भारतीय पुलिस इतनी भ्रस्ट क्यों है? इनका काम आम आदमी की सुरक्षा करना है पर लोगों को इन ही से डर लगता है?...


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Bhim Singh Kasnia

Acupunctrist,Motivational Speaker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार आपका सवाल है कि भारतीय पुलिस इतनी भ्रष्ट क्यों है इनका काम आम आदमी की सुरक्षा करना है पर लोगों को इन्हीं से डर लगता है देखिए यह सवाल आपका काफी हद तक ठीक है लेकिन सभी पुलिस वालों के बारे में हम नहीं कह सकते एक बात तो यह और दूसरी बात बात पुलिस की नहीं है पूरा का पूरा जो प्रशासनिक तंत्र है अगर उसमें कहीं भी कोई गड़बड़ है तो उसके जिम्मेदार हमारे राजनेता है जो हमारे देश को चला रहे हैं देखिए अगर सिस्टम में कहीं से करप्शन आता है तो उस सिस्टम को ऊपर चलाने वाले लोग ही उसको ठीक कर पा सकते हैं आप और हम नहीं आप और हम केवल एक जागरूक नागरिक बनकर उसके खिलाफ आवाज उठा सकते हैं बाकी इस सिस्टम को पूरी तरह से अगर खत्म होने से बचाना है तो बात एकमात्र पुलिस की नहीं है हर आदमी को अगर सही करना है और सही होना है तो आप और हम जिम्मेदार नागरिक बने और हमारी सरकार इस चीज के ऊपर हमारे जो नेता है माननीय नेता वह इस बात पर ध्यान दें और इसमें पूरा का पूरा सुधार करें तभी यह संभव है नमस्कार धन्यवाद

namaskar aapka sawaal hai ki bharatiya police itni bhrasht kyon hai inka kaam aam aadmi ki suraksha karna hai par logo ko inhin se dar lagta hai dekhiye yah sawaal aapka kaafi had tak theek hai lekin sabhi police walon ke bare me hum nahi keh sakte ek baat toh yah aur dusri baat baat police ki nahi hai pura ka pura jo prashaasnik tantra hai agar usme kahin bhi koi gadbad hai toh uske zimmedar hamare raajneta hai jo hamare desh ko chala rahe hain dekhiye agar system me kahin se corruption aata hai toh us system ko upar chalane waale log hi usko theek kar paa sakte hain aap aur hum nahi aap aur hum keval ek jagruk nagarik bankar uske khilaf awaaz utha sakte hain baki is system ko puri tarah se agar khatam hone se bachaana hai toh baat ekmatra police ki nahi hai har aadmi ko agar sahi karna hai aur sahi hona hai toh aap aur hum zimmedar nagarik bane aur hamari sarkar is cheez ke upar hamare jo neta hai mananiya neta vaah is baat par dhyan de aur isme pura ka pura sudhaar kare tabhi yah sambhav hai namaskar dhanyavad

नमस्कार आपका सवाल है कि भारतीय पुलिस इतनी भ्रष्ट क्यों है इनका काम आम आदमी की सुरक्षा करन

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Yogender Dhillon

Law Educator , Advocate Motivational Coach

2:31
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखो आज अगर हम बात करें पुलिस के डर की तो पुलिस से नहीं डरते हैं लोग को मिली नहीं डरते हैं लेकिन मैक्सिमम लोग नहीं आते हैं पुलिस से पहली बात दूसरी बात देखो सारी पुलिस भरत नहीं होती है और बहुत सारे लोग ऐसे भी हैं कि सिस्टम के अध्यक्ष जाकर ईमानदारी से रहते हैं पर कई कारण होते हैं पुलिस का इस तरह के जो भी पुलिस डिपार्टमेंट में होते हैं उनको भ्रष्ट है जो करने को मजबूर करता है जो मैं एक मोटी बात बताऊं आपको जो बन जाते हैं इन्वेस्टीगेशन ऑफिसर बन जाते हैं कोई भी हेड कॉस्टेबल में थोड़ा बनता है वह जो फाइल पर इन्वेस्टिगेशन करता है तो उस हर फाइल को जो वह कोर्ट में लेकर जाता है तो उसे सरकारी वकील होते हैं ना जी वह पैसा मांगते हैं उनसे तो वह कहां से लेकर आएंगे पैसा वो पार्टी से मांगते हैं तो भ्रष्टाचार पड़ जाता है पहली बात दूसरी बात जो वो ट्रैफिक पुलिस ने यहां पर खड़े होते हैं मतलब मेन चीज होती है ट्रैफिक कि यह लोग क्या करते हैं दूसरे अगर हम सोसाइटी की बात करें तो दिखाई नहीं देती है यह बहुत दूसरी जगह से टॉर्चर करते हैं जिनको सारा दिन यह भी परेशान हो जाते हैं तो इसलिए दोनों चीज है मतलब ही नहीं करती पुलिस में जो काम करते हो भारत नहीं होते हैं पर यह भी नहीं करती कि सारे लोग जो ईमानदार होते हैं वह उसमें भरत बनना चाहते हैं सिस्टम है जो उन्हें मजबूर करता है और इतना सब जगह होता है यह मदद चाहिए आप किसी भी डिपार्टमेंट में चले जाओ यह इस तरह का सब है लेकिन पुलिस का डायरेक्ट कनेक्शन है तो लोग यूं कहते हैं कि पुलिस सबसे भरत से पहली बात दूसरी बात अगर की बात है क्योंकि डर कोई पैदा नहीं करना चाहता है लेकिन लोग बिजली मानते नहीं है जी उन्हें समझाओ नहीं मानेंगे इसीलिए उन्हें सारा दिन करते-करते गुस्सा आने लगता है उनकी आदत में हो जाता है उस तरह का ही बोलना उसे जेंटलमैन तो कोई रात दिन मिलते नहीं मिलते तो सारे दिन क्रिमिनल है तू जैसे लोगों के साथ रहोगे धीरे-धीरे वैसे ही भाषा हो जाएगी कई बार तो होने ही नहीं पता होता कि आप जोर से बोल रहे हो किसी को हर्ट हो रहा है किसी को डर लग रहा है क्यों क्यों भूल जाते हैं उनका रुटीन होता है उस तरह का नेचर बन जाता है उनका

dekho aaj agar hum baat kare police ke dar ki toh police se nahi darte hain log ko mili nahi darte hain lekin maximum log nahi aate hain police se pehli baat dusri baat dekho saari police Bharat nahi hoti hai aur bahut saare log aise bhi hain ki system ke adhyaksh jaakar imaandaari se rehte hain par kai karan hote hain police ka is tarah ke jo bhi police department me hote hain unko bhrasht hai jo karne ko majboor karta hai jo main ek moti baat bataun aapko jo ban jaate hain investigation officer ban jaate hain koi bhi head kastebal me thoda banta hai vaah jo file par investigation karta hai toh us har file ko jo vaah court me lekar jata hai toh use sarkari vakil hote hain na ji vaah paisa mangate hain unse toh vaah kaha se lekar aayenge paisa vo party se mangate hain toh bhrashtachar pad jata hai pehli baat dusri baat jo vo traffic police ne yahan par khade hote hain matlab main cheez hoti hai traffic ki yah log kya karte hain dusre agar hum society ki baat kare toh dikhai nahi deti hai yah bahut dusri jagah se torture karte hain jinako saara din yah bhi pareshan ho jaate hain toh isliye dono cheez hai matlab hi nahi karti police me jo kaam karte ho bharat nahi hote hain par yah bhi nahi karti ki saare log jo imaandaar hote hain vaah usme Bharat banna chahte hain system hai jo unhe majboor karta hai aur itna sab jagah hota hai yah madad chahiye aap kisi bhi department me chale jao yah is tarah ka sab hai lekin police ka direct connection hai toh log yun kehte hain ki police sabse Bharat se pehli baat dusri baat agar ki baat hai kyonki dar koi paida nahi karna chahta hai lekin log bijli maante nahi hai ji unhe samjhao nahi manenge isliye unhe saara din karte karte gussa aane lagta hai unki aadat me ho jata hai us tarah ka hi bolna use gentleman toh koi raat din milte nahi milte toh saare din criminal hai tu jaise logo ke saath rahoge dhire dhire waise hi bhasha ho jayegi kai baar toh hone hi nahi pata hota ki aap jor se bol rahe ho kisi ko heart ho raha hai kisi ko dar lag raha hai kyon kyon bhool jaate hain unka routine hota hai us tarah ka nature ban jata hai unka

देखो आज अगर हम बात करें पुलिस के डर की तो पुलिस से नहीं डरते हैं लोग को मिली नहीं डरते हैं

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vivek sharma

BANK PO| Astrologer | Mutual Fund Advisor। Career Counselor

0:44
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भारतीय पुलिस इतनी व्यस्त क्यों है इनका काम आदमी आदमी की रक्षा करना है पर लोगों को इनसे डर क्यों लगता है जो भी पब्लिक अधिकारी होते हैं या फिर पुलिस या फिर राज्यसभा ले या फिर कोई भी वह हमारे समाज का परिदृश्य होते हैं हमारा समाज इस तरह का होगा उसी तरह के अधिकारी हम को मिलेंगे तो हम को किसी भी व्यक्ति पर उंगली उठाने उठाने का अधिकार नहीं है हम अपने पर ध्यान दें अपने समाज पर ध्यान दें उनको सर करें अपने आप ही पुलिस में सुधार आएगा

bharatiya police itni vyast kyon hai inka kaam aadmi aadmi ki raksha karna hai par logo ko inse dar kyon lagta hai jo bhi public adhikari hote hain ya phir police ya phir rajya sabha le ya phir koi bhi vaah hamare samaj ka paridrishya hote hain hamara samaj is tarah ka hoga usi tarah ke adhikari hum ko milenge toh hum ko kisi bhi vyakti par ungli uthane uthane ka adhikaar nahi hai hum apne par dhyan de apne samaj par dhyan de unko sir kare apne aap hi police me sudhaar aayega

भारतीय पुलिस इतनी व्यस्त क्यों है इनका काम आदमी आदमी की रक्षा करना है पर लोगों को इनसे डर

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Awdhesh Singh

Former IRS, Top Quora Writer, IAS Educator

1:28

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह बात सही है कि भारतीय पुलिस बहुत भ्रष्ट है, लेकिन यह बात भी सही है कि भारतीय पुलिस को जिस कंडीशन में काम करना पड़ता है ,उस कंडीशन में मैं नहीं समझता कि दुनिया की और देशों की खास और विकसित देशों की पुलिस में काम करना पड़ता है l हमारे यहां पुलिस पर सबसे पुराने टाइप के वेपन्स है l हमारे यहां पर पुलिस जो काम करती है ,उसकी जो कंडीशन है बहुत ही बत्थर है l उनके ड्यूटी की कोई आवर्स नहीं है l १२ घंटे, २४ घंटे काम करना, छुट्टी ना मिलना और उनको कोई इंसेंटिव नहीं है, कोई उनके अच्छे काम का कोई रिवॉर्ड नहीं है, ना उनके कोई फ़ास्ट प्रमोशन है और यह सारी चीजें जो है इस तरीके से विकृत कर चुकी हैं भारतीय पुलिस सिस्टम को कि, वहां पर आदमी थोड़े दिनों के अंदर जाने के बाद भी उसकी पूरी मानसिकता जो है विकृत हो जाती है, क्योंकि आपने कोई भी लीगल उसको जो है बेनिफिट नहीं दिया हुआ है l उसको अगर किसी आदमी को हम ८ घंटे सरकारी ऑफिस में काम कराते हैं और अगर हम उसको ज्यादा रोकते हैं १२ घंटे काम कराते हैं, सैटरडे- संडे बुलाते हैं, तो हम उसको ओवरटाइम देते हैं l लेकिन पुलिस में ऐसा कोई सिस्टम नहीं है l वो एक बंधुआ मजदूर की तरह मानते हैं लोग उनको , जो मर्जी हो से काम करा लो l जितना काम करा लो और उनको कोई भी पैसा ना दो, तो जब उनको हम बुरी तरीके से प्रताड़ित करते हैं, उनको हम बुरी तरीके से ट्रीट करते हैं, तो वह उसी तरीके से जनता को ट्रीट करते हैं l तो अगर हमें पुलिस को सुधारना है तो, सबसे पहले पुलिस की जो लोग हैं, उनको हमें अच्छी तरीके से ट्रीट करना पड़ेगा, अच्छी तरीके से ट्रेनिंग देनी पड़ेगी l जब हम उनके साथ अच्छा व्यवहार करेंगे, तभी वह आम जनता के साथ अच्छा व्यवहार करेंगे l

yeh baat sahi hai ki bhartiya police bahut bhrasht hai lekin yeh baat bhi sahi hai ki bhartiya police ko jis condition mein kaam karna padata hai us condition mein main nahi samajhata ki duniya ki aur deshon ki khaas aur viksit deshon ki police mein kaam karna padata hai l hamare yahan police par sabse purane type ke weapons hai l hamare yahan par police jo kaam karti hai uski jo condition hai bahut hi batthar hai l unke duty ki koi hours nahi hai l 12 ghante 24 ghante kaam karna chutti na milna aur unko koi insentiv nahi hai koi unke acche kaam ka koi reward nahi hai na unke koi fast promotion hai aur yeh saree cheezen jo hai is tarike se vikrit kar chuki hain bhartiya police system ko ki wahan par aadmi thode dinon chahiye ke andar jaane ke baad bhi uski puri mansikta jo hai vikrit ho jati hai kyonki aapne koi bhi legal usko jo hai benefit nahi diya hua hai l usko agar kisi aadmi ko hum 8 ghante chahiye sarkari office mein kaam karate hain aur agar hum usko jyada rokte hain 12 ghante kaam karate hain saitarade sunday bulate hain to hum usko ovarataim dete hain l lekin police mein aisa koi system nahi hai l vo ek bandhua majdur ki tarah manate hain log unko , jo marji ho se kaam kra lo l jitna kaam kra lo aur unko koi bhi paisa na do to jab unko hum buri tarike se pratadit karte hain unko hum buri tarike se treat karte hain to wah ussi tarike se janta ko treat karte hain l chahiye to agar hume police ko sudharna hai to sabse pehle police ki jo log hain unko hume acchi tarike se treat karna padega acchi tarike se training deni padegi l jab hum unke saath accha vyavhar karenge tabhi wah aam janta ke saath accha vyavhar karenge l

यह बात सही है कि भारतीय पुलिस बहुत भ्रष्ट है, लेकिन यह बात भी सही है कि भारतीय पुलिस को जि

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Ravi Sharma

Advocate

1:59
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सर्वप्रथम यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि भारतीय पुलिस में जो लोग भर्ती होते हैं वह भी हमें से ही जाते हैं तो अगर हमारे अंदर कहीं ना कहीं भ्रष्टाचार नहीं थे तो वह हमारे आज दिन प्रतिदिन के कार्य में हमारे नौकरी पर भी उसका स्पष्ट रुप फंक्शन होना तय है तो यदि हम भ्रष्ट है तो भारतीय पुलिस रिक्वेस्ट है दूसरी चीज कि वह हमारी रक्षा के लिए उनकी नियुक्ति होती है परंतु आम आदमी है उससे डरता है क्योंकि भारतीय पुलिस के लोगों को इस प्रकार का जवाब देना पड़ता है इस प्रकार के लोगों के साथ उठना बैठना पड़ता राजनेताओं का इतना अधिक उनके ऊपर दबाव रहता है कि वह स्वतंत्रता से वह बिना किसी डर कि अपना कार्य पूर्ण नहीं कर पाते हैं दूसरा यह कि पुलिस भर्ती में होने वाली जो धांधली होती है उस में होने वाला जो भ्रष्टाचार होता है उसकी वजह से अच्छे पुलिस अफसर शायद भारतीय पुलिस या राज्य पुलिस कॉल नहीं मिल पाते हैं तो यदि भ्रष्टाचार भर्तियों नहीं होगी तो जो उसका जो प्रतिफल होगा यानी कि उसका जो आउटपुट होगा वह भी भ्रष्ट ही होगा यदि आप पैसे देकर किसी को नौकरी लग जाएंगे तो वह चाहेगा कि वह सारे पैसे सूद समेत वापस कमाल है तो यह एक अन्य कारण है जिसकी वजह से भारतीय पुलिस में इतना भ्रष्टाचार नहीं था इसके अलावा मुझे ऐसा लगता है कि भारतीय पुलिस के साथ साथ अंय प्रशासनिक सेवाएं आजाद कि मैं तो यह कहूंगा कि राज्य सेवाएं व केंद्र सेवा सभी में बराबर या भारतीय पुलिस से ज्यादा ही भ्रष्टाचार नहीं था जिसका रूपांकन है जिसका अर्थ की रूपरेखा हमें आए दिन किसी न किसी रिपोर्ट के माध्यम से प्राप्त होती रहती है तो मैं नहीं मानता कि भारतीय पुलिस ही भ्रष्ट है भ्रष्टाचार हमारे अंदर है जिसके कारण भ्रष्टाचार को बढ़ावा देते हैं भ्रष्टाचार हमें एक बार फिर से भ्रष्ट बनाते हैं और यही साइकिल हमेशा चलती रहती है पहिया घूमता रहता है धन्यवाद

sarvapratham yeh spasht karna chahunga ki bhartiya police mein jo log bharti hote hai wah bhi hume se hi jaate hai to agar hamare andar kahin na kahin bhrashtachar nahi the to wah hamare aaj din pratidin ke karya mein hamare naukri par bhi uska spasht roop function hona tay hai to yadi hum bhrasht hai to bhartiya police request hai dusri cheez ki wah hamari raksha ke liye unki niyukti hoti hai parantu aam aadmi hai usse darta hai kyonki bhartiya police ke logo chahiye ko is prakar ka jawab dena padata hai is prakar ke logo chahiye ke saath uthna baithana padata rajnetao ka itna adhik unke upar dabaav rehta hai ki wah swatantrata se wah bina kisi dar ki apna karya poorn nahi kar paate hai doosra yeh ki police bharti mein hone wali jo dhandhali hoti hai us mein hone wala jo bhrashtachar hota hai uski wajah se acche police officer shayad bhartiya police ya rajya police call nahi mil paate hai to yadi bhrashtachar bhartiyo nahi hogi to jo uska jo pratiphal hoga yani ki uska jo output hoga wah bhi bhrasht hi hoga yadi aap paise dekar kisi ko naukri lag jaenge to wah chahega ki wah sare paise sud samet wapas kamal hai to yeh ek anya kaaran hai jiski wajah se bhartiya police mein itna bhrashtachar nahi tha iske alava mujhe aisa lagta hai ki bhartiya police ke saath saath any prashasnik sevayen azad ki main to yeh kahunga ki rajya sevayen va kendra seva sabhi mein barabar ya bhartiya police se jyada hi bhrashtachar nahi tha jiska roopankan chahiye hai jiska arth ki rooprekha hume aaye din kisi n kisi report chahiye ke maadhyam se prapt hoti rehti hai to main nahi manata ki bhartiya police hi bhrasht hai bhrashtachar hamare andar hai jiske kaaran bhrashtachar ko badhawa dete hai bhrashtachar hume ek baar phir se bhrasht banate hai aur yahi cycle hamesha chalti rehti hai pahiya ghoomta rehta hai dhanyavad

सर्वप्रथम यह स्पष्ट करना चाहूंगा कि भारतीय पुलिस में जो लोग भर्ती होते हैं वह भी हमें से ह

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Suraj Shaw

Entrepreneur, Career Counsellor

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हमारे देश में जो है भ्रष्ट प्रशासन है हमारे देश में यह जो है घूसखोरी झूठ दूसरों को ठगना पैसे लेकर काम करना है यह सारा जो है ऊपरी लेवल पर नेताओं के लेवल पर शुरू होता है और पुलिस जो है तो तीन नेताओं की यहां नौकरी पर लगी होती है एक-एक पॉलीटिशियंस के यहां 15 से 20 जो है पुलिस वाले होते हैं तो पुलिस वाले जो हैं जैसा नेता करते हैं वैसा ही करते हैं और पुलिस वालों के इस बात की परवाह नहीं होती तो कोई उनको कुछ कह सकता है इसलिए जो हमारा पूरा समाज ही पुलिस वाले भी सब भ्रष्ट हो रहे हैं और वह आम आदमी को डराते हैं कोई उनके पास चला जाए तो उनका मेन मकसद होता है पैसा खाना और वह दोनों पार्टियों से पैसा खाते हैं और जो ज्यादा दे दे उसकी फेवर में सारा केस बना देते हैं

hamare desh me jo hai bhrasht prashasan hai hamare desh me yah jo hai ghuskhori jhuth dusro ko thagna paise lekar kaam karna hai yah saara jo hai upari level par netaon ke level par shuru hota hai aur police jo hai toh teen netaon ki yahan naukri par lagi hoti hai ek ek politicians ke yahan 15 se 20 jo hai police waale hote hain toh police waale jo hain jaisa neta karte hain waisa hi karte hain aur police walon ke is baat ki parvaah nahi hoti toh koi unko kuch keh sakta hai isliye jo hamara pura samaj hi police waale bhi sab bhrasht ho rahe hain aur vaah aam aadmi ko darate hain koi unke paas chala jaaye toh unka main maksad hota hai paisa khana aur vaah dono partiyon se paisa khate hain aur jo zyada de de uski favour me saara case bana dete hain

हमारे देश में जो है भ्रष्ट प्रशासन है हमारे देश में यह जो है घूसखोरी झूठ दूसरों को ठगना पै

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Pooja mahajan

Work At Bank

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां नमस्कार आपका क्वेश्चन है भारतीय पुलिस इतनी भ्रष्ट क्यों है इनका काम आम आदमी की सुरक्षा करने पर लोगों कौन से डर लगता है आप सबसे पहले आपको मैं जो कहूंगी कि आपका जो क्वेश्चन है दो सिखों के पहलू की तरह आप पॉजिटिव एंड नेगेटिव देखिए आप पुलिस अधिकारी भ्रष्ट भ्रष्ट तो नहीं कह सकते आप बस ठीक है सर तक उनका थोड़ा सा आम आदमी के बर्तन के रवैया भी व्यर्थ थोड़ा सा अलग होता है क्योंकि वह मोस्टली हर बात को जब जब भी वह बात करेंगे कई बार ऐसे मत कर आप बात करते हैं जैसे ही पता नहीं आप लोगों ने कुछ उनका ले लिया है जो आप लोगों ने कुशन कैसे भी कर दिया क्यों ऐसी बात कर रही है ठीक है मैं जानती हूं कि आप लोग आम आदमी डर जाता है वह वर्दी के रोग के आगे बट मैं यह कहना चाहूंगी कि सभी अधिकारी एक समान नहीं होती है आप भारतीय पुलिस क्या का कोई भी अगर आप कहीं की भी पुलिस चेक होगी आपको कुछ लोग कम से कम 100 में से 40 परसेंट पैसे मिलते हैं जो ज्यादा भ्रष्टाचारी होते हैं जो भ्रष्ट होते हैं कुछ ऐसे भी होते हैं जो अच्छी पिक्चर नेक इंसान होती है ठीक है लोगों को उनसे डर इसलिए लगता क्योंकि कुछ अधिकारी अछूत की वर्दी के रौब दिखाकर दुकान में दुकानदार अपनी मनमर्जी का इस्तेमाल ले लिया बिना पैसे दिए ऑटो वाले भी बैठकर बिना फोटो के पैसे दिए बैठ के अतिथि का मौसम आ जा किसी किस वर्ष को कुछ उनको चाहिए उसकी मचकाई भी नहीं हुआ से ले लेते हैं तो आम आदमी जब विरोध करता है तो वह पुलिस आगे थोड़ा बहुत नेगेटिव है हमसे बात करती है तो लोग डर जाते हैं कि यह वर्दी के रूप में बताने की पावर की आवरण के हाथ में पता नहीं क्या कर कर दे क्या कर सकता है ठीक है मैं अभी यह कहते कुछ गलत है और दूसरा पॉजिटिविटी है कि क्योंकि कुछ भ्रष्ट लोगों को आप पुलिस अधिकारी करो भैया इसलिए गलत होता है क्यों क्यों क्यों पड़े पॉलीटिकल प्रेशर होते कुछ ऐसे अधिकारियों को प्रेषित होता है जिनकी वजह से वह अपने काम पर ही नहीं फोकस कर पाती और जो अपना गुस्सा तो आम जनता भी उतार देती है सुधीर आग कानून के दायरे में रहकर काम कीजिए अगर कोई कानून का उल्लंघन कर आए तो उसकी शिकायत अगर पुलिस आया नहीं कटता फ़ीसदी साइट्स जैसे अंजू के जाग काफी अच्छे संगठन बने हुए ऑर्गेनाइजेशन बने हुए हैं अगर आपका पुलिस आपको तंग कर गया था कि आज आपके साथ कुछ ऐसा वीडियो कर रही है तो अगर उनकी सीनियर्स नहीं कम पढ़े लिखे सबसे पहले उनके एसएसपी एसएचओ 80 कंप्लेन उनके पास टॉर्च गए नहीं तो सीधे एक्टर 181 पर कंप्लेंट दर्ज करवाई थी क्या है वह पुलिस वाले क्यों ना ठीक है अगर फिर भी नहीं तो कोई ऑर्गेनाइजेशन इतनी सारी साइड होती है उनसे हेल्प लीजिए पर डरो मत बट कानून के दायरे में रहकर आप भी कानून को बनाए रखो धन्यवाद

haan namaskar aapka question hai bharatiya police itni bhrasht kyon hai inka kaam aam aadmi ki suraksha karne par logo kaun se dar lagta hai aap sabse pehle aapko main jo kahungi ki aapka jo question hai do Sikhon ke pahaloo ki tarah aap positive and Negative dekhiye aap police adhikari bhrasht bhrasht toh nahi keh sakte aap bus theek hai sir tak unka thoda sa aam aadmi ke bartan ke ravaiya bhi vyarth thoda sa alag hota hai kyonki vaah Mostly har baat ko jab jab bhi vaah baat karenge kai baar aise mat kar aap baat karte hain jaise hi pata nahi aap logo ne kuch unka le liya hai jo aap logo ne cushion kaise bhi kar diya kyon aisi baat kar rahi hai theek hai main jaanti hoon ki aap log aam aadmi dar jata hai vaah wardi ke rog ke aage but main yah kehna chahungi ki sabhi adhikari ek saman nahi hoti hai aap bharatiya police kya ka koi bhi agar aap kahin ki bhi police check hogi aapko kuch log kam se kam 100 me se 40 percent paise milte hain jo zyada bhrashtachaari hote hain jo bhrasht hote hain kuch aise bhi hote hain jo achi picture neck insaan hoti hai theek hai logo ko unse dar isliye lagta kyonki kuch adhikari achut ki wardi ke raub dikhakar dukaan me dukaandar apni manmarzi ka istemal le liya bina paise diye auto waale bhi baithkar bina photo ke paise diye baith ke atithi ka mausam aa ja kisi kis varsh ko kuch unko chahiye uski machakai bhi nahi hua se le lete hain toh aam aadmi jab virodh karta hai toh vaah police aage thoda bahut Negative hai humse baat karti hai toh log dar jaate hain ki yah wardi ke roop me batane ki power ki aavaran ke hath me pata nahi kya kar kar de kya kar sakta hai theek hai main abhi yah kehte kuch galat hai aur doosra positivity hai ki kyonki kuch bhrasht logo ko aap police adhikari karo bhaiya isliye galat hota hai kyon kyon kyon pade political pressure hote kuch aise adhikaariyo ko preshit hota hai jinki wajah se vaah apne kaam par hi nahi focus kar pati aur jo apna gussa toh aam janta bhi utar deti hai sudheer aag kanoon ke daayre me rahkar kaam kijiye agar koi kanoon ka ullanghan kar aaye toh uski shikayat agar police aaya nahi katata fisadi sites jaise Anju ke jag kaafi acche sangathan bane hue organization bane hue hain agar aapka police aapko tang kar gaya tha ki aaj aapke saath kuch aisa video kar rahi hai toh agar unki seniors nahi kam padhe likhe sabse pehle unke SSP SHO 80 complain unke paas torch gaye nahi toh sidhe actor 181 par complaint darj karwai thi kya hai vaah police waale kyon na theek hai agar phir bhi nahi toh koi organization itni saari side hoti hai unse help lijiye par daro mat but kanoon ke daayre me rahkar aap bhi kanoon ko banaye rakho dhanyavad

हां नमस्कार आपका क्वेश्चन है भारतीय पुलिस इतनी भ्रष्ट क्यों है इनका काम आम आदमी की सुरक्षा

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार दोस्तों जो भाई लोग मेरे यह पूछ रहे हैं कि भारतीय पुलिस देखनी भ्रष्टाचार क्यों हैं इनका काम आदमी की सुरक्षा करना पर लोगों को इन्हीं से डर क्यों लगता है भाई लोगों को यह जवाब देना चाहता हूं कि सब पहले अपने अंदर आत्मविश्वास होना चाहिए अगर हम गलती नहीं किए हैं तो डर मुझे किस बात की डर नाम का कोई चीज नहीं हम भी एक आम आदमी है और आप एक आम आदमी हूं आप भी किसी दिन किसी और की और जॉब के तहत में आ सकते हो और था किसी कर्मचारी बन सकते हो जैसे पुलिस हो गया आईपीएस हो गया ऐसी हो गया या कुछ भी बैंक मैनेजर हो क्या या फिर 108 कोई भी हो गया सेना जल सेना वायु सेना थल सेना की कोई जरूरत नहीं है क्वालिफिकेशन होना चाहिए कि किस तरीके से हम बात करें कौन से लोग भेज को प्रयोग करें अगर आपका लैंग्वेज गलत नहीं होगा तो बुरा कोई नहीं मानेगा अगर आपकी गलती नहीं है तो फिर डरने की कोई आवश्यकता नहीं इसलिए मैं तो ऐसा करो डरने क्या बात है डरने वाली इसमें कोई सवाल ही नहीं उठता क्योंकि पहले अपने आप पर कॉल टू चेतन होना चाहिए जब आप उधर अपने अंदर खुद लाते हो पुलिस नहीं डरते हो कौन से कोई नहीं डरता है बस अपनी गवर्नमेंट की पालन करता हर कोई अपनी सरकार की गाइडलाइन में चलता है इसलिए उनसे कोई नहीं डरता है जो सम्मान करता है वह उड़ती का सम्मान करता है क्योंकि वर्दी का सम्मान करता है जो हमारे भारती की वर्दी कौरव है या हमारे पुलिस कर्मचारी की वर्दी हमारे भारतीय संविधान का गौरव है इसलिए हम उसको औरों का पालन करते हैं हम जिससे डरते नहीं हैं मैं सम्मान करता हूं वर्दी का इसके लिए हम थोड़ा नर्वस अन्यथा हम किसी से डरते नहीं है थैंक यू वेरी मच और डरना भी नहीं चाहिए किसी भाई को छोटी बात करने का कॉल डिफिकेशन होना चाहिए इसके तहत में आप बात करोगे तो कभी डर नाम की कोई चीज ही नहीं रहे पहले अपने आत्मा को विश्वाश डालो कि जब मैं गलती किया नहीं हो तो फिर डर किस बात की

namaskar doston jo bhai log mere yah puch rahe hain ki bharatiya police dekhni bhrashtachar kyon hain inka kaam aadmi ki suraksha karna par logo ko inhin se dar kyon lagta hai bhai logo ko yah jawab dena chahta hoon ki sab pehle apne andar aatmvishvaas hona chahiye agar hum galti nahi kiye hain toh dar mujhe kis baat ki dar naam ka koi cheez nahi hum bhi ek aam aadmi hai aur aap ek aam aadmi hoon aap bhi kisi din kisi aur ki aur job ke tahat me aa sakte ho aur tha kisi karmchari ban sakte ho jaise police ho gaya ips ho gaya aisi ho gaya ya kuch bhi bank manager ho kya ya phir 108 koi bhi ho gaya sena jal sena vayu sena thal sena ki koi zarurat nahi hai qualification hona chahiye ki kis tarike se hum baat kare kaun se log bhej ko prayog kare agar aapka language galat nahi hoga toh bura koi nahi manega agar aapki galti nahi hai toh phir darane ki koi avashyakta nahi isliye main toh aisa karo darane kya baat hai darane wali isme koi sawaal hi nahi uthata kyonki pehle apne aap par call to chetan hona chahiye jab aap udhar apne andar khud laate ho police nahi darte ho kaun se koi nahi darta hai bus apni government ki palan karta har koi apni sarkar ki guideline me chalta hai isliye unse koi nahi darta hai jo sammaan karta hai vaah udati ka sammaan karta hai kyonki wardi ka sammaan karta hai jo hamare bharati ki wardi kaurav hai ya hamare police karmchari ki wardi hamare bharatiya samvidhan ka gaurav hai isliye hum usko auron ka palan karte hain hum jisse darte nahi hain main sammaan karta hoon wardi ka iske liye hum thoda nervous anyatha hum kisi se darte nahi hai thank you very match aur darna bhi nahi chahiye kisi bhai ko choti baat karne ka call difikeshan hona chahiye iske tahat me aap baat karoge toh kabhi dar naam ki koi cheez hi nahi rahe pehle apne aatma ko vishwash dalo ki jab main galti kiya nahi ho toh phir dar kis baat ki

नमस्कार दोस्तों जो भाई लोग मेरे यह पूछ रहे हैं कि भारतीय पुलिस देखनी भ्रष्टाचार क्यों हैं

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Manmohan paliwal

political thinker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न उचित है भारत में पुलिस व्यवस्था अंग्रेजों के जमाने की व्यवस्था है उसमें जो पुलिस व्यवस्था का गठन था वह भारतीय नागरिकों को गुलाम मान करके उन पर शासन करने के लिए किया गया था और आज भी देश का जो पुलिस से संबंधित एक्ट है अंग्रेजों के जमाने का ही चला आ रहा है इसलिए भारतीय पुलिस से जनता इतना डरती है नहीं तो नाश्ता में भर्ती पुलिस देश के नागरिकों की रक्षा उनकी सहायता करने के लिए होने चाहिए

aapka prashna uchit hai bharat me police vyavastha angrejo ke jamane ki vyavastha hai usme jo police vyavastha ka gathan tha vaah bharatiya nagriko ko gulam maan karke un par shasan karne ke liye kiya gaya tha aur aaj bhi desh ka jo police se sambandhit act hai angrejo ke jamane ka hi chala aa raha hai isliye bharatiya police se janta itna darti hai nahi toh nashta me bharti police desh ke nagriko ki raksha unki sahayta karne ke liye hone chahiye

आपका प्रश्न उचित है भारत में पुलिस व्यवस्था अंग्रेजों के जमाने की व्यवस्था है उसमें जो पुल

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आधे हमारी जो भारतीय पुलिस है उसमें मैं समझता हूं कि इतना ज्यादा पॉलिटिकल परेशान रहता है और इतने सारे लोगों का पैसा रहता है क्योंकि हर हर आदमी पर जो है 14 वे से पता चला था हर आ जा रहा है आदमी पर खाली एक पुलिस वाला तो आगे रेसिंग इतना ज्यादा रहेगा तो मैं कल ऑफिस से बात हुई उस पुलिस पर कितना प्रसन्न रहेगा पुलिस लाइन पर जितने भी ऑफिस आते जवान पर वह जवान है वह उन पर कितना ज्यादा परेशान होता होगा मतलब छुट्टी के दिन भी काम करो अगर कोई फेस्टिवल है उस दिन भी काम करो प्रॉपर छुट्टी नहीं मिलना मतलब वह उनकी सैलरी कितनी लिमिटेड होती है कि मतलब का इंवॉल्वमेंट इतना हो जाता है उन लोगों को इतना काम करा जाता खाते पॉलिटिशन है वह अपने पैरों की धूल समझता है पुलिस वालों को जब जब चाहे जहां चाहे ट्रांसफर कर दिया है जान जब किसी को चाहो वहां से सस्पेंड कर दिया तो मैं समझता हूं कि मैं दफ्तर में हूं काम करते हैं ऊपर से जितना हादसा करते हैं उनसे तो अगर एक बंदा जो है वह इतना परेशान में है सुबह से धूप में किसी रेड लाइट पर खड़ा है अगर कोई उसे आकर गुस्से में बात करेगा तो उसका क्या रिएक्शन होगा जब यह तो सीधा सीधा प्रसारण और हमारी इंडियन जो पुलिस से इतनी पुरानी टेक्नोलॉजी यूज करती है इतने व्यस्त वापस इतने पुराने उनको गाड़ियां इतनी पुरानी पुरानी पुरानी Bolero Sumo जो कटारी हो रखी है वह सब उनको मिलती है तो अगर अगर आप फौरन कंट्री से कम पर करेंगे तो इंडिया में मतलब इतनी कम फैसिलिटी पुलिसवालों को दी जाती है और और ना ही कोई अवार्ड दिया जाता है अगर कोई अच्छा काम करेगा तो मैं तुमको फिर मोटिवेशन कहां से मिलेगा कि हम को और अच्छे काम करने चाहिए तो बताओ इस चित्र में मैसेज पूरा गलत हो रहा है इसको करें करने की जरूरत है हमारी सरकार को ध्यान देने की जरूरत है अगर जो सिस्टम है वह सही होगा तो पुलिस वाले थोड़े दिलीप माइन रहे हैं रहेंगे और उनका और कुछ ज्यादा अच्छा रहेगा और आउटपुट ज्यादा अच्छा रहेगा तो लोग खुश रहेंगे और बोलो खुश आएंगे तो हम लोग खुश रहेंगे सीधी से बातें तुम्हें सब

aadhe chahiye hamari jo bhartiya police hai usamen chahiye main samajhata hoon ki itna jyada political pareshan rehta hai aur itne sare logo chahiye ka paisa rehta hai kyonki har har aadmi par jo hai 14 ve se pata chala tha har aa ja raha hai aadmi par khaali ek police wala to aage racing itna jyada rahega to main kal office se baat hui us police par kitna prasann rahega police line par jitne bhi office aate jawaan par wah jawaan hai wah un par kitna jyada pareshan hota hoga matlab chutti ke din bhi kaam karo agar koi festival hai us din bhi kaam karo proper chutti nahi milna matlab wah unki salary kitni limited chahiye hoti hai ki matlab ka invalwament itna ho jata hai un logo chahiye ko itna kaam kra jata khate politician hai wah apne pairon ki dhul samajhata hai police walon ko jab jab chahe jaha chahe transfer kar diya hai jaan jab kisi ko chaho chahiye wahan se Suspend kar diya to main samajhata hoon ki main daftaar mein hoon kaam karte hain upar se jitna hadsa karte hain unse to agar ek banda jo hai wah itna pareshan mein hai subah se dhoop mein kisi red light par khada hai agar koi use aakar gusse mein baat karega to uska kya reaction hoga jab yeh to sidhaa sidhaa prasaran aur hamari indian jo police se itni purani technology use karti hai itne vyasta wapas itne purane unko gadiyan chahiye itni purani purani purani Bolero Sumo jo katari ho rakhi hai wah sab unko milti hai to agar agar aap phauran country se kum par karenge to india mein matlab itni kum facility pulisvalon ko di jati hai aur aur na hi koi award diya jata hai agar koi accha kaam karega to main tumko phir motivation Kahan chahiye se milega ki hum ko aur acche kaam karne chahiye to batao is chitra mein massage pura galat ho raha hai isko kare chahiye karne ki zarurat hai hamari sarkar ko dhyan dene ki zarurat hai agar jo system hai wah sahi hoga to police wale thode dilip mine rahe hain rahenge aur unka aur kuch jyada accha rahega aur output jyada accha rahega to log khush rahenge aur bolo khush aayenge to hum log khush rahenge sidhi se batein tumhein sab

आधे हमारी जो भारतीय पुलिस है उसमें मैं समझता हूं कि इतना ज्यादा पॉलिटिकल परेशान रहता है और

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Vatsal

Engineering Student

1:55
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

टिकट भारतीय पुलिस है यह काफी हद तक भ्रष्ट है यह आम धारणा है लोगों के अंदर वह वाकई बहुत हद तक सही है आज भी यदि कोई महिला जिसके साथ अन्याय कोई घटना होती है रेप की तो वह पुलिस में जाने से एक बार कुछ सोचती है कि उसका मजाक उड़ा देगा या वह जो सच अपनी रिपोर्ट लिखवाई थी उसके खिलाफ न्याय मिलेगा नहीं मिलेगा रिपोर्ट लिखी जाएगी नहीं जाएगी उसके कुछ कारण है प्रमुख सबसे पहला कारण है हमारा भ्रष्ट सिस्टम केवल पुलिस नहीं हमारा भ्रष्ट सिस्टम क्योंकि होता क्या है जो ऊपर से दबाव होता है पुलिस वालों पर इतना ज्यादा है उनके तबादले का उनके सस्पेंड होने का यह सारे जवाब होते हैं पुलिस वालों पर जिसके कारण जो भी मंत्री राजनेता है इन सब की बातें उन्हें सुनना पड़ता है उनके कहीं अनुसार चलना पड़ता पड़ता है सत्ताधारी पार्टी के किसी भी रसूख वाले नेता के कहने पर और यदि वो नहीं मान मैं तो उसके दुष्परिणामों ने भुगतने पड़ते हैं इसलिए कई बार जो है पुलिस वाले उन के दबाव में आकर कई कदम उठाते हैं दूसरी जो चीज है जो भी पुलिस की भर्ती है वह बहुत अधिक कोटे से होती है मौला कोटे के कारण पर जो भी होती है जिसके कारण जो भी अन्य जो डिजाइन कम होते हैं वह भी उसमें आ जाते हैं और वह इस तरीके की हरकतों को अंजाम देते हैं तो यही कुछ चीजें हैं भारतीय पुलिस क्यों ऊपर जो कंट्रोल है उस लहजे में नहीं है और जितना जो उस सिस्टम के तहत होना चाहिए कि वह उनका कार्य शैली कैसी है और क्या की जवाबदेही तय होनी चाहिए बजाय कि जो प्रेशर उनपर क्रिएट किया जाता है जो भी ईमानदार अफसर होते हैं उन्हें मुख्यमंत्रियों के कहे अनुसार अपना रिपोर्ट लिखनी है और इसको जो है निपटाना है

ticket bhartiya police hai yeh kaafi had tak bhrasht hai yeh aam dharan hai logo chahiye ke andar wah vaakai bahut had tak sahi hai aaj bhi yadi koi mahila jiske saath anyay koi ghatna hoti hai rape ki to wah police mein jaane se ek baar kuch sochti hai ki uska mazak uda dega ya wah jo sach apni report chahiye likhvai thi uske khilaf nyay milega nahi milega report chahiye likhi jayegi nahi jayegi uske kuch kaaran hai pramukh sabse pehla kaaran hai hamara bhrasht system kewal police nahi hamara bhrasht system kyonki hota kya hai jo upar se dabaav hota hai police walon par itna jyada hai unke tabadale ka unke Suspend hone ka yeh sare jawab hote hain police walon par jiske kaaran jo bhi mantri rajneta hai in sab ki batein unhen chahiye sunna padata hai unke kahin anusar chalna padata padata hai sattadhari party ke kisi bhi rasukh wale neta ke kehne par aur yadi vo nahi maan main to uske dushparinamon ne bhugatane padte hain isliye kai baar jo hai police wale un ke dabaav mein aakar kai kadam uthaatey hain dusri jo cheez hai jo bhi police ki bharti hai wah bahut adhik quota se hoti hai maula quota ke kaaran par jo bhi hoti hai jiske kaaran jo bhi anya jo design kum hote hain wah bhi usamen chahiye aa jaate hain aur wah is tarike ki harkaton ko anjaam dete hain chahiye to yahi kuch cheezen hain bhartiya police kyu upar jo control hai us lahaje mein nahi hai aur jitna jo us system ke tahat hona chahiye ki wah unka karya shaili kaisi hai aur kya ki jawabdehi tay honi chahiye bajay ki jo pressure unpar create kiya jata hai jo bhi imandar officer hote hain unhen chahiye mukhyamantriyon ke kahe anusar apna report chahiye likhani hai aur isko jo hai nipataanaa hai

टिकट भारतीय पुलिस है यह काफी हद तक भ्रष्ट है यह आम धारणा है लोगों के अंदर वह वाकई बहुत हद

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