दलित रैली के पास हुई हिंसा के लिए शरद पवार ने महाराष्ट्र सरकार को दोषी ठहराया, क्या यह उचित है?...


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Awdhesh Singh

Former IRS, Top Quora Writer, IAS Educator

0:60

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

जब महाराष्ट्र सरकार इस हिंसा को रोकने में विफल रही है तो किस को दोषी ठहराया है किसी और को दोषी नहीं ठहराया जा सकता क्योंकि लॉ एंड आर्डर जो है वो महाराष्ट्र सरकार या जो राज्य सरकार उसका कार्य क्षेत्र में आता हैl तो इसलिए शरद पवार ने जिस तरीके से जिम्मेदार ठहराया महाराष्ट्र के बीजेपी सरकार को, मेरे विचार से यह उचित है और अगर यह महाराष्ट्र कि सरकार जो है वो प्रोपेर्ली इंतजाम करती तो यह जो हिंसा हुई दलित रैली के दौरान यह हिंसा नहीं होती l उनको यह समझना चाहिए कि यह दो साल सेलिब्रेट कर रहे थे और इस वजह से काफी लार्ज स्केल पे इसकी प्रिपरेशन हुई थी और इसमें वायलेंस के चांसेस थे और उस हिसाब से जो है जो अरेंजमेंट किए जाने थे वो अरेंजमेंट नहीं किए गए और इसी वजह से यह हिंसा फेली जो कि आज विकराल रूप लेती चली जा रही है, तो इसलिए मेरे विचार से जो शरद पवार ने मारा सरकार को दोषी ठहराया वो उचित हैl

jab maharashtra sarkar is hinsa ko rokne mein vifal rahi hai to kis ko doshi thehraya hai kisi aur ko doshi nahi thehraya ja sakta kyonki law end order jo hai vo maharashtra sarkar ya jo rajya sarkar uska karya kshetra mein aata hai to isliye sharad power ne jis tarike se zimmedar thehraya maharashtra ke bjp sarkar ko mere vichar se yeh uchit hai aur agar yeh maharashtra ki sarkar jo hai vo properli intajam karti to yeh jo hinsa hui dalit rally ke dauran yeh hinsa nahi hoti l unko yeh samajhna chahiye ki yeh do saal celebrate kar rahe the aur is wajah se kaafi large scale pe iski preparation hui thi aur isme violence ke chances the aur us hisab se jo hai jo arrangement kiye jaane the vo arrangement nahi kiye gaye aur isi wajah se yeh hinsa feli jo ki aaj vikaraal roop leti chali ja rahi hai to isliye mere vichar se jo sharad power ne mara sarkar ko doshi thehraya vo uchit hai

जब महाराष्ट्र सरकार इस हिंसा को रोकने में विफल रही है तो किस को दोषी ठहराया है किसी और को

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Ravi Sharma

Advocate

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

महाराष्ट्र सरकार दलित रैली में हुई हिंसा के लिए पूरी तरह जिम्मेदार नहीं है इसके लिए विभिन्न संगठनों की दलितों का प्रतिनिधित्व करते हैं वह विभिन्न संगठन जो कि मराठों का प्रतिनिधित्व करते हैं वह भी उसके लिए उतनी ही जिम्मेदार है हालांकि कानून व्यवस्था जिस प्रकार से बिगड़ी बहुत ही नहीं बिगड़ने चाहिए थे और इसके लिए महाराष्ट्र सरकार का उत्तरदायित्व था कि वह एक उचित कदम उठाएं उस हिंसा को रोकने के लिए जो कि रोकने में हुआ नाकाम रही है इसका एक महत्वपूर्ण कारण यह भी है की प्रशासनिक व्यवस्था में व पुलिस प्रशासन में किस प्रकार से हम वहां इन दोनों संप्रदायों के लोग इन दोनों जातियों के लोग जिस प्रकार से हैं वह अपने आप ही इस विषय में उचित कदम नहीं उठाना चाहते थे वारियर स्थिति बिगड़ती चले गए विभिन्न शहरों को इसने अपनी चपेट में ले लिया ये छोटे राजनीतिक दल भी इस में कूद पड़े और कुल मिलाकर के बहुत अधिक आर्थिक नुकसान महाराष्ट्र को उठाना पड़ा कुछ पिछले एक दो दिन में और यह आज आप इतनी जल्दी बुझने वाली है नहीं इसलिए द्वारा सरकार को चाहिए कि वह उचित कदम उठाएं वह शरारती तत्वों दवा दंगाइयों के प्रतीक सख्त रवैया अपनाए जिस से किस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति ना हो सके धन्यवाद

maharashtra sarkar dalit rally mein hui hinsa ke liye puri tarah zimmedar nahi hai iske liye vibhinn sangathano ki dalito ka pratinidhitva karte hain wah vibhinn sangathan jo ki marathoon ka pratinidhitva karte hain wah bhi uske liye utani chahiye hi zimmedar hai halaki kanoon vyavastha jis prakar se bigadi bahut hi nahi bigadane chahiye the aur iske liye maharashtra sarkar ka uttardaayitva tha ki wah ek chahiye uchit kadam uthaye us hinsa ko rokne ke liye jo ki rokne mein hua nakam rahi hai iska ek mahatvapurna kaaran yeh bhi hai ki prashasnik vyavastha mein va police prashasan mein kis prakar se hum wahan in dono sampradayon chahiye ke log in dono jaatiyo ke log jis prakar se hain wah apne aap hi is vishay mein uchit kadam nahi uthana chahte the warrior sthiti bigadati chale gaye vibhinn shaharon chahiye ko isane apni chapet mein le liya ye chote rajnitik dal bhi is mein kud pade chahiye aur kul milakar ke bahut adhik aarthik nuksan maharashtra ko uthana pada kuch pichle ek do din mein aur yeh aaj aap itni jaldi bujhne wali hai nahi isliye dwara sarkar ko chahiye ki wah uchit kadam uthaye wah shararti tatwon dawa dangaiyon ke pratik sakht ravaiya apnaye jis se kis prakar ki ghatna ki punaraavrtti na ho sake dhanyavad

महाराष्ट्र सरकार दलित रैली में हुई हिंसा के लिए पूरी तरह जिम्मेदार नहीं है इसके लिए विभिन्

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Daulat Ram Sharma Shastri

Psychologist | Ex-Senior Teacher

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

राजनीतिज्ञों की बातों पर ध्यान मत दीजिए मेरे देशवासियों मेरे परम मित्रों ने तमे 3 बार समझा रहा हूं इन राजनेताओं ने इस देश के निवासियों को लड़ाया राजनेता कि तुम्हें लड़ा लड़ा करके इतना कमजोर बना देते हैं और फिर तुमसे भाषणों के दे दे इंजेक्शन दे दे इंजेक्शन वोट ले लेते हैं ऐसी गंदी राजनीति क्यों नहीं चाहती वाद धर्म बाद इंजेक्शन दे दे कर के अपने वोट सीधे किए हैं बाकी मैं सोता हूं हम तो मानवता पर ध्यान देना चाहिए यह दलित फोन काटिए काटिए इस प्रकार के भेदभाव से मैं रहित होना चाहिए हम सभी मानव हैं हम सभी मानव को मानवता के कार्य कार्य करने चाहिए और दूसरी बात हम सब भारतीय हैं हम लोग के बाद वेदों में ना बटे ऐसी का है यह एचपी का है यह जनरल का है यह सब लोग तो इन्हीं राजनीतिक दलों ने गंदगी पैदा की हैं जिससे कि इनके बोर्ड पढ़ते रहे हैं लेकिन भारत के पता नहीं लोग कब जागेंगे पता नहीं इस शिक्षक और सब लोग कादरी डिग्री आपको पेमेंट दे देते हैं पीएचडी किए हैं डिलीट किए हैं लेकिन पाती धर्म की राजनीति में आज भी इन राजनीतिज्ञों के द्वारा फांसी गए हैं लेकिन भी फंसे हुए आज भी इनको वोट दे देते हैं इन्हीं में फंसे हुए वोट देते रहते हैं परिणाम स्वरूप रोज होती है उसकी आपस में लड़ाई झगड़े होते हैं जिस दिन मानव सच्चाई में एजुकेटेड हो जाएगा समझ जाएगा उस दिन ऐसे राजनीतिज्ञों को दरकिनार कर दिया जाएगा जो जातिवाद धर्म बाद बकरीद की राजनीति करते हैं दोनों की बातों पर आपको ध्यान नहीं देना चाहिए कि बढ़ाते हैं अपने बहुत चीजें करते हैं समझदार व्यक्ति ने कभी भी महत्व नहीं देता है कभी गहराई से सोचो यह जो मैं बर्बाद फैला हुआ है जावेद पहले हुए हैं दोनों के बीच फैले हुए इससे हमारी एकता को कितनी चोट पहुंचती है एकता मारी खंडित होती है हम सब भारतीय हैं एकमात्र भारतीय भारतीय ताई हमारी सबसे बड़ी जाति है भारतीय ताई हमारा सबसे बड़ा कारण है और हर्षिता कैसे मारी जाती है ना मारा तार में ना मारा कोई फर्क है इस प्रकार की भावना रखनी चाहिए क्योंकि हमारा देश का संविधान सर्वोपरि है हमारा देश सर्वोपरि है कि नेता तो रोज बनते हैं रोज मिलते हैं वह आज इस पार्टी में कब्ज पार्टी में एक पल को पार्टी में यह तो सत्ता के लिए लड़ते हैं स्वार्थ की लड़ाई लड़ते हैं सब सत्ता के लिए ही तो वही अमेजॉन में बैठा हुआ है तुमको सब कुछ समझ सकते हो करके अपने देश के विकास के बारे में सोचना चाहिए देश को उन्नति के रास्ते पर ले जाना चाहिए

rajaneetigyon ki baaton par dhyan mat dijiye mere deshvasiyon mere param mitron ne tame 3 baar samjha raha hoon in rajnetao ne is desh ke nivasiyon ko ladaya raajneta ki tumhe lada lada karke itna kamjor bana dete hai aur phir tumse bhashano ke de de injection de de injection vote le lete hai aisi gandi raajneeti kyon nahi chahti vad dharm baad injection de de kar ke apne vote sidhe kiye hai baki main sota hoon hum toh manavta par dhyan dena chahiye yah dalit phone katiye katiye is prakar ke bhedbhav se main rahit hona chahiye hum sabhi manav hai hum sabhi manav ko manavta ke karya karya karne chahiye aur dusri baat hum sab bharatiya hai hum log ke baad vedo mein na bate aisi ka hai yah hp ka hai yah general ka hai yah sab log toh inhin raajnitik dalon ne gandagi paida ki hai jisse ki inke board padhte rahe hai lekin bharat ke pata nahi log kab jagenge pata nahi is shikshak aur sab log kadri degree aapko payment de dete hai phd kiye hai delete kiye hai lekin pati dharm ki raajneeti mein aaj bhi in rajaneetigyon ke dwara fansi gaye hai lekin bhi fanse hue aaj bhi inko vote de dete hai inhin mein fanse hue vote dete rehte hai parinam swaroop roj hoti hai uski aapas mein ladai jhagde hote hai jis din manav sacchai mein educated ho jaega samajh jaega us din aise rajaneetigyon ko darakinar kar diya jaega jo jaatiwad dharm baad bakri eid ki raajneeti karte hai dono ki baaton par aapko dhyan nahi dena chahiye ki badhate hai apne bahut cheezen karte hai samajhdar vyakti ne kabhi bhi mahatva nahi deta hai kabhi gehrai se socho yah jo main barbad faila hua hai javed pehle hue hai dono ke beech failen hue isse hamari ekta ko kitni chot pohchti hai ekta mari khandit hoti hai hum sab bharatiya hai ekmatra bharatiya bharatiya taii hamari sabse baadi jati hai bharatiya taii hamara sabse bada karan hai aur harshita kaise mari jaati hai na mara taar mein na mara koi fark hai is prakar ki bhavna rakhni chahiye kyonki hamara desh ka samvidhan sarvopari hai hamara desh sarvopari hai ki neta toh roj bante hai roj milte hai vaah aaj is party mein kabz party mein ek pal ko party mein yah toh satta ke liye ladte hai swarth ki ladai ladte hai sab satta ke liye hi toh wahi amazon mein baitha hua hai tumko sab kuch samajh sakte ho karke apne desh ke vikas ke bare mein sochna chahiye desh ko unnati ke raste par le jana chahiye

राजनीतिज्ञों की बातों पर ध्यान मत दीजिए मेरे देशवासियों मेरे परम मित्रों ने तमे 3 बार समझा

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Amber Rai

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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आज ही नहीं देते मैं नहीं समझता कि कहीं पर किसी का होने की वजह से जैसे अभी रिसेंटली थैली के पास हो रही हिंसा के शरद पवार ने महाराष्ट्र सरकार को दोषी ठहराया है तो लड़की किसी भी रानी महल सामने से किसी राज्य को दोषी ठहराया जा सकता है तो बताना सही पूरी तरह गलत है और इनका ही सेट में जो है इसको मैं निंदनीय तरीके से पूरी तरह खारिज करता हूं

aaj hi nahi dete main nahi samajhata ki kahin par kisi ka hone ki wajah se jaise abhi recently theli ke paas ho rahi hinsa ke sharad power ne maharashtra sarkar ko doshi thehraya hai to ladki kisi bhi rani mahal samane se kisi rajya ko doshi thehraya ja sakta hai to batana sahi puri tarah galat hai aur inka hi set mein jo hai isko main nindaniya tarike se puri tarah khareej karta hoon

आज ही नहीं देते मैं नहीं समझता कि कहीं पर किसी का होने की वजह से जैसे अभी रिसेंटली थैली के

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Kunjansinh Rajput

Aspiring Journalist

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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लेकिन नए साल पर महाराष्ट्र जातीय हिंसा में झुलस गया 1 दिन पहले पुणे के पास दलित और मराठों के बीच शुरू हुई हिंसा मुंबई औरंगाबाद और अहमदनगर तक फैल गई 150 बसों में तोड़फोड़ की गई यह हिंसा सोमवार को शुरू हुई जब दलितों का एक समूह भीमा कोरेगांव पढ़ाई की दूसरी सालगिरह के कार्यक्रम में जा रहा था प्रमुख शरद पवार उन्होंने पुणे जिले में भीमा कोरेगांव कोरेगांव लड़ाई की वर्षगांठ समारोह के दौरान हुई हिंसा के लिए महाराष्ट्र सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया और उन्होंने मामले की जांच करने की मांग की शांति की अपील की और उन्होंने कहा कि राजनीतिक और सामाजिक और क्षेत्रों में के लोगों को उत्तेजित करने वाले बयान दिए बगैर स्थिति का सामना करना चाहिए उनके मुताबिक सरकार रिस्पॉन्सिबल है अफवाह फैलाने के देखिए मैं जरूर कहूंगी कि सरकार का कहीं ना कोई छोटा-मोटा रोल होता है कि वह पुलिस फोर्स इतना नहीं कर पाई मैनेज की एक इंसान की मृत्यु भी हो गई लेकिन सरकार ने दंगे साथ नहीं किया जितना कि हमें नॉलेज है पर ऐसे किसी को इतने बड़े मतलब किसी की मृत्यु होने के लिए जिम्मेदार ठहराना या फिर तोड़फोड़ इतनी आमदनी के लिए किसी एक इंसान किसी सरकार के पॉलिटिकल पार्टी को जिम्मेदार ठहराना मेरे हिसाब से गलत है उन्हें पहले वेट करना चाहिए सारे नतीजों के आने का और उसके बाद फिर अगर सच में मराठी सरकारी फडणवीस सरकार की गलती है तो जरूर पर कारवाई की जानी चाहिए बड़े-बड़े पॉलिटिकल पोस्ट पर है तूने ऐसा कहना मेरे सबसे उचित नहीं है

lekin naye saal par maharashtra jatiye hinsa mein jhulas gaya 1 din pehle pune ke paas dalit aur marathoon ke beech shuru hui hinsa mumbai aurangabad aur ahmednagar tak fail gayi 150 bason mein todfod ki gayi yeh hinsa somwar ko shuru hui jab dalito ka ek samuh bhima koregaon padhai ki dusri salgirah ke karyakram mein ja raha tha pramukh sharad power unhone pune jile mein bhima koregaon koregaon ladai ki varshaganth samaroh ke dauran hui hinsa ke liye maharashtra sarkar aur prashasan ko zimmedar thehraya aur unhone mamle ki janch karne ki maang ki shanti ki appeal ki aur unhone kaha ki rajnitik aur samajik aur kshetro mein ke logo chahiye ko uttejit karne wale bayan diye bagair sthiti ka samana karna chahiye unke mutabik sarkar responsible hai afavah felane ke dekhie chahiye main jarur kahungi ki sarkar ka kahin na koi chota mota roll hota hai ki wah police force itna nahi kar payi manage ki ek insaan ki mrityu bhi ho gayi lekin sarkar ne denge saath nahi kiya jitna ki hume knowledge hai par aise kisi ko itne bade matlab kisi ki mrityu hone ke liye zimmedar thaharana ya phir todfod itni aamdani ke liye kisi ek insaan kisi sarkar ke political party ko zimmedar thaharana mere hisab se galat hai unhen chahiye pehle wait karna chahiye sare nateezon ke aane ka aur uske baad phir agar sach mein marathi sarkari fadnavis sarkar ki galti hai to jarur par karwai ki jani chahiye bade bade political post par hai tune aisa kehna mere sabse uchit nahi hai

लेकिन नए साल पर महाराष्ट्र जातीय हिंसा में झुलस गया 1 दिन पहले पुणे के पास दलित और मराठों

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.

Hhhgnbhh

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

हां जी, जैसे शरद पवार जी ने बोला है कि हिंसा के लिए महाराष्ट्र सरकार दोषी है l तो मेरा उन से सहमत नहीं हूं मैं उनसे क्यों कि ऐसी जो घटनाएँ होती है इसके अंदर सरकार का इतना हाथ नहीं होता है l टू हंड्रेड एनिवर्सरी मनाई जा रही थी एंग्लो मराठा वॉर की और उसी दौरान यह हुआ यह हिंसा हुई जिसके अंदर जो पुलिस है उसने टेअर गैस का भी उपयोग करा जो मोब है जो जुंड था इकठ्ठा उसको संभालने के लिए क्यूंकि लोग पत्थरबाजी करने लगे थे, एक दूसरे पर वहीं पर l एक बंदे की मौत हो गई इससे l इस हिंसा के अंदर तो यह बहुत ही सैड इंसिडेंट था l पर इसके अंदर हम सरकार को नहीं दोषित खड़ा करेंगे क्योंकि हम ऐसा मानते हैं कि हर जगह तो सरकार नहीं हो सकती l हां, उनको थोड़ा और कोशिअस होना चाहिए था और उनको वहां पर अपनी और सेना और पुलिस फाॅर्स तैयार करनी थी ताकि ऐसी चीज ना होती l तो जैसे हम जानते हैं कि सरकार को भी वहां बैठे बैठे नेताओं को नहीं पता चल रहा होगा ऐसी कोई घटना होने वाली है l तो इसके अंदर हम लोग बिल्कुल सरकार को नहीं कह सकते कि सरकार दोषी है बल्कि हमें हम थोड़ी प्रीकॉशंस लेनी चाहिए थी तो वहां कहीं ना कहीं थोड़ी चूक हुई है प्रीकॉशंस के अंदर l पर हां हम इस पूरे घटना के लिए उन को दोषी नहीं ठहरा सकते हैं l

haan ji jaise sharad power ji ne bola hai ki hinsa ke liye maharashtra sarkar doshi hai l to mera un se sahmat nahi hoon main unse kyu ki aisi jo ghatanayein hoti hai iske andar sarkar ka itna hath nahi hota hai l to hundred anniversary manai ja rahi thi Anglo maratha war ki aur ussi dauran yeh hua yeh hinsa hui jiske andar jo police hai usne tear gas ka bhi upyog kra jo mob hai jo jund tha ikaththaa usko sambhalne ke liye kyunki log patharbaji karne lage the ek dusre chahiye par wahi par l ek bande ki maut ho gayi isse l is hinsa ke andar to yeh bahut hi sand incident tha l par iske andar hum sarkar ko nahi doshit chahiye khada karenge kyonki hum aisa manate hai ki har jagah to sarkar nahi ho sakti l haan unko thoda aur koshias hona chahiye tha aur unko wahan par apni aur sena aur police chahiye force taiyaar karni thi taki aisi cheez na hoti l to jaise hum jante hai ki sarkar ko bhi wahan baithey baithey netaon ko nahi pata chal raha hoga aisi koi ghatna hone wali hai l to iske andar hum log bilkul sarkar ko nahi keh sakte ki sarkar doshi hai balki hume hum thodi precautions leni chahiye thi to wahan kahin na kahin thodi chuk hui hai precautions ke andar l par haan hum is poore ghatna ke liye un ko doshi nahi thahara chahiye sakte hai l

हां जी, जैसे शरद पवार जी ने बोला है कि हिंसा के लिए महाराष्ट्र सरकार दोषी है l तो मेरा उन

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Sameer Tripathy

Political Critic

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Pragati

Aspiring Lawyer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

दलित रैली के पास हुई हिंसा के लिए शरद पवार जी ने महाराष्ट्र सरकार को दोषी ठहराया यह बिल्कुल भी उचित नहीं है क्योंकि आप जब भी कोई तंग है या फिर कुछ भी अर्थव्यवस्था में होता है तो उस का सीधा-सीधा दोष हम किसी भी सरकार पर नहीं डाल सकते क्योंकि कोई भी सरकार नहीं चाहेगी कि उसके कार्यकाल में उसके राज्य में दंगे हूं फसा दो और लोगों को हानि पहुंचाए जिससे उनकी रेपुटेशन कहीं ना कहीं नहीं कम होती है उनके आने की संभावना है आगे कम हो जाती लोगों को वोट देना पसंद नहीं करते तो ऐसा हम नहीं कह सकते क्या महाराष्ट्र सरकार यानी कि BJP की सरकार इस चीज के लिए दोषी है हम यह कह सकते हैं कि यह दलित रिलीज हो रही थी तो लोगों को या ने की बीजेपी सरकार को ध्यान देना चाहिए था कि उसकी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी चाहिए थी जब 300000 लोग एक जगह पर इकट्ठा हुए और बात रही हिंसा की तो छोड़िए क्या दे 1 दिन के बाद जब यह काम हुआ तुम्हारा सरकार ने इस पर बहुत ही जल्दी एक्शन लिया और हर जगह पर शांतिपूर्ण लगा जल्दी जल्दी बना दिया गया था

dalit rally ke paas hui hinsa ke liye sharad power ji ne maharashtra sarkar ko doshi thehraya yeh bilkul bhi uchit nahi hai kyonki aap jab bhi koi tang hai ya phir kuch bhi arthavyavastha mein hota hai to us ka sidhaa sidhaa dosh hum kisi bhi sarkar par nahi dal sakte kyonki koi bhi sarkar nahi chahegi ki uske karyakal mein uske rajya mein denge hoon fasa do aur logo chahiye ko hani pahunchaye jisse unki reputation kahin na kahin nahi kum hoti hai unke aane ki sambhavna hai aage kum ho jati logo chahiye ko vote dena pasand nahi karte to aisa hum nahi keh sakte kya maharashtra sarkar yani ki BJP ki sarkar is cheez ke liye doshi hai hum yeh keh sakte hai ki yeh dalit release ho rahi thi to logo chahiye ko ya ne ki bjp sarkar ko dhyan dena chahiye tha ki uski suraksha vyavastha badhani chahiye thi jab 300000 log ek jagah par ikattha hue aur baat rahi hinsa ki to chodiye kya de 1 din ke baad jab yeh kaam hua tumhara sarkar ne is par bahut hi jaldi action liya aur har jagah par shantipurna laga jaldi jaldi bana diya gaya tha

दलित रैली के पास हुई हिंसा के लिए शरद पवार जी ने महाराष्ट्र सरकार को दोषी ठहराया यह बिल्कु

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Apurva D

Optimistic Coder

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

देखिए दलित रानी के पास हुई हिंसा के लिए महाराष्ट्र सरकार को दोषी ठहराया को फॉर्मेट करना कभी भी हो सकती है तो ऐसा कुछ और ज्यादा से ज्यादा फैलाए बड़े-बड़े अपने घर से प्रयास किया था तो इसके लिए महाराष्ट्र सरकार को पूरी तरह से दूसरे ठहराना उचित नहीं होगा और शरद पवार का यह कहना गलत है तो मुझे लगता है कि जो लोग हैं उन्होंने और कुछ हुआ मास्टर लोग होते हैं तू ही कुछ ऐसी है तू

dekhie chahiye dalit rani ke paas hui hinsa ke liye maharashtra sarkar ko doshi thehraya ko format karna kabhi bhi ho sakti hai to aisa kuch aur jyada se jyada failaye bade bade apne ghar se prayas kiya tha to iske liye maharashtra sarkar ko puri tarah se dusre chahiye thaharana uchit nahi hoga aur sharad power ka yeh kehna galat hai to mujhe lagta hai ki jo log hai unhone aur kuch hua master log hote hai tu hi kuch aisi hai tu

देखिए दलित रानी के पास हुई हिंसा के लिए महाराष्ट्र सरकार को दोषी ठहराया को फॉर्मेट करना कभ

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Sachin Bharadwaj

Faculty - Mathematics

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

लेकिन मुझे लगता है कि अगर कहीं पर भी इस तरह की हिंसा होती है चाहे वह दलित रैली हो चाहे वह सावन रेडियो चैनल उबेर कस्टमर का कोई किसी भी तरह की किसी भी पार्टी को रिलीज होने वाली कोई रैली हूं अगर उस तरह की हिंसा होती है तो मुझे लगता है कि हम सरकार को दोषी नहीं ठहरा के वहां के लोकल एडमिनिस्ट्रेशन को दोषी ठहराना चाहिए क्योंकि यह जिम्मेदारी लोकल एडमिनिस्ट्रेशन की होती है वहां के एडमिनिस्ट्रेशन की है कि शांति व्यवस्था को बनाए रखें ठीक है अगर हां यह मैं कह सकता हूं कि जो लोग इसमें जिम्मेदार हैं लोकल लेवल पर जो भी एडमिनिस्ट्रेशन में जो बैठे हुए जो लोग जिम्मेदार उनके खिलाफ बिल्कुल सरकार को सख्त से सख्त कदम उठाना चाहिए लेकिन यह नहीं कह सकता कि की छूट क्यों इस तरह की घटना होती है कहीं हिंसा होती आप सीधे गवर्नमेंट को ब्लेम कर दो

lekin mujhe lagta hai ki agar kahin par bhi is tarah ki hinsa hoti hai chahe wah dalit rally ho chahe wah sawan radio channel uber customer ka koi kisi bhi tarah ki kisi bhi party ko release hone wali koi rally hoon agar us tarah ki hinsa hoti hai to mujhe lagta hai ki hum sarkar ko doshi nahi thahara chahiye ke wahan ke local administration ko doshi thaharana chahiye kyonki yeh jimmedari local administration ki hoti hai wahan ke administration ki hai ki shanti vyavastha ko banaye rakhen theek hai agar haan yeh main keh sakta hoon ki jo log isme zimmedar hain local level par jo bhi administration mein jo baithey hue jo log zimmedar unke khilaf bilkul sarkar ko sakht se sakht kadam uthana chahiye lekin yeh nahi keh sakta ki ki chhut kyu is tarah ki ghatna hoti hai kahin hinsa hoti aap sidhe government ko blame kar do

लेकिन मुझे लगता है कि अगर कहीं पर भी इस तरह की हिंसा होती है चाहे वह दलित रैली हो चाहे वह

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Anukrati

Journalism Graduate

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नहीं मुझे यह उचित नहीं लगता सरकार सबकुछ नियंत्रित नहीं कर सकती श्री पवार ने खुद कहा है कि वह 200 साल से शांतिपूर्वक तरीके से मनाया गया है फिर सरकार कैसे जान सकती है कि वह हिंसक हो जाएगा यह स्पष्ट रुप से हिंसा में शामिल होने के लिए स्थिति का लाभ उठाने वाले सामाजिक विरोधी तत्वों की एक भागीदारी थी मैं मानती हूं कि सरकार को कुछ ऐसी हाथी उपायों को लेना चाहिए था क्योंकि वह जानते थे कि एक भीड़ इकट्ठी होने वाली है लेकिन भले ही उन्होंने ऐसा किया होता वे रैली के हिंसक चलने के लिए तैयार नहीं हो सकते थे मुझे लगता है कि सरकार को हर चीज के लिए दोष देना सही नहीं है

nahi mujhe yeh uchit nahi lagta sarkar sabkuch niyantrit nahi kar sakti shri power ne khud kaha hai ki wah 200 saal se shantipurvak tarike se manaya gaya hai phir sarkar kaise jaan sakti hai ki wah hinsak ho jayega yeh spasht roop se hinsa mein shamil hone ke liye sthiti ka labh uthane wale samajik virodhi tatwon ki ek bhagidari thi main maanati hoon ki sarkar ko kuch aisi hathi upayo chahiye ko lena chahiye tha kyonki wah jante the ki ek bheed ikatthi hone wali hai lekin bhale hi unhone aisa kiya hota ve rally ke hinsak chalne ke liye taiyaar nahi ho sakte the mujhe lagta hai ki sarkar ko har cheez ke liye dosh dena sahi nahi hai

नहीं मुझे यह उचित नहीं लगता सरकार सबकुछ नियंत्रित नहीं कर सकती श्री पवार ने खुद कहा है कि

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