कोहरे के कारण आईजीआई एयरपोर्ट में 300 से अधिक उड़ानें विलंबित हैं, क्या एयरपोर्ट के अधिकारि इस तरह की स्थितियों से निपटने में सक्षम नहीं हैं?...


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Sefali

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आईजीआई एयरपोर्ट जो है, भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है और सबसे एडवांस एयरपोर्ट है l तो ऑब्वियसली, जो भी सारी टेक्निक्स वगैरा होंगे वह भी एडवांस लेवल पर रहे होंगी l बाकी सारे एयरपोर्ट के कंपैरिजन में, अभी जो ३०० से ज्यादा अधिक उड़ाने विलंबित हुए हैं ,ऐसा नहीं कि वह सक्षम नहीं है उसे संभालने के लिए ;पर बात यह आती है ;वह जो लोग हैं l लोगों का सुरक्षा उनके लिए सबसे ऊपर है और दिल्ही में इतना ज्यादा कोहरा बड़ गया था कि, शायद आपके सामने १० मीटर में भी कोई खड़ा हो तो वह भी आप को ना दिखे l तो यह बहुत ज्यादा जरूरी था कि कोई रिस्क लेने से पहले इतने सारे लोगों के साथ, उनको -उनकी सिक्योरिटी के पहले देखनी थी ,उन लोगों की सिक्योरिटी वो ताकी, इसीलिए इतना ज्यादा ये जो फ्लाइट डिलेज़, रद्द करना यह सिचुएशन हुई, क्यूंकि पैसेंजर की सेफ्टी , उनकी इम्पोर्टेन्ट लिस्ट में पहले थी l

IGI airport jo hai bharat ka sabse bada airport hai aur sabse advance airport hai l toh abwiyasali jo bhi saree techniques vagera honge vaah bhi advance level par rahe hongi l baki saare airport ke kampairijan mein abhi jo 300 se zyada adhik udane vilambit hue hain aisa nahi ki vaah saksham nahi hai use sambhalne ke liye par baat yah aati hai vaah jo log hain l logo ka suraksha unke liye sabse upar hai aur dilhi mein itna zyada koharaa bad gaya tha ki shayad aapke saamne 10 meter mein bhi koi khada ho toh vaah bhi aap ko na dikhe l toh yah bahut zyada zaroori tha ki koi risk lene se pehle itne saare logo ke saath unko unki Security ke pehle dekhni thi un logo ki Security vo taaki isliye itna zyada ye jo flight dilez radd karna yah situation hui kyunki passenger ki safety unki important list mein pehle thi l

आईजीआई एयरपोर्ट जो है, भारत का सबसे बड़ा एयरपोर्ट है और सबसे एडवांस एयरपोर्ट है l तो ऑब्वि

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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तीखी रविवार सुबह दिल्ली में सूजन का सबसे घना कोहरा छाया इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 350 से ज्यादा और पुराने प्रभावित हुई 227 यादव रानी लेट हुई करीब 50 डाइवर्ट की गई 35 उड़ानें तो शादी करनी पड़ी उत्तर भारत में ट्रेनों पर भी बहुत असर पड़ा देखिए दिसंबर 2017 में पहली बार 4 डिग्री से नीचे पर आया और जो 6:00 बजे तक तो दृश्य तहसील चुने ही हो गई थी 5 मीटर पर भी कुछ दिखाई नहीं दे रहा था तुम एक ऐसा नहीं है कि दना दन और जो हमारा जो हवाई अड्डा है वह सक्षम नहीं है क्योंकि जो इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट है वह काफी एडवांस और टेक्नोलॉजी कली काफी अच्छा एक हवाई अड्डा है और देश के पूरे विश्व में नंबर दो पर आता है वह अपने एडवांसमेंट को लेकर तो ऐसा नहीं है कि वह सक्षम नहीं है पर देखिए ऑफ टेक्नॉलॉजी पर कितना भरोसा कर सकते हैं आखिरी में तो अगर बाय चांस को छोटी मोटी भी गड़बड़ हो गई तो जाने तो कई सौ लोगों के चले जाएंगे तो सक्षम और सक्षम की बातें यहां नहीं उठती यहां बस यह कि आपने पर हवाई अड्डे प्रीकॉशंस लिए और शायद ठीक ठीक किया की बहुत सारी जान बच गई बरता और ऐसी चीज है या और एडवांस में ही ऑर्डर जूलॉजी के सहारे वह जो जो दृश्यता थी जो विजिबिलिटी थी उसको अलिफ लेला निकोटेक्स के टाइम पर वह उसको बढ़ाने के लिए जिसे कर सकते हैं बट हमारा हवाई अड्डा बिल्कुल सक्षम है उड़ानों के लिए

teekhi raviwar subah delhi mein sujan ka sabse ghana koharaa chhaya indira gandhi international airport par 350 se zyada aur purane prabhavit hui 227 yadav rani late hui kareeb 50 Divert ki gayi 35 udane toh shadi karni padi uttar bharat mein traino par bhi bahut asar pada dekhiye december 2017 mein pehli baar 4 degree se niche par aaya aur jo 6 00 baje tak toh drishya tehsil chune hi ho gayi thi 5 meter par bhi kuch dikhai nahi de raha tha tum ek aisa nahi hai ki dana dan aur jo hamara jo hawai adda hai vaah saksham nahi hai kyonki jo indira gandhi international airport hai vaah kaafi advance aur technology kalee kaafi accha ek hawai adda hai aur desh ke poore vishwa mein number do par aata hai vaah apne edavansament ko lekar toh aisa nahi hai ki vaah saksham nahi hai par dekhiye of technology par kitna bharosa kar sakte hain aakhiri mein toh agar bye chance ko choti moti bhi gadbad ho gayi toh jaane toh kai sau logo ke chale jaenge toh saksham aur saksham ki batein yahan nahi uthati yahan bus yah ki aapne par hawai adde precautions liye aur shayad theek theek kiya ki bahut saree jaan bach gayi barata aur aisi cheez hai ya aur advance mein hi order zoology ke sahare vaah jo jo drishyata thi jo visibility thi usko aleph lela nikoteks ke time par vaah usko badhane ke liye jise kar sakte hain but hamara hawai adda bilkul saksham hai udaanon ke liye

तीखी रविवार सुबह दिल्ली में सूजन का सबसे घना कोहरा छाया इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

0:47

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

आ देखे दिल्ली का जो आईजीआई एयरपोर्ट इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट जो है वह पूरे इंडिया में सबसे एडवांस्ड एयरपोर्ट का सबसे बड़ा एयरपोर्ट और पूरी दुनिया में वह दूसरे नंबर पर आता है तो ऐसा नहीं है कि वहां के अधिकारी इस तरह की स्थिति से निपटने के लक्षण नहीं है वह पूरी तरह सक्षम है कि नहीं हालात जो है अभी हाल ही में ऐसे हो गए थे का रायता ज्यादा हो गई थी कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था अगर आपके 10 मीटर आगे भी कुछ सामान रखा है तो आपको वह चीज दिखाई नहीं देगी तो इतना बड़ा एयरपोर्ट जो है उस को मेंटेन करना तो बहुत मुश्किल की बात है जिसमें अगर छोटी सी छोटी एक्सीडेंट भी होगी तो वह कोई बड़ा रूप ले सकती है तो इसी कारण से जो है कोहरे के कारण आज एयरपोर्ट में 300 से ज्यादा अधिक उड़ाने जो है वह विलंबित कर दी गई थी

aa dekhe delhi ka jo IGI airport indira gandhi international airport jo hai vaah poore india mein sabse advanced airport ka sabse bada airport aur puri duniya mein vaah dusre number par aata hai toh aisa nahi hai ki wahan ke adhikari is tarah ki sthiti se nipatane ke lakshan nahi hai vaah puri tarah saksham hai ki nahi haalaat jo hai abhi haal hi mein aise ho gaye the ka raita zyada ho gayi thi kuch bhi dikhai nahi de raha tha agar aapke 10 meter aage bhi kuch saamaan rakha hai toh aapko vaah cheez dikhai nahi degi toh itna bada airport jo hai us ko maintain karna toh bahut mushkil ki baat hai jisme agar choti si choti accident bhi hogi toh vaah koi bada roop le sakti hai toh isi karan se jo hai kohare ke karan aaj airport mein 300 se zyada adhik udane jo hai vaah vilambit kar di gayi thi

आ देखे दिल्ली का जो आईजीआई एयरपोर्ट इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट जो है वह पूरे इंडिया म

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Sameer Tripathy

Political Critic

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Hhhgnbhh

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

ऐसा बिल्कुल नहीं है क्यूंकि जो आईजीआई एयरपोर्ट पर काफी एडवांस है l पर होता क्या हे कि ऐसे मौसम के अंदर सेफ नहीं होता है कि हम एक ऐरोप्लेन को लेकर जाए l एडवांसमेंट की कमी नहीं होती है पर ओब्विऔस्लि में अगर हम कितने एडवांस भी हैं l तो किसी की जिंदगी को रिस्क नहीं करना चाहिए हमें कोई जल्दबाजी नहीं करनी चाहिएl ऐसे कामों के अंदर तो होता जब ऐसा इतनी ज्यादा फोग होती है ऐसा मौसम हो जाता है तो जो दुर्घटना होते हैं उसके होने के चांसेस बढ़ जाते हैं l तो इसलिए हम लोग इन समय पर हम लोग फ्लाइट्स को रद्द कर देते हैं ताकि कोई दुर्घटना ना हो, किसी की भी जान को कोई नुकसान ना पहुंचे तो इन कारणों की वजह से फ्लाइट कैंसिल होती है l और जब जब भी ऐसी कोई और एडवांसमेंट किसी और कंट्री में आएंगे कि इन मौसम के बावजूद भी अगर हम सेफली फ्लाइट को उड़ा सके तो वह इंडिया भी उस में पीछे नहीं रहेगा आईजीआई एयरपोर्ट उसमे बिल्कुल पीछे नहीं रहेगा l

aisa bilkul nahi hai kyunki jo IGI airport par kaafi advance hai l par hota kya hai ki aise mausam ke andar safe nahi hota hai ki hum ek airoplen ko lekar jaaye l edavansament ki kami nahi hoti hai par obwiausli mein agar hum kitne advance bhi hai l toh kisi ki zindagi ko risk nahi karna chahiye hamein koi jaldabaji nahi karni chahiye aise kaamo ke andar toh hota jab aisa itni zyada fog hoti hai aisa mausam ho jata hai toh jo durghatna hote hai uske hone ke chances badh jaate hai l toh isliye hum log in samay par hum log flights ko radd kar dete hai taki koi durghatna na ho kisi ki bhi jaan ko koi nuksan na pahuche toh in karanon ki wajah se flight cancel hoti hai l aur jab jab bhi aisi koi aur edavansament kisi aur country mein aayenge ki in mausam ke bawajud bhi agar hum safely flight ko uda sake toh vaah india bhi us mein peeche nahi rahega IGI airport usme bilkul peeche nahi rahega l

ऐसा बिल्कुल नहीं है क्यूंकि जो आईजीआई एयरपोर्ट पर काफी एडवांस है l पर होता क्या हे कि ऐसे

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Anukrati

Journalism Graduate

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मुझे नहीं लगता कि यह मुद्दा सक्षम और सक्षम होने का है कमरे में विजिबिलिटी कम हो जाती है जिससे विमान में यात्रा और सुरक्षित हो जाती है जिस कोहरे के बारे में हम बात कर रहे हैं उसे वस के सबसे खराब होने के रूप में कहा गया है जिसने इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर विजिबिलिटी को केवल 50 मीटर तक कम कर दिया था जहां पर टेकऑफ के लिए कम से कम 1.5 मीटर की विजिबिलिटी रेंज की आवश्यकता होती है हालांकि दिल्ली हवाई अड्डे पर कंपेटिबिलिटी लैंडिंग के लिए उन्नत तकनीक है जिसे 12522 50 मीटर की विजिबिलिटी में आने वाली विमान लाइन कर सकते हैं यहां मैं सहमत हूं कि कुछ पायलट को इस तकनीक में प्रशिक्षित नहीं किया गया था और इस वजह से पास के हवाई अड्डों में करीब 50 फ्लाइट डायवर्ट फूल लेकिन अगर वह ट्रेन होते भी तो ज्यादा फर्क नहीं पड़ता क्योंकि ट्रैक ट्रैक ऑफ़ के लिए फिर भी विजिबिलिटी कम थी

mujhe nahi lagta ki yah mudda saksham aur saksham hone ka hai kamre mein visibility kam ho jaati hai jisse Vimaan mein yatra aur surakshit ho jaati hai jis kohare ke bare mein hum baat kar rahe hain use vas ke sabse kharab hone ke roop mein kaha gaya hai jisne indira gandhi antarrashtriya hawai adde par visibility ko keval 50 meter tak kam kar diya tha jaha par takeoff ke liye kam se kam 1 5 meter ki visibility range ki avashyakta hoti hai halaki delhi hawai adde par kampetibiliti landing ke liye unnat taknik hai jise 12522 50 meter ki visibility mein aane wali Vimaan line kar sakte hain yahan main sahmat hoon ki kuch pilot ko is taknik mein prashikshit nahi kiya gaya tha aur is wajah se paas ke hawai addon mein kareeb 50 flight divert fool lekin agar vaah train hote bhi toh zyada fark nahi padta kyonki track track of ke liye phir bhi visibility kam thi

मुझे नहीं लगता कि यह मुद्दा सक्षम और सक्षम होने का है कमरे में विजिबिलिटी कम हो जाती है जि

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