर्ड को बोलते हैं और काफी हद तक मिलाजुला है और जो अमेरिका के लोग हैं वह जिस शैली में बात करते हैं और वह भी काफी हद तक हम लोगों से मिलती जुलती है क्योंकि जब हम लोग अंग्रेजी बोलते हैं तो वह काफी हद तक अमेरिकन को समझ में आती है और उनका ही एक्सीडेंट होता है वह तो इसीलिए जब भी कोई भारतीय अमेरिका से छोटी यात्रा के बाद वापस आता है तो उसकी शैली इसलिए और हमको अमेरिका लगती है क्योंकि जब भी कोई भी थोड़े समय के लिए भी अमेरिका में रहने लग जाता है तो काफी हद तक उस पर अमेरिकन एक्सेंट है उसका प्रभाव पड़ता है और वह भी थोड़ा हद तक अमेरिकन एक्सेंट में बोलने लग जाता है और इसके बाद एक और चीज है कि जो हमारी जो इंडिया में इंग्लिश है वह काफी हद तक उस पर हमारी कनेक्शन का प्रभाव पड़ा है ना कि ब्रिटिश एक्सेंट का क्योंकि हमारी कनेक्शन काफी है ताकि यह बहुत ही इजी एक्सीडेंट है जिसको बहुत ही आसानी से अपना है आ सकता है इसीलिए काफी लोग काफी इंडियन अमेरिकन एक्सेंट पर नॉर्मल ही बात करते हैं तो अगर कोई आदमी अमेरिका जाता भी है थोड़े दिन के लिए भी तो उसको वहां के एक सनकी जल्दी आदत लग जाती है क्योंकि वह सीखने में भी काफी आसान है और वह जल्द ही यह लोगों को प्रभावित कर लेता है और एक्सीडेंट की छाप थोड़ी बहुत तो हमको हर उस इंसान में देखने को मिल ही जाती है जो कि थोड़ी देर में अमेरिका में रह कर आया

dekhiega jaan jo bharatiya accent aur american accent hai Action kya nahi ki bolne ki shaili kis tarah se hum us word ko bolte hain aur kaafi had tak milajula hai aur jo america ke log hain vaah jis shaili mein baat karte hain aur vaah bhi kaafi had tak hum logo se milti julti hai kyonki jab hum log angrezi bolte hain toh vaah kaafi had tak american ko samajh mein aati hai aur unka hi accident hota hai vaah toh isliye jab bhi koi bharatiya america se choti yatra ke baad wapas aata hai toh uski shaili isliye aur hamko america lagti hai kyonki jab bhi koi bhi thode samay ke liye bhi america mein rehne lag jata hai toh kaafi had tak us par american accent hai uska prabhav padta hai aur vaah bhi thoda had tak american accent mein bolne lag jata hai aur iske baad ek aur cheez hai ki jo hamari jo india mein english hai vaah kaafi had tak us par hamari connection ka prabhav pada hai na ki british accent ka kyonki hamari connection kaafi hai taki yah bahut hi easy accident hai jisko bahut hi aasani se apna hai aa sakta hai isliye kaafi log kaafi indian american accent par normal hi baat karte hain toh agar koi aadmi america jata bhi hai thode din ke liye bhi toh usko wahan ke ek sanaki jaldi aadat lag jaati hai kyonki vaah sikhne mein bhi kaafi aasaan hai aur vaah jald hi yah logo ko prabhavit kar leta hai aur accident ki chhaap thodi bahut toh hamko har us insaan mein dekhne ko mil hi jaati hai jo ki thodi der mein america mein reh kar aaya

देखिएगा जान जो भारतीय एक्सेंट और अमेरिकन एक्सेंट है Action क्या नहीं कि बोलने की शैली किस

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Hhhgnbhh

1:13
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन कुछ खास होते हैं वह मरने का सबसे छोटी यात्रा के बाद हमारे का क्या एक्सिडेंट में इसलिए बात करते हैं क्योंकि कहीं ना कहीं क्या होता है कि जब हमें कोई नई चीज मुझे तो हमें वह बहुत पसंद आ जाती तो इससे भारतीय जलमार्ग का में जाते हैं तो उनका तो इंग्लिश का एक्सेंट होता है वह हमारे यहां के इंग्लिश के अक्षर से बहुत अलग होता है तो उन लोगों को कोई भी एक अलग चीज होती है और अच्छी लगती है तो इसलिए उनको मुझे बहुत अच्छी लगती होने लगता कि बहुत खूब लगता है तो इसलिए मैं यहां पर आकर पैसा Action बुरा लग जाते है रोने लगते कि बहुत कूल लगता है पर होता क्या है कि अगर आप 100 लोगों के बीच में अगर आप ऐसा एक्शन बोलेंगे जो 400 लोगों को इसके बारे में नहीं जानकारी होगी तो थोड़ा अजीब सही लगेगा कि पानी भी लगता काफी बार आप कॉल करने के चक्कर में अपनी भेजती हूं और करवा लेते हैं तो होता ही है हंस के अंदर तो एक मुझे लगता है कि क्या कारण हो सकता है बाकी ऐसा होता कि अगर आपको हमारे का में रहना है तो आपके सामने 24 घंटे लोग इसी भाषा में बात कर रहे हैं कुछ छोटे XX भी जाकर होकर आते हैं तो आपके साथ अगर 24 घंटे के काम में तरक्की इंग्लिश बचेगी तो थोड़ा आपके दिमाग को भी असर पड़ेगा राह पुस्तक इंग्लिश बोलना शुरू कर सकते हैं थोड़े समय के लिए

lekin kuch khaas hote hain vaah marne ka sabse choti yatra ke baad hamare ka kya eksident mein isliye baat karte hain kyonki kahin na kahin kya hota hai ki jab hamein koi nayi cheez mujhe toh hamein vaah bahut pasand aa jaati toh isse bharatiya jalmarg ka mein jaate hain toh unka toh english ka accent hota hai vaah hamare yahan ke english ke akshar se bahut alag hota hai toh un logo ko koi bhi ek alag cheez hoti hai aur achi lagti hai toh isliye unko mujhe bahut achi lagti hone lagta ki bahut khoob lagta hai toh isliye main yahan par aakar paisa Action bura lag jaate hai rone lagte ki bahut cool lagta hai par hota kya hai ki agar aap 100 logo ke beech mein agar aap aisa action bolenge jo 400 logo ko iske bare mein nahi jaankari hogi toh thoda ajib sahi lagega ki paani bhi lagta kaafi baar aap call karne ke chakkar mein apni bhejti hoon aur karva lete hain toh hota hi hai hans ke andar toh ek mujhe lagta hai ki kya karan ho sakta hai baki aisa hota ki agar aapko hamare ka mein rehna hai toh aapke saamne 24 ghante log isi bhasha mein baat kar rahe hain kuch chote XX bhi jaakar hokar aate hain toh aapke saath agar 24 ghante ke kaam mein tarakki english bachegi toh thoda aapke dimag ko bhi asar padega raah pustak english bolna shuru kar sakte hain thode samay ke liye

लेकिन कुछ खास होते हैं वह मरने का सबसे छोटी यात्रा के बाद हमारे का क्या एक्सिडेंट में इसलि

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