क्या इंसान मंगल के अलावा और किसी ग्रह तक पहुँच पाएगा?...


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Vikas Singh

Political Analyst

1:46
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आप का सवाल है कि क्या इंसान मंगल के अलावा और किसी ग्रह तक पहुंच पाएगा मैं आपको कुछ एग्जांपल लेकर बताना चाहता हूं बहुत पहले आदिमानव जब हुआ करते थे उस समय वह लोग पत्ता खा जाते थे शिकार जानवरों को मारकर कच्चा खा जाते थे कपड़े नहीं पहनते थे उसके बाद उन्होंने कुछ सोचा होगा उसके बाद बताओ पहनने लगे उसके बाद वह पका कर खाने लगे मांस उसके बाद धीरे-धीरे विकास होता गया और आज के टाइम में हम लोग बहुत आगे हैं बहुत सारी टेक्नालॉजिस से हम लोग और जुड़ चुके हैं कभी किसी ने यह भी नहीं सोचा था कि मंगल ग्रह पर भी हम जा सकते हैं तो मंगल ग्रह पर भी लोग गए और कोई यह नहीं सोचता है उसे कभी किसी ने सोचा था सोचा होगा कि हवाई जहाज से कोई ऐसी टेक्नोलॉजी बनाया जाए जो जो हवा में उड़े तो जहाज बन गया तू टेक्नोलॉजी दिन पर दिन विकसित हो रही है सोचने वाले सोच रहे हैं टेक्नोलॉजीज को विकसित कर रहे हैं क्योंकि आपका इंजीनियरिंग और साइंस बहुत ही ज्यादा तेजी से आगे बढ़ा है और स्टूडेंट भी बहुत अच्छे अच्छे स्टूडेंट हैं जो बहुत सारा चीज सोचते हैं क्रिएटिव माइंड के जो नई टेक्नोलॉजी इस को विकसित करते हैं तो अगर हम मंगल ग्रह ग्रह तक पहुंच चुके और भी सभी ग्रहों पर एक न एक दिन हम जरूर जाएंगे इसमें कोई दो राय नहीं है बस मेहनत करना होगा और एक न एक दिन हम लोग बहुत सारे ग्रह पर पहुंचेंगे और वहां भी पूरे वर्ल्ड के लोग रहेंगे और सफल होंगे पहुंचेंगे धन्यवाद

aap ka sawaal hai ki kya insaan mangal ke alava aur kisi grah tak pahunch payega main aapko kuch example lekar bataana chahta hoon bahut pehle adimanav jab hua karte the us samay vaah log patta kha jaate the shikaar jaanvaro ko marakar kaccha kha jaate the kapde nahi pehente the uske baad unhone kuch socha hoga uske baad batao pahanne lage uske baad vaah paka kar khane lage maans uske baad dhire dhire vikas hota gaya aur aaj ke time mein hum log bahut aage hain bahut saree teknalajis se hum log aur jud chuke hain kabhi kisi ne yah bhi nahi socha tha ki mangal grah par bhi hum ja sakte hain toh mangal grah par bhi log gaye aur koi yah nahi sochta hai use kabhi kisi ne socha tha socha hoga ki hawai jahaj se koi aisi technology banaya jaaye jo jo hawa mein ude toh jahaj ban gaya tu technology din par din viksit ho rahi hai sochne waale soch rahe hain technologies ko viksit kar rahe hain kyonki aapka Engineering aur science bahut hi zyada teji se aage badha hai aur student bhi bahut acche acche student hain jo bahut saara cheez sochte hain creative mind ke jo nayi technology is ko viksit karte hain toh agar hum mangal grah grah tak pahunch chuke aur bhi sabhi grahon par ek na ek din hum zaroor jaenge isme koi do rai nahi hai bus mehnat karna hoga aur ek na ek din hum log bahut saare grah par pahunchenge aur wahan bhi poore world ke log rahenge aur safal honge pahunchenge dhanyavad

आप का सवाल है कि क्या इंसान मंगल के अलावा और किसी ग्रह तक पहुंच पाएगा मैं आपको कुछ एग्जांप

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Chandraprakash Joshi

Ex-AGM RBI & CEO@ixamBee.com

1:57

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां बिल्कुल इंसान मंगल के अलावा और भी करो तक पहुंच पाएगा लिखी एक जमाने में आज से अगर 200 साल पहले की बात करते हैं तो किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि इंसान चांद पर पहुंच जाएगा फिर किसी ने यह नहीं सोचा होगा कि आज जो हम बात कर रहे हैं मंगल पर जाने की कि इंसान मंगल पर पहुंच पाएगा तो आने वाले समय में और साइंटिफिक डेवलपमेंट होगा और अच्छी स्पेसक्राफ्ट बनेंगे जो और तेजी से जा सकते हैं जो और एक्सट्रीम टेंपरेचर को बर्दाश्त कर सकते हैं तो आज की डेट में हम बात कर सकते हैं दूसरे ग्रहों पर जाने की वह मंगल हो बृहस्पति को सनी हो या सुख रहो और हो सकता है उसके सौ दो सौ 400 साल बाद इंसान अपने सौरमंडल से बाहर भी जाएगा दूसरे सौरमंडल से भी जाएगा और वहां जो बहुत सारे प्लेनेट से हैं हो सकता है वहां पर भी जाकर इंसान पहले अपने स्पेसक्राफ्ट भेजेगा बाद में इंसान भी जा पाएगा साइंटिफिक डेवलपमेंट की जो पॉसिबिलिटी है वह असीमित असीमित है अगर आप साइंटिफिक फिक्शन पढ़ना पसंद करते होंगे तो आप जानते होंगे कि जो बॉडी है इंसान का दृश्य दी है वह कोशिकाओं से बना हुआ है सेल से बना हुआ है और सेल्स अल्टीमेटली आइटम से बनी हुई है तो अगर शरीर को किसी तरीके से सेंटीमेंटल मैन से ऐसा तोड़ा जा सकता है कोशिकाओं में और आइटम्स में और बाद में भी असेंबल किया जा सकता है तो हो सकता है इसको लाइट की स्पीड से दूर बचा जा सके जैसे हम आज की डेट में वीडियो भेजते हैं और वीडियो बाद में स्क्रीन पर इमेज में कन्वर्ट हो जाता है तो शरीर को भी शायद कभी ऐसा डेवलपमेंट हो जाए कि हम कुछ काम में बांट लें और एटम्स में बांटने और हम उनको दूर भेजते हैं और वहां जाकर फिर से शरीर बना ले सब कुछ पोस्ट भी रोएगा साइंस में बहुत डबल मैंट होने वाला है इतना तो पक्का है कि मंगल करावा और करूं तब तो इंसान पहुंची जाएगा

haan bilkul insaan mangal ke alava aur bhi karo tak pahunch payega likhi ek jamaane mein aaj se agar 200 saal pehle ki baat karte hain toh kisi ne socha bhi nahi hoga ki insaan chand par pahunch jaega phir kisi ne yah nahi socha hoga ki aaj jo hum baat kar rahe hain mangal par jaane ki ki insaan mangal par pahunch payega toh aane waale samay mein aur scientific development hoga aur achi spacecraft banenge jo aur teji se ja sakte hain jo aur extreme temperature ko bardaasht kar sakte hain toh aaj ki date mein hum baat kar sakte hain dusre grahon par jaane ki vaah mangal ho brihaspati ko sunny ho ya sukh raho aur ho sakta hai uske sau do sau 400 saal baad insaan apne saurmandal se bahar bhi jaega dusre saurmandal se bhi jaega aur wahan jo bahut saare planet se hain ho sakta hai wahan par bhi jaakar insaan pehle apne spacecraft bhejega baad mein insaan bhi ja payega scientific development ki jo possibility hai vaah asimeet asimeet hai agar aap scientific fiction padhna pasand karte honge toh aap jante honge ki jo body hai insaan ka drishya di hai vaah koshikaaon se bana hua hai cell se bana hua hai aur sales altimetli item se bani hui hai toh agar sharir ko kisi tarike se sentimental man se aisa toda ja sakta hai koshikaaon mein aur iteams mein aur baad mein bhi assemble kiya ja sakta hai toh ho sakta hai isko light ki speed se dur bacha ja sake jaise hum aaj ki date mein video bhejate hain aur video baad mein screen par image mein convert ho jata hai toh sharir ko bhi shayad kabhi aisa development ho jaaye ki hum kuch kaam mein baant lein aur atoms mein bantane aur hum unko dur bhejate hain aur wahan jaakar phir se sharir bana le sab kuch post bhi roega science mein bahut double maint hone vala hai itna toh pakka hai ki mangal karawa aur karun tab toh insaan pahunchi jaega

हां बिल्कुल इंसान मंगल के अलावा और भी करो तक पहुंच पाएगा लिखी एक जमाने में आज से अगर 200 स

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां इंसान मंगल के अलावा और किसी ग्रह तक पहुंच पाएगा क्योंकि विज्ञान के आगे कुछ भी असंभव नहीं है

haan insaan mangal ke alava aur kisi grah tak pahunch payega kyonki vigyan ke aage kuch bhi asambhav nahi hai

हां इंसान मंगल के अलावा और किसी ग्रह तक पहुंच पाएगा क्योंकि विज्ञान के आगे कुछ भी असंभव नह

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