क्यों मरे हुए लोग हिंदू धर्म के अनुसार जला दिए जाते हैं लेकिन इस्लाम में दफन किए जाते हैं?...


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Ghanshyam Vyas

Cultural Guide & Speaker

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शर्मा अलग नहीं है वह थोड़ा सा वर्तमान हम देखेंगे विषय के ऊपर हिंदू धर्म है जो शरीर होता है पति पत्नी को समर्पित करने के पश्चात वे प्रारंभ हुआ था तो मजबूरी रही होगी इसलिए उन्होंने उसको अग्नि संस्कार हमारा संसार प्रकृति के अनुसार रतलाम के पास दूसरा विकल्प है और आपने अपनी पंक्तियों के अनुसार कुछ र हिंदू संतों में दफनाने का प्रयास होता है दफनाते हैं वे और भी बना देते हैं या कब्र बना देते तो भी ग्रुप से भी

sharma alag nahi hai vaah thoda sa vartaman hum dekhenge vishay ke upar hindu dharm hai jo sharir hota hai pati patni ko samarpit karne ke pashchat ve prarambh hua tha toh majburi rahi hogi isliye unhone usko agni sanskar hamara sansar prakriti ke anusaar ratlam ke paas doosra vikalp hai aur aapne apni panktiyon ke anusaar kuch r hindu santo mein dafnane ka prayas hota hai dafnaate hain ve aur bhi bana dete hain ya kabr bana dete toh bhi group se bhi

शर्मा अलग नहीं है वह थोड़ा सा वर्तमान हम देखेंगे विषय के ऊपर हिंदू धर्म है जो शरीर होता है

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Mehmood Alum

Law Student

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हर धर्म के अपने अलग रीति रिवाज और संस्कार होते हैं इसी तरह हिंदू और इस्लाम धर्म के भी अपने अपने संस्कार हैं हिंदू धर्म में लोगों को जला दिया जाता है अब मुसलमानों में दफन कर दिया जाता है इसी तरह सिखों में भी मरे हुए लोगों को जला दिया जाता है और इसाई लोगों में मरे हुए लोगों को ताबूत के साथ दफन कर दिया जाता है इसका आधार धर्म ही होता है इसका कोई वैज्ञानिक आधार हो या ना हो लेकिन धर्म इसका आधार होता है लोगों को दफनाने से यह फायदा होता है कि वायु में प्रदूषण नहीं होता है दुर्गंध नहीं फैलती है इसलिए इस्लाम में लोगों को दफन कर देना अच्छा माना जाता है

har dharm ke apne alag riti rivaaj aur sanskar hote hain isi tarah hindu aur islam dharm ke bhi apne apne sanskar hain hindu dharm mein logo ko jala diya jata hai ab musalmanon mein dafan kar diya jata hai isi tarah Sikhon mein bhi mare hue logo ko jala diya jata hai aur isai logo mein mare hue logo ko tabut ke saath dafan kar diya jata hai iska aadhaar dharm hi hota hai iska koi vaigyanik aadhaar ho ya na ho lekin dharm iska aadhaar hota hai logo ko dafnane se yeh fayda hota hai ki vayu mein pradushan nahi hota hai durgandh nahi failati hai isliye islam mein logo ko dafan kar dena accha mana jata hai

हर धर्म के अपने अलग रीति रिवाज और संस्कार होते हैं इसी तरह हिंदू और इस्लाम धर्म के भी अपने

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कश्माला क्यों मरे हुए लोग हिंदू धर्म के अनुसार जला दिए जाते हैं लेकिन इस्लाम में दफन किए जाते हैं उसका जवाब दिया है कि सलाम हीरो नसीब है इसमें अलग तरह मोहब्बत सिखा जाता है इसके अलावा आप कहीं भी पाएंगे किसी दिन में ऐसा नहीं पाएंगे हरगिज़ नहीं पाएंगे आप देखने के लाभ लेने के बाद भी अपने भाई बाप दोस्त मेरा को कितनी इज्जत करता है मुसलमान हिसार मौसम में नहीं है यहां तक कि उसको जला दिया जाता है बताइए कितना गलत बात है किसी अपने मां-बाप के साथ चले ऐसा सुलूक किया जाए किस भाग में डालकर जला दिया जाए यह किसी मुसलमान को यह गवारा नहीं हम को नहीं पसंद है कि जो अपने मां-बाप को अपने भाई बहन को आग में जला दो ठीक है हमारे नबी ने फरमाया मुसलमानों के नबी सल्लल्लाहो ताला वसल्लम ने फरमाया कि मुर्दे को तकलीफ ना दो उन्हें ऐसा मत पहुंचाओ ठीक है यानी मुर्दों को तकलीफ देने से जानिए कि तुमको जाए तकलीफ होती है तो जो इस्लाम में मुर्दों को भी तकलीफ देने से रोका गया है अब आपको पूछ रहे हैं कि जो मुसलमानों को बुरा कहते हैं क्या मुसलमान जिंदो को तकलीफ पहुंचा सकता है नहीं बिल्कुल नहीं और मुसलमान जब मुर्दे के साथ करता है तो जिंदगी भी इज्जत उससे कहीं ज्यादा ही है ठीक है यहां तक कि मुर्दे की नमाज सजना बताना यह फर्ज है तो देख नमाज नहीं होती तब तक उसको दफनाया नहीं जाता तुझे मुसलमान मुर्दे के साथ इतना अच्छा सलूक करते हैं तो जिंदे के साथ कितना अच्छा शुरू करने का हुक्म होगा उन्हें किताब में आप सोच ले और किताब में आप देख सकते हैं पर सकते हैं मुसलमान का धर्म कितना प्यारा कितना निराला है उनकी किताब की तरह कोई किताब नहीं उनके दिन की तरह कोई दिन नहीं यह लाखा दिन रवि का दिन इस्लाम ओके

kashmala kyon mare hue log hindu dharm ke anusaar jala diye jaate hain lekin islam me dafan kiye jaate hain uska jawab diya hai ki salaam hero nasib hai isme alag tarah mohabbat sikha jata hai iske alava aap kahin bhi payenge kisi din me aisa nahi payenge hargiz nahi payenge aap dekhne ke labh lene ke baad bhi apne bhai baap dost mera ko kitni izzat karta hai musalman hisar mausam me nahi hai yahan tak ki usko jala diya jata hai bataiye kitna galat baat hai kisi apne maa baap ke saath chale aisa shuluk kiya jaaye kis bhag me dalkar jala diya jaaye yah kisi musalman ko yah gawara nahi hum ko nahi pasand hai ki jo apne maa baap ko apne bhai behen ko aag me jala do theek hai hamare nabi ne farmaya musalmanon ke nabi sallallaho tala vasallam ne farmaya ki murde ko takleef na do unhe aisa mat pahunchao theek hai yani murdon ko takleef dene se janiye ki tumko jaaye takleef hoti hai toh jo islam me murdon ko bhi takleef dene se roka gaya hai ab aapko puch rahe hain ki jo musalmanon ko bura kehte hain kya musalman jindo ko takleef pohcha sakta hai nahi bilkul nahi aur musalman jab murde ke saath karta hai toh zindagi bhi izzat usse kahin zyada hi hai theek hai yahan tak ki murde ki namaz sajna batana yah farz hai toh dekh namaz nahi hoti tab tak usko dafnaya nahi jata tujhe musalman murde ke saath itna accha saluk karte hain toh jinde ke saath kitna accha shuru karne ka hukm hoga unhe kitab me aap soch le aur kitab me aap dekh sakte hain par sakte hain musalman ka dharm kitna pyara kitna niraala hai unki kitab ki tarah koi kitab nahi unke din ki tarah koi din nahi yah lakha din ravi ka din islam ok

कश्माला क्यों मरे हुए लोग हिंदू धर्म के अनुसार जला दिए जाते हैं लेकिन इस्लाम में दफन किए ज

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MonuTiwari

Little Businessman And Motivational Teacher

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Hasrat Muzaffarpuri

Business Owner

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क्यों मरे हुए लोग हिंदू धर्म के अनुसार जला दिए जाते हैं लेकिन इस्लाम में दफन किए जाते हैं और हिंदू धर्म का रीति रिवाज है इसलिए वह लोग जला देते मगर दफनाने की जो बात है तो मुसलमान इसलिए अपने मुर्दे को दफनाते हैं क्योंकि उनका यह सीधा होता है उनकी यह सोचती है कि मोहम्मद अरबी सल्लल्लाहो ताला वसल्लम की कब्र में आते आते आते हैं और मोहम्मद सल्लल्लाहो ताला वसल्लम उसके लिए जगह होनी चाहिए और उसके ऊपर से बांसवाड़ा लगाकर यानी बिल्कुल छत की तरह ढलाई कर दिया जाता है वही खबर बन जाता है इसलिए मुसलमानों को दफनाया जाते हैं और हिंदू लोग का राज है तो वह मुसलमान एक सच यह भी है कि जलाते इसलिए नहीं है क्योंकि लोग जो है ना जब आपने बोला और पाप करके जो जाते हैं जो इंसान मरने के जिंदा में जो पाप किए जाते हैं उनकी जो है ना उनको मरने के बाद हम यानी उस इंसान को साथ में चलना पड़ता है तो इसलिए मुसलमान लोग नहीं जलाते क्योंकि अगर इंसान बुरा किया होगा तो उस इंसान जला देता है तो समझ जाइए कि उसे दुनिया में भेज दिया गया

kyon mare hue log hindu dharm ke anusaar jala diye jaate hain lekin islam me dafan kiye jaate hain aur hindu dharm ka riti rivaaj hai isliye vaah log jala dete magar dafnane ki jo baat hai toh musalman isliye apne murde ko dafnaate hain kyonki unka yah seedha hota hai unki yah sochti hai ki muhammad rb sallallaho tala vasallam ki kabr me aate aate aate hain aur muhammad sallallaho tala vasallam uske liye jagah honi chahiye aur uske upar se banswada lagakar yani bilkul chhat ki tarah dhalai kar diya jata hai wahi khabar ban jata hai isliye musalmanon ko dafnaya jaate hain aur hindu log ka raj hai toh vaah musalman ek sach yah bhi hai ki jalate isliye nahi hai kyonki log jo hai na jab aapne bola aur paap karke jo jaate hain jo insaan marne ke zinda me jo paap kiye jaate hain unki jo hai na unko marne ke baad hum yani us insaan ko saath me chalna padta hai toh isliye musalman log nahi jalate kyonki agar insaan bura kiya hoga toh us insaan jala deta hai toh samajh jaiye ki use duniya me bhej diya gaya

क्यों मरे हुए लोग हिंदू धर्म के अनुसार जला दिए जाते हैं लेकिन इस्लाम में दफन किए जाते हैं

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मरे हुए लोगों से जनसंपर्क किया लक्षण

mare hue logo se jansampark kiya lakshan

मरे हुए लोगों से जनसंपर्क किया लक्षण

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कौन क्या करता है किसी के धर्म पुणे जलाने का हुक्म दिया और रही बात इस्लाम की इस्लाम में ईश्वर ने कह दिया कि मैंने तुमको इस मिट्टी से पैदा किया है और इसी में तुमको जाना है तो भाई जब इसी मिट्टी में जाना है तो ईश्वर ने कह दिया तुमने कह दिया तो उसको मानना हर कोई दुनिया वाले कुछ भी करें किसलिए इस्लाम में दफन करना जरूरी होता है क्योंकि इस मिट्टी से पैदा हुई इसी में समा जाना है इसलिए सब अपने अपने धर्म को मानते पारसी लोग तो बिट्टू को जानवरों को खिला देते हैं तो बोलती रहती है उन्होंने जो कहा है वो अपने अपने को पालन करते हैं

kaun kya karta hai kisi ke dharm pune jalane ka hukm diya aur rahi baat islam ki islam me ishwar ne keh diya ki maine tumko is mitti se paida kiya hai aur isi me tumko jana hai toh bhai jab isi mitti me jana hai toh ishwar ne keh diya tumne keh diya toh usko manana har koi duniya waale kuch bhi kare kisliye islam me dafan karna zaroori hota hai kyonki is mitti se paida hui isi me sama jana hai isliye sab apne apne dharm ko maante parasi log toh bittu ko jaanvaro ko khila dete hain toh bolti rehti hai unhone jo kaha hai vo apne apne ko palan karte hain

कौन क्या करता है किसी के धर्म पुणे जलाने का हुक्म दिया और रही बात इस्लाम की इस्लाम में ईश्

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Akshansh Tripathy

Bachelor's of Mass Media

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TS Bhanot

Teacher

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Sanchi Sharma

Journalist, Photographer

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Riya

Artist, Traveller

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यह अलग-अलग समाज हमें उनके अलग-अलग प्रथाओं के अनुसार होता है हिंदू में लोग जलाए जाते हैं इस्लाम में दफनाए जाते हैं इवन क्रिश्चियन तभी दफनाए जाते हैं लोग उनके प्रथा के अनुसार ऐसे लोग अलग-अलग सिस्टम बनाए रखे हैं

yah alag alag samaj hamein unke alag alag prathaon ke anusaar hota hai hindu mein log jalae jaate hain islam mein daphanae jaate hain even Christian tabhi daphanae jaate hain log unke pratha ke anusaar aise log alag alag system banaye rakhe hain

यह अलग-अलग समाज हमें उनके अलग-अलग प्रथाओं के अनुसार होता है हिंदू में लोग जलाए जाते हैं इस

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