बारात के दौरान एक रिश्तेदार के बंदूक की गोली चलाने से एक दूल् है की मृत्यु हो गई, क्या भारत में बंदूक पूरी तरह से प्रतिबंधित होना चाइये?...


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महेश हिन्दू

विधार्थी

1:29

चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

नमस्कार देखे आपका जो पसंद है उस समय काफी हद तक सहमत भी हूं और सहमत नहीं भी हूं देखिए इंसान की अपनी आत्मरक्षा के लिए वास्तु शास्त्र रख सकता है लेकिन अपने विशेषकर भारत के बाद की जाए पूरा प्रतिबंध की बंदूक पर तो ऐसा है कि प्रतिबंध तो नहीं लगना चाहिए इसमें इसके ऊपर अस्त्र शस्त्र रखने के जो नियम कायदे हैं उस पर कठोर कानून बनना चाहिए जिससे कि हर किसी की हिम्मत ना हो कि जब मन चाहे तब गोली चला दी गोली चलाने का नियम यह है यह होना चाहिए कि जब व्यक्ति को एहसास हो जाए महसूस हो जाएगी उसे लगे कि अब मेरी मौत तो आनी हम वाली है पल भर में उस वक्त वह अपनी आत्मरक्षा के लिए गोली चला सकता है लेकिन उससे पहले भी वह पहले समझा इस करें माफी मांगी जो भी हो सके वह करना चाहिए इसे तुरंत गोली नहीं चलाना चाहिए अगर प्रतिबंध की बात है तो इसमें रोजगार भी जुड़ा है पहले मैंने एक और प्रश्न का था मदीना के बारे में तो मीठी नीचे से अमेरिका में खुलेआम बाहर कोई हत्या रखता है उसको मन चाहे गोली ठोक देता है लेकिन वहां के जो कानून है वह बड़े कटे हुए इसे भारत में भी होना चाहिए धन्यवाद

namaskar dekhe aapka jo pasand hai us samay kaafi had tak sahmat bhi hoon aur sahmat nahi bhi hoon dekhie insaan ki apni aatmraksha ke liye vastu shastra rakh sakta hai lekin apne visheshkar bharat ke baad ki jaye pura pratibandh ki bandook par toh aisa hai ki pratibandh toh nahi lagna chahiye ismein iske upar astra shastr rakhne ke jo niyam kayade hain us par kathor kanoon banana chahiye jisse ki har kisi ki himmat na ho ki jab man chahe tab goli chala di goli chalane ka niyam yeh hai yeh hona chahiye ki jab vyakti ko ehsaas ho jaye mehsus ho jayegi use lage ki ab meri maut toh aani hum wali hai pal bhar mein us waqt wah apni aatmraksha ke liye goli chala sakta hai lekin usse pehle bhi wah pehle samjha is karein maafi maangi jo bhi ho sake wah karna chahiye ise turant goli nahi chalana chahiye agar pratibandh ki baat hai toh ismein rojgar bhi juda hai pehle maine ek aur prashna ka tha madina ke bare mein toh mithi niche se america mein khuleaam bahar koi hatya rakhta hai usko man chahe goli thok deta hai lekin wahan ke jo kanoon hai wah bade kate hue ise bharat mein bhi hona chahiye dhanyavad

नमस्कार देखे आपका जो पसंद है उस समय काफी हद तक सहमत भी हूं और सहमत नहीं भी हूं देखिए इंसान

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