जून्यर शिक्षा मंत्री सत्यपाल सिंह ने डार्विन के सिद्धांत पर सवालिया निसान उठाया है, क्या यह सिर्फ पब्लिसिटी स्टंट है? क्यूं?...


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Abhimanyu kumar Singh

B.Tech, Bhagwant University

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

मैं आपको बताते हो कि यह साजिश की जो शिविर पेश किए जाते हैं वह हमेशा के लिए माननीय नहीं होते हैं उस पर पिकनिक समय-समय पर नई पीढ़ी पेश करते हैं और उसमें कोई न कोई नई बात जरूर बताते हैं धन्यवाद

main aapko batatey ho ki yah saajish ki jo shivir pesh kiye jaate hain vaah hamesha ke liye mananiya nahi hote hain us par picnic samay samay par nayi peedhi pesh karte hain aur usme koi na koi nayi baat zaroor batatey hain dhanyavad

मैं आपको बताते हो कि यह साजिश की जो शिविर पेश किए जाते हैं वह हमेशा के लिए माननीय नहीं होत

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Swati

सुनो ..सुनाओ..सीखो!

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चेतावनी: इस टेक्स्ट में गलतियाँ हो सकती हैं। सॉफ्टवेर के द्वारा ऑडियो को टेक्स्ट में बदला गया है। ऑडियो सुन्ना चाहिये।

अधिक सर चार्ल्स डार्विन की थ्योरी जो कि कितनी पुरानी दूरी है कितने सारे साइंटिस्ट ने रिसोर्सेस नेट पर सर्च किया है कितने आने से उसके बाद कितने क्रिटिकल की ताकत के थ्रू जा कर यह चीज शुरू हुई है कि जो हमारे इन सिस्टर है वह ऐप्स है उसके बाद कोई IPS ऑफिसर जो कि हमारे यह जो मंत्री जी है चुनर एजुकेशन में सत्यपाल सिंह वह सडनली आकर कहीं से प्रकट होकर कहते हैं कि यह जरूरी है यह गलत है क्योंकि हमारे इंसिस्ट उसने कभी मेंशन नहीं किया कि अब से ह्यूमन बन गए एक ही चीज मुझे थोड़ा अजीब लग गई उनका बोलना क्योंकि यह जो 400 विटामिन की छोरी काफी पुरानी चूड़ी है और विक्टोरिया आप लगा लीजिए ना बहुत प्यारी जोड़ी है जब भी आए तो इंटरप्राइजेज जब शुरू हुआ था तब क्या रावण की थोड़ी है और उसके बाद एक सरल नहीं है तो कहना क्योंकि उनके पास कोई प्रूफ नहीं है सिर्फ यह प्रूफ की किसी एंड सिस्टर ने इंडियन एंड सिस्टर ने इसके बारे में नहीं लिखा यह तो कोई प्रूफ नहीं हो सकता ना सर तो मुझे तो लगता है कि एकदम पब्लिसिटी स्टंट है क्योंकि वह लाइमलाइट में नहीं है उनको नहीं जान रहा को यह भी तो उन्होंने सब बोल दिया मेरे हिसाब से ऐसा है बाकी इतने पुराने दूध के ऊपर इतने साइंटिस्ट काम कर चुके हैं उसके बारे में कहना कि गलत है बिना किसी प्रूफ के बिना किसी स्वार्थ के सिर्फ इस बेसिस पर कि किसी ने देखा नहीं है क्या पता किसने देखा हो पर किसी ने नहीं लिखा हुआ उसके बारे में इतनी रात को बिग बैंग थ्योरी पहले तू जाएगी किसने देखा नहीं है दुनिया को बनते हुए पहले क्या पता क्या थे वहां पर तो यह सब मुझे लगता है देश में बहुत सारी प्रॉब्लम थी जिनके बारे में सोचने की जरूरत है बजाएं की डार्विन की थ्योरी उसको गलत प्रूफ करने के लिए

adhik sir charles darwin ki theory jo ki kitni purani doori hai kitne saare scientist ne resources net par search kiya hai kitne aane se uske baad kitne critical ki takat ke through ja kar yah cheez shuru hui hai ki jo hamare in sister hai vaah apps hai uske baad koi IPS officer jo ki hamare yah jo mantri ji hai chunar education mein satyapal Singh vaah suddenly aakar kahin se prakat hokar kehte hain ki yah zaroori hai yah galat hai kyonki hamare insist usne kabhi mention nahi kiya ki ab se human ban gaye ek hi cheez mujhe thoda ajib lag gayi unka bolna kyonki yah jo 400 vitamin ki chhori kaafi purani chudi hai aur Victoria aap laga lijiye na bahut pyaari jodi hai jab bhi aaye toh enterprises jab shuru hua tha tab kya ravan ki thodi hai aur uske baad ek saral nahi hai toh kehna kyonki unke paas koi proof nahi hai sirf yah proof ki kisi and sister ne indian and sister ne iske bare mein nahi likha yah toh koi proof nahi ho sakta na sir toh mujhe toh lagta hai ki ekdam publicity stunt hai kyonki vaah limelight mein nahi hai unko nahi jaan raha ko yah bhi toh unhone sab bol diya mere hisab se aisa hai baki itne purane doodh ke upar itne scientist kaam kar chuke hain uske bare mein kehna ki galat hai bina kisi proof ke bina kisi swarth ke sirf is basis par ki kisi ne dekha nahi hai kya pata kisne dekha ho par kisi ne nahi likha hua uske bare mein itni raat ko big bang theory pehle tu jayegi kisne dekha nahi hai duniya ko bante hue pehle kya pata kya the wahan par toh yah sab mujhe lagta hai desh mein bahut saree problem thi jinke bare mein sochne ki zarurat hai bajaye ki darwin ki theory usko galat proof karne ke liye

अधिक सर चार्ल्स डार्विन की थ्योरी जो कि कितनी पुरानी दूरी है कितने सारे साइंटिस्ट ने रिसोर

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Sameer Tripathy

Political Critic

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