प्राचीन भारतीय इतिहास के साहित्यिक स्रोत की जांच करें?...


play
user

AmarDeep Mukul

मैं ब्लॉगर हूं और मेरी वाइफ ब्यूटीशियन है।

2:05

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

प्राचीन भारतीय इतिहास के साहित्यिक स्रोत कई सारे सबसे पहला स्रोत जो था और सिंधु घाटी सभ्यता में जो लिपियों के अवशेष मिले हैं वह है लेकिन अफसोस की बात यह है कि उन लिपियों को अब तक पढ़ा नहीं जा सका है जिसके कारण उस वक्त जो चित्र जो बर्तन जो अवशेष मिले हैं विशेषकर मिट्टी के बर्तन खिलौने मिट्टी के शवों के अवशेष उस वक्त के अंगों के अवशेष मिले हैं उन्हें से लोग अंदाज लगाकर यह कहते हैं कि उस वक्त इस कविता किस तरह की जिज्ञासा उस वक्त का जीवन था अब साहित्यिक स्रोत साहित्यिक स्रोत जो लिखित रूप में मिलता है वह सबसे पहले रिग वैदिक युग में ऋग्वेद के भीतर जो साहित्यिक स्रोत है जिसमें लिखा गया है 10 राज का युद्ध जिसमें राजा सुदास का वर्णन है कि किस तरह से राजा सुदास ने 10 राजाओं के संघ को जिन्होंने सुदास पर आक्रमण किया था उसको पराजित किया यह सबसे पहला साहित्यिक स्रोत है उसके बाद विदेशी यात्री मेगास्थनीज इनका वर्णन मिलता है इंडिका में जिसमें भारतीय समाज का वर्णन है उसको सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि एक मेगास्थनीज ने सब कुछ वर्णन किया मूल्यों की व्यवस्था नगरों का वर्णन नगर में जो लोग रहते हैं उनका वर्णन उनकी राज व्यवस्था का वर्णन लेकिन साथ ही उसने यह बात भी लिखी है कि उस वक्त भारतीय समाज में दास प्रथा नहीं थी बहुत बड़ी बात थी उसके इस साहित्यिक स्रोत में दास प्रथा का ना लिखना यह बताता है कि कैसा उस वक्त का जीवन था

prachin bharatiya itihas ke sahityik srot kai saare sabse pehla srot jo tha aur sindhu ghati sabhyata me jo lipiyon ke avshesh mile hain vaah hai lekin afasos ki baat yah hai ki un lipiyon ko ab tak padha nahi ja saka hai jiske karan us waqt jo chitra jo bartan jo avshesh mile hain visheshkar mitti ke bartan khilone mitti ke shavon ke avshesh us waqt ke angon ke avshesh mile hain unhe se log andaaz lagakar yah kehte hain ki us waqt is kavita kis tarah ki jigyasa us waqt ka jeevan tha ab sahityik srot sahityik srot jo likhit roop me milta hai vaah sabse pehle rig vaidik yug me rigved ke bheetar jo sahityik srot hai jisme likha gaya hai 10 raj ka yudh jisme raja sudas ka varnan hai ki kis tarah se raja sudas ne 10 rajaon ke sangh ko jinhone sudas par aakraman kiya tha usko parajit kiya yah sabse pehla sahityik srot hai uske baad videshi yatri megasthanij inka varnan milta hai indica me jisme bharatiya samaj ka varnan hai usko sabse mahatvapurna baat yah hai ki ek megasthanij ne sab kuch varnan kiya mulyon ki vyavastha nagaron ka varnan nagar me jo log rehte hain unka varnan unki raj vyavastha ka varnan lekin saath hi usne yah baat bhi likhi hai ki us waqt bharatiya samaj me das pratha nahi thi bahut badi baat thi uske is sahityik srot me das pratha ka na likhna yah batata hai ki kaisa us waqt ka jeevan tha

प्राचीन भारतीय इतिहास के साहित्यिक स्रोत कई सारे सबसे पहला स्रोत जो था और सिंधु घाटी सभ्य

Romanized Version
Likes  16  Dislikes    views  181
KooApp_icon
WhatsApp_icon
1 जवाब
no img
qIcon
ask
ऐसे और सवाल
Loading...
Loading...
qIcon
ask

Related Searches:
प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत ;

This Question Also Answers:

QuestionsProfiles

Vokal App bridges the knowledge gap in India in Indian languages by getting the best minds to answer questions of the common man. The Vokal App is available in 11 Indian languages. Users ask questions on 100s of topics related to love, life, career, politics, religion, sports, personal care etc. We have 1000s of experts from different walks of life answering questions on the Vokal App. People can also ask questions directly to experts apart from posting a question to the entire answering community. If you are an expert or are great at something, we invite you to join this knowledge sharing revolution and help India grow. Download the Vokal App!