मैंने अक्सर लोगों को लम्बे समय तक उदास रहते देखा है।ऐसी उदासी का मुख्य कारण क्या हो सकता है?...


user

डॉ.संजीव कुमार

Psychologist (follow On Yohtube @Sanjeev K Pandya)

1:34
Play

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हमारी उदासी का मुख्य कारण क्या होता है मेरी दृष्टि से मुख्य कारण होते हैं हम हमारी तुलना दूसरों के साथ चलते हैं मेरे पास यह नहीं है और उसके पास वह है हमारी कंपैरिजन हमारी तुलना अगर हम दूसरों के साथ करेंगे तो हम कभी सुखी नहीं हो पाएंगे तुलना करनी है तो हमारी तुलना हम अपने आप को इतना गरीब लोगों के साथ करें ना कि हम अमीर लोगों के साथ अगर मेरे पास बाइक है और मैं सुला करूंगा 4141 वाले के साथ कि मैं सोच लूंगा क्या जिंदगी है कि पास तो कितनी मस्त ऐसी के अंदर बैठने का उसको धूप भी नहीं लगती गर्मी भी नहीं लगती और बाइक में कितना परेशान होता हूं अब मेरा दुख उत्पन्न हुआ मैं उदास हो जाऊंगा कि मेरी क्या जिंदगी है घटिया जिंदगी है मगर साइकिल वाला इतनी मेहनत करके वह आगे बढ़ रहा है और मेरे पास तो बाइक भी कितना इसलिए जा रहा सुरीला हमें दुख उत्पन्न करता से उत्पन्न करते और उसका दूसरा कारण है अपेक्षा ए मेरी अपेक्षा मुझे बहुत ज्यादा दुखी करती है कोई भी व्यक्ति किसी भी व्यक्ति के साथ किसी से भी अपेक्षा मत रखिए अपनी अपेक्षाओं का अंत कर दीजिए बहुत संतुष्ट हो गए बहुत खुश होंगे और कभी उदास नहीं होंगे मेरे दोस्त

hamari udasi ka mukhya karan kya hota hai meri drishti se mukhya karan hote hain hum hamari tulna dusro ke saath chalte hain mere paas yah nahi hai aur uske paas vaah hai hamari kampairijan hamari tulna agar hum dusro ke saath karenge toh hum kabhi sukhi nahi ho payenge tulna karni hai toh hamari tulna hum apne aap ko itna garib logo ke saath kare na ki hum amir logo ke saath agar mere paas bike hai aur main sula karunga 4141 waale ke saath ki main soch lunga kya zindagi hai ki paas toh kitni mast aisi ke andar baithne ka usko dhoop bhi nahi lagti garmi bhi nahi lagti aur bike me kitna pareshan hota hoon ab mera dukh utpann hua main udaas ho jaunga ki meri kya zindagi hai ghatiya zindagi hai magar cycle vala itni mehnat karke vaah aage badh raha hai aur mere paas toh bike bhi kitna isliye ja raha surila hamein dukh utpann karta se utpann karte aur uska doosra karan hai apeksha a meri apeksha mujhe bahut zyada dukhi karti hai koi bhi vyakti kisi bhi vyakti ke saath kisi se bhi apeksha mat rakhiye apni apekshaon ka ant kar dijiye bahut santusht ho gaye bahut khush honge aur kabhi udaas nahi honge mere dost

हमारी उदासी का मुख्य कारण क्या होता है मेरी दृष्टि से मुख्य कारण होते हैं हम हमारी तुलना द

Romanized Version
Likes  4  Dislikes    views  130
KooApp_icon
WhatsApp_icon
30 जवाब
no img
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
qIcon
ask

This Question Also Answers:

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!