क्या कोई तरीक़ा है जिस से एक इंसान को कभी ग़ुस्सा ना आए?...


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Puja Sood

Tarot reader, numerlogist, car

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

गुप्ता ने कहा कि कारण हो सकता है जब अपने आसपास की हर चीज को आप खुद के साथ में लेट कर रहे हैं आपको किसी ने कुछ भी कहा और आपने उसे मान लिया कि हां यह बात मेरे लिए ही कही गई है तू गुस्सा आना बहुत स्वाभाविक है मैं अपनी पर छोटी सी कहानी सुनाती हूं एक बार संभोग के बाद एक उनका शिष्य आना शुरू हुआ तो उसके पिता को बहुत ज्यादा गुस्सा आने लगा कि मेरा बेटा घर बार छोड़कर और बुध के पास जा रहा है तो कैसे अपना परिवार संभालेगा तो मोदी के पास गया और उन्होंने बुध को गाली गलौज की बुद्ध ने उनकी तरफ देखा तक नहीं और वो वापिस आ गए लेकिन वह अंदर से भड़ास नहीं निकल पाई अगले दिन गए हो जाकर बुध के मुंह पर थूक दिया बुधनी तब भी कुछ नहीं कहा लेकिन उनके आसपास के लोग गुस्से में तेल मिला उठे कि उनकी हिम्मत कैसे हुई किनारे हमारे गुरु के ऊपर इस तरह से तो होती है लेकिन वह इंसान फिर जब अपने घर वापस आ गया उसे सोचा कि मैं इतना कुछ करने और कहने के बाद भी सामने बिल्कुल भी अच्छी नहीं दिया बुद्ध के पास माफी मांगने के लिए वापस पहुंचा उसने कहा कि मैं बहुत शर्मिंदा हूं कि मैंने आपके साथ ऐसा बर्ताव किया लेकिन मैं यह जानना चाहता हूं कि आपने मेरी इन सब बातों के बावजूद भी कोई रिएक्शन क्यों नहीं दिया तब उन्होंने जवाब दिया कि जब आप मुझे गालियां दे रहे थे कि आप मेरे ऊपर थूक रहे थे आपका स्वभाव था मेरा उस इस पर याद ना करना मेरा स्वभाव है जब तक आप की कोई चीज मैंने आपसे ली ही नहीं तो वह मेरी कैसे हुई अब आप इस चीज को जरा गौर से सोचेगा कि जब तक आप किसी की कही बात को अपने ऊपर लेते ही नहीं है सिचुएशन को अपने अंदर अब जॉब नहीं करते हैं तब तक आपका उसे कुछ लेना देना नहीं है अपने आसपास होने वाली चीजों को सिर्फ देखें दृष्टा बनी आपको गुस्सा आ जाए ऐसा पॉसिबल ही नहीं है इस गाने को दोबारा गौर से सुनेगा मुझे उम्मीद है कि आप को इससे बहुत मदद मिलेगी

gupta ne kaha ki karan ho sakta hai jab apne aaspass ki har cheez ko aap khud ke saath mein late kar rahe hain aapko kisi ne kuch bhi kaha aur aapne use maan liya ki haan yah baat mere liye hi kahi gayi hai tu gussa aana bahut swabhavik hai apni par choti si kahani sunati hoon ek baar sambhog ke baad ek unka shishya aana shuru hua toh uske pita ko bahut zyada gussa aane laga ki mera beta ghar baar chhodkar aur buddha ke paas ja raha hai toh kaise apna parivar sambhalega toh modi ke paas gaya aur unhone buddha ko gaali galoj ki buddha ne unki taraf dekha tak nahi aur vo vaapas aa gaye lekin vaah andar se bhadas nahi nikal payi agle din gaye ho jaakar buddha ke mooh par thuk diya budhni tab bhi kuch nahi kaha lekin unke aaspass ke log gusse mein tel mila uthe ki unki himmat kaise hui kinare hamare guru ke upar is tarah se toh hoti hai lekin vaah insaan phir jab apne ghar wapas aa gaya use socha ki main itna kuch karne aur kehne ke baad bhi saamne bilkul bhi achi nahi diya buddha ke paas maafi mangne ke liye wapas pohcha usne kaha ki main bahut sharminda hoon ki maine aapke saath aisa bartaav kiya lekin main yah janana chahta hoon ki aapne meri in sab baaton ke bawajud bhi koi reaction kyon nahi diya tab unhone jawab diya ki jab aap mujhe galiya de rahe the ki aap mere upar thuk rahe the aapka swabhav tha mera us is par yaad na karna mera swabhav hai jab tak aap ki koi cheez maine aapse li hi nahi toh vaah meri kaise hui ab aap is cheez ko zara gaur se sochega ki jab tak aap kisi ki kahi baat ko apne upar lete hi nahi hai situation ko apne andar ab job nahi karte hain tab tak aapka use kuch lena dena nahi hai apne aaspass hone wali chijon ko sirf dekhen drishta bani aapko gussa aa jaaye aisa possible hi nahi hai is gaane ko dobara gaur se sunegaa mujhe ummid hai ki aap ko isse bahut madad milegi

गुप्ता ने कहा कि कारण हो सकता है जब अपने आसपास की हर चीज को आप खुद के साथ में लेट कर रहे ह

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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

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देखिए यह कहना तो थोड़ा मुश्किल है कि ऐसा कोई तरीका कि इंसान को कभी गुस्सा आए ही नहीं लेकिन जो किया जा सकता है यह किया जा सकता है कि जब आपको गुस्सा आ रहा है तो आप उससे भी आप कैसे करते हैं अब चिल्ला रहे हैं जी रहे हैं किसी को हम पहुंचा रहे हैं मार रहे हैं या फिर आप उस जगह को छोड़ कर चले जाते हैं अपना जो गुस्सा है वह किस जगह पर निकालते हैं या फिर किसी न्यूज़पेपर को फाड़कर उसका कि उस गुस्से को निकाल रहे हैं मन शांत हो जाता है फिर आप उस इंसान से से बात करे तू गुस्सा आ रहा है जरूरी नहीं है कि आ रहा है या आईना आप जब गुस्सा आता है तो कैसे बिहेव करते हैं वह ज्यादा मैटर करता है

dekhiye yah kehna toh thoda mushkil hai ki aisa koi tarika ki insaan ko kabhi gussa aaye hi nahi lekin jo kiya ja sakta hai yah kiya ja sakta hai ki jab aapko gussa aa raha hai toh aap usse bhi aap kaise karte hain ab chilla rahe hain ji rahe hain kisi ko hum pohcha rahe hain maar rahe hain ya phir aap us jagah ko chod kar chale jaate hain apna jo gussa hai vaah kis jagah par nikalate hain ya phir kisi Newspaper ko fadakar uska ki us gusse ko nikaal rahe hain man shaant ho jata hai phir aap us insaan se se baat kare tu gussa aa raha hai zaroori nahi hai ki aa raha hai ya aaina aap jab gussa aata hai toh kaise behave karte hain vaah zyada matter karta hai

देखिए यह कहना तो थोड़ा मुश्किल है कि ऐसा कोई तरीका कि इंसान को कभी गुस्सा आए ही नहीं लेकिन

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Suman Bhardwaj

Psychologist/Yoga Trainer/Marriage Counsellor,Child And Adolscent Counsellor

0:45

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ऐसा तरीका एक ही है कि आप योगी बन जाए योग हमें सिखाता है कि आप शांत रहे सफल रहे आपका ही आपका मन एक साथ काम करें आपका शरीर एक लिए में एकदम में काम करें तो फिर ऐसा होता है जहां पर आप योगी बन गई वहां पर फिर आपको कितने विभाग हैं अंतर मंडे को तक तनाव कम जाते हैं शामिल हो जाते हैं जहां से आप को गुस्सा नहीं आता जहां पर आप बहुत ज्यादा शांति होते हर परिस्थिति में आपका विशेष एक्टिंग करता है वहां

aisa tarika ek hi hai ki aap yogi ban jaaye yog hamein sikhata hai ki aap shaant rahe safal rahe aapka hi aapka man ek saath kaam kare aapka sharir ek liye mein ekdam mein kaam kare toh phir aisa hota hai jaha par aap yogi ban gayi wahan par phir aapko kitne vibhag hain antar monday ko tak tanaav kam jaate hain shaamil ho jaate hain jaha se aap ko gussa nahi aata jaha par aap bahut zyada shanti hote har paristithi mein aapka vishesh acting karta hai wahan

ऐसा तरीका एक ही है कि आप योगी बन जाए योग हमें सिखाता है कि आप शांत रहे सफल रहे आपका ही आपक

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Amzad

Coach of Human Power Psychologist, Motivator,Joyotish,Speaker,Life, Relationship,Partner,And you YE SAB ME NEHI HOO LEKIN SAB SE ACCHA HOO \6003876488

3:48
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क्या कोई तरीका है जिससे एक इंसान को कभी गुस्सा ना तो गुस्सा ना आने का तरीका तो कहीं आपको मिलने से रहा क्योंकि गुस्सा इंसानों की एक उसी के स्वभाव की परिवर्तन है जो लोगों को जाहिर करना चाहता है या फिर दिखाना चाहते चली गुस्सा कभी इंसान कभी होता ही नहीं गुस्सा इंसान कभी भी नहीं होता यह तो उसी के जो चिंता है उसे चिंता क्यों दोहराने के कारण से उसके मन में जो बिजली बिजली पैदा होती है उसी को लोगों के सामने वह जाहिर करना चाहता है कि हम कितने परेशान हैं हमने कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ा है हम क्या करना चाहते आप लोग समझो तो इसी को जाहिर करने का कोई शब्द उसे तुरंत मिलता नहीं तो सारे चीजों को एक साथ बयान करने के लिए कुछ शरीर में कुछ चीज जाहिर कर देता है उसी को हम गुस्से के रूप में दिखाई पड़ता है तो गुस्सा ना कोई होता है और यह तो एक आम चीजें तो लेकिन हां इंसान चाहे तो गुस्सा को कंट्रोल कर सकता वह कैसी बात है आपको जब पता चल जाएगा गुस्सा किस कारण से इंसान तब तब गुस्सा कंट्रोल हो जाएगा हर गुस्से के पीछे कोई ना कोई कारण होती है कोई ना कोई परेशानी होता कोई ना कोई दिक्कत होती है कोई ना कोई ठोस होती है तो अगर हर इंसान गुस्से का मतलब समझ जाएगी गुस्सा हमें इस वजह से आता है तो आप एक बार गुस्से का मतलब समझ जाइए तो आप जिंदगी भर गुस्सा नहीं करेंगे क्योंकि आपको बस समझना है कि गुस्सा कोई चीज है नहीं वह आप प्रकार कुछ चीजें जाहिर करना चाहते कुछ चीज बताना चाहते कुछ चीज आप लोग खूब तब मैसेज पहुंचाना चाहते कि हम परेशान हैं हमें कठिनाइयों का सामना करना पड़ा हम परेशान है तो उसी चीज को जाहिर इकट्ठा करते जाते ही इंसान की जो रूप में दिखाई देती है उसी को हम गुस्सा कहकर टाल देते तो गुस्सा नाम की कोई चीज नहीं है और आप चाहे हमसे हर इंसान गुस्से को कंट्रोल कर सकते हैं क्योंकि वह सब कुछ जानना पड़ेगा तो गुस्सा ही मेरी ही बिना बताए कुछ एक्सप्रेशन है जो मैं लोगों को बताना चाहता इकट्ठा जो कि मुमकिन नहीं तो इसीलिए वह सोचता है कि इतने वक्त गवाने सच्चा कि मैं कुछ अभी जाहिर कर दो ताकि सारा चीज यहीं पर लिपट जाए या फिर आप अपने ही कुछ बातें किसी को बताने से डरते हैं अपने ही कुछ बातें किसी को जाहिर करने से डरते हैं या फिर अपना ही कुछ भूल है जो आप मानने से डरते तो इसी को आप किस तरह से रोके उसी में आपकी गुस्सा एक्सपोज हो जाती तो गुस्सा तो है नहीं फिर या पिकासो आप का प्रतिफल है जो आपको चलना पड़ता है और इसी की वजह से उस एक आपने जो गलती की कि मुझे कुछ बताना नहीं पता कि मुझे कुछ करना है नहीं करके मुझे कुछ दिखाना है नहीं दिखा कर आप शर्म के मारे लात के मारे डर के मारे और अपने ही इज्जत के मारे कुछ चीज छुपाते हो तो उसे छुपाने की वजह से आपकी जो शरीर से जो चीज हमें दिखाई देते हैं उसे हम गुस्सा करता है उसी के कारण आपको बहुत परेशानी है भुगतना पड़ सकता क्योंकि उसे उसके बाद भी दूसरा भी एक्सपोज करेगा कुछ तो कृपया ध्यान दें तो गुस्सा ना करें और गुस्से को समझ लीजिए सबसे पहले तो आप कभी गुस्सा नहीं करेंगे शुक्रिया

kya koi tarika hai jisse ek insaan ko kabhi gussa na toh gussa na aane ka tarika toh kahin aapko milne se raha kyonki gussa insano ki ek usi ke swabhav ki parivartan hai jo logo ko jaahir karna chahta hai ya phir dikhana chahte chali gussa kabhi insaan kabhi hota hi nahi gussa insaan kabhi bhi nahi hota yah toh usi ke jo chinta hai use chinta kyon dohrane ke karan se uske man mein jo bijli bijli paida hoti hai usi ko logo ke saamne vaah jaahir karna chahta hai ki hum kitne pareshan hai humne kitni pareshaniyo ka samana karna pada hai hum kya karna chahte aap log samjho toh isi ko jaahir karne ka koi shabd use turant milta nahi toh saare chijon ko ek saath bayan karne ke liye kuch sharir mein kuch cheez jaahir kar deta hai usi ko hum gusse ke roop mein dikhai padta hai toh gussa na koi hota hai aur yah toh ek aam cheezen toh lekin haan insaan chahen toh gussa ko control kar sakta vaah kaisi baat hai aapko jab pata chal jaega gussa kis karan se insaan tab tab gussa control ho jaega har gusse ke peeche koi na koi karan hoti hai koi na koi pareshani hota koi na koi dikkat hoti hai koi na koi thos hoti hai toh agar har insaan gusse ka matlab samajh jayegi gussa hamein is wajah se aata hai toh aap ek baar gusse ka matlab samajh jaiye toh aap zindagi bhar gussa nahi karenge kyonki aapko bus samajhna hai ki gussa koi cheez hai nahi vaah aap prakar kuch cheezen jaahir karna chahte kuch cheez bataana chahte kuch cheez aap log khoob tab massage pahunchana chahte ki hum pareshan hai hamein kathinaiyon ka samana karna pada hum pareshan hai toh usi cheez ko jaahir ikattha karte jaate hi insaan ki jo roop mein dikhai deti hai usi ko hum gussa kehkar tal dete toh gussa naam ki koi cheez nahi hai aur aap chahen humse har insaan gusse ko control kar sakte hai kyonki vaah sab kuch janana padega toh gussa hi meri hi bina bataye kuch expression hai jo main logo ko bataana chahta ikattha jo ki mumkin nahi toh isliye vaah sochta hai ki itne waqt gavane saccha ki main kuch abhi jaahir kar do taki saara cheez yahin par LIPAT jaaye ya phir aap apne hi kuch batein kisi ko batane se darte hai apne hi kuch batein kisi ko jaahir karne se darte hai ya phir apna hi kuch bhool hai jo aap manne se darte toh isi ko aap kis tarah se roke usi mein aapki gussa eksapoj ho jaati toh gussa toh hai nahi phir ya picasso aap ka pratiphal hai jo aapko chalna padta hai aur isi ki wajah se us ek aapne jo galti ki ki mujhe kuch bataana nahi pata ki mujhe kuch karna hai nahi karke mujhe kuch dikhana hai nahi dikha kar aap sharm ke maare laat ke maare dar ke maare aur apne hi izzat ke maare kuch cheez chhupaate ho toh use chhupaane ki wajah se aapki jo sharir se jo cheez hamein dikhai dete hai use hum gussa karta hai usi ke karan aapko bahut pareshani hai bhugatna pad sakta kyonki use uske baad bhi doosra bhi eksapoj karega kuch toh kripya dhyan de toh gussa na kare aur gusse ko samajh lijiye sabse pehle toh aap kabhi gussa nahi karenge shukriya

क्या कोई तरीका है जिससे एक इंसान को कभी गुस्सा ना तो गुस्सा ना आने का तरीका तो कहीं आपको म

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Anil Kumar Tiwari

Yoga, Meditation & Astrologer

9:12
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इंसान को गुस्सा ना आए इसके लिए क्या तरीका है तरीका है पहले गुस्साए कोई गलत चीज नहीं है गुस्सा एक प्रकार की एनर्जी है बस अंतर इतना है कि एनर्जी नेगेटिव दिशा की तरफ बह रही है इसको पश्चिम दिशा चेतन को लाना है मां जब किसी को कोई गुस्सा आए तो उसे और गुस्सा दिलाने का प्रयास करिए इतना गुस्सा दिलाई है इतना गुस्सा दिलाया कि वह गुस्से में तो व्यक्ति क्रोध करेगा किसी को मारेगा पिटेगा तोड़ेगा पड़ेगा तो आप उसको इतना गुस्सा दिलाया कि मारने पर उतारू हो जाए और जब गुस्सा आए तो सामने कोई तकिया रखिए अगर हल्का गुस्सा है तो कोई तकिया रखिए डंडा रखिए रखिए गुब्बारा रखिए कमरे को बंद कर लीजिए और जितना भी आपका क्रोध हो सके पीट-पीटकर के तकिए में दीवाल में इधर-उधर इधर-उधर इतना गुस्सा करिए गुस्से से आगबबूला हो जाइए कुछ जितना गुस्सा है उतना मैं नहीं कह रहा हूं मैं करो गुस्से की कलम तोड़ दीजिए इतना चरण के गुस्से को पहुंचा दिया था सीखना हो तो चिल्लाना हो चाहे मारना हो चाहे डांट ना हो जाए गालियां देना हो चाय पी ली फोन ना हो जाए प्लीज तोड़ना हो चाय अलमारी तोड़ नहीं हो चाय छोड़ ना हो जाए देर ना हो जाए क्योंकि गुस्सा बहुत चीज है अब गुस्सा कंट्रोल में आ गया अगर गुस्से के ऊपर आपने कंट्रोल कंट्रोल तो हो नहीं सकता गुस्सा एक निश्चित इसको इसको दिखाना पूरा का पूरा गुस्सा आपको निकालना है मालिया छोटे भाई यही गुस्सा अगर आप पत्नी पर निकालेंगे बेटे थे निकालेंगे अपने मालिक पर निकालेंगे अपने नौकर से निकालेंगे तो आपकी दृष्टि बिगड़ जाएगी कुछ का कुछ हो जाएगा व्यक्ति खाने खराब हो जाएगा दुश्मनी हो जाएगी मुकदमा हो जाएगा पुलिस अंदर कर देगी कोर्ट कचहरी के केस चलेंगे कचहरी के चक्कर लगाने पड़ेंगे वकीलों को भुगतान करने में दुखी हो जाएंगे परेशान हो जाएंगे ज्यादा गुस्सा मिक्सी का कुछ हो गया तो जीवन भर के जेल हो जाएगी कितना हफ्ते में 2 हफ्ते में पंजाबी में या दिल्ली जब जब गुस्सा कमरा बंद कर लीजिए चिल्लाई सीखना आ सकते हो तो पुराने घर में कपड़े ले आइए पुरानी बजाइए लाठी-डंडे लिया कमरे भर में जो भी इस तरह के उनको पीटीए और किसी इंसान को इस प्रकार तकिए को पीटते रजाई को पीटते गद्दे को पीटते प्रतिष्टना पिटना पिटना कीजिए कि आप जब तक थक ना जाए कसम है आपको अगर जब तक ताकत है याद कि रुक गए रुकना बिल्कुल नहीं हाथ में डंडा ले लिया तो बस ले लिया उसके उड़ जाएंगे फिर भी मारते रहना क्रोध करते रहे जब तक थक ना जाए हाथ न जाए बिल्कुल बताता हूं न जाए और जब बिल्कुल थक जाएंगे बेतहाशा हो जाएंगे बस बड़ी शांति से आराम से शांत हो घर के दरवाजा खोलकर के बाहर आएं भोजन करें और प्रेम से सो जा अब देखेंगे इतनी प्यारी नींद इतनी प्यारी नींद इतनी प्यारी नींद आएगी कि कभी आई नहीं होगी भीतर सब शांत हो जाएगा और तो उसकी तुलना में होगा जितना आपने अशांति जबरदस्ती पैदा की होगी अब यह आपके ऊपर है कि कितना अधिक गुस्सा करते हैं जितना अधिक तहलका मचाए होगा क्रोध करने में इतना अधिक तहलका मचाया होगा उतनी गहरी शांति होगी अब आपके ऊपर है आपने थोड़ा सा फूट फूट फूट फूट कर के तकिया को मारा होगा ताकि आप मजाक समझ रहे होंगे मजाक में मार रहे होंगे तो क्यों मजाक दांत साफ उतनी ही गहराई से आपको सूत्र बता दिया अब आप हल्का क्रोध करेंगे कमरे में चकिया के पेड़ तकिए को पीटा है गधे को पीटना है दीवाल को ईटों को खोलना है दौड़ना है पेड़ों को काटना है घास को काटना कुछ भी करिए उसको जितनी अनुपात में करेंगे किसी के विपरीत अनुपात में आपको सुकून आनंद और शांति मिलेगी अभी आपके ऊपर है पैमाना हमने दे दिया हमसे यह मत कहना कि हमने तकिए को मारा यह किया फिर भी मेरा क्रोध नहीं धीरे-धीरे पुट पुट करके मारा होगा तो तो उसको इसको मजाक समझ रहे होंगे इतना क्रोध करिए पूरा झूठ दीजिए अपने को जिस दिन अपने को झोंक दें जिस दिन ऐसे हिम्मत नहीं पड़ती आपके तो ऐसा करिए जिस दिन परिवार में बच्चे अच्छे ना हो कोई कमरा बंद कर दीजिए आपको को ज्यादा किसी बात से यह तो जबरदस्ती कर लीजिए कोई सीमा थोड़ी होती है ना करना तो इसी तरह शुरू कर दीजिए फालतू उल्टा सीधा बोलना शुरू कर दीजिए जो आप का सबसे बड़ा दुश्मन हो जो आप का सबसे बड़ा दुश्मन हो सबसे बड़ा दुश्मन हो जिससे आप क्रोध करते हो जिस को दुश्मन मानते हो उसकी शक्ल बनाई है मस्तिष्क में उसकी शक्ल बनाइए और ले लीजिए कोई डंडा और तकिए उसकी कल्पना करिए और लग जाइए से मरते मरते मरते मरते मरते मरते मरते स्तर पर बहाल होंगे जिस स्तर से बेहाल होंगे उसी के विपरीत स्तर पर शांति मिलेगी और बहुत दिन हो गए घंटे करीब आधे घंटे मरते मरते मरते मरते बिल्कुल हाफ डे बेहाल हो गए उतनी ही गहरी शांति मिलेगी इतनी गहरी नींद आएगी स्कूल मिलेगा जब दरवाजा खोल करके बाहर आएंगे तो दुनिया ही आपको अलग लगेगी पूरा का पूरा क्रोध की एलर्जी थी सारी की सारी शांति में बदल जाएगी पूरा शांत हो जाएगा इतनी शांति नहीं अब बच्चा भी प्यारा लगेगा पत्नी भी प्यारी लगेगी पड़ोसी प्यारा लगेगा दुश्मन भी प्यारा लगेगा इतना शांत हो जाएगा अगर किसी से गलती भी हो जाएगी तो उसको टाइट कर जाएंगे मालिया रास्ते में कहीं जा रहे हैं किसी की साइकिल टकरा गई पहले अगर साइकिल टकराती तो अब गाली गलौज मारने पर उतारू हो जाते मगर करके आप जा रहे हैं और किसी के साइकिल टकरा गई तो उसकी बेवकूफी किया या उसकी नादानी पर देख कर मुस्कुरा देना और कल देंगे थोड़ा पहाड़ा साथ किया हुआ के चल दिए इतनी शांति भीतर पैदा हो जाएगी एक बार एक बार भी होगी तो बार-बार करेंगे इस्त्री इस वीडियो को तो कितनी शांति होगी इस सूत्र मिल गया एक सूत्र मिल गया करिए प्रयोग कोई दिक्कत आती है कोई परेशानी आती है तुमसे फिर भी नहीं है मेरा मोबाइल नंबर 98 9772 7441 इस विधि में अगर आपको तकलीफ हो आपकी हिम्मत नाम न पड़ती हो तो मेरे पास और भी दे दिया है वह सूक्ष्म है सूक्ष्म करेंगे तो सुख शांति मिलेगी कम करो जाएगा यह शक्तिशाली किसकी हिम्मत नहीं पड़ रही है तो मुझसे संपर्क बनाए इससे भी मेरे पर छोटी-छोटी विधियां हैं और लगातार आपका क्रोध तो चला ही जाएगा उसकी चिंता नहीं है खुद की एनर्जी जो निकल जा रही हो जाएगी सबसे बड़ी खुशी इस बात की है पत्नी से प्रेम बच्चों के पड़ोसी प्रेम से प्रेम से प्रेम से प्रेम रहेगा

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insaan ko is prakar takiye ko pitate rajaai ko pitate gadde ko pitate pratishtana pitna pitna kijiye ki aap jab tak thak na jaaye kasam hai aapko agar jab tak takat hai yaad ki ruk gaye rukna bilkul nahi hath mein danda le liya toh bus le liya uske ud jaenge phir bhi marte rehna krodh karte rahe jab tak thak na jaaye hath na jaaye bilkul batata hoon na jaaye aur jab bilkul thak jaenge bethasha ho jaenge bus baadi shanti se aaram se shaant ho ghar ke darwaja kholakar ke bahar aaen bhojan kare aur prem se so ja ab dekhenge itni pyaari neend itni pyaari neend itni pyaari neend aayegi ki kabhi I nahi hogi bheetar sab shaant ho jaega aur toh uski tulna mein hoga jitna aapne ashanti jabardasti paida ki hogi ab yah aapke upar hai ki kitna adhik gussa karte hai jitna adhik tahlaka machaye hoga krodh karne mein itna adhik tahlaka machaya hoga utani gehri shanti hogi ab aapke upar hai aapne thoda sa feet foot feet foot kar ke takiya ko mara hoga taki aap mazak samajh rahe honge mazak mein maar rahe honge toh kyon mazak dant saaf utani hi gehrai se aapko sutra bata diya ab aap halka krodh karenge kamre mein chakkiyan ke ped takiye ko pita hai gadhe ko pitana hai diwal ko iton ko kholna hai daudana hai pedon ko kaatna hai ghas ko kaatna kuch bhi kariye usko jitni anupat mein karenge kisi ke viprit anupat mein aapko sukoon anand aur shanti milegi abhi aapke upar hai paimaana humne de diya humse yah mat kehna ki humne takiye ko mara yah kiya phir bhi mera krodh nahi dhire dhire put put karke mara hoga toh toh usko isko mazak samajh rahe honge itna krodh kariye pura jhuth dijiye apne ko jis din apne ko jhonk de jis din aise himmat nahi padti aapke toh aisa kariye jis din parivar mein bacche acche na ho koi kamra band kar dijiye aapko ko zyada kisi baat se yah toh jabardasti kar lijiye koi seema thodi hoti hai na karna toh isi tarah shuru kar dijiye faltu ulta seedha bolna shuru kar dijiye jo aap ka sabse bada dushman ho jo aap ka sabse bada dushman ho sabse bada dushman ho jisse 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cycle takara gayi toh uski bewakoofi kiya ya uski naadaani par dekh kar muskura dena aur kal denge thoda pahaada saath kiya hua ke chal diye itni shanti bheetar paida ho jayegi ek baar ek baar bhi hogi toh baar baar karenge istree is video ko toh kitni shanti hogi is sutra mil gaya ek sutra mil gaya kariye prayog koi dikkat aati hai koi pareshani aati hai tumse phir bhi nahi hai mera mobile number 98 9772 7441 is vidhi mein agar aapko takleef ho aapki himmat naam na padti ho toh mere paas aur bhi de diya hai vaah sukshm hai sukshm karenge toh sukh shanti milegi kam karo jaega yah shaktishali kiski himmat nahi pad rahi hai toh mujhse sampark banaye isse bhi mere par choti choti vidhiyan hai aur lagatar aapka krodh toh chala hi jaega uski chinta nahi hai khud ki energy jo nikal ja rahi ho jayegi sabse baadi khushi is baat ki hai patni se prem baccho ke padosi prem se prem se prem se prem rahega

इंसान को गुस्सा ना आए इसके लिए क्या तरीका है तरीका है पहले गुस्साए कोई गलत चीज नहीं है गुस

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PARESHKUMAR PARMAR

REHABILITATION PSYCHOLOGIST

2:42
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आपको बताया कि गुस्सा जब आता है जब आप पानी पहुंचे हो तो आप उसे ट्यूशन से हट जाना चाहिए आपको उस जगह से थोड़ा दूर हो जाना चाहिए अगर वह परेशान है तो कभी ऐसा हो सकता है कि आप गुस्सा मत बस स्टेशन से भी नहीं कर सकते या फिर ओपन से भी दूर नहीं जा सकते आप किसी जगह पर खो सकते हो और वहां से आपको गुस्सा कहा कि आप वन टू हंड्रेड काउंट कर सकते हो इससे आपको गुस्सा और दूसरी बातें की गुस्सा एक्चुअली हमारा एक इमोशंस है ठीक है वह हम उसको निकले कि नहीं कर सकते कि यहां पर किसी को गुस्सा नहीं हो सकता वही हमारा इमोशन है वह हमसे जुदा हुआ है वह इतना गुस्से को सब कुछ करोगे वह कुछ नहीं ज्यादा उठेगा इससे बताइए कि आपके पास पहुंचने को कंट्रोल कर सकते हो बढ़ा दे सकता है उसको आप सेंड कर सकते हो ठीक है उसको मार के अपना रोशन निकाल सकते हो ठीक हो जाएगी अगर आप गुस्से में हो तो अब ऐसी बात है कि वह दिमाग नहीं चलता तुम मेरी बेशक भी एक वन टाइप ऑफ अच्छा है जो आप के गुस्से को कंट्रोल करने में आपको हेल्प पेपर ठीक है जैसे कि हर किसी का होता है कि मुझे भगवान का नाम लेता हूं या उनका जा करता हूं तो मुझे मेरे मन के मंदिर जा कर मेरे मन को सुकून मिलता है ना कि लाइफ से रिलेटेड है जो आपको देखकर आपको अच्छा लग रहा है तो अब क्यों वह जो क्रिएटिविटी है जो आपकी वजह भी है उसमें ज्यादा कीजिए

aapko bataya ki gussa jab aata hai jab aap paani pahuche ho toh aap use tuition se hut jana chahiye aapko us jagah se thoda dur ho jana chahiye agar vaah pareshan hai toh kabhi aisa ho sakta hai ki aap gussa mat bus station se bhi nahi kar sakte ya phir open se bhi dur nahi ja sakte aap kisi jagah par kho sakte ho aur wahan se aapko gussa kaha ki aap van to hundred count kar sakte ho isse aapko gussa aur dusri batein ki gussa actually hamara ek emotional hai theek hai vaah hum usko nikle ki nahi kar sakte ki yahan par kisi ko gussa nahi ho sakta wahi hamara emotion hai vaah humse juda hua hai vaah itna gusse ko sab kuch karoge vaah kuch nahi zyada uthega isse bataye ki aapke paas pahuchne ko control kar sakte ho badha de sakta hai usko aap send kar sakte ho theek hai usko maar ke apna roshan nikaal sakte ho theek ho jayegi agar aap gusse mein ho toh ab aisi baat hai ki vaah dimag nahi chalta tum meri beshak bhi ek van type of accha hai jo aap ke gusse ko control karne mein aapko help paper theek hai jaise ki har kisi ka hota hai ki mujhe bhagwan ka naam leta hoon ya unka ja karta hoon toh mujhe mere man ke mandir ja kar mere man ko sukoon milta hai na ki life se related hai jo aapko dekhkar aapko accha lag raha hai toh ab kyon vaah jo creativity hai jo aapki wajah bhi hai usme zyada kijiye

आपको बताया कि गुस्सा जब आता है जब आप पानी पहुंचे हो तो आप उसे ट्यूशन से हट जाना चाहिए आपको

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Mr.MISHRA AMITKUMAR KESHRIPRASAD

REHABILITATION PSYCHOLOGIST

0:40
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मेहंदी उसी पर ध्यान देना पड़ेगा बात बात पर गुस्सा आता है तो कौन सी चीज है जो उन्हें डिटेक्ट करती है और उसको गुस्सा आता है तो इस कंडीशन को ध्यान में रखना है और वहां पर कोटेशंस लेवल को बनाए रखना है उसको ध्यान रखना या तो फिर उसे थोड़ा थोड़ा टाइम टो अवॉइड करना है उसी चीज थोड़ी देर के लिए वहां से हट जाना फिर बाद में वहां पर सीट प्रजेंट होना गुस्सा ऑटोमेटिक थोड़ा सा कम हो गया होगा और फिर हम बात करने की कंडीशन में रहेंगे और फिर हम सो प्लीज है उनसे बात कर सकते हैं जो भी पसंद है किस कंडीशन में भी है या जहां पर भी हो

mehendi usi par dhyan dena padega baat baat par gussa aata hai toh kaun si cheez hai jo unhe detect karti hai aur usko gussa aata hai toh is condition ko dhyan mein rakhna hai aur wahan par koteshans level ko banaye rakhna hai usko dhyan rakhna ya toh phir use thoda thoda time toe avoid karna hai usi cheez thodi der ke liye wahan se hut jana phir baad mein wahan par seat present hona gussa Automatic thoda sa kam ho gaya hoga aur phir hum baat karne ki condition mein rahenge aur phir hum so please hai unse baat kar sakte hain jo bhi pasand hai kis condition mein bhi hai ya jaha par bhi ho

मेहंदी उसी पर ध्यान देना पड़ेगा बात बात पर गुस्सा आता है तो कौन सी चीज है जो उन्हें डिटेक्

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H S Thakur

Government Pensioner

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आपके प्रश्न का सही उत्तर यह है कि ऐसा संभव नहीं है कभी गुस्सा ना आए ऐसा संभव नहीं है कहां है कहां ना आए यह संभव हो सकता है

aapke prashna ka sahi uttar yah hai ki aisa sambhav nahi hai kabhi gussa na aaye aisa sambhav nahi hai kahaan hai kahaan na aaye yah sambhav ho sakta hai

आपके प्रश्न का सही उत्तर यह है कि ऐसा संभव नहीं है कभी गुस्सा ना आए ऐसा संभव नहीं है कहां

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Bharti Sharma

Love.. Beauty Tips..Life Tips

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन गुस्सा हर इंसान को आता है और एक गुस्सा ही एक ऐसी चीज है जो इंसान को डिस्ट्रॉयड कर देती अंदर से बाहर से भी करती है अंदर से भी कर देती है जो इंसान गुस्सा करता है ज्यादा गुस्सा करता है उस इंसान को एक कमजोर इंसान की तुलना में ज्यादा माना जाता है उर्दू इंसान गुस्सा नहीं करता ना उसे सबसे ज्यादा सॉन्ग माना जाता है कि उसके अंदर सहन शक्ति युक्ति पावर होती है ना वह काफी होती है इंसान को इंसान है ठीक है जो गुस्सा काम करता है गुस्सा ही नहीं करता रहेगा गुस्सा करता करता सामने वाला था ना दे रहा है जो गुस्सा करता है ना उसको बहुत ही जल्दी गुस्सा आएगा लेकिन जो गुस्सा नहीं करता एकदम शांत से सुनेगा सुनकर एक कान से सुना दूसरे से निकाल दिया उसके कोई फर्क नहीं पड़ेगा ठीक है तुमने बोल दिया मैंने सुन लिया तुमने जो कहना था कह दिया हमने सुन लिया वह इंसान खुद की नजरों में गिर जाएगा कि वह तानी दे दे कर चुप हो गया आपके कोई फर्क ही नहीं पाया बट जो गुस्सा करता है वह उसको सुन आएगा फिर वह स्कोर सुना है ना वह दूसरों दोनों इन लोगों की नजरों में बेकार बन जाएंगे खोर बाद में खुद की नजरों में क्योंकि गुस्सा इंसान की कोशिश अद्भुत सब कुछ खो देता है उनको पता नहीं रहता वह क्या कह रहा है क्या नहीं कह रहे तो गुस्सा कम करने का सबसे अच्छा आप ध्यान कीजिए योग कीजिए उसे गुस्सा काफी हद तक कम होता है अगर आपको गुस्सा आ रहा है तो पानी पीजिए योग नहीं कर सकते कोई बात नहीं जब भी आपको गुस्सा है पानी पीजिए कोई गाना सुनिए अगर भाई से ऐसे कोई मोमेंट को याद कीजिए हां जिससे आपको देखते हो सोचते हो तो आपके चेहरे पर मुस्कुराहट आती है यह सोची चलो कोई नहीं होता है जो होता है गुस्सा तो आएगा ही आ रहा है चलो कोई नहीं कंट्रोल करो जिसमें भगवान को मानते हो उसको याद करो थोड़ा सा नाम ले लो आरती होती तो बोकारो तो उसे कंट्रोल

lekin gussa har insaan ko aata hai aur ek gussa hi ek aisi cheez hai jo insaan ko distrayad kar deti andar se bahar se bhi karti hai andar se bhi kar deti hai jo insaan gussa karta hai zyada gussa karta hai us insaan ko ek kamjor insaan ki tulna mein zyada mana jata hai urdu insaan gussa nahi karta na use sabse zyada song mana jata hai ki uske andar sahan shakti yukti power hoti hai na vaah kaafi hoti hai insaan ko insaan hai theek hai jo gussa kaam karta hai gussa hi nahi karta rahega gussa karta karta saamne vala tha na de raha hai jo gussa karta hai na usko bahut hi jaldi gussa aayega lekin jo gussa nahi karta ekdam shaant se sunegaa sunkar ek kaan se suna dusre se nikaal diya uske koi fark nahi padega theek hai tumne bol diya maine sun liya tumne jo kehna tha keh diya humne sun liya vaah insaan khud ki nazro mein gir jaega ki vaah tani de de kar chup ho gaya aapke koi fark hi nahi paya but jo gussa karta hai vaah usko sun aayega phir vaah score suna hai na vaah dusro dono in logo ki nazro mein bekar ban jaenge khor baad mein khud ki nazro mein kyonki gussa insaan ki koshish adbhut sab kuch kho deta hai unko pata nahi rehta vaah kya keh raha hai kya nahi keh rahe toh gussa kam karne ka sabse accha aap dhyan kijiye yog kijiye use gussa kaafi had tak kam hota hai agar aapko gussa aa raha hai toh paani PGA yog nahi kar sakte koi baat nahi jab bhi aapko gussa hai paani PGA koi gaana suniye agar bhai se aise koi moment ko yaad kijiye haan jisse aapko dekhte ho sochte ho toh aapke chehre par muskurahat aati hai yah sochi chalo koi nahi hota hai jo hota hai gussa toh aayega hi aa raha hai chalo koi nahi control karo jisme bhagwan ko maante ho usko yaad karo thoda sa naam le lo aarti hoti toh bokaro toh use control

लेकिन गुस्सा हर इंसान को आता है और एक गुस्सा ही एक ऐसी चीज है जो इंसान को डिस्ट्रॉयड कर द

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इस चीज का एक ही तरीका है कि इंसानों को भी गुस्सा ना आए इंसान को अपना गुस्सा रोकने के लिए जो है भगवान की भक्ति करनी चाहिए और जब ईश्वर के की भक्ति में हम लोग लीन हो जाते हैं और ईश्वर की कृपा हमारे ऊपर हो जाती है कभी मुझसे गुस्सा हो सकता है वरना हम लोग किसी भी प्रकार से किसी भी पर्यटन से हम लोग गुस्सा नहीं जानते जब हम लोग परमात्मा की भक्ति करते हैं और हमें किसी से मतलब नहीं रहता तभी बाय गॉड ग्रेस मतलब परमात्मा की रजा से ही जवाब ना गुस्सा कर सकते हैं अतः जब परमात्मा की पूरी राजा हो जाए मतलब भगवान की पूरी मेहर हो जाए तभी इंसान का गुस्सा अपने आप कम हो जाता है

is cheez ka ek hi tarika hai ki insano ko bhi gussa na aaye insaan ko apna gussa rokne ke liye jo hai bhagwan ki bhakti karni chahiye aur jab ishwar ke ki bhakti mein hum log Lean ho jaate hai aur ishwar ki kripa hamare upar ho jaati hai kabhi mujhse gussa ho sakta hai varna hum log kisi bhi prakar se kisi bhi paryatan se hum log gussa nahi jante jab hum log paramatma ki bhakti karte hai aur hamein kisi se matlab nahi rehta tabhi bye god graze matlab paramatma ki raza se hi jawab na gussa kar sakte hai atah jab paramatma ki puri raja ho jaaye matlab bhagwan ki puri mehar ho jaaye tabhi insaan ka gussa apne aap kam ho jata hai

इस चीज का एक ही तरीका है कि इंसानों को भी गुस्सा ना आए इंसान को अपना गुस्सा रोकने के लिए ज

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दया धर्म का मूल है पाप मूल अभिमान इसीलिए हम को कभी अभिमान नहीं करना चाहिए क्योंकि अभिमानी अपना पाप है और वही गुस्सा है

daya dharm ka mul hai paap mul abhimaan isliye hum ko kabhi abhimaan nahi karna chahiye kyonki abhimani apna paap hai aur wahi gussa hai

दया धर्म का मूल है पाप मूल अभिमान इसीलिए हम को कभी अभिमान नहीं करना चाहिए क्योंकि अभिमानी

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राकेश राठौर

किराना स्टोर

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गुस्सा आना लाजिमी है क्योंकि जब हमारा कोई काम बिगड़ जाता है या हमसे कोई गलती हो जाती है तो हमें गुस्सा आ जाता है लेकिन गुस्से को कंट्रोल करने का एक आसान सा काम है आसान सा उपाय है अगर आपको गुस्सा गुस्सा आता है आप गुस्सा करते हैं अपने से छोटी कम उम्र वाले लोगों पर गुस्सा उतार देते हैं और काट सकते हैं लेकिन अगर आपको गुस्सा आए तब आप अपने से अधिक होने वाले लोगों के सामने जाकर खड़े हो खड़े हो जाए ताकि आप आ सकते हो क्या

gussa aana lazmi hai kyonki jab hamara koi kaam bigad jata hai ya humse koi galti ho jaati hai toh hamein gussa aa jata hai lekin gusse ko control karne ka ek aasaan sa kaam hai aasaan sa upay hai agar aapko gussa gussa aata hai aap gussa karte hain apne se choti kam umr waale logo par gussa utar dete hain aur kaat sakte hain lekin agar aapko gussa aaye tab aap apne se adhik hone waale logo ke saamne jaakar khade ho khade ho jaaye taki aap aa sakte ho kya

गुस्सा आना लाजिमी है क्योंकि जब हमारा कोई काम बिगड़ जाता है या हमसे कोई गलती हो जाती है तो

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