मैं काफ़ी अधीर रहता हूँ और ज़रा भी धैर्य नहीं है मुझमें। धैर्य रखने के लिए मैं क्या कर सकता हूँ?...


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Meenaxi Yadav

Wellness Coach

1:22
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अधीरता अधीरता उसने बन के निशानी है किसी भी चीज को लेकर एकदम होती रोजाना बेचैन हो जाना और वह अधीरता एक लेपन की निशानी है जिसके अंशु को कोई चीज होती है ना वह ज्यादा गलती गलती है और जो गंभीरता होती है वह ज्यादा धैर्य धैर्य किसे कहते हैं कुछ ज्यादा जिसमें ज्यादा नॉलेज होती है वह ज्यादा जहर है और शांत होता है लेकिन उद्यापन उसमें होता है जो अंदर से खुलता है तो हमें खोखला नहीं रखना चाहिए अगर नहीं है तो हम ध्यान कर सकते हैं उसके लिए हम जब हम किसी चीज के बारे में सोच रहे होते हैं और जब हमको लगता है कि नहीं हम बहुत अधीर हो जाएं बहुत बेचैन हो चाहे ऐसे टाइम पर हमको म्यूजिक सुनना चाहिए और म्यूजिक सुनकर अपने दिमाग को शांत करना चाहिए अपने मतलब बिल्कुल एकदम मन में एकदम शांति और एकदम शांत मतलब हम म्यूजिक म्यूजिक में खो जाना चाहिए

adhirata adhirata usne ban ke nishani hai kisi bhi cheez ko lekar ekdam hoti rojana bechain ho jana aur vaah adhirata ek lepan ki nishani hai jiske anshu ko koi cheez hoti hai na vaah zyada galti galti hai aur jo gambhirta hoti hai vaah zyada dhairya dhairya kise kehte hain kuch zyada jisme zyada knowledge hoti hai vaah zyada zehar hai aur shaant hota hai lekin udyaapan usme hota hai jo andar se khulta hai toh hamein khokhla nahi rakhna chahiye agar nahi hai toh hum dhyan kar sakte hain uske liye hum jab hum kisi cheez ke bare me soch rahe hote hain aur jab hamko lagta hai ki nahi hum bahut adhir ho jayen bahut bechain ho chahen aise time par hamko music sunana chahiye aur music sunkar apne dimag ko shaant karna chahiye apne matlab bilkul ekdam man me ekdam shanti aur ekdam shaant matlab hum music music me kho jana chahiye

अधीरता अधीरता उसने बन के निशानी है किसी भी चीज को लेकर एकदम होती रोजाना बेचैन हो जाना और व

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Dr. Suman Aggarwal

Personal Development Coach

0:58
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जिस वक्त आपको ऐसा लगे कि मैं बहुत ज्यादा अधीर हो रहा हूं मुझ में धैर्य नहीं है उसी पर आप अपनी सांसो को अब जब करें कि आपकी सांसे कितनी गहरी चल रही है कितनी देर आपने सांस ली और कब आपने अपनी सांसों को छोड़ा और इसको अब सब करते करते आप ट्राई करें कि आप अपनी सांसों की जो लेंथ है उसको बढ़ाए मतलब अभी अगर आप फ्री अकाउंट तक सांस अंदर ले रहे हैं और थ्री का मतलब छोड़ रहे हैं तो अब आप उसको धीरे-धीरे 4 5 6 7 तक ले जाए और जितनी ज्यादा अब अपनी सास की लंबाई रखोगे ज्यादा गहरी सांस लोगे और ज्यादा गहरी सांस छोड़ोगे तू इससे आपका धीरे धीरे धीरे 10 15 दिन में उसमें अच्छा जाएगा अब जितना ज्यादा प्रैक्टिस करोगे जितनी गहरी सांसो को लोगी और छोड़ दोगे उतना आपके धैर्य में बैठो मेंट होता जाएगा

jis waqt aapko aisa lage ki main bahut zyada adhir ho raha hoon mujhse mein dhairya nahi hai usi par aap apni saanso ko ab jab kare ki aapki sanse kitni gehri chal rahi hai kitni der aapne saans li aur kab aapne apni shanson ko choda aur isko ab sab karte karte aap try kare ki aap apni shanson ki jo length hai usko badhae matlab abhi agar aap free account tak saans andar le rahe hain aur three ka matlab chod rahe hain toh ab aap usko dhire dhire 4 5 6 7 tak le jaaye aur jitni zyada ab apni saas ki lambai rakhoge zyada gehri saans loge aur zyada gehri saans chodoge tu isse aapka dhire dhire dhire 10 15 din mein usme accha jaega ab jitna zyada practice karoge jitni gehri saanso ko logi aur chod doge utana aapke dhairya mein baitho ment hota jaega

जिस वक्त आपको ऐसा लगे कि मैं बहुत ज्यादा अधीर हो रहा हूं मुझ में धैर्य नहीं है उसी पर आप अ

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Umesh Upaadyay

Life Coach | Motivational Speaker

2:00

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

डेरिवेशंस आजकल तो दिखता ही नहीं है एक टाइम था जब भी सुनना चाहता था अच्छा लगता था आजकल तो दिखते ही नहीं समझ में नहीं आता कहां चला गया लोगों के पास चला गया मेरे पास अभी चला गया और समझ में नहीं आया कब चला गया आज की तारीख में हो गए हैं मानसिक रूप से परेशान करते हैं खाली धैर्य और पेशेंट की बात करते हैं यह चला गया काम हो गया क्योंकि हम सब होड़ में लगे हैं वहां पहुंचने के बाद भी फिर हमें कहीं और जाना होता है कि मैं फिजिकल डिस्टेंस जाने की बात नहीं कर रहा यहां से कहीं और जाने की बात नहीं कर रहा यह मैं एक कुछ अचीवमेंट की बात करो यहां पहुंच गए वहां से वहां वहां से वहां से किसी को सुनने का मन नहीं करता क्योंकि मेरे पास सब कुछ है मैं क्यों सुनूं किसी की तो बहुत सारे कारण है जिन कारणों से हमारी अवस्था को पहुंच गई है हम ऐसे बन गए मेरे में धर्य काम हो गया है खत्म हो गया है तो सबसे पहली बात तो यह है कि यह अहसास होना अपने आप में काफी है अब यहां से शुरुआत करनी है अगर आप इस चीज का ध्यान हमेशा रखेंगे कि नहीं मुझे धैर्य पूर्वक काम करना है यहां पर मुझे पेशन दिखाना है अपने आपको याद दिलाते रहेंगे चाहे हर छोटी से छोटी बात हो या बड़ी से बड़ी बातें मुझे सिग्नल पर रुकना है तो अगर यहां पर रेड सिग्नल नहीं होता तो मैं ऐसे जल्दी बाजी में जा कर या लाइन तोड़कर या कुछ और कर के आगे पहुंच जाऊं क्या फायदा मैं तैयार हूं और अपने आप को वैसे रखो हमेशा याद दिलाते रहो कोई बात नहीं मुझे अपने हिसाब से कायदे से ही पीछे से ज्यादा आगे बढ़ने बस इतना ही करना आपको हमेशा याद दिला देना पड़ेगा

deriveshans aajkal toh dikhta hi nahi hai ek time tha jab bhi sunana chahta tha accha lagta tha aajkal toh dikhte hi nahi samajh mein nahi aata kahaan chala gaya logo ke paas chala gaya mere paas abhi chala gaya aur samajh mein nahi aaya kab chala gaya aaj ki tarikh mein ho gaye hain mansik roop se pareshan karte hain khaali dhairya aur patient ki baat karte hain yah chala gaya kaam ho gaya kyonki hum sab hod mein lage hain wahan pahuchne ke baad bhi phir hamein kahin aur jana hota hai ki main physical distance jaane ki baat nahi kar raha yahan se kahin aur jaane ki baat nahi kar raha yah main ek kuch achievement ki baat karo yahan pohch gaye wahan se wahan wahan se wahan se kisi ko sunne ka man nahi karta kyonki mere paas sab kuch hai kyon sunun kisi ki toh bahut saare karan hai jin karanon se hamari avastha ko pohch gayi hai hum aise ban gaye mere mein dharya kaam ho gaya hai khatam ho gaya hai toh sabse pehli baat toh yah hai ki yah ehsaas hona apne aap mein kaafi hai ab yahan se shuruat karni hai agar aap is cheez ka dhyan hamesha rakhenge ki nahi mujhe dhairya purvak kaam karna hai yahan par mujhe peshan dikhana hai apne aapko yaad dilate rahenge chahen har choti se choti baat ho ya badi se badi batein mujhe signal par rukna hai toh agar yahan par red signal nahi hota toh main aise jaldi baazi mein ja kar ya line todkar ya kuch aur kar ke aage pohch jaaun kya fayda main taiyar hoon aur apne aap ko waise rakho hamesha yaad dilate raho koi baat nahi mujhe apne hisab se kayade se hi peeche se zyada aage badhne bus itna hi karna aapko hamesha yaad dila dena padega

डेरिवेशंस आजकल तो दिखता ही नहीं है एक टाइम था जब भी सुनना चाहता था अच्छा लगता था आजकल तो द

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Mehnaz Amjad

Certified Life Coach

3:51
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका सवाल है मैं काफी अभी रहता हूं और फिर जरा भी धैर्य नहीं है मुझ में धैर्य रखने के लिए मुझे क्या करना क्या करना चाहिए या क्या कर सकते हैं आप देखिए इंपेशेंट याद ही रहना यह इसके कई कारण हो सकते हैं पहला यह कि हमारे अंदर जो हद से ज्यादा बेचैनी है उसका सबसे बड़ा रीजन है इंटरनेट है और एक और चीज है जिसे कहते एडी एडी जाने क्वेश्चन टैक्स डिसऑर्डर एडीटीवी कहते हैं यह कभी-कभी करूं बहुत से नारी कल से नहीं पाया गया है के लोग हद से ज्यादा अपना समय जब इंटरनेट पर गेम में सोशल मीडिया पर गुजारते हैं तो हमारा जो माथे का पिछला हिस्सा होता है ब्रेन का यह डीप थिंकिंग करना छोड़ देता है बल्कि हम हर चीज में जल्दबाजी करने लगते हैं यह हाई क्वालिटी रिसर्च के बीच में कहा गया है इसीलिए कहते हैं कि ध्यान करें और आप नोट करोगे कि जब भी ध्यान करते हैं तो आंखें बंद करके माथे से मतलब वहां एक जो हमारे एनर्जी है प्राणायाम जवाब करते हो या ध्यान करते तो वहीं से शुरू होता है तो जो हमारा प्रिय फ्रंटल कॉर्टेक्स ए9 माथे के पीछे का हिस्सा अजीत का जो ब्रेन जो जो सोचने में ज्यादातर हमारे सोचने और रिफ्लक्स में इसका काम होता है इसको हमने इतना ज्यादा अभियोग किया है रात को लेट का जो फोन चौबीसों घंटे उसकी लाइट हमारे मुंह पर पड़ती है हम घर कमरे की लाइट बंद कर देते हैं यह चीज हालांकि है दिखने में यह चीजें लोगों को लगेंगी क्या था थोड़ी ना हो सकता है लेकिन यह बात है कि हद से ज्यादा आइए वीडियो गेम खेलना यूट्यूब टिक टॉक जो भी है आप इतना ज्यादा हम देखने लगे हैं कि एक तरह का केमिकल इंबैलेंस हमारे ब्रेन में पाया जाता है और कुछ लोगों में थोड़ी ऑलरेडी उनके शरीर में कमियां होती है इस कारण अटेंशन जो है स्थान जिसे कहते हैं यानी हमारे अंदर के हम ये सोचें यह क्षमता हमारी जाती रहती है तो आप पहले अपने जीवन के बारे में सोचें कि आप अपनी डेली रूटीन में ऐसा क्या करते हैं जिसकी वजह से आपको लगता है कि आपके अंदर इतना धैर्य नहीं है आप इंप्रेशन ठाट जल्दी-जल्दी चिल्ड्रन चाहते जल्दी-जल्दी आप काम करें और उसके नतीजे भी आ जाए और आप इतनी जल्दी क्यों मची हुई है एक कारण इसका यह दूसरा है इनसाइटी एंजाइटी का भी रिलेशन इसीलिए दिया गया है कि अगर हम जब हम अपने हमारी लाइफ स्टाइल और हमारे खान-पान में कुछ खाने ऐसे हैं फैसले पासपोर्ट जॉब आइसक्रीम के ऊपर तरह-तरह के रंग डाल के और या जूस वगैरह में आर्टिफिशियल कलर्स इस्तेमाल करते यह डेली बेसिस पर तो नहीं लेकिन इनके बहुत लंबे इस्तेमाल से अगर बाहर का खाना बहुत खाते जंग फूड बहुत खाते हो तो हमारे शरीर में वह पोस्टिक आहार नहीं पहुंचता जो हमें सुकून देवल के ऐसे खाने हमें एनर्जी तो देते हैं लेकिन साथ में इनसाइटी भी लाते हैं इस वजह से भी हो सकता है कि आपके अंदर आपको पेशंस नहीं बता मेरी आपको यह रहा है अगर आप अपने अंदर वीर्य लाना चाहते ठहराव लाना चाहते थोड़ा पेशेंट रहना चाहते हो तो आपको आपको चाहिए कि आप एक तो ध्यान करें योगा करें और साथ में यह भी जैसे मैंने आपको पहले का नोट करिए कि आप क्या बहुत ज्यादा स्क्रीन टाइम करते हैं आने फेसबुक व्हाट्सएप इंटरनेट पर रहता है या बहुत ज्यादा वीडियो गेम खेलते हैं बहुत ज्यादा आप ऐसे काम क्या कार्य में है जिसके कारण आप में यह बेचैनी की प्रति हो और पैदा हो गई है तो इससे बचें इससे बाहर आए योगा और ध्यान करें और इस एडिक्शन से बाहर हैं आप देखोगे बहुत हद तक आपका यह प्रॉब्लम सॉल्व हो जाएगा धन्यवाद

aapka sawaal hai main kaafi abhi rehta hoon aur phir zara bhi dhairya nahi hai mujhse me dhairya rakhne ke liye mujhe kya karna kya karna chahiye ya kya kar sakte hain aap dekhiye impeshent yaad hi rehna yah iske kai karan ho sakte hain pehla yah ki hamare andar jo had se zyada bechaini hai uska sabse bada reason hai internet hai aur ek aur cheez hai jise kehte ad ad jaane question tax disorder ADTV kehte hain yah kabhi kabhi karu bahut se nari kal se nahi paya gaya hai ke log had se zyada apna samay jab internet par game me social media par gujarate hain toh hamara jo mathe ka pichla hissa hota hai brain ka yah deep thinking karna chhod deta hai balki hum har cheez me jaldabaji karne lagte hain yah high quality research ke beech me kaha gaya hai isliye kehte hain ki dhyan kare aur aap note karoge ki jab bhi dhyan karte hain toh aankhen band karke mathe se matlab wahan ek jo hamare energy hai pranayaam jawab karte ho ya dhyan karte toh wahi se shuru hota hai toh jo hamara priya frontal cortex a mathe ke peeche ka hissa ajit ka jo brain jo jo sochne me jyadatar hamare sochne aur riflaks me iska kaam hota hai isko humne itna zyada abhiyog kiya hai raat ko late ka jo phone chaubison ghante uski light hamare mooh par padti hai hum ghar kamre ki light band kar dete hain yah cheez halaki hai dikhne me yah cheezen logo ko lagengi kya tha thodi na ho sakta hai lekin yah baat hai ki had se zyada aaiye video game khelna youtube tick talk jo bhi hai aap itna zyada hum dekhne lage hain ki ek tarah ka chemical imbailens hamare brain me paya jata hai aur kuch logo me thodi already unke sharir me kamiyan hoti hai is karan attention jo hai sthan jise kehte hain yani hamare andar ke hum ye sochen yah kshamta hamari jaati rehti hai toh aap pehle apne jeevan ke bare me sochen ki aap apni daily routine me aisa kya karte hain jiski wajah se aapko lagta hai ki aapke andar itna dhairya nahi hai aap impression thaat jaldi jaldi children chahte jaldi jaldi aap kaam kare aur uske natije bhi aa jaaye aur aap itni jaldi kyon machi hui hai ek karan iska yah doosra hai inasaiti anxiety ka bhi relation isliye diya gaya hai ki agar hum jab hum apne hamari life style aur hamare khan pan me kuch khane aise hain faisle passport job icecream ke upar tarah tarah ke rang daal ke aur ya juice vagera me artificial colors istemal karte yah daily basis par toh nahi lekin inke bahut lambe istemal se agar bahar ka khana bahut khate jung food bahut khate ho toh hamare sharir me vaah paustik aahaar nahi pahuchta jo hamein sukoon deol ke aise khane hamein energy toh dete hain lekin saath me inasaiti bhi laate hain is wajah se bhi ho sakta hai ki aapke andar aapko Patience nahi bata meri aapko yah raha hai agar aap apne andar virya lana chahte thahrav lana chahte thoda patient rehna chahte ho toh aapko aapko chahiye ki aap ek toh dhyan kare yoga kare aur saath me yah bhi jaise maine aapko pehle ka note kariye ki aap kya bahut zyada screen time karte hain aane facebook whatsapp internet par rehta hai ya bahut zyada video game khelte hain bahut zyada aap aise kaam kya karya me hai jiske karan aap me yah bechaini ki prati ho aur paida ho gayi hai toh isse bache isse bahar aaye yoga aur dhyan kare aur is addiction se bahar hain aap dekhoge bahut had tak aapka yah problem solve ho jaega dhanyavad

आपका सवाल है मैं काफी अभी रहता हूं और फिर जरा भी धैर्य नहीं है मुझ में धैर्य रखने के लिए म

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Pankaj Kr(youtube -AJ PANKAJ MATHS GURU)

Motivational Speaker/YouTube-AJ PANKAJ MATHS GURU

1:03
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

धैर्य रखने के लिए आपको संयम संयम रखना पड़ेगा परिश्रम करना पड़ेगा योगा करने का योगा करने से कंसंट्रेशन पावर बढ़ता है हमेशा सत्य वचन अपने मन की शांति का सपना परसों के जीवन से शिक्षा में नियोजन के पथ पर चलने के लिए क्या की जरूरत होती है जो लोग क्या करते हैं आगे बढ़ते हैं इसलिए धैर्य रखें इसे एक फलदार वृक्ष में कोई भी फल तब तक नहीं लगता है जब तक कि उसका समय नहीं आता क्या आप उस वृक्ष में कितना भी पानी डालेंगे वह वृक्ष के फल मिलेगा लेकिन सही वक्त आने पर वह पिक अप को फल भी देता है छाया भी देते हैं इसलिए समय का इंतजार करें समय बलवान होता है समय को बर्बाद ना करें और समय आने के बाद अपने घर भी आ किशन चीजें मेहनत के आगे देखें

dhairya rakhne ke liye aapko sanyam sanyam rakhna padega parishram karna padega yoga karne ka yoga karne se kansantreshan power badhta hai hamesha satya vachan apne man ki shanti ka sapna parso ke jeevan se shiksha mein niyojan ke path par chalne ke liye kya ki zarurat hoti hai jo log kya karte hain aage badhte hain isliye dhairya rakhen ise ek faldar vriksh mein koi bhi fal tab tak nahi lagta hai jab tak ki uska samay nahi aata kya aap us vriksh mein kitna bhi paani daalenge vaah vriksh ke fal milega lekin sahi waqt aane par vaah pic up ko fal bhi deta hai chhaya bhi dete hain isliye samay ka intejar kare samay balwan hota hai samay ko barbad na kare aur samay aane ke baad apne ghar bhi aa kishan cheezen mehnat ke aage dekhen

धैर्य रखने के लिए आपको संयम संयम रखना पड़ेगा परिश्रम करना पड़ेगा योगा करने का योगा करने से

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Rakesh Tiwari

Life Coach, Management Trainer

3:31
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है मैं काफी अधीन रहता हूं और जरा भी देर नहीं है मुझ में ध्यान रखने के लिए मैं क्या कर सकता हूं अधीर होने का मतलब है अपने आपको सदैव अनुकूलता की मनु स्थित में डालना अनुकूलता कि मनोज स्थित का तात्पर्य है कि आप सदैव यह सोचते हैं कि जैसा आप सोचेंगे जैसे आपके मन में विचार आएंगे जैसी इच्छाएं आपकी होगी इच्छाओं की पूर्ति आपको तुरंत हो जाएगी लेकिन अपना क्षेत्र पूरा करने में एक समय लेती है हम कोई भी कार्य करते हैं कार्य का निष्पादन करते हैं निष्पादन करने के बाद उसके रिजल्ट के लिए परिणाम के लिए हमें कुछ समय तक वेट करना होता है क्या करूं वास नॉट बिल्ट इन ए डे अगर आपको एक महल बनाना है एक मकान बनाना है तो 1 दिन में इसका निर्माण नहीं होगा मकान में रहने का जो वास्तु आनंद और फल है यह तभी आपको प्राप्त होगा जब निर्माण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और यह प्रक्रिया 1 साल भी लग सकती है अब डेढ़ साल और 2 साल भी लग सकती है इस बात पर निर्भर करता है कि उसका अभ्यास और क्षेत्र कितना है आपको धैर्य रखना पड़ेगा धैर्य रखने का मतलब यह है कि प्रतिकूल परिस्थितियों में या मन की अनुकूलता के अनुसार घटना या परिणाम न आने पर उसे बर्दाश्त करने की क्षमता और उसे अपने सोच में अनुकूलन करने की क्षमता भी संस्कार आती है ऑपरेशंस की आवश्यकता इसलिए होती है क्योंकि जीवन एक सीधी रेखा में नहीं चलता नेवर गोज स्ट्रेट लाइन उतार-चढ़ाव थोड़ा सा गांव रक्षक कठिनाइयां थोड़ा सा प्रतिकूल बताएं फिल्म बताएं इस तरह के हमारा गीत बैक्टीरिया रहता है जीवन यात्रा का इस से गुजरता ऐसी स्थिति उस समय आपको अधीरता दिखाने के बजाय आपको धैर्य रखना पड़ेगा हर समय में हम परिणाम की अपेक्षा नहीं करें बिना प्रयास करें कि संसार में आप तो है ही दूसरे लोग भी हैं उन्हें भी अपने विचारों में उतना ही सम्मान और स्थान देना है जितना आपको अपने विचारों के लिए सम्मान और स्थान है दुनिया में आप अकेले नहीं है दूसरे लोग भी हैं और उनका भी उतना ही वजूद है जितना आपका है इस यथार्थ को स्वीकार करना उसे आत्मसात करना आपके अंदर प्याज के गुण विकसित करने में मदद करेगा

aapka prashna hai main kaafi adheen rehta hoon aur zara bhi der nahi hai mujhse me dhyan rakhne ke liye main kya kar sakta hoon adhir hone ka matlab hai apne aapko sadaiv anukulta ki manu sthit me dalna anukulta ki manoj sthit ka tatparya hai ki aap sadaiv yah sochte hain ki jaisa aap sochenge jaise aapke man me vichar aayenge jaisi ichhaen aapki hogi ikchao ki purti aapko turant ho jayegi lekin apna kshetra pura karne me ek samay leti hai hum koi bhi karya karte hain karya ka nishpadan karte hain nishpadan karne ke baad uske result ke liye parinam ke liye hamein kuch samay tak wait karna hota hai kya karu was not built in a day agar aapko ek mahal banana hai ek makan banana hai toh 1 din me iska nirmaan nahi hoga makan me rehne ka jo vastu anand aur fal hai yah tabhi aapko prapt hoga jab nirmaan ki prakriya puri ho jayegi aur yah prakriya 1 saal bhi lag sakti hai ab dedh saal aur 2 saal bhi lag sakti hai is baat par nirbhar karta hai ki uska abhyas aur kshetra kitna hai aapko dhairya rakhna padega dhairya rakhne ka matlab yah hai ki pratikul paristhitiyon me ya man ki anukulta ke anusaar ghatna ya parinam na aane par use bardaasht karne ki kshamta aur use apne soch me anukulan karne ki kshamta bhi sanskar aati hai apareshans ki avashyakta isliye hoti hai kyonki jeevan ek seedhi rekha me nahi chalta never goes straight line utar chadhav thoda sa gaon rakshak kathinaiyaan thoda sa pratikul bataye film bataye is tarah ke hamara geet bacteria rehta hai jeevan yatra ka is se guzarta aisi sthiti us samay aapko adhirata dikhane ke bajay aapko dhairya rakhna padega har samay me hum parinam ki apeksha nahi kare bina prayas kare ki sansar me aap toh hai hi dusre log bhi hain unhe bhi apne vicharon me utana hi sammaan aur sthan dena hai jitna aapko apne vicharon ke liye sammaan aur sthan hai duniya me aap akele nahi hai dusre log bhi hain aur unka bhi utana hi wajood hai jitna aapka hai is yatharth ko sweekar karna use aatmsat karna aapke andar pyaaz ke gun viksit karne me madad karega

आपका प्रश्न है मैं काफी अधीन रहता हूं और जरा भी देर नहीं है मुझ में ध्यान रखने के लिए मैं

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अगर जिंदगी में आपको कुछ अच्छा करना है तो धैर्य को बनाए रखना चाहिए कहते हैं माली सींचे सौ घड़ा ऋतु आए फल माली दिन प्रतिदिन पेड़ों को पानी देता है और वह सोचने लगे कि यार मैं पानी दे रहा हूं अभी से तू अभी से होली की शुभ घड़ी तू आती है बिजनेस का कोई भी काम बुरा नहीं होता आपके सोचने का तरीका बुरा हो सकता है उसी में आप किसी टॉप को उठाकर देख लो कि वह यार हम यहां से शुरू तूने भी शुरू किया होगा हमारी जगह पर वह भी ऐसे ऑन द फिरंगी मूवी

agar zindagi mein aapko kuch accha karna hai toh dhairya ko banaye rakhna chahiye kehte hain maali sinche sau ghada ritu aaye fal maali din pratidin pedon ko paani deta hai aur vaah sochne lage ki yaar main paani de raha hoon abhi se tu abhi se holi ki shubha ghadi tu aati hai business ka koi bhi kaam bura nahi hota aapke sochne ka tarika bura ho sakta hai usi mein aap kisi top ko uthaakar dekh lo ki vaah yaar hum yahan se shuru tune bhi shuru kiya hoga hamari jagah par vaah bhi aise on the firangi movie

अगर जिंदगी में आपको कुछ अच्छा करना है तो धैर्य को बनाए रखना चाहिए कहते हैं माली सींचे सौ घ

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Debabrata Maity

Business Owner | Motivational Speaker

5:30
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हम लोग देखेंगे दरिया हम लोग का काम हो गया अभी टेक्नोलॉजी इतना फास्ट है हमको इतना जल्दी तरक्की करना है क्योंकि पहले जमाने में देखते थे आदमी खाने के लिए काम करते थे खाने के लिए जो कुछ भी एक्टिविटी करते थे लेकिन आज के लिए हम लोग खाने के लिए पेट के बारे में नहीं सोचता अभी दिखाना है हम सभी के अंदर एक ही जागे हमको दिखाना है कुछ करके दिखाना हमारा मन में भी सबके मन में भी यही बात आ गया इसके चलते हम लोग को क्या है फर्स्ट भागना पड़ता है हंस भागना पड़ रहा है हमको कुछ भी करना है तो कितने जल्दी हो सके कि जल्दी हम कुछ और नहीं कर सके ऐसा हो जाए तो उसको कैसे हम मिलकर इस को कैसे हम बताएं उसको बढ़ाने के लिए हमको एक काम करना पड़ेगा इन मैं करता हूं आप करेंगे कि नहीं पता नहीं इसमें से रिजल्ट मिल रहा है तू अब करके देख सकते हैं उसमें से आपको भी रिजल्ट मिलेगा कि नहीं मिलेगा इसमें से मेरे को नहीं मिलता है गर्दन सीधी और कमर सीधी तो हो ऐसे करके बैठ गई आंख बंद कर लीजिए आप कैसे भी बैठ सकते हैं आप कैसे भी बैठ सकते हैं आंखें बंद करके बैठ जाइए आपका सांसों का तरंग थोड़ा सा ध्यान दे सकते तो अच्छी बात है अगर नहीं दे सकता कोई प्रॉब्लम नहीं है मीनाक्षी धीरे करके आपका मन में जो चाहे वह सोच नहीं आएगा तो मत सोचिए अगर सोच को हटाना होगा तो आप उसमें ज्यादा आपको रिलैक्सेशन मिलेगा अब खुद देखिए खुद यह रिलीज करने का कोशिश कीजिए मेरे में क्या सोचा रहा है यह देखिए मैं अभी क्या सोच रहा हूं आपका माइंड में नहीं आएगा बैकबोन सीधी करके गर्दन सीधी करके आप बैठ नहीं पाएंगे कुछ देर बाद आपको कंफर्टेबल महसूस नहीं होगा बहुत ही विकेट लगेगा जैसे लगेगा थोड़ा सा झुक जाऊं थोड़ा सा कंपटीशन में बैठी 2121 दिन करेंगे उसके बाद आपको धीरे-धीरे से लगेगा जैसे आएगा जो नहीं बैठ सकता है सीधा रखें नहीं पड़ेगा ऐसा आपको मतलब पूरी तरह से अंदर से भी जोड़ देगा बोलेगा ले लो आप ऐसे सीधी होकर बैठ नहीं सकते और तभी होगा मेरा के लिए आप कभी भी करके देखिए सिर्फ में पहुंच जाते हैं तो आप का कष्ट पूरी तरह से का जीरो हो जाता है और आपको कंफर्टेबल स्टार्ट हो जाता है उसी तरह इतना मरते जाएगा जैसे बैठे हुए आपको पेन जितने बर्थडे के बढ़ते जाएगा बढ़ने दीजिए पढ़ने दीजिए एक टाइम आएगा दिल्ली कंपटीशन लगने लगेगा उसमें जो बैठे हुए हैं बैकबोन सीधी करके लगेगा अमीर हो जाएगा अध्यक्षता है छोटी-छोटी चीजें

hum log dekhenge dariya hum log ka kaam ho gaya abhi technology itna fast hai hamko itna jaldi tarakki karna hai kyonki pehle jamane me dekhte the aadmi khane ke liye kaam karte the khane ke liye jo kuch bhi activity karte the lekin aaj ke liye hum log khane ke liye pet ke bare me nahi sochta abhi dikhana hai hum sabhi ke andar ek hi jago hamko dikhana hai kuch karke dikhana hamara man me bhi sabke man me bhi yahi baat aa gaya iske chalte hum log ko kya hai first bhaagna padta hai hans bhaagna pad raha hai hamko kuch bhi karna hai toh kitne jaldi ho sake ki jaldi hum kuch aur nahi kar sake aisa ho jaaye toh usko kaise hum milkar is ko kaise hum bataye usko badhane ke liye hamko ek kaam karna padega in main karta hoon aap karenge ki nahi pata nahi isme se result mil raha hai tu ab karke dekh sakte hain usme se aapko bhi result milega ki nahi milega isme se mere ko nahi milta hai gardan seedhi aur kamar seedhi toh ho aise karke baith gayi aankh band kar lijiye aap kaise bhi baith sakte hain aap kaise bhi baith sakte hain aankhen band karke baith jaiye aapka shanson ka tarang thoda sa dhyan de sakte toh achi baat hai agar nahi de sakta koi problem nahi hai meenakshi dhire karke aapka man me jo chahen vaah soch nahi aayega toh mat sochiye agar soch ko hatana hoga toh aap usme zyada aapko Relaxation milega ab khud dekhiye khud yah release karne ka koshish kijiye mere me kya socha raha hai yah dekhiye main abhi kya soch raha hoon aapka mind me nahi aayega backbone seedhi karke gardan seedhi karke aap baith nahi payenge kuch der baad aapko Comfortable mehsus nahi hoga bahut hi wicket lagega jaise lagega thoda sa jhuk jaaun thoda sa competition me baithi 2121 din karenge uske baad aapko dhire dhire se lagega jaise aayega jo nahi baith sakta hai seedha rakhen nahi padega aisa aapko matlab puri tarah se andar se bhi jod dega bolega le lo aap aise seedhi hokar baith nahi sakte aur tabhi hoga mera ke liye aap kabhi bhi karke dekhiye sirf me pohch jaate hain toh aap ka kasht puri tarah se ka zero ho jata hai aur aapko Comfortable start ho jata hai usi tarah itna marte jaega jaise baithe hue aapko pen jitne birthday ke badhte jaega badhne dijiye padhne dijiye ek time aayega delhi competition lagne lagega usme jo baithe hue hain backbone seedhi karke lagega amir ho jaega adhyakshata hai choti choti cheezen

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Mr SUMIT VADSARIYA

REHABILITATION PSYCHOLOGIST

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

रिमोट कंट्रोल करना चाहिए कि मुझे कुछ दिया नहीं उसका मतलब क्या है सामने वाला हमारा पेंटिंग कर पाएंगे हम खुद भी हमारा इमोशनल करने के लिए खुद की लाइफ हो जाना तो जाना पड़ेगा आपको आपको पता चलेगा कि आप को कंट्रोल करना चाहिए

remote control karna chahiye ki mujhe kuch diya nahi uska matlab kya hai saamne vala hamara painting kar payenge hum khud bhi hamara emotional karne ke liye khud ki life ho jana toh jana padega aapko aapko pata chalega ki aap ko control karna chahiye

रिमोट कंट्रोल करना चाहिए कि मुझे कुछ दिया नहीं उसका मतलब क्या है सामने वाला हमारा पेंटिंग

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Dr. SMITA TIWARY

PSYCHOLOGIST

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

पेशेंट के लिए बस गर्मी में मेडिटेशन ऑपरेशन कितना टाइम लिमिट होता है ना भाई लोग होते हैं कौन टेंशन लेते हैं 5 साल के स्पेशल क्यों है और ऐसा भी नहीं है कि आपके में ना पढ़ने और एग्जाम है और आप सोचें कि नहीं मैं तो भेजूंगा आप ऐसे तो हटा ही भी गए अब के बारे में सोचना ही नहीं है कि मैं कैसी हूं क्या करूं नहीं करूं नेम क्या है कि आप ऑर्गेनाइज करके अगर आप पढ़ाई करते हैं तो वो लेती हो बगैर बोल नहीं होता है खुद को टाइम दीजिए टाइपिंग करनी थी मुझे को दूर करके फिर से को और ऑर्गेनाइज कैसे करना है अपने टीचर से या अब तक लॉजिक मिलकर केला का उनकी नशे में करके खुद को कहते हो कि नहीं कर पाते हैं फिर से ऑर्गेनाइज करके मेहनत करके और बोले कि करना भी रखना है जवाब फेल होते हो और फिर मतलब डिप्रेशन नहीं जाना है मतलब आप कहां कमी है याद करके उसको रेक्टिफाई करना

patient ke liye bus garmi mein meditation operation kitna time limit hota hai na bhai log hote hain kaun tension lete hain 5 saal ke special kyon hai aur aisa bhi nahi hai ki aapke mein na padhne aur exam hai aur aap sochen ki nahi main toh bhejunga aap aise toh hata hi bhi gaye ab ke bare mein sochna hi nahi hai ki main kaisi hoon kya karu nahi karu name kya hai ki aap organize karke agar aap padhai karte hain toh vo leti ho bagair bol nahi hota hai khud ko time dijiye typing karni thi mujhe ko dur karke phir se ko aur organize kaise karna hai apne teacher se ya ab tak logic milkar kela ka unki nashe mein karke khud ko kehte ho ki nahi kar paate hain phir se organize karke mehnat karke aur bole ki karna bhi rakhna hai jawab fail hote ho aur phir matlab depression nahi jana hai matlab aap kahaan kami hai yaad karke usko rektifai karna

पेशेंट के लिए बस गर्मी में मेडिटेशन ऑपरेशन कितना टाइम लिमिट होता है ना भाई लोग होते हैं कौ

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Garima Dwivedi

Clinical Psychologist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

बच्चे जो सीखते हैं जो हम उनको दिखाते हैं बच्चे बहुत अब्जॉर्बेंट होते हैं बच्चे हमें तब भी अभ्यास कर रहे हैं जग हमें लगता है वह मैं जॉब नहीं कर रहे हैं वह हमें कांस्टेंट नहीं देखते हैं वह हमारी तो कोई नोटिस करते हैं और छोटी-छोटी चीज जो आप सोच सकते हैं कि शायद ही कभी मैंने अपने बच्चे के सामने की हो या ना की हो आप शायद नहीं आ करते करते हैं और उसको उसको कॉपी करने की कोशिश करते हैं कोई मीटिंग करते हैं तो हमें ऐसे रंग बहुत ज्यादा कौशिक होना चाहिए क्योंकि बदल जाती है तो थोड़ी नहीं कभी बदलती है और हम उसको इस तरीके से बदलेगी बच्चों के सामने जो अपने प्रिय चीज है वह कहें गाली गलौज का इस्तेमाल ना करें बच्चों के सामने दुर्व्यवहार ना करे किसी से बदतमीजी से बात ना करें सबसे अच्छे से पेश आएं क्यों हम अपने बच्चों में कीड़े देखना चाहते हैं वह हमें खुद में भी बदलाव अपने अंदर की तो अगर हम अपने अंदर जाएंगे तो हमारे बच्चे भी हम ही फी

bacche jo sikhate hain jo hum unko dikhate hain bacche bahut abjarbent hote hain bacche hamein tab bhi abhyas kar rahe hain jag hamein lagta hai vaah main job nahi kar rahe hain vaah hamein constant nahi dekhte hain vaah hamari toh koi notice karte hain aur choti choti cheez jo aap soch sakte hain ki shayad hi kabhi maine apne bacche ke saamne ki ho ya na ki ho aap shayad nahi aa karte karte hain aur usko usko copy karne ki koshish karte hain koi meeting karte hain toh hamein aise rang bahut zyada kaushik hona chahiye kyonki badal jaati hai toh thodi nahi kabhi badalti hai aur hum usko is tarike se badalegi baccho ke saamne jo apne priya cheez hai vaah kahein gaali galoj ka istemal na kare baccho ke saamne durvyavahar na kare kisi se badatamiji se baat na kare sabse acche se pesh aaen kyon hum apne baccho mein keedein dekhna chahte hain vaah hamein khud mein bhi badlav apne andar ki toh agar hum apne andar jaenge toh hamare bacche bhi hum hi fee

बच्चे जो सीखते हैं जो हम उनको दिखाते हैं बच्चे बहुत अब्जॉर्बेंट होते हैं बच्चे हमें तब भी

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