मैं जब हार जाता हूँ तो मेरे दिमाग़ में काफ़ी ज़्यादा नकारात्मक विचार आने लगते है। मैं ऐसे विचार को उत्पन्न होने से कैसे रोकूँ?...


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Ragini Kshatriya

Lifecoach@Lifezhonour

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे इंपॉर्टेंट बात जो मैं हार और जीत के बीच में शेयर करना चाहूंगी कि हमारे यहां हार और जीत को इतना ज्यादा अलग लेवल पर दे दिया गया है कि मतलब अगर जीत को आप माउंट एवरेस्ट की हाइट पर रखोगे तो हार को आप उसके बॉटम से भी नीचे पर रखोगे जबकि ऐसा नहीं है हार और जीत में बहुत माइंडेड डिफरेंस होता है जीत में क्या होता है कि आपके सारे प्रयासों का रिजल्ट आया जो आप चाहते थे हार में क्या होता है आपके सारे प्रयासों का रिजल्ट आया कि वो नहीं था जैसा आप चाहते थे शायद कहीं चूक ले गई शायद कुछ 1920 रह गया जिसको इंप्रूव करने के मोड़ दन हंड्रेड परसेंट चांसेस हैं उसके बावजूद हम सोचते हैं कि यूनो हम तो पीछे रह गए अब तुम्हारे कुछ नहीं हो सकता वह चीज गलत है तो जब भी हारने के बाद आपको नकारात्मक सोच आ रही है पहले तो आप जो जीता है उसको अप्रिशिएट कीजिए एंड देखिए कि उसकी क्या चीज आप से अलग थी इतना समझने के बाद आपने आपने जो प्रयास किया है आपने जो मेहनत की है उसमें आप के अनुसार क्या और बेटे किया जा सकता था अगर आपने यह तीन चीजें कर लेना आपकी नकारात्मकता उसी समय कहीं मर जाएगी अभी दूर चली जाएगी वह आपके पास तक नहीं आ पाएगी एंड आप एक पॉजिटिव ऊर्जा से भर जायेंगे जिससे आप नेक्स्ट टाइम जीतने के लिए पूरी तरीके से तैयार होंगे

sabse important baat jo main haar aur jeet ke beech mein share karna chahungi ki hamare yahan haar aur jeet ko itna zyada alag level par de diya gaya hai ki matlab agar jeet ko aap mount EVEREST ki height par rakhoge toh haar ko aap uske bottom se bhi niche par rakhoge jabki aisa nahi hai haar aur jeet mein bahut minded difference hota hai jeet mein kya hota hai ki aapke saare prayaso ka result aaya jo aap chahte the haar mein kya hota hai aapke saare prayaso ka result aaya ki vo nahi tha jaisa aap chahte the shayad kahin chuk le gayi shayad kuch 1920 reh gaya jisko improve karne ke mod dan hundred percent chances hain uske bawajud hum sochte hain ki uno hum toh peeche reh gaye ab tumhare kuch nahi ho sakta vaah cheez galat hai toh jab bhi haarne ke baad aapko nakaratmak soch aa rahi hai pehle toh aap jo jita hai usko aprishiet kijiye and dekhiye ki uski kya cheez aap se alag thi itna samjhne ke baad aapne aapne jo prayas kiya hai aapne jo mehnat ki hai usme aap ke anusaar kya aur bete kiya ja sakta tha agar aapne yah teen cheezen kar lena aapki nakaratmakta usi samay kahin mar jayegi abhi dur chali jayegi vaah aapke paas tak nahi aa payegi and aap ek positive urja se bhar jayenge jisse aap next time jitne ke liye puri tarike se taiyar honge

सबसे इंपॉर्टेंट बात जो मैं हार और जीत के बीच में शेयर करना चाहूंगी कि हमारे यहां हार और जी

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