भारत अपने पड़ोसी देश चीन जैसा विकसित क्यों नहीं हो पाया है?...


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Jagdish Panwar Bishnoi

राजनीति व जीवन की हर समस्या का हल

1:28
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यह देश के अंदर बैठे कुछ गद्दार लोगों का नहीं हो पाया जो लोग हमने तो उनको सरकार एक ऐसी बना कर दे दे जो देश आजाद होने के बाद आज तक और आवाज करती आ रही 50 साल करीब उसने राज किया लेकिन उन्होंने भारत के नागरिकों ध्यान नहीं रखा और उन्होंने सिर्फ और सिर्फ कमीशन के लिए काम किया और इसलिए जो पड़ोसी देश चीन विकसित हुआ इसलिए नहीं हो पा रहा है मोदी जी के नेतृत्व में आप देख रहे हैं कि जल्दी आपको चीन से भी आगे भारत आपको मिलेगा और चीन जैसे देश उनसे बहुत ताकत के साथ हमारा देश सुधरेगा और आप जरूर इस बात का ध्यान रखें और एक आपसे निवेदन के बाहर में बनी हुई चीज को आप इस्तेमाल करें चीन के लोग हैं वह सीन कि देश के अंदर बनी हुई थी लेते लेकिन हमारा एक दिमाग कैसा बना हुआ कि नहीं जी मेड इन जापान मेड इन चाइना मेड इन कोरिया ऐसी मार दे मेरे नाले 2 साल आप देखें उसके बाद आपको अपने आप पता चल

yah desh ke andar baithe kuch gaddar logo ka nahi ho paya jo log humne toh unko sarkar ek aisi bana kar de de jo desh azad hone ke baad aaj tak aur awaaz karti aa rahi 50 saal kareeb usne raj kiya lekin unhone bharat ke nagriko dhyan nahi rakha aur unhone sirf aur sirf commision ke liye kaam kiya aur isliye jo padosi desh china viksit hua isliye nahi ho paa raha hai modi ji ke netritva me aap dekh rahe hain ki jaldi aapko china se bhi aage bharat aapko milega aur china jaise desh unse bahut takat ke saath hamara desh sudhrega aur aap zaroor is baat ka dhyan rakhen aur ek aapse nivedan ke bahar me bani hui cheez ko aap istemal kare china ke log hain vaah seen ki desh ke andar bani hui thi lete lekin hamara ek dimag kaisa bana hua ki nahi ji made in japan made in china made in korea aisi maar de mere naale 2 saal aap dekhen uske baad aapko apne aap pata chal

यह देश के अंदर बैठे कुछ गद्दार लोगों का नहीं हो पाया जो लोग हमने तो उनको सरकार एक ऐसी बना

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Ravi Sharma

Advocate

2:00
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सर्वप्रथम मैं सुनिश्चित करना चाहूंगा कि भारत के साथ साथ चीन भी एक विकासशील देश है ना कि एक विकसित देश भारत में लोकतांत्रिक मॉडल का सहारा लिया परंतु चीन ने समाजवादी मॉडल का नाम भारत में हर नागरिक को समान अधिकार प्राप्त हुए जबकि चीन में केवल नाम नाम की सरकार रही माओवादी नीतियों में और लोकतांत्रिक नीतियों में जमीन आसमान का अंतर होता है भारत के विकसित ना होने पर हो ना हो पाने का एक प्रथम सबसे महत्वपूर्ण कारण था भारत की शिक्षा प्रणाली जो कि अभी भी अंग्रेजों के मॉडल पर काम कर रही है जबकि चीन ने कौशल बंद शिक्षा पद्धति थी उस को अपनाया तथा छात्रों को वह आम नागरिकों को स्वावलंबी बनाने का कार्य किया जबकि भारत में पुराने ढर्रे की शिक्षा प्रणाली का प्रयोग करके रोजगार के अवसर बहुत ही कम निकलता है जिससे कि रोजगार के अवसरों में कमी आई व शिक्षित बेरोजगारी भी बढ़ती चली गई जिससे की विकास दर अपने आप कम से कम पर होती चली गई साथी साथ भारत में रही भ्रष्टाचार जोधपुर अस्थाई सरकारों ने भी इसमें कम योगदान दिया है मैं भी मानता हूं कि राज्य सरकार व केंद्र सरकार के बीच बहुत ही काम सामंजस्य स्थापित हो पाया तथा विभिन्न भाषाओं धर्मो जातियों में बटा भारत विकास की सीढ़ी पर उस तरह से नहीं चल पाया जितना कि चीन चल पाया है इसके साथ साथ में यह भी मानता हूं कि भारतीयों की इच्छा शक्ति में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं रही कमी कहीं रही तो वती राजनीतिक इच्छाशक्ति की जिसने भारत को विकास की सीढ़ी पर अभी तक नहीं चढ़ने दिया गया लेकिन पिछले कुछ वर्षों में जिस प्रकार से कौशल बंद शिक्षा की पुनर्संरचना हो रही है तथा जिस प्रकार से भारत में युवाओं को स्वावलंबी व रोजगार देने का जो पद्धति प्रारंभ की है वह इस प्रकार है उसे मुझे लगता है कि आने वाले समय में भारत को एक विकसित देश बनने की काबिलियत रखता है

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सर्वप्रथम मैं सुनिश्चित करना चाहूंगा कि भारत के साथ साथ चीन भी एक विकासशील देश है ना कि एक

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Rajesh Rishi

Indian Politician

0:29

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

चीन जैसे विकसित होने के लिए हमारे देश के अंदर पढ़े लिखे समझदार लोगों का राजनीति बहुत जरूरी काम और बोलो हिम्मत होती उनके अंदर के बदलाव के लिए वर्क फोन चाइना से बहुत जल्दी आगे निकल सकते

china jaise viksit hone ke liye hamare desh ke andar padhe likhe samajhdar logo ka rajneeti bahut zaroori kaam aur bolo himmat hoti unke andar ke badlav ke liye work phone china se bahut jaldi aage nikal sakte

चीन जैसे विकसित होने के लिए हमारे देश के अंदर पढ़े लिखे समझदार लोगों का राजनीति बहुत जरूरी

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Farhan Yahiya

Chief Reporter

0:45
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब भारत को फुरसत मिलेगी आपस में दंगे कराने की आपस में राजनीतिक लाभ उठाने की अपनी-अपनी इन नेताओं को जेब बनेगी जब फुरसत मिलेगी उसके बाद ही तो विकसित हो सकेगा ऐसे कैसे विकसित विकसित होने के लिए महा की हुकूमत को ईमानदार होना बहुत जरूरी है और अगर हुकूमत चोर है तो जनता से क्या अपेक्षा की जाएगी की जनता तो उससे ज्यादा करके दिखाती है कि अगर किसी मुल्क को विकसित होना है डेवलप्ड होना है जुदाई की बातें बना की हुकूमत को सच्चाई का रास्ता पकड़ना पड़ेगा रिश्वतखोरी बेईमानी धर्मनिरपेक्ष ताकतों का जो बोल बाला है उनको खत्म होना पड़ेगा तभी तो फिर जनता भी इमानदारी से काम करेगी और देश विकसित हो सकेगा

jab bharat ko fursat milegi aapas mein dange karane ki aapas mein raajnitik labh uthane ki apni apni in netaon ko jeb banegi jab fursat milegi uske baad hi toh viksit ho sakega aise kaise viksit viksit hone ke liye maha ki hukumat ko imaandaar hona bahut zaroori hai aur agar hukumat chor hai toh janta se kya apeksha ki jayegi ki janta toh usse zyada karke dikhati hai ki agar kisi mulk ko viksit hona hai developed hona hai judai ki batein bana ki hukumat ko sacchai ka rasta pakadna padega rishvatkhori baimani dharmanirapeksh takaton ka jo bol bala hai unko khatam hona padega tabhi toh phir janta bhi imaandari se kaam karegi aur desh viksit ho sakega

जब भारत को फुरसत मिलेगी आपस में दंगे कराने की आपस में राजनीतिक लाभ उठाने की अपनी-अपनी इन न

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चाइना माल कब तक बनेगा

china maal kab tak banega

चाइना माल कब तक बनेगा

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वाल्मीकि भारत जो है ना चाइना के बराबर नहीं हो सकता अब आप कहेंगे की हम देश भक्त देश द्रोही है सबसे बड़ा आज की देश आज के वक्त में भी वही है जिसे लगाओ करने वाला वही है जो देश में सच्चाई को ज्यादा लेकिन दूर भाग से हमारी मानसिकता यह बन गई है कि जो देश की सच्चाई को उजागर करेगा वह जो है देशद्रोही है कह रहा हूं कि आप सोई ना के बराबर नहीं पहुंच सकते तब जब हम जो आधार पर लोगों का बंटवारा खत्म नहीं करेंगे हम समाधि के द्वार से सामाजिक रुप से लौट के नहीं देखेंगे पारी मानसिकता जब तक नहीं बदलेगी हिंदू मुस्लिम सिख इसाई की मंदिर मस्जिद की मानसिकता नहीं बदलेगी तब तक हम आर्थिक रूप से मजबूत हो जान समाजिक दूसरे मजबूत नहीं हो सकते हम नहीं बोल सकते हम को किनारे रखकर क्षेत्र काला गोरा और देश के लिए और हमारे धर्म को सारे समाज के सारे लोगों को लेकर हमें इस देश को मजबूत करने के लिए आगे बढ़ना पड़ेगा और साफ नियत के साथ और मैं समझता हूं कि इस चाइना क्या है चाइना तो हमारे कितने पीछे रह जाएगा हमारे यूथ में जो पहली बार है हमारे लोगों के हमारे भारतीयों में जो पहली बार है तो दुनिया के किसी से में नहीं है और अगर होता तो अमेरिका जो है ना हमारे एटीएम को जो है ना यहां थर्ड ईयर फोर्थ ईयर ऑफिस नियर हो रहा है और वहां जो है उसकी नौकरी पक्की तो रीजन क्या है इसका मतलब नहीं हमारे अंदर को पोटेंशियल है हमारे अंदर टैलेंट है लेकिन दुर्भाग्य सरकारों को और कानूनी अब तक यह नहीं जाना उनको सत्ता से लगाओ है उनको देश से लगाव नहीं है और जिसको देश से लगा होगा वह कहीं ना कहीं इस मानसिकता से आज के काम करेगा और मैं समझता हूं कि आप देश की जनता को भी इस बारे में सोचना पड़ेगा कि हमें यूनाइट होने की जरूरत है हमें दूसरा ही लाइक नहीं कर सकता हमें सत्ता में बैठे लोग ही नहीं सकते और चाइना हाथों से इतना मजबूत हुआ है तो कहीं ना कहीं उनकी पॉलिसीज है और हमारी अभी बनी है लेकिन उनके लिए जवाबदेही तय हुई थी हमारी आदि वाद्य ही नहीं है हमारे एरिया में चोरी हो जाती है तो कोई था ना दिन भर खास नहीं होता हमारे यहां एक्सीडेंट हो जाता है बड़े-बड़े एक्सीडेंट हो जाते हैं रिलेटेड जो निश्चित है उसे मिस्टर जो है इसका नहीं देते तो आप बताइए कैसे आएगा हमने अपनी जिम्मेदारी को समझा नहीं और जब सारी चीजें गलत हो रही है तो हम जो हैं अपनी जवाबदेही जो है हम अपनी जिम्मेदारी से बचते हैं तो कहीं ना कहीं मुझे ऑन मॉनिटर के लिए इसको बहुत मजबूत करने की जरूरत है जहां पर बहुत तेज मुझसे प्यार करने वाले लोग हैं यूनिनार लोगों और उनके नीचे काम कर रही हैं उनके खिलाफ एक्शन लेने होंगे तभी मुमकिन है जब देश में सत्ताधारी लोग हमें उस मानसिकता से हटकर वर्कर हिंदू मुस्लिम और मंदिर मस्जिद से हम काम करें तो निश्चित रूप से भारत जो है बहुत ज्यादा दूर नहीं कुछ ही सालों के अंदर अमेरिका और चाइना से बहुत आगे निकल सकता है

valmiki bharat jo hai na china ke barabar nahi ho sakta ab aap kahenge ki hum desh bhakt desh drohi hai sabse bada aaj ki desh aaj ke waqt mein bhi wahi hai jise lagao karne vala wahi hai jo desh mein sacchai ko zyada lekin dur bhag se hamari mansikta yah ban gayi hai ki jo desh ki sacchai ko ujagar karega vaah jo hai deshdrohi hai keh raha hoon ki aap soi na ke barabar nahi pohch sakte tab jab hum jo aadhaar par logo ka batwara khatam nahi karenge hum samadhi ke dwar se samajik roop se lot ke nahi dekhenge paari mansikta jab tak nahi badalegi hindu muslim sikh isai ki mandir masjid ki mansikta nahi badalegi tab tak hum aarthik roop se majboot ho jaan samajik dusre majboot nahi ho sakte hum nahi bol sakte hum ko kinare rakhakar kshetra kaala gora aur desh ke liye aur hamare dharm ko saare samaj ke saare logo ko lekar hamein is desh ko majboot karne ke liye aage badhana padega aur saaf niyat ke saath aur main samajhata hoon ki is china kya hai china toh hamare kitne peeche reh jaega hamare youth mein jo pehli baar hai hamare logo ke hamare bharatiyon mein jo pehli baar hai toh duniya ke kisi se mein nahi hai aur agar hota toh america jo hai na hamare atm ko jo hai na yahan third year fourth year office near ho raha hai aur wahan jo hai uski naukri pakki toh reason kya hai iska matlab nahi hamare andar ko potential hai hamare andar talent hai lekin durbhagya sarkaro ko aur kanooni ab tak yah nahi jana unko satta se lagao hai unko desh se lagav nahi hai aur jisko desh se laga hoga vaah kahin na kahin is mansikta se aaj ke kaam karega aur main samajhata hoon ki aap desh ki janta ko bhi is bare mein sochna padega ki hamein unite hone ki zarurat hai hamein doosra hi like nahi kar sakta hamein satta mein baithe log hi nahi sakte aur china hathon se itna majboot hua hai toh kahin na kahin unki policies hai aur hamari abhi bani hai lekin unke liye javabdehi tay hui thi hamari aadi vadhya hi nahi hai hamare area mein chori ho jaati hai toh koi tha na din bhar khaas nahi hota hamare yahan accident ho jata hai bade bade accident ho jaate hain related jo nishchit hai use mister jo hai iska nahi dete toh aap bataye kaise aayega humne apni jimmedari ko samjha nahi aur jab saree cheezen galat ho rahi hai toh hum jo hain apni javabdehi jo hai hum apni jimmedari se bachte hain toh kahin na kahin mujhe on monitor ke liye isko bahut majboot karne ki zarurat hai jaha par bahut tez mujhse pyar karne waale log hain yuninar logo aur unke niche kaam kar rahi hain unke khilaf action lene honge tabhi mumkin hai jab desh mein sattadhari log hamein us mansikta se hatakar worker hindu muslim aur mandir masjid se hum kaam kare toh nishchit roop se bharat jo hai bahut zyada dur nahi kuch hi salon ke andar america aur china se bahut aage nikal sakta hai

वाल्मीकि भारत जो है ना चाइना के बराबर नहीं हो सकता अब आप कहेंगे की हम देश भक्त देश द्रोही

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आपका प्रश्न है कि भारत अपने पड़ोसी देश चीन जैसा विकसित क्यों नहीं हो पाया देखिए जितने विकसित राष्ट्र चीन है जो अपमान है अमेरिका है आप एक चीज गौर करें कि वहां पर जाति संप्रदाय के नाम पर झगड़े नहीं होते दंगे फसाद नहीं होते और वहां के नागरिक अपने देश की तरक्की के लिए तत्पर रहते हैं लगे रहते हैं और वहां के जो नेता है आपने कभी नहीं सुना होगा कि चीन जापान अमेरिका जो विकसित राष्ट्रों के वहां के नेताओं ने कोई जाति संप्रदाय को लेकर किसी प्रकार की कोई बात की हो उनके जब भी उनके बयान बनाते हैं देश के विकास के लिए और देश की उन्नति के लिए आते हैं और उसी के लिए वह दृढ़ संकल्पित होते हैं कि आर्थिक व्यवस्था उनकी प्रकार किसे रहे और उनके वहां लोगों को रोजगार की सम्मिलित स्वास्थ्य सुविधा कैसी हो वहां की शिक्षा कैसी हो खेल नीति कैसी हो चीन की आबादी हम से कई गुना ज्यादा है लेकिन ऐसा क्या कारण है कि जब एशिया रियो ओलंपिक होते हैं तो उसमें चीन सबसे ऊपर चला जाता है जापान सबसे ऊपर जाता है और उनसे कम आबादी होने के बावजूद भी हम फिसड्डी रहते हैं तो यह वहां की जो राजनीति है सत्ता में कोई भी रहे लेकिन देश आगे बढ़ना चाहिए यह वहां के नेताओं के लिए सबसे अहम चीज होती है जो किसी भी दल से संबंध रखता हूं अब हम क्यों नहीं हो पाए अब इस प्रश्न पर आते हैं जो आपका है हमारे देश में हर दिन हर घंटे कोई न कोई नेता ऐसे भाषण देता है कि जिससे देश को लगने लगता है हम वह परिवर्तन करना चाहते हैं हम लीक से हटकर देश का संविधान है उससे हटकर चलना चाहते हैं हम अपने आपको अलग बताना चाहते हैं हम अपनी सोच जनता पर थोपना चाहते हैं हम आए दिन आंतरिक मामलों में उलझे रहते हैं हिंदू मुसलमान गाय गाय भेस मंदिर मस्जिद यह एक विकसित राष्ट्र होने की पहचान नहीं है विकसित राष्ट्र होने की पहचान है हमारी जो बच्चों को शिक्षा किस प्रकार की मिल रही है आज अगर हम देखें तो दिल्ली में जो केजरीवाल निजी स्कूलों का उन्नयन किया है उसको अमेरिका जैसे विकसित राष्ट्र ने भी सराहा है तो उस मॉडल की स्कूली पूरे देश में क्यों न बने रोजगार को लेकर आज युवा खाली बैठा है आज पूरे विश्व में सबसे ज्यादा अगर युवा किसी देश में है तो भारत में भारत के पास सबसे ज्यादा युवा देश होने का गौरव प्राप्त है और हमारे युवा फेसबुक ठीक-ठाक प्रिंटी लगे उनको काम चाहिए इस देश में उद्योग चाहिए इसकी आर्थिक स्थिति हमारे देश की वह सुधर हो जब तक इन मुद्दों पर काम नहीं होगा शिक्षा है स्वास्थ्य है रोजगार है तब तक हम विकसित राष्ट्रों होने की कल्पना भी नहीं कर सकते आज हालात ये हैं कि हमारा रुपया बांग्लादेश के रुपए से नीचे चला गया जिसको हमने पैदा किया वह हमसे अच्छी स्थिति में पहुंच गए और हम जन्मदाता जो देश है जो विश्व गुरु बनने की कर परिकल्पना में लगे आज हालत यह है कि स्कूलों में गुरु गुरु नहीं शिक्षक नहीं तो हम कैसे कल्पना कर सकते हैं इसके लिए हमारे देश के राजनीतिज्ञों को सोचने की बहुत जरूरत है कि संप्रदायिक वाद से वोट बैंक के बाद से कोई भी दल हो बीजेपी हो कांग्रेस व सपा सपा जो भी हो मैं किसी की बात नहीं करता वोट बैंक की राजनीति बंद कर समान रूप से इस देश की जनता के भलाई के बारे में सोचें शिक्षा स्वास्थ्य रोजगार के बारे में सोचें इस देश की उन्नति के बारे में सोचें इस देश की रक्षा के बारे में सोचें क्योंकि इस देश का हर एक नागरिक देश भक्त हैं

aapka prashna hai ki bharat apne padosi desh china jaisa viksit kyon nahi ho paya dekhiye jitne viksit rashtra china hai jo apman hai america hai aap ek cheez gaur kare ki wahan par jati sampraday ke naam par jhagde nahi hote dange fasad nahi hote aur wahan ke nagarik apne desh ki tarakki ke liye tatpar rehte hain lage rehte hain aur wahan ke jo neta hai aapne kabhi nahi suna hoga ki china japan america jo viksit rashtro ke wahan ke netaon ne koi jati sampraday ko lekar kisi prakar ki koi baat ki ho unke jab bhi unke bayan banate hain desh ke vikas ke liye aur desh ki unnati ke liye aate hain aur usi ke liye vaah dridh sankalpit hote hain ki aarthik vyavastha unki prakar kise rahe aur unke wahan logo ko rojgar ki sammilit swasthya suvidha kaisi ho wahan ki shiksha kaisi ho khel niti kaisi ho china ki aabadi hum se kai guna zyada hai lekin aisa kya karan hai ki jab asia rio olympic hote hain toh usme china sabse upar chala jata hai japan sabse upar jata hai aur unse kam aabadi hone ke bawajud bhi hum fisaddi rehte hain toh yah wahan ki jo raajneeti hai satta mein koi bhi rahe lekin desh aage badhana chahiye yah wahan ke netaon ke liye sabse aham cheez hoti hai jo kisi bhi dal se sambandh rakhta hoon ab hum kyon nahi ho paye ab is prashna par aate hain jo aapka hai hamare desh mein har din har ghante koi na koi neta aise bhashan deta hai ki jisse desh ko lagne lagta hai hum vaah parivartan karna chahte hain hum leak se hatakar desh ka samvidhan hai usse hatakar chalna chahte hain hum apne aapko alag bataana chahte hain hum apni soch janta par thopna chahte hain hum aaye din aantarik mamlon mein ulajhe rehte hain hindu muslim gaay gaay bhes mandir masjid yah ek viksit rashtra hone ki pehchaan nahi hai viksit rashtra hone ki pehchaan hai hamari jo baccho ko shiksha kis prakar ki mil rahi hai aaj agar hum dekhen toh delhi mein jo kejriwal niji schoolon ka unnayan kiya hai usko america jaise viksit rashtra ne bhi saraha hai toh us model ki skuli poore desh mein kyon na bane rojgar ko lekar aaj yuva khaali baitha hai aaj poore vishwa mein sabse zyada agar yuva kisi desh mein hai toh bharat mein bharat ke paas sabse zyada yuva desh hone ka gaurav prapt hai aur hamare yuva facebook theek thak printi lage unko kaam chahiye is desh mein udyog chahiye iski aarthik sthiti hamare desh ki vaah sudhar ho jab tak in muddon par kaam nahi hoga shiksha hai swasthya hai rojgar hai tab tak hum viksit rashtro hone ki kalpana bhi nahi kar sakte aaj haalaat ye hain ki hamara rupya bangladesh ke rupaye se niche chala gaya jisko humne paida kiya vaah humse achi sthiti mein pohch gaye aur hum janmadata jo desh hai jo vishwa guru banne ki kar parikalpana mein lage aaj halat yah hai ki schoolon mein guru guru nahi shikshak nahi toh hum kaise kalpana kar sakte hain iske liye hamare desh ke rajaneetigyon ko sochne ki bahut zarurat hai ki sampradaayik vad se vote bank ke baad se koi bhi dal ho bjp ho congress va sapa sapa jo bhi ho main kisi ki baat nahi karta vote bank ki raajneeti band kar saman roop se is desh ki janta ke bhalai ke bare mein sochen shiksha swasthya rojgar ke bare mein sochen is desh ki unnati ke bare mein sochen is desh ki raksha ke bare mein sochen kyonki is desh ka har ek nagarik desh bhakt hain

आपका प्रश्न है कि भारत अपने पड़ोसी देश चीन जैसा विकसित क्यों नहीं हो पाया देखिए जितने विकस

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Sachin Sinha

Journalist

1:31
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

क्योंकि आवाज को में प्रचार बहुत ज्यादा है भ्रष्टाचार और आपकी लोगों में और अविश्वास की भावना यह दो चीज भारत बहुत पीछे जाती है और चीन में महिला हो या पुरुष आपसी तालमेल या समंदर से बहुत ज्यादा है लोग बेहाल फूल होते हैं दूसरे की मदद करते हुए चलते हैं भारत में अगर आप आगे बढ़ रहे हैं और आपको आपको वह मदद भी किया हो लेकिन आप एंड टाइम में उसकी टांग खींचे गए अपने बराबरी पर लाने की कोशिश करते हैं आप उसकी उस लेवल तक उसको रखने नहीं देते और लाख तरीके सरल करते हैं जबकि चीन में ठीक को उसके उल्टा है लोग अप साथ औरों का भी विकास करते हुए चलते हैं और दूसरी बात भ्रष्टाचार तो है यह सबसे बड़ा मैटर ताई सीखे कुछ अच्छा लिखने के लिए बहुत अच्छी-अच्छी चीजें हैं और उस समय से तथा मोहन सभी मेरे ख्याल में आपको पसंद आएगा धन्यवाद

kyonki awaaz ko mein prachar bahut zyada hai bhrashtachar aur aapki logo mein aur avishvaas ki bhavna yah do cheez bharat bahut peeche jaati hai aur china mein mahila ho ya purush aapasi talmel ya samundar se bahut zyada hai log behal fool hote hain dusre ki madad karte hue chalte hain bharat mein agar aap aage badh rahe hain aur aapko aapko vaah madad bhi kiya ho lekin aap and time mein uski taang khinche gaye apne barabari par lane ki koshish karte hain aap uski us level tak usko rakhne nahi dete aur lakh tarike saral karte hain jabki china mein theek ko uske ulta hai log up saath auron ka bhi vikas karte hue chalte hain aur dusri baat bhrashtachar toh hai yah sabse bada matter taii sikhe kuch accha likhne ke liye bahut achi achi cheezen hain aur us samay se tatha mohan sabhi mere khayal mein aapko pasand aayega dhanyavad

क्योंकि आवाज को में प्रचार बहुत ज्यादा है भ्रष्टाचार और आपकी लोगों में और अविश्वास की भावन

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

भारत अपने पड़ोसी देश चीन जैसा विकसित क्यों नहीं हो पाया यह सिर्फ सोच है अगर मैं आपको सही बारे में बताओ कि भारत का किसी मायने में कम नहीं है भारत आप देखने टॉप 505 के अंदर आ रहा है वह क्षेत्रफल की दृष्टि से अगर चीन के बराबर होता तो आज वह भी चीन से आगे बहुत कुछ एक मामलों को लेकर हम कह सकते हैं कि जिस मामले विकसित नहीं हो पाया या अंदर कमरे का सबसे बड़ा रीजन है भारत की गंदी राजनीति

bharat apne padosi desh china jaisa viksit kyon nahi ho paya yah sirf soch hai agar main aapko sahi bare mein batao ki bharat ka kisi maayne mein kam nahi hai bharat aap dekhne top 505 ke andar aa raha hai vaah kshetrafal ki drishti se agar china ke barabar hota toh aaj vaah bhi china se aage bahut kuch ek mamlon ko lekar hum keh sakte hain ki jis mamle viksit nahi ho paya ya andar kamre ka sabse bada reason hai bharat ki gandi raajneeti

भारत अपने पड़ोसी देश चीन जैसा विकसित क्यों नहीं हो पाया यह सिर्फ सोच है अगर मैं आपको सही ब

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Pankaj Pandit

Journalist

2:24
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए भारत और चीन दोनों की तुलना करना मुझे लगता है किसी भी हाल में बेहतर नहीं आप किस विकास की बात करना चाहते हैं विकास 2 तरह का है एक विकास है जो आपको सामने नजर आ रहा है वह व्यापार व मुद्रा मुख्य सड़क लेकिन दूसरा विकास है विचारों का विचारों के विकास में मुझे लगता है चीन बहुत पिछड़ा हुआ है निश्चित तौर पर हो सकता है कि हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था में कई खामियों का अभ्यास करते हैं उस विकास में सभी का शामिल होता है लेकिन मैं ऐसा नहीं है एक मत से एक साथ विकास हो सकता है यशतीमधु को साथ लेकर विकास करने में निश्चित तौर पर समस्याएं तो आएगी ही आएगी क्या आज चीन भले ही मशीनी युग में हम से आगे उत्पादन में हम से आगे हो दोस्तों में हमसे आगे हूं लेकिन विचारों में आज आप देखिए कन्फेस इसके बाद चीन से कोई ऐसा विचार नहीं निकला जिसे पूरा का पूरा विश्वमाता हुआ है क्योंकि वहां विचारों पर प्रतिबंध है तू विकास का पैमाना अलग अलग होता है आईएमएफ जब अपना रेटिंग देती है या फिर संस्थाएं आर्थिक संस्थाएं स्वतंत्रता के आधार पर विकास का सर्वेक्षण लाइव चैनल आज हमारे पास कोई भी थी आप बताइए आप विकास किसे कहते हैं आप चाइना में कितनी न्यूज़ है सिर्फ एक सरकारी न्यूज एजेंसी सरकारी है लेकिन हमारे हिंदुस्तान में देखिए आप हम जैसे कई ऐप्स है जो इस तरह से लोगों के स्वतंत्र विचारों को जनता के बीच ले जा रही है कोई रोक नहीं कि अलग-अलग निश्चित और प्रकार की विकास विभाग

dekhiye bharat aur china dono ki tulna karna mujhe lagta hai kisi bhi haal mein behtar nahi aap kis vikas ki baat karna chahte hain vikas 2 tarah ka hai ek vikas hai jo aapko saamne nazar aa raha hai vaah vyapar va mudra mukhya sadak lekin doosra vikas hai vicharon ka vicharon ke vikas mein mujhe lagta hai china bahut pichda hua hai nishchit taur par ho sakta hai ki hamari loktantrik vyavastha mein kai khamiyon ka abhyas karte hain us vikas mein sabhi ka shaamil hota hai lekin main aisa nahi hai ek mat se ek saath vikas ho sakta hai yashatimdhu ko saath lekar vikas karne mein nishchit taur par samasyaen toh aayegi hi aayegi kya aaj china bhale hi mashini yug mein hum se aage utpadan mein hum se aage ho doston mein humse aage hoon lekin vicharon mein aaj aap dekhiye confess iske baad china se koi aisa vichar nahi nikala jise pura ka pura vishwamata hua hai kyonki wahan vicharon par pratibandh hai tu vikas ka paimaana alag alag hota hai imf jab apna rating deti hai ya phir sansthayen aarthik sansthayen swatantrata ke aadhar par vikas ka sarvekshan live channel aaj hamare paas koi bhi thi aap bataye aap vikas kise kehte hain aap china mein kitni news hai sirf ek sarkari news agency sarkari hai lekin hamare Hindustan mein dekhiye aap hum jaise kai apps hai jo is tarah se logo ke swatantra vicharon ko janta ke beech le ja rahi hai koi rok nahi ki alag alag nishchit aur prakar ki vikas vibhag

देखिए भारत और चीन दोनों की तुलना करना मुझे लगता है किसी भी हाल में बेहतर नहीं आप किस विकास

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satnam veer

बढ़ते चलो...

1:46
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए ऐसा है कि भारत जो है चीन के सामान विकसित इसलिए नहीं है क्योंकि चीन जो है वह एक ग्यारह लोकतांत्रिक देश है और हम जो हैं एक लोकतांत्रिक देश है जो कि अच्छी बात है लोकतंत्र होना चाहिए आजादी है हर इंसान की उसका हक है लेकिन आजादी के कुछ फायदे फैक्ट्री होते हैं खासकर कि वहां जहां आबादी बहुत ज्यादा होती है तो हमारे यहां आजादी के नाम पर हड़ताल है होती हैं वैसे फूक दी जाती हैं और भी तमाम पहलुओं है जो आप समझते हैं और इसका गलत फायदा उठाते हैं लेकिन चीन में ऐसा नहीं होता चीन में जो है करप्ट इंसान को प्रभावी तत्काल रुप से जो है उसको दंडित किया जाता है और हमारे यहां क्या होता है इंसान के गुजर जाने के बाद जो है कोर्ट का फैसला आता है वह भी क्या दो या 4 साल की सजा उसमें अभी 2 महीने बाद उसे जमानत मिल जाती है और वह इंसान अगर अभिनेता हुआ तो उसको 4 दिन बाद हॉस्पिटल में एडमिट करा दिया जाता है बहाना बनाकर तो हम कैसे उम्मीद रखें कि हम 3 के बराबर खड़े हो सकते हैं चीन के बराबर अगर हमें खड़ा होना है तो हमें कुछ चीन की पॉलिसी अपनानी होगी जैसे कि बन जाए हम यहां तू चल कर सकते हैं लेकिन करना तो पड़ेगा यहां जैसे हम बच्चों की कतारें लगा देते हैं और उम्मीद रखें कि हम जो हैं विकसित देश की श्रेणी में आ जाएंगे मुमकिन नहीं है एक भी ऐसा दुनिया में 206 देश है लेकिन एक भी ऐसा देश नहीं है जहां इतनी आबादी हो और वह विकसित होता है चीन को छोड़कर और चीन इसलिए क्योंकि वहां सरकार का नियंत्रण रहता है धन्यवाद

dekhiye aisa hai ki bharat jo hai china ke saamaan viksit isliye nahi hai kyonki china jo hai vaah ek gyarah loktantrik desh hai aur hum jo hain ek loktantrik desh hai jo ki achi baat hai loktantra hona chahiye azadi hai har insaan ki uska haq hai lekin azadi ke kuch fayde factory hote hain khaskar ki wahan jaha aabadi bahut zyada hoti hai toh hamare yahan azadi ke naam par hartal hai hoti hain waise fook di jaati hain aur bhi tamaam pahaluwon hai jo aap samajhte hain aur iska galat fayda uthate hain lekin china mein aisa nahi hota china mein jo hai corrupt insaan ko prabhavi tatkal roop se jo hai usko dandit kiya jata hai aur hamare yahan kya hota hai insaan ke gujar jaane ke baad jo hai court ka faisla aata hai vaah bhi kya do ya 4 saal ki saza usme abhi 2 mahine baad use jamanat mil jaati hai aur vaah insaan agar abhineta hua toh usko 4 din baad hospital mein admit kara diya jata hai bahana banakar toh hum kaise ummid rakhen ki hum 3 ke barabar khade ho sakte hain china ke barabar agar hamein khada hona hai toh hamein kuch china ki policy apanani hogi jaise ki ban jaaye hum yahan tu chal kar sakte hain lekin karna toh padega yahan jaise hum baccho ki kataren laga dete hain aur ummid rakhen ki hum jo hain viksit desh ki shreni mein aa jaenge mumkin nahi hai ek bhi aisa duniya mein 206 desh hai lekin ek bhi aisa desh nahi hai jaha itni aabadi ho aur vaah viksit hota hai china ko chhodkar aur china isliye kyonki wahan sarkar ka niyantran rehta hai dhanyavad

देखिए ऐसा है कि भारत जो है चीन के सामान विकसित इसलिए नहीं है क्योंकि चीन जो है वह एक ग्यार

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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देखिए भारत और चाइना का नंबर दे में समाचार नहीं करना चाहिए लेकिन क्योंकि वह नहीं बिलिंग कंट्री से हैं तो आपको सूचित किया जाता है और चाइना में जो है जैसा कि आप ने सवाल पूछा है कि भारत के पड़ोसी देश चीन के जैसा ज्यादा विकसित क्यों नहीं है तो मैं समझता हूं कि जो इकॉनॉमी है ना वह यह काम में बहुत बड़ी है क्योंकि पॉपुलेशन उसका बहुत ज्यादा है तो वहां पर वर्किंग फ्लाईओवर के बल चलती बहुत ज्यादा है तो इसलिए गवर्नमेंट को जो है वह टेक्स भी उतना ही ज्यादा आता है और इकनोमिक वहां की बहुत ज्यादा है वहां का जीडीपी भी जो है बहुत ज्यादा है और मेन मुद्दा क्या है कि बहुत सारी है जो चीजें हैं अमिताभ बच्चन की इंडिया में जो 60% ऑफर प्लास्टिक की चीजों रही है सर जी आजकल तो क्या मेक इन इंडिया प्रोग्राम आ गया तो इंडिया की चीजें लोग ज्यादा खरीदने पर आ रहे हैं लेकिन पहले और अभी भी कई कंपनियों का जो बैटरी है वह चाइना में ही है जो मोबाइल कंपनी हुई लैपटॉप कंप्यूटर और यह पाठ से बगहा के और इलेक्ट्रिसिटी के पार्ट्स माइक्रो पाठ औरतों से चल फकीरा का फैक्ट्री चाइना में है क्योंकि वहां पर है जो लेबर कोर्ट से बहुत बहुत कम है मैच कंपेयर टू इंडिया लेकिन अब जो है वह मेक इन इंडिया प्रोग्राम के द्वारा अभी इंडिया में भी आ रही है तो मैं समझता हूं कि भारत जो है वह चाइना की तरह ही बहुत तेजी से प्रगति कर रहे हैं और एक दिन चाइना को भी मात दे कर आगे निकल जाएगा

dekhiye bharat aur china ka number de mein samachar nahi karna chahiye lekin kyonki vaah nahi billing country se hain toh aapko suchit kiya jata hai aur china mein jo hai jaisa ki aap ne sawaal poocha hai ki bharat ke padosi desh china ke jaisa zyada viksit kyon nahi hai toh main samajhata hoon ki jo ikanami hai na vaah yah kaam mein bahut badi hai kyonki population uska bahut zyada hai toh wahan par working flyover ke bal chalti bahut zyada hai toh isliye government ko jo hai vaah tax bhi utana hi zyada aata hai aur economic wahan ki bahut zyada hai wahan ka gdp bhi jo hai bahut zyada hai aur main mudda kya hai ki bahut saree hai jo cheezen hain amitabh bachchan ki india mein jo 60 offer plastic ki chijon rahi hai sir ji aajkal toh kya make in india program aa gaya toh india ki cheezen log zyada kharidne par aa rahe hain lekin pehle aur abhi bhi kai companion ka jo battery hai vaah china mein hi hai jo mobile company hui laptop computer aur yah path se bagaha ke aur electricity ke parts micro path auraton se chal fakira ka factory china mein hai kyonki wahan par hai jo labour court se bahut bahut kam hai match compare to india lekin ab jo hai vaah make in india program ke dwara abhi india mein bhi aa rahi hai toh main samajhata hoon ki bharat jo hai vaah china ki tarah hi bahut teji se pragati kar rahe hain aur ek din china ko bhi maat de kar aage nikal jaega

देखिए भारत और चाइना का नंबर दे में समाचार नहीं करना चाहिए लेकिन क्योंकि वह नहीं बिलिंग कंट

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Apurva D

Optimistic Coder

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी चाइना एक डेवलप्ड कंट्री से हो रहा है क्योंकि वहां पर टेक्नोलॉजी दिन ब दिन निश्चित होती जा रही है और मैं इंडिया का मतलब उससे कम डालना पड़ेगा दुनिया दूंगी इंडिया पर ब्रिटिशों ने रोल किया था तब वह इंडिया का सारा को चली गई इसलिए इंडिया के पास सबसे मतलबी कैसे कम है लोगों ने बहुत कुछ हालत खराब हालत बहुत कुछ खराब थी तो इंडिया का जो सरकार है तब से इंडिपेंडेंस होने के बाद इंडिया उसे ठीक करने के लिए उपलब्ध कराई थी इसलिए चाइना बहुत सालों से उस पर वर्क कर रही है चाइना को डेवलप कैसे किया जाए हर तरीके से युवाओं से लेकर बड़े बड़े लोगों तक और टेक्नोलॉजी हो या आर्किटेक्चर हो इस समय से अच्छे संबंध का वर्क कर रही है इसे अभी अमेरिका के बाद अगर ना मिले तो चाइना का ही है मुझे लगता है इंडिया डाउनलोड इसलिए नहीं है कि मैंने कहा कि ब्रिटिश रुल कर गई इसलिए लोगों को अभी शावर ना थोड़ा सा मुश्किल का हल के लोग अभी सबर रहे हैं और टेक्नोलॉजी अभी बहुत कुछ आगे बढ़ रही है बट वह कब है और यह सब कुछ लोगों की बात करें इंडिया में पॉपुलेशन बहुत ज्यादा है और कुछ लोगों की बात करें तो फिर उनके मतलब बाद में बात नहीं आती वह एक आराम से जीवन जी रहे हैं और मेरे ख्याल से जो जबान है हमारे तो वही मतलब प्रॉब्लम से जूझते है बाकी लोगों ने भी इसके बारे में सोचना चाहिए कि इंडिया को डेवलप बनाने के लिए गला क्लिनिक किस फिल्म में काम कर सकता हूं और ज्यादा से ज्यादा योगदान उसमें देना चाहिए हालांकि यह लोगों और सरकार दोनों के बीच अगर कनेक्टिविटी याद आ रही है तभी यह पॉसिबल हो सकता है सरकार ने भी ऐसे मिल गए रहना चाहिए जो इंडिया के डेवलपमेंट के लिए हो तो तो ही अच्छा होगा

vicky china ek developed country se ho raha hai kyonki wahan par technology din bsp din nishchit hoti ja rahi hai aur main india ka matlab usse kam dalna padega duniya dungi india par britishon ne roll kiya tha tab vaah india ka saara ko chali gayi isliye india ke paas sabse matlabi kaise kam hai logo ne bahut kuch halat kharab halat bahut kuch kharab thi toh india ka jo sarkar hai tab se Independence hone ke baad india use theek karne ke liye uplabdh karai thi isliye china bahut salon se us par work kar rahi hai china ko develop kaise kiya jaaye har tarike se yuvaon se lekar bade bade logo tak aur technology ho ya architecture ho is samay se acche sambandh ka work kar rahi hai ise abhi america ke baad agar na mile toh china ka hi hai mujhe lagta hai india download isliye nahi hai ki maine kaha ki british rule kar gayi isliye logo ko abhi shower na thoda sa mushkil ka hal ke log abhi sabar rahe hai aur technology abhi bahut kuch aage badh rahi hai but vaah kab hai aur yah sab kuch logo ki baat kare india mein population bahut zyada hai aur kuch logo ki baat kare toh phir unke matlab baad mein baat nahi aati vaah ek aaram se jeevan ji rahe hai aur mere khayal se jo jaban hai hamare toh wahi matlab problem se jujhte hai baki logo ne bhi iske bare mein sochna chahiye ki india ko develop banane ke liye gala clinic kis film mein kaam kar sakta hoon aur zyada se zyada yogdan usme dena chahiye halaki yah logo aur sarkar dono ke beech agar connectivity yaad aa rahi hai tabhi yah possible ho sakta hai sarkar ne bhi aise mil gaye rehna chahiye jo india ke development ke liye ho toh toh hi accha hoga

विकी चाइना एक डेवलप्ड कंट्री से हो रहा है क्योंकि वहां पर टेक्नोलॉजी दिन ब दिन निश्चित होत

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हिंदी क्या करमपुरा हॉस्पिटल देखे तो किस प्रकार से चीन जो है जलता है तो वह बोल भारत से पूरी तरीके से अलग चलता है कि किरम सिंह के जंक्शन सिस्टम की बात करें जिस प्रकार संघ एजुकेशन सिस्टम 12 साल के बच्चे जो है जो कंप्यूटर में में लाजवाब है और अन्य कंप्यूटर इतना चिंतित रहता है कि आप चाइना जो एक ऐसा मात्र देश है जहां पर चाइना के लोगों को चाइनीस लोग जब खुद WhatsApp यूज नहीं करते उनके पास भी चैट है उनके पास हरि बड़ी-बड़ी सोशल मीडिया का अल्टरनेट है तो कहां कहां पर बाकी जो पॉपुलेशन प्रोडक्टिव है वहां पर जाकर ऑप्शन नहीं है जितना भारत में पाया जा चुका है ग्राम भारत के एजुकेशन की बात करें तो ऐसे कई सारे लोग झिंग अभी तक यह नहीं पता कंप्यूटर क्या होता है Android क्या होता है या फिर हम कह सकते कंप्यूटर चालू कैसे करते हैं या फिर वह मॉडर्न एजुकेशन सिस्टम ठीक नहीं है जाकर क्या चाइना में जो है वह लोग मॉडर्न एजुकेशन रिपोर्ट अपडेटेड है वह खुद मॉडर्न एजुकेशन को और जो है नई-नई चीजें लेकर आ रहे मॉडर्न एजुकेशन मैसेज ही नहीं जिस प्रकार से बाकी लोग जंगल एयरपोर्ट पहुंच गए क्या गर्भवती चाइना की पॉपुलेशन की बात करें तो लगभग 80 से 90 30 दिन तक के जो वह पॉपुलेशन जो है वह खुद काम कर रहे हो खाना खा पर कब आ रहा है तो चाइना जो है उनका गरम कंट्री साइज भी देखा था वफ़ा से बहुत बड़ा है या भारत से थोड़ा भला है जो कि हम भारत की बात करें तो भारत में अभी तक एजुकेशन जो भुलाए नहीं जा चुका बेरोजगारी अभी तक है यह सच है कि कि भारत की जन्म लेता है या फिर हम राजनेता है वह इतने भारत को लेकर इतने चिंतित नहीं है जितने सीन को लेकर चिंतित हैं तो मेरे हिसाब से यह कारण है कि भारत अपने पड़ोसी देश चीन से ज्यादा विकसित नहीं हो सकता

hindi kya karamapura hospital dekhe toh kis prakar se china jo hai jalta hai toh vaah bol bharat se puri tarike se alag chalta hai ki kiram Singh ke junction system ki baat kare jis prakar sangh education system 12 saal ke bacche jo hai jo computer mein mein lajawab hai aur anya computer itna chintit rehta hai ki aap china jo ek aisa matra desh hai jaha par china ke logo ko Chinese log jab khud WhatsApp use nahi karte unke paas bhi chat hai unke paas hari badi badi social media ka altaranet hai toh kahaan kahaan par baki jo population productive hai wahan par jaakar option nahi hai jitna bharat mein paya ja chuka hai gram bharat ke education ki baat kare toh aise kai saare log jhing abhi tak yah nahi pata computer kya hota hai Android kya hota hai ya phir hum keh sakte computer chaalu kaise karte hain ya phir vaah modern education system theek nahi hai jaakar kya china mein jo hai vaah log modern education report updated hai vaah khud modern education ko aur jo hai nayi nayi cheezen lekar aa rahe modern education massage hi nahi jis prakar se baki log jungle airport pohch gaye kya garbhwati china ki population ki baat kare toh lagbhag 80 se 90 30 din tak ke jo vaah population jo hai vaah khud kaam kar rahe ho khana kha par kab aa raha hai toh china jo hai unka garam country size bhi dekha tha wafa se bahut bada hai ya bharat se thoda bhala hai jo ki hum bharat ki baat kare toh bharat mein abhi tak education jo bhulae nahi ja chuka berojgari abhi tak hai yah sach hai ki ki bharat ki janam leta hai ya phir hum raajneta hai vaah itne bharat ko lekar itne chintit nahi hai jitne seen ko lekar chintit hain toh mere hisab se yah karan hai ki bharat apne padosi desh china se zyada viksit nahi ho sakta

हिंदी क्या करमपुरा हॉस्पिटल देखे तो किस प्रकार से चीन जो है जलता है तो वह बोल भारत से पूरी

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