क्या जाती प्रथा अच्छी है या बुरी?...


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Norang sharma

Social Worker

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नमस्कार दोस्तों वह कल पर सुन रहे मेरे सभी बुद्धिजीवी श्रोताओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार आज का सवाल कास्ट सिस्टम पर है जाति प्रथा पर है कि क्या जाति प्रथा अच्छी है या बुरी दोस्तों भारत पर समय-समय पर अनेक आक्रमण हुए हैं बाहरी आक्रांता ओं ने जब आकर किस देश की छाती को चिड़ा है चाहे वह मुगलों का आक्रमण हो चाहे वह अंग्रेजों का क्या आपने कभी बैठकर सोचा है कि भारत जैसे इतने मजबूत देश को किस चीज में कमजोर किया जो बाहरी लोगों की इतनी हिम्मत हुई या इतना दुस्साहस हुआ कि उन्होंने हम पर आक्रमण कर दिया कारण एक ही रहा है दोस्तों हमारी आपसी फूट हमारा जो जो भी समाज है वह अनेक जातियों में बटा हुआ है हम लोग एक दूसरे से नफरत करते हैं और जब तक हम एकजुट नहीं हो तब तक इसी तरीके से हमारे देश पर ना सिर्फ बाहरी बल्कि आंतरिक संकट के बादल भी मंडराते रहेंगे इसलिए जाति प्रथा आज के सभ्य समाज का सबसे बड़ा कलंक है इसे हर हाल में मिटना चाहिए इसे दूर होना चाहिए हर जाति से पहले हर धर्म से पहले हम एक भारतीय हैं और जब तक हम इतना चाई को स्वीकार नहीं करेंगे और इस सच्चाई में विश्वास और आस्था नहीं रखेंगे तब तक हमारा देश आगे कभी नहीं बढ़ सकता तब तक यह देश इसी तरीके से संघर्ष करता रहेगा अभी हम पर निर्भर करता है कि हम अपने देश को कहां देखना चाहते हैं धन्यवाद

namaskar doston vaah kal par sun rahe mere sabhi buddhijeevi shrotaon ko mera pyar bhara namaskar aaj ka sawaal caste system par hai jati pratha par hai ki kya jati pratha achi hai ya buri doston bharat par samay samay par anek aakraman hue hain bahri akranta on ne jab aakar kis desh ki chhati ko chida hai chahen vaah mugalon ka aakraman ho chahen vaah angrejo ka kya aapne kabhi baithkar socha hai ki bharat jaise itne majboot desh ko kis cheez mein kamjor kiya jo bahri logo ki itni himmat hui ya itna dussahas hua ki unhone hum par aakraman kar diya karan ek hi raha hai doston hamari aapasi feet hamara jo jo bhi samaj hai vaah anek jaatiyo mein bataa hua hai hum log ek dusre se nafrat karte hain aur jab tak hum ekjut nahi ho tab tak isi tarike se hamare desh par na sirf bahri balki aantarik sankat ke badal bhi mandarate rahenge isliye jati pratha aaj ke sabhya samaj ka sabse bada kalank hai ise har haal mein mitna chahiye ise dur hona chahiye har jati se pehle har dharm se pehle hum ek bharatiya hain aur jab tak hum itna chai ko sweekar nahi karenge aur is sacchai mein vishwas aur astha nahi rakhenge tab tak hamara desh aage kabhi nahi badh sakta tab tak yah desh isi tarike se sangharsh karta rahega abhi hum par nirbhar karta hai ki hum apne desh ko kahan dekhna chahte hain dhanyavad

नमस्कार दोस्तों वह कल पर सुन रहे मेरे सभी बुद्धिजीवी श्रोताओं को मेरा प्यार भरा नमस्कार आज

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जाति प्रथा अच्छी है या बुरी तो हम सबको देखा जाए हमारी सोच से देखा जाए तो जाति प्रथा मुझे बिल्कुल भी अच्छी नहीं लगती क्योंकि जाति प्रथा के कारण ही हमारा देश आज इतना विकास नहीं कर पाया जितना हम लोग चाहते हैं क्योंकि हम जाति प्रथा के कारण ही उलझे रह जाते हैं भेदभाव करते रह जाते इसलिए हमारा देश आगे नहीं बढ़ पाता हरनाम विकास कर पाते हैं इसीलिए हमारी सोच से देखा जाए तो मुझे जाति प्रथा बिल्कुल ही अच्छी नहीं लगती है

jati pratha achi hai ya buri toh hum sabko dekha jaaye hamari soch se dekha jaaye toh jati pratha mujhe bilkul bhi achi nahi lagti kyonki jati pratha ke karan hi hamara desh aaj itna vikas nahi kar paya jitna hum log chahte hain kyonki hum jati pratha ke karan hi ulajhe reh jaate hain bhedbhav karte reh jaate isliye hamara desh aage nahi badh pata harnam vikas kar paate hain isliye hamari soch se dekha jaaye toh mujhe jati pratha bilkul hi achi nahi lagti hai

जाति प्रथा अच्छी है या बुरी तो हम सबको देखा जाए हमारी सोच से देखा जाए तो जाति प्रथा मुझे ब

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Rajiv Ranjan

Account student,social thinker

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे हमारे देश में एक काश तुम बहुत ज्यादा खतरनाक है यह कास्ट सिस्टम से भारत में अगर विश्व में आप कहीं भी देखेंगे तो जाति के आधार पर विभाजन आपको सिर्फ भारत में ही मिलेंगे इसी कारण भारत में इतनी ज्यादा समस्याएं हैं और यह का स्टेशन हमारे समाज को अंदर से खोखला करता जा रहा है हम ऐसे क्या करते हैं कष्ट के आधार पर जाति के आधार पर जो निम्न वर्ग के लोग होते हैं उन्हें मुझे पल देते हैं परंतु या नहीं देखते कि वह योग्य है या अयोग्य योग्य लोगों को उसके पद देने से जो हमारा सिस्टम है और एक घटिया और घटिया होता चला जाता है तो जो लोग मेहनत करते हैं वह मध्यम वर्ग के होते हैं जैसे कि अगर आप इस एग्जाम में लेंगे तो उनके महासागराचे भी आए हैं उनके माता की डेढ़ सो आते हैं 200 आते हैं लेकिन फिर भी जो निम्न वर्ग के लोग होते हैं उनके मकसद 98100 जाएंगे तो यू ने सेलेक्ट कर दिया जाएगा और उनको नहीं दिया जाता तो ज्यादा ही हो गया था वह प्रश्न जिस ने 150 50 मार्क्स है लेकिन फिर भी मिला किसे जो वैकेंसी दवा किस को मिला महीने बाद पद के लोगों को मिला तो इसी कारण हमारे देश में जो काफी समय बहुत ही गलत हो रहा है और इसे रोकना चाहिए सरकार को जल्द से जल्द मैं भी एक मध्यम वर्ग से बिलॉन्ग करता हूं मैं अभी जनरल हूं और इसी कारण मैं

mujhe hamare desh mein ek kash tum bahut zyada khataranaak hai yah caste system se bharat mein agar vishwa mein aap kahin bhi dekhenge toh jati ke aadhaar par vibhajan aapko sirf bharat mein hi milenge isi karan bharat mein itni zyada samasyaen hain aur yah ka station hamare samaj ko andar se khokhla karta ja raha hai hum aise kya karte hain kasht ke aadhaar par jati ke aadhaar par jo nimn varg ke log hote hain unhe mujhe pal dete hain parantu ya nahi dekhte ki vaah yogya hai ya ayogya yogya logo ko uske pad dene se jo hamara system hai aur ek ghatiya aur ghatiya hota chala jata hai toh jo log mehnat karte hain vaah madhyam varg ke hote hain jaise ki agar aap is exam mein lenge toh unke mahasagrache bhi aaye hain unke mata ki dedh so aate hain 200 aate hain lekin phir bhi jo nimn varg ke log hote hain unke maksad 98100 jaenge toh you ne select kar diya jaega aur unko nahi diya jata toh zyada hi ho gaya tha vaah prashna jis ne 150 50 marks hai lekin phir bhi mila kise jo vacancy dawa kis ko mila mahine baad pad ke logo ko mila toh isi karan hamare desh mein jo kaafi samay bahut hi galat ho raha hai aur ise rokna chahiye sarkar ko jald se jald main bhi ek madhyam varg se Belong karta hoon main abhi general hoon aur isi karan main

मुझे हमारे देश में एक काश तुम बहुत ज्यादा खतरनाक है यह कास्ट सिस्टम से भारत में अगर विश्व

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Ridhima

Mass Communications Student

1:20
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

कथा जरुर से अच्छी नहीं है वह बहुत ही बुरी है मैं इसका कारण बोलती हूं एक तो एक ही भेजो एक इंसान जो एक पर्टिकुलर जाती है कौन होता है तो उसको बोला जाता कि जो जाती वह काम करते है उसी जाति का काम करना चाहिए वह जो अपना प्रोफेशन में ज्वाइन करना चाहते हैं वह उसको परसों नहीं कर पाता फिर होता है कि जब तक आप देखो तो एक कास्ट के इंटर कास्ट मैरिज बहुत बार अलाउड नहीं होता है बल्कि वह सेम कास्ट में भारी होता है और उसके कारण बहुत सारा चांसेस है कि जेनेटिक डिसऑर्डर भिगोए फैमिली के अंदर ज्यादा से ज्यादा अपने आप को सुपीरियर समझ नहीं रखता है और वह इंटीरियर लोग रहते हैं उस पर रौब झाड़ने लगते हैं तो यह बहुत प्रेजुडिस हो जाता है अलग खेल होता है और अलग नॉलेज रहता है वह हर एक ही कास्ट में और जब तक अगर एक आदमी लोग नहीं रहे एक मिलजुलकर तो वह उसके लिए नॉलेज डेवलप नहीं होता है और सिर्फ एक ही जाति में रह जाता है और वह शेर नहीं हो पाता और जिसकी वजह से मिशन डेवलप नहीं होता है

katha zaroor se achi nahi hai vaah bahut hi buri hai iska karan bolti hoon ek toh ek hi bhejo ek insaan jo ek particular jaati hai kaun hota hai toh usko bola jata ki jo jaati vaah kaam karte hai usi jati ka kaam karna chahiye vaah jo apna profession mein join karna chahte hain vaah usko parso nahi kar pata phir hota hai ki jab tak aap dekho toh ek caste ke inter caste marriage bahut baar allowed nahi hota hai balki vaah same caste mein bhari hota hai aur uske karan bahut saara chances hai ki genetic disorder bhigoye family ke andar zyada se zyada apne aap ko Superior samajh nahi rakhta hai aur vaah interior log rehte hain us par raub jhadne lagte hain toh yah bahut prejudis ho jata hai alag khel hota hai aur alag knowledge rehta hai vaah har ek hi caste mein aur jab tak agar ek aadmi log nahi rahe ek miljulakar toh vaah uske liye knowledge develop nahi hota hai aur sirf ek hi jati mein reh jata hai aur vaah sher nahi ho pata aur jiski wajah se mission develop nahi hota hai

कथा जरुर से अच्छी नहीं है वह बहुत ही बुरी है मैं इसका कारण बोलती हूं एक तो एक ही भेजो एक इ

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Apurva D

Optimistic Coder

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लिखे जो आपको क्वेश्चन है क्या कहा सिस्टम गुड और बैड तो मेरे ख्याल से का सबसे अच्छी नहीं है क्योंकि लोगों को एक अलग अलग पाठ में से डिलीट कर देती है और इसलिए मतलब यह तो बहुत प्राचीन काल से चलता आ रहा है इसलिए हम इस में कुछ नहीं कर सकते तो फिर जो ऐसे राइटिंग अभी जो बनाई है वह अमेरिका से अलग देवता ही रहती है तो हर हर एक को अलग पूछते हैं हालांकि देवता है ना तो अब तक सभी को एक हीरोइन बताया है कि एकता रखो और अच्छे से हिंसा मत करो लेकिन फिर भी कुछ लोग ऐसे होते हैं जो कि का सिस्टम का गलत फायदा उठाते हैं और लोगों को उकसाते हैं और फिर दंगे विवाह ऐसा सारा कुछ उत्पन्न होता है तो मेरे ख्याल से यह बिलकुल अच्छी बात नहीं है हालांकि का सिस्टम की वजह से ही लोग एक दूसरे को यह मतलब का हंस लो लेवल का है यहां लेवल का एक शब्द ऐसी बातें करते तो मेरे ख्याल से हम एक बार जीते एक बार मरते जीना मरना यहां सब की जो भाग्य में लिखा होता है तू और लोगों को लडका है मतलब है और क्षुद्र देवता नहीं और हमारे यहां पर काफी दिन का अलग ही एक करा जाता है जो की कुछ मतलब रिजर्वेशन में ना यह भी सूचित करना चाहिए अगर आपका छुट्टी मिली हो कभी भी लोगों ने हाय काश उतनी ही अच्छी है और इतनी ही लेवल पर है किसी को कम नहीं समझना चाहिए पर शाहरुख के लिए रोशन रिलेशनशिप बनाना चाहिए क्योंकि एजुकेशन में हो या गवर्नमेंट जॉब

likhe jo aapko question hai kya kaha system good aur bad toh mere khayal se ka sabse achi nahi hai kyonki logo ko ek alag alag path mein se delete kar deti hai aur isliye matlab yah toh bahut prachin kaal se chalta aa raha hai isliye hum is mein kuch nahi kar sakte toh phir jo aise writing abhi jo banai hai vaah america se alag devta hi rehti hai toh har har ek ko alag poochhte hain halaki devta hai na toh ab tak sabhi ko ek heroine bataya hai ki ekta rakho aur acche se hinsa mat karo lekin phir bhi kuch log aise hote hain jo ki ka system ka galat fayda uthate hain aur logo ko ukasate hain aur phir dange vivah aisa saara kuch utpann hota hai toh mere khayal se yah bilkul achi baat nahi hai halaki ka system ki wajah se hi log ek dusre ko yah matlab ka hans lo level ka hai yahan level ka ek shabd aisi batein karte toh mere khayal se hum ek baar jeete ek baar marte jeena marna yahan sab ki jo bhagya mein likha hota hai tu aur logo ko ladka hai matlab hai aur kshudra devta nahi aur hamare yahan par kaafi din ka alag hi ek kara jata hai jo ki kuch matlab reservation mein na yah bhi suchit karna chahiye agar aapka chhutti mili ho kabhi bhi logo ne hi kash utani hi achi hai aur itni hi level par hai kisi ko kam nahi samajhna chahiye par shahrukh ke liye roshan Relationship banana chahiye kyonki education mein ho ya government job

लिखे जो आपको क्वेश्चन है क्या कहा सिस्टम गुड और बैड तो मेरे ख्याल से का सबसे अच्छी नहीं है

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

1:12
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आज की जाति प्रथा अच्छी है या बुरी तो मैं समझता हूं कि आप कौन बुरी नहीं है क्योंकि पहले की जो सिचुएशन से वह अलग होगी पहले की जो डिमांड थी पहले की कल्चर की पहले की न्यूज़ कि वह सब बालक की और आज की जो है अलग है पहले हो सकता है हम उनको पीना होगा कि काश सिस्टम होना चाहिए ए कैटेगरी के लोग जो काम करते हुए हुए उनको यह बोलना चाहिए अगर यह कैटेगरी के कर देना चाहिए अगर मालिक है तो वह यह कष्ट करें तो यह समय सब्जी इन सब की रिक्वायरमेंट पहले थी और आज का टाइम है वह पूरी तरह चेंज हो गया है उन लोग कंप्यूटर बिलीव नहीं करते हैं और एक समान कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं तो मैंने कहा था कि आज के जमाने में का स्टेशन जो है वह होना चाहिए जाति पता होना चाहिए ना रिजर्वेशन आना चाहिए डाकू सोना चाहिए हर जगह से आकाश निकाल दो सबको सबको जो है वह एक ही का स्कोर होगा इंडिया में और उसका उसका नाम इंडियन कर दो कर दो इंसानियत कर दो और ऐसा जो है एक साथ मिलकर काम करेंगे ना ना कोई ऊंचा होगा ना कोई नीचा होगा सब जो है इंसान रहेंगे और इंसान की तरह एक-दूसरे को डिलीट करें और जाति प्रथा को खत्म कर देना चाहिए

aaj ki jati pratha achi hai ya buri toh main samajhata hoon ki aap kaun buri nahi hai kyonki pehle ki jo situation se vaah alag hogi pehle ki jo demand thi pehle ki culture ki pehle ki news ki vaah sab balak ki aur aaj ki jo hai alag hai pehle ho sakta hai hum unko peena hoga ki kash system hona chahiye a category ke log jo kaam karte hue hue unko yah bolna chahiye agar yah category ke kar dena chahiye agar malik hai toh vaah yah kasht kare toh yah samay sabzi in sab ki requirement pehle thi aur aaj ka time hai vaah puri tarah change ho gaya hai un log computer believe nahi karte hain aur ek saman kandhe se kandha milakar kaam karte hain toh maine kaha tha ki aaj ke jamane mein ka station jo hai vaah hona chahiye jati pata hona chahiye na reservation aana chahiye daku sona chahiye har jagah se akash nikaal do sabko sabko jo hai vaah ek hi ka score hoga india mein aur uska uska naam indian kar do kar do insaniyat kar do aur aisa jo hai ek saath milkar kaam karenge na na koi uncha hoga na koi nicha hoga sab jo hai insaan rahenge aur insaan ki tarah ek dusre ko delete kare aur jati pratha ko khatam kar dena chahiye

आज की जाति प्रथा अच्छी है या बुरी तो मैं समझता हूं कि आप कौन बुरी नहीं है क्योंकि पहले की

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

1:16
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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

विकी मुझे लगता है कि हमारे देश के अंदर जो का सिस्टम है वह बहुत ही गलत है और होना भी नहीं चाहिए किसी अच्छे समाज के लिए यह बहुत ही ज्यादा खतरनाक है जिस तरह से हमने देखा कि हमारे देश के अंदर कास्ट का वजन बहुत ज्यादा होता है काश डिस्क्रिमिनेशन बहुत ज्यादा होता है हमने बहुत सारे जहां से देखिए इस बेस्ड ऑन फास्ट होती हैं अभी आपको याद होगा महाराष्ट्र में एक रेवोल्यूशन हुआ था वह काश भेज भाई संता तो कास्ट सिस्टम होने से हमारा समाज बढ़ जाता है ठीक है और जो जो शेड्यूल कास्ट हो गया उनके साथ एट्रोसिटी की जाती मुझे लगता है कहीं नहीं बहुत गलत होता है हम भारतीय हैं यही हमारी पहचान हमारे देश के लिए सीट समझ में आता लेकिन का आज का मुझे नहीं लगता कोई फायदा होता होगा आज हमारे देश की स्थिति आप देखने जिसका से रिजर्वेशन पॉलिसी को भी लगा दी है क्या होता अपलिफ्टमेंट यादव दोस्त भूकंप जैसे नर्सरी क्लास मुझे लगता है कि कहीं ना कहीं कुछ गलत है तो मैं बस इतना ही कहूंगा कि हमारे देश के अंदर का सिस्टम हमारे देश को $1 की बर्बादी कर रहा है तो काश में बिल्कुल नहीं होना चाहिए हम सब एक हैं हम बस भारतीय यही हमारी पहचान है

vicky mujhe lagta hai ki hamare desh ke andar jo ka system hai vaah bahut hi galat hai aur hona bhi nahi chahiye kisi acche samaj ke liye yah bahut hi zyada khataranaak hai jis tarah se humne dekha ki hamare desh ke andar caste ka wajan bahut zyada hota hai kash discrimination bahut zyada hota hai humne bahut saare jaha se dekhiye is based on fast hoti hain abhi aapko yaad hoga maharashtra mein ek Revolution hua tha vaah kash bhej bhai santa toh caste system hone se hamara samaj badh jata hai theek hai aur jo jo schedule caste ho gaya unke saath etrositi ki jaati mujhe lagta hai kahin nahi bahut galat hota hai hum bharatiya hain yahi hamari pehchaan hamare desh ke liye seat samajh mein aata lekin ka aaj ka mujhe nahi lagta koi fayda hota hoga aaj hamare desh ki sthiti aap dekhne jiska se reservation policy ko bhi laga di hai kya hota apaliftament yadav dost bhukamp jaise nursery class mujhe lagta hai ki kahin na kahin kuch galat hai toh main bus itna hi kahunga ki hamare desh ke andar ka system hamare desh ko 1 ki barbadi kar raha hai toh kash mein bilkul nahi hona chahiye hum sab ek hain hum bus bharatiya yahi hamari pehchaan hai

विकी मुझे लगता है कि हमारे देश के अंदर जो का सिस्टम है वह बहुत ही गलत है और होना भी नहीं च

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