रामायण किसने लिखी थी और उन्हें यह लिखने की प्रेरणा कहाँ से मिली और कैसे?...


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Suraj Kumar Gupta

Educator, Speaker, Spiritual

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लेकिन इस प्रश्न की आपको काफी उत्तर मिल जाएंगे की रामायण किसने लिखी थी कुछ लोग कहते हैं वाल्मीकि ने लिखी थी कुछ लोग कहते गोस्वामी तुलसीदास ने लिखी थी लेकिन आपको यह जानना चाहिए कि रामायण के अलग-अलग वर्जन से टिकट और कुछ ट्रांसलेटेड वर्जन दिए तो जो सबसे पहले रामायण लिखी गई थी वह वाल्मीकि द्वारा लिखी गई थी और वाल्मीकि जो हुआ करते थे वह पहले डाकू हुआ करते थे तो उन्होंने एक बार एक प्रेम क्रीड़ा में लिप्त दो बच्चों के जोड़े को देखा था और नहाते समय स्नान करते समय जब उन्होंने उसको देखा तो एक निषाद आया एक शिकारी आया उस ने तीर मारकर जो नर कटता उसका वध कर दिया तो उस टाइम उसको श्राप देने के लिए बाल्मीकि के मुख से प्रथम श्लोक निकला था कि मा निषाद प्रतिष्ठां तो अगम शाश्वती यस क्रॉस सुना दे कम अवधि काम मोहित यमलोक के बाद उन्हें एहसास हुआ कि उन्होंने गलत किया और उसके बाद फिर उसने उसको शमा भी कर दिया था और धीरे-धीरे फिर उनको यह लगा कि यह जो वह काम करते हैं जो कार्य करते एक डाकू का वह भी गलत है और उसकी जगह उन्हें कुछ ऐसा करना चाहिए जिसमें समाज के लिए कुछ कर सके तो यह तो बात हुई जो वाल्मीकि रामायण संस्कृत में थी अवधि में गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस लिखिए ठेके पर साउथ इंडिया के हमारे एक कमान हुआ करते थे आदि कवि कंबन उनमें कंब रामायण लिखी थी ऐसी करके मां रामायण के काफी सारे वर्जन से जो पूरे देश भर में प्रचलित है शाहजहां के जो बड़े पुत्र थे दारा सिको उन्होंने रामायण को उर्दू में और पारसी फारसी में ट्रांसलेट करने का कार्य भी किया था धन्यवाद

lekin is prashna ki aapko kaafi uttar mil jaenge ki ramayana kisne likhi thi kuch log kehte hain valmiki ne likhi thi kuch log kehte goswami tulsidas ne likhi thi lekin aapko yah janana chahiye ki ramayana ke alag alag version se ticket aur kuch translated version diye toh jo sabse pehle ramayana likhi gayi thi vaah valmiki dwara likhi gayi thi aur valmiki jo hua karte the vaah pehle daku hua karte the toh unhone ek baar ek prem krida mein lipt do baccho ke jode ko dekha tha aur nahaate samay snan karte samay jab unhone usko dekha toh ek nishad aaya ek shikaaree aaya us ne teer marakar jo nar katata uska vadh kar diya toh us time usko shraap dene ke liye balmiki ke mukh se pratham shlok nikala tha ki ma nishad pratishthan toh agam shashwati Yes cross suna de kam awadhi kaam mohit yamlok ke baad unhe ehsaas hua ki unhone galat kiya aur uske baad phir usne usko shama bhi kar diya tha aur dhire dhire phir unko yah laga ki yah jo vaah kaam karte hain jo karya karte ek daku ka vaah bhi galat hai aur uski jagah unhe kuch aisa karna chahiye jisme samaj ke liye kuch kar sake toh yah toh baat hui jo valmiki ramayana sanskrit mein thi awadhi mein goswami tulsidas ne ramcharitmanas likhiye theke par south india ke hamare ek kamaan hua karte the aadi kabhi kamban unmen kamb ramayana likhi thi aisi karke maa ramayana ke kaafi saare version se jo poore desh bhar mein prachalit hai shahjahan ke jo bade putra the dara syco unhone ramayana ko urdu mein aur parasi farsi mein translate karne ka karya bhi kiya tha dhanyavad

लेकिन इस प्रश्न की आपको काफी उत्तर मिल जाएंगे की रामायण किसने लिखी थी कुछ लोग कहते हैं वाल

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Aahil

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TS Bhanot

Teacher

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Riya

Artist, Traveller

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बाल्मीकि जी ने रामायण लिखी थी

balmiki ji ne ramayana likhi thi

बाल्मीकि जी ने रामायण लिखी थी

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Sanchi Sharma

Journalist, Photographer

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रामायण सबसे पहले संस्कृत में लिखी गई थी ऋषि वाल्मीकि जी के द्वारा उन्होंने ऐसी कोई चीज घटते भी नहीं देखी थी उन्होंने यह कहा जाता है कि उन्होंने हजारों वर्ष होने जो हजारों वर्ष के बाद जन्म होना था भगवान राम का उनको अपने से अपनी तपस्या से अपनी सिद्धि से उस चीज का ज्ञात पहले ही हो गया था कि उनके जन्म उनका जन्म कैसे होगा उनके जन्म के बाद क्या-क्या चीजें होंगी उनकी तपस्या के जो तपस्या की वजह से उनको ज्ञान प्राप्त हुआ था उन्होंने उस ज्ञान को संस्कृत में राम चरित्र मानस के रूप में लिखा था ऋषि बाल्मीकि जी ने सबसे पहले संस्कृत में लिखी थी उसके बाद तुलसीदास ने संस्कृत पाली रामायण को ट्रांसलेट क्या था हिंदी में जब मुगल मुगल राज कर रहे थे भारत पर अकबर के टाइम तुलसीदास जी ने वह संस्कृत वाली रामायण को वाल्मीकि जी की संस्कृत की पुरानी रामायण थी उसको हिंदी में ट्रांसलेट करके लिखा था उसको लोग आज तुलसीदास जी ने रामायण का नाम लिया था

ramayana sabse pehle sanskrit mein likhi gayi thi rishi valmiki ji ke dwara unhone aisi koi cheez ghatate bhi nahi dekhi thi unhone yah kaha jata hai ki unhone hazaro varsh hone jo hazaro varsh ke baad janam hona tha bhagwan ram ka unko apne se apni tapasya se apni siddhi se us cheez ka gyaat pehle hi ho gaya tha ki unke janam unka janam kaise hoga unke janam ke baad kya kya cheezen hongi unki tapasya ke jo tapasya ki wajah se unko gyaan prapt hua tha unhone us gyaan ko sanskrit mein ram charitra manas ke roop mein likha tha rishi balmiki ji ne sabse pehle sanskrit mein likhi thi uske baad tulsidas ne sanskrit paali ramayana ko translate kya tha hindi mein jab mughal mughal raj kar rahe the bharat par akbar ke time tulsidas ji ne vaah sanskrit wali ramayana ko valmiki ji ki sanskrit ki purani ramayana thi usko hindi mein translate karke likha tha usko log aaj tulsidas ji ne ramayana ka naam liya tha

रामायण सबसे पहले संस्कृत में लिखी गई थी ऋषि वाल्मीकि जी के द्वारा उन्होंने ऐसी कोई चीज घटत

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Aisha

Writer, Thinker

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ऐसे तो बहुत सारी लैंग्वेज में रामायण को लिखा गया लेकिन सबसे पहले रामायण लिखी गई थी वह महर्षि वाल्मीकि जी के द्वारा लिखी गई थी संस्कृत में और महर्षि वाल्मीकि ने रामायण को लिखा उसके पीछे बहुत इंटरेस्टिंग स्टोरी है और सब बात ही की मां श्री वाल्मीकि जिनका असली नाम रत्नाकर हुआ करता था वह मिल शामली को ब्लॉक करते थे और इन्हीं कारणों की वजह से वह बुरी संगत में फंस गए और 1 चोर बन गए एक बार एक संप्रभु उनके पास से गुजरे और उन्होंने वाल्मीकि जी को कहा कि उन्हें यह बुरे काम बंद कर देना चाहिए क्योंकि उनकी यह बुरे कामों का असर से उन पर पड़ेगा तो वाल्मीकि जी ने कहा कि वह बुरे काम इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें पैसा कमाना और अपने परिवार का पेट पालना पसंद ने उन्हें कहा कि वह अपने परिवार से जाकर पूछो कि क्या उनके बुरे बुरे कामों का एग्जाम और जब आप उन्हें भुगतने पड़ेंगे अपने सर पर लेंगे तो वाल्मीकि जी घर गए पति और बच्चों से पूछो कि जो बुरे काम में कर रहा हूं क्या तुम उन पापों को मेरे साथ भक्तों की तो उनके बच्चों ने और उनकी पत्नी ने साफ इंकार कर दिया यह कहते हुए की कि तुम और एक ही तुम पैसे कैसे कमाते हो तुम गलत तरीके से पैसे कमाते हो तो यह तुम्हारी गलती और हम तुम्हारे पापों को तुम्हारे साथ नहीं रुकती नहीं यह सुनते ही बाल्मीकि जी ने उसी दिन घर त्याग दिया और संत बन गए और राम नाम जपने लगे फिर एक दिन जब वह एक जंगल में टहल रहे थे उन्हें एक शिकारी को देखा जो 2 वाट का शिकार कर देता है तो उन्होंने एकदम से उसी कार्य को खर्च कर दिया और वह कर्ज ही रामायण का पहला जो वाक्य है वह बनी और श्री ब्रह्मा जी ने वाल्मीकि जी से कहा कि तुम्हारी डेस्टिनी है यह कि तुम प्रमाण लिखो और तब बाल्मीकि जी ने रामायण लिखी

aise toh bahut saree language mein ramayana ko likha gaya lekin sabse pehle ramayana likhi gayi thi vaah maharshi valmiki ji ke dwara likhi gayi thi sanskrit mein aur maharshi valmiki ne ramayana ko likha uske peeche bahut interesting story hai aur sab baat hi ki maa shri valmiki jinka asli naam ratnakar hua karta tha vaah mil shamili ko block karte the aur inhin karanon ki wajah se vaah buri sangat mein fans gaye aur 1 chor ban gaye ek baar ek samprabhu unke paas se gujare aur unhone valmiki ji ko kaha ki unhe yah bure kaam band kar dena chahiye kyonki unki yah bure kaamo ka asar se un par padega toh valmiki ji ne kaha ki vaah bure kaam isliye karte hai kyonki unhe paisa kamana aur apne parivar ka pet paalna pasand ne unhe kaha ki vaah apne parivar se jaakar pucho ki kya unke bure bure kaamo ka exam aur jab aap unhe bhugatane padenge apne sir par lenge toh valmiki ji ghar gaye pati aur baccho se pucho ki jo bure kaam mein kar raha hoon kya tum un paapon ko mere saath bhakton ki toh unke baccho ne aur unki patni ne saaf inkar kar diya yah kehte hue ki ki tum aur ek hi tum paise kaise kamate ho tum galat tarike se paise kamate ho toh yah tumhari galti aur hum tumhare paapon ko tumhare saath nahi rukti nahi yah sunte hi balmiki ji ne usi din ghar tyag diya aur sant ban gaye aur ram naam japne lage phir ek din jab vaah ek jungle mein tahal rahe the unhe ek shikaaree ko dekha jo 2 watt ka shikaar kar deta hai toh unhone ekdam se usi karya ko kharch kar diya aur vaah karj hi ramayana ka pehla jo vakya hai vaah bani aur shri brahma ji ne valmiki ji se kaha ki tumhari destiny hai yah ki tum pramaan likho aur tab balmiki ji ne ramayana likhi

ऐसे तो बहुत सारी लैंग्वेज में रामायण को लिखा गया लेकिन सबसे पहले रामायण लिखी गई थी वह महर्

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