क्या सुप्रीम कोर्ट को धारा 377 पे रोक लगानी चाहिए, जो समलैंगिकता को अपराध बनाती है? क्यों?...


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Shubham

Software Engineer in IBM

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जी के भजन जो 377 धारा उसके हिसाब से अगर कोई समय लगता जैसी की हरकत करता है तो उसको इंडियन पैनल कोर्ट में जो लिखा हो गया उसको सजा दी जाएगी और उसके खिलाफ एक्शन भी होगा लेकिन हम लोग क्या होता हम लोग भारतीय लोग टाइम के हिसाब से नहीं चलता है समय बदल रहा है और लोग बदल रहे हैं और जो समलैंगिकता वाली फीलिंग है वो जानबूझकर नहीं होती वह ओरिजिनल ही अपने आप ही डर लगती है तो मुझे लगता है उनके साथ चलना चाहिए और और जो अदर कंट्री कंट्री इस को फॉलो कर रहे हैं उसको अपना नहीं मानती हो तो मुझे लगता है कि हम को भी अपराध नहीं मानना चाहिए अगर कोई व्यक्ति अगर ऐसा है तो भाई ठीक है अगर वह है तो है हम उसको जबरदस्ती नहीं कर सकते ना तो और यह अपराध भी नहीं है मुझे तो कहीं किसी और किसी एंगल से ही अपराध नहीं लगता है तो मुझे लगता है कि हमारे गवर्नमेंट को के बारे में सोचना चाहिए और इसको अपराध नामांतर स्कोर लाइव कर देना चाहिए एक व्यक्ति है उसकी पर्सनल लाइफ में कैसे रहना चाहता है वह किस को पसंद करता है वह किस डे किस की पर्सनल चीज़ है और हमारे वैसे भी लो में लिखा हुआ है कि हर व्यक्ति को अपना सोचने का और रहने का अधिकार है तो मुझे लगता है कि उसको भी फॉलो कर रहा है और इस पर जो धारा लगाई गई है और इसे अपराध माना गया है उसको थोड़ा विचार करना चाहिए उसको हटा देना चाहिए थैंक यू

ji ke bhajan jo 377 dhara uske hisab se agar koi samay lagta jaisi ki harkat karta hai toh usko indian panel court mein jo likha ho gaya usko saza di jayegi aur uske khilaf action bhi hoga lekin hum log kya hota hum log bharatiya log time ke hisab se nahi chalta hai samay badal raha hai aur log badal rahe hain aur jo samlaingikta wali feeling hai vo janbujhkar nahi hoti vaah original hi apne aap hi dar lagti hai toh mujhe lagta hai unke saath chalna chahiye aur aur jo other country country is ko follow kar rahe hain usko apna nahi maanati ho toh mujhe lagta hai ki hum ko bhi apradh nahi manana chahiye agar koi vyakti agar aisa hai toh bhai theek hai agar vaah hai toh hai hum usko jabardasti nahi kar sakte na toh aur yah apradh bhi nahi hai mujhe toh kahin kisi aur kisi Angle se hi apradh nahi lagta hai toh mujhe lagta hai ki hamare government ko ke bare mein sochna chahiye aur isko apradh namantar score live kar dena chahiye ek vyakti hai uski personal life mein kaise rehna chahta hai vaah kis ko pasand karta hai vaah kis day kis ki personal cheez hai aur hamare waise bhi lo mein likha hua hai ki har vyakti ko apna sochne ka aur rehne ka adhikaar hai toh mujhe lagta hai ki usko bhi follow kar raha hai aur is par jo dhara lagayi gayi hai aur ise apradh mana gaya hai usko thoda vichar karna chahiye usko hata dena chahiye thank you

जी के भजन जो 377 धारा उसके हिसाब से अगर कोई समय लगता जैसी की हरकत करता है तो उसको इंडियन प

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