जीवन में अनुशासन की महत्वता क्या है? एक व्यक्ति को कैसे अनुशासित होना चाहिए?...


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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

2:00

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जी पतंग उड़ाई आपने बचपन में थोड़ा ही हो गया देखी होगी लोग उड़ाते हुए होती तो डिसिप्लिन है जब आप डोर काट देंगे तो बदन गिर जाएगी आप कोई भी पी ले लीजिए अगर वहां पर डिसिप्लिन नहीं है तो आपको क्या लगता है वो रिजल्ट आएगा कोई भी है दिल्ली से सोच लीजिए अगर ट्राफिक सिग्नल ना हो बहुत ही की आवास वाली जगह पर तो क्या होगा कोई गाड़ी डर से आयेगी कोई उधर से आएगी कोई अनुशासन नहीं होगा और क्योंकि हम कोई भी हमेशा अनुशासित नहीं रहना चाहता कि आप ज्यादा कैसी भी आगे निकल जाए तो तो वहां पर जान लग जाएगा किसी भी कंट्री का डिफेंस फोर्सज जो होता है वह शायद क्यों कोई भी संगठन कोई भी समूह कोई भी प्रोफेशन हर जगह पर हम अनुशासन की बात क्यों करते हैं वह इसलिए कि वो एक तरीका होता है उस तरीके से अगर आप जाएंगे तो आपको अजीब कर सकते हैं जो अपाचे करना चाहते हैं उसे डिसिप्लिन में रहकर मतलब उस फील्ड में रहकर अगर कुछ पाना है तो यही एक तरीका है या फिर इस दायरे में रहकर आप बहुत सारे तरीके अपना सकते लेकिन आपको यह फॉर्मेट तो फॉलो करना पड़ेगा यह फॉर्मेट ही तो है जो अनुशासन का है अगर इस स्कूल में से हम अनुशासन हटा दे तो सोचे क्या बचेगा तो अनुशासन होना रखना बहुत महत्वपूर्ण है चाहे वह किसी भी चीज में उपस्थित रहने में बहुत फायदा है आप वह कर सकते हैं वह चुप कर सकते हैं या उस स्टेट में रह सकते हैं जो आपको कंफर्टेबल महसूस कराएं चाहे वह आपको कोई खेल सीखना हो तो उसके लिए भी आपको अनुशासन में रहना पड़े कोई काम करना हो तो भी एक तरीका होता है कोई भी चीज का करने का अगर आपको फॉलो करेंगे तो आपको रिजल्ट वैसे ही मिलेगा

ji patang udai aapne bachpan mein thoda hi ho gaya dekhi hogi log udate hue hoti toh discipline hai jab aap door kaat denge toh badan gir jayegi aap koi bhi p le lijiye agar wahan par discipline nahi hai toh aapko kya lagta hai vo result aayega koi bhi hai delhi se soch lijiye agar traffic signal na ho bahut hi ki aawas wali jagah par toh kya hoga koi gaadi dar se aayegi koi udhar se aayegi koi anushasan nahi hoga aur kyonki hum koi bhi hamesha anushasit nahi rehna chahta ki aap zyada kaisi bhi aage nikal jaaye toh toh wahan par jaan lag jaega kisi bhi country ka defence forsaj jo hota hai vaah shayad kyon koi bhi sangathan koi bhi samuh koi bhi profession har jagah par hum anushasan ki baat kyon karte hain vaah isliye ki vo ek tarika hota hai us tarike se agar aap jaenge toh aapko ajib kar sakte hain jo apache karna chahte hain use discipline mein rahkar matlab us field mein rahkar agar kuch paana hai toh yahi ek tarika hai ya phir is daayre mein rahkar aap bahut saare tarike apna sakte lekin aapko yah format toh follow karna padega yah format hi toh hai jo anushasan ka hai agar is school mein se hum anushasan hata de toh soche kya bachega toh anushasan hona rakhna bahut mahatvapurna hai chahen vaah kisi bhi cheez mein upasthit rehne mein bahut fayda hai aap vaah kar sakte hain vaah chup kar sakte hain ya us state mein reh sakte hain jo aapko Comfortable mehsus karaye chahen vaah aapko koi khel sikhna ho toh uske liye bhi aapko anushasan mein rehna pade koi kaam karna ho toh bhi ek tarika hota hai koi bhi cheez ka karne ka agar aapko follow karenge toh aapko result waise hi milega

जी पतंग उड़ाई आपने बचपन में थोड़ा ही हो गया देखी होगी लोग उड़ाते हुए होती तो डिसिप्लिन है

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Ruchi Garg

Counsellor and Psychologist(Gold MEDALIST)

1:54
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जीवन में अनुशासन का बहुत बड़ा महत्व है आज मैंने अपनी लाइफ में जो भी अच्छी किया है जो भी पाया है कि मैं आज एक साइकॉलजिस्ट्स हूं मैंने ग्रेजुएशन किया मास्टर्स किया उसके बाद भी मैं पड़ती ही रहती हूं कोई ना कोई कॉल जरूर करती हूं और जब मैं जॉब में जाती हूं तू जॉब आपसे बहुत मेहनत मांगती है बहुत आपका जो है आपका कमिटमेंट मांगती है तो वह सारा कमिटमेंट कि आप जो है अपने काम को सही ढंग से करें अपने काम को मेरे दिल लगाकर करे आप आपका मन कर रहा है कि नहीं चलो टीवी देख लेती हैं लेकिन नहीं आपको अपना काम कंप्लीट करके देना है तो वह मुझे अनुशासन में ही सिखाया एक व्यक्ति को कैसे अनुशासित होना चाहिए जब आप जो भी काम कर रहे हैं उसको वैल्यू देंगे मैं यह काम क्यों कर रहा हूं मां बाप के लिए दे अगर आप उस हिसाब से करेंगे तो आप उसे ढंग से नहीं कर पाएंगे जब आप उसमें अपनी वैल्यू डालेंगे कि मैं यह काम कर रहा हूं क्योंकि जो है उससे मुझे तरक्की मिलेगी मैं अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहता हूं तो जो है आप उस काम को अनुशासित तरीके से कर पाएंगे जो अनुशासन की वैल्यू समझेंगे तो आपस में आगे बढ़ पाएंगे इसके अलावा अनुशासन जो होता है कि सतत प्रयास होता है अगर आप चाहेंगे कि आप अनुशासित हो तो आप जरूर आप उस फील्ड में जो है अपने जीवन में अनुशासन और पाएंगे आप जरूर कोशिश कीजिए धीरे-धीरे आप अपने जो है उसके ड्यूल में दिल्ली में अनुशासन को डिसिप्लिन को अप्लाई कर पाएंगे अगर आप सच में चाहेंगे

jeevan mein anushasan ka bahut bada mahatva hai aaj maine apni life mein jo bhi achi kiya hai jo bhi paya hai ki main aaj ek saikaljists hoon maine graduation kiya masters kiya uske baad bhi main padti hi rehti hoon koi na koi call zaroor karti hoon aur jab main job mein jaati hoon tu job aapse bahut mehnat mangati hai bahut aapka jo hai aapka commitment mangati hai toh vaah saara commitment ki aap jo hai apne kaam ko sahi dhang se kare apne kaam ko mere dil lagakar kare aap aapka man kar raha hai ki nahi chalo TV dekh leti hain lekin nahi aapko apna kaam complete karke dena hai toh vaah mujhe anushasan mein hi sikhaya ek vyakti ko kaise anushasit hona chahiye jab aap jo bhi kaam kar rahe hain usko value denge main yah kaam kyon kar raha hoon maa baap ke liye de agar aap us hisab se karenge toh aap use dhang se nahi kar payenge jab aap usme apni value daalenge ki main yah kaam kar raha hoon kyonki jo hai usse mujhe tarakki milegi main apne jeevan mein aage badhana chahta hoon toh jo hai aap us kaam ko anushasit tarike se kar payenge jo anushasan ki value samjhenge toh aapas mein aage badh payenge iske alava anushasan jo hota hai ki satat prayas hota hai agar aap chahenge ki aap anushasit ho toh aap zaroor aap us field mein jo hai apne jeevan mein anushasan aur payenge aap zaroor koshish kijiye dhire dhire aap apne jo hai uske duel mein delhi mein anushasan ko discipline ko apply kar payenge agar aap sach mein chahenge

जीवन में अनुशासन का बहुत बड़ा महत्व है आज मैंने अपनी लाइफ में जो भी अच्छी किया है जो भी पा

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Rajesh Rana

Educator, Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए जीवन में अनुशासन इतना इंपोर्टेंट है जितना आपके लिए रोज ब्रेकफास्ट करना यह समझे बिना परिपथ के अगर आप घर से निकलते हैं पूरा दिन आप जनरल भूखे रहते हैं क्योंकि कहावतें हमारे हरियाणा में किधर से अगर पेट भर कर लोगे तो सब जगह आपको फिर पूरी मिलेगी और घर से खाली पेट निकलोगे तो पानी भी नहीं मिलेगा तो अनुशासन का जीवन में इसी तरह महत्व जिस तरह सुबह ब्रेकफास्ट अगर आप अनुशासन में हैं तो सब जगह इज्जत मिलेगी अगर किसी ने कहा भाई साहब 9:00 बजे मीटिंग है 8:55 पहुंच गए तो आपकी जो बाबा ही हो गई बता नहीं सकते आप और लगातार यह 1012 मीटिंग में आदमी साथ आप ने कर लिया तो दुनिया कहेगी भाई साहब दुनिया इधर लेकिन भाई साहब है 5 मिनट पहले पहुंच जाएंगे इसलिए मीटिंग में पहले ही आ जाना वेट ना करना पड़े यह अनुशासन की महत्ता है और अगर दो-तीन मीटिंग में आपने लेट हो गए तो दुनिया की बात है कि भाई साहब आप भी दूसरों जैसे ही हो कोई खास बात नहीं है आपके अंदर मतलब कॉमन मैन के कैटेगरी में आ गए जबकि कहां पहले आपको आत्म अनुशासन का जीवन में कितना महत्व है

dekhiye jeevan mein anushasan itna important hai jitna aapke liye roj Breakfast karna yah samjhe bina paripath ke agar aap ghar se nikalte hain pura din aap general bhukhe rehte hain kyonki kahavaten hamare haryana mein kidhar se agar pet bhar kar loge toh sab jagah aapko phir puri milegi aur ghar se khaali pet nikloge toh paani bhi nahi milega toh anushasan ka jeevan mein isi tarah mahatva jis tarah subah Breakfast agar aap anushasan mein hain toh sab jagah izzat milegi agar kisi ne kaha bhai saheb 9 00 baje meeting hai 8 55 pohch gaye toh aapki jo baba hi ho gayi bata nahi sakte aap aur lagatar yah 1012 meeting mein aadmi saath aap ne kar liya toh duniya kahegi bhai saheb duniya idhar lekin bhai saheb hai 5 minute pehle pohch jaenge isliye meeting mein pehle hi aa jana wait na karna pade yah anushasan ki mahatta hai aur agar do teen meeting mein aapne late ho gaye toh duniya ki baat hai ki bhai saheb aap bhi dusro jaise hi ho koi khaas baat nahi hai aapke andar matlab common man ke category mein aa gaye jabki kahaan pehle aapko aatm anushasan ka jeevan mein kitna mahatva hai

देखिए जीवन में अनुशासन इतना इंपोर्टेंट है जितना आपके लिए रोज ब्रेकफास्ट करना यह समझे बिना

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Mr.NARESH TRIVEDI

PSYCHOLOGIST

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

वेरी गुड विदाउट डिसिप्लिन इन लाइफ और अच्छी लाइफ जब हम सोशल पर्सन है सामाजिक प्राणी है और समाज में रहने के लिए हर इंसान को डिसिप्लिन सभी प्रकार के प्राणियों में इंसान अलग पड़ता है तू उसकी डिसिप्लिन की वजह से करता है जिस दिन खत्म हो जाएगा उस दिन जानवर और इंसान दोनों में डिफरेंस करना मुश्किल हो जाएगा इसलिए समाज की आवश्यकता है कि हमको डिसिप्लिन में रहना है उसके लिए जो भूमिका है उस हिसाब से उसको डिसिप्लिन में रहकर अपने आपको समाज में प्रजेंट करना है तो वह अपने आप को भी उसको सिचुएशन में ज्यादा से ज्यादा निकाल पाएगा

very good without discipline in life aur achi life jab hum social person hai samajik prani hai aur samaj mein rehne ke liye har insaan ko discipline sabhi prakar ke praniyo mein insaan alag padta hai tu uski discipline ki wajah se karta hai jis din khatam ho jaega us din janwar aur insaan dono mein difference karna mushkil ho jaega isliye samaj ki avashyakta hai ki hamko discipline mein rehna hai uske liye jo bhumika hai us hisab se usko discipline mein rahkar apne aapko samaj mein present karna hai toh vaah apne aap ko bhi usko situation mein zyada se zyada nikaal payega

वेरी गुड विदाउट डिसिप्लिन इन लाइफ और अच्छी लाइफ जब हम सोशल पर्सन है सामाजिक प्राणी है और स

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ASHOKBHAI METALIYA

REHABILITATION PSYCHOLOGIST

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नाम लिखे अपने फ्रेंड के साथ है बाहर निकला हूं ठीक है तो कहीं भी तो वहां पर मैं वहां पर अपने मेरे अपने लोग हैं उनको पता है कि उसका घर कैसा है ठीक है अगर मैं दूसरी दे दो फिर मैं इंटरफेयर करने का है और कैसे बेचने का है और सब जरूरी है

naam likhe apne friend ke saath hai bahar nikala hoon theek hai toh kahin bhi toh wahan par main wahan par apne mere apne log hain unko pata hai ki uska ghar kaisa hai theek hai agar main dusri de do phir main intarafeyar karne ka hai aur kaise bechne ka hai aur sab zaroori hai

नाम लिखे अपने फ्रेंड के साथ है बाहर निकला हूं ठीक है तो कहीं भी तो वहां पर मैं वहां पर अपन

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J.P. Y👌g i

Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्रश्न है जीवन में अनुशासन की महत्वता क्या है और एक व्यक्ति को कैसे अनुशासित होना चाहिए दर्शन में अनुशासन की जो मैं तोता है यह तब तक होती है जब तक हम सदैव नहीं हो जाते हैं और उसमें सामर्थ मान नहीं बन पाते हैं तब तक अनुशासन की संरक्षक दशा चलते हैं लेकिन निपुण और और सामर्थ्य आने के बाद अनुशासन का कोई मूल्य नहीं रह जाता है और वह अनुशासन करता नहीं है बल्कि करवाता है और यह विचारधारा कही गई है कि समर्थ को नहीं दोष गुसाईं टोया में शासन जब तक होता है जब तक हमारी आदतें नहीं उसमें डाल पाते हैं तब तक विश्वास को बनाए रखना पड़ता है क्योंकि कहीं ना कहीं से भटका हुआ या उसमें विघ्न पढ़ने की संभावनाएं होती हैं लेकिन अनुशासित होने की प्रगाढ़ और स्थिरता जाती है तो अनुशासन का महत्व की समझदारी में आ जाता है तो वह बलिष्ठ हो जाता है तो अनुशासन इसलिए दिया जाता है कि ताकि उसके ढलने के पश्चात वे स्वतंत्रता से कुछ ना कुछ कार्य को सुरक्षा से कर सके और अनुशासन का मतलब है कि उसको निर्देश में जीने का ढंग सीखें अलवर से बाहर ना जाए जो चीजें उनको परिणाम के लिए दी गई है उसे बाहर में है लेकिन इसको सोच समझ से इस संपूर्ण ज्ञान जान क्या रही हो क्या तैयार हो न्याय की पृष्ठभूमि में जो भी वह कुछ अनुशासन के लिए अपना अधिकार तत्व का प्रयोग करता है तो निश्चित ही उसकी स्वतंत्रता स्वतंत्रता का प्रयोग होता है और उससे उम्मीद रखी जाती है वह कहीं भी आ कल्याणकारी रूप से प्रस्तावित नहीं होगा तो यह सारी चीजें हैं कि अनुशासन का महत्व होता है और ऐसा ही आध्यात्मिक क्षेत्र में हैं और कई चीजों में है कि जब उसका कार्यक्रम चलता है और उसमें जो स्वच्छंदता से प्रयोग करना चाहता है तो उस पर भरोसा रख कर के दायित्व डाला जा रहा है और वह उस में निपुणता से वह कर्तव्य को सही रूप से निर्वाह कर लेता है इत्यादि अनुशासन का महत्व लेकिन मोबाइल अनुशासन की पत्ती हमेशा होश में नहीं रहते क्योंकि उसको अनुशासन के बाद कुछ कार्यक्रमों को प्रस्तुत करने में अड़चन ना आए लेकिन समझदारी का एक प्रतीक उसमें नहीं पहुंचाते धन्यवाद मेजेपी योगी भोकाल एप्स कीजिए प्लेटफार्म से प्रतिउत्तर में धन्यवाद

prashna hai jeevan mein anushasan ki mahatvata kya hai aur ek vyakti ko kaise anushasit hona chahiye darshan mein anushasan ki jo main tota hai yah tab tak hoti hai jab tak hum sadaiv nahi ho jaate hain aur usme samarth maan nahi ban paate hain tab tak anushasan ki sanrakshak dasha chalte hain lekin nipun aur aur samarthya aane ke baad anushasan ka koi mulya nahi reh jata hai aur vaah anushasan karta nahi hai balki karwata hai aur yah vichardhara kahi gayi hai ki samarth ko nahi dosh gusain toya mein shasan jab tak hota hai jab tak hamari aadatein nahi usme daal paate hain tab tak vishwas ko banaye rakhna padta hai kyonki kahin na kahin se bhataka hua ya usme vighn padhne ki sambhavnayen hoti hain lekin anushasit hone ki pragadh aur sthirta jaati hai toh anushasan ka mahatva ki samajhdari mein aa jata hai toh vaah balishth ho jata hai toh anushasan isliye diya jata hai ki taki uske dhalne ke pashchat ve swatantrata se kuch na kuch karya ko suraksha se kar sake aur anushasan ka matlab hai ki usko nirdesh mein jeene ka dhang sikhe alwar se bahar na jaaye jo cheezen unko parinam ke liye di gayi hai use bahar mein hai lekin isko soch samajh se is sampurna gyaan jaan kya rahi ho kya taiyar ho nyay ki prishthbhumi mein jo bhi vaah kuch anushasan ke liye apna adhikaar tatva ka prayog karta hai toh nishchit hi uski swatantrata swatatrata ka prayog hota hai aur usse ummid rakhi jaati hai vaah kahin bhi aa kalyaankari roop se prastavit nahi hoga toh yah saari cheezen hain ki anushasan ka mahatva hota hai aur aisa hi aadhyatmik kshetra mein hain aur kai chijon mein hai ki jab uska karyakram chalta hai aur usme jo swacchandata se prayog karna chahta hai toh us par bharosa rakh kar ke dayitva dala ja raha hai aur vaah us mein nipunata se vaah kartavya ko sahi roop se nirvah kar leta hai ityadi anushasan ka mahatva lekin mobile anushasan ki patti hamesha hosh mein nahi rehte kyonki usko anushasan ke baad kuch karyakramon ko prastut karne mein adachan na aaye lekin samajhdari ka ek prateek usme nahi pahunchate dhanyavad mejepi yogi bhokal apps kijiye platform se pratiuttar mein dhanyavad

प्रश्न है जीवन में अनुशासन की महत्वता क्या है और एक व्यक्ति को कैसे अनुशासित होना चाहिए दर

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Kavita Panyam

Certified Award Winning Counseling Psychologist

3:39
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका वाले जीवन में अनुशासन की महत्वता क्या है एक व्यक्ति को कैसे अनुशासित होना चाहिए अनुशासन एक ऐसी जरूरी चीज है जिसके द्वारा हम अपने लाइफ को सही पटरी पर रख सकते हैं और चला सकते हैं अगर अनुशासन नहीं होगा तो इतना उत्तल पुथल हो जाएगा पहले मन में फिर आपकी जिंदगी में डिप्रेशन चीज है जिसके बारे में आप इतना सुन रहे हैं आजकल यह अनुशासन ना रहने के वजह से होता है जो इंसान अनुशासन को नहीं मानता और कुछ भी आएगा मैं देख लूंगा लेट मि फेस वोल्टेज जो कहते हैं ना जो लक्ष्मी फेस वोल्टेज जो होता है देखा जाएगा वहां पर अनुशासन नहीं रहता और इतने सारे चीजें घट जाती है उनकी लाइफ में के उनके पास एनर्जी और मुश्किल से नहीं रहते कि बार-बार वह समस्याओं से पूछते रहे अगर अनुशासन रहेगा आपके जिंदगी में तो आपकी जिंदगी में वही चीज है एंट्री मारेंगे जिनको आप एलाऊ करेंगे हर एक युद्ध में आपका नाम नहीं लिखा हुआ है तो प्लीज जोशी और बैटल्स वाईफाई सेकेंड्ली अनुशासन के रहने से आपका काम समय पर होगा आपका मानसिक संतुलन काफी बैटर होगा आपके रिश्ते अच्छे रहेंगे अब तक आपका जो हेल्थ है वह अच्छा रहेगा और पृथ्वी अली इन एवरी एरिया ऑफ योर लाइफ सोशली आल्सो बाउंड्री स्कोर मानेंगे अनुशासन रहने से आपका बॉडी रहता है जिसको आप रेस्पेक्ट करते हैं और दूसरे पर्सन की रेखाएं जो होती है बाउंड्री उसको भी आप रेस्पेक्ट करते हैं इसके कारण ना किसी को आप अपनी बंप्रेस क्रॉस करने देते हैं ना आप किसी और की बाउंड्री को क्रॉस करते हैं अनुशासन एक ऐसा शस्त्र है जो जिंदगी में आपको वह दिला सकता है जो को तालीम भी नहीं दिला सकती एजुकेशन भी काफी नहीं है ना कि लाइफ एक्सपीरियंस अनुशासन सबसे इंपॉर्टेंट जरूरी चीज होता है अगर बचपन से ही आप अनुशासन को मान लेते हैं उसके मुताबिक जीते हैं और यह अनुशासन आपका खुद का बनाया हुआ हो तो ठीक है बचपन में माता-पिता बनाते हैं तो ठीक है हम उसको फॉलो करते हैं लेकिन थोड़ा बड़ा हो जाने के बाद से ही ज्वाइन कॉलेज वहां से आपको रिस्पांसिबिलिटी अपने आप पर ले ली नहीं चाहिए और अपने मुताबिक आपके लिए जो अच्छा है उसको सोच कर बोल बोल कर अपना अनुशासन खुद आपको बनाना चाहिए और उसका पालन भी करना चाहिए मान लीजिए अपने शासन आपसे टूट जाता है यहां वहां कुछ हो जाता है तो आपको चाहिए कि फिर उसको आप गौर से देखें और कहां पर लूपहोल्स है उसको देखकर फिर नया अनुशासन बनाइए न्यू डिसिप्लिन और उसके बाद आप उस पर चलना शुरू कीजिए अनुशासन आपके मानसिक संतुलन के लिए बहुत जरूरी चीज होता है वरना आपकी आपकी थिंकिंग आपका थॉट सेक्शन भटकते रहते हैं पहले मन में फिर आपकी जिंदगी में फिर समाज में कर दुनिया में तो अनुशासन अगर आपकी लाइफ में नहीं है तो प्लीज लेकर आइए लेकिन यह अनुशासन सिद्धनाथ भी ऑटोक्रेटिक के 26 + क्रेडिट समथिंग विच इस सिविल जो आपके लिए अच्छा हो जिसको आप करना चाहे नॉट वेरी स्ट्रिक्ट जिससे आपको तकलीफ हो बट ए वर्ड से समथिंग विच प्रोडक्ट जिससे आपको करने का मन भी करें अब कर पाए और खुद आप इसको सेट करें और खुद इसको आप एचएफ करें तो काउंसलिंग प्लीज कनेक्ट ऑन कविता पानी M.Com

aapka waale jeevan mein anushasan ki mahatvata kya hai ek vyakti ko kaise anushasit hona chahiye anushasan ek aisi zaroori cheez hai jiske dwara hum apne life ko sahi patri par rakh sakte hai aur chala sakte hai agar anushasan nahi hoga toh itna uttal puthal ho jaega pehle man mein phir aapki zindagi mein depression cheez hai jiske bare mein aap itna sun rahe hai aajkal yah anushasan na rehne ke wajah se hota hai jo insaan anushasan ko nahi maanta aur kuch bhi aayega main dekh lunga late me face voltage jo kehte hai na jo laxmi face voltage jo hota hai dekha jaega wahan par anushasan nahi rehta aur itne saare cheezen ghat jaati hai unki life mein ke unke paas energy aur mushkil se nahi rehte ki baar baar vaah samasyaon se poochhte rahe agar anushasan rahega aapke zindagi mein toh aapki zindagi mein wahi cheez hai entry marenge jinako aap elaoo karenge har ek yudh mein aapka naam nahi likha hua hai toh please joshi aur battles wifi sekendli anushasan ke rehne se aapka kaam samay par hoga aapka mansik santulan kaafi better hoga aapke rishte acche rahenge ab tak aapka jo health hai vaah accha rahega aur prithvi ali in every area of your life socially aalso boundary score manenge anushasan rehne se aapka body rehta hai jisko aap respect karte hai aur dusre person ki rekhayen jo hoti hai boundary usko bhi aap respect karte hai iske karan na kisi ko aap apni bampres cross karne dete hai na aap kisi aur ki boundary ko cross karte hai anushasan ek aisa shastra hai jo zindagi mein aapko vaah dila sakta hai jo ko talim bhi nahi dila sakti education bhi kaafi nahi hai na ki life experience anushasan sabse important zaroori cheez hota hai agar bachpan se hi aap anushasan ko maan lete hai uske mutabik jeete hai aur yah anushasan aapka khud ka banaya hua ho toh theek hai bachpan mein mata pita banate hai toh theek hai hum usko follow karte hai lekin thoda bada ho jaane ke baad se hi join college wahan se aapko responsibility apne aap par le li nahi chahiye aur apne mutabik aapke liye jo accha hai usko soch kar bol bol kar apna anushasan khud aapko banana chahiye aur uska palan bhi karna chahiye maan lijiye apne shasan aapse toot jata hai yahan wahan kuch ho jata hai toh aapko chahiye ki phir usko aap gaur se dekhen aur kaha par loopholes hai usko dekhkar phir naya anushasan banaiye new discipline aur uske baad aap us par chalna shuru kijiye anushasan aapke mansik santulan ke liye bahut zaroori cheez hota hai varna aapki aapki thinking aapka thought section bhatakte rehte hai pehle man mein phir aapki zindagi mein phir samaj mein kar duniya mein toh anushasan agar aapki life mein nahi hai toh please lekar aaiye lekin yah anushasan siddhanath bhi autocratic ke 26 credit something which is civil jo aapke liye accha ho jisko aap karna chahen not very strict jisse aapko takleef ho but a word se something which product jisse aapko karne ka man bhi kare ab kar paye aur khud aap isko set kare aur khud isko aap hf kare toh kaunsaling please connect on kavita paani M Com

आपका वाले जीवन में अनुशासन की महत्वता क्या है एक व्यक्ति को कैसे अनुशासित होना चाहिए अनुशा

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