आपके अनुसार क्या सबसे बड़ी पाखंड है जब भारत में धर्म की बात आती है?...


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Ritika

Beauty & Relationship queries

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

सबसे बड़ा पाखंड मीडियम हिसाब से तो जो हमें पापा लोग देखने के मिलते हैं आप हर जगह चले जाइए आपको बहुत से काम आता मिल जाएंगी बहुत से बाबा मिल जाएंगे जो आपकी सारी दुख तकलीफ सारी परेशानियों का हल करेंगे ऐसा वह बोलते हैं ऐसा कुछ होता ही नहीं है यह सब उनका सिर्फ पैसे कमाने का तरीका होता है और सबसे दुखद बात यह है कि हम लोग इन पर विश्वास भी कर लेते हैं उनकी बातें मार्केट अपनी बहुत सी एम करते कभी कभी तो कुछ चीजें हम बहुत ही गलत कर जाते हैं कितना और दूसरा एक धर्म के नाम पर तोड़फोड़ करना यह बिल्कुल ट्रेंड में हमारे देश में की धर्म के नाम पर हम तोड़फोड़ करेंगे इधर हम कर्फ्यू लगा देंगे तबाही मचा देंगे ऐसा कुछ तो यह जो चीज है जो चीज है यह मुझे लगता है की सबसे बड़ा पाखंड हमारे देश में

sabse bada pakhand medium hisab se toh jo hamein papa log dekhne ke milte hai aap har jagah chale jaiye aapko bahut se kaam aata mil jayegi bahut se baba mil jaenge jo aapki saree dukh takleef saree pareshaniyo ka hal karenge aisa vaah bolte hai aisa kuch hota hi nahi hai yah sab unka sirf paise kamane ka tarika hota hai aur sabse dukhad baat yah hai ki hum log in par vishwas bhi kar lete hai unki batein market apni bahut si M karte kabhi kabhi toh kuch cheezen hum bahut hi galat kar jaate hai kitna aur doosra ek dharm ke naam par thorphor karna yah bilkul trend mein hamare desh mein ki dharm ke naam par hum thorphor karenge idhar hum curfew laga denge tabaahi macha denge aisa kuch toh yah jo cheez hai jo cheez hai yah mujhe lagta hai ki sabse bada pakhand hamare desh mein

सबसे बड़ा पाखंड मीडियम हिसाब से तो जो हमें पापा लोग देखने के मिलते हैं आप हर जगह चले जाइए

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Snehasish Gupta

Journalist / Traveller

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Sanchi Sharma

Journalist, Photographer

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

यूं तो का कंफर्म की बात हर एक के ऊपर डिपेंड करेगी किस का क्या नजरिया है कौन किस चीज को किस नजर से देखता है लेकिन मेरे मायने में अगर पाखंड वाली बात आती है तो वह सिर्फ और सिर्फ एक चीज में जा मुझे लगता है कि सच में लोग बुरी तरफ जा रहे हैं सब धर्म के नाम पर वह यह चीज है कि हम कभी कहीं भी किसी को भी फॉलो करना शुरू कर देते हैं कोई भी संत बन जाता है उसको फॉलो करना शुरू कर देते दुनिया अंधाधुंध उसके पीछे लग जाती है जो कि बिल्कुल भी सही नहीं है हमने अभी अपने समय में आज के समय में बहुत सारे कैसे कैसे देखें कि जिन साधु-संतों के पीछे जनता लाखों करोड़ों में पागल थी उन लोगों का क्या हश्र हुआ वह कंकू कर्मों में बढ़े हुए थे वह कैसे से जिंदगी दूसरों को दे रहे थे तो पाखंड यहां पर आता है कि अगर हम अगर हमारी इच्छा भी हमारा विश्वास भी है किसी के ऊपर तो पहले मैं उसे चांस लेना चाहिए तभी हमेशा फॉलो करना

yun toh ka confirm ki baat har ek ke upar depend karegi kis ka kya najariya hai kaun kis cheez ko kis nazar se dekhta hai lekin mere maayne mein agar pakhand wali baat aati hai toh vaah sirf aur sirf ek cheez mein ja mujhe lagta hai ki sach mein log buri taraf ja rahe hain sab dharm ke naam par vaah yah cheez hai ki hum kabhi kahin bhi kisi ko bhi follow karna shuru kar dete hain koi bhi sant ban jata hai usko follow karna shuru kar dete duniya andhadhundh uske peeche lag jaati hai jo ki bilkul bhi sahi nahi hai humne abhi apne samay mein aaj ke samay mein bahut saare kaise kaise dekhen ki jin sadhu santo ke peeche janta laakhon karodo mein Pagal thi un logo ka kya hashra hua vaah kanku karmon mein badhe hue the vaah kaise se zindagi dusro ko de rahe the toh pakhand yahan par aata hai ki agar hum agar hamari iccha bhi hamara vishwas bhi hai kisi ke upar toh pehle main use chance lena chahiye tabhi hamesha follow karna

यूं तो का कंफर्म की बात हर एक के ऊपर डिपेंड करेगी किस का क्या नजरिया है कौन किस चीज को किस

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Mohini

Voice Artist

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up sharma c

study and aspirant of CSE

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अज्ञानता पाखंड को धर्म स्थान देती है अर्थात धर्म पाखंड को आत्मसात नहीं करती है क्योंकि धर्म का यथार्थ है दूसरों का सेवा करना दूसरों के लिए कल्याण करना जैसे अगर हम धर्म के अर्थ निकालने तो धीरे धातु से मिलकर धर्म बनाया जिसका अर्थ होता है धारण करना जैसे आग का अर्थ है जलाना पानी का अर्थ है प्यास बुझा ना उसी प्रकार मनुष्य का भी कुछ धर्म है और धर्म मनुष्य का धर्म है दूसरों को सेवा करना दूसरों को सही रास्ता दिखाना विष्णु के लिए कल्याण करना ही मनुष्य का धर्म है इसी धर्म का पालन करने के लिए विभिन्न विभिन्न संप्रदायों का सहारा लेता है इसे हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई संप्रदायों का सहारा लेकर अपने धर्म का पालन करना चाहते ताकि दूसरों का सेवा हो सके जब मनुष्य अपने वास्तविक लक्ष्य भटक जाता है और डॉग मा को सहारा नहीं लगता है वह पाखंडी हो जाता है तब ज्ञानवान व्यक्तियों का यह दायित्व बनता है कि उसे सही रास्ता दिखाकर अर्थात उस ज्ञान का सही मार्ग दिखला कर पाखंड से बाहर निकालना ना कि धर्म का चर्चा करना पाखंड हो जाता है भारत का तो मूल में धर्म का है अर्थात दूसरों का सेवा करना इसका और दूसरों को खुश रखना दूसरे को प्रेम देना विश्व का कल्याण करना इसका तो मूल में बसा है यही कारण है कि भारत किसी पर अभी तक आक्रमण नहीं किया अर्थात दूसरों को दर्द को अपना दर्द समझता है यह अज्ञानता अपने स्वरूप में ना आने दें कि भारत में धर्म का चर्चा करना पाखंड है इससे बचें और सलमान तथा सही मार्ग का दर्शन करते हुए अपने ज्ञान को बढ़ाते हुए का कल्याण करें

agyanata pakhand ko dharm sthan deti hai arthat dharm pakhand ko aatmsat nahi karti hai kyonki dharm ka yatharth hai dusro ka seva karna dusro ke liye kalyan karna jaise agar hum dharm ke arth nikalne toh dhire dhatu se milkar dharm banaya jiska arth hota hai dharan karna jaise aag ka arth hai jalaana paani ka arth hai pyaas bujha na usi prakar manushya ka bhi kuch dharm hai aur dharm manushya ka dharm hai dusro ko seva karna dusro ko sahi rasta dikhana vishnu ke liye kalyan karna hi manushya ka dharm hai isi dharm ka palan karne ke liye vibhinn vibhinn sampradayon ka sahara leta hai ise hindu muslim sikh isai sampradayon ka sahara lekar apne dharm ka palan karna chahte taki dusro ka seva ho sake jab manushya apne vastavik lakshya bhatak jata hai aur dog ma ko sahara nahi lagta hai vaah pakhandi ho jata hai tab gyaanvaan vyaktiyon ka yah dayitva baata hai ki use sahi rasta dikhakar arthat us gyaan ka sahi marg dikhla kar pakhand se bahar nikalna na ki dharm ka charcha karna pakhand ho jata hai bharat ka toh mul mein dharm ka hai arthat dusro ka seva karna iska aur dusro ko khush rakhna dusre ko prem dena vishwa ka kalyan karna iska toh mul mein basa hai yahi karan hai ki bharat kisi par abhi tak aakraman nahi kiya arthat dusro ko dard ko apna dard samajhata hai yah agyanata apne swaroop mein na aane de ki bharat mein dharm ka charcha karna pakhand hai isse bache aur salman tatha sahi marg ka darshan karte hue apne gyaan ko badhate hue ka kalyan karen

अज्ञानता पाखंड को धर्म स्थान देती है अर्थात धर्म पाखंड को आत्मसात नहीं करती है क्योंकि धर्

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